August 04, 2026
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    शौर्यपथ

    शौर्यपथ

    // नवाचार के माध्यम से बच्चों को शिक्षा जोड़ने के लिए किए जा रहे प्रयास सराहनीय: मंत्री डॉ. प्रेमसाय सिंह टेकाम
    // जशपुर जिले की समीक्षा बैठक में दिए निर्माणाधीन कार्यों को तेजी से पूर्ण करने के निर्देश

    जशपुर / शौर्यपथ / छत्तीसगढ़ के नगर पालिका क्षेत्र जशपुर में नवाचार करते हुए सोशल डिस्टेंश के साथ केबल टीव्ही के द्वारा 1100 घरों के लगभग 2200 बच्चों को शिक्षा से जोड़ा गया है। नगर पालिका क्षेत्र के 2600 घरों में केबल कनेक्शन का उपयोग किया जा रहा है। इससे यहां के 6000 बच्चों को नवाचार माध्यम से शिक्षा प्रदान की जाएगी। स्कूल शिक्षा मंत्री डॉ. प्रेमसाय सिंह टेकाम को यह जानकारी आज जिला मुख्यालय जशपुर के कलेक्टोरेट सभाकक्ष में आयोजित समीक्षा बैठक में दी गई। डॉ. टेकाम ने बच्चों को शिक्षा देने के लिए किए जा रहे नवाचारों की सराहना करते हुए इसे अन्य विकासखंडो में भी संचालित करने के निर्देश दिए। डॉ. टेकाम आज उन्होंने आदिमजाति विभाग द्वारा निर्माणाधीन भवनों को शीघ्र पूर्ण करने और वन अधिकार प्राप्त पट्टों के हितग्राहियों को भूमि में लाख की खेती करने के लिए प्रोत्साहित करने के भी निर्देश दिए।
    मंत्री डॉ. टेकाम को स्कूल शिक्षा विभाग के अधिकारियों ने बताया कि कोई भी बच्चा कोरोना महामारी के दौरान अपनी शिक्षा से वंचित न हो, इसके लिए जिले में बच्चों को शिक्षा से जोड़ने एवं उनकी नियमित पढ़ाई जारी रखने के लिए जिला प्रशासन के सहयोग से विभिन्न माध्यम, केबल टी.व्ही., मोटर सायकिल गुरूजी, मोहल्ला क्लास, लाउडस्पीकर शिक्षा तथा राज्य शासन की पढ़ई तुहर दुआर योजना के तहत् वर्चुअल कक्षा का संचालन किया जा रहा है। मोटर सायकिल गुरूजी के माध्यम से शिक्षक गांव-गांव पहुंचकर मोटरसायकल पर ही बोर्ड रखकर किसी सुरक्षित स्थान पर निश्चित संख्या में बच्चों की कक्षाएं संचालित कर रहे हैं। बगीचा विकासखंड में भी पहाड़ी कोरवा परिवार के बच्चों को गिटार, हारमोनियम एवं अन्य वाद्य यंत्र का भी उपयोग कर शिक्षा दी जा रही है।
    मंत्री टेकाम ने आदिम जाति विकास विभाग की समीक्षा करते हुए छात्र-छात्राओं के लिए निर्मित किए जा रहे समस्त आश्रम-छात्रावास भवनों एवं अन्य निर्माण कार्य को जल्द से जल्द पूर्ण कराने के निर्देश दिए। पोस्ट-मैट्रिक एवं प्री मैट्रिक छात्रवृत्ति योजना के संबंध में बच्चों के खातों को बैंक से पुष्टि कराकर छात्र-छात्राओं के खातों में सीधे छात्रवृत्ति प्रदान करने की बात कही। उन्होंने अल्पसंख्यक एवं अंतर्राज्यीय छात्रवृत्ति का भी समय पर भुगतान करने, वन अधिकार मान्यता पत्र के संबंध में पात्र हितग्राहियों की जांच कराकर उन्हें योजना से लाभांवित करने के निर्देश दिए। डॉ. टेकाम ने कहा कि जिन हितग्राही को वन अधिकार पत्र प्राप्त हो गया है उनकी आय बढ़ाने के लिए लाख की खेती करने के लिए प्रोत्साहित किया जाए। उन्होंने सरगुजा विकास प्राधिकरण एवं मध्य क्षेत्र विकास प्राधिकरण के तहत् स्वीकृत कार्यों को समय-सीमा में पूर्ण कराने के निर्देश दिए।
    मंत्री डॉ. टेकाम ने खाद-बीज, ऋण वितरण, धान उठाव, चबुतरा निर्माण, गोधन न्याय योजना की समीक्षा करते हुए सोसायटी के लिए स्थान का चिन्हांकन कर चबुतरा निर्माण कार्य शीघता से पूर्ण करने के निर्देश दिए। सहकारिता विभाग के अधिकारी ने बताया कि जिले में 8907 किसानों को 7776 मीट्रिक टन खाद का वितरण कर दिया गया है। 11,123 क्विंटल धान बीज का वितरण किया गया है। जिले में खरीफ फसल के लिए 20 करोड़ 21 लाख 67 हजार ऋण वितरण वितरण किया गया है। उन्होंने बताया कि सहकारी समितियों से धान उठाव का कार्य पूर्ण कर लिया गया है। उन्होंने बताया कि जिले में वर्तमान में 17 सोसायटी संचालित है और 7 नए सोसायटी के प्रस्ताव भेजे गए हैं। गोधन न्याय योजना के तहत् ग्रामीण क्षेत्रों के 64 गौठान एवं 5 नगरीय क्षेत्र में 5 अगस्त तक 849 क्विंटल गोबर खरीदी की गई जिसके एवज में हितग्राहियो ंको 1 लाख 69 हजार का भुगतान उनके खाते में किया गया है।
    बैठक में जशपुर विधायक विनय भगत, माध्यमिक शिक्षा मंडल बोर्ड के सदस्य पवन अग्रवाल, कलेक्टर महादेव कावरे, पुलिस अधीक्षक बालाजी राव, जिला पंचायत सीईओ के.एस. मण्डावी सहित अन्य विभागों के जिला अधिकारी उपस्थित थे।

    // 7 मेडिकल कॉलेजों में आरटीपीसीआर, 16 केंद्रों में ट्रू-नाट मशीनों तथा सभी जिलों में रैपिड एंटीजन किट से जांच
    // प्रदेश में अब तक 3.89 लाख सैंपलों की जांच: 176 कोविड केयर सेंटर्स में अभी 20,750 बिस्तर उपलब्ध

    रायपुर / शौर्यपथ / कोविड-19 पर नियंत्रण के लिए शासन द्वारा सैंपल जांच की सुविधा लगातार बढ़ाए जाने के फलस्वरूप अब प्रदेश में रोजाना सैंपल जांच की क्षमता 11 हजार के करीब पहुंच गई है। अभी एम्स रायपुर के साथ ही प्रदेश के सभी छह शासकीय मेडिकल कॉलेजों में आरटीपीसीआर, 16 केंद्रों में ट्रू-नाट मशीनों से और सभी जिलों में रैपिड एंटीजन किट से सैंपलों की जांच की जा रही है। कोविड-19 की पहचान के लिए प्रदेश में 11 अगस्त तक कुल तीन लाख 88 हजार 852 सैंपलों की जांच की जा चुकी है। इनमें से तीन लाख एक हजार 29 सैंपलों की जांच आरटीपीसीआर तकनीक से, 29 हजार 797 की जांच ट्रू-नाट विधि से और 58 हजार 206 सैंपलों की जांच रैपिड एंटीजन किट से किए गए हैं।
    प्रदेश के सात मेडिकल कॉलेजों में स्थापित बीएसएल-2 लैब में रोजाना आरटीपीसीआर जांच की कुल क्षमता 4500 है। वहीं विभिन्न जिलों के 16 केंद्रों में स्थापित ट्रू-नाट मशीनों से रोज 2040 सैंपलों की जांच की जा सकती है। रैपिड एंडीजन किट से भी सभी 28 जिलों में प्रतिदिन 4450 सैंपलों की जांच की जा सकती है। आगामी 8-10 दिनों में सभी जिलों में ट्रू-नाट विधि से सैंपल जांच शुरू हो जाएगी। इसके लिए लैबों में मशीन स्थापना का काम तेजी से जारी है। प्रदेश के तीन निजी लैबों द्वारा भी सैंपलों की आरटीपीसीआर जांच की जा रही है। वहीं दो अस्पतालों में ट्रू-नाट विधि से कोरोना संक्रमण की पुष्टि के लिए सैंपल जांच की अनुमति दी गई है।
    कोरोना वायरस संक्रमितों की पहचान के लिए जांच का दायरा बढ़ाने के साथ ही प्रभावितों के इलाज के लिए विशेषीकृत कोविड अस्पतालों और कोविड केयर सेंटर्स में सुविधाओं का लगातार विस्तार किया जा रहा है। कोविड-19 के लक्षणरहित और हल्के लक्षण वाले मरीजों के इलाज के लिए प्रदेश भर के 176 कोविड केयर सेंटर्स में 20 हजार 750 बिस्तरों की व्यवस्था की गई है। प्रदेश के सभी जिलों में अभी कुल लगभग 25 हजार बिस्तरों के लक्ष्य के साथ इनकी संख्या बढ़ाई जा रही है। प्रदेश के 30 विशेषीकृत कोविड अस्पतालों में 3384 मरीजों के इलाज की व्यवस्था है। गंभीर मरीजों के लिए यहां 479 वेंटिलेटर्स के साथ 445 आईसीयू और 296 एचडीयू (High Dependency Unit) बिस्तर हैं। स्वास्थ्य विभाग द्वारा संचालित 166 क्वारेंटाइन सेंटर्स में भी 4261 बिस्तर हैं। रायपुर और बिलासपुर के कुछ निजी अस्पतालों को भी कोविड-19 के इलाज की अनुमति दी गई है।

    कबीरधाम / शौर्यपथ /बरसात के दिनों में स्थानीय नाले की उफान की वजह से बानो गांव में निर्मित होने वाली बाढ़ की स्थिति से अब ग्रामीणों को निजात मिल गई है। बानो गांव बाढ़ की चपेट में आने से पूरी तरह सुरक्षित हो गया है। यह संभव हुआ है क्षेत्रीय विधायक एवं वन मंत्री मोहम्मद अकबर की विशेष पहल से। वर्षों से बाढ़ की समस्या से जूझ रहे बानो गांव के ग्रामीणों को इससे उबारने के लिए गांव के बीच से बहने वाले नाले से जल निकासी को बेहतर बनाने के लिए इसका गहरीकरण कराए जाने के साथ ही नाले को पक्का बना दिया गया है।
    बानो कबीरधाम जिले के अंतर्गत सहसपुर लोहारा ब्लाक का गांव है। इस गांव नाले से हर साल बरसात के दिनों में गांव में बाढ़ की स्थिति निर्मित हो जाती थी। घरों में पानी घुसने की वजह से लोगों को काफी दिक्कतों का सामना करना पड़ता था। पक्का नाला और गांव में पानी न घुसे, इसका प्रबंध किए जाने की ग्रामीणों की वर्षों पुरानी मांग अब पूरी हो गई है।


    ग्राम पंचायत बानों में बरसात के मौसम में नाले का पानी बाढ़ के रूप में तब्दील हो जाता था। इस कारण ग्रामीणों के घरों में नाले का पानी घुस जाया करता था। इसके कारण ग्रामीणों को आर्थिक नुकसान होने के साथ-साथ गंभीर परेशानियों का सामना करना पड़ता था। बानो निवासियों ने बाढ़ की पुरानी समस्या से कवर्धा विधायक व मंत्री श्री मोहम्मद अकबर को अवगत कराया। मंत्री श्री अकबर की पहल पर जिला प्रशासन द्वारा मनरेगा से 12.22 लाख रूपए की लागत से 267 मीटर लम्बा यह पक्का नाले का निर्माण कराया गया है। पक्का नाला से बहने वाले पानी को गांव के सीमा से बाहर छोड़ने के लिए कच्चा नाला गहरीकरण एवं सफाई कार्य भी कराया जा रहा है। लगभग 1200 मीटर लम्बे बने इस नाले से ढाई सौ की आबादी वाले गांव बानो को अब सीधे लाभ होने लगा है। ग्राम पंचायत बानों की सरपंच श्रीमती भगवंतीन पटेल एवं ग्रामीणों ने वर्षों पुरानी नाले की समस्या के निदान के लिए मंत्री मोहम्मद अकबर सहित जिला प्रशासन का आभार जताया है।

    रायपुर / शौर्यपथ / मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने पूर्व मुख्यमंत्री डॉ. रमन सिंह जी की धर्मपत्नी श्रीमती वीणा सिंह जी के शीघ्र स्वस्थ होने की कामना की है।
    मुख्यमंत्री बघेल ने डॉ. रमन सिंह और अस्पताल के संचालक संदीप दवे से दूरभाष पर चर्चा कर श्रीमती वीणा सिंह के स्वास्थ्य और उनके उपचार की जानकारी ली।

    नई दिल्ली / शौर्यपथ / गोपालगंज बिहार में एक बार फिर से एक पुल का अप्रोच रोड उद्घाटन से पहले ही टूट गया है. मामला गोपालगंज से जुड़ा है, जहां बंगरा घाट महासेतु का मुख्यमंत्री नीतीश कुमार बुधवार को उदघाटन करने वाले हैं. इस महासेतु का अप्रोच रोड करीब 50 मीटर के दायरे में ध्वस्त हो गया है. ध्वस्त अप्रोच रोड को उद्घाटन से पहले दोबारा दुरुस्‍त करने की कवायद की जा रही है.
    बिहार राज्य पुल निर्माण निगम के आला पदाधिकारी से लेकर संवेदक मौके पर मौजूद हैं. सैकड़ों की संख्या में मजदूर लगाए गए हैं और दो-दो जीएसबी लगाकर इसे दोबारा चालू करने की कोशिश की जा रही है. जहां यह अप्रोच रोड टूटा है वो इलाका सारण के पानापुर के सतजोड़ा बाजार के समीप पड़ता है. यह इलाका छपरा के पानापुर में पड़ता है. बताया जाता है की गोपालगंज के बैकुंठपुर में 7 जगहों पर सारण बांध टूटा था. इसी बांध के टूटने के बाद बंगरा घाट महासेतु से करीब 5 किलोमीटर दूर अप्रोच रोड पानी के दबाव से अचानक ध्वस्त हो गया.

    सबसे बड़ी बात है कि यह अप्रोच रोड 12 दिन पहले टूटा था. इस टूटे अप्रोच पथ को दोबारा गाड़ियों के आने-जाने लायक बनाने का प्रयास किया जा रहा है. इस मामले में जब बिहार राज्य पुल निर्माण निगम के डिप्टी चीफ इंजिनियर शाकिर अली से सवाल किया गया तो उन्होंने इसे एक सामान्य घटना बताया. उन्होंने कहा कि महासेतु के निर्माण और इसके साथ अप्रोच रोड के निर्माण में किसी भी तरह का घटिया काम नहीं किया गया है. सभी कार्य गुणवत्ता के मानक के अनुरूप किए गए हैं और सीएम के उद्घाटन समारोह से पहले इसे दुरुस्त कर लिया जाएगा.

    बता दें कि बंगरा घाट महासेतु के छपरा साइड में करीब 11 किलोमीटर और मुजफ्फरपुर साइड में 8 किलोमीटर लंबे अप्रोच रोड का निर्माण किया गया है, जिस पर करीब 509 करोड़ रुपए खर्च किए गए हैं. अब बड़ा सवाल है कि आखिर 509 करोड़ की लागत से बने महासेतु का अप्रोच रोड उदघाटन के साथ ही क्यों टूटने लगा?

     

    नई दिल्ली / शौर्यपथ / बुलंदशहर सुदीक्षा भाटी की हत्या मामला अब उलझता हुआ प्रतीत हो रहा है. पुलिस ने परिजनों के बयानों के आधार पर अंदेशा जताया है कि हादसे को जानबूझकर ट्विस्ट किया जा रहा है. बुलंदशहर के एसएसपी संतोष कुमार ने सुदीक्षा के साथ हुई छेड़छाड़ के दावे पर सवाल उठाए हैं. उन्होंने कहा अभी तक छेड़खानी के कोई सबूत नहीं है और न ही सुदीक्षा के परिजनों ने इसकी कोई जानकरी अपनी शुरुआती शिकायत में बताई थी. परिजनों के दावों पर सवाल उठाते हुए एसएसपी संतोष कुमार ने कहा कि बयान के अनुसार हादसे के वक्त सुदीक्षा का नाबालिग चचेरा भाई बाइक चला रहा था, घटना के बाद जो तहरीर दी गई है उसमें छेड़खानी की कोई बात नहीं थी.
    पुलिस के अनुसार सुदीक्षा के मामा ने जो तहरीर दी है उसमें छेड़खानी की कोई बात नहीं है. इसके बाद अगले दिन सुबह चाचा ने कहा कि मैं बाइक चला रहा था. लेकिन चाचा की लोकेशन समय दादरी थी. पुलिस ने बताया कि चाचा घटना के दो घंटे बाद वहां पहुंचे, उनका पूरा रुट चार्ट पुलिस के पास है. तीसरी तहरीर सुदीक्षा के पिता ने दी उसमें भी छेड़खानी की कोई बात नहीं है. इसके अलावा इस घटना का एक चश्मदीद भी मिला है. उसने भी कहा कि आगे टैंकर था पीछे बुलेट और उसके पीछे सुदीक्षा की बाइक थी. अचानक ब्रेक लगने की वजह से यह हादसा हुआ है.

    अधिकारियों ने पुलिस का पक्ष रखते हुए कहा कि पुलिस ही सुदीक्षा को अस्पताल लेकर गई थी और ये आरोप लगाना गलत की हम छेड़खानी में केस दर्ज नहीं कर रहे हैं. उन्होंने कहा कि हमारी SIT मामले की जांच कर रही है और इससे सब कुछ जल्द ही साफ हो जाएगा. पुलिस के अनुसार सुदीक्षा एक बहुत बड़ी छात्रवृत्ति के जरिए पढ़ाई कर रही थी और लोगों की निगाहें उसकी इंश्योरेंस रकम पर थी. संतोष कुमार सिंह के अनुसार परिजनों द्वारा छेड़छाड़ का दावा इंश्योरेंस की राशि के लिए किय़ा जा रहा है. उन्होंने परिवार द्वारा बार बार बयान बदलने के सवाल पर कहा कि जो लड़का बाइक चला रहा था वो नाबालिग है, उसने अभी ही हाईस्कूल की परीक्षा की है.

     

    नई दिल्ली / एजेंसी / नेशनलिस्ट कांग्रेस पार्टी के प्रमुख शरद पवार ने आज सुशांत सिंह राजपूत की मौत को लेकर जारी विवाद को लेकर कहा कि मैं महाराष्ट्र पुलिस और मुंबई पुलिस को 50 वर्षों से जानता हूं. उन पर पूरा भरोसा रखें. मैं आरोपों में नहीं जाना चाहता, यह इतना महत्वपूर्ण मुद्दा नहीं है. उन्होंने कहा कि जब कोई आत्महत्या करके मर गया तो यह निश्चित रूप से दुखद है, लेकिन मीडिया में जिस तरह से इस मुद्दे पर चर्चा हुई है, इससे मैं आश्चर्यचकित हूं.
    शरद पवार ने कहा कि मैं परसों सतारा में था. वहां एक किसान ने आकर मेरा हाथ पकड़ लिया और मुझसे कहा कि मीडिया में सुशांत की आत्महत्या की बहुत चर्चा हो रही है, लेकिन मेरे जिले में कम से कम 20 किसानों ने आत्महत्या की है, कोई यहां उनका नाम तक नहीं पूछता है. तब मुझे पता चला कि इस मामले में जनता क्या सोचती है.
    सुशांत सिह राजपूत की मौत के मामले में आदित्य ठाकरे का नाम आने और इसको लेकर बीजेपी के हमलों पर शरद पवार ने कहा कि अगर कोई जांच करना चाहता है तो मुझे इसकी जानकारी नहीं है. यह राज्य सरकार और सीबीआई के बीच का मुद्दा है. मैं विवरण में नहीं जाना चाहता. लेकिन मुझे महाराष्ट्र की पुलिस पर पूरा भरोसा है. अगर इस मामले में कोई CBI या अन्य एजेंसियों से विस्तृत जांच चाहता है तो मैं इसका विरोध नहीं करूंगा.

     

    नई दिल्ली । शौर्यपथ । जम्मू -कश्मीर में सेना द्वारा चलाये जा रहे आतंक क्लीन मुहिम के दौरान आज बुधवार को पुलवामा सेक्टर में आतंकियों द्वारा भारतीय जवानों के साथ मुठभेड़ में सेना ने एक आतंकी को मार गिराया l वहीं यूपी के जौनपुर जिले का जवान जिलाजीत यादव शहीद हो गया। सेना चारों तरफ से आतंकी को घेर लिया हैl  26 वर्षीय जिलाजीत जौनपुर जिले जलालपुर थाना क्षेत्र के धौरहरा इजरी बहादुरपुर पास स्थित सिरकोनी गांव के निवासी थे। पुलवामा में बुधवार की भोर में शुरू हुए मुठभेड़ में एक आतंकी को भी मार गिराया गया है। फिलहाल इलाके में सर्च ऑपरेशन जारी है। सुरक्षा बलों को खुफिया एजेंसियों को सूचना मिली थी कि पुलवामा के कमराज़ीपोरा में एक बाग में आतंकी छिपे हैं।  सूचना मिलते ही सुरक्षाबलों ने इलाके को घेर लिया और तलाशी अभियान चलाया। खुद को घिरा देख आतंकियों ने सुरक्षाबलों पर फायरिंग कर दी। सुरक्षाबलों ने भी जवाबी कार्रवाई की। इस दौरान जिलाजीत शहीद हो गए। मारे गए एक आतंकी के पास से एक-47, ग्रेनेड के साथ ही अन्य आपत्तिजनक सामान बरामद हुआ है।  जिलाजीत के पिता कांता प्रसाद यादव का दो वर्ष पहले निधन हो चुका है। घर पर मां उर्मिला और पत्नी पूनम अपने सात माह के बेटे के साथ चाचा राम इकबाल यादव, जवाहर यादव के साथ रहती हैं। जिलाजीत की दो बहनें हैं। जिलाजीत ने सरस्वती निकेतन इंटर कॉलेज बैरीपुर सिरकोनी से इंटर मीडिएट करने के बाद सेना में भर्ती हो गए थे। इकलौती संतान के शहीद होने की खबर मिलते ही परिवार में कोहराम मच गयाl गुरुवार को पार्थिव शरीर आने की संभावना जताई जा रही है।

    लाइफस्टाइल / शौर्यपथ / एक शोध की मानें तो बगैर लक्षण वाले मरीजों की भूमिका कोरोना पर नियंत्रण पाने में मददगार हो सकती है। ऐसे मरीजों की उच्च दर समाज के लिए अच्छी बात है। दुनिया भर में कोरोना वायरस से संक्रमित ऐसे मरीज बड़ी संख्या में हैं, जिनमें इस बीमारी के कोई भी लक्षण नजर नहीं आ रहे हैं।

    हॉपकिंस विश्वविद्यालय के अनुसार, पिछले सात महीनों में कोविड-19 जैसी महामारी ने विश्व स्तर पर दो करोड़ से अधिक लोगों को संक्रमित किया है, जबकि सात लाख से अधिक लोगों की इस वासरस से मौत हो चुकी है। सैन फ्रांसिस्को में कैलिफोर्निया विश्वविद्यालय में एक संक्रामक रोग विशेषज्ञ मोनिका गांधी द्वारा हाल ही में एक शोध किया गया।

    उन्होंने अपने इस अध्ययन में यह खुलासा किया कि एसिम्प्टोमैटिक यानी बगैर लक्षण वाले मरीज कोविड-19 के खात्मे में एक अहम भूमिका निभा सकते हैं। उन्होंने कहा कि कोरोना वायरस के बगैर लक्षण वाले मरीजों की उच्च दर अच्छी बात है। यह निजी तौर पर और समाज के लिए एक अच्छा संकेत है।

    जर्नल ऑफ इंटरनल मेडिसिन में इस महीने प्रकाशित एक लेख में मोनिका गांधी ने बताया कि महामारी की शुरुआत में जब लोगों ने मास्क पहनना शुरू नहीं किया था, तब 15 फीसदी लोग एसिम्प्टोमैटिक(बगैर लक्षण वाले) थे, लेकिन बाद में जब लोगों ने मास्क पहनना शुरू किया तो आंकड़ा बढ़ गया। इसके 40 से 45 फीसदी लोग बगैर लक्षण वाले हो गए।

    कोरोना पर जारी रिसर्च के बीच यह भी सामने आया है कि इसका असर बच्चों पर कम है। ज्यादातर मरीजों में या तो कोई लक्षण नहीं है या फिर सामान्य लक्षण हैं। अमेरिका की शोधकर्ता मोनिका के मुताबिक दुनिया में अब 40 फीसदी कोरोना मरीज बगैर लक्षण वाले हैं, जिन्हें उम्मीद की किरण के रूप में देखा जा सकता है।

    फिलहाल यह भी पता लगाया जा रहा है कि उम्र और शरीर के जीन भी क्या यह तय करते हैं कि वायरस कितना हमला करेगा। यह भी देखा जा रहा है कि क्या मास्क लगाने की वजह से ही लोगों में मामूली या बिना लक्षण वाला कोरोना हो रहा है।

     

    शौर्यपथ लेख । स्त्रियों की सहनशक्ति पुरुषों से कई गुनी ज्यादा है। पुरुष की सहनशक्ति न के बराबर है। लेकिन पुरुष एक ही शक्ति का हिसाब लगाता रहता है, वह है मसल्स की। क्योंकि वह बड़ा पत्थर उठा लेता है, इसलिए वह सोचता रहा है कि मैं शक्तिशाली हूं। लेकिन बड़ा पत्थर अकेला आयाम अगर शक्ति का होता तो ठीक है, सहनशीलता भी बड़ी शक्ति है- जीवन के दुखों को झेल जाना। स्त्रियां लड़कियां पहले बोलना शुरू करती हैं। बुद्धिमत्ता लड़कियों में पहले प्रकट होती है। लड़कियां ज्यादा तेज होती हैं। विश्वविद्यालयों में भी प्रतिस्पर्धा में लड़कियां आगे होती हैं। जो भी स्त्री आक्रामक होती है वह आकर्षक नहीं होती है। अगर कोई स्त्री तुम्हारे पीछे पड़ जाए और प्रेम का निवेदन करने लगे तो तुम घबरा जाओगे तुम भागोगे। क्योंकि वह स्त्री पुरुष जैसा व्यवहार कर रही है, स्त्रैण नहीं है। स्त्री का स्त्रैण होना, उसका माधुर्य इसी में है कि वह सिर्फ प्रतीक्षा करती है। वह तुम्हें सब तरफ से घेर लेती, लेकिन तुम्हें पता भी नहीं चलता। उसकी जंजीरें बहुत सूक्ष्म हैं, वे दिखाई भी नहीं पड़तीं। वह बड़े पतले धागों से, सूक्ष्म धागों से तुम्हें सब तरफ से बांध लेती है, लेकिन उसका बंधन कहीं दिखाई भी नहीं पड़ता। स्त्री अपने को नीचे रखती है। लोग गलत सोचते हैं कि पुरुषों ने स्त्रियों को दासी बना लिया। नहीं, स्त्री दासी बनने की कला है। मगर तुम्हें पता नहीं, उसकी कला बड़ी महत्वपूर्ण है। और लाओत्से उसी कला का उद्घाटन कर रहा है। कोई पुरुष किसी स्त्री को दासी नहीं बनाता। दुनिया के किसी भी कोने में जब भी कोई स्त्री किसी पुरुष के प्रेम में पड़ती है,तत्क्षण अपने को दासी बना लेती है, ‍क्योंकि दासी होना ही गहरी मालकियत है। वह जीवन का राज समझती है। स्त्री अपने को नीचे रखती है, चरणों में रखती है। और तुमने देखा है कि जब भी कोई स्त्री अपने को तुम्हारे चरणों में रख देती है, तब अचानक तुम्हारे सिर पर ताज की तरह बैठ जाती है। रखती चरणों में है, पहुंच जाती है बहुत गहरे, बहुत ऊपर। तुम चौबीस घंटे उसी का चिंतन करने लगते हो। छोड़ देती है अपने को तुम्हारे चरणों में, तुम्हारी छाया बन जाती है। और तुम्हें पता भी नहीं चलता कि छाया तुम्हें चलाने लगती है, छाया के इशारे से तुम चलने लगते हो। स्त्री कभी यह भी नहीं कहती सीधा कि यह करो, लेकिन वह जो चाहती है करवा लेती है। वह कभी नहीं कहती कि यह ऐसा ही हो, लेकिन वह जैसा चाहती है वैसा करवा लेती है। लाओत्से यह कह रहा है कि उसकी शक्ति बड़ी है। और उसकी शक्ति क्या है? क्योंकि वह दासी है। शक्ति उसकी यह है कि वह छाया हो गई है। बड़े से बड़े शक्तिशाली पुरुष स्त्री के प्रेम में पड़ जाते हैं, और एकदम अशक्त हो जाते हैं। (साभार फेसबुक वाल से )

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