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March 18, 2026
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धर्म संसार / शौर्यपथ / प्रभु यीशु के जन्म की ख़ुशी में मनाया जाने वाला क्रिसमस का त्योहार पूरी दुनिया में मनाया जाता है। यह त्योहार कई मायनों में बेहद खास है। क्रिसमस को बड़ा दिन, सेंट स्टीफेंस डे या फीस्ट ऑफ़ सेंट स्टीफेंस भी कहा जाता है। प्रभु यीशु ने दुनिया को प्यार और इंसानियत की शिक्षा दी। उन्होंने लोगों को प्रेम और भाईचारे के साथ रहने का संदेश दिया। प्रभु यीशु को ईश्वर का इकलौता प्यारा पुत्र माना जाता है। इस त्योहार से कई रोचक तथ्य जुड़े हैं। आइए जानते हैं इनके बारे में।
क्रिसमस ऐसा त्योहार है जिसे हर धर्म के लोग उत्साह से मनाते हैं। यह एकमात्र ऐसा त्योहार है जिस दिन लगभग पूरे विश्व में अवकाश रहता है। 25 दिसंबर को मनाया जाने वाला यह त्योहार आर्मीनियाई अपोस्टोलिक चर्च में 6 जनवरी को मनाया जाता है। कई देशों में क्रिसमस का अगला दिन 26 दिसंबर बॉक्सिंग डे के रूप मे मनाया जाता है। क्रिसमस पर सांता क्लॉज़ को लेकर मान्यता है कि चौथी शताब्दी में संत निकोलस जो तुर्की के मीरा नामक शहर के बिशप थे, वही सांता थे। वह गरीबों की हमेशा मदद करते थे उनको उपहार देते थे। क्रिसमस के तीन पारंपरिक रंग हैं हरा, लाल और सुनहरा। हरा रंग जीवन का प्रतीक है, जबकि लाल रंग ईसा मसीह के रक्त और सुनहरा रंग रोशनी का प्रतीक है। क्रिसमस की रात को जादुई रात कहा जाता है। माना जाता है कि इस रात सच्चे दिल वाले लोग जानवरों की बोली को समझ सकते हैं। क्रिसमस पर घर के आंगन में क्रिसमस ट्री लगाया जाता है। क्रिसमस ट्री को दक्षिण पूर्व दिशा में लगाना शुभ माना जाता है। फेंगशुई के मुताबिक ऐसा करने से घर में सुख समृद्धि आती है। पोलैंड में मकड़ी के जालों से क्रिसमस ट्री को सजाने की परंपरा है। मान्यता है कि मकड़ी ने सबसे पहले जीसस के लिए कंबल बुना था।

दुर्ग।

दुर्ग शहर कांग्रेस इन दिनों संगठनात्मक राजनीति और अंदरूनी समीकरणों के चलते चर्चा के केंद्र में है। खासकर महिला कांग्रेस अध्यक्ष पद को लेकर हलचल तेज होती नजर आ रही है, जहां एक ओर पुराने और अनुभवी नाम हैं, वहीं दूसरी ओर नई सक्रियता के सहारे उभरती दावेदारियां भी सामने आ रही हैं।

इसी कड़ी में शहर कांग्रेस की महामंत्री निकिता मिलिंद का नाम अचानक सुर्खियों में आ गया है। हाल के दिनों में उनके द्वारा लगातार प्रेस विज्ञप्तियों के माध्यम से केंद्र सरकार पर हमलावर रुख अपनाना और मीडिया में सक्रिय बने रहना, पार्टी के भीतर नई चर्चा को जन्म दे रहा है।

क्या सक्रियता का लक्ष्य ‘कुर्सी’?

राजनीतिक गलियारों में यह सवाल तेजी से उठ रहा है कि—

क्या यह सक्रियता संगठन में अपनी पकड़ मजबूत करने की रणनीति है?

या फिर शहर कांग्रेस अध्यक्ष धीरज बाकलीवाल की नजरों में जगह बनाकर महिला कांग्रेस अध्यक्ष पद की दावेदारी मजबूत करने की कोशिश?

हालांकि, इस पद के लिए अब तक  महापौर प्रत्याशी प्रेमलता साहू का नाम सबसे प्रबल माना जा रहा है। उनके संगठन में पुराने और मजबूत संबंध, खासकर शहर अध्यक्ष के साथ, उन्हें स्वाभाविक दावेदार बनाते हैं।

विपक्ष की भूमिका पर उठते सवाल

इस पूरे घटनाक्रम के बीच एक बड़ा सवाल यह भी है कि शहर कांग्रेस स्थानीय मुद्दों पर कितनी सक्रिय है?

जहां एक ओर शहरी सरकार पर भ्रष्टाचार और अव्यवस्था के आरोप लग रहे हैं, वहीं कांग्रेस के पार्षदों की अपेक्षित आक्रामक भूमिका नजर नहीं आ रही।

दिलचस्प बात यह है कि निगम की सामान्य सभा में सत्ता पक्ष (भाजपा) के पार्षद ही अपनी सरकार को घेरते दिखे, जबकि कांग्रेस अपेक्षाकृत शांत नजर आई।

सोशल मीडिया बनाम ज़मीनी राजनीति

दुर्ग कांग्रेस में अब यह चर्चा भी जोर पकड़ रही है कि राजनीति का केंद्र जमीनी आंदोलनों से हटकर सोशल मीडिया और प्रेस विज्ञप्तियों तक सिमटता जा रहा है।

निकिता मिलिंद की बढ़ती मीडिया सक्रियता को भी इसी नजरिए से देखा जा रहा है—जहां जमीनी मुद्दों की बजाय राष्ट्रीय राजनीति पर बयानबाजी ज्यादा दिख रही है।

बदलते समीकरण, नई टीम की तैयारी

दुर्ग कांग्रेस की राजनीति में पिछले कुछ समय में बड़ा बदलाव आया है। एक समय तक प्रभावी रहे वोरा परिवार का वर्चस्व अब लगभग समाप्त हो चुका है, और शहर अध्यक्ष धीरज बाकलीवाल के नेतृत्व में नई टीम और नए चेहरे उभर रहे हैं।

पूर्व राजनीतिक प्रतिद्वंद्वी रहे राजेश यादव और धीरज बाकलीवाल का साथ आना भी इन बदलते समीकरणों का संकेत है।

क्या संभव है ‘तेज प्रमोशन’?

राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि महामंत्री पद मिलने के तुरंत बाद महिला कांग्रेस अध्यक्ष जैसे महत्वपूर्ण पद तक पहुंचना आसान नहीं होता, लेकिन

“राजनीति में कुछ भी असंभव नहीं”—खासकर तब, जब संगठन में बड़े बदलाव की प्रक्रिया चल रही हो।

अब देखना यह होगा कि—

क्या अनुभव और पुराने संबंध बाजी मारेंगे?

या फिर नई सक्रियता और रणनीति संगठन में नया समीकरण बनाएगी?

फिलहाल, दुर्ग कांग्रेस में एक बात साफ है—

“कुर्सी एक, दावेदार कई… और सियासत अपने पूरे रंग में!”

लेख - राजनीतिक चर्चाओं के आधार पर 

दुर्ग। शौर्यपथ । 

दुर्ग नगर निगम की सामान्य सभा में इस बार सिर्फ मुद्दों पर चर्चा नहीं हुई, बल्कि शहरी सरकार की कार्यप्रणाली पर खुला ‘मंथन’ और ‘मंथन से निकला असंतोष’ भी साफ दिखाई दिया। शहर की जनता ने जिस भरोसे के साथ “ट्रिपल इंजन सरकार” को चुना था—तेजी से विकास, बेहतर सफाई और सुदृढ़ व्यवस्था—वह भरोसा अब सवालों के घेरे में खड़ा नजर आ रहा है।

शहर में बढ़ते अवैध बाजार, अतिक्रमण, गंदगी और अव्यवस्थित यातायात ने न केवल नगर निगम की कार्यशैली पर सवाल उठाए हैं, बल्कि कहीं न कहीं भारतीय जनता पार्टी की छवि पर भी असर डालना शुरू कर दिया है।

सामान्य सभा में उठा ‘जनता का सवाल’

सभा के दौरान सत्ता और विपक्ष दोनों पक्षों के पार्षदों ने शहर की बिगड़ती व्यवस्था को लेकर नाराजगी जाहिर की। चर्च मार्ग पर लगने वाला अवैध बाजार और अन्य प्रमुख स्थानों पर बढ़ता अतिक्रमण, प्रशासनिक निष्क्रियता का प्रत्यक्ष उदाहरण बनकर सामने आया।

सभापति श्याम शर्मा का सख्त संदेश

सामान्य सभा में सभापति श्याम शर्मा ने भी स्पष्ट शब्दों में शहरी सरकार को आईना दिखाया। उन्होंने कहा कि—

“जनता ने ट्रिपल इंजन सरकार इसलिए चुनी है कि विकास जमीन पर दिखे, सिर्फ कागज और प्रचार में नहीं।”

“यदि वार्डों में असमान विकास और अव्यवस्था जारी रही, तो जनप्रतिनिधियों के लिए जनता को जवाब देना मुश्किल हो जाएगा।”

उनके इस बयान ने यह साफ कर दिया कि मामला अब केवल विपक्ष का आरोप नहीं, बल्कि सत्ता पक्ष के भीतर भी गहरी चिंता का विषय बन चुका है।

विकास बनाम हकीकत

एक ओर शहरी सरकार विकास के दावे और उपलब्धियां गिनाती नजर आती है, वहीं दूसरी ओर शहर की सड़कों पर अतिक्रमण, गंदगी और अव्यवस्था इन दावों की सच्चाई उजागर कर रहे हैं।

पार्षदों ने यह भी आरोप लगाया कि विकास कार्यों में भेदभाव किया जा रहा है—कुछ वार्डों में काम, तो कई वार्डों में बुनियादी सुविधाएं तक अधूरी।

ट्रिपल इंजन का ‘सपना’ बनाम ‘जमीनी सच्चाई’

प्रदेश सरकार की मंशा के अनुरूप “ट्रिपल इंजन” का जो सपना जनता ने देखा था, वह अभी तक जमीनी स्तर पर पूरी तरह साकार होता नजर नहीं आ रहा।

अब सवाल यह है कि—

क्या शहरी सरकार इस चेतावनी को गंभीरता से लेगी?

क्या अतिक्रमण और अव्यवस्था पर ठोस कार्रवाई होगी?

या फिर “विकास” सिर्फ प्रचार और दावों तक सीमित रह जाएगा?

फिलहाल, सामान्य सभा से निकला संदेश साफ है—

“अगर अब भी सुधार नहीं हुआ, तो जवाब सिर्फ सरकार को नहीं, बल्कि पूरे सिस्टम को देना पड़ेगा।”

दुर्ग। दुर्ग नगर निगम की सामान्य सभा इस बार सिर्फ औपचारिक चर्चा का मंच नहीं रही, बल्कि सफाई व्यवस्था के नाम पर सियासी टकराव और प्रशासनिक सवालों का विस्फोट बन…
दुर्ग,। दुर्ग नगर निगम की सामान्य सभा में मंगलवार को जो दृश्य सामने आया, उसने नगर निगम की राजनीति को एक नया मोड़ दे दिया। आमतौर पर जहां विपक्ष सत्ता…

दुर्ग | शौर्यपथ । 

नगर पालिक निगम दुर्ग ने शहर के बेघर और किराये के मकानों में रहने वाले परिवारों के लिए खुशियों की सौगात दी है। प्रधानमंत्री आवास योजना (शहरी) के तहत अब जरूरतमंद परिवार बेहद कम कीमत और आसान किश्तों में अपना खुद का पक्का घर पा सकते हैं। महापौर श्रीमती अलका बाघमार और आयुक्त सुमित अग्रवाल ने पात्र नागरिकों से इस योजना का लाभ उठाने की भावुक अपील की है।

? इन प्राइम लोकेशन्स पर उपलब्ध हैं फ्लैट्स

निगम द्वारा शहर के विकसित क्षेत्रों में आधुनिक सुविधाओं के साथ फ्लैट्स का निर्माण किया गया है, जो आवंटन के लिए तैयार हैं:

सरस्वती नगर

माँ कर्मा बोरसी

फॉर्चून हायट्स बोरसी

गोकुल नगर

? किश्तों में भुगतान और फाइनेंस की सुविधा

इस योजना की सबसे बड़ी विशेषता यह है कि लगभग ₹3.5 लाख की लागत वाले ये फ्लैट्स किश्तों के माध्यम से प्राप्त किए जा सकते हैं। मध्यम और निम्न आय वर्ग के परिवारों की सुविधा के लिए नगर निगम ने फाइनेंस कंपनियों की भी व्यवस्था की है, ताकि ऋण (Loan) लेने में कोई बाधा न आए।

✅ कौन ले सकता है लाभ? (पात्रता शर्तें)

योजना का लाभ लेने के लिए निम्नलिखित शर्तें पूरी होनी अनिवार्य हैं:

हितग्राही अगस्त 2015 से पूर्व से दुर्ग शहर में निवासरत हो।

वर्तमान में किराये के मकान, कच्चे मकान या किसी अन्य के मकान में रह रहा हो।

पूरे भारत में हितग्राही के नाम पर कोई भी स्वयं का पक्का घर न हो।

? "सपनों का घर पाने का यह अंतिम अवसर"

"हमारा उद्देश्य शहर के हर सिर पर छत सुनिश्चित करना है। बेघर परिवार अब किराये के बोझ से मुक्त होकर सम्मानजनक जीवन जी सकेंगे। पात्र लोग देरी न करें और इस 'पहले आओ-पहले पाओ' मौके का लाभ उठाएं।"

— श्रीमती अलका बाघमार, महापौर

"पारदर्शिता के लिए हमने सीधा आवेदन और 'पहले आओ-पहले पाओ' की नीति अपनाई है। आवास कार्यालय में हेल्प डेस्क तैयार है ताकि लोगों को आवेदन में कोई परेशानी न हो।"

— सुमित अग्रवाल, आयुक्त

? यहाँ करें संपर्क

आवास प्राप्त करने के इच्छुक हितग्राही अधिक जानकारी और आवेदन के लिए संपर्क कर सकते हैं:

स्थान: प्रधानमंत्री आवास योजना कार्यालय, डाटा सेंटर, नगर निगम दुर्ग।

संपर्क समय: का

र्यालयीन समय के दौरान।

दुर्ग | शौर्यपथ । 

दुर्ग पुलिस ने अवैध गतिविधियों के खिलाफ अपना कड़ा रुख बरकरार रखते हुए पंचशील नगर क्षेत्र में चल रहे एक बड़े जुआ फड़ पर सर्जिकल स्ट्राइक की है। थाना सिटी कोतवाली और एसीसीयू (ACCU) की संयुक्त टीम ने मुखबिर की सटीक सूचना पर खेत में दबिश देकर 13 जुआरियों को रंगे हाथ दबोचा। पुलिस ने मौके से करीब 3 लाख रुपये की मशरूका जप्त की है।

खेत में बिछी थी बिसात, पुलिस ने चारों तरफ से घेरा

जानकारी के मुताबिक, पंचशील नगर और मोहलाई के बीच स्थित एक सुनसान खेत में बड़े पैमाने पर जुआ खेलने की सूचना मिली थी। जुआरी पुलिस की नजरों से बचने के लिए रिहायशी इलाके से दूर खेत का सहारा ले रहे थे। दुर्ग पुलिस की स्पेशल टीम ने योजनाबद्ध तरीके से घेराबंदी की, जिससे आरोपियों को भागने का मौका नहीं मिला।

बड़ी बरामदगी: नगदी और मोबाइल फोन जप्त

पुलिस की इस रेड में जुआरियों के पास से विलासिता और जुए के साजो-सामान बरामद हुए हैं:

कुल जप्ती: ₹2,97,000 (लगभग 3 लाख रुपये)

नगद राशि: ₹1,53,000 (दांव पर लगी रकम)

स्मार्टफोन: 18 नग कीमती मोबाइल (कीमत ₹1,44,000)

अन्य: 03 गड्डी ताश, तिरपाल, कंबल और चादरें।

पकड़े गए आरोपियों की सूची (13 गिरफ्तार)

गिरफ्तार आरोपियों में दुर्ग और आसपास के क्षेत्रों के रसूखदार और आदतन जुआरी शामिल हैं:

मोहम्मद फहीम (मील पारा)

बल्लू वर्मा (रिशाली)

किशन साहू (जवाहर नगर)

पंकज सोनी (नयापारा)

नितेश जैन (उरला)

सुरेश गुप्ता (चंडी मंदिर क्षेत्र)

शंकर लाल चौधरी (कसारीडीह)

मोहित सिन्हा (बघेरा)

ललित भट्ट (शिव नगर)

खिलेश्वर निषाद (कोटनी)

बसंत कुमार सोनी (राम नगर)

राकेश मंडल (पंचशील नगर)

मनोज राजपूत (कोटनी)

नया कानून, कड़ी कार्रवाई

पुलिस ने सभी आरोपियों के खिलाफ छत्तीसगढ़ जुआ प्रतिषेध अधिनियम 2022 की धारा 3(2) और भारतीय न्याय संहिता (BNS) की धारा 112(2) के तहत अपराध क्रमांक 132/2026 पंजीबद्ध किया है।

इनकी रही मुख्य भूमिका:

इस सफल कार्रवाई में सिटी कोतवाली के सउनि रामकृष्ण तिवारी, प्रधान आरक्षक राकेश निर्मलकर, आरक्षक केशव कुमार, गजेन्द्र यादव और एसीसीयू टीम का विशेष योगदान रहा।

पुलिस की चेतावनी: दुर्ग पुलिस ने साफ कर दिया है कि जिले में किसी भी प्रकार का अवैध कारोबार बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। यदि आपके आसपास ऐसी गतिविधियां हो रही हैं,

तो तुरंत पुलिस को सूचित करें।

दुर्ग, ।  जिले में त्रिस्तरीय पंचायत उप-निर्वाचन 2026 की प्रक्रिया गति पकड़ चुकी है। कलेक्टर एवं जिला निर्वाचन अधिकारी (पंचायत) के निर्देशानुसार, जिले की तीन प्रमुख जनपद पंचायतों—दुर्ग, धमधा और पाटन—में फोटोयुक्त निर्वाचक नामावली (मतदाता सूची) तैयार करने का कार्य युद्ध स्तर पर प्रारंभ कर दिया गया है।

इस प्रक्रिया के लिए 1 अप्रैल 2026 को संदर्भ तिथि (Base Date) माना गया है।

? जिम्मेदारी का बंटवारा: नियुक्त किए गए अधिकारी

निर्वाचन नियमों के सुचारू पालन के लिए शासन ने प्रशासनिक अधिकारियों को महत्वपूर्ण जिम्मेदारियां सौंपी हैं:

रजिस्ट्रीकरण अधिकारी: अनुविभागीय अधिकारी (राजस्व) - दुर्ग, धमधा और पाटन।

सहायक रजिस्ट्रीकरण अधिकारी: संबंधित तहसीलों (दुर्ग, धमधा, पाटन) के तहसीलदार।

अपीलीय प्राधिकारी: अतिरिक्त जिला दण्डाधिकारी (ADM), दुर्ग।

? किन क्षेत्रों में होगा पुनरीक्षण?

उप-निर्वाचन के तहत कुल 17 ग्राम पंचायतों और संबंधित वार्डों में मतदाता सूची का मिलान और नवीनीकरण किया जाएगा:

जनपद पंचायत प्रभावित ग्राम पंचायतें

दुर्ग (05) भोथली, तिरगा, बोरई, कोटनी, उमरपोटी।

धमधा (05) रुहा, पथरिया (डो.), लहंगा, नंदवाय, करेली।

पाटन (07) सुरपा, तुलसी, मानिकचौरी, कसही, गोडपेन्ड्री, मनसुली, गातापार (वार्ड सहित) एवं पाहंदा (अ) सांकरा।

अहम जानकारी

छत्तीसगढ़ पंचायत निर्वाचन नियम 1995 के नियम 18 के तहत यह पूरी प्रक्रिया पारदर्शी तरीके से पूरी की जाएगी। मतदाता सूची पुनरीक्षण का उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि कोई भी पात्र मतदाता अपने मताधिकार से वंचित न रहे और सूची पूरी तरह त्रुटिहीन हो।

अपील: संबंधित क्षेत्रों के नागरिक मतदाता सूची में अपना नाम जुड़वाने या सुधार करवाने के लिए निर्धारित केंद्रों पर संपर्क कर सकते हैं

दुर्ग ।  मुख्यमंत्री महिला सशक्तिकरण अभियान और 'प्रधानमंत्री मातृ वंदना योजना' छत्तीसगढ़ के ग्रामीण अंचलों में वरदान साबित हो रही है। दुर्ग जिले के ग्राम सिलोदा (ग्राम पंचायत खपरी) की निवासी गीतांजली साहू की कहानी इस योजना की सफलता का एक जीवंत उदाहरण है, जहाँ सही समय पर मिली आर्थिक सहायता और पोषण परामर्श ने एक मां और बच्चे के जीवन में खुशहाली भर दी।

चुनौतियों भरा था सफर: कम वजन और हीमोग्लोबिन की समस्या

गर्भावस्था के शुरुआती दौर में गीतांजली का स्वास्थ्य चिंता का विषय था। उनका वजन मात्र 38 किलोग्राम था और हीमोग्लोबिन का स्तर भी 10 ग्राम (एनीमिक श्रेणी) था। ऐसी स्थिति में जच्चा-बच्चा दोनों के लिए जोखिम अधिक था।

योजना बनी मददगार: ₹3000 की पहली किस्त से बदला आहार

सेक्टर रसमड़ा की आंगनबाड़ी कार्यकर्ता और महिला सशक्तिकरण केंद्र की टीम ने गीतांजली का पंजीयन 'प्रधानमंत्री मातृ वंदना योजना' में कराया।

पोषण सहायता: पांचवें माह में उन्हें योजना के तहत 3000 रुपये की पहली किस्त प्राप्त हुई।

बदलाव: इस राशि का उपयोग गीतांजली ने अपने खान-पान को सुधारने में किया। उन्होंने अपने आहार में अंकुरित अनाज, ताजे फल, सलाद और दूध को शामिल किया।

सकारात्मक परिणाम: स्वस्थ मां, स्वस्थ बच्चा

नियमित देखरेख और संतुलित पोषण का परिणाम सुखद रहा:

वजन में सुधार: नौवें माह तक गीतांजली का वजन 8 किलो बढ़ गया।

हीमोग्लोबिन: रक्त का स्तर बढ़कर 11 ग्राम हो गया।

स्वस्थ प्रसव: 23 नवंबर 2025 को उन्होंने एक स्वस्थ बालक (वजन 2.50 किग्रा) को जन्म दिया।

शिशु विकास: जन्म के बाद उचित स्तनपान से मात्र एक माह में बच्चे का वजन बढ़कर 3.5 किलोग्राम हो गया है।

"शासन की यह मदद मेरे लिए संबल बनी"

गीतांजली साहू ने शासन का आभार व्यक्त करते हुए कहा कि समय पर मिली जानकारी और आर्थिक सहायता ने उनके मातृत्व को सुरक्षित बनाया। वह अब अन्य महिलाओं को भी इस योजना का लाभ लेने के लिए प्रेरित कर रही हैं।

? मुख्य बिंदु: महिला सशक्तिकरण केंद्र दुर्ग की पहल

जागरूकता अभियान: दुर्ग ग्रामीण के सेक्टर रसमड़ा में लगातार महिलाओं को योजनाओं के प्रति जागरूक किया जा रहा है।

परामर्श: केवल आर्थिक सहायता ही नहीं, बल्कि आहार चार्ट और नियमित जांच के लिए भी प्रेरि

त किया जा रहा है।

दुर्ग, गंजपारा: धर्म की नगरी दुर्ग में चैत्र नवरात्र के पावन अवसर पर गंजपारा स्थित श्री सत्तीचौरा दुर्गा मंदिर अपना 16वां वार्षिक महोत्सव बेहद भव्य रूप में मनाने जा रहा है। मंदिर समिति द्वारा 19 मार्च से 27 मार्च तक आयोजित इस 9 दिवसीय अनुष्ठान में आस्था, संगीत और परंपराओं का अद्भुत संगम देखने को मिलेगा।

समिति के अशोक राठी एवं प्रवीण भूतड़ा ने बताया कि इस वर्ष कोलकाता के कलाकारों द्वारा की जा रही विशेष साज-सज्जा और आकर्षक लाइटिंग पूरे शहर के लिए आकर्षण का केंद्र होगी।

?️ उत्सव का मुख्य आकर्षण: कार्यक्रम की रूपरेखा

दिनांक प्रमुख आयोजन विशेष विवरण

19 मार्च महोत्सव का शुभारंभ प्रातः 5 बजे ज्योति कलश प्रज्जवलन एवं 9 बजे महाभिषेक।

22 मार्च भव्य पालकी शोभायात्रा शाम 4 बजे से माता जी की पालकी यात्रा। विशेष बाजा, धुमाल, झांकी और बग्गी शामिल होंगे।

23 मार्च राणी सती मंगलपाठ दोपहर 1 बजे से। महिलाएं 16 श्रृंगार और लाल चुनरी में भजनों पर मंगलपाठ करेंगी।

24 मार्च संगीतमय सुंदरकांड शाम 6 बजे से। विवाहित जोड़े एक साथ बैठकर हनुमान चालीसा एवं पाठ करेंगे।

26 मार्च महाअष्टमी उत्सव 56 भोग, 108 दियों से महाआरती एवं रात्रि में हवन-पूर्णाहूति।

27 मार्च विदाई बेला प्रातः 7 बजे ज्योति कलश विसर्जन शोभायात्रा।

✨ इस वर्ष क्या होगा खास?

शहर की एकमात्र पालकी यात्रा: 22 मार्च को दुर्ग शहर के धर्मप्रेमी अपने कंधों पर माता की पालकी उठाकर नगर भ्रमण कराएंगे। इसमें छत्तीसगढ़ी लोक कला मंडली और डीजे की धुन पर भक्त झूमते नजर आएंगे।

सौभाग्यवती महिलाओं का मंगलपाठ: 23 मार्च को रायपुर के प्रसिद्ध भजन सम्राट तरुण सोनी द्वारा दादी राणी सती का पाठ किया जाएगा। इसमें महिलाएं पारंपारिक वेशभूषा में शामिल होंगी।

दंपत्तियों के लिए सुंदरकांड: 24 मार्च को आचार्य कान्हा महाराज के सानिध्य में सैकड़ों विवाहित जोड़े सामूहिक पाठ करेंगे। इसके लिए ड्रेस कोड (पुरुष-सफेद, महिला-लाल/पीली साड़ी) निर्धारित किया गया है।

? पंजीयन सूचना: सुंदरकांड पाठ में शामिल होने के इच्छुक विवाहित जोड़े 22 मार्च तक मंदिर परिसर में अपना निःशुल्क पंजीयन करा सकते हैं।

प्रतिदिन के सेवा कार्य

महोत्सव के दौरान प्रतिदिन सुबह 9 बजे श्रद्धालुओं द्वारा सपरिवार महाभिषेक किया जा सकेगा। साथ ही, दोपहर 12 बजे नियमित रूप से कन्या पूजन एवं कन्या भोज का आयोजन किया जाएगा।

मंदिर समिति ने सभी धर्मप्रेमियों से इस भव्य आयोजन में शामिल होकर पुण्य लाभ लेने की अपील की है।

दुर्ग/रायपुर: प्रदेश की भाजपा सरकार की नीतियों और बढ़ते अपराधों के खिलाफ कांग्रेस ने मोर्चा खोल दिया है। 17 मार्च को राजधानी रायपुर में होने वाले विशाल विधानसभा घेराव की तैयारियों को लेकर आज दुर्ग के राजीव भवन में एक महत्वपूर्ण रणनीति बैठक संपन्न हुई।

बैठक में 'मनरेगा बचाओ संग्राम' से लेकर 'अवैध अफीम खेती' जैसे मुद्दों पर सरकार को घेरने की योजना बनाई गई।

"प्रदेश का हर वर्ग त्रस्त, सरकार मस्त" – अय्यूब खान

प्रदेश कांग्रेस सचिव अय्यूब खान ने कार्यकर्ताओं को संबोधित करते हुए कहा कि 2023 से प्रदेश में जब से भाजपा की सरकार आई है, कानून-व्यवस्था पूरी तरह लाचार हो चुकी है। उन्होंने तीखा हमला करते हुए कहा:

"महंगाई और बेरोजगारी ने जनता की कमर तोड़ दी है। न किसान खुश है, न युवा और न ही व्यापारी। भाजपा के दावे 'ढाक के तीन पात' साबित हो रहे हैं।"

प्रमुख मुद्दे जिन पर घेरेगी कांग्रेस:

अवैध अफीम की खेती: पूर्व विधायक अरुण वोरा ने सवाल उठाया कि प्रशासन की नाक के नीचे इतनी बड़ी मात्रा में अफीम की खेती किसके संरक्षण में हो रही थी? सरकार को स्पष्ट करना होगा कि इस गोरखधंधे के पीछे असली चेहरे कौन हैं।

मनरेगा पर प्रहार: वक्ताओं ने कहा कि केंद्र और राज्य सरकार मिलकर गरीबों की जीवनरेखा 'मनरेगा' को कमजोर कर रही है।

बढ़ता अपराध: प्रदेश में बढ़ती आपराधिक घटनाओं और असुरक्षा के माहौल को लेकर कार्यकर्ताओं में भारी आक्रोश देखा गया।

दुर्ग की रहेगी बड़ी भागीदारी

दुर्ग ग्रामीण अध्यक्ष राकेश ठाकुर एवं शहर अध्यक्ष धीरज बकलीवाल की अध्यक्षता में हुई इस बैठक में तय किया गया कि दुर्ग जिले से हजारों की संख्या में कार्यकर्ता अपनी गाड़ियों के साथ रायपुर कूच करेंगे।

बैठक में मुख्य रूप से उपस्थित रहे:

पूर्व विधायक अरुण वोरा, पीसीसी महामंत्री दीपक दुबे, सचिव अय्यूब खान, पूर्व महापौर आर.एन. वर्मा, छाया महापौर श्रीमती प्रेमलता साहू सहित बड़ी संख्या में वरिष्ठ कांग्रेस जन।

मुख्य आकर्षण (Highlight Boxes)

नारा: "जनता की आवाज, विधानसभा के द्वार"

मिशन: 17 मार्च, रायपुर चलो!

मुद्दा: कानून व्यवस्था, बेरोजगारी, और कि

सानों की अनदेखी।

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