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धर्म संसार / शौर्यपथ / प्रभु यीशु के जन्म की ख़ुशी में मनाया जाने वाला क्रिसमस का त्योहार पूरी दुनिया में मनाया जाता है। यह त्योहार कई मायनों में बेहद खास है। क्रिसमस को बड़ा दिन, सेंट स्टीफेंस डे या फीस्ट ऑफ़ सेंट स्टीफेंस भी कहा जाता है। प्रभु यीशु ने दुनिया को प्यार और इंसानियत की शिक्षा दी। उन्होंने लोगों को प्रेम और भाईचारे के साथ रहने का संदेश दिया। प्रभु यीशु को ईश्वर का इकलौता प्यारा पुत्र माना जाता है। इस त्योहार से कई रोचक तथ्य जुड़े हैं। आइए जानते हैं इनके बारे में।
क्रिसमस ऐसा त्योहार है जिसे हर धर्म के लोग उत्साह से मनाते हैं। यह एकमात्र ऐसा त्योहार है जिस दिन लगभग पूरे विश्व में अवकाश रहता है। 25 दिसंबर को मनाया जाने वाला यह त्योहार आर्मीनियाई अपोस्टोलिक चर्च में 6 जनवरी को मनाया जाता है। कई देशों में क्रिसमस का अगला दिन 26 दिसंबर बॉक्सिंग डे के रूप मे मनाया जाता है। क्रिसमस पर सांता क्लॉज़ को लेकर मान्यता है कि चौथी शताब्दी में संत निकोलस जो तुर्की के मीरा नामक शहर के बिशप थे, वही सांता थे। वह गरीबों की हमेशा मदद करते थे उनको उपहार देते थे। क्रिसमस के तीन पारंपरिक रंग हैं हरा, लाल और सुनहरा। हरा रंग जीवन का प्रतीक है, जबकि लाल रंग ईसा मसीह के रक्त और सुनहरा रंग रोशनी का प्रतीक है। क्रिसमस की रात को जादुई रात कहा जाता है। माना जाता है कि इस रात सच्चे दिल वाले लोग जानवरों की बोली को समझ सकते हैं। क्रिसमस पर घर के आंगन में क्रिसमस ट्री लगाया जाता है। क्रिसमस ट्री को दक्षिण पूर्व दिशा में लगाना शुभ माना जाता है। फेंगशुई के मुताबिक ऐसा करने से घर में सुख समृद्धि आती है। पोलैंड में मकड़ी के जालों से क्रिसमस ट्री को सजाने की परंपरा है। मान्यता है कि मकड़ी ने सबसे पहले जीसस के लिए कंबल बुना था।
राष्ट्रपति की बस्तर दशहरा एवं मुरिया दरबार में सहभागिता प्रदेश के लिए गौरव का अवसर : मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय
रायपुर / शौर्यपथ / राष्ट्रपति श्रीमती द्रौपदी मुर्मु के आज रायपुर आगमन पर स्वामी विवेकानंद विमानतल में राज्यपाल श्री रमेन डेका और मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय ने आत्मीय स्वागत किया।
मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय ने प्रभु श्रीराम के ननिहाल और माता कौशल्या की पावन धरा छत्तीसगढ़ में राष्ट्रपति श्रीमती मुर्मु का समस्त प्रदेशवासियों की ओर से हार्दिक स्वागत एवं अभिनंदन किया।
मुख्यमंत्री ने कहा कि ऐतिहासिक बस्तर दशहरा एवं मुरिया दरबार में राष्ट्रपति श्रीमती मुर्मु की सहभागिता छत्तीसगढ़ के लिए गौरव का अवसर है। उनकी उपस्थिति से प्रदेश की समृद्ध जनजातीय संस्कृति और गौरवशाली परंपराओं का मान बढ़ेगा तथा विकसित छत्तीसगढ़ के संकल्प को नई ऊर्जा मिलेगी। समाचार को बेहतरीन हेड लाइन सहित प्रभावशाली स्वरुप में बनाये
नवा रायपुर में प्रथम क्षेत्रीय कार्यशाला का शुभारंभ, नगरीय विकास के लिए दो महत्वपूर्ण एमओयू पर हस्ताक्षर
रायपुर / शौर्यपथ / मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने कहा कि विकसित भारत और विकसित छत्तीसगढ़ के निर्माण में शहरों की भूमिका अत्यंत महत्वपूर्ण है। शहर केवल आवास और नागरिक सुविधाओं के केंद्र नहीं, बल्कि उद्योग, व्यापार, रोजगार और आर्थिक गतिविधियों के प्रमुख आधार भी हैं। इसलिए छत्तीसगढ़ के शहरों का विकास वर्तमान आवश्यकताओं तक सीमित न रहकर आने वाले दशकों की जरूरतों के अनुरूप सुनियोजित, समावेशी और टिकाऊ होना चाहिए। मुख्यमंत्री ने यह बात नवा रायपुर स्थित मेफेयर लेक रिजॉर्ट में आयोजित अर्बन चैलेंज फंड (यूसीएफ) एवं अर्बन इन्वेस्ट विंडो (यूआईविन) विषयक प्रथम क्षेत्रीय कार्यशाला का शुभारंभ करते हुए कही। कार्यशाला का आयोजन आवासन एवं शहरी विकास निगम (हुडको) तथा छत्तीसगढ़ शासन के नगरीय प्रशासन एवं विकास विभाग के संयुक्त तत्वावधान में किया गया।
मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में देश में शहरी विकास को नई दिशा और गति मिली है। अर्बन चैलेंज फंड नगरीय निकायों के लिए आधुनिक, सुविधासंपन्न और आर्थिक रूप से सशक्त शहर विकसित करने का महत्वपूर्ण अवसर है। निकायों को इस अवसर का अधिकतम लाभ उठाते हुए ऐसी गुणवत्तापूर्ण परियोजनाएं तैयार करनी चाहिए, जिनसे नागरिकों का जीवन बेहतर हो और शहरों की अर्थव्यवस्था को मजबूती मिले।
नगरीय विकास के लिए दो महत्वपूर्ण समझौते
कार्यशाला के दौरान नगरीय विकास, वित्तीय संसाधनों के बेहतर प्रबंधन तथा निकायों की तकनीकी एवं संस्थागत क्षमता बढ़ाने के लिए दो महत्वपूर्ण समझौता ज्ञापनों (एमओयू) पर हस्ताक्षर किए गए। पहला समझौता हुडको और छत्तीसगढ़ शासन के नगरीय प्रशासन एवं विकास विभाग के बीच तथा दूसरा नगरीय प्रशासन एवं विकास विभाग और सेप्ट विश्वविद्यालय के बीच हुआ।
मुख्यमंत्री साय ने कहा कि इन समझौतों से नगरीय निकायों को विकास परियोजनाओं की योजना बनाने, वित्तीय संसाधन जुटाने, तकनीकी विशेषज्ञता हासिल करने और प्रशिक्षण एवं क्षमता विकास में सहयोग मिलेगा। इससे शहरों की वास्तविक जरूरतों के अनुरूप परियोजनाएं तैयार करने और उन्हें प्रभावी ढंग से लागू करने में मदद मिलेगी।
जलभराव और अव्यवस्थित तारों की समस्या का हो स्थायी समाधान
मुख्यमंत्री ने नगरीय निकायों को निर्देशित किया कि विकास योजनाएं केवल तात्कालिक समस्याओं को ध्यान में रखकर न बनाई जाएं, बल्कि अगले कई दशकों की जरूरतों को भी उनमें शामिल किया जाए। तेजी से बढ़ते शहरीकरण के बीच पेयजल, सड़क, बिजली, जल निकासी, स्वच्छता और परिवहन जैसी सुविधाओं के लिए दीर्घकालिक योजना जरूरी है।
उन्होंने बारिश के दौरान शहरों में होने वाले जलभराव का उल्लेख करते हुए कहा कि नागरिकों को हर साल होने वाली परेशानी का स्थायी समाधान निकाला जाना चाहिए। इसके लिए प्रभावी जल निकासी व्यवस्था विकसित करने की आवश्यकता है। मुख्यमंत्री ने बिजली और अन्य सेवाओं के अव्यवस्थित तारों पर भी चिंता जताई। उन्होंने कहा कि जहां संभव हो, वहां तारों को भूमिगत करने की योजनाएं तैयार की जाएं। साथ ही, विभिन्न विभागों के बीच समन्वय स्थापित कर पेयजल, सड़क, बिजली और स्वच्छता संबंधी कार्यों को समग्र शहरी नियोजन का हिस्सा बनाया जाए।
एक लाख करोड़ रुपये का अर्बन चैलेंज फंड बड़ा अवसर : अरुण साव
उप मुख्यमंत्री एवं नगरीय प्रशासन एवं विकास मंत्री अरुण साव ने कहा कि भारत सरकार ने अर्बन चैलेंज फंड के लिए एक लाख करोड़ रुपये का प्रावधान किया है। यह छत्तीसगढ़ के शहरों के विकास के लिए बड़ा अवसर है। अब नगरीय निकायों के सामने चुनौती है कि वे कितनी गुणवत्तापूर्ण और आर्थिक रूप से व्यवहार्य परियोजनाएं तैयार कर इस फंड का अधिकतम लाभ प्राप्त कर पाते हैं।
उन्होंने कहा कि बदलती तकनीक और नागरिकों की बढ़ती अपेक्षाओं के अनुरूप नगरीय विकास की कार्यशैली में बदलाव आवश्यक है। परियोजनाओं की सफलता केवल निर्माण तक सीमित नहीं होती, बल्कि उनके संचालन, रखरखाव और वित्तीय व्यवहार्यता की योजना भी शुरुआत से तैयार होनी चाहिए। जनप्रतिनिधियों को ऐसे कार्यों को प्राथमिकता देनी चाहिए, जिनका लाभ आने वाली पीढिय़ों को भी मिले।
आधुनिक तकनीक और नवाचार से मजबूत होंगे शहर
केंद्रीय आवासन एवं शहरी कार्य राज्य मंत्री तोखन साहू ने कहा कि प्रधानमंत्री आवास योजना-शहरी, स्वच्छ भारत मिशन और अमृत मिशन जैसी योजनाओं से नागरिक सुविधाओं का विस्तार हुआ है। तेजी से बढ़ते शहरीकरण के कारण आवास, पेयजल, सड़क, परिवहन और स्वच्छता की मांग लगातार बढ़ रही है। ऐसे में नगरीय निकायों को वित्तीय रूप से सशक्त और आत्मनिर्भर बनाना आवश्यक है।
उन्होंने कहा कि विकास परियोजनाएं नागरिकों के लिए उपयोगी होने के साथ आर्थिक रूप से व्यवहार्य भी होनी चाहिए। सरकारी सहायता के अतिरिक्त बैंक वित्तपोषण, बाजार आधारित संसाधनों और सार्वजनिक-निजी भागीदारी जैसे विकल्पों का भी प्रभावी उपयोग किया जा सकता है। उन्होंने अन्य शहरों में कचरे से ऊर्जा उत्पादन और तकनीक आधारित जल प्रबंधन जैसे नवाचारों का उल्लेख करते हुए छत्तीसगढ़ के निकायों को स्थानीय परिस्थितियों के अनुरूप सफल प्रयोग अपनाने की सलाह दी।
मुख्यमंत्री साय ने विश्वास व्यक्त किया कि कार्यशाला से मिलने वाला तकनीकी मार्गदर्शन और विशेषज्ञों के सुझाव प्रदेश के नगरीय विकास को नई दिशा देंगे। शासन, जनप्रतिनिधियों, नगरीय निकायों और विशेषज्ञ संस्थाओं के समन्वित प्रयासों से छत्तीसगढ़ के शहरों को स्वच्छ, सुंदर, सुव्यवस्थित, सुविधासंपन्न और आत्मनिर्भर बनाया जा सकेगा।
कार्यशाला में प्रदेश के सभी 14 नगर निगमों के महापौर, नगर पालिकाओं के अध्यक्ष, नगरीय प्रशासन एवं विकास विभाग के प्रमुख सचिव सोनमणि बोरा, हुडको के सीएमडी संजय कुलश्रेष्ठ, सेप्ट विश्वविद्यालय के प्रेसिडेंट बरजोर मेहता सहित जनप्रतिनिधि, विशेषज्ञ और वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित थे।
यपुर / शौर्यपथ / मुख्यमंत्री विष्णु देव साय सारंगढ़-बिलाईगढ़ जिले के बिलाईगढ़ स्थित रैनीभाठा में ऐतिहासिक राजशाही दशहरा उत्सव में शामिल हुए। इस अवसर पर उन्होंने क्षेत्रवासियों को विजयादशमी की शुभकामनाएं देते हुए पांच महत्वपूर्ण घोषणाएं कीं। इनमें बिलाईगढ़ में अपर कलेक्टर कार्यालय खोलने, बस स्टैंड से हायर सेकेंडरी स्कूल तक 3 करोड़ रुपये की लागत से गौरव पथ निर्माण, राजमहल मार्ग पर पुल, वार्ड क्रमांक 15 में मुक्तिधाम तथा मां समलाई मंदिर के समीप डोम शेड का निर्माण शामिल है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि इन कार्यों से प्रशासनिक सुविधाओं का विस्तार होगा और नागरिकों को बेहतर बुनियादी सुविधाएं मिलेंगी। अपर कलेक्टर कार्यालय खुलने से लोगों को प्रशासनिक कार्यों के लिए दूर नहीं जाना पड़ेगा, जबकि गौरव पथ से नगर की सुंदरता और आवागमन बेहतर होगा।
राजशाही दशहरा हमारी सांस्कृतिक विरासत का प्रतीक
मुख्यमंत्री ने कहा कि बिलाईगढ़ का ऐतिहासिक राजशाही दशहरा धार्मिक आस्था, सांस्कृतिक विरासत और सामाजिक एकता की पहचान है। राजपरिवार ने पीढिय़ों से इस परंपरा को सहेजकर रखा है। उन्होंने आयोजन समिति, राजपरिवार और क्षेत्रवासियों को इस परंपरा को आगे बढ़ाने के लिए बधाई दी।
उन्होंने कहा कि विजयादशमी अधर्म पर धर्म, अन्याय पर न्याय और असत्य पर सत्य की विजय का संदेश देती है। पर्व की वास्तविक सार्थकता तभी है, जब हम अपने भीतर के काम, क्रोध, लोभ, मद और अहंकार रूपी रावण का अंत करें। भगवान श्रीराम के आदर्श हमें मर्यादा, कर्तव्य, न्याय और लोककल्याण के मार्ग पर चलने की प्रेरणा देते हैं।
छत्तीसगढ़ से भगवान श्रीराम का गहरा नाता
मुख्यमंत्री ने कहा कि छत्तीसगढ़ माता कौशल्या की जन्मभूमि और प्रभु श्रीराम का ननिहाल है। वनवास के दौरान भगवान श्रीराम ने दंडकारण्य क्षेत्र में लंबा समय बिताया। शिवरीनारायण में माता शबरी की भक्ति और राजिम का त्रिवेणी संगम प्रदेश की आध्यात्मिक विरासत के प्रतीक हैं। उन्होंने बताया कि श्रीरामलला दर्शन योजना के माध्यम से अब तक 50 हजार से अधिक श्रद्धालुओं को शासकीय खर्च पर अयोध्या में दर्शन का अवसर मिला है।
18 लाख गरीब परिवारों को आवास देने का निर्णय
मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में प्रदेश सरकार विकास और सुशासन को गति दे रही है। सरकार गठन के अगले ही दिन मंत्रिपरिषद की पहली बैठक में 18 लाख गरीब परिवारों को प्रधानमंत्री आवास उपलब्ध कराने का निर्णय लिया गया। केंद्र के सहयोग से आवास निर्माण तेज हुआ है और प्रतिदिन लगभग 1,600 आवास बनाए जा रहे हैं। उन्होंने कहा कि किसानों, युवाओं, गरीबों और मातृशक्ति का कल्याण सरकार की प्राथमिकता है।
बस्तर में शांति से खुल रहे विकास के नए द्वार
मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह, सुरक्षा बलों और बस्तर की जनता के सहयोग से नक्सलवाद के विरुद्ध महत्वपूर्ण सफलताएं मिली हैं। बस्तर में शांति और विश्वास का वातावरण मजबूत होने से सड़क, रेल, शिक्षा, स्वास्थ्य और संचार सुविधाओं के विस्तार की नई संभावनाएं खुली हैं। बेहतर रेल कनेक्टिविटी से आवागमन के साथ व्यापार, पर्यटन और रोजगार को भी बढ़ावा मिलेगा।
मुख्यमंत्री ने कहा कि सरकार विरासत और विकास को साथ लेकर आगे बढ़ रही है। उन्होंने क्षेत्रवासियों से भगवान श्रीराम के आदर्शों को अपनाने तथा प्रेम, एकता और सद्भाव के साथ प्रदेश के विकास में सहभागी बनने का आह्वान किया।
मुख्यमंत्री विष्णु देव साय के निर्देश पर मानदेय वृद्धि की पहल, गृह मंत्री विजय शर्मा के मार्गदर्शन में तैयार हुआ प्रस्ताव; महंगाई भत्ते सहित मिलेगा लाभ
रायपुर / शौर्यपथ / छत्तीसगढ़ में कानून-व्यवस्था बनाए रखने, अग्निशमन सेवाओं और आपदा प्रबंधन जैसे महत्वपूर्ण कार्यों में अपनी जिम्मेदारी निभाने वाले स्वयंसेवी नगर सैनिकों के लिए राहत भरी खबर है। राज्य शासन ने उनके मानदेय में वृद्धि का प्रस्ताव तैयार किया है। इसके अनुसार, नगर सैनिकों को अब ?30,870 प्रतिमाह यानी ?1,029 प्रतिदिन मानदेय दिए जाने का प्रस्ताव है। इससे प्रदेश के लगभग 7,900 नगर सैनिकों और उनके परिवारों को लाभ मिलने की उम्मीद है।
मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय के निर्देश तथा गृह मंत्री श्री विजय शर्मा के मार्गदर्शन में गृह विभाग ने यह प्रस्ताव तैयार किया है। बढ़ती महंगाई, न्यायालय के निर्देशों और विभिन्न आवश्यक सेवाओं में नगर सैनिकों के योगदान को ध्यान में रखते हुए मानदेय में वृद्धि की अनुशंसा की गई है।
मूल मानदेय ?19,500, महंगाई भत्ता ?11,310
प्रस्तावित व्यवस्था के तहत नगर सैनिकों को ?19,500 मूल मानदेय, 58 प्रतिशत की दर से ?11,310 महंगाई भत्ता और ?60 वर्दी धुलाई भत्ता मिलाकर कुल ?30,870 प्रतिमाह दिए जाने का प्रावधान है।
पहले भी दो बार बढ़ा मानदेय
नगर सैनिकों के मानदेय में इससे पहले भी वृद्धि की जा चुकी है। वर्ष 2017 में गृह विभाग के आदेश से मानदेय ?10,000 से बढ़ाकर ?13,200 प्रतिमाह किया गया था। इसके बाद 30 मई 2023 को जारी आदेश के तहत 1 अप्रैल 2023 से प्रभावी वृद्धि के जरिए मानदेय ?19,500 प्रतिमाह कर दिया गया था।
आर्थिक मजबूती के साथ बढ़ेगा मनोबल
नगर सैनिक कानून-व्यवस्था संबंधी ड्यूटी के साथ अग्निशमन, आपदा प्रबंधन और अन्य जरूरी सेवाओं में भी महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं। प्रस्तावित वृद्धि से उन्हें आर्थिक राहत मिलने के साथ कार्य के प्रति उत्साह और प्रतिबद्धता बढऩे की उम्मीद है। नगर सैनिकों ने मानदेय वृद्धि की पहल के लिए मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय और गृह मंत्री श्री विजय शर्मा के प्रति आभार व्यक्त किया है।
नोट: शासन की ओर से जारी विवरण में इसे प्रस्तावित मानदेय वृद्धि बताया गया है। इसलिए अंतिम स्वीकृति और लागू होने की स्थिति की पुष्टि के बाद ही इसे लागू मानदेय के रूप में प्रकाशित किया जाना चाहिए।
उप मुख्यमंत्री अरुण साव का आह्वान—'चलव रे संगी, हॉकी खेलबोÓ; छह फ्रेंचाइजी टीमों में स्थानीय प्रतिभाओं के साथ ओलंपियन भी दिखाएंगे दमखम
रायपुर / शौर्यपथ / छत्तीसगढ़ की खेल संस्कृति को नई पहचान देने के उद्देश्य से देश की पहली छत्तीसगढ़ हॉकी लीग का भव्य शुभारंभ रायपुर के सरदार वल्लभभाई पटेल अंतरराष्ट्रीय हॉकी स्टेडियम में हुआ। 'चलव रे संगी, हॉकी खेलबोÓ के उद्घोष के बीच शुरू हुई इस लीग में राष्ट्रीय-अंतरराष्ट्रीय स्तर के दिग्गज खिलाडिय़ों और प्रदेश की उभरती प्रतिभाओं को एक मंच पर लाया गया है। इससे स्थानीय खिलाडिय़ों को बेहतर प्रशिक्षण, प्रतिस्पर्धा और राष्ट्रीय स्तर पर पहचान बनाने का अवसर मिलेगा।
उद्घाटन समारोह की अध्यक्षता केंद्रीय युवा कार्यक्रम एवं खेल राज्य मंत्री रक्षा निखिल खड़से ने की। केंद्रीय आवासन एवं शहरी कार्य राज्य मंत्री तोखन साहू तथा उप मुख्यमंत्री एवं खेल मंत्री अरुण साव विशिष्ट अतिथि के रूप में उपस्थित रहे। राज्यसभा सांसद लक्ष्मी वर्मा, राज्य युवा आयोग के अध्यक्ष विश्व विजय सिंह तोमर, खेल विभाग के सचिव यशवंत कुमार, लीग के ब्रांड एंबेसडर एवं पूर्व भारतीय कप्तान सरदार सिंह तथा पूर्व अंतरराष्ट्रीय क्रिकेटर राजेश चौहान सहित अनेक गणमान्य नागरिक और खेलप्रेमी मौजूद रहे।
खेलों को घर-घर तक पहुंचाना सरकार का लक्ष्य : रक्षा खड़से
केंद्रीय खेल राज्य मंत्री रक्षा खड़से ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में देशभर में खेलों को बढ़ावा देने के लिए बड़े पैमाने पर आयोजन किए जा रहे हैं और खेल अधोसंरचना एवं प्रोत्साहन के लिए बजट उपलब्ध कराया जा रहा है। अब क्रिकेट के साथ अन्य खेलों को भी समान महत्व दिया जा रहा है।
उन्होंने कहा कि युवाओं की ऊर्जा देश की सबसे बड़ी ताकत है। निजी संस्थानों की सहभागिता भी खिलाडिय़ों को आगे बढऩे के अवसर दे रही है। उन्होंने विश्वास जताया कि छत्तीसगढ़ भविष्य में देश के प्रमुख खेल केंद्रों में अपनी विशिष्ट पहचान बनाएगा।
'चलव रे संगी, हॉकी खेलबोÓ से गूंजेगा पूरा प्रदेश : अरुण साव
उप मुख्यमंत्री अरुण साव ने कहा कि छत्तीसगढ़ हॉकी लीग की गूंज पूरे प्रदेश में 'चलव रे संगी, हॉकी खेलबोÓ के रूप में सुनाई देगी। यह प्रतियोगिता प्रदेश में हॉकी को पेशेवर स्तर पर स्थापित करने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम है।
उन्होंने भारतीय जूनियर हॉकी टीम की विश्व कप जीत के 25 वर्ष पूरे होने का उल्लेख करते हुए कहा कि उस विजेता टीम के सदस्य देवेश चौहान छत्तीसगढ़ की टीम के मुख्य कोच के रूप में सेवाएं दे रहे हैं। उन्होंने कहा कि छत्तीसगढ़ ने विन्सेंट लकड़ा, मृणाल चौबे, रेणुका यादव और सबा अंजुम जैसे प्रतिभाशाली हॉकी खिलाड़ी देश को दिए हैं।
श्री साव ने प्रधानमंत्री के संदेश 'जो खेलेगा, वो खिलेगाÓ का उल्लेख करते हुए कहा कि खेल मैदान खिलाडिय़ों में आत्मविश्वास, अनुशासन और नेतृत्व क्षमता विकसित करता है।
छह फ्रेंचाइजी टीमें, हर टीम में 18 स्थानीय खिलाड़ी
खेल विभाग के सचिव यशवंत कुमार ने बताया कि 22 अक्टूबर से 1 नवंबर तक आयोजित होने वाली लीग में छह फ्रेंचाइजी टीमें हिस्सा लेंगी। प्रत्येक टीम में 22 खिलाड़ी होंगे, जिनमें छत्तीसगढ़ के 18 स्थानीय खिलाडिय़ों के साथ चार राष्ट्रीय-अंतरराष्ट्रीय स्तर के प्रतिष्ठित खिलाड़ी शामिल किए गए हैं। इसका उद्देश्य स्थानीय खिलाडिय़ों को अनुभवी खिलाडिय़ों के साथ खेलकर अपनी तकनीक और कौशल निखारने का अवसर देना है।
प्रतियोगिता में शामिल टीमें हैं—
चक्रधर चैंपियंस — जिंदल स्टील लिमिटेड
न्यायधानी नाइट्स — साउथ ईस्टर्न कोलफील्ड्स लिमिटेड (एसईसीएल)
राजधानी रॉयल्स — श्री बजरंग पावर एंड इस्पात लिमिटेड
मैनपाट टाइगर्स — छत्तीसगढ़ पर्यटन मंडल
संस्कारधानी स्ट्राइकर्स — सारडा एनर्जी एंड मिनरल्स लिमिटेड
बैलाडीला बुल्स — एनएमडीसी लिमिटेड
नि:शुल्क प्रवेश, जियोहॉटस्टार पर होगा सीधा प्रसारण
लीग के सभी मुकाबले रायपुर के सरदार वल्लभभाई पटेल अंतरराष्ट्रीय हॉकी स्टेडियम में खेले जाएंगे। प्रतिदिन दो मैच शाम 5:30 बजे और 7:30 बजे से निर्धारित हैं। उद्घाटन दिवस पर महिला खिलाडिय़ों का विशेष प्रदर्शनी मैच भी आयोजित किया गया, जिससे महिला हॉकी को प्रोत्साहन मिला।
खेलप्रेमियों, विद्यार्थियों और आम नागरिकों के लिए स्टेडियम में प्रवेश नि:शुल्क रखा गया है। वहीं, देशभर के दर्शक जियोहॉटस्टार पर मुकाबलों का सीधा प्रसारण देख सकेंगे। मैचों का संचालन हॉकी इंडिया के अधिकृत अधिकारियों द्वारा किया जाएगा।
राज्यसभा सांसद लक्ष्मी वर्मा ने कहा कि इस लीग से प्रदेश के प्रतिभाशाली खिलाडिय़ों को अपनी क्षमता दिखाने का उच्चस्तरीय मंच मिलेगा। आयोजकों के अनुसार, यह पहल छत्तीसगढ़ में हॉकी को नई गति देने के साथ स्थानीय प्रतिभाओं को राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय स्तर तक पहुंचाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगी।
रिसाली/शौर्यपथ। नगर पालिक निगम रिसाली में महापौर चुनाव की सरगर्मी बढऩे लगी है। चुनावी मुकाबले की औपचारिक तस्वीर भले ही प्रत्याशियों की घोषणा के बाद साफ होगी, लेकिन संभावित दावेदारों ने अभी से अपनी मौजूदगी दर्ज करानी शुरू कर दी है। शहर के विभिन्न वार्डों में होर्डिंग, बैनर और पोस्टरों के जरिए जनसंपर्क के साथ अपनी दावेदारी मजबूत करने की कोशिशें दिखाई देने लगी हैं। राजनीतिक दलों के भीतर संभावित प्रत्याशियों की शॉर्टलिस्टिंग और चुनावी रणनीति को लेकर भी गतिविधियां तेज होने लगी हैं।
कांग्रेस में दो नामों की सबसे ज्यादा चर्चा
रिसाली निगम के 40 वार्डों में लगे बैनर-पोस्टरों पर नजर डालें तो कांग्रेस की ओर से रामेश्वरी गायकवाड़ और हेमीन चतुर्वेदी की तस्वीरें सबसे अधिक दिखाई दे रही हैं। इसे दोनों नेताओं की चुनावी सक्रियता और महापौर पद के लिए दावेदारी मजबूत करने की कोशिश के रूप में देखा जा रहा है। वहीं भाजपा की ओर से चंदेश्वरी बांधे और तेजेश्वी सोनवानी के पोस्टर-बैनर भी प्रमुखता से नजर आ रहे हैं। दूसरी ओर पार्वती ढीढी और पद्मश्री उषा बारले फिलहाल पोस्टर-बैनर के जरिए प्रचार करते दिखाई नहीं दे रही हैं। ऐसे में इन नामों को लेकर पार्टी के निर्णय और संभावित समीकरणों पर राजनीतिक नजरें टिकी हैं।
पोस्टर प्रचार में आम आदमी पार्टी भी आगे
प्रचार के मौजूदा दृश्य में आम आदमी पार्टी की संभावित दावेदार गीतेश्वरी बघेल के पोस्टर भी बड़ी संख्या में दिखाई देने की चर्चा है। इसके बाद कांग्रेस के संभावित दावेदारों की प्रचार सामग्री प्रमुखता से नजर आ रही है। हालांकि, पोस्टरों की संख्या को ही चुनावी लोकप्रियता या जीत का पैमाना नहीं माना जा सकता, लेकिन शुरुआती दौर में अपनी पहचान जनता तक पहुंचाने की कोशिशों से चुनावी माहौल बनने लगा है।
सामाजिक समीकरण साधने बैठकों का दौर
महापौर चुनाव को देखते हुए वार्डों में सामाजिक संपर्क और बैठकों का सिलसिला भी शुरू हो गया है। संभावित दावेदार विभिन्न समाजों और स्थानीय प्रभावशाली लोगों से मुलाकात कर समर्थन जुटाने की कोशिश में लगे हैं। स्थानीय स्तर पर कांग्रेस की ओर से जनसंपर्क गतिविधियां तेज होने की चर्चा है। आने वाले दिनों में इन बैठकों, व्यक्तिगत संपर्क और संगठनात्मक सक्रियता का चुनावी समीकरणों पर असर देखने को मिल सकता है।
प्रत्यक्ष चुनाव ने बढ़ाई राजनीतिक चुनौती
इस बार महापौर चुनाव की प्रक्रिया भी राजनीतिक दलों के लिए महत्वपूर्ण है। पूर्ववर्ती कांग्रेस शासनकाल में महापौर का चुनाव अप्रत्यक्ष प्रणाली से होता था, जिसमें निर्वाचित पार्षद महापौर का चयन करते थे। वहीं वर्तमान साय सरकार के फैसले के अनुसार प्रत्यक्ष प्रणाली में जनता सीधे महापौर का चुनाव करेगी। ऐसे में प्रत्याशी को केवल पार्षदों और पार्टी संगठन का समर्थन ही नहीं, बल्कि व्यापक मतदाता वर्ग तक अपनी पहुंच और स्वीकार्यता भी साबित करनी होगी। यही वजह है कि संभावित दावेदार टिकट की दौड़ के साथ-साथ जनता के बीच अपनी छवि मजबूत करने में जुटे हैं।
भाजपा के लिए ललित चंद्राकर, कांग्रेस के लिए ताम्रध्वज साहू की भूमिका अहम
रिसाली महापौर चुनाव में स्थानीय विधायक ललित चंद्राकर के सामने भाजपा प्रत्याशी को जीत दिलाने की महत्वपूर्ण जिम्मेदारी होगी। वहीं कांग्रेस की ओर से पूर्व गृह मंत्री ताम्रध्वज साहू की भूमिका भी अहम मानी जा रही है। दोनों नेताओं के राजनीतिक प्रभाव, संगठनात्मक सक्रियता और स्थानीय समीकरणों की परीक्षा इस चुनाव में होगी। हालांकि, अंतिम मुकाबले की दिशा प्रत्याशियों के चयन, स्थानीय मुद्दों, जनसंपर्क और मतदाताओं के रुझान से तय होगी।
फिलहाल रिसाली में पोस्टर-बैनरों के जरिए दावेदारी जताने का दौर शुरू हो चुका है। अब सबकी निगाहें इस बात पर हैं कि भाजपा, कांग्रेस और आम आदमी पार्टी में से कौन अपने संभावित चेहरों पर मुहर लगाता है और टिकट की दौड़ में सक्रिय दिख रहे दावेदारों में से किसे जनता के सामने चुनाव लडऩे का अवसर मिलता है।
डुंडेरा उप स्वास्थ्य केंद्र में चिकित्सक की नियुक्ति की मांग, तीन माह से बंद सुलभ शौचालय से परेशानी
दुर्ग / शौर्यपथ। जिले में आम नागरिकों की समस्याओं के निराकरण के लिए आयोजित जनदर्शन में बुधवार को विभिन्न मांगों और शिकायतों से संबंधित 42 आवेदन प्राप्त हुए। कलेक्टर अभिजीत सिंह के निर्देशानुसार जिला कार्यालय के सभाकक्ष में आयोजित जनदर्शन में अनुविभागीय अधिकारी प्रफुल्ल गुप्ता ने लोगों की समस्याएं सुनीं और संबंधित विभागों को आवश्यक कार्रवाई कर शीघ्र निराकरण सुनिश्चित करने के निर्देश दिए।
जनदर्शन में अवैध कब्जा, आवासीय पट्टा, प्रधानमंत्री आवास योजना, भूमि सीमांकन, सीसी रोड निर्माण, ऋण पुस्तिका में सुधार और आर्थिक सहायता सहित विभिन्न विषयों पर आवेदन प्राप्त हुए। इनमें स्वास्थ्य सुविधा और सार्वजनिक स्वच्छता से जुड़ी समस्याओं ने भी ध्यान आकर्षित किया।
डुंडेरा उप स्वास्थ्य केंद्र में नियमित सेवा की मांग
विकासखंड निकुम के ग्राम डुंडेरा के ग्रामीणों ने उप स्वास्थ्य केंद्र में सामुदायिक स्वास्थ्य अधिकारी (सीएचओ) अथवा चिकित्सक की नियुक्ति कर नियमित संचालन सुनिश्चित करने की मांग की। ग्रामीणों के अनुसार क्षेत्र के लोग प्राथमिक उपचार, स्वास्थ्य परामर्श और आवश्यक दवाइयों के लिए इस केंद्र पर निर्भर हैं। लेकिन पदस्थ नर्स और अन्य स्वास्थ्यकर्मियों की विभिन्न शासकीय कार्यों में ड्यूटी लगाए जाने के कारण कई बार केंद्र बंद रहने की स्थिति बनती है। इससे मरीजों, बुजुर्गों, महिलाओं और बच्चों को समय पर उपचार मिलने में परेशानी होती है। मामले में एसडीएम ने मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी को उचित कार्रवाई करने के निर्देश दिए।
तीन महीने से बंद सुलभ शौचालय, वार्डवासी परेशान
भिलाई के वार्ड क्रमांक 33 संतोषी पारा में हुडको क्वार्टर के पास स्थित सार्वजनिक सुलभ शौचालय का संधारण कार्य तीन माह से बंद होने की शिकायत भी जनदर्शन में पहुंची। वार्ड पार्षद ने आवेदन देकर बताया कि शौचालय की सुविधा उपलब्ध नहीं होने से स्थानीय नागरिकों और राहगीरों को परेशानी हो रही है। विशेषकर महिलाओं और बुजुर्गों को कठिनाइयों का सामना करना पड़ रहा है।
आवेदन के अनुसार, नगर पालिक निगम भिलाई द्वारा संधारण कार्य के लिए टेंडर प्रक्रिया पूरी किए जाने के बावजूद अब तक काम शुरू नहीं हुआ है। पार्षद ने जनहित को देखते हुए जल्द संधारण कार्य शुरू कराने के साथ साफ-सफाई और अन्य आवश्यक व्यवस्थाएं सुनिश्चित करने की मांग की।
11 स्थानों पर स्ट्रीट लाइट सुधारने की मांग
वार्ड क्रमांक 33 के संतोषी पारा, कैंप-2 के विभिन्न स्थानों, विवेकानंद नगर, मजार लाइन और हुडको क्वार्टर सहित कुल 11 स्थानों पर खराब स्ट्रीट लाइटों की मरम्मत तथा आवश्यकता के अनुसार नई लाइट लगाने की मांग भी रखी गई। स्थानीय स्तर पर प्रकाश व्यवस्था दुरुस्त होने से नागरिकों को आवागमन में सुविधा मिलने के साथ रात के समय होने वाली परेशानियों से राहत मिल सकती है।
एसडीएम प्रफुल्ल गुप्ता ने संबंधित विभागों को इन समस्याओं पर आवश्यक कार्रवाई करने के निर्देश दिए। अब संबंधित विभागों की कार्रवाई से ही स्पष्ट होगा कि स्वास्थ्य केंद्र के नियमित संचालन, सार्वजनिक शौचालय के संधारण और खराब स्ट्रीट लाइटों की समस्या का समाधान कितनी जल्दी हो पाता है।
हवन-पूजन कर लिया आशीर्वाद, डॉ. श्रुतिका और श्रद्धालुओं के साथ गरबा कर साझा की पर्व की खुशियां
भिलाई / शौर्यपथ। नवरात्रि के पावन अवसर पर भिलाई नगर विधायक देवेंद्र यादव अपनी पत्नी, बेटे और परिवार के साथ माता रानी के हवन-पूजन में शामिल हुए। उन्होंने विधि-विधान से पूजा-अर्चना कर माता रानी का आशीर्वाद लिया और क्षेत्र की सुख-समृद्धि, खुशहाली एवं जनकल्याण की कामना की।
इस दौरान विधायक देवेंद्र यादव ने माता रानी की आरती की और डॉ. श्रुतिका सहित श्रद्धालुओं के साथ गरबा कर नवरात्रि की खुशियां साझा कीं। भक्तिमय माहौल में विधायक को अपने बीच पाकर श्रद्धालुओं में उत्साह नजर आया। सभी ने भक्ति और उल्लास के साथ पर्व मनाया तथा एक-दूसरे को नवरात्रि की शुभकामनाएं दीं।
पूजन के पश्चात विधायक देवेंद्र यादव ने श्रद्धालुओं को माता रानी का भोग-प्रसाद वितरित किया। उन्होंने कहा कि नवरात्रि आस्था, भक्ति और शक्ति की उपासना का पर्व है। यह हमें आपसी प्रेम, सद्भाव और एकता के साथ रहने की प्रेरणा देता है।
गौरतलब है कि नवरात्रि के दौरान भिलाई सहित शहर के विभिन्न क्षेत्रों में हवन-पूजन, आरती और गरबा के आयोजन किए जा रहे हैं। इन आयोजनों में बड़ी संख्या में श्रद्धालु शामिल होकर माता रानी की आराधना कर रहे हैं। धार्मिक आयोजनों से क्षेत्र में भक्तिमय वातावरण बना हुआ है और लोग उत्साहपूर्वक पर्व की खुशियां मना रहे हैं।
कवर्धा की ऐतिहासिक खप्पर यात्रा में शामिल होकर गाए जसगीत, श्रद्धालुओं से की आत्मीय मुलाकात
रायपुर / शौर्यपथ / महाअष्टमी के पावन अवसर पर उप मुख्यमंत्री एवं कवर्धा विधायक विजय शर्मा ने कबीरधाम जिले के कवर्धा स्थित मां दंतेश्वरी, मां परमेश्वरी और मां चंडी मंदिर में पूजा-अर्चना कर प्रदेशवासियों की सुख-समृद्धि की कामना की। रात्रि में उन्होंने कवर्धा की ऐतिहासिक खप्पर यात्रा में माता काली के दर्शन किए और श्रद्धालुओं के साथ माता सेवा में शामिल होकर जसगीत गाए।
सौ वर्षों से अधिक पुरानी है खप्पर यात्रा की परंपरा
कवर्धा में महाअष्टमी की रात्रि निकलने वाली खप्पर यात्रा को सौ वर्षों से अधिक पुरानी धार्मिक परंपरा माना जाता है। मां दंतेश्वरी, मां चंडी और मां परमेश्वरी मंदिरों से जुड़ी यह परंपरा क्षेत्र की आस्था और सांस्कृतिक विरासत का महत्वपूर्ण हिस्सा है। धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, माता काली के स्वरूप में खप्पर धारण कर नगर भ्रमण करने की यह परंपरा सुख-शांति, सुरक्षा और लोककल्याण की कामना से निभाई जाती है।
श्रद्धालुओं के साथ भक्ति में हुए शामिल
उप मुख्यमंत्री विजय शर्मा ने खप्पर वाली माता के दर्शन कर इस प्राचीन परंपरा के प्रति अपनी श्रद्धा व्यक्त की। उन्होंने दूर-दराज से पहुंचे युवाओं और श्रद्धालुओं से आत्मीय मुलाकात कर उनका हालचाल जाना। माता सेवा में शामिल होकर जसगीत गाए। माता के जयकारों और भक्ति गीतों से वातावरण भक्तिमय हो उठा।
श्री शर्मा ने कहा कि कवर्धा की खप्पर यात्रा प्राचीन धार्मिक परंपराओं और लोकआस्था की अनमोल धरोहर है। पीढ़ियों से चली आ रही यह परंपरा लोगों को अपनी संस्कृति और आध्यात्मिक विरासत से जोड़ती है। महाअष्टमी पर माता के दर्शन और श्रद्धालुओं के साथ आराधना में शामिल होना सौभाग्य की बात है। उन्होंने मां भगवती से सभी के जीवन में सुख, शांति और समृद्धि की कामना करते हुए प्रदेशवासियों को नवरात्रि की शुभकामनाएं दीं।
डब्ल्यूआरएस मैदान में रावण, कुंभकर्ण और मेघनाद के पुतलों का दहन; कहा—प्रभु श्रीराम के आदर्शों को आचरण में उतारना ही सच्ची आराधना
छत्तीसगढ़ से प्रभु श्रीराम का गहरा आत्मीय नाता, 49 हजार से अधिक श्रद्धालुओं ने श्रीरामलला दर्शन योजना के तहत किए अयोध्या धाम में दर्शन
रायपुर / शौर्यपथ / मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने कहा कि विजयादशमी केवल बुराई पर अच्छाई की विजय का पर्व नहीं, बल्कि सत्य, धर्म, न्याय और मानवता के मार्ग पर अडिग रहने का शाश्वत संदेश है। प्रभु श्रीराम का जीवन सिखाता है कि परिस्थितियां कितनी भी कठिन हों, अंततः विजय सत्य और धर्म की ही होती है। उन्होंने कहा कि सही और गलत के बीच चुनाव करते समय सदैव सत्य, न्याय और मानवता के पक्ष में खड़ा होना चाहिए।
मुख्यमंत्री श्री साय राजधानी के ऐतिहासिक डब्ल्यूआरएस मैदान में आयोजित विजयादशमी महोत्सव को संबोधित कर रहे थे। उन्होंने हजारों लोगों की उपस्थिति में धनुष-बाण से रावण, कुंभकर्ण और मेघनाद के विशाल पुतलों का दहन किया तथा प्रदेशवासियों को सुख, शांति और समृद्धि की शुभकामनाएं दीं।
छत्तीसगढ़ से प्रभु श्रीराम का गहरा संबंध
मुख्यमंत्री ने कहा कि छत्तीसगढ़ माता कौशल्या का मायका और प्रभु श्रीराम का ननिहाल माना जाता है। धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, वनवास के दौरान भगवान श्रीराम ने माता सीता और लक्ष्मण के साथ छत्तीसगढ़ के वनांचलों में समय बिताया था। यही कारण है कि प्रदेश की लोकआस्था, संस्कृति और जनजीवन में प्रभु श्रीराम का विशेष स्थान है।
उन्होंने कहा कि भगवान श्रीराम का जीवन त्याग, मर्यादा, धैर्य, साहस और कर्तव्यनिष्ठा का अनुपम उदाहरण है। रावण के पास अपार सैन्य शक्ति थी, लेकिन प्रभु श्रीराम ने सत्य, धर्म, दृढ़ संकल्प और सामूहिक प्रयासों के बल पर विजय प्राप्त की। यह प्रसंग बताता है कि बाहुबल और संसाधनों से बड़ी शक्ति नैतिकता और सत्य की होती है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि रावण के साथ कुंभकर्ण और मेघनाद के पुतलों का दहन भी अधर्म का साथ देने के परिणामों का संदेश देता है। प्रभु श्रीराम की सच्ची आराधना तभी सार्थक है, जब हम उनके आदर्शों को आचरण में उतारें, कमजोरों की सहायता करें और अन्याय के विरुद्ध खड़े हों।
आतंकवाद और माओवाद के विरुद्ध दृढ़ संकल्प
मुख्यमंत्री श्री साय ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व का उल्लेख करते हुए कहा कि ऑपरेशन सिंदूर ने आतंकवाद के विरुद्ध भारत की दृढ़ इच्छाशक्ति और राष्ट्रीय सुरक्षा के प्रति प्रतिबद्धता को प्रदर्शित किया है। उन्होंने कहा कि छत्तीसगढ़ सरकार भी प्रदेश में स्थायी शांति, सुरक्षा और विकास के लिए प्रतिबद्ध है। बस्तर सहित प्रत्येक क्षेत्र में विश्वास, खुशहाली और विकास की रोशनी पहुंचाना सरकार की प्राथमिकता है।
श्रीरामलला दर्शन योजना से 49 हजार से अधिक श्रद्धालु लाभान्वित
मुख्यमंत्री ने कहा कि 22 जनवरी 2024 को अयोध्या में रामलला की प्राण-प्रतिष्ठा करोड़ों श्रद्धालुओं की आस्था और लंबे संकल्प की ऐतिहासिक सिद्धि थी। छत्तीसगढ़ सरकार ने प्रदेशवासियों की धार्मिक भावनाओं को ध्यान में रखते हुए श्रीरामलला अयोध्या धाम दर्शन योजना शुरू की है। इसके माध्यम से अब तक 49 हजार से अधिक श्रद्धालुओं को अयोध्या में प्रभु श्रीराम के दर्शन का अवसर मिला है।
उन्होंने कहा कि राज्य सरकार छत्तीसगढ़ की समृद्ध सांस्कृतिक विरासत, धार्मिक परंपराओं और आस्था से जुड़े स्थलों के संरक्षण एवं संवर्धन के लिए प्रतिबद्ध है।
समरस और समृद्ध छत्तीसगढ़ बनाने का आह्वान
मुख्यमंत्री ने प्रदेशवासियों से प्रभु श्रीराम के आदर्शों को अपनाते हुए सत्य, न्याय, करुणा, सद्भाव और मानवता के मार्ग पर चलने का आह्वान किया। उन्होंने कहा कि सभी के सामूहिक प्रयासों से ही शांतिपूर्ण, सुरक्षित, समरस और समृद्ध छत्तीसगढ़ का निर्माण संभव है।
कार्यक्रम को राज्यसभा सांसद लक्ष्मी वर्मा और रायपुर उत्तर विधायक पुरंदर मिश्रा ने भी संबोधित किया। इस अवसर पर पूर्व विधायक कुलदीप सिंह जुनेजा, जयंती भाई पटेल, सूर्यकांत राठौर, आयोजन समिति के प्रमुख जी. स्वामी, नेशनल क्लब एवं आयोजन समिति के पदाधिकारी तथा बड़ी संख्या में नागरिक उपस्थित रहे।
16.85 लाख के कथित अधिक भुगतान की जांच के बाद कार्रवाई, वसूली के निर्देश और कारण बताओ नोटिस पर लगी रोक; संबंधित अधिकारियों से जवाब तलब
भिलाई-बिलासपुर / शौर्यपथ / नगर निगम भिलाई में पेवर ब्लॉक निर्माण कार्यों में कथित अनियमितताओं के मामले में उप अभियंताओं और एक सहायक अभियंता को हाईकोर्ट से अंतरिम राहत मिली है। न्यायालय ने कलेक्टर दुर्ग के वसूली एवं अनुशासनात्मक कार्रवाई संबंधी निर्देशों तथा निगम के मुख्य अभियंता द्वारा जारी कारण बताओ नोटिस पर रोक लगा दी है। साथ ही संबंधित अधिकारियों को नोटिस जारी कर जवाब मांगा है।
29 अनुबंधों की जांच में सामने आई अनियमितताएं
मामला नगर निगम की परियोजना शाखा के अंतर्गत वर्ष 2023-24 में कराए गए पेवर ब्लॉक निर्माण कार्यों से जुड़ा है। इन कार्यों में भ्रष्टाचार की शिकायत के बाद कलेक्टर दुर्ग ने 3 सितंबर 2026 को निगम आयुक्त को पत्र जारी किया था। लोक निर्माण विभाग और ग्रामीण यांत्रिकी सेवा, दुर्ग के कार्यपालन अभियंताओं की संयुक्त जांच में 16,85,457 रुपये का अधिक भुगतान दर्ज पाया गया।
जांच प्रतिवेदन के अनुसार, 29 अनुबंधों में से 21 में माप पुस्तिका में दर्ज मात्रा और मौके पर मिली वास्तविक मात्रा के बीच अंतर पाया गया। इसके बाद संबंधित कार्यों का माप दर्ज करने वाले अभियंताओं के विरुद्ध अनुशासनात्मक कार्रवाई और कथित अधिक भुगतान की वसूली के निर्देश दिए गए।
इसके परिपालन में निगम के मुख्य अभियंता ने उप अभियंता अर्पित बंजारे, चंदन निर्मल, श्वेता महेश्वर, पुरुषोत्तम सिन्हा, रीमा हुमने, कृष्ण कुमार जंघेल तथा सहायक अभियंता श्वेता वर्मा को कारण बताओ नोटिस जारी किया था।
अभियंताओं ने हाईकोर्ट में दी चुनौती
कार्रवाई को चुनौती देते हुए अर्पित बंजारे एवं अन्य अभियंताओं ने अधिवक्ता सिबाशीष मिश्रा के माध्यम से हाईकोर्ट में याचिका दायर की। मामले की सुनवाई न्यायमूर्ति बी.डी. गुरु के समक्ष हुई। याचिकाकर्ताओं की ओर से वरिष्ठ अधिवक्ता मतीन सिद्दीकी और अधिवक्ता जैनब मुस्तफा वनक ने पक्ष रखा।
याचिकाकर्ताओं का तर्क था कि जांच प्रक्रिया में उन्हें शामिल नहीं किया गया और उनका पक्ष सुने बिना कारण बताओ नोटिस जारी किए गए। उन्होंने दलील दी कि संबंधित पत्राचार में पहले ही कठोर अनुशासनात्मक कार्रवाई और वसूली के निर्देश दिए जा चुके थे, जिससे निष्पक्ष सुनवाई तथा प्राकृतिक न्याय के सिद्धांतों के पालन पर सवाल उठते हैं।
अधिकारियों से जवाब तलब
याचिकाकर्ताओं की दलीलों पर सुनवाई के बाद हाईकोर्ट ने कलेक्टर दुर्ग के 3 सितंबर 2026 के पत्र में उल्लिखित अनुशासनात्मक कार्रवाई एवं वसूली संबंधी निर्देशों और निगम के मुख्य अभियंता द्वारा जारी कारण बताओ नोटिस पर रोक लगा दी। न्यायालय ने नगरीय प्रशासन एवं विकास विभाग के सचिव, कलेक्टर दुर्ग, नगर निगम भिलाई के आयुक्त, मुख्य अभियंता और संबंधित कार्यपालन अभियंता को नोटिस जारी कर जवाब मांगा है।
फिलहाल यह न्यायालय की अंतरिम राहत है। इससे पेवर ब्लॉक निर्माण कार्यों में कथित अनियमितताओं के आरोपों का अंतिम निपटारा नहीं हुआ है। मामले में संबंधित अधिकारियों के जवाब और आगे की न्यायिक कार्यवाही महत्वपूर्ण होगी।
वार्ड 8 और 9 में नूजूल भूमि पर कथित कब्जों का मामला गरमाया, पाइपलाइन के लिए पहले हटाने और मुआवजा दिए जाने के दावों की जांच की मांग
कृष्णा मंडल दंतेवाड़ा / शौर्यपथ /
बचेली। नगर में नूजूल भूमि पर अतिक्रमण को लेकर प्रशासन की कार्यप्रणाली पर सवाल उठने लगे हैं। हाल ही में एक ठेकेदार के कथित अतिक्रमण पर कार्रवाई के बाद स्थानीय लोग वार्ड क्रमांक 8 और 9 में पांच अन्य कथित कब्जों को लेकर सवाल उठा रहे हैं। उनका कहना है कि यदि सरकारी भूमि से अतिक्रमण हटाना प्रशासन की प्राथमिकता है, तो सभी शिकायतों पर समान रूप से कार्रवाई क्यों नहीं की जा रही है? स्थानीय ग्रामीणों का आरोप है कि संबंधित पांच स्थानों पर भी नूजूल भूमि पर कब्जे किए गए हैं, लेकिन अब तक कार्रवाई की स्पष्ट जानकारी सामने नहीं आई है। ऐसे में नगरपालिका और राजस्व प्रशासन की निष्पक्षता को लेकर सवाल उठ रहे हैं।
एक पर कार्रवाई, पांच अन्य मामलों में क्या हुई कार्रवाई?
ग्रामीणों के अनुसार, संबंधित मामलों को लेकर अनुविभागीय अधिकारी से सवाल करने पर प्रकरण दर्ज होने की बात कही जाती है। हालांकि, उनका दावा है कि पांच कथित अतिक्रमणकारियों के विरुद्ध अब तक कोई प्रकरण दर्ज नहीं हुआ है। इन दावों की स्वतंत्र पुष्टि होना बाकी है। ऐसे में प्रशासन को स्पष्ट करना चाहिए कि संबंधित भूमि का राजस्व रिकॉर्ड क्या है, शिकायतों की जांच हुई है या नहीं और यदि प्रकरण दर्ज किए गए हैं, तो उनमें अब तक क्या कार्रवाई की गई है।
पाइपलाइन के लिए पहले हटाए गए थे कब्जे, मुआवजे का भी दावा
मामले में स्थानीय लोगों ने एक और गंभीर आरोप लगाया है। उनका कहना है कि एनएमडीसी की पाइपलाइन बिछाने के दौरान संबंधित पांच लोगों के कब्जे हटाए गए थे और उस समय मुआवजा भी दिया गया था। इसके बावजूद अब उसी भूमि पर दोबारा कब्जा किए जाने का आरोप है।
यदि ये दावे सही पाए जाते हैं, तो यह जांच जरूरी है कि पहले हटाए गए कब्जे दोबारा कैसे स्थापित हुए, मुआवजा किन परिस्थितियों में दिया गया था और दोबारा कब्जे की जानकारी मिलने पर संबंधित विभागों ने क्या कदम उठाए।
नगरपालिका सीएमओ और एसडीएम की भूमिका पर सवाल
नूजूल भूमि की स्थिति, अतिक्रमण की शिकायतों और कार्रवाई की प्रक्रिया को लेकर नगरपालिका सीएमओ तथा अनुविभागीय अधिकारी राजस्व की भूमिका पर सवाल उठ रहे हैं। प्रशासन को स्पष्ट करना चाहिए कि वार्ड 8 और 9 में चिह्नित पांचों कथित कब्जों की जांच की गई है या नहीं। यदि जांच लंबित है, तो उसके कारण और कार्रवाई की समयसीमा भी सार्वजनिक की जानी चाहिए।
फिलहाल, इन आरोपों पर संबंधित अधिकारियों का विस्तृत आधिकारिक पक्ष सामने आना बाकी है। भूमि अभिलेखों, पूर्व कार्रवाई के दस्तावेजों और मुआवजे से संबंधित रिकॉर्ड की जांच के बाद ही मामले की वास्तविक स्थिति स्पष्ट हो सकेगी।
सभी कब्जों पर समान कार्रवाई की मांग
बचेली में अतिक्रमण हटाने की कार्रवाई की निष्पक्षता सुनिश्चित करने के लिए जरूरी है कि सरकारी भूमि से जुड़े सभी मामलों की नियमानुसार जांच हो। यदि अन्य स्थानों पर भी अवैध कब्जे पाए जाते हैं, तो उन पर भी कानून के अनुसार कार्रवाई की जानी चाहिए।
अब सवाल यह है कि क्या प्रशासन वार्ड 8 और 9 के पांचों कथित अतिक्रमणों की जांच कर कार्रवाई की स्थिति सार्वजनिक करेगा, या इन मामलों में लोगों को जवाब का इंतजार करना पड़ेगा? नगरवासियों की नजर अब नगरपालिका और राजस्व प्रशासन के अगले कदम पर है।
श्री शंकराचार्य प्रोफेशनल यूनिवर्सिटी सहित विभिन्न शैक्षणिक संस्थानों में पूजा-अर्चना, दीक्षारंभ और सेवा गतिविधियों का आयोजन
भिलाई / शौर्यपथ / श्री शंकराचार्य प्रोफेशनल यूनिवर्सिटी के कुलाधिपति एवं वरिष्ठ शिक्षाविद आई.पी. मिश्रा का जन्मदिवस विभिन्न शैक्षणिक संस्थानों में भारतीय परंपरा, संस्कार और आध्यात्मिक भावना के साथ मनाया गया। आयोजनों के माध्यम से नई पीढ़ी को भारतीय संस्कृति, ज्ञान परंपरा, सेवा और जीवन मूल्यों से जोड़ने का संदेश दिया गया।
विश्वविद्यालय की कुलपति डॉ. स्मिता सेलट ने कहा कि आई.पी. मिश्रा का शिक्षा के क्षेत्र में योगदान प्रेरणादायी है। उनका मानना है कि शिक्षा का उद्देश्य केवल डिग्री प्रदान करना नहीं, बल्कि विद्यार्थियों में ज्ञान, चरित्र, अनुशासन, संस्कार और राष्ट्र के प्रति उत्तरदायित्व की भावना विकसित करना भी है।
श्री गंगाजली एजुकेशन सोसायटी से संबद्ध संस्थानों में कहीं दीक्षारंभ कार्यक्रम के माध्यम से नवप्रवेशित विद्यार्थियों का स्वागत किया गया, तो कहीं धार्मिक अनुष्ठानों और सांस्कृतिक गतिविधियों का आयोजन हुआ। मेडिकल कॉलेज में रुद्राभिषेक सहित विशेष पूजा-अर्चना की गई। विद्यार्थियों, शिक्षकों, अधिकारियों और कर्मचारियों ने सामाजिक, सांस्कृतिक एवं सेवा गतिविधियों में भाग लेकर कुलाधिपति के स्वस्थ, दीर्घायु और यशस्वी जीवन की कामना की।
इस अवसर पर कुलाधिपति आई.पी. मिश्रा ने कहा कि शिक्षा के माध्यम से समाज निर्माण के संकल्प को आगे बढ़ाना आवश्यक है। ईश्वर के प्रति कृतज्ञता, समाज के प्रति उत्तरदायित्व और जीवन मूल्यों का सदैव महत्व रहता है। नई पीढ़ी को भारतीय संस्कृति एवं संस्कारों से परिचित कराना हम सभी की नैतिक जिम्मेदारी है।
कार्यक्रम में बड़ी संख्या में शिक्षक, विद्यार्थी और कर्मचारी उपस्थित रहे।
Feb 09, 2021 Rate: 4.00
