August 08, 2026
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    PANKAJ CHANDRAKAR

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    मखाना एक ऐसा ड्राई फ्रूट्स है जिसे सेहत ही नहीं स्वाद के लिए लिहाज से भी काफी अच्छा माना जाता है. मखाने को व्रत में स्नैक्स और खीर के रूप में खाया जाता है

    मखाना एक ऐसा ड्राई फ्रूट्स है जिसे सेहत ही नहीं स्वाद के लिए लिहाज से भी काफी अच्छा माना जाता है. मखाने को व्रत में स्नैक्स और खीर के रूप में खाया जाता है. मखाने को डाइट का हिस्सा बना के वजन को आसानी से कम किया जा सकता है. असल में मखाने में बहुत ही कम कैलोरी होती है, जो वजन को कंट्रोल करने में मदद कर सकती है. वजन घटाने के लिए आप इसे ब्रेकफास्ट में स्नैक्स के तौर पर या ओट्स में डाल कर भी खा सकते हैं. मखाने में एंटी-इंफ्लेमेटरी और एंटी-बैक्टीरियल, कैल्शियम, मैग्नीशियम और प्रोटीन के गुण पाए जाते हैं, जो शरीर को कई समस्याओं से बचाने में मदद कर सकते हैं. खाली पेट मखाने के सेवन से इम्यूनिटी को मजबूत बनाया जा सकता है. तो चलिए जानते हैं मखाने से मिलने वाले लाभों के बारे में.

     सुबह खाली पेट खाएं मखाना, मिलेंगे ये जबरदस्त फायदे

    मखाना एक ऐसा ड्राई फ्रूट्स है जिसे सेहत ही नहीं स्वाद के लिए लिहाज से भी काफी अच्छा माना जाता है. मखाने को व्रत में स्नैक्स और खीर के रूप में खाया जाता है

    : मखाना भी एक ड्राई फ्रूट है जिसे खाने से शरीर को कई लाभ मिलते हैं.Highlightsमखाने में बहुत ही कम कैलोरी होती है.खाली पेट मखाने के सेवन से इम्यूनिटी को मजबूत बनाया जा सकता है.मखाने में एंटी ऑक्सीडेंट्स गुण पाया जाता है.

     मखाना एक ऐसा ड्राई फ्रूट्स है जिसे सेहत ही नहीं स्वाद के लिए लिहाज से भी काफी अच्छा माना जाता है. मखाने को व्रत में स्नैक्स और खीर के रूप में खाया जाता है. मखाने को डाइट का हिस्सा बना के वजन को आसानी से कम किया जा सकता है. असल में मखाने में बहुत ही कम कैलोरी होती है, जो वजन को कंट्रोल करने में मदद कर सकती है. वजन घटाने के लिए आप इसे ब्रेकफास्ट में स्नैक्स के तौर पर या ओट्स में डाल कर भी खा सकते हैं. मखाने में एंटी-इंफ्लेमेटरी और एंटी-बैक्टीरियल, कैल्शियम, मैग्नीशियम और प्रोटीन के गुण पाए जाते हैं,

    जो शरीर को कई समस्याओं से बचाने में मदद कर सकते हैं. खाली पेट मखाने के सेवन से इम्यूनिटी को मजबूत बनाया जा सकता है. तो चलिए जानते हैं मखाने से मिलने वाले लाभों के बारे में.

    मखाना खाने के फायदेः

    1. इम्यूनिटीः

    इम्यूनिटी को मजबूत बनाने के लिए मखाने को डाइट में शामिल कर सकते हैं. इसे नाश्ते में दूध, ओट्स, सलाद में डालकर सुबह खाने से इम्यूनिटी को मजबूत बनाया जा सकता है.


    2. ब्लड शुगर लेवलः

    अगर आप ब्लड शुगर के मरीज हैं, तो मखाने का सेवन आपके लिए फायदेमंद हो सकता है. खाली पेट मखाना खाने से ब्लड शुगर लेवल को कंट्रोल किया जा सकता है.

    3. हार्टः

    हार्ट के मरीजों के लिए सुबह खाली पेट मखाने का सेवन करना फायदेमंद हो सकता है. मखाने में एंटी ऑक्सीडेंट्स गुण पाया जाता है, जो हार्ट को हेल्दी रखने में मदद कर सकता है.

    4. कब्जः

    सुबह खाली पेट मखाने का सेवन पाचन के लिए अच्छा माना जाता है. मखाने में फाइबर ही नहीं बल्कि, आयरन और कैल्शियम के तत्व भी पाए जाते हैं, जो पेट गैस, अपच की समस्या को कम करने में मदद कर सकते हैं.

     

    भारतीय कप्तान विराट कोहली ने तीनों फॉर्मेट की कप्तानी छोड़ दी है। रविवार को टेस्ट कप्तानी छोड़ने के बाद BCCI ने उनका शुक्रिया अदा किया है। बोर्ड ने कहा कि विराट सबसे महान कप्तानों में से एक हैं। ऐसे क्रिकेटर कभी-कभार पैदा होते हैं। यह उनका व्यक्तिगत निर्णय था और बोर्ड इसका सम्मान करता है। BCCI अध्यक्ष सौरव गांगुली ने ये भी कहा- हर अच्छी चीज का अंत होता है।


    क्या बोले गांगुली

    बीसीसीआई अध्यक्ष सौरव गांगुली ने भी विराट को लेकर बड़ा बयान दिया है। उन्होंने कहा, 'मैं व्यक्तिगत रूप से विराट को भारतीय क्रिकेट टीम के कप्तान के रूप में उनके अपार योगदान के लिए धन्यवाद देता हूं। उनकी कप्तानी में भारतीय क्रिकेट टीम ने खेल के सभी प्रारूपों में तेजी से प्रगति की। उनका निर्णय व्यक्तिगत है और BCCI इसका बहुत सम्मान करता है। वह इस टीम के एक बहुत ही महत्वपूर्ण सदस्य बने रहेंगे और एक नए कप्तान के नेतृत्व में बल्ले से अपने योगदान के साथ इस टीम को नई ऊंचाइयों पर ले जाएंगे। हर अच्छी चीज का अंत होता है और यह बहुत अच्छा रहा है।

    हर एक फ्रेंड ज़रूरी होता है’, क्योंकि उसकी हमारी ज़िंदगी में ख़ास जगह होती है, और वो भी अलग ढंग से।

    अगर आपको यक़ीन ना आए, तो एक फ्रेंड बैंक बनाकर देखिए, आप अपने सारे दोस्तों की अहमियत का निरालापन जान जाएंगे।

    दोस्तों के बिना ज़िंदगी वो ज़िंदगी नहीं जिसकी हम कल्पना करते हैं। लेकिन हम सब की ज़िंदगी में एक ऐसा ख़ास दोस्त ज़रूर होता है जिसे हम बेस्ट फ्रेंड कहते हैं। बेस्ट फ्रेंड से हम अपने मन की हर एक बात कह लेते हैं।

    हमारी ज़िंदगी में दोस्तों की एक लंबी लिस्ट ना सही एक छोटी लिस्ट तो ज़रूर होती है- दोस्तों का बैंक, फ्रेंड बैंक!
    फ्रेंड बैंक होना बेहद ज़रूरी है क्योंकि ये इकलौता ऐसा बैंक है जहाँं ख़ुशनुमा पलों का लेनदेन होता है, ज़िंदगी के उतार-चढ़ाव की समझ बनती है, बिना कुछ सोचे-समझे बिंदास जीने की जगह मिलती है। देखें तो, दोस्तों की फ़ेहरिस्त में कौन से वर्ग हैं—

    पक्के दोस्त...

    ये ऐसे दोस्त होते हैं जो हर हाल में आपके साथ होते हैं। आपकी बहुत-सी निजी बातें इन्हें पता होती हैं। एक-दूसरे के बारे में छोटी से छोटी बात भी आप जानते हो। कभी-कभार दूरियां भी आ जाती हैं लेकिन रिश्ता नहीं बदलता। परिवार के ठीक बाद इनका ही नाम आता है। अच्छा हो या बुरा, आप इनको हर वक़्त में याद कर सकते हो। अगर आप इनसे दो महीने बाद भी बात करो तो लगेगा जैसे कल ही की बात है।
    क्यों ज़रूरी : बेस्ट फ्रेंड आपके सुख-दुख में हमेशा आपके साथ होते हैं। जहां परिवार के लोग आपको निबाह की सीमाओं में बांधकर देखते हैं, वहीं यह परिजन जैसा ही दोस्त आपको एक स्वतंत्र व्यक्तित्व के रूप में स्वीकार करने की आज़ादी देता है।

    सुनने वाले दोस्त...

    ये आपकी हर बात सुनते हैं। ज़रूरी नहीं कि ये आपको हर वक़्त सलाह दें लेकिन जब भी आपको मन की बात कहनी हो तो ये हमेशा तैयार रहते हैं। ये कभी अपने विचार आप पर थोपते नहीं हैं। आप इनसे हर तरह की बात साझा कर सकते हैं। आपकी दोहराई हुई बातों को भी ये इत्मीनान से सुनते हैं। ये महज़ जवाब या राय देने के लिए ही आपकी बात नहीं सुनते।
    क्यों ज़रूरी : कोई बात जो आपको बहुत दिनों से परेशान कर रही हो, आप इनसे कह सकते हैं। इनसे बात करने के बाद ऐसा लगता है जैसे कोई भार कम हो गया हो।

    बचपन के दोस्त...

    ये दोस्त आपके बचपन को सबसे बेहतर तरीक़े से जानते हैं। ये लंबी दूरी के साथी होते हैं। जब भी आप इनके साथ होते हैं तो ऐसा लगता है मानो समय ने करवट बदल ली और आप बीते दिनों में वापस चले गए। आप इनके साथ बीते हुए ख़ुशनुमा दिनों को एक बार फिर से जी सकते हैं। समय के साथ-साथ व्यक्तित्व और परिस्थितियां बदलने लगती हैं लेकिन इनसे आपका रिश्ता कभी नहीं बदलता। इस दोस्ती में ऊंच-नीच और भेदभाव नहीं होता।
    क्यों ज़रूरी : बचपन के दोस्त का साथ हमेशा चलने वाली एलुम्नाई पार्टी की तरह होता है, जहां ढेर सारी यादों के साथ होते हैं असीमित ठहाके। जब भी किसी तरह का तनाव हो तो इनसे बात करके दूर कर सकते हैं।

    सामान्य दोस्त...

    इनके साथ आप घूमने-फिरने जाते हैं, कभी फिल्म देखने तो कभी किसी कैफे में कॉफी पीने। ये दोस्ती गहरी नहीं होती लेकिन इनके साथ समय अच्छा बीतता है। इनके साथ निजी बातें साझा नहीं करते, इसका मतलब ये नहीं कि ये ख़ास नहीं होते। इनकी एक अलग जगह होती है। आप एक-दूसरे को बहुत अच्छी तरह से नहीं जानते, ऐसे में आपको एक-दूसरे के बारे में समय-समय पर नई-नई मज़ेदार बातें पता चलती हैं।
    क्यों ज़रूरी : आपको किसी नई जगह जाना हो, ये दोस्त हमेशा तैयार रहते हैं। इनके साथ हुई हल्की-फुल्की बातचीत भी आपके मन को ख़ुश कर देती है।

    दफ़्तर वाले दोस्त...

    इनसे आपकी दोस्ती दफ़्तर में होती है। आप इनसे काम से संबंधित सारी बातें साझा कर सकते हैं। नौकरी से संबंधित कोई भी बात आपको परेशान कर रही हो तो आप इन्हें बेझिझक बता सकते हैं। आपस में किसी भी तरह की प्रतिस्पर्धा का भाव नहीं होता। आप इनसे बहुत से विषयों पर बातें कर सकते हैं। अगर आप इनके साथ दफ़्तर के अलावा भी कहीं मिलते हैं, तो समय के साथ दोस्ती गहरी होती चली जाती है।
    क्यों ज़रूरी : नौकरी में कई तरह का तनाव होता है लेकिन इनसे बातें करके वो कम हो जाता है। इनकी मौजूदगी में आप ऊर्जा से भरे होते हैं और काम पर भी ध्यान अधिक लगता है। किसी प्रोजेक्ट में मुश्किल आ रही हो तो ये आपकी मदद ज़रूर करते हैं।

    मज़ेदार दोस्त...

    इनके बिना कोई पार्टी ‘पार्टी’ नहीं लगती। ये उदास पलों को भी मज़ेदार-ख़ुशनुमा पलों में बदलना बहुत अच्छी तरह से जानते हैं। इनके हर चुटकुले पर आप पेट पकड़कर हंसने लगते हैं। यह ज़रूरी नहीं कि आप इनसे रोज़ मिलें लेकिन जब भी इनसे मिलते हैं अच्छा महसूस करते हैं। ये भी ज़रूरी नहीं कि ये आपकी मुश्किलों का समाधान दें लेकिन उनसे निपटने का साहस ज़रूर देते हैं।
    क्यों ज़रूरी : आप इनके साथ हमेशा सहज महसूस करते हैं। ये आपका मूड अच्छा करने की काबिलियत रखते हैं।

    सलाह देने वाले दोस्त
    ये आपकी कोई भी मुश्किल को आसान कर देते हैं। इनके पास हर समस्या का कोई ना कोई उपाय ज़रूर होता है। आप कैसी भी मुश्किल इनके पास लेकर जाएं ये तुरंत उसका हल बता देते हैं। ज़रूरी नहीं कि आप इनसे रोज़ मिलंे लेकिन मुसीबत के वक़्त ये काम ज़रूर आते हैं। ये उम्र में आपसे छोटे या बड़े हो सकते हैं।
    क्यों ज़रूरी : इनकी दी हुई सलाह आपको रास्ता दिखाने में मददगार हो सकती है। असमंजस की स्थिति में ये आपके बहुत काम आते हैं

    राजनीति /शौर्यपथ/

    सीएम भूपेश बघेल ने कहा कि पूरे देश में भाजपा के खिलाफ माहौल बना हुआ है। भाजपा और उसके नेताओं को आम जनता की समस्याओं से काेई लेना-देना नहीं है। इसी का परिणाम है कि आज उत्तरप्रदेश भाजपा में भगदड़ मची हुई है। कई मंत्री और विधायक पार्टी छोड़कर जा चुके हैं।

    सीएम ने कहा कि यह इस बात का संकेत है कि भाजपा के जाने के दिन आ गए हैं। दिल्ली और यूपी के दौरे पर रवाना होने से पहले सीएम भूपेश ने मीडिया से बातचीत में कहा कि डूबती जहाज को छोड़कर जैसे सब लोग भागते हैं वैसे ही भाजपा के मंत्री और विधायक भाग रहे हैं। सीएम ने कहा कि अभी दिल्ली जा रहा हूं। रविवार को यूपी से लगे दिल्ली के इलाके में चुनाव प्रचार करना है। जहां प्रियंका गांधी और दूसरे अन्य नेता भी शामिल होंगे।

    बचने के लिए कोई कुछ भी कहे यह अनुचित

    जीपी सिंह द्वारा लगाए गए आरोपों पर सीएम भूपेश ने कहा कि वे उसके बारे में कुछ नहीं कहेंगे। इस मामले की जांच हो रही है। वो अपने बचाव के लिए कुछ भी बयान दे, यह उचित नहीं है। सुप्रीम कोर्ट तक ने उसकी जमानत याचिका खारिज कर दी उसके बाद उसकी गिरफ्तारी हुई है। मामला अपने आप में बेहद संगीन है

    बसपन का प्यार गीत गाकर स्टार बने सहदेव दिरदो को फिल्म में रोल मिला है। मोबाइल स्क्रीन पर वायरल हुआ सहदेव जल्द ही बड़े पर्दे पर फिल्म में एक्टिंग करता दिखेगा। उसे छत्तीसगढ़ की बेहद चर्चित बायोपिक में अहम रोल मिला है। सहदेव को फिल्म के मेकर्स ने छत्तीसगढ़ के पहले स्वर्गीय CM अजीत जोगी के बचपन का किरदार निभाने के लिए फाइनल किया है। अजीत जोगी छत्तीसगढ़ बनने के साथ ही सन 2000 से 2003 तक मुख्यमंत्री रहे थे। वे प्रदेश के प्रभावशाली नेता थे। बाद में उन्होंने कांग्रेस से अलग होकर अपनी पार्टी जनता कांग्रेस छत्तीसगढ़ बना ली थी।

    अजीत जोगी पर बायोपिक बनाई जा रही है। इस फिल्म के मेकर्स ने हाल ही में रायपुर में सहदेव से मुलाकात की है। अब सहदेव को अजीत जोगी के चाइल्ड कैरेक्टर के लिए फाइनल कर दिया गया है। यह फिल्म अजीत जोगी के बेटे अमित जोगी के कंसल्टेशन में राजश्री सिनेमा के बैनर तले बन रही है। फिल्म के निर्माता मनोज खरे, अरविंद कुर्रे हैं। संगीतकार हेमलाल चतुर्वेदी ने इस फिल्म के लिए बॉलीवुड सिंगर उदित नारायण के साथ गाना रिकॉर्ड किया है।

    डायरेक्टर सिखा रहे एक्टिंग

    इस फिल्म के डायरेक्टर देवेंद्र जांगड़े हैं, देवेंद्र ने बताया कि उन्होंने खुद सहदेव को अजीत जोगी के बचपन के किरदार के लिए तैयार कर रहे हैं। इसके साथ ही फिल्म के डायरेक्टर का मानना है कि कैमरे के सामने सहदेव अच्छा परफॉर्म करते हैं। एक आदिवासी लुक के बच्चे की तलाश थी। सहदेव इस रोल के लिए सटीक साबित हुआ है


    गिरौदपुरी में होगी शूटिंग

    फिल्म से जुड़े सूत्रों ने बताया कि 25 जनवरी से फिल्म की शूटिंग शुरू होने जा रही है। पहले चरण के शूट में अजीत जोगी के बचपन को फिल्माया जाएगा। अजीत जोगी का गांव और उनके बचपन की पढ़ाई, स्कूलिंग वगैरह को दिखाया जाएगा। इस फिल्म में दिखाया जाएगा कि एक गरीब आदिवासी परिवेश का बच्चा कैसे प्रोफेसर बना, IPS और IAS बना और कैसे देश के नए राज्य छत्तीसगढ़ का पहला CM। इस प्रोजेक्ट से अजीत जोगी की पत्नी रेणू जोगी जुड़ी हैं, फिल्म मेकर्स के साथ वो अजीत जोगी की जिंदगी से जुड़े पहलू शेयर कर रही हैं।

    अजीत जोगी और उनकी जिंदगी से जुड़े दिलचस्प किस्से

    जन्म और मृत्यु की तारीख- छत्तीसगढ़ के बिलासपुर के पेंड्रा में 29 अप्रैल 1946 को अजीत जोगी का जन्म हुआ। इनके पिता का नाम था स्वर्गीय काशी प्रसाद जोगी। संयोग है अजीत जोगी 29 अप्रैल को जन्में और उनका निधन 29 मई को हुआ।

    जोगी के शौक और रिकॉर्ड- जोगी को घुड़सवारी, ग्लाइडिंग, स्विमिंग, योगा, ट्रैकिंग, शिकार करना किताबें पढ़ना और तांत्रिक विज्ञान की जानकारी रखने का शौक था। रायपुर के इंजीनियरिंग कॉलेज में साल 1967-68 में लेक्चरर रहे। 1968 से 70 तक आईपीएस रहे, 1970 में आईएएस बने। आजाद हिंदुस्तान में 12 वर्षों तक कलेक्टर रहने का इनके नाम रिकॉर्ड है।

    पहला नेता जिसने स्टांप पेपर दिया- 2018 विधानसभा चुनाव में जोगी की पार्टी जनता कांग्रेस छत्तीसगढ़ ने चुनावी वादे स्टांप पेपर पर दिए। यह पहला मौका था जब राज्य में किसी नेता ने ऐसा कदम उठाया। जोगी ने कहा था कि हम जो भी वादे करेंगे। वह हर हाल में पूरा करेंगे। यदि एक भी वादे पूरे नहीं होते हैं तो मैं जेल जाने को तैयार हूं।

    मिली थी अजीब सजा- गांव के स्कूल में जोगी की पढ़ाई हुई। एक वीडियो इंटरव्यू में उन्होंने बताया था कि स्कूल में वो शरारती थे। एक दिन मास्टर ने उन्हें दो लड़कियों के बीच बैठने की सजा दे दी थी।

    इस वजह से बने कलेक्टर - उन्होंने बताया था कि गांव के लोग कलेक्टर के पैर छूते थे, जब भोपाल में पढ़ रहे थे तो अफसरों का रुतबा देखा, आईपीएस में चुने गए तो वहां आईएएस में चयनित लड़कों को खुद को ऊंचा बताया, तब आईएएस बनकर दिखाया। ये परीक्षाएं जोगी ने सामान्य वर्ग से पास की थीं।

    प्रेम भी हुआ था- आईएएस की तैयारी के दिनों में एक लड़की से अजीत जोगी को प्रेम हो गया था, एक वीडियो इंटरव्यू में उन्होंने कहा कि इस पर परिजन राजी नहीं थे। फिर उनका विवाह परिजन ने रेणू जोगी से तय किया। परिवार वालों की बात रखने के लिए जोगी ने उस युवती से संबंध खत्म कर लिए थे।

    जोगी की पसंद- अजीत जोगी, अफसर रहने के दौरान कई बार वक्त मिलने पर फिल्में देखा करते थे। दिलीप कुमार और मधुबाला उनके पसंदीदा कलाकार रहे। इन कलाकारों के गाने वो अपने साथ रखा करते थे। खाने में उन्हें मुनगा, बड़िया, भाजियां पसंद थीं।

    बेटी की मौत- किसी वजह से अजीत जोगी की बेटी ने खुदकुशी कर ली थी। घटना के कारणों को लेकर कई तरह की चर्चाएं थीं। जोगी ने खुद अपनी बेटी के शव को मध्यप्रदेश के एक शहर की कब्र से निकलवाया था। ऐसा उन्होंने बेटी की देह को पैतृक जगह में दफनाने के लिए किया था।

    सड़क हादसा- अजीत जोगी ने मार्च 2016 में गरियाबंद के मैनपुर के नजदीक बोईरगांव के किसान सम्मेलन में कहा था कि मुझे मारने के लिए तंत्र-मंत्र का सहारा लिया गया था। साल 2004 के लोकसभा चुनाव के दौरान प्रचार से लौटते वक्त मैनपुर क्षेत्र में ही जोगी की कार एक पेड़ से टकरा गई थी। तब से अजीत जोगी चल नहीं पाए व्हील चेयर में उनकी बाकि की जिंदगी बीती।

     

    त्रिस्तरीय पंचायत उपनिर्वाचन के तहत जिला निर्वाचन अधिकारी ने जारी किया आदेश

    धमतरी /शौर्यपथ/

    त्रि-स्तरीय पंचायत उपनिर्वाचन-2021-22 के तहत जिले में आगामी 20 जनवरी को सरपंच, पंच और जनपद सदस्य के रिक्त पदों पर मतदान किया जाएगा तथा उसके तुरंत बाद मतदान केन्द्रों में ही मतगणना की जाएगी। जिला निर्वाचन कार्यालय से प्राप्त जानकारी के अनुसार जनपद सदस्य क्षेत्र क्रमांक 24 के अंतर्गत आने वाले नगरी की तीन ग्राम पंचायतें खल्लारी, रिसगांव और करही को नक्सल मामले में संवेदनशील क्षेत्र में रूप में चिन्हांकित किया गया है। तत्संबंध में कलेक्टर एवं जिला निर्वाचन अधिकारी  पी.एस.एल्मा ने अतिसंवेदनशील क्षेत्र के तौर पर चिन्हांकित होने के कारण मतों की गिनती 21 जनवरी को ब्लॉक मुख्यालय नगरी में कराने के निर्देश तहसीलदार एवं रिटर्निंग आफिसर पंचायत निर्वाचन नगरी को दिए हैं।

    प्राप्त प्रस्ताव में पुलिस अधीक्षक, धमतरी से प्राप्त अभिमत अनुसार विकासखण्ड नगरी के जनपद क्षेत्र क्रमांक 24 ग्राम पंचायत खल्लारी, रिसगांव एवं करही के छह मतदान केन्द्रों में 20 जनवरी को होने वाले मतदान के मतों की गिनती ब्लॉक मुख्यालय नगरी में 21 जनवरी को नियमानुसार कराने कहा गया है। साथ ही यह भी निर्देशित किया गया है कि मतगणना के संबंध में रिटर्निंग ऑफिसर की पुस्तिका में उल्लेखित नियमानुसार खण्ड मुख्यालय पर की जाने वाली मतगणना के संबंध में नियत स्थान, तारीख और समय की सूचना प्रत्येक अभ्यर्थी या उसके निर्वाचन अभिकर्ता को मतगणना के लिए निर्धारित तिथि से कम से कम एक दिन पूर्व लिखित में दिया जाना सुनिश्चित किया जाए।

    यूपी में आगामी विधानसभा चुनाव से पहले सपा नेता अखिलेश यादव का जाति जनगणना पर बड़ा बयान आया है. उन्होंने कहा है कि सरकार में आते ही तीन महीने में जाति जनगणना करवाएंगे.

    लखनऊ /शौर्यपथ/

    यूपी में आगामी विधानसभा चुनाव से पहले सपा नेता अखिलेश यादव का जाति जनगणना पर बड़ा बयान आया है. उन्होंने कहा है कि सरकार में आते ही तीन महीने में जाति जनगणना करवाएंगे. वहीं पूर्व मंत्री दारा सिंह का बीजेपी छोड़कर सपा में शामिल होने पर अखिलेश यादव ने कहा है कि मैं दारा सिंह चौहान का स्वागत करता हूं. उनके साथ भारी संख्या में लोग आए हैं.

    बता दें कि उत्तर प्रदेश सरकार के वन एवं पर्यावरण मंत्री पद से हाल ही में इस्तीफा दे चुके दारा सिंह चौहान और भारतीय जनता पार्टी के सहयोगी ‘अपना दल (सोनेलाल)' के विधायक डॉ. आरके वर्मा रविवार को अपने समर्थकों के साथ समाजवादी पार्टी में शामिल हो गये. सपा मुख्यालय में पूर्व मुख्यमंत्री अखिलेश यादव की मौजूदगी में पार्टी के प्रदेश अध्यक्ष नरेश उत्तम पटेल ने दारा सिंह चौहान तथा प्रतापगढ़ जिले के विधायक आरके वर्मा के अपने-अपने समर्थकों के साथ पार्टी में शामिल होने की घोषणा की.

    इस मौके पर चौहान ने कहा कि 2017 में जब भाजपा की सरकार बनी तब ‘सबका साथ-सबका विकास' का नारा दिया गया था, लेकिन कालांतर में साथ तो सबका लिया गया, मगर विकास कुछ चंद लोगों का हुआ. इस प्रदेश में चंद लोगों का विकास हुआ और बाकी लोगों को उनके हाल पर छोड़ दिया गया. चौहान ने कहा, ‘‘सपा मेरा पुराना घर है और हम उत्तर प्रदेश की सियासत की बदलकर अखिलेश यादव को फिर से उप्र को मुख्यमंत्री बनायेंगे.'' उन्होंने कहा कि वह आने वाले दिनों में सभी पिछड़ों और दलित समाज को लामबंद करेंगे। विरोधी लाख साजिश कर लें, लेकिन यह तूफान रुकने वाला नहीं है, बदलाव होकर रहेगा.

    अखिलेश यादव ने सीएम योगी पर निशाना साधते हुए कहा कि दिल्ली वालों ने पहले ही उनकी गोरखपुर विदाई कर दी है. इन्होंने सिर्फ़ तोड़ने की राजनीति की है. हम लोग पॉज़िटिव और विकास की राजनीति करेंगे. उन्होंने कहा कि बीजेपी झूठे सर्वे में कुछ भी दिखा सकती है लेकिन सच्चाई हम जानते हैं और जमीन पर ये कूटे जा रही है.उन्होंने कहा कि बीजेपी सरकार की कोई उपलब्धि नहीं है. इनके पास बताने के लिए कुछ भी नहीं है. सीएम योगी पर निशाना कसते हुए कहा कि सीएम को किसी से लगाव नहीं है. उन्हें पेड़ पौधे से लगाव नहीं है और न ही जानवरों से लगाव है.

    पूर्व आईपीएस अधिकारी असीम अरुण  के बीजेपी  ज्वाइन करने पर अखिलेश यादव ने कहा, बताइए कैसे-कैसे लोग वर्दी में छुपे बैठे थे. इन लोगों ने लगातार अन्याय किया . इन्हें अब सरकार से इनाम मिल रहा है. ये जहां भी चुनाव लड़ेंगे, वहां से इनकी जमानत ज़ब्त होगी.

    उन्होंने कहा कि मैं चुनाव आयोग से शिकायत करूंगा कि जो अधिकारी पांच साल सरकार के साथ काम कर रहे हैं, उन पर कार्रवाई की जाए. क्योंकि ये लोग बीजेपी के काम कर रहे हैं. अगर चुनाव आयोग ऐसे अधिकारियों पर कार्रवाई नहीं करेगा तो हम नहीं मानेंगे कि चुनाव आयोग निष्पक्ष है. हम पहले चार अधिकारियों की लिस्ट चुनाव आयोग को दे चुके हैं.

     

     

    मौनी रॉय अपने फैंस के लिए नए साल का धमाकेदार सरप्राइज ला रही हैं. वह 'डांस इंडिया डांस लिट्ल मास्टर्स 5' को जज करेंगी.

    नई दिल्ली /शौर्यपथ/

    मौनी रॉय अपने फैंस के लिए नए साल का धमाकेदार सरप्राइज ला रही हैं. नए जमाने की स्टार, जो अपनी आकर्षक स्क्रीन उपस्थिति, अपनी स्टाइल स्टेटमेंट और शानदार प्रदर्शन के लिए जानी जाती हैं. अब वह एक डांस रियलिटी शो को जज करने के लिए पूरी तरह तैयार हैं. बता दें कि मौनी रॉय पांच साल बाद छोटे परदे पर वापसी कर रही हैं. मशहूर डांसिंग सेंसेशन मौनी रॉय इस साल के बहुचर्चित शो डांस इंडिया डांस लिट्ल मास्टर्स में शिरकत करेंगी. अपने उत्साह को साझा करते हुए, मौनी रॉय ने कहा, 'मेरे लिए, डांस एक अभिव्यक्ति है. यह विभिन्न कलाओं का मिश्रण है. मैं एक जज के रूप में डांस इंडिया डांस लिट्ल मास्टर्स का हिस्सा बनने के लिए बहुत ज्यादा उत्साहित हूं. मैं छोटे बच्चों को इतने बड़े मंच पर अपनी प्रतिभा का प्रदर्शन करते देखने के लिए और इंतजार नहीं कर सकती.'

    मौनी रॉय ने पिछले साल अपने बैक-टू-बैक ब्लॉकबस्टर म्यूजिक वीडियो 'डिस्को बलमा', 'दिल गलती कर बैठा है' और 'जोड़ा' के साथ स्क्रीन पर धूम मचा दी थी. हर वीडियो में उनके डांस को खूब पसंद किया गया था. मौनी रॉय इससे पहले कई रियलिटी शो में बतौर होस्ट और प्रतिभागी रह चुकी हैं. यही नहीं, मौनी रॉय जल्द ही अमिताभ बच्चन, रणबीर कपूर और आलिया भट्ट की फिल्म 'ब्रह्मास्त्र' में नजर आएंगी.

     

     

     

    रायगढ़ /शौर्यपथ/

    शासन पशुपालकों को उद्यमिता की ओर अग्रसर करने के लिए नित नई योजनाएं संचालित कर रही है। जिसके माध्यम से सामान्य पशुपालक भी अब शासन की योजनाओं का लाभ उठाकर उद्यम विकसित कर रोजगार सृजित कर लाभान्वित हो रहे है। जिससे उनके जीवन स्तर में अभूतपूर्ण बदलाव देखने को मिल रहा है। वही शासन की योजनाएं भी धरातल पर फलीभूत हो रही है।

    विकासखंड सारंगढ़ के ग्राम तिलाईपाली निवासी पशुपालक कमल पटेल को पूर्व से पशुपालन में लगाव था। जिसके बाद उन्हें डेयरी इकाई संचालन में रूचि जागृत हुई। जिसके लिए उन्होंने पशुधन विकास विभाग में क्रियान्वित की जाने वाली राज्य डेयरी उद्यमिता विकास योजना की जानकारी प्राप्त हुई। इसके पश्चात पटेल द्वारा पशु चिकित्सालय सारंगढ़ में पशु चिकित्सा शल्यज्ञ से संपर्क कर बैंक से 12 लाख ऋण हेतु आवेदन किया। ऋण स्वीकृति के उपरांत प्राप्त राशि से वर्ष 2018-19 में पटेल ने डेयरी इकाई की स्थापना की। बैंक से प्राप्त राशि से पटेल ने पहले 14 एच.एफ. क्रास गाय एवं 01 जर्सी क्रास गाय का क्रय किया। इसके साथ ही पशुओं के लिए शेड निर्माण कर, जल व्यवस्था एवं वर्मी कम्पोस्ट टैंक का भी निर्माण कराया। इस प्रकार सभी प्रकार की मूलभूत सुविधाओं को विकसित कर पटेल द्वारा डेयरी इकाई का व्यवसाय को मूर्त रूप दिया गया। जिसमें कार्यालय उप संचालक पशु चिकित्सा सेवाएं, रायगढ़ द्वारा पटेल को डेयरी इकाई स्थापना के लिए 5 लाख 99 हजार रुपये का अनुदान राशि प्रदाय की गई। डेयरी इकाई के स्थापना के प्रारंभिक दौर में लगभग 90-100 लीटर तक दूध का उत्पादन होता था। जिसका विक्रय से पटेल को अच्छी आय अर्जित होती थी। विभागीय अधिकारियों एवं कर्मचारियों के मार्गदर्शन मेें पटेल ने पशुओं का कृत्रिम गर्भाधान करवाया, जिससे पटेल के डेयरी में आज में 21 गायें व 15 बछड़े-बछिया हैं। जिससे वर्तमान में लगभग 115-120 लीटर दुग्ध उत्पादन होता है, जिससे प्रतिवर्ष लगभग 4 लाख 50 हजार रूपए आय प्राप्त होती है। इसके साथ ही गांव के अन्य घरों से दुग्ध संकलन का कार्य भी किया जाता है। डेयरी उद्यमिता से पटेल का परिवार खुशहाल हो चुका है। पटेल पशुधन विकास विभाग के अधिकारियों एवं कर्मचारियों के संपर्क में रहते हुए डेयरी के नए तकनीकों की जानकारी प्राप्त कर डेयरी व्यवसाय को विकसित करने में कार्य करते है। जिससे पटेल आज अन्य पशुपालकों के लिए प्रेरणास्त्रोत भी बन चुके है।

    सूरजपुर /शौर्यपथ/

    कलेक्टर डॉ. गौरव कुमार सिंह ने आदेश जारी कर बताया कि कोरोना पॉजिटिव प्रकरणों की संख्या में लगातार वृद्धि होने के फलस्वरूप जिले में कोरोना वायरस के प्रभावी नियंत्रण एवं रोकथाम के लिए प्रतिबंधात्मक आदेश जारी किया है। जिला सूरजपुर क्षेत्रांतर्गत कोरोना वायरस का संक्रमण दर 04 प्रतिशत से अधिक पाये जाने के फलस्वरूप उक्त आदेश के अनुक्रम में तथा छ.ग. शासन, सामान्य प्रशासन विभाग के परिपत्र 04 जनवरी 2022 में दिये गये निर्देश के परिपेक्ष्य में सम्पूर्ण सूरजपुर जिले में निम्नानुसार प्रतिबंध अधिरोपित रहेगा। जिला क्षेत्रांतर्गत रात्रि 10 बजे से प्रातः 06 बजे तक सभी गैर-व्यवसायिक गतिविधियों को प्रतिबंधित रहेगा। जिला सूरजपुर के सभी शासकीय एवं अशासकीय शिक्षण संस्थान, जिसमें कोचिंग, ट्यूशन संस्थान भी सम्मिलित हैं, को आगामी आदेश पर्यन्त बंद करने हेतु आदेशित किया जाता है, किन्तु ऑनलाईन क्लासेस जारी रहेंगे। छत्तीसगढ़ व्यवसायिक परीक्षा मंडल द्वारा आयोजित परीक्षाएं अपने निर्धारित तिथि अनुसार संचालित रहेंगे। इसके लिए शिक्षण संस्थान को खोले जाने की अनुमति होगी। स्कूल, आंगनबाड़ी केन्द्र, प्ले स्कूल संचालन की अनुमति नहीं होगी, किन्तु ऑनलाईन क्लासेस जारी रहेगे। जिम, क्लब, पुस्तकालय खोला जाना प्रतिबंधित रहेगा।

    समस्त स्कूलों को आवश्यकता पड़ने पर 15-18 आयु वर्ग के बच्चों के वैक्सीनेशन कार्य हेतु स्कूल परिसर में कोविड गाईडलाईन एवं फिजिकल डिस्टेंसिंग का पालन करते हुए खोला जा सकेगा। सभी सिनेमाघर, होटल, रेस्टोरेंट मैरिज हॉल एवं अन्य आयोजन स्थलों को आगामी आदेश तक एक तिहाई क्षमता के साथ संचालित किया जा सकेगा। निजी अस्पतालों के संचालक नियमित रूप से बिस्तर उपलब्धता की जानकारी स्वास्थ्य विभाग के वेबसाईट पर प्रतिदिन अपलोड करेंगे। यदि किसी व्यक्ति को सर्दी, खांसी, बुखार सांस लेने में तकलीफ, स्वाद या गंध महसूस नहीं होना, दस्त, उल्टी या शरीर में दर्द की शिकायत हो तो निकटतम केन्द्र में कोविड-19 जांच कराना तथा जांच रिपोर्ट प्राप्त होने तक होम क्वारंटाईन रहना अनिवार्य होगा। रिपोर्ट पॉजिटिव होने तथा होम आईसोलेशन हेतु अनुमति प्रदान किये जाने पर अनुमति की शर्तों का कड़ाई से पालन करना अनिवार्य होगा। पूर्व में जारी आदेश की शेष कंडिकाएं यथावत् लागू रहेंगे। यह आदेश तत्काल प्रभावशील होगा। आदेश का उल्लंघन करने पर ऐपीडेमिक डिसीज एक्ट एवं विधि अनुकूल अन्य धाराओं के तहत कठोर कार्यवाही की जायेगी।

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