
CONTECT NO. - 8962936808
EMAIL ID - shouryapath12@gmail.com
Address - SHOURYA NIWAS, SARSWATI GYAN MANDIR SCHOOL, SUBHASH NAGAR, KASARIDIH - DURG ( CHHATTISGARH )
LEGAL ADVISOR - DEEPAK KHOBRAGADE (ADVOCATE)
Google Analytics —— Meta Pixel
धर्म संसार / शौर्यपथ / प्रभु यीशु के जन्म की ख़ुशी में मनाया जाने वाला क्रिसमस का त्योहार पूरी दुनिया में मनाया जाता है। यह त्योहार कई मायनों में बेहद खास है। क्रिसमस को बड़ा दिन, सेंट स्टीफेंस डे या फीस्ट ऑफ़ सेंट स्टीफेंस भी कहा जाता है। प्रभु यीशु ने दुनिया को प्यार और इंसानियत की शिक्षा दी। उन्होंने लोगों को प्रेम और भाईचारे के साथ रहने का संदेश दिया। प्रभु यीशु को ईश्वर का इकलौता प्यारा पुत्र माना जाता है। इस त्योहार से कई रोचक तथ्य जुड़े हैं। आइए जानते हैं इनके बारे में।
क्रिसमस ऐसा त्योहार है जिसे हर धर्म के लोग उत्साह से मनाते हैं। यह एकमात्र ऐसा त्योहार है जिस दिन लगभग पूरे विश्व में अवकाश रहता है। 25 दिसंबर को मनाया जाने वाला यह त्योहार आर्मीनियाई अपोस्टोलिक चर्च में 6 जनवरी को मनाया जाता है। कई देशों में क्रिसमस का अगला दिन 26 दिसंबर बॉक्सिंग डे के रूप मे मनाया जाता है। क्रिसमस पर सांता क्लॉज़ को लेकर मान्यता है कि चौथी शताब्दी में संत निकोलस जो तुर्की के मीरा नामक शहर के बिशप थे, वही सांता थे। वह गरीबों की हमेशा मदद करते थे उनको उपहार देते थे। क्रिसमस के तीन पारंपरिक रंग हैं हरा, लाल और सुनहरा। हरा रंग जीवन का प्रतीक है, जबकि लाल रंग ईसा मसीह के रक्त और सुनहरा रंग रोशनी का प्रतीक है। क्रिसमस की रात को जादुई रात कहा जाता है। माना जाता है कि इस रात सच्चे दिल वाले लोग जानवरों की बोली को समझ सकते हैं। क्रिसमस पर घर के आंगन में क्रिसमस ट्री लगाया जाता है। क्रिसमस ट्री को दक्षिण पूर्व दिशा में लगाना शुभ माना जाता है। फेंगशुई के मुताबिक ऐसा करने से घर में सुख समृद्धि आती है। पोलैंड में मकड़ी के जालों से क्रिसमस ट्री को सजाने की परंपरा है। मान्यता है कि मकड़ी ने सबसे पहले जीसस के लिए कंबल बुना था।
भिलाई / शौर्यपथ / भिलाई-चरोदा नगर निगम क्षेत्र में वैध कालोनी में सुमार श्याम नगर के रहवासी नारकीय जीवन जीने को मजबूर है। इस नवविकसित कालोनी में लगभग 80 प्रतिशत की बसाहट होने के बाद भी सड़क व नाली जैसी मूलभूत सुविधा के लिए लोग तरस रहे हैं। बारिश के दिनों में कीचड़ भरी सड़कों के चलते लोगों को भारी दिक्कत का सामना करना पड़ रहा है।
निगम कार्यालय से चंद फर्लांग दूर पर श्याम नगर कालोनी बसी है। क्षेत्र के चुनिंदा वैध कालोनियों में शामिल श्याम नगर का दुर्भाग्य है कि यहां अब तक पक्की सड़क व नाली का अभाव बना हुआ है। निगम के द्वारा इसी कालोनी के पास अटल आवास का निर्माण कराया गया है। अटल आवास में तो सड़क व नाली बनी हुई है, लेकिन श्याम नगर में ऐसी सुविधा नहीं होने से लोगों को कीचड़ भरे रास्ते से होकर आवाजाही करनी पड़ रही है। बारिश के इस मौसम में खासकर चारपहिया वाहन रखने वालों को कीचड़ भरी सड़क बेहद हलाकान कर रही है अनेक लोग तो बारिश के मौसम में अपने निजी वाहनों को कहीं और रहने वाले परिचित अथवा रिश्तेदार के घर पर खड़ी करने में अपनी भलाई समझते हैं।
यहां पर यह बताना भी लाजिमी होगा कि श्याम नगर कालोनी में निगम द्वारा भवन अनुज्ञा प्रदान किया जाता है। विधिवत भवन अनुज्ञा प्राप्त करने पर मकान बनाने वालों से निगम को अच्छा खासा राजस्व भी मिलता है। बावजूद इसके सड़क नाली और बिजली जैसी मूलभूत सुविधा नहीं मिलने से रहवासियों में न केवल निगम के अधिकारी बल्कि चुने गए जनप्रतिनिधियों के खिलाफ भी जमकर आक्रोश देखा जा रहा है।
गौरतलब रहे कि साडा काल में सिंधी कालोनी के रूप में पुराने पूनम टाकीज के पास आवासीय भूखंड बेचे गए थे। नियमानुसार इस कालोनी के वैध श्रेणी में होने से अनेक लोगों ने यहां पर आवासीय भूखंड खरीदा और अपनी सुविधा के अनुसार मकानों का निर्माण कराया। कुछ बरस पहले इसका नाम सिंधी कालोनी से श्याम नगर किया गया। निगम कार्यालय, सिविल कोर्ट, तहसील, महिला एवं बाल विकास परियोजना कार्यालय सहित अनेक सामाजिक भवनों के आसपास होने के चलते यह कालोनी तेजी के साथ आबाद होने लगी है। आज की स्थिति में लगभग 80 प्रतिशत भूखंड में मकान बन चुके हैं। लेकिन सड़क व नाली के अभाव में रहवासियों को भारी दिक्कतो का सामना करना पड़ रहा है।
भिलाई नगर / शौर्यपथ / वन होम वन ट्री अभियान के अंतर्गत शहर में हरियाली के दायरे को बढ़ाने को लेकर की गई नगर पालिक निगम प्रशासन का प्रयास सफल होती नजर आ रही है। हरियाली लाने के लिए निगम प्रशासन ने जहां सड़कों के किनारे और गली मोहल्ले की खाली जगहों पर पौधे रोपने का कार्य किया है। पिछले दो महीने में 5412 पौधे रोपे हैं। वहीं व्यापारी, सामाजिक संगठन और लोगों ने 22754 पौधे निगम से लेकर अपने घर और आसपास की खाली जगहों पर लगाए हैं। इस तरह से अब तक निगम क्षेत्र में कुल 28166 पौधे रोपे जा चुके हैं।
इस कार्य के लिए महापौर व भिलाई नगर विधायक देवेन्द्र यादव और निगम आयुक्त ऋतुराज रघुवंशी ने आभार भी जताया है। अपने घरों के आसपास के पौधों की देखभाल कर बड़ा करने का आग्रह भी किया है।
सड़कों के किनारे रोपे गए हैं पौधे
इस वर्ष निगम ने प्रमुख सड़कों के किनारे और वार्डों के गली मोहल्ले की खाली जगहों पर नीम, कदंब, गुलमोहर, करंज, बादाम, स्टोपीडिया, तपेदिया रोजा सहित अन्य प्रजाति के 3738 पौधे रोपे हैं। नेहरू नगर से डबरापारा खुर्सीपार तक नेशनल हाइवे के किनारे गुलमोहर, कंदब, स्टोपीडिया, तपेदिया रोजा, कपोप के लगाए गए हैं। बांस से बनाई गई ट्री गार्ड से सुरक्षा व्यवस्था की गई है। इसी प्रकार जुनवानी से कोहका रोड किनारे, राधिका नगर स्लाटर हाउस, लिम्हा तालाब कोहका, मुक्तिधाम खम्हरिया, भिलाई नगर रेलवे स्टेशन स्थित गोठान में पौधे रोपे गए हैं। इसके अलावा जोन-1 विभिन्न क्षेत्रों में पौधे रोपे गए हैं। पौधों की सुरक्षा के लिए टी गार्ड और कांटा तार से घेरा भी किया गया है
डिवाइडर्स में रोपे पौधे
निगम प्रशासन ने शहर के प्रमुख सड़कों के डिवाइडर पर पौधे लगवाए हैं। सुपेला चौक से डाॅ राजेन्द्र प्रसाद चौक पहुंच मार्ग के डिवाइडर में कनेर, चंपा और मालश्री के पौधे लगाए गए हैं। इसी प्रकार नंदनी रोड पावर हाउस से एसीसी चौक तक डिवाइडर पर, छावनी से हथखोज रोड के डिवाइडर में और नेहरू नगर चौक से डबरा तक नेशनल हाइवे के डिवाइडर में पौधे रोपे गए हैं।
निगम के ने बांटे 22754 पौधे
नगर पालिक निगम के उद्यान विभाग ने इस वर्ष जोन कार्यालयों के माध्यम से लोगों को 22,754 पौधे लोगों को मुफ्त में दिए हैं। नेहरू नगर स्थित कुसुम कानन उद्यान की नर्सरी में नीम, कदंब, पुत्रजीवा, करंज, गुलमोहर, आम, पीपल, बरगद, अमलतास, मौलश्री, जामुन, सीताफल, बादाम, अमरूद, अशोक सहित अन्य प्रजाति के पौधे तैयार किए हैं। जिसे जोन के माध्यम से वितरित की गई है।
व्यापारियों ने ली पौधों की सुरक्षा की जिम्मेदारी
सुपेला के व्यापारी अब्दुल, नेशनल हाइवे के रोड के किनारे के व्यापारी सौरभ सिंह, मोहम्मद शमसाद, मनीष सिंह सहित चेंबर आफ काॅमर्स के सदस्यों ने रोड किनारे अपने दुकानों के सामने रोपे गए पौधों की देखभाल करने का संकल्प लिया है। व्यापारियों ने आम लोगों से भी अपने घरों के आसपास के पौधों की देखभाल करने का आग्रह किया है।
भिलाई / शौर्यपथ / बुधवार शाम से हो रही बारिश की वजह से जलभराव की स्थिति न आए इसके लिए निगम का स्वास्थ्य अमला नाली सफाई में जुटा रहा। रूक-रूककर हो रही बारिश को देखते हुए सभी वार्डों के छोटे बड़े नालियां जहां कचरा फंसा हुआ था। उसकी सफाई में निगम का अमला सुबह से ही जुटा हुआ है। जोन आयुक्तों के निर्देशानुसार फील्ड में कार्य करने वाले कर्मचारियों ने वार्डों का निरीक्षण कर नाला, नालियों और पुलिया का जायजा लिया। वहीं कई स्थानों पर सफाई कराने के साथ ही कच्चा नाली बनाकर पानी की निकासी की व्यवस्था की गई। साथ ही कचरे का उठाव भी किए।
निगम आयुक्त ऋतुराज रघुवंशी ने समस्त जोन आयुक्त और बाढ़ राहत आपदा टीम को बारिश के दौरान अलर्ट रहने के साथ ही वार्डों का निरीक्षण कर जल जमाव और निकासी की समस्या का त्वरित निराकरण के करने निर्देश दिए हैं। आयुक्त के निर्देशानुसार जोन और निगम मुख्यालय के स्वास्थ्य विभाग की टीम ने वार्डों का निरीक्षण कर नाला-नालियों की सफाई किया। जोन-4 के स्वच्छता निरीक्षक महेश पाण्डेय ने बताया कि सफाई कर्मी सुबह से ही वार्डों की निकासी व्यवस्था का निरीक्षण के साथ ही नालियों में फंसे पालीथिन, थर्माकोल, प्लास्टिक के कचरे को निकालने का कार्य किया। इससे कहीं पर भी जाम की स्थिति नहीं बनी। स्वास्थ्य विभाग की टीम ने वार्ड 29-30 सिगड़ी मोहल्ला पुलिया, प्रगति मार्केट पुलिया, वार्ड-31 बड़े नाला पुलिया, वार्ड 38 के तेलहा नाला पुलिया, आरएसएस मार्केट, छावनी शंकर नगर, मंगल बाजार बापूनगर पुलिया, वार्ड-33 में बैक लाइन की सफाई और वार्ड 32 सरदार मोहल्ला सहित निचली बस्तियों का निरीक्षण का निरीक्षण किया। इन इलाकों में कहीं पर भी जलभराव की स्थिति निर्मित नहीं हुई है।
जोन-1 की टीम ने आकाश गंगा, दक्षिण गंगोत्री सुपेला, सुपेला थाना के सामने बैंक लाईन, सुधीर एक्सरे से टाटा मोटर्स तक, निजामी चौक से लक्ष्मी मार्केट पुलिया, राजीव नगर से रमन मोहल्ला, पीली मिट्टी चौक, संजय नगर नाला, कुम्हार पारा से टाटा मोटर्स, अग्रसेन सेन चौक से केपीएस स्कूल तक, सिरसा रोड से रानी अवंती बाई चौक से नाला और जुनवानी रोड रानी अवंती बाई चैक से सूर्या रेसीडेंट के किनारा तक बड़े नाला से कचरा निकालने का कार्य किया।
जोन-2 के सहायक स्वच्छता अधिकारी अनिल मिश्रा की टीम ने इंदू आईटी नाला, नकटा तालाब, शांतिनगर बड़े नाला, कुरूद बाजार, गोल मार्केट, घासीदास नगर मार्केट की नालियों में फंसे पालीथिन, प्लास्टिक और कचरे की सफाई कर निकासी व्यवस्था बनाई। जोन-3 की टीम ने चंद्रा मौर्या अंडरब्रिज, संतोषी पारा नाला, तेलहा नाला, कर्मा काॅलोनी, श्याम नगर तालाब के किनारे नाला का जायजा लिया। जहां बिना किसी अवरोध के बारिश का पानी बहाव हो रहा था। कहीं भी जाम की स्थिति नहीं बनीं।
दुर्ग / शौर्यपथ / जिला कलेक्टर सर्वेश्वर नरेन्द्र भूरे ने लगातार हो रही बारिश को देखते हुये निगम आयुक्त इंद्रजीत बर्मन व स्वास्थ्य अधिकारी के साथ नीचली बस्तियों का भ्रमण कर वहाॅ की स्थिति का जायजा लिया। उन्होनें निगम के बाढ़ नियंत्रण कक्ष की जानकारी ली तथा वहाॅ सभी रेस्क्यू दल के सदस्यों को अलर्ट रहने निर्देश दिये।
विदित हो कि तीन, चार दिनों से लगातार हो रही बारिश के चलते पूरा शहर पानी-पानी हो गया है। निगम के बाढ़ नियंत्रण कक्ष में अब तक किसी भी प्रकार से जलभराव की स्थिति की सूचना प्राप्त नहीं हुई है। आयुक्त श्री बर्मन के मार्गदर्शन में बाढ़ नियंत्रण कक्ष में अधिकारियों, कर्मचारियों की ड्यूटी लगायी गयी है। इसके अलावा स्वास्थ्य विभाग का अमला शहर के अनेक वार्डो में जलभराव वाले स्थानों पर मिट्टी मलमा व झाड़ियों का काट कर पानी निकासी की व्यवस्था की है।
लगातार हो रही बारिश को देखते हुये जिला कलेक्टर भूरे शाम 6.00 बजे शहर के अनेक इलाकों का भ्रमण करते हुये शंकर नगर में शंकर नाला की स्थिति का जायजा लिया। दुर्गा चैक के आगे शितला मंदिर के पास व आगे की तीन गलियों में शंकर नाला का पानी भर गया है। चूंकि बारिश का पानी धीरे-धीरे गिरने के कारण नाला में पानी का बहाव तेजी से हो रहा है और पानी उतर रहा है। जिला कलेक्टर ने आयुक्त को निर्देशित करते हुये कहा अपने रेस्क्यू दल के सदस्यों को अलर्ट रहने कहें। साथ ही बाढ़ नियंत्रण दल के प्रभारी व अधिकारी शंकर नाला में जलभराव की स्थिति पर नजर रखें। किसी भी प्रकार से पानी का भराव होने की स्थिति में प्रभावितों के लिए पहले से व्यवस्था करने निर्देश दिये। उन्होनें कहा बाढ़ पर निगरानी रखें और आवश्यक होने पर प्रभावितों को राहत पहुॅचाया जाए।
बेमेतरा / शौर्यपथ / कुछ दिनों पूर्व नवागढ़ जनपद पंचायत अंतर्गत सरपंच संघ का चुनाव सपंन्न हुआ, जिसमें स्वतंत्र चुनाव लड़ रहे बोरदेही सरपंच अरविंद कुमार कुर्रे ने जीत दर्ज की, वही भाजपा एवं कांग्रेस के समर्थन में चुनाव लड़ रहे सरपंचों को हार का सामना करना पड़ा। इस तरह से सरपंच संघ ने दलीय राजनीति से परे स्वतंत्र प्रत्याशी को अध्यक्ष पद की कमान सौंपी है।
भारतीय जनता पार्टी ने मण्डल अध्यक्ष चन्द्रपाल साहू, पूर्व जनपद उपाध्यक्ष देवादास चतुर्वेदी, मण्डल महामंत्री मिंटू बिसेन,सुरेश साहू एवं भाजयुमो जिला महामंत्री बबलू राजपूत,विजय वर्मा अमलडीहा सहित भाजपाई सरपंचों ने ग्राम पंचायत परसदा के सरपंच राजेश साहू को समर्थन देकर मैदान में उतारा था, तो वही कांग्रेस के ब्लॉक अध्यक्ष सुशील साहू एवं शक्तिधर दीवान ने भीमपुरी सरपंच रामभजन साहू को समर्थन दिया था। तो वही पूर्व मंत्री डीडी बघेल ने भी आतंरिक रूप से रामभजन को समर्थन दिया था।
चुनाव में अरविंद कुर्रे 46 मतों के साथ पहले, भाजपा समर्थित राजेश साहू जहां 109 मतों में 34 मतों के साथ दूसरे स्थान पर रहे तो वही रामभजन मात्र 27 मतों के साथ तीसरे स्थान पर खिसक गये। इस तरह से राजनीतिक दलों के सहयोग के बिना ही अरविंद कुर्रे सरपंच संघ के अध्यक्ष बने। हालांकि क्षेत्रीय विधायक इस चुनाव से दूर रहे।
अरविंद कुर्रे ने कहा कि यह जीत उन्हें साथी सरपंचों के आशीर्वाद से मिली है। आगे सरपंचों के हक एवं न्याय के लिए आवाज बुलंद करेंगे। हालांकि उन्होंने चुनाव उन्होंने स्वत्रंत लड़ा है लेकिन वे क्षेत्रीय विधायक गुरूदयाल बंजारे के साथ तालमेल बैठाकर उनके मार्गदर्शन में कार्य करेंगे।
दुर्ग / शौर्यपथ / दुर्ग जिले सहित प्रदेश में कोरोना संक्रमित मिलने का सिलसिला लगातार बढ़ रहा है . आज जिला न्यायालय दुर्ग में ५ कोरोना संक्रमित मिलने के कारण दुर्ग जिला न्यायालय को अगले तीन दिनों के लिए सील कर दिया गया है . २८ अगस्त से ३० अगस्त तक सील किये जाने के कारण अब दुर्ग न्यायालय में सिर्फ रिमांड कोर्ट रूम ही खुले रहेंगे .
दुर्ग न्यायालय परिसर में पार्किंग स्थल पर अधिवक्ताओ के लिए अस्थाई बनाए गए शेड को भी इन तीन दिनों के लिए सील कर दिया गया है . अधिवक्ता संघ दुर्ग ने जानकारी दी है कि आज दिनांक २८ अगस्त को लगने वाली बेल एप्लीकेशन की अगली सुनवाई १ सितम्बर होगी ततः रिमांड कौर्ट में जाने वाले अधिवक्ताओ को सोशल डिस्टेंस का पालन करना होगा .
भिलाई। शौर्यपथ । भिलाई में बैठकर महाराष्ट्र में सट्टे के कारोबार का आपरेट करने वाले पांच लोगों को स्मृति नगर से स्मृति नगर पुलिस ने गिरफ्तार किया है। प्राप्त जानकारी के अनुसार स्मृति नगर के एक मकान में नए-नए लोगों का आना-जाना लगा रहता है। पुलिस को यहां सट्?टे का कारोबार संचालित होने की जानकारी मिली थी। बुधवार की सुबह टीम ने मकान में दबिश दी। यहां से आरोपी शहबाज खान , योगेश तीरथ, समीउद्दीन, ललित, नरेश खेताम नाम के युवकों को पकड़ा। आरोपियों ने बताया कि चोरी-छुपे ऑनलाइन वेबसाइट के जरिए सट्टे का नेटवर्क चला रहे थे। पुलिस ने मकान से लैपटॉप, मोबाइल वगैरह बरामद की है। इन लोगों ने लॉकडाउन और अनलॉक के माहौल के बीच सट्टे बाजों ने ऑनलाइन अपने अवैध कारोबार की जड़ें मजबूत कर लीं थी। इन लोगों ने न केवल भिलाई में ही बल्कि पूरे छत्तीसगढ़ में सट्टे का धंधा फैला रखा था, बल्कि नागपुर शहर के जरिए महाराष्ट्र के लोग को भी जोड़कर लाखों रुपए के दांव लगाया करते थे। पुलिस ने भिलाई के स्मृति नगर इलाके से 5 युवकों को इस केस में पकड़ा है।
दुर्ग । शौर्यपथ । नगर पालिक निगम दुर्ग द्वारा शहर में विकास कार्य प्रारंभ करने की प्रक्रिया तेज कर दी है। इसके अंतर्गत ठगड़ाबांध पार में बसे लोगों को बोरसी स्थित प्रधानमंत्री आवास में विस्थापित कर ठगड़ाबांध का सौंदर्यीकरण कार्य को शुरु किया जाना है। ठगड़बांध में गहरीकरण कर यहाॅ बच्चों के लिए प्ले मैदान, गाड्रन, मल्टीपरपस हाल, वाॅटर व्यू, मैरिज पैलेस बोटिंग, और आईसलैण्ड विकसित किया जाना प्रस्तावित है। इसके लिए आज निगम आयुक्त इंद्रजीत बर्मन द्वारा विभागीय अधिकारियों की बैठक लेकर चर्चा किये एवं आवश्यक निर्देश दिये। बैठक में एडीएम खेमलाल वर्मा, तहसीलदार पार्वती पटेल, निगम अधिकारी जगदीश केशरवानी, ए0आर0 रहंगडाले, गिरीश दीवान व अन्य उपस्थित थे। उल्लेखनीय है कि शहर में होने वाले विकास कार्य कोरोना काल के कारण थम सा गया गया था । जिसे पुनः प्रारंभ कर नगर पालिक निगम दुर्ग ने प्रक्रिया तेज कर दी है। इस संबंध में आज आयुक्त बर्मन द्वारा जिला प्रशासन के एसडीएम और तहसीलदार तथा निगम अधिकारियों के साथ बैठक कर विकास कार्य की शुरुआत पर चर्चा की। उन्होनंे ठगड़बांध सौदर्यीकरण कार्य के तहत् बांध से पानी खाली कराना, बांध पार में बसे लोगों को बोरसी प्रधानमंत्री आवास में शिफ्ट कराया जाना है। उन्होनें बताये ठगड़बांध पार के लोगों को बोरसी में प्रधानमंत्री आवास आबंटित किया गया है । उन्हें 15 सितंबर तक ठगड़ाबांध क्षेत्र को खाली करने आवास मंें सूचना नोटिस दिया जा चुका है। उन्होनें कहा 16 सितंबर से ठगड़ाबांध के अतिक्रमण को हटाकर विकास कार्य प्रारंभ किया जावेगा । उन्होनें अधिकारियों से कहा ठगड़बांध के जिन लोगों ने भी अब तक आवास के लिए आवेदन नहीं दिये हैं वे 15 सितंबर के पूर्व अपना आवेदन देकर आवास आबंटन प्राप्त कर लेवें। इस संबंध में आयुक्त के निर्देशानुसार आम सूचना सभी शासकीय विभाग और कार्यालयों में सूचना नोटिस चस्पा कर दिया गया है।
बेमेतरा। शौर्यपथ । अखिल भारत हिंदू महासभा के राष्ट्रीय अध्यक्ष स्वामी चक्रपाणि जी महाराज ने श्री अमित शाह जी माननीय गृह मंत्री भारत सरकार नई दिल्ली को कोरोना के दृष्टिगत जेल में बंद 85 वर्ष के वयोवृध्द संत श्री आसाराम बापू जी को तत्काल रिहा करने हेतु ज्ञापन पत्र सौंपा। और स्वामी चक्रपाणि जी ने पत्र के माध्यम से बताया सनातन धर्म के संत महापुरुषों ने जो विश्व को मानवता एवं वसुधैव कुटुम्बकम् का मंत्र देकर भारत को विश्वगुरु पद पर प्रतिष्ठित किया। उसी परंपरा के वयोवृद्ध तपस्वी संत श्री आसाराम जी बापू जिन्होंने पूरा जीवन सनातन धर्म के उत्थान में लगाया । यह सर्वविदित है कि भारत प्राचीन काल से एक ऋषि एवं कृषि प्रधान देश रहा है लेकिन यह बहुत ही दुर्भाग्य हैं कि देश की आजादी के बाद हिंदू संतों का एक अंतरराष्ट्रीय साजिश के तहत कानून की आड़ में न सिर्फ उत्पीड़न किया गया बल्कि टी.वी. फिल्मों के माध्यम से भी संत परंपरा एवं आश्रम को दुष्टावरित करने को असफल प्रयास किया जाता रहा है । इसके बावजूद संत समाज इस देश की सेवा एवं विश्व कल्याण की भावना से मानवतावादी कार्य को आगे बढ़ाता रहा है । इसी कड़ी में हम आपको बताना चाहते हैं कि वयोवृद्ध तपस्वी संत श्री आसाराम बापू जी ने किस प्रकार से जन कल्याणकारी कार्य किए हैं जैसे सभी प्रकार की नशाबंदी, स्वच्छता अभियान, महिलाओं का उत्थान, वृक्षारोपण, किन्नरों का सम्मान, रक्तदान, नेत्रदान, देहदान, एवं देश के युवक युवतियों का चारित्रिक निर्माण एवं सेवा का जो अतुलनीय कार्य किया गया है यह अति सराहनीय है । इस कोरोना काल में भी इनके प्रेरणा से इनके लाखों शिष्यों द्वारा गरीब जरूरतमंदों को भोजन, कपड़ा, मकान, शिक्षा, चिकित्सा एवं हर प्रकार से जो जन कल्याणार्थ कार्य किया जा रहा है वह अपने आप में अतुलनीय हैं । संत श्री आसाराम जी बापू जी द्वारा जाति, क्षेत्र लिंग आदि से ऊपर उठकर जो मानवता की सेवा किया गया है । यह देश के लिये गौरवान्वित करने वाला है । यह सर्वविदित हैं की कोरोना काल के दृष्टिगत विश्व के अनेक देशों जैसे अमेरिका, ईरान, आदि जेलों में बंद लोगों को रिहा किया गया । भारत में भी सर्वोच्च न्यायालय ने जेलों में बंद लोगों की सुरक्षा रिहाई एवं जमानत पर सकारात्मक टिप्पणी किया है। अतः आपसे मेरा नम्र निवेदन है कि ऐसे विलक्षण पूज्य तपस्वी संत श्री आसाराम जी बापू ने जो इतने कम समय में हजारों वर्षों के बराबर सर्वागीण क्षेत्रों में अतुलनीय कार्य किया है को तत्काल ससम्मान रिहा किया जाये । इस हेतु सरकार की तरफ से ठोस कदम उठाया जाना देश व समाज के लिये अति आवश्यक हैं ताकि इस कोरोना काल में पूज्य संत अपने शिष्यों व भक्तों के साथ देश व मानवता की सेवा में और गति दे सकें । हमें आशा ही नही बल्कि पूर्ण विश्वास है कि इनकी रिहाई देश एवं समाज के लिए मंगलकारी होगा । धन्यवाद इस ज्ञापन के लिए विश्व के हरिओम साधक परिवार की ओर से अखिल भारतीय हिंदू महासभा के राष्ट्रीय अध्यक्ष स्वामी चक्रपाणि जी महाराज का युवा सेवा संघ जिला बेमेतरा अध्यक्ष सोनू साहू ने हृदय से खूब-खूब साधुवाद अभार वक्त किया ।
*- शास्त्री अस्पताल, सुपेला के औचक निरीक्षण पर पहुंचे कलेक्टर डाॅ. सर्वेश्वर नरेंद्र भुरे, सफाई व्यवस्था की बदहाली पर जताई सख्त नाराजगी*
दुर्ग । शौर्यपथ । कलेक्टर डाॅ. सर्वेश्वर नरेंद्र भुरे आज औचक निरीक्षण के लिए सुपेला स्थित शास्त्री अस्पताल पहुंचे। यहां उन्होंने साफ-सफाई और अस्पताल की व्यवस्था से सख्त नाराजगी जताई। उन्होंने कहा कि दुर्ग जिले का यह सबसे महत्वपूर्ण अस्पताल है लेकिन प्रबंधन द्वारा साफसफाई पर एकदम लचर रवैया अख्तियार किया गया है। टायलेट गंदे हैं। कई जगहों पर पान के पीक से दीवारें रंगी हैं। यह बिल्कुल ही लापरवाह व्यवस्था है। एक सप्ताह के भीतर साफ-सफाई की व्यवस्था मुकम्मल करें, अगले हफ्ते इसी समय पुनः आउंगा। सफाई की ऐसी स्थित कतई बर्दाश्त नहीं की जाएगी। कलेक्टर के दौरे के दौरान नगर निगम कमिश्नर श्री ऋतुराज रघुवंशी, सिविल सर्जन डा. बालकिशोर सहित अन्य अधिकारी भी उपस्थित थे। कलेक्टर ने अस्पताल प्रबंधन को कहा कि अस्पताल की बेहतरी के लिए डीएमएफ द्वारा सहयोग प्रदाय किया गया है। समय-समय पर हमेशा इस बाबत समीक्षा की जाती है कि अस्पताल की बेहतरी के लिए हम किस तरह से सहयोग कर सकते हैं लेकिन इसके बावजूद भी अस्पताल में प्रभावी व्यवस्था का नजर नहीं आना प्रबंधन की लापरवाही दिखा रहा है। यह व्यवस्था ठीक होनी चाहिए। उन्होंने कहा कि साफ-सफाई के लिए यदि मौजूदा व्यवस्था सक्षम नहीं हो पा रही है तो इसकी वैकल्पिक व्यवस्था की जाएगी। उन्होंने कल ही जीवनदीप समिति की बैठक आहूत करने के बारे में कहा। कलेक्टर ने कहा कि डीएमएफ के माध्यम से अधोसंरचना मद में पर्याप्त फंड उपलब्ध कराया गया है। अस्पताल में आधारिक संरचना अच्छी है इसका प्रभावी लाभ मरीजों को मिलना चाहिए। अस्पताल के बेहतर संचालन के लिए और मरीजों को सुविधाएं मुहैया कराने में जीवनदीप समिति की प्रभावी भूमिका हो सकती है इसकी राशि का प्रयोग करें। कलेक्टर ने सुपेला अस्पताल में काम कर रहे चिकित्सकों तथा स्टाफ की विस्तृत जानकारी भी ली। उन्होंने प्रभारी अधिकारी से यहां कार्यरत लोगों की पदस्थापना अवधि के संबंध में आज ही शाम को जानकारी देने के लिए कहा। *कोविड को लेकर हो प्रभावी रिस्पांस-* कलेक्टर ने फीवर क्लीनिक, लैंब, मार्च्यूरी भी देखा। उन्होंने कहा कि फीवर क्लीनिक के संबंध में जो निर्देश पूर्व की बैठकों में दिये गए हैं। उनका प्रभावी रूप से पालन होना चाहिए। कोविड को लेकर जो प्रोटोकाल बताये गए हैं उनके मुताबिक ही काम हो। शवों को परिजनों को सौंपने के मामले में किसी तरह का विलंब नहीं हो। उन्होंने कहा कि कोविड से जुड़े हुए किसी भी तरह के कार्य में किसी तरह का विलंब नहीं होना चाहिए। शास्त्री अस्पताल में काफी संख्या में मरीज आते हैं इसके मुताबिक प्रभावी व्यवस्था सुनिश्चित करना प्रबंधन की जिम्मेदारी है। *कबाड़ को लेकर जताई नाराजगी-* कलेक्टर ने अस्पताल परिसर में कबाड़ के यत्रतत्र रखे जाने को लेकर भी गहरी नाराजगी जताई। उन्होंने कहा कि प्रबंधन को यह सब देखना चाहिए। अस्पताल परिसर में सफाई सबसे अहम होती है। मरीजों की बेडशीट उनको दी जाने वाली अन्य सुविधाओं पर प्रबंधन प्रभावी रूप से निगरानी रखे।
दुर्ग /शौर्यपथ/ धान की फसल जिले की मुख्य खरीफ फसल है। वर्तमान में कृषि क्षेत्र में आयी गति को दृष्टिगत रखते हुए कीट प्रबंधन इसका मुख्य हिस्सा है। धान की फसल को बचाने एवं कीट प्रबंधन के संबंध में कृषि विभाग द्वारा रोग प्रबंधन और निदान के उपाय जारी किये गए है। धान की फसल में कीट और रोग प्रबंधन एक आवश्यक कार्य होता है किसानों को अपने द्वारा लगाई गई फसल का लगातार निरीक्षण करते रहना चाहिए। साथ ही कीट एवं रोग प्रबंधन के उपाय समय समय पर करते रहना चाहिए। किसान समन्वित कीट एवं रोग प्रबंधन कर पौधों की संरक्षण कर अधिकतम उत्पादन प्राप्त कर सकते है। इसके लिए नियमित रूप से फसल का अवलोकन करते रहना चाहिए। जिससे की कीट एवं रोग का प्रारंभिक अवस्था में प्रबंधन व नियंत्रण किया जा सके। भूरा माहो एवं बंकी के नियंत्रण हेतु 24 घंटे के लिए पानी की निकासी करने से कीट नियंत्रण में सहायता मिलती है। खेत के बीच में अलग-अलग जगह ‘टी‘ आकर की खूटियां लगानी चाहिए, जिस पर पक्षी बैठकर हानिकारक कीटों को खा सके। धान की फसल पर रस्सी को दोनों किनारों से पकड़ कर घूमाना चाहिए जिस पर पक्षी बैठकर हानिकारक कीटों को खा सके। कीटों की निगरानी व नियंत्रण हेतु प्रकाश प्रपंच, फेरोमान प्रपंच तथा पीले चिपचिपे प्रपंच करना चाहिए। अनुसंशित मात्रा में रसायनिक खाद उपयोग करना चाहिए। अत्याधिक व अनावश्यक नत्रजन के उपयोग से रसचूचक कीट के आक्रमण की संभावना बढ़ जाती है। फसलों पर पाए जाने वाले लक्षण के आधार पर कीट एवं रोग प्रबंधन करनी चाहिए। *कीट /रोग, लक्षण के आधार पर रसायनिक दवा की मात्रा -* *कीट*-तना छेदक (5 प्रतिशत प्रभावित कंसा) *लक्षण* -इस कीट की सुंडी अंडों से निकालकर मध्य कलकाओं की पत्ती में छेद कर अंदर घुस जाती है तथा तने को नुकसान पहुंचाती हैं, जिससे बालियां नहीं निकलती है। बाली अवस्था में प्रकोप होने पर बालियां सूखकर सफेद हो जाती हैं तथा दाने नहीं बनते हैं। *प्रति एकड़ दवा की मात्रा*-करटॉप हाइड्रोक्लोराइड 4 जी, 8 किलोग्राम, करटॉप हाइड्रोक्लोराइड 50 एसपी, 200 ग्राम, ट्राईजोफास 25, 400-500 मिली, फ्लूबेनडियामाइड 30-35, एस.सी 70 ग्राम का उपयोग करना चाहिए। *कीट / रोग का नाम* - पत्ती लपेटक (चितरी) (2 प्रभावित पत्ती हील) *लक्षण*- इस कीट की सुंडियां पहले मुलायम पत्तियों को खाती है तथा अपनी लार द्वारा रेशमी धागा बनाकर पत्तियों को किनारे से मोड़ देती है यह प्रकोप को सितंबर माह में अधिक देखा जा सकता है। *प्रति एकड़ रासनायिक दवा की* मात्रा-फोसालोंन, ट्राईजोफास, लेम्ब्डा साईंलोथ्रिरीन 20 ई.सी, 400 मिली करटॉप हाइड्रोक्लोराइड 50 प्रतिशत एसपी, 200 ग्राम ,फ्लूबेनडियामाईड 32-35 प्रतिशत एससी 70 ग्राम का उपयोग करना चाहिए। *कीट /रोग का नाम* - भूरा माहो कीट (5-10 कीट प्रति पौधा) *लक्षण*- इस कीट के प्रौढ भूरे रंग के होते हैं ये पत्तियां एवं कल्लों के मध्य रस चूसकर हानि पहुंचाते हैं। अधिक प्रकोप होने पर फसल में अलग-अलग पैच में पौधे काले होकर सूखने लगते हैं जिसे हापर बर्न भी कहते हैं। *प्रति एकड़ रासनायिक दवा की मात्रा*- इमिडाक्लोप्रिड 17.8 प्रतिशत एसएल, 80-100 मिली बिफेनथ्रिन, 10 प्रतिशत ई.सी. 100 मिली फेनोब्यूकार्न, 50 ई.सी. 400-500 मिली ब्यूप्रोफेजिन 25 प्रतिशत डब्लुपी 120-200 मिली का उपयोग करना चाहिए। *कीट /रोग का नाम* - ब्लास्ट रोग (5-10 प्रतिशत ग्रसित पत्ती) *लक्षण*- पत्तियों पर आंख के आकार के जंग युक्त भुरे धब्बे इस रोग के प्रमुख लक्षण हैं। *प्रति एकड़ रासनायिक दवा की मात्रा*- ट्राईसाईक्लोजोल 75 प्रतिशत डब्लूपी 120 ग्राम कीटाजीन 250 मिली हेकजोकोनजोल 5 प्रतिशत ई.सी 500 ग्राम का उपयोग करना चाहिए। *कीट /रोग का नाम* - शीथ ब्लास्ट 10 प्रतिशत ग्रसित कंसा *लक्षण-* पौधे के आवरण पर अंडाकार स्लेट धब्बा पैदा होता है एवं भूरे रंग के रोगी स्थान बनते हैं। बाद में में ये तनों को चारों और घेर लेते हैं। *प्रति एकड़ रासनायिक दवा की मात्रा*- कार्बेडाजिम 50 प्रतिशत डब्लू पी 500 ग्राम, हेक्जकेनाजोल 5 प्रतिशत ईसी 1 लीटर 500 मिली का उपयोग करना चाहिए। *कीट / रोग का नाम*- जीवाणु जनित पर्ण झुलसा रोग *लक्षण*- पत्तियों पर पीली या पुआल के रंग का लहरदार धारियाँ बनती है तथा सिरे से शरू होकर नीचे की ओर बढ़ती है और पत्तियां सूख जाती है। *प्रति एकड़ रासनायिक दवा की मात्रा*-स्ट्रेटोंमाईसीन सल्फेट 90 प्रतिशत और टेट्रासाईक्लीन हाइड्रोक्लोरोड 10 प्रतिशत 15 ग्राम का उपयोग करना चाहिए।
*- नाबार्ड के अधिकारियों के साथ जिला प्रशासन की बैठक में बनाई गई रणनीति* *- एफपीओ के प्रमोशन के लिए क्रेडिट गारंटी मिलेगी, इसके माध्यम से एफपीओ खर्च कर पाएगा, इसका उद्देश्य सीमांत और छोटे किसानों को सामूहिकता की ताकत देना ताकि आधुनिक तकनीक और बड़े बाजार तक अपनी पकड़ बना सकें*
दुर्ग । शौर्यपथ । देश भर में सीमांत और छोटे किसानों को जोड़कर एफपीओ बनाने के लिए प्रेरित करने की दिशा में पहल की जा रही है। दुर्ग जिले में इस संबंध में कलेक्टर डाॅ. सर्वेश्वर नरेंद्र भुरे की अध्यक्षता में जिला प्रशासन के अधिकारियों के साथ नाबार्ड के अधिकारियों की बैठक हुई। बैठक में किसानों की कंपनी की संभावनाओं के संबंध में विस्तृत चर्चा की गई। कलेक्टर डाॅ. भुरे ने कहा कि हार्टिकल्चर और मत्स्यपालन में जिले में बड़ी संभावनाएं हैं। उद्यानिकी में केला, पपीता और ड्रैगन फ्रूट जैसी फसल किसान बड़ी मात्रा में लेते हैं। अगर किसानों को एफपीओ के माध्यम से संगठित किया जाए तो उन्हें एफपीओ को मिलने वाली सरकारी मदद मिल सकती है ताकि वे अपनी खेती को भी बेहतर तरीके से कर सकें और अपने उत्पादों के लिए भी बेहतर बाजार तय कर सकें। बैठक में नाबार्ड के प्रबंधक श्री बारा ने विस्तार से इस संबंध में जानकारी दी। बैठक में जिला पंचायत सीईओ श्री सच्चिदानंद आलोक, डीडीए श्री अश्विनी बंजारा, डीडी वेटरनरी श्री एमके चावला सहित अन्य अधिकारी मौजूद थे। *हार्टिकल्चर और मत्स्यपालन पर दें विशेष ध्यान-* कलेक्टर ने कहा कि हार्टिकल्चर से जुड़े किसान यदि कंपनी के माध्यम से जुड़ जाते हैं तो उनके लिए काफी अच्छी संभावनाएं बनेंगी। इस तरह के उत्पाद के एक जगह मिल जाने से इनकी प्रोसेसिंग से जुड़ी कंपनियां बल्क में खरीदी कर सकेंगी। चूंकि सरकार द्वारा एफपीओ को स्थापित करने में बड़ा सहयोग दिया जाएगा अतः किसानों के लिए भी यह अच्छा अवसर रहेगा। इस दिशा में काम करें। उन्होंने कहा कि मत्स्यपालन में जिले में बड़ी संभावनाएं हैं जहां कहीं भी वाटर बाडी है वहां इस तरह का काम होना चाहिए। साथ ही एफपीओ में जोड़ने की कोशिश होनी चाहिए। *क्या फायदा होगा एफपीओ से-* कोई सीमांत किसान यदि खेती करता है तो कुछ सीमाएं हैं जिसकी वजह से उसे पूरा लाभ नहीं मिल पाता। इसके लिए उसे कल्टीवेटर चाहिए, कंबाइन हार्वेस्टर चाहिए, टिलर चाहिए। उद्यानिकी फसलों के लिए उसे स्प्रिंकलर सेट की जरूरत पड़ेगी। अकेले इसका खर्च वहन करना कठिन होता है। अब मान लीजिए कि वो किसी फार्मर प्रोड्यूसिंग कंपनी का हिस्सा बन जाता है तो यह कंपनी उसे तकनीकी साधन मुहैया कराएगी। चूंकि इसके लिए शासन द्वारा कंपनी को क्रेडिट गारंटी मिलती है अतएव कंपनी स्वयं अपने खर्च से यह तकनीकी साधन क्रय कर सकती है। दूसरा बड़ा सहयोग किसान को यह मिलेगा कि कंपनी उसके लाजिस्टिक का कुछ खर्च भी वहन कर सकती है क्योंकि कंपनी द्वारा बहुत से किसानों के उत्पाद को बल्क मात्रा में मार्केट में पहुंचाया जा रहा है। तीसरा बड़ा सहयोग बाजार को लेकर मिल पाएगा। कंपनी बाजार का चिन्हांकन करेगी तथा अधिक मात्रा में सप्लाई होने की वजह से किसान को अच्छा रेट भी मिल पाएगा जो चिल्हर की वजह से नहीं मिल पाता है।
Feb 09, 2021 Rate: 4.00
