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April 29, 2026
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धर्म संसार / शौर्यपथ / प्रभु यीशु के जन्म की ख़ुशी में मनाया जाने वाला क्रिसमस का त्योहार पूरी दुनिया में मनाया जाता है। यह त्योहार कई मायनों में बेहद खास है। क्रिसमस को बड़ा दिन, सेंट स्टीफेंस डे या फीस्ट ऑफ़ सेंट स्टीफेंस भी कहा जाता है। प्रभु यीशु ने दुनिया को प्यार और इंसानियत की शिक्षा दी। उन्होंने लोगों को प्रेम और भाईचारे के साथ रहने का संदेश दिया। प्रभु यीशु को ईश्वर का इकलौता प्यारा पुत्र माना जाता है। इस त्योहार से कई रोचक तथ्य जुड़े हैं। आइए जानते हैं इनके बारे में।
क्रिसमस ऐसा त्योहार है जिसे हर धर्म के लोग उत्साह से मनाते हैं। यह एकमात्र ऐसा त्योहार है जिस दिन लगभग पूरे विश्व में अवकाश रहता है। 25 दिसंबर को मनाया जाने वाला यह त्योहार आर्मीनियाई अपोस्टोलिक चर्च में 6 जनवरी को मनाया जाता है। कई देशों में क्रिसमस का अगला दिन 26 दिसंबर बॉक्सिंग डे के रूप मे मनाया जाता है। क्रिसमस पर सांता क्लॉज़ को लेकर मान्यता है कि चौथी शताब्दी में संत निकोलस जो तुर्की के मीरा नामक शहर के बिशप थे, वही सांता थे। वह गरीबों की हमेशा मदद करते थे उनको उपहार देते थे। क्रिसमस के तीन पारंपरिक रंग हैं हरा, लाल और सुनहरा। हरा रंग जीवन का प्रतीक है, जबकि लाल रंग ईसा मसीह के रक्त और सुनहरा रंग रोशनी का प्रतीक है। क्रिसमस की रात को जादुई रात कहा जाता है। माना जाता है कि इस रात सच्चे दिल वाले लोग जानवरों की बोली को समझ सकते हैं। क्रिसमस पर घर के आंगन में क्रिसमस ट्री लगाया जाता है। क्रिसमस ट्री को दक्षिण पूर्व दिशा में लगाना शुभ माना जाता है। फेंगशुई के मुताबिक ऐसा करने से घर में सुख समृद्धि आती है। पोलैंड में मकड़ी के जालों से क्रिसमस ट्री को सजाने की परंपरा है। मान्यता है कि मकड़ी ने सबसे पहले जीसस के लिए कंबल बुना था।

-कोविड केयर सेंटर को लेकर 89 प्रतिशत लोगों ने दिया पाजिटिव फीडबैक, 85 प्रतिशत से ऊपर का आंकड़ा स्वास्थ्य विभाग ने फीडबैक में रखा प्लीजंट परफार्मेंस में
-फीडबैक में हेल्थ केयर, दवाएं, खानपान की व्यवस्था, मास्क और सोशल डिस्टेंसिंग तथा सैनिटेशन पर दिये गए थे प्रश्न

दुर्ग / शौर्यपथ / स्वास्थ्य विभाग के सर्वे में कोविड केयर सेंटर में सुविधाओं के संबंध में दुर्ग का प्रदर्शन शानदार रहा है। कोविड केयर सेंटर के मामले में दुर्ग अग्रणी स्थान पर है। 89 प्रतिशत लोगों ने इस संबंध में पाजिटिव फीडबैक दिया। स्वास्थ्य विभाग थर्ड पार्टी से यह सर्वे कराता है। कोविड केयर सेंटरों के संबंध में 85 प्रतिशत से अधिक लोगों द्वारा पाजिटिव फीडबैक दिये जाने पर प्लीजंट परफार्मेंस की श्रेणी में रखा जाता है। इसके साथ ही होम आइसोलेशन को लेकर भी सर्वे किया गया। 11 से 17 अक्टूबर तक चले सर्वे में होम आइसोलेशन को लेकर दुर्ग से 302 लोगों के फीडबैक लिये गए। सर्वे में होम आइसोलेशन के संबंध में भी फीडबैक लिया गया। इसमें रायपुर जिले का स्कोर 79 प्रतिशत रहा। दुर्ग जिले का स्कोर 70 फीसदी रहा और यह प्रदेश में दूसरे स्थान पर रहा। होम आइसोलेशन के सर्वे में डाक्टरों द्वारा की गई मानिटरिंग, दवाओं की नियमितता, स्वास्थ्य कर्मियों के संपर्क, फालोअप से संतुष्टि, कमरे में अलग शौचालय की मौजूदगी, नियमित रूप से पल्स आक्सीमीटर द्वारा चेक किया जाना आदि शामिल है। स्वास्थ्य विभाग द्वारा किया गया सर्वे डेडिकेटेड कोविड हास्पिटल के लिया भी किया गया। डेडिकेटेड कोविड हास्पिटल में 86 प्रतिशत लोगों ने पाजिटिव फीडबैक दिया।
इस संबंध में भी 85 प्रतिशत से अधिक पाजिटिव फीडबैक आने पर प्लीजंट परफार्मेंस की श्रेणी में रखा जाता है। उल्लेखनीय है कि थर्ड पार्टी सर्वे द्वारा लिया गया फीडबैक हर सप्ताह का होता है और अगले सप्ताह पुनः फीडबैक लिया जाता है। चूंकि फीडबैक में हेल्थ केयर, खानपान की व्यवस्था, मास्क तथा सोशल डिस्टेंसिंग के प्रयोग तथा सैनिटाइजेशन जैसी चीजों पर बात होती है अतएव इस संबंध में काफी सारा फीडबैक एकत्रित हो जाता है जिससे व्यवस्था को और अच्छा करने में मदद मिलती है। सर्वे में प्राइवेट हास्पिटल में चल रहे कोविड केयर की भी रैंकिंग की गई।
पूरे प्रदेश में फीडबैक सर्वे के लिए लगभग दस हजार से अधिक लोगों के फीडबैक लिये गए जिसके आधार पर यह रैंकिंग तैयार हुई। उल्लेखनीय है कि दुर्ग जिले में कोविड केयर सेंटर की व्यवस्था बेहतर करने के लिए लगातार कदम उठाये गए। इसमें खानपान की गुणवत्ता से लेकर साफसफाई की गुणवत्ता को बेहतर करने के लिए लगातार मानिटरिंग की गई। मरीजों से फीडबैक लेने की व्यवस्था बनाई गई। उनके फीडबैक के आधार पर व्यवस्था को बेहतर करने में विशेष रूप से मदद मिली।

दुर्ग / शौर्यपथ / जिले में कोविड-19 के संक्रमण की रोकथाम के प्रबंधन के अंतर्गत 20 सितंबर जिले में लाॅकडाउन होने के कारण माह  सितंबर का शासकीय उचित मूल्य की दुकानों से खाद्यान्न एवं अन्य राशन सामग्री  का वितरण पूर्णरूप से नहीं हो पाया था। इसलिए जिले में माह सितंबर 2020 में वितरण के लिए शेष राशनकार्ड धारियों को माह अक्टूबर  2020 में राशन सामग्रियों का वितरण सार्वजनिक वितरण प्रणाली के अंतर्गत संचालित शासकीय उचित मूल्य दुकानों के माध्यम से किया जाएगा।

दुर्ग / शौर्यपथ / दुर्ग संभागायुक्त टी.सी. महावर ने आज जिले के अनेक विकास कार्यों की समीक्षा की। संभागायुक्त ने निर्देशित किया कि वित्तीय वर्ष 19-20 में स्वीकृत सभी कार्यों को वर्षांन्त तक पूर्ण किए जाए। उन्होने सभी कार्यों को निर्धारित समयावधि में गुणवत्ता के साथ पूर्ण करने के निर्देश दिए। उन्होनें लोक निर्माण विभाग अंतर्गत कराए जा रहे कार्यो, लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी के कार्यों, सहित जिले के अंतर्गत अन्य विभागों के विकास कार्यों की गहन समीक्षा की। बैठक में उपस्थित अधिकारियों से स्वीकृत कार्यों के वर्तमान स्थिति के आधार पर अविलंब पूर्ण कराने कहा। उन्होनें कहा कि कोई भी विकास कार्य क्षेत्र की जरूरत और आवश्यकता को ध्यान में रखते हुुुए स्वीकृत की जाती है। इन विकास कार्यों से क्षेत्र की जनता की अपेक्षा जुड़ी रहती है। इन कार्यो का समय पर पूर्ण होने से लोगों की अनेक अपेक्षाएं पूर्ण होती है। अधिकारियों की जिम्मेदारी है कि वे समय पर विकास कार्यों को पूर्ण कर जनता को समर्पित करें ।
      समीक्षा के दौरान कार्यपालन अभियंता, प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना ने बताया कि योजनांतर्गत 02 अपूर्ण कार्य को 21 अक्टूबर 2020 तक पूर्ण करा लिया जाएगा। उन्होनें अवगत कराया कि इन सभी कार्य में डामरीकरण का कार्य शेष है। इसी प्रकार 05 वर्ष संधारण अवधि के अन्तर्गत 45 सड़को में संधारण कार्य चल रहा है। उन्होने बताया कि प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना के फेस-3 के अतंर्गत वर्ष 2019-20 में स्वीकृत कार्यों का एग्रीमेंट मई 2020 में हो चुका है। इन सड़को के निर्माण कार्य प्रारंभ हो चुका है। वृहद पुल-पुलियों से संबंधित कार्यों को 1 वर्ष की समय-सीमा में पूर्ण करने के निर्देश दिए गए हैै। संभागायुक्त ने लोक निर्माण विभाग के कार्याें की समीक्षा के दौरान निर्देशित किया कि मूलभूत न्यूनतम सेवा के अन्तर्गत 22 प्रगतिरत कार्यों को नवम्बर-दिसम्बर 2020 तक पूर्ण कर लिया जाए। जिले के मुख्य सड़क निर्माण कार्य प्रगतिरत हैं। जिसे नियत समय-सीमा में पूर्ण करने के निर्देश दिए गए। अनुसूचित जाति बहुल्य क्षेत्रो में बनाए जा रहे सड़को के निर्माण में प्रगति लाने पर जोर दिया हैं।
पेयजल की हो पर्याप्त व्यवस्था- जिला बेमेतरा अंतर्गत लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी विभाग के परियोजना एवं कार्यपालन अभियंता, लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी विभाग द्वारा किए जा रहे कार्यों की समीक्षा की गई। नवागढ़ एवं साजा में परियोजना के कार्यों के लिए जल क्षेत्र संरक्षित व आरक्षित किए जाने के लिए अधीक्षण यंत्री को पत्र प्रेषित करने कहा गया। जल जीवन मिशन अभियान की विस्तृत समीक्षा की गई, कार्यपालन अभियंता ने बताया कि दिसम्बर माह में परियोना के अंतर्गत कार्य प्रारंभ कर लिया जाएगा। इसके लिए एजेंसी का निर्धारण किया जा चुका है। संभागायुक्त ने निर्देशित किया कि खराब हैण्डपंप के सुधार की तत्काल कार्यवाही की जाए। नलजल योजना के कार्यों पर विशेष ध्यान दिये जाने एवं कार्यों को शीघ्र प्रारंभ कर पूर्ण कराने कहा । राष्ट्रीय राजमार्ग के कार्यों की समीक्षा करते हुए निर्देशित किया कि कुम्हारी में निर्माणधीन पुल मई 2021 तक पुर्ण कर लिया जाए । ट्रांसपोर्ट नगर एवं पावर हाउस के निर्माणाधीन पुल के संबंध में राष्ट्रीय राजमार्ग के अधिकारी द्वारा दिसंबर 2021 तक पूर्ण होना बताया गया एवं चन्द्रा मौर्या सुपेला का कार्य एक वर्ष तक पूर्ण किया जा सकेगा। उन्होनें खाद्य, खनिज एवं आबकारी विभाग के कार्यों की भी समीक्षा की ।
राजस्व वसूली की हो नियमित समीक्षा- खनिज अधिकारी द्वारा अवगत कराया गया कि अवैध परिवहन के 46 प्रकरण दर्ज किए गए हैं । अवैध उत्खनन के 3 मामलों में लगभग आवश्यक कार्यवाही की गई है। संभागायुक्त ने अवैध उत्खनन के मामलों में कड़ी कार्यवाही करने के निर्देश दिए। उन्होनें जिले में अवैध शराब पर कार्यवाही करने के लिए आबकारी अधिकारी को निर्देशित किया ।

बालोद / शौर्यपथ / कलेक्टर जनमेजय महोबे ने शासन की महत्वाकांक्षी सुराजी गॉव योजना नरवा, गरूवा, घुरवा, बाड़ी के तहत आज बालोद विकासखण्ड के ग्राम बेलमंाड, पीपरछेड़ी, चारवाही, बोरी, खपरी और गुण्डरदेही विकासखण्ड के ग्राम पैरी व ईरागुड़ा पहुॅचकर गौठानों का निरीक्षण किया। उन्होंने गौठानों में गोधन न्याय योजना के तहत गोबर खरीदी, वर्मी टंाका व अन्य गतिविधियों का जायजा लिया। उन्होंने गौठानों में स्वसहायता समूहों की सदस्यों से चर्चा कर गोधन न्याय योजना के तहत खरीदे गए गोबर से वर्मी खाद निर्माण में तेजी लाने और वर्मी खाद की पैकेजिंग की तैयारी करने के निर्देश दिए। कलेक्टर ने वर्मी खाद के उपयोग व उसके लाभ से ग्रामीणों को अवगत कराया। जिला पंचायत के मुख्य कार्यपालन अधिकारी लोकेश कुमार चन्द्राकर इस अवसर पर मौजूद थे।
कलेक्टर ने गौठानों के निरीक्षण के दौरान समय-समय पर पशु चिकित्सा शिविर आयोजित होने की जानकारी ग्रामीणों से ली। पशु चिकित्सा शिविर आयोजित नहीं होने की जानकारी पर कलेक्टर ने अप्रसन्नता जतायी। उन्होंने पशु चिकित्सा विभाग के अधिकारियों को निर्देशित किया कि वे तिथि निर्धारित कर पशु चिकित्सा शिविर लगाएॅ और मवेशियों की देखरेख, बिमारियों से बचाव व दुग्ध उत्पादन के लिए ग्रामीणों को मार्गदर्शन दें। कलेक्टर ने गौठानों में पानी तथा चारा की उपलब्धता की जानकारी ली। उन्होंने गौठानों में वर्किंग शेड निर्माण हेतु प्रस्ताव तैयार करने के निर्देश मौके पर उपस्थित नरेगा के सहायक परियोजना अधिकारी को दिए। कलेक्टर ने स्वसहायता समूहों की सदस्यों से कहा कि वर्मी खाद निर्माण की प्रक्रिया नियमित जारी रखें। उन्होंने पशु चिकित्सा विभाग के अधिकारियों को चारागाहों में चारा लगाने के निर्देश दिए।
कलेक्टर ने ग्राम ईरागुड़ा के गौठान में गोधन न्याय योजना के तहत खरीदे गए गोबर को व्यवस्थित नहीं रखने और वर्मी खाद निर्माण में धीमी प्रगति पर अप्रसन्नता व्यक्त की। उन्होंने जनपद पंचायत के मुख्य कार्यपालन अधिकारी को गौठान में गोबर व्यवस्थित रखने तथा पानी निकासी की सुगम व्यवस्था के निर्देश दिए। स्वसहायता समूह की सदस्यों को भी वर्मी खाद निर्माण हेतु प्लानिंग कर कार्य में तेजी लाने के निर्देश दिए। कलेक्टर ने गौठानों में बने वर्मी टंाको में केंचुओं की उपलब्धता की जानकारी ली। उन्होंने गौठानों में लगाए गए पौधों की सुरक्षा के भी निर्देश दिए। इस अवसर पर कृषि विभाग के उप संचालक एन.एल.पाण्डे, उद्यान विभाग की सहायक संचालक श्रीमती आकांक्षा सिन्हा सहित अन्य संबंधित विभागों के अधिकारी आदि मौजूद थे।

दुर्ग / शौर्यपथ / जिला प्रशासन दुर्ग द्वारा द्वारा कोविड-19 रोकथाम एवं नियंत्रण कार्यक्रम के तहत आम नागरिकों को कोविड-19 से बचाव के उपायों के बारे में जागरूक किया जा रहा है। दुर्ग जिले में जागरूकता कार्यक्रम की शुभंकर हैं नन्हीं दुर्गा जो अपने बाल सुलभ अंदाज में लोगों को कोरोना के प्रति जागरूक करेंगी। संक्रमण को रोकने के लिए इस बार सार्वजनिक रूप से कार्यक्रम आयोजित नहीं किए जा रहे हैं और नागरिकों से घर पर ही रहकर त्योहार मनाने की अपील की गई है ।
कोरोनावायरस के चलते त्योहारों की चमक फीकी ना हो इसके लिए जिला प्रशासन द्वारा एक छोटी सी पहल की गई है जिसमें आप घर पर ही रह कर नवरात्र का आनंद उठा सकते हैं। बच्चों को त्योहारों का सबसे ज़्यादा उत्साह रहता है और बच्चे एक तरह से ईश्वर का ही रूप है जो अपनी तोतली भाषा में भी कई बार बड़ा बड़ा ज्ञान भी दे जाते हैं। बच्चों के उत्साह के साथ साथ बड़े भी उनकी क्रियाओं को देख कर आनंदित होते हैं।इसलिए जिला प्रशासन द्वारा 'हर घर नन्ही दुर्गाÓ अभियान चलाया जा रहा है. जिसके तहत एक ऑनलाइन प्रतियोगिता का आयोजन किया गया है जिसमें दुर्ग जिले की 3 वर्ष से 10 वर्ष तक की बच्चियाँ हिस्सा ले सकती है।
इस प्रतियोगिता में हिस्सा लेने के लिए बच्चियों को नन्हीं दुर्गा के रूप में में सजा कर उनका 1 मिनट का वीडियो अथवा फोटोग्राफ दुर्ग जिले की आधिकारिक फेसबुक ट्विटर एवं इंस्टाग्राम पर भेजना होगा साथ ही व्हाट्सएप नंबर 0788-2210773 पर भी अपनी प्रविष्टियां भेज सकते हैं।

बच्चियों की फोटो/या 1 मिनट का वीडियो लीजिए और हमें टैग कीजिए.

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सर्वश्रेष्ठ 5 बच्चियों को दिया जाएगा
पुरस्कार एवं ई -प्रशस्ति पत्र।साथ ही जिले की सभी आधिकारिक सोशल मीडिया साइट्स पर किया जाएगा पब्लिश।
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रायपुर / शौर्यपथ / संसदीय सचिव विकास उपाध्याय ने भाजपा के आज के असफल रैली को जन आक्रोश नहीं बल्कि ''स्वहित से जुड़ा रैली'' बताया और कहा कि भाजपा जिन मुद्दों को लेकर रैली कर नौटंकी कर रही है, ये सारे मुद्दे उनके खुद के सरकार की है जिसे कांग्रेस की सरकार कार्यवाही पर उतारू है तो भाजपा के नेताओं को पीड़ा होने लगी है। यही वजह है कि अबतक भाजपा के लोग अपने घरों में दुबक कर बैठे हुए थे चाहे कोरोना काल के लॉक-डाउन का समय हो या फिर गरीबों के खान-पान की व्यवस्था हो।
विकास उपाध्याय ने कहा भाजपा बेवजहों के मुद्दों को जनता से जुड़ा बताकर छत्तीसगढ़ की जनता को गुमराह कर रही है। आम जन से जुड़ा मुद्दा तो ये है कि प्रदेश में नशे के अवैध कारोबार के खिलाफ कार्यवाही कौन कर रहा है। बगैर दबाव के छापेमारी की कार्यवाही किसके कहने पर हो रही है। उन्होंने कहा पूरी जनता यह भलीभाँति समझ रही है कि नशे के धंधे को किस सरकार का संरक्षण था। विकास उपाध्याय ने तंज कसते हुए कहा भाजपा के नुक्कड़ सभा में उपस्थित भाजपा नेताओं को बताना चाहिये कि उन्होंने नशे के कारोबार को अपने शासन काल में बन्द कराने कितनी छापेमारी की कार्यवाही की। भाजपा ऐसा करने मजबूर भी थी क्योंकि उन्हीं के नेताओं का पूरे नशा के कारोबार को संरक्षण था।
विकास उपाध्याय ने पाटन क्षेत्र में भाजपा सांसद द्वारा स्वरचित दारू भ_ी का प्रसंग लाकर जो पूरे अपने नेताओं को बुलाकर नौटंकी की गई, उससे साफ जाहिर है कि भाजपाईयों में लूटने की आदत अब तक नहीं गई। जो 15 साल तक लूटते रहे अब शराब को लूटने में भी शर्म महसूस नहीं कर रहे हैं। विकास उपाध्याय ने कहा गृह मंत्री ताम्रध्वज साहू द्वारा पुलिस प्रशासन को कड़ाई करने से भाजपाईयों की नींद उड़ी हुई है। अपराधिक प्रकरणों में लिप्त भाजपा के कार्यकर्ताओं को थाने से छुड़ाने भ्रष्ट भाजपा नेताओं की हालत पस्त है तो ये नेता हमारी पुलिस को रिश्वत देने की भी कोशिश कर रहे हैं पर बात नहीं बन रही है न ही उनकी सूनी जा रही है। यही वजह है कि गृह मंत्री को निशाना बनाया जा रहा है।
उन्होंने कहा प्रदेश की जनता सबकुछ देख रही है भाजपाईयों को अब भी सचेत हो जाना चाहिए। उन्हें तो ये बताना चाहिए कि केन्द्र में बैठी उनकी सरकार राज्य के लिए क्या कर रही है। उनके पास कृषि बिल को लेकर कोई जवाब नहीं, उनके पास राज्य के हिस्से का करोड़ों रूपया केन्द्र से नहीं मिल रही है का कोई जवाब नहीं। ऐसे में स्वहित से जुड़े स्वार्थ को प्रतिपूर्ति करने रैली करना कहाँ तक उचित है।

// अब तक का सबसे बड़ा मास्क बनाकर दुर्ग पुलिस ने मास्क ही ब्रह्मास्त्र है का दिया संदेश
// ग्लोब चौक सेक्टर 10 को मास्क पहनाकर प्रतीकात्मक रूप से नागरिकों को दिया मास्क पहनने का संदेश

दुर्ग / शौर्यपथ / दिनांक 20.10.2020 को विश्वव्यापी कोरोना संक्रमण के विरुद्ध "मास्क हीं ब्रह्मास्त्र है" का संदेश देने हेतु दुर्ग पुलिस के द्वारा अब तक का सबसे बड़ा मास्क बनाकर कीर्तिमान रचा गया। जिला दुर्ग भिलाई शहर में सेक्टर-10 स्थित ग्लोब चौक को प्रतीकात्मक रूप से मास्क पहनाकर नागरिकों को इस कोरोना काल में मास्क पहनने की अपील, पुलिस महानिरीक्षक दुर्ग रेंज विवेकानंद द्वारा की गई। करीबन 200 स्क्वायर फीट बड़ा मास्क बनाने के लिए शहर के ही मझे हुए कारीगरों को काम में लगाया गया।
इसका इंस्टॉलेशन आसान नहीं था लेकिन भिलाई स्टील प्लांट जिसने अपने बनाए रेलपाथ से विश्व को 10 से अधिक बार लपेट चुका है ने इस काम को बखूबी निभाया। यह मास्क दुनिया भर में कोरोना संक्रमण से लडऩे के लिए लोगों का मनोबल बढ़ाएगा। इस मास्क के इंस्टॉलेशन के संबंध में प्रशांत ठाकुर पुलिस अधीक्षक दुर्ग के अनुसार ग्लोब पर मास्क लगाकर हम यह संदेश देना चाहते हैं की इस वैश्विक महामारी में मास्क लगाकर फिजिकल डिस्टेंसिंग का पालन और समय-समय पर हाथ धोकर ही हम कोरोना की महामारी से बच सकते हैं।
पुलिस महानिरीक्षक दुर्ग रेंज दुर्ग के मार्गदर्शन में एवं पुलिस अधीक्षक दुर्ग के निर्देशन में रोहित कुमार झा अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक दुर्ग की टीम के द्वारा यह मास्क बनाकर तैयार करके ग्लोब में लगाया गया। जिसमें दुर्ग पुलिस के वरिष्ठ अधिकारियों ने सभी नागरिकों से निवेदन किया है कि इस मास्क को बनाने के उद्देश्य को पूरा करने में भागीदार बने। कार्यक्रम में उपस्थित विवेकानंद, पुलिस महानिरीक्षक दुर्ग रेंज दुर्ग एवं प्रशांत ठाकुर पुलिस अधीक्षक दुर्ग, रोहित कुमार झा अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक शहर, श्रीमती प्रज्ञा मेश्राम, अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक ग्रामीण, अजीत यादव नगर पुलिस अधीक्षक भिलाई नगर, विश्वास चंद्राकर नगर पुलिस अधीक्षक छावनी, प्रवीर चंद्र तिवारी उप पुलिस अधीक्षक अपराध, शौकत अली उप पुलिस अधीक्षक मुख्यालय, गुरजीत सिंह उप पुलिस अधीक्षक यातायात, सहित थाना प्रभारीगण उपस्थित रहे। कार्यक्रम का संपूर्ण संचालन श्री रोहित कुमार झा अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक शहर, अजीत यादव नगर पुलिस अधीक्षक भिलाई नगर के द्वारा एवं कार्यक्रम में महत्वपूर्ण योगदान भूषण एक्का थाना प्रभारी भिलाई भट्टी, आरक्षक 945 प्रशांत शुक्ला, आरक्षक 247 अमित दुबे का रहा। भिलाई इस्पात संयत्र के अधिकारी मधु स्वर्णकार, रोहित हरित और टीम इन्स्टलेशन में अहम भूमिका निभाई, मास्क का डिजाइन श्री अजय रात्रे एवं डिजाइनो टीम के द्वारा बनाया गया जो की मास्क पहने के जागरूकता को एक नया आयाम देगी।
इसी क्रम में दुर्ग पुलिस के द्वारा लोगों को जागरूक करने के लिए अनलॉक पर एक शॉर्ट फिल्म चल फिर काम पर चलते हैं का कमिंग सून पोस्टर लांच किया गया। बहुत जल्दी ही यह समस्त नागरिकों को दुर्ग पुलिस के सोशल मीडिया पर देखने को मिलेगा।

रायपुर / शौर्यपथ / सामान्य प्रेक्षक जयसिंह ने आज कलेक्टरेट में आयोजित बैठक में मरवाही उपनिर्वाचन 2020 हेतु जिले में कानून व्यवस्था की स्थिति की जानकारी ली। उन्होंने जिले में उपलब्ध पुलिस बल की संख्या, केंद्रीय बलों की आवश्यकता की जानकारी ली। उन्होंने मतदान केंद्रों पर पर्याप्त संख्या में सुरक्षा बलों की उपलब्धता सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। उन्होंने समय-समय पर फ्लैग मार्च का आयोजन करने की बात कही। उन्होंने केंद्रीय फोर्स की उपलब्धता, उनके रुकने की व्यवस्था इत्यादि की जानकारी ली। उन्होंने प्रीवेंटिव एक्शन, डिटेंशन बांड, आर्म्स डिपोजिशन इत्यादि के बारे में जानकारी ली। प्रेक्षक ने कहा कि पक्षपात रहित होकर कार्यवाही करें।
उन्होंने कहा कि किसी भी सभा या रैली का आयोजन बिना सक्षम अधिकारी की अनुमति के ना हो पाए, इस बात का ध्यान रखें। उन्होंने किसी भी प्रकार के अफवाहों की स्थिति में पुलिस द्वारा सक्षमतापूर्वक निपटने की तैयारी के बारे में जानकारी ली। उन्होंने निर्वाचन में सभी आवश्यक कार्यवाही समयबद्ध तरीके से हो, यह सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। उन्होंने अंतरराज्यीय सीमा और अंतरजिला सीमावर्ती क्षेत्रों में पुलिस बलों की विशेष निगरानी की बात कही। बैठक में सीमावर्ती क्षेत्रों में वाहनों की कड़ी चेकिंग हेतु निर्देश दिए गए। बैठक में पुलिस बलों को समन्वय के साथ काम करते हुए निर्वाचन संबंधी सभी आवश्यक दायित्वों का साक्षमतापूर्वक निर्वहन करने के निर्देश दिए गए। इस अवसर पर पुलिस अधीक्षक सूरज सिंह परिहार ने जिले में कानून व्यवस्था के संबंध में पुलिस की तैयारियों के संबंध में विस्तार से जानकारी दी।इस अवसर पर अपर कलेक्टर अजीत बसंत, एडिशनल एसपी संजय महादेवा, एडिशनल एसपी श्रीमती प्रतिभा तिवारी सहित अन्य अधिकारीगण उपस्थित थे।

रायपुर / शौर्यपथ / मुख्यमंत्री भूपेश बघेल की मंशा के अनुरूप छत्तीसगढ़ राज्य में किसानों को खुशहाल और उनकी आय में वृद्धि के लिए समन्वित कृषि प्रणाली को बढ़ावा दिए जाने की कारगर पहल की जा रही है। कृषि विभाग के अधिकारियों एवं इंदिरा गांधी कृषि विश्वविद्यालय के अधीन संचालित कृषि विज्ञान केंद्रों के कृषि वैज्ञानिकों द्वारा संयुक्त रुप से राज्य के सभी जिलों में समन्वित कृषि प्रणाली के अंतर्गत विभिन्न जोत वाले किसानों के लिए एक हेक्टेयर, 2 हेक्टेयर एवं 3 हेक्टेयर रकबा का सिंचित एवं असिंचित मॉडल तैयार किया गया है। जिसमें फसल उत्पादन के साथ-साथ कुक्कुट पालन, बकरी पालन, मछली पालन के लिए किसानों को प्रोत्साहित कर उनकी आय को दोगुने करने की दिशा में प्रयास किया जा रहा है। फसल विविधीकरण के अंतर्गत उच्च भूमि में लाख की खेती एवं प्राथमिक प्रसंस्करण हेतु कृषकों को आवश्यक मार्गदर्शन दिया जा रहा है। टपक एवं सामूहिक सिंचाई, सामूहिक विपणन जैसी तकनीकों के माध्यम से सब्जी एवं अन्य उद्यानिकी फसलों के उत्पादन को बढ़ावा देने के साथ ही विभिन्न फसलों के बीज उत्पादन, वर्मी कंपोस्ट खाद का निर्माण, मशरूम उत्पादन, महिलाओं के सशक्तिकरण के लिए उन्हें आजीविका की गतिविधियों से जोड़ा जा रहा है। शासन की विभिन्न योजनाओं जैसे कौशल विकास, जल प्रबंधन कार्य, हरित क्रांति विस्तार, मनरेगा ,आदिवासी उपयोजना और खनिज न्यास निधि के माध्यम से अभिकरण कर प्राकृतिक संसाधनों के संरक्षण एवं आजीविका संवर्धन के उल्लेखनीय कार्य किए जा रहे हैं जिससे ग्रामीण अंचल में खेती-किसानी समृद्ध और किसान खुशहाली की ओर तेजी से अग्रसर हो रहे हैं।
छत्तीसगढ़ राज्य के कोरिया, कांकेर, राजनांदगांव, दुर्ग, कोरबा, बिलासपुर से लेकर सुदूर वनांचल के जिलों में भी समन्वित खेती से ग्रामीण अंचल के किसानों के जीवन में खुशहाली का एक नया दौर शुरू हुआ है। कांकेर जिले के लगभग 25 ग्रामो में विभिन्न प्रक्षेत्र परीक्षण, अग्रिम पंक्ति प्रदर्शन, कृषकों, कृषक महिलाओं, ग्रामीण युवकों को समसामयिक एवं ‘‘आवश्यकता आधारित’’ कौशल दिया जा रहा है। जिले के कृषि एवं संबंधित विभागों के मैदानी स्तर के अधिकारियों के लिए समय-समय पर प्रशिक्षण का आयोजन कर उन्हे नवीन तकनीकी से अवगत कराया जा रहा है। जिले में कृषि की नवीन तकनीक के साथ-साथ किसानों के आय में वृद्धि एवं आजीविका संवर्धन हेतु समन्वित कृषि प्रणाली, पोषण सुरक्षा, फसल विविधीकरण, कृषि यंत्रीकरण, सूक्ष्म सिंचाई पद्धति, उन्नत नस्ल के कुक्कुट कड़कनाथ के प्रजनन एवं उत्पादन का कार्य शुरू किया गया हैं। इसके लिए कृषि विज्ञान केन्द्र में कड़कनाथ कुक्कुट की हैचरी इकाई, ग्रेडेड सिरोही नस्ल की बकरी इकाई, गीर एवं साहिवाह नस्ल की डेयरी इकाई, बटेर पालन इकाई, मत्स्य सह बतख पालन इकाई, वर्मीकम्पोस्ट इकाई, पोषण वाटिका, फलदार पौधे उत्पादन इकाई स्थापित हैं।
कृषि विज्ञान केन्द्र द्वारा वर्ष 2015 में पोषण सुरक्षा एवं आय हेतु आदर्श पोषण वाटिका की अवधारणा स्थापित की गई, जिसमें विभिन्न सब्जियों के उत्पादन का ऐसा क्रम तैयार किया गया जिससे वर्षभर प्रतिदिन ताजी सब्जी उपलब्ध हो सके। इस पोषण वाटिका को सर्वप्रथम 70 आवासीय स्कूलों में विस्तार किया गया तत्पश्चात् सम्पूर्ण छत्तीसगढ़ राज्य में विस्तार हुआ। कुक्कुट की कड़कनाथ नस्ल जो कि अद्वितीय गुणों से भरपूर है। इस नस्ल की केन्द्र में कृत्रिम हैचरी स्थापित कर अब तक लगभग 2 लाख नग से अधिक चूजों का उत्पादन किया जा चुका है, जिसका विस्तार कांकेर जिले सहित छत्तीसगढ़ राज्य के 25 अन्य जिले एवं 4 अन्य राज्यों में हुआ है।
जिले में लगभग 80 से अधिक कृषकों के यहां समन्वित कृषि प्रणाली मॉडल विभिन्न परियोजनाओं के अभिसरण से स्थापित किया गया है। फसल विविधीकरण के अंतर्गत उच्चहन भूमि में लाख की खेती एवं प्राथमिक प्रसंस्करण हेतु कृषकों को प्रोत्साहित किया जा रहा है। वर्तमान में 25 से अधिक कृषक सेमियालता में लाख उत्पादन का कार्य कर रहे हैं एव विज्ञान केन्द्र में स्थापित प्रसंस्करण इकाई से लाख का प्राथमिक प्रसंस्करण कर रहे हैं।
कृषि यंत्रीकरण के अंतर्गत धान एवं अन्य फसलों की कतार बोनी एवं प्रसंस्करण को प्रशिक्षण एवं प्रदर्शन के माध्यम से बढ़ावा दिया जा रहा है। जिले में किसानों को नीवनतम किस्मों के दलहनी फसलों के बीज उपलब्ध कराने के दलहनी फसलों का बीज प्रक्रिया केन्द्र स्थापित किया गया है, जिसमें कृषक सहभागिता से बीज उत्पादन किया जाता है,जिसका वितरण विभागीय योजनाओं के माध्यम से जिले के किसानों को किया जाता है।

दुर्ग / शौर्यपथ / शहर के संतराबाड़ी स्थित श्रीशिवम के पास आज सवेरे एक युवक का शव मिलने से सनसनी फैल गई। युवक का सिर फटा हुआ है। उम्र लगभग…

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