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मुंगेली / शौर्यपथ / पढई तुहंर दुवार \"आनलाईन पढाई मे लोरमी के विद्यार्थी ,पालक ,शिक्षक भी अध्ययन अध्यापन में भाग ले रहे हैं ।आज इसी क्रम में हिंदी विषय के महत्ता को समझाते हुये हमारे विकास खण्ड से शिक्षक युगल किशोर राजपूत द्वारा कक्षा 7 वी से पाठ \"सितारों से आगे \"शीर्षक में कल्पना चावला के जीवन पर प्रकाश डालते हुये उनके अंतरिक्ष यात्रा पर चित्रण किया गया ।और इस पाठ से व्याकरण भाग से संधि,मुहावरा एवं योजक चिन्ह को भी बताया गया।जिसके प्रश्नोत्तरी कार्य मे विभिन्न क्षेत्रों से जुड़े बच्चों ने उत्तर दिया ।
जिसमें विकासखंड सहित पुरे राज्य के विद्मार्थी ने भाग लेते हुए अध्ययन अध्यापन किये।क्लास 1 घण्टे तक चला एवं कल्पना चावला के अंतरिक्ष यात्रा का लघु फ़िल्म भी दिखाया गया।कक्षा के दौरान विद्मार्थीयों का सवाल जवाब भी कौन बनेगा करोड़पति के तर्ज पर लिया गया जो बहुत ही मंनोरंजक के साथ-साथ ञानवर्दक भी रहा।आज की कक्षा मे मुख्य रुप से हमारे सहायक विकास खंड अधिकारी श्री प्रकाश तिवारी, मिल्लूराम यादव, होस्ट शिक्षक दया राम साहू, सुनीलशर्मा,अभिजीत तिवारी, राघवेन्द्र सोनी,दिलीपसाहू,भोलेश्वर जायसवाल, विष्णु सिंह राठौर,राजेंद्र लहरें, बुधेश्वर ध्रुव,उमेंदडडसेना,रामनिवास साहू,,आदि का विशेष सहयोग रहा। इसकी निरन्तरता को बनाये रखने लिये सभी संकुल समन्वयक को उचित दिशानिर्देश हमारेअधिकारियों दा्रा दिया जा रहा है।क्योंकि शाला खुलने की अनिश्चितता के कारण यही एक विकल्प है कि शिक्षक आनलाईन विद्मार्थी को पढाएंगे।ब्लाक से अभी 8 शिक्षको को क्लास लेने के लिये अप्रूवल मिला है ।जो रोज क्लास ले रहे है।
राजनांदगांव / शौर्यपथ / बीते दिन पीडब्लयूडी विभाग द्वारा 84 पेड़ों पर नंबर लिख कर चिन्हांकित कर रोड चौड़ीकरण हेतु उन्हें काटने की अनुमति एसडीएम कार्यालय में आवेदिन दिया है। यह मामला सामने आते ही नगर के पर्यावरण प्रेमियों ने विभाग के खिलाफ मोर्चा खोल दिया है एवं इसे फैसले को अनुमति नहीं देने के विषय में कलेक्टर टोपेश्वर वर्मा से मिलने पहुंचे एवं अपनी मंाग रखी। इस पर कलेक्टर द्वारा मामले को संज्ञान में लेने की बात कही गई। ज्ञात हो कि जिस मार्ग पर पेड़ो की कटाई प्रस्तावित है, वहां यातायात का दबाव भी इतना नहीं है कि रोड अधिक चौड़ा किया जाये एवं इससे लगा हुआ गौरवपथ बड़ी गाड़ियों के आवाजाही उपलब्ध है तो इस रोड का निर्माण इस तरह किया जाए जिससे किसी भी पेड़ को नुकसान न पहुंचे यह मांग रखी गई। ज्ञात हो कि एक पेड़ को बड़ा होने में 10-15 वर्ष का समय लगता है एवं एक पेड़ अपने जीवनकाल में अनेक लोगो को फायदा ही पहुचाता है, लेकिन 84 पेड़ों का एक साथ काटने पर शहरवासियों का उग्र विरोध शासन को झेलना पड़ेगा।
ज्ञात हो कि वन एवं पर्यावरण मंत्री मो. अकबर जिले के प्रभारी मंत्री भी है एवं उनके क्षेत्र में पेड़ों के साथ ऐसा होना उनके ऊपर भी प्रश्रचिन्ह खड़ा करती है कि कहीं इसमें उनकी अनुमति तो नहीं फिलहाल इस निर्णय का विरोध शुरू हो गया है। आज ज्ञापन सौपने के दौरान मुख्य रूप से शिवम यादव, आदित्य पराते, शुभम देवांगन, आयुष वैष्णव, रजत वैष्णव, चंदन साहू, लीलाधर प्रजापति, सुमित यादव, अमित यादवए वेदप्रकाश देवांगन आदि उपस्थित थे।
राजनांदगाँव / शौर्यपथ / डोंगरगढ़ विधायक भुनेश्वर बघेल एवं जिला कांग्रेस अध्यक्ष पदम कोठारी ने आज रेंगाकठेरा, पदुमतरा, घुमका, उपरवाह विभिन्न गांव का सोसायटी का निरीक्षण किये व किसानों से मुलाकात कर उनकी समस्याओं का निराकरण किये। रेंगाकठेरा में बताया गया कि उपशाखा होने के कारण मुख्य शाखा जाना पड़ता है। विधायक ने शाखा प्रबंधक से समस्या से जल्द निराकरण करने कहा गया। पदुमतरा में धान खरीदी केंद्र के स्थान को बदलने की मांग किया गया। घुमका में विधायक व जिलाध्यक्ष ने व्यवस्था सुधार करने कहा गया। खाद-बीज की व्यवस्था में सुधार करने करने कहा गया। उपरवाह भी किसानों की समस्याओं से रूबरू हुवे व सभी जगह बताया गया घुमका शाखा में 94 गांव के किसानों का लेन-देन होने के कारण भीड़-भाड़ व किसानों को समस्याओं का सामना करना पड़ रहा, जिसका विभाजन किया जाना अवश्य है। विधायक बघेल ने जल्द इस पर विशेष पहल करने का आश्वासन दिया। साथ में जिला पंचायत सदस्य हर्षिता स्वामी बघेल, ब्लॉक कांग्रेस अध्यक्ष दुर्गेश द्विवेदी, जनपद सभापति ओमप्रकाश साहू, जनपद सदस्य झमेश्वरी साहू, रामकुमार साहू, कुलेश्वर वर्मा, ललित चांदतारे, टिंकू यादव, मोहन साहू, चंद्रेश वर्मा, रतन यादव, प्रहलाद वर्मा, जयकुमार वर्मा, भागवत वर्मा, नवनीत साहू, विक्की, संतोष देवांगन, सफिल खान, अजय वर्मा, कपिल वर्मा, यशवंत साहू, पन्ना वर्मा एवं पंचायत प्रतिनिधि, कांग्रेस कार्यकर्ता, किसान साथी उपस्थित रहे।
राजनांदगांव / शौर्यपथ / शासकीय राशन विक्रेता संघ ने अपनी विभिन्न समस्याओं को लेकर जिला अध्यक्ष संजीव डोंगरे के नेतृत्व में जिलाधीश टोपेश्वर कुमार वर्मा को मुख्यमंत्री भूपेश बघेल के नाम ज्ञापन सौंपा।
शासकीय राशन विक्रेता संघ के जिला अध्यक्ष संजीव डोंगरे ने बताया कि राशन विक्रेता संघ के द्वारा पीडीएस की दुकानों का संचालन एवं सेवा कार्य निरंतर किया जा रहा है। शासन के आदेशो निर्देशों का पालन एवं क्रियान्वयन से सःसम्मान विक्रेताओं ने जान कि परवाह किए बिना सफलता से किया है और अपनी-अपनी दुकान संलग्न समस्त राशनकार्डधारी को उनका निर्धारित राशन सामाग्री समय पर उपलब्ध कराया है।
डोंगरे ने कहा कि छग राज्य के राशन दुकानदारों को राशन वितरण के एवज में शासन से कोई मानदेय वा वेतन निर्धारित नहीं है। सिर्फ कमीशन मिलता है, जिससे विक्रेताओं के परिवार का जीविकोपार्जन होता है, किन्तु विगत तीन माह से सामाग्री वितरण का मेहनतना कमीशन अप्राप्त है। छग राज्य में कोरोना महामारी विकराल रूप लेता जा रहा है, इस भयावह स्थिति में राशन विक्रेताओं एवं तौलक को आशा वर्कर की भांति 50,00,000 रुपये का बीमा कवर प्रदान किया जाये। वित्तीय पोषण एवं प्रोत्साहन राशि 10 रूपये प्रति मि्ंटल की दर से राज्य शासन द्वारा जारी किया है जो नागरिक आपूर्ति निगम जिला कार्यालय मे विगत 6 माह से राशि जमा है, उसे सभी विक्रेताओं के खाते मे तत्काल हस्तांतरित करने की करें।
डोंगरे ने कहा कि वैश्विक महामारी कोरोना की स्थिति में हमारा पूरा राशन विक्रेता परिवार बहुत ज्यादा तंग हाल से जुझ रहा है। कमीशन नहीं आने की स्थिति मे भी मानवता को ध्यान मे रख कर कार्य कर रहा है। अतः जीविकोपार्जन हेतु पिछले वर्ष के खाली बारदानों एवं इस वर्ष जो बरदानों का शासन द्वारा उठाव किए गए है, उनकी राशि तत्काल उपलब्ध कराने का कष्ट करे। विक्रेता संघ द्वारा समय-समय पर राज्य सरकार से लिखित एवं मौखिक निवेदन करते रहे है कि हमें ऑनलाइन वितरण के पूर्व 45 रूपये प्रति मि्ंटल कमीशन मिलता था और ऑनलाइन वितरण करने पर 70 रुपये प्रति मि्ंटल कमीशन का वादा किया गया था। अतः आपसे निवेदन है कि 70 रूपये प्रति मि्ंटल कमीशन करने की कृपा करें। अन्य मद का कमीशन जैसे पूरक पोषण आहार, मध्यान भोजन, महतारी जतन, अमृत नमक जिसकी कमीशन वर्ष 2007-08 से ऑनलाइन डिलवरी के तहत आपके नागरिक आपूर्ति निगम जिला कार्यालय में सभी रेकॉर्ड एवं राशि उपलब्ध है, उक्त राशि विक्रेताओं को तत्काल उपलब्ध कराने का कष्ट करे। छग सरकार से निवेदन है की शहरी एवं ग्रामीण क्षेत्र की बहुत सी राशन दुकानें किराये के भवन में संचालित है, जिसका खर्च स्वयं विक्रेता उठा रहा है, सरकार द्वारा भवन किराया एवं विद्युत खर्च की पूर्ति बाबत् राशि निर्धारित कर उपलब्ध कराने का कष्ट करें।
राशन विक्रेता हमेशा से शासन की योजनाओं को फलीभूत करता रहा है और छग राज्य के पीडीएस वितरण को देश मे गौरव प्राप्त है। अतः सहानुभूति पूर्वक उपरोक्त मांगों की पूर्ति अविलंब करने की मांग की गयी है। इस दौरान शासकीय राशन विक्रेता संघ के जिला अध्यक्ष संजीव डोंगरे साथ सचिव नकुल वर्मा, कोषाध्यक्ष श्रवण साहू, उपाध्यक्ष श्रीमती भारती लारिया, श्रीमती संतोषी उके, सहसचिव भुपेन्द्र यादव, सदस्य श्रीमती शिला यादव, चालेश्वर यादव, बुधराम वर्मा, शंकर साहू सहित अन्य पदाधिकारी एवं सदस्य उपस्थित थे।
नई दिल्ली /शौर्यपथ/ दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल ने बुधवार को डिजिटल प्रेस कॉन्फ्रेंस की. तबियत खराब होने पर सीएम केजरीवाल का कोविड-19 टेस्ट कराया गया, जिसके बाद मंगलवार की शाम को रिपोर्ट निगेटिव आई. इस पर उन्होंने शुभकामनाएं देने वालों का तहे दिल से शुक्रिया अदा किया. उन्होंने डिजिटल प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान कहा, ''आइसोलेशन में शरीर बंद था लेकिन मन इसी में लगा हुआ था कि और क्या-क्या करने की जरूरत है.''
प्रेस कॉन्फ्रेंस की शुरुआत में केजरीवाल ने कहा, ''दिल्ली में 31,000 कुल मामले हो चुके हैं, 12,000 ठीक हो चुके हैं जबकि करीब 18000 अभी एक्टिव केस हैं. करीब 900 लोगों की मौत हो चुकी है. 18000 एक्टिव मामलों में से 15000 होम आइसोलेशन में हैं. कल DDMA की बैठक थी. मुझे जाना था मैं नहीं जा पाया, मनीष सिसोदिया जी और अन्य मंत्री गण गए थे.
CM केजरीवाल ने कहा, ''वहां पर जो आंकड़े सरकार द्वारा प्रस्तुत किए गए वह आंकड़े दिखाते हैं कि आने वाले समय में दिल्ली में कोरोना बहुत तेजी से फैलेगा. 15 जून को 44,000 केस होने की संभावना है. 30 जून तक 1,00,000 केस हो जाएंगे. 15 जुलाई तक सवा दो लाख केस हो जाएंगे और 31 जुलाई तक लगभग 5,32,000 केस हो जाएंगे. इसको देखते हुए 15 जून तक हमें 6,681 बेड की जरूरत पड़ेगी. 31 जुलाई तक 80,000 बेड की जरूरत पड़ेगी. चुनौती बहुत बड़ी है.''
उन्होंने कहा, ''अब जनांदोलन बनाना होगा. मास्क पहनना, बार-बार हाथ धोना और सोशल डिस्टेंसिंग करनी है. जो ऐसा नहीं कर रहा उससे विनती करनी है कि आप कीजिए. क्योंकि जो नियमों का पालन नहीं कर रहा, वह दूसरो को फैल सकता है. जैसे ओड इवन में हमने जन आंदोलन किया था वैसे ही अब कोरोना में करना है.''
मुख्यमंत्री ने कहा, ''दिल्ली की कैबिनेट ने फैसला किया था कि कोरोना के दौरान दिल्ली के सरकारी और प्राइवेट अस्पतालों में केवल दिल्ली वासियों का इलाज हो. सोमवार को एलजी साहब ने दिल्ली की कैबिनेट का फैसला पलट दिया. दिल्ली में चुनी हुई सरकार है. चुनी हुई सरकार के फैसले को एलजी साहब पलट नहीं सकते कुछ लोग ऐसा कह रहे थे. मेरा कहना है कि केंद्र सरकार ने निर्णय ले लिया एलजी साहब ने फैसला कर लिया है.''
CM केजरीवाल ने आगे कहा, ''यह समय मतभेद का नहीं है. एलजी साहब ने जो आदेश दे दिया उसको लागू किया. केंद्र सरकार के निर्णय को लागू किया जाएगा. इस पर कोई लड़ाई झगड़ा या वाद-विवाद नहीं करना है. सभी लोगों को और पार्टी के लोगों को मैं संदेश देना चाहता हूं कि हम इस फैसले को लागू करेंगे. बहुत बड़ी चुनौती है और अभूतपूर्व चुनौती है. 15 जुलाई को दिल्ली में 33,000 और 31 जुलाई को 80,000 बेड की जरूरत पड़ेगी.''
उन्होंने कहा, ''जब कोरोना नहीं था तब 50% बाहर से आने वाले इलाज कराते थे, तो इस लिहाज से जितने बेड दिल्ली के लिए चाहिए उतने ही दिल्ली से बाहर से आने वालों के लिए भी चाहिए. 31 जुलाई के हिसाब से लगभग डेढ़ लाख बेड की जरूरत पड़ेगी. हम पूरी कोशिश करेंगे जो बन सकेगा हमारी जिम्मेदारी भी है और यह सेवा का काम है.''
मुख्यमंत्री ने कहा, ''कल या परसों से मैं खुद निकलूंगा. बैंक्वेट हॉल और स्टेडियम को तैयार करवाएंगे. हमारे काम में 100 कमियां रह सकती है लेकिन हमारी नियत में कोई कमी नहीं है. पड़ोसी राज्यों से निवेदन कि वह भी अपने यहां समुचित व्यवस्था करें और वह लोग कर भी रहे होंगे. मीडिया वाले बहुत अच्छा काम कर रहे हैं मैं मीडिया वालों को सेल्यूट करना चाहता हूं. आप लोग हमारी जो जो कमियां रह जाती हैं वह रोज हमको बताते हैं. आपने हमारी मोबाइल ऐप में कमियां बताई हमने पिछले एक हफ्ते में उसको काफी ठीक किया है.''
अरविंद केजरीवाल ने कहा, ''लगभग हर चैनल पर कुछ मरीजों या उनके रिश्तेदारों को अस्पताल के बारे में बताया जाता है कि उनको बेड नहीं मिला. मैं सोच रहा था कि कुल 15 चैनल होंगे, लेकिन ऐसे बहुत से लोगों के जिनको बेड नहीं मिला होगा. पिछले 8 दिनों में दिल्ली के अस्पतालों में उन्नीस सौ लोगों का एडमिशन हुआ. आज करीब 42 सौ बेड खाली हैं लेकिन ज्यादातर सरकारी में है प्राइवेट में ज़्यादातर भर गए हैं. उन्नीस सौ लोगों को बेड मिले तो सो डेढ़ सौ लोग ऐसे भी होंगे जिनको बेड के लिए धक्के खाने पड़े होंगे.''
गुवाहाटी / शौर्यपथ /असम के तिनसुकिया जिले में ऑयल इंडिया लिमिटेड के प्राकृतिक गैस के कुएं में मंगलवार को भयानक आग भड़क गई थी, जिसके बाद यहां फायरफाइटर्स बचाव कार्य के लिए पहुंचे थे. लेकिन बुधवार को यहां घटनास्थल पर दो फायरफाइटर मृत पाए गए हैं. इस आग को बुझाने की कोशिशें अभी तक चल रही हैं. इस तेल के कुएं में पिछले 14 दिनों से गैस का रिसाव हो रहा था, जिसके बाद मंगलवार को यहां किसी तरह से आग लग गई. अधिकारियों का कहना है कि हादसे के 1.5 किलोमीटर तक के इलाके में आग पर काबू पा लिया गया है लेकिन चूंकि कुएं से लगातार गैस निकल रही है, ऐसे में आग पूरी तरह से नहीं बुझ रही.
असम सरकार की ओर से मदद मांगने के बाद से भारतीय एयरफोर्स और आर्मी फायरफाइटिंग ऑपरेशन में मदद कर रहे हैं. पैरामिलिट्री फोर्स ने इलाके को खाली करा लिया है.
ऑयल इंडिया ने मंगलवार को बताया कि क्लियरिंग ऑपरेशन के दौरान कुएं में आग लग गई थी. कंपनी की ओर से बताया गया कि ऑयल इंडिया और ONGC की टीमों को वहां से निकाल लिया गया है. कुएं में गैस रिसाव को पूरी तरह से बंद करने के लिए सिंगापुर से विशेषज्ञों की टीम बुलाई गई है. सूत्रों का कहना है कि रिसाव पर पूरी तरह से काबू पाने के लिए कम से चार हफ्ते लगेंगे.
फिलहाल, प्राकृतिक गैस के कुएं के डेढ़ किमी के दायरे में रहने वाले कम से कम 6,000 लोगों को सुरक्षित निकालकर राहत शिविरों में रखा गया है. ऑयल इंडिया लिमिटेड ने भी प्रभावित परिवारों को प्रत्येक को 30,000 रुपये की वित्तीय मदद देने की घोषणा की है.
बता दें कि गुवाहाटी से लगभग 500 किमी दूर बागहजन तिनसुकिया में इस तेल कुएं में 27 मई को विस्फोट हुआ था और पिछले 14 दिनों से गैस का रिसाव हो रहा था, जिससे इस क्षेत्र की आर्द्रभूमि और जैव विविधता को गंभीर नुकसान पहुंचा है. ये आग इतनी भीषण लगी थी कि इसकी लपटें दो किलोमीटर दूर से दिखाई पड़ रही थीं. आशंका है कि इस आग से आसपास के इलाकों को भयंकर नुकसान पहुंचेगा.
मंगलवार को आग की घटना सामने आने के बाद असम के मुख्यमंत्री सर्बानंद सोनोवाल ने केंद्रीय पेट्रोलियम मंत्री धर्मेंद्र प्रधान से बात की थी. इसके अलावा, गैस रिसाव के क्षेत्र में राष्ट्रीय आपदा प्रतिक्रिया बल की तैनाती की गई थी और असम के शीर्ष अधिकारियों ने स्थिति की समीक्षा शुरू कर दी थी.
नई दिल्ली / शौर्यपथ / कांग्रेस के पूर्व अध्यक्ष और केरल के वायनाड से सांसद राहुल गांधी के वायनाड चुनाव को रद्द करने की मांग करने वाली याचिका पर सुप्रीम कोर्ट 2 हफ्ते बाद सुनवाई करेगा. केरल सोलर स्कैम मामले में आरोपी सरिता नायर ने वायनाड निर्वाचन क्षेत्र से राहुल गांधी के चुनाव को चुनौती दी है. बता दें कि केरल हाईकोर्ट इस चुनाव याचिका को पहले ही खारिज कर चुका है, जिसके बाद अब सुप्रीम कोर्ट में यह याचिका डाली गई है. याचिकाकर्ता ने सुप्रीम कोर्ट से दो हफ्ते का समय मांगा था. कोर्ट ने दो हफ्ते के लिए सुनवाई टाल दी है.
सरिता ने इस मामले में राज्य के विभिन्न कांग्रेस नेताओं पर गंभीर आरोप लगाए थे. उन्होंने राहुल गांधी पर आरोप लगाया था कि उन्होंने कई मौकों पर इस संबंध में उसके पत्रों की अनदेखी की. उन्होंने उत्तर प्रदेश के अमेठी में पूर्व पार्टी प्रमुख के खिलाफ चुनाव लड़ा. अपनी याचिका में सरिता ने कहा कि उनका नामांकन पत्र अमेठी के रिटर्निंग ऑफिसर द्वारा स्वीकार किया गया था, जबकि वायनाड में इसे खारिज कर दिया गया. उन्होंने मांग की है कि राहुल गांधी के चुनाव को शून्य करार देकर रद्द किया जाए.
दरअसल केरल के चर्चित 'सोलर कांड' की मुख्य आरोपी सरिता एस. नायर ने राज्य की वायनाड सीट से कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी के खिलाफ बतौर निर्दलीय उम्मीदवार नामांकन दाखिल किया था लेकिन उनके कागजात को रिटर्निंग ऑफिसर ने इस आधार पर खारिज कर दिया कि एक अदालत ने उन्हें तीन साल के लिए सौर घोटाला मामले में दोषी ठहराया था और 10,000 रुपए का जुर्माना लगाया था.
सरिता ने राज्य कांग्रेस के कई दिग्गज नेताओं पर यौन उत्पीड़न समेत बलात्कार का आरोप लगाया है. सरिता पर सोलर घोटाले के तहत 28 आपराधिक मामले दर्ज हैं. सरिता पर प्रमुख आरोप यही है कि उन्होंने अपने एक साथी की मदद से फर्जी कंपनी खड़ी की. फिर उस कंपनी के माध्यम से सोलर पैनल और उसके लाइसेंस दिलाने के नाम पर राज्य भर के लोगों को ठगा. 2017 में इस मामले में गठित न्यायिक आयोग ने कहा था कि कांग्रेस के कई दिग्गज नेताओं ने ठेका हासिल कर सरकार से सब्सिडी हासिल की और फिर पैसों या यौन सुख के बदले उसे सरिता की कंपनी को दिया.
भोपाल/ शौर्यपथ / मध्यप्रदेश में पुलिस मुख्यालय ने ये आदेश दिए हैं कि लॉकडाउन खुलने पर सुनार की दुकानें, शोरूम एवं नकदी लेन-देन करने वाली लोन कंपनियों के दफ्तर में प्रवेश करते समय व्यक्ति को अपने चेहरे से मास्क (Mask) हटाना पड़ेगा ताकि वहां लगे सीसीटीवी कैमरे में उसका चेहरा रिकॉर्ड हो सके और दुकान या कंपनी में अपना काम निपटाने के बाद फिर से सीसीटीवी कैमरे के सामने मास्क लगाएगा. पुलिस को मिले खुफिया अलर्ट के तहत अनलॉक-1 में अपराध बढ़ सकते हैं, इसलिए ये उपाय किये जा रहे हैं. यह मामला अपराध और बेरोजगारी से भी जुड़ा है, राज्य युवा आयोग के आंकड़े कहते हैं कि कोरोना वायरस के लॉकडाउन में प्रदेश के 12 लाख युवा बेरोजगार हो गये, दो महीने में बेरोज़गारी दर 14 गुना तक बढ़ गई.
ऐसी ही हुई एक घटना के अंतर्गत भोपाल के कोहेफिजा इलाके में पिता का इलाज कराने आए एक किसान से बाइक सवार बदमाश 50 हजार रुपए लूटकर फरार हो गए. इनकी शक्ल सीसीटीवी कैमरे में कैद हुई लेकिन चेहरा ढंका होने के कारण लुटेरों की पहचान मुश्किल थी. राज्य में ऐसी वारदातें न बढ़ें,इसलिये पुलिस मुख्यालय ने आदेश जारी कर कहा है कि सभी थाना प्रभारी अच्छी क्वॉलिटी के कैमरे और उन्हें चालू करवाना सुनिश्चित करें. साथ ही ज्वैलरी शॉप,बैंक, वित्तीय संस्थानों में प्रवेश से पहले मॉस्क उतारकर सीसीटीवी में चेहरा रिकॉर्ड करवाना सुनिश्चित करें. इस संबंध में पुलिस कांस्टेबल मिलन सिंह ने कहा, 'सुरक्षा व्यवस्था को देखते हुए शख्स सीसीटीवी के सामने से जाएगा. मॉस्क नीचे करवाने से फोटो कैमरे में कैप्चर होगी. अगर कहीं घटना होती है तो उससे तस्वीर मिल सकती है.'
इस आदेश के बाद भोपाल के बैंकों में आनेवाले ग्राहकों को सीसीटीवी में चेहरा दिखाना पड़ रहा है, हालांकि उन्हें इस व्यवस्था से कोई शिकायत नहीं है. ग्राहक अनित सेन ने कहा, 'बहुत बढ़िया व्यवस्था है और हम इससे सहमत हैं.' एक अन्य ग्राहक अजय अग्रवाल ने कहा, 'ये सुविधा है मैं व्यापारी हूं, मुंह छिपाकर क्या क्या नहीं होता ये मास्क जरूरी है मैं समर्थन करता हूं.' बैंक कर्मचारी पंकज मालवीय ने कहा, 'पहले मास्क उतरवाते हैं, कैमरे में दिखाते हैं फिर सैनिटाइज करके अंदर जाने देते हैं.'
नई दिल्ली / शौर्यपथ / पूर्वी लद्दाख में तीन ठिकानों से भले ही भारतीय और चीनी सैनिक पीछे हट गए हैं लेकिन भारतीय पक्ष की स्पष्ट राय है कि वास्तविक नियंत्रण रेखा पर तनाव पूरी तरह से तभी दूर किया जाएगा जब पीपुल्स लिबरेशन आर्मी अपने 10,000 से अधिक सैनिकों को हटा देगा. तोपखाने और टैंक रेजीमेंट के साथ ये चीनी सैनिक भारतीय क्षेत्र के पास LAC से लगकर तैनात है.
सैन्य कमांडरों की छह जून की वार्ता के बाद बुधवार से शुरू हुई मेजर जनरल स्तर की बातचीत के पहले विश्वास बहाली के उपाय के तहत भारतीय और चीनी सैनिक गैलवन घाटी क्षेत्र (पैट्रोलिंग पॉइंट 14), पैट्रोलिंग पॉइंट 15 और हॉट स्प्रिंग्स (पैट्रोलिंग पॉइंट 17) सहित तीन स्थानों से ढाई किमी तक हटे हैं.
शीर्ष सरकारी सूत्रों ने न्यूज एजेंसी ANI को बताया, "पूर्वी लद्दाख सेक्टर से सैनिकों का हटना शुरू हो गया है लेकिन हम जो चाहते हैं वह एक डिवीजन आकार के सैनिकों (10,000 से अधिक सैनिकों) की कटौती है जो कि LAC के साथ अपने क्षेत्र में पीछे के पदों पर चीन द्वारा तैनात किए गए हैं. सैनिकों का हटना ठीक है लेकिन तनाव तभी दूर किया जा सकता है जब चीनी इसमें अपने सैनिकों के साथ तोपखाने और टैंक रेजीमेंट को भी शामिल करे.'' सूत्रों ने ANI को बताया कि गतिरोध की शुरुआत 4 मई को हुई थी जब लगभग एक बटालियन के आकार की चीनी टुकड़ियों ने पैदल सेना के लड़ाकू वाहनों और भारी वाहनों के साथ पैदल मार्च किया था. सूत्रों ने कहा कि भारतीय पक्ष की और से अगले 10 दिनों में होने वाली कई दौर की वार्ता में इस मुद्दे को उठाया जा सकता है.
नई दिल्ली / शौर्यपथ / कोरोना वायरस के कारण लागू लॉकडाउन के दौरान अप्रैल और मई में पारले-जी बिस्किट की रिकॉर्ड बिक्री दर्ज की है. पारले प्रोडक्ट्स के एक वरिष्ठ अधिकारी मयंक शाह ने इसके कारण पर प्रकाश डालते हुए बताया कि महामारी के दौरान खाद्य राहत पैकेट बांटने वाले एनजीओ और सरकारी एजेंसियों ने भी पारले-जी बिस्किट को तरजीह दी क्योंकि यह किफायती है और दो रुपये में भी मिलता है. साथ में यह ग्लूकोज का अच्छा स्रोत है.
उन्होंने बताया कि वृद्धि जबर्दस्त थी और इसके नतीजतन लॉकडाउन के दौरान बाजार में पारले की हिस्सेदारी में 4.5 से पांच फीसदी का इजाफा हुआ. उन्होंने बताया कि बीते 30-40 साल में हमने ऐसी वृद्धि नहीं देखी है.उन्होंने बताया कि पहले आई सुनामी और भूकंप जैसे संकटों के दौरान भी पारले-जी की बिक्री बढ़ी थी.
गौरतलब है कि कोरोना की महामारी के कारण एशिया की तीसरी सबसे बड़ी अर्थव्यवस्था में कारों से लेकर कपड़ों तक हर चीज की बिक्री में गिरावट आ रही है, जिससे कंपनियों को उत्पादन पर लगाम लगाने के लिए मजबूर होना पड़ रहा है. ऐसे समय में पारले-जी बिस्कुट की रिकॉर्ड बिक्री अपने आप में खास है. गौरतलब है कि दो और पांच रुपये प्रति पैकेट वाले पारले-जी बिस्कुट की कोरोना वायरस महामारी के दौरान लोगों को खाद्य राहत पैकेज वितरित करने के लिए काम करने वाली सरकारी एजेंसियों और गैर-सरकारी संगठनों (एनजीओ) के बीच काफी मांग रही.
Feb 09, 2021 Rate: 4.00
