
CONTECT NO. - 8962936808
EMAIL ID - shouryapath12@gmail.com
Address - SHOURYA NIWAS, SARSWATI GYAN MANDIR SCHOOL, SUBHASH NAGAR, KASARIDIH - DURG ( CHHATTISGARH )
LEGAL ADVISOR - DEEPAK KHOBRAGADE (ADVOCATE)
कलेक्टर अभिजीत सिंह ने सभी नगरीय निकायों में सर्वे कार्य की समीक्षा कर तय की समय-सीमा, 20 अगस्त 2017 से लगातार शासकीय भूमि पर काबिज आवासहीन परिवारों को मिल सकेगा पट्टाधृति अधिकार
परिवार की वार्षिक आय 3 लाख रुपये से अधिक नहीं होनी चाहिए, दुर्ग निगम क्षेत्र में 600 और अन्य नगरीय निकायों में 800 वर्गफीट तक भूमि के लिए निर्धारित किए गए पात्रता के मापदंड
दुर्ग / शौर्यपथ / छत्तीसगढ़ के नगरीय क्षेत्रों में आवासहीन परिवारों को शासकीय भूमि पर पट्टाधृति अधिकार प्रदान करने की दिशा में दुर्ग जिले में प्रशासनिक कवायद तेज हो गई है। छत्तीसगढ़ नगरीय क्षेत्रों के आवासहीन व्यक्तियों को पट्टाधृति अधिकार अधिनियम, 2023 के तहत जिले के सभी नगरीय निकायों में सर्वे और पात्रता परीक्षण की प्रक्रिया शुरू कर दी गई है। कलेक्टर अभिजीत सिंह ने गुरुवार को कलेक्टोरेट सभाकक्ष में नगर निगम आयुक्तों, मुख्य नगर पालिका अधिकारियों (सीएमओ) एवं नियुक्त प्राधिकृत अधिकारियों की बैठक लेकर सर्वे कार्य की समीक्षा की तथा पूरी प्रक्रिया निर्धारित समय-सीमा में संपन्न करने के निर्देश दिए।
तीन चरणों में पूरी होगी प्रक्रिया
प्रशासन ने पट्टा वितरण के लिए पात्र हितग्राहियों की पहचान और सूची तैयार करने की कार्यवाही को तीन चरणों में विभाजित किया है। इसके तहत 3 से 6 नवंबर तक पूर्व में सर्वेक्षित परिवारों से नियमानुसार आवश्यक दस्तावेज प्राप्त कर पात्र एवं अपात्र व्यक्तियों की वार्डवार सूची तैयार की जाएगी। इसके बाद 7 से 10 नवंबर तक संबंधित वार्डों में सूची का प्रकाशन कर दावा-आपत्तियां आमंत्रित की जाएंगी। वहीं 11 नवंबर को प्राप्त दावा-आपत्तियों का निराकरण कर पात्र हितग्राहियों की अंतिम सूची तैयार कर प्रस्तुत करने की समय-सीमा निर्धारित की गई है।
कौन होंगे पट्टे के पात्र?
अधिनियम के प्रावधानों के अनुसार छत्तीसगढ़ का स्थानीय निवासी होने की पात्रता रखने वाले, आवासहीन तथा संबंधित नगरीय निकाय की मतदाता सूची में दर्ज व्यक्ति पट्टे के लिए पात्र हो सकते हैं। इसके लिए परिवार की वार्षिक आय 3 लाख रुपये से अधिक नहीं होनी चाहिए। परिवार का कोई सदस्य चतुर्थ श्रेणी को छोड़कर केंद्र या राज्य सरकार अथवा उनके उपक्रमों में शासकीय सेवा में नहीं होना चाहिए। इसी तरह परिवार में अधिवक्ता, इंजीनियर, डॉक्टर, चार्टर्ड अकाउंटेंट जैसे पेशेवर सेवा से जुड़े व्यक्ति अथवा निर्वाचित जनप्रतिनिधि होने पर पात्रता प्रभावित होगी।
इसके अतिरिक्त आवेदक अथवा उसके परिवार के किसी सदस्य को पूर्व में उसी नगरीय निकाय में कोई शासकीय भूमि आवंटित नहीं हुई होनी चाहिए। अधिनियम में परिवार के दायरे में माता-पिता, पति-पत्नी, पुत्र, अविवाहित पुत्री तथा आवासहीन व्यक्ति पर पूर्णतः आश्रित रक्त संबंधी नातेदारों को शामिल किया गया है।
भूमि के रकबे और कब्जे की भी तय है शर्त
पट्टाधृति अधिकार के लिए नगर पालिक निगम क्षेत्र में अधिकतम 600 वर्गफीट तथा अन्य नगरीय निकायों में अधिकतम 800 वर्गफीट शासकीय भूमि पर 20 अगस्त 2017 से लगातार कब्जा होना आवश्यक है। पात्रता का परीक्षण विकास योजना में निर्धारित भू-उपयोग से निरपेक्ष होकर किया जाएगा। निर्धारित सीमा से अधिक भूमि पर कब्जा होने की स्थिति में अतिरिक्त भूमि का कब्जा छोड़ने अथवा हटाए जाने के बाद ही पट्टे की पात्रता पर विचार किया जाएगा। ऐसा नहीं करने पर संबंधित कब्जाधारी को अपात्र माना जाएगा।
पुराने कब्जे के सत्यापन के लिए मान्य होंगे दस्तावेज
20 अगस्त 2017 के पूर्व से भूमि पर कब्जे की पुष्टि के लिए प्रशासन ने विभिन्न दस्तावेजों को आधार बनाया है। इनमें भारत निर्वाचन आयोग एवं राज्य निर्वाचन आयोग की मतदाता सूची, विद्युत देयक अथवा विद्युत कनेक्शन संबंधी दस्तावेज, टेलीफोन बिल, नगरीय निकाय की संपत्तिकर एवं समेकित कर पंजी, जलकर भुगतान दस्तावेज, भवन अनुज्ञा, दुकान अनुज्ञा, पूर्व में जारी पट्टाधृति पट्टे, आधार कार्ड तथा ड्राइविंग लाइसेंस शामिल हैं।
निकायवार प्राधिकृत अधिकारियों की नियुक्ति
कलेक्टर अभिजीत सिंह ने जिले के सभी नगरीय निकायों में इस प्रक्रिया को संपन्न कराने के लिए प्राधिकृत अधिकारियों की नियुक्ति की है। नगर निगम दुर्ग एवं नगर निगम भिलाई के जोन क्रमांक 3, 4 एवं 5 के लिए एसडीएम दुर्ग सोनल डेविड को जिम्मेदारी सौंपी गई है। भिलाई निगम के जोन क्रमांक 1 एवं 2 के लिए संयुक्त कलेक्टर उत्तम सिंह पंचारी, नगर निगम भिलाई-चरोदा एवं नगर पालिका कुम्हारी के लिए एसडीएम भिलाई-3 प्रकाश सोनी, नगर निगम रिसाली एवं नगर पंचायत उतई के लिए एसडीएम दुर्ग प्रफुल्ल कुमार गुप्ता को प्राधिकृत अधिकारी नियुक्त किया गया है।
इसी प्रकार नगर पंचायत धमधा के लिए एसडीएम अंजली खलको, नगर पालिका अमलेश्वर एवं नगर पंचायत पाटन के लिए एसडीएम नीर निधि नांदेहा तथा नगर पालिका जामुल एवं अहिवारा के लिए संयुक्त कलेक्टर राहुल रजक को जिम्मेदारी दी गई है। संबंधित निकायों के आयुक्त, सीएमओ तथा क्षेत्र के तहसीलदार एवं नायब तहसीलदारों को भी जांच अधिकारी के रूप में संलग्न किया गया है।
बैठक में अपर कलेक्टर खेमलाल वर्मा, नगर निगम आयुक्त लीना कोसम, सुरुचि सिंह, मोनिका वर्मा, एसडीएम सोनल डेविड, प्रफुल्ल कुमार गुप्ता सहित जिले के सभी प्राधिकृत अधिकारी एवं नगरीय निकायों के सीएमओ उपस्थित रहे।
अब सर्वे और दावा-आपत्तियों की प्रक्रिया पर रहेगी नजर
पट्टाधृति अधिकार की इस प्रक्रिया से लंबे समय से शासकीय भूमि पर निवासरत आवासहीन परिवारों को राहत मिलने की उम्मीद है। हालांकि, पात्रता का वास्तविक लाभ तभी सुनिश्चित होगा जब सर्वे निष्पक्षता से हो, दस्तावेजों का नियमानुसार सत्यापन किया जाए और दावा-आपत्तियों का पारदर्शी ढंग से निराकरण किया जाए। ऐसे में आगामी 11 नवंबर तक तैयार होने वाली पात्र हितग्राहियों की सूची प्रशासनिक प्रक्रिया की महत्वपूर्ण कड़ी होगी।
Make sure you enter all the required information, indicated by an asterisk (*). HTML code is not allowed.
Feb 09, 2021 Rate: 4.00
