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रायपुर /शौर्यपथ/
मुख्यमंत्री भूपेश बघेल के लगातार प्रयासों और विशेष पहल से आज रायगढ़ में आयोजित कार्यक्रम में एनटीपीसी लारा ताप विद्युत परियोजना के लिए भूमि अधिग्रहण से प्रभावित 9 गांवों के 49 भू विस्थापित लोगों को उनकी पात्रता के अनुसार एनटीपीसी लारा द्वारा स्थायी नियुक्ति पत्र प्रदान किए गए। मुख्यमंत्री बघेल भी इस कार्यक्रम में अपने निवास कार्यालय से वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से जुड़े। उन्होंने नौकरी प्राप्त करने वाले सभी लोगों को बधाई और शुभकामनाएं दी। उल्लेखनीय है कि इसके पहले भी प्रभावित 6 भू विस्थापितों को नौकरी दी गई थी। मुख्यमंत्री के निर्देश पर शेष बचे पदों पर भर्ती के लिए फिर से विज्ञापन निकालकर परीक्षा आयोजित की गई, जिसके माध्यम से आज 49 लोगो को आज नियुक्ति पत्र प्रदान किए गए। इस तरह अब तक कुल 55 भू- विस्थापितों को पात्रतानुसार नौकरी दी जा चुकी है।
एनटीपीसी लारा द्वारा भू-विस्थापितों के लिए विभिन्न कुशल ट्रेडों में आईआईटी डिप्लोमा, लैब असिस्टेंट और असिस्टेंट जनरल के 79 पदों पर भर्ती का विज्ञापन निकाला गया था। इनमें से 22 आरक्षित पदों पर नियुक्ति होना अभी शेष है। मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने अभी भी शेष बचे हुए भर्ती के 22 पदों पर पात्र भू-विस्थापित लोगों को उनकी योग्यता अनुसार नियुक्ति प्रदान करने के लिए उचित पहल करने के निर्देश आज कार्यक्रम में उपस्थित एनटीपीसी प्रबंधन के अधिकारियों और कलेक्टर रायगढ़ को दिए हैं। मुख्यमंत्री ने कार्यक्रम में कहा कि एनटीपीसी लारा के लिए अधिग्रहित की गई भूमि से प्रभावित हुए भू-विस्थापितों को पात्रतानुसार प्राथमिकता के आधार पर एनटीपीसी लारा में भविष्य में होने वाली भर्तियों में नौकरी दी जानी चाहिए। छत्तीसगढ़ के लोगों को भी भर्ती में प्राथमिकता दी जानी चाहिए।
कार्यक्रम में उपस्थित एनटीपीसी लारा के ईडी आलोक गुप्ता ने मुख्यमंत्री के निर्देशानुसार प्रभावित भू-विस्थापितों और छत्तीसगढ़ के लोगों को भविष्य में होने वाली भर्तियों में प्राथमिकता देने का आश्वासन दिया। आज आईआईटी इलेक्ट्रीशियन ट्रेड के पद पर 19, आईआईटी फिटर ट्रेड के पद पर 9, लैब असिस्टेंट कैमेस्ट्री के पद पर 5, डिप्लोमा इलेक्ट्रीकल ट्रेड के 4, डिप्लोमा मैकेनिकल ट्रेड के एक और असिस्टेंट जनरल के 11 पदों पर नियुक्ति पत्र प्रदान किए गए।
मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने एनटीपीसी लारा के भू-विस्थापितों को पात्रता अनुसार नान एक्जिक्यूटिव पदों पर नौकरी देने के निर्देश 5 मार्च 2019 को अपने निवास कार्यालय में आयोजित बैठक में एनटीपीसी के वरिष्ठ अधिकारियों, राजस्व मंत्री, मुख्य सचिव, राजस्व सचिव और कलेक्टर रायगढ़ की बैठक में दिए थे, जिसके तारतम्य में भू-विस्थापितों के लिए विभिन्न कुशल ट्रेडों में आईआईटी डिप्लोमा, लैब असिस्टेंट और असिस्टेंट जनरल के 79 पदों पर भर्ती का विज्ञापन जारी किया गया था। इसके लिए प्रथम चरण में आयोजित लिखित परीक्षा और कौशल परीक्षण के आधार पर 6 उम्मीदवारों को नियुक्ति प्रदान की गई थी। मुख्यमंत्री के निर्देश पर एनटीपीसी लारा द्वारा नवम्बर 2020 में 73 पदों पर भर्ती के लिए पुनः विज्ञापन निकाला गया, जिसके लिए परीक्षा के बाद 49 उम्मीदवारों का चयन किया गया, जिन्हें आज नियुक्ति पत्र प्रदान किए गए।
कार्यक्रम के दौरान विधायक प्रकाश नायक ने मुख्यमंत्री से आग्रह किया कि एनटीपीसी लारा के भू-विस्थापितों तथा छत्तीसगढ़ के लोगों को प्राथमिकता के आधार पर नौकरी दी जानी चाहिए। कलेक्टर रायगढ़ भीम सिंह ने कार्यक्रम में बताया कि एनटीपीसी लारा सुपर क्रिटिकल टेक्नॉलाजी पर आधारित बिजली संयंत्र है, जिसमें 800 मेगावाट क्षमता की 2 यूनिट हैं। इस संयंत्र से बिजली उत्पादन का 50 प्रतिशत हिस्सा छत्तीसगढ़ को मिलता है। उन्होंने बताया कि इस प्लांट के लिए 9 गांवों आरमुड़ा, बोड़ाझरिया, छपोरा, देवलसुर्रा, झिलगीटार, कांदागढ़, लारा, महलोई एवं रियापाली की 2000 एकड़ निजी भूमि अधिग्रहित की गई थी। इससे 2449 किसान प्रभावित हुए हैं। एनटीपीसी द्वारा अधिग्रहित भूमि के मुआवजे के रूप में 187 करोड़ रूपए की राशि जमा की गई है। उन्होंने बताया कि वर्तमान मंे प्रभावित गांवों के 500 लोग तथा छत्तीसगढ़ के अन्य जिलों के 550 लोग कार्यरत है। इसके अतिरिक्त वाहन मालिकों सहित प्रभावित लोगों को टाउन शिप में दुकाने और पीएपी वेण्डर को कार्य प्रदान किया जा रहा है। उन्होंने बताया कि इस परियोजना से प्रभावित 1789 किसानों ने एक मुश्त पुनर्वास राशि 5 लाख प्रति एकड़ के मान से अधिकतम 25 लाख रूपए तथा 31 प्रभावित किसानों ने 30 वर्ष तक अर्जित भूमि पर 50 हजार रूपए प्रति एकड़ के मान से अधिकतम 5 एकड़ तक के लिए दी जाने वाली वार्षिंक वृत्ति का विकल्प दिया था। दोनों विकल्पों के तहत अब तक प्रभावित किसानों को 118 करोड़ रूपए की राशि प्रदान की जा चुकी है, 688 भू-धारकों की पात्रता का परीक्षण जिला प्रशासन द्वारा किया जाना है। कलेक्टर ने एनटीपीसी द्वारा सीएसआर मद से कराए गए कार्यो की जानकारी भी दी। उन्होंने बताया कि सामुदायिक स्वास्थ्य केन्द्र पुसौर के नये भवन के लिए एनटीपीसी द्वारा 2.64 करोड़ रूपए की राशि दी गई है।
रायगढ़ में आयोजित कार्यक्रम में विधायक प्रकाश नायक, कलेक्टर रायगढ़ भीम सिंह, एनटीपीसी लारा के ईडी आलोक गुप्ता, एजीएम एचआर कन्हैया दास सहित नियुक्ति पत्र पाने वाले लोग और उनके परिजन उपस्थित थे।
नए साल के आगाज के लिए कई बैंकों ने ट्रांजेक्शन नियमों में बदलाव किया है. बैंकों ने एटीएम के फ्री ट्रांजेक्शन की लिमिट तय की है जिससे ज्यादा लेन-देन करने पर ग्राहकों को चार्ज देना पडे़गा.
नई दिल्ली /शौर्यपथ/
नया साल शुरू होने में अभी कुछ हफ्ते बाकी हैं, लेकिन अभी से कई बदलावों की सुगबुगाहट होने लगी है. नए साल की नई सुबह कई नए नियम भी लेकर आएगी. नए साल के आगाज के लिए कई बैंकों ने ट्रांजैक्शन नियमों में बदलाव किया है. जो 1 जनवरी, 2022 से ही लागू हो जाएंगे. तीन बड़े प्राइवेट बैंकों के अलावा इंडिया पोस्ट पेमेंट बैंक (India Post Payment Bank) ने भी अपने ट्रांजैक्शन नियमों में बदलाव का फैसला किया है. जिसके बाद इस बैंक से सिर्फ 4 ट्रांजैक्शन ही फ्री किए जा सकेंगे. चार के बाद सभी ट्रांजैक्शन पर फीस अदा करनी होगी. हो सकता है ट्रांजैक्शन करने वाले को 25 रुपये प्रति ट्रांजैक्शन जमा करने पड़े.
ऐसे में जब आपकी जेब पर असर डालने वाला इतना बड़ा बदलाव होने जा रहा है, तो एक बार ये जरूर जान लीजिए कि कौन-कौन से बैंक अपने ट्रांजैक्शन नियमों में क्या-क्या बदलाव ला रहे हैं.
पोस्ट ऑफिस के नए नियम
स्ट ऑफिस ने बेसिक सेविंग अकाउंट के नियमों को पहले जैसे रखते हुए कैश डिपॉजिट फ्री रखा है. इस अकाउंट के अलावा किसी अन्य सेविंग या करंट अकाउंट से 25 हजार तक रुपये निकालना फ्री है. इसके बाद चार्ज देना होगा. सिर्फ नकद निकालने पर नहीं जमा करने पर भी चार्ज लगेगा. बेसिक सेविंग अकाउंट के अलावा किसी अन्य सेविंग या करंट अकाउंट में दस हजार से ज्यादा रुपये जमा करने पर हर बार 25 रुपये तक लग सकता है.
ICICI, HDFC, Axis Bank के नए नियम
- तीन प्राइवेट बैंकों ने भी ट्रांजैक्शन के नियमों में बदलाव का फैसला किया है. ICICI बैंक के नए नियमों के मुताबिक पहले पांच ट्रांजैक्शन फ्री होंगे, जबकि इसके बाद के हर ट्रांजैक्शन पर 21 रुपये फीस ली जाएगी. हर वित्तीय लेनदेन पर फीस 21 रुपये होगी जबकि गैर वित्तीय लेनदेन पर ये फीस हर बार 8 रुपये 50 पैसे होगी.
- HDFC ने शहरों के अनुसार अलग-अलग नियम तय किए हैं. मुंबई, नई दिल्ली, चेन्नई, कोलकाता, बेंगलुरु और हैदराबाद के लिए शुरुआती तीन लेन-देन फ्री है. इसके बाद फ्री लिमिट से ज्यादा लेनदेन करने पर प्रति लेनदेन 21 रुपये प्लस टैक्स देना होगा.
- Axis बैंक का नियम भी कुछ ऐसा ही है. एक्सिस बैंक ने फ्री लिमिट के बाद रुपये निकालने पर 20 रुपये प्लस टैक्स का प्रावधान रखा है. वित्तीय लेनदेन पर 5 फ्री लिमिट के बाद ये फीस लागू होगी. गैर वित्तीय लेनदेन के लिए दस रुपये फीस तय की गई है.
ये सभी बैंक 1 जनवरी 2022 से ये नियम लागू कर देंगे.
हेल्थ टिप्स /शौर्यपथ /
खानपान में मौजूद जिंक से सर्दी-खांसी को रोका जा सकता है और इसके लक्षणों में कमी लाई जा सकती है। नई रिसर्च कहती है, ऐसे मामलों में जिंक सप्लिमेंट्स लेने पर मात्र 2 दिन में रिकवरी की जा सकती है। यह दावा वेस्टर्न यूनिवर्सिटी के शोधकर्ताओं ने अपनी हालिया रिसर्च में किया है।
शोधकर्ताओं का दावा है, जिंक संक्रमण की दर को कम करने के साथ बीमारी का समय भी घटाता है। हालांकि, इसकी कितनी मात्रा लेनी चाहिए, यह साफतौर पर नहीं बताया जा सका है।
वेस्टर्न यूनिवर्सिटी के वैज्ञानिकों ने ऐसे दर्जनभर से अधिक अध्ययनों की पड़ताल की जिसमें जिंक और सांस नली में संक्रमण के बारे में बताया गया था। इसके अलावा उनकी अपनी रिसर्च में सामने आया कि जिंक सर्दी-खांसी के लक्षणों में भी कमी ला सकता है। यह बहती नाक, सिरदर्द और शरीर के बढ़े हुए तापमान को घटा सकता है।
जिंक क्या है, यह क्यों जरूरी है और रिसर्च में कौन-सी नई बातें सामने आईं, जानिए इन सवालों के जवाब...
जिंक शरीर में करता क्या है?
जिंक एक ऐसा पोषक तत्व है जो शरीर में कई तरह से काम करता है। यह शरीर की इम्यूनिटी को बढ़ाने, पाचन को बेहतर करने और सूजन को रोकने में मदद करता है। मीट, शेलफिश और चीज में जिंक अच्छी मात्रा में पाया जाता है।
ब्रिटेन की स्वास्थ्य एजेंसी NHS का कहना है, खानपान के जरिए पुरुष 9.5 mg और महिलाएं 7 mg जिंक ले सकते हैं। एक्सपर्ट का कहना है, अगर जिंक सप्लिमेंट ले रहे हैं तो इसकी बताई गई मात्रा से अधिक न लें। ऐसा करने पर शरीर में आयरन की कमी हो सकती है और हड्डियां कमजोर हो सकती हैं।
रिसर्च में क्या सामने आया, अब इसे समझिए
शोधकर्ताओं की टीम ने 5500 लोगों पर किए जा रहे जिंक के 28 ट्रायल्स की पड़ताल की। रिसर्च कहती है, सर्दी-खांसी से जूझने वाले मरीजों को जिंक ओरल या नाक में स्प्रे के जरिए दिया जा सकता है।
रिसर्च के दौरान जिन्हें जिंक दिया, 2 दिन में उनकी हालत में सुधार देखा गया। वहीं, जिन मरीजों को जिंक नहीं दिया गया उनमें सातवें दिन तक लक्षण बने रहे।
शोधकर्ताओं का कहना है, अगर सर्दी-खांसी बहुत ज्यादा गंभीर स्तर पर पहुंच गई है तो जिंक रोजाना लक्षणों में कमी नहीं लाता, लेकिन तीसरे दिन से इसका असर दिखने लगता है।
दावा; नहीं दिखे साइड इफेक्ट
रिसर्च में दावा किया गया है, अध्ययन के दौरान किसी भी मरीज में जिंक के साइड इफेक्ट नहीं देखे गए। इसलिए यह कहा जा सकता है कि जो लोग सर्दी-खांसी के इलाज का असरदार विकल्प तलाश रहे हैं, उनके लिए जिंक बेहतर साबित हो सकता है।
हालांकि, शोधकर्ताओं का कहना है, यह रिसर्च कम लोगों पर की गई है। इसे बड़े स्तर पर करने की जरूरत है।
डाइट में इन 5 चीजों से जिंक की कमी पूरी करें
1. तरबूज के बीज और नट्स : इसमें जिंक और पोटैशियम पर्याप्त मात्रा में होता है। तरबूत के बीजों को सुखा लें और इसे पीसकर अपने भोजन में शामिल कर सकते हैं। इसके अलावा रोजाना एक मुट्ठी ड्रायफ्रूट्स ले सकते हैं।
2. मछली : इसमें जिंक, प्रोटीन के अलावा भी कई पोषक तत्व अच्छी मात्रा में होते हैं। इसे हफ्ते में दो बार लिया जा सकता है। जिंक आपकी इम्युनिटी बढ़ाने में भी मदद करता है।
3. अंडा : एक अंडे में 5 फीसदी तक जिंक होता है। एक्सपर्ट कहते हैं, इसे रोज अपनी डाइट में शामिल करें। यह इम्युनिटी बढ़ाने के साथ डैमेज हुई मांसपेशियों को रिपेयर भी करता है।
4. डेयरी प्रोडक्ट : अगर नॉनवेज खाना पसंद नहीं तो डाइट में डेयरी प्रोडक्ट की मात्रा बढ़ा सकते हैं। दूध, चीज, दही से भी जिंक की कमी पूरी की जा सकती है।
5. डार्क चॉकलेट : यह सिर्फ जिंक की कमी ही नहीं पूरी करती बल्कि पीरियड में होने वाले दर्द से भी राहत देती है। डार्क चॉकलेट मेटाबॉलिज्म को बेहतर बनाती है और मूड हैप्पी रखती है।
रायपुर /शौर्यपथ/
मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने आज कोंडागांव के वरिष्ठ नेता कैलाश पोयाम को फोन कर उनका कुशल क्षेम पूछा और उन्हें शीघ्र स्वास्थ्य लाभ के लिए शुभकामनाएं दी।
नई दिल्ली /शौर्यपथ/
आजकल की भागदौड़ भरी जिंदगी में किसी के पास अपनी देखभाल करने का समय नहीं है. खराब लाइफस्टाइल और गलत खानपान की वजह से बालों का सफेद होना आज हर दूसरे व्यक्ति की समस्या बन चुकी है. आजकल ये समस्या सबसे ज्यादा युवाओं में देखी जा रही है, जो कम उम्र में ही सफेद बालों की परेशानी से जूझ रहे हैं. खासकर बड़े शहरों में प्रदूषण की वजह से भी बाल जल्दी सफेद होने लगते हैं. सफेद बालों की समस्या से निपटने के लिए लोग अक्सर हेयर कलर का इस्तेमाल करते हैं. ऐसे में आज हम आपको एक ऐसी चीज के बारे में बताने जा रहे है, जिसके इस्तेमाल से आपके सफेद बालों (Kaise Kare Safed Balon Ko Kala) की समस्या कुछ ही समय में दूर हो जाएगी और इससे कोई साइड इफेक्ट्स भी नहीं होंगे. सफेद बालों की समस्या को दूर करने के लिए ब्लैक टी बेहद लाभकारी है. ब्लैक टी आपकी सेहत के साथ-साथ आपके बालों का भी ख्याल रख सकती है.
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सफेद बालों को कैसे करें काला |
अक्सर लोग चाय बनाने के बाद पत्ती को फेंक देते हैं. हमें लगता है कि चाय बनाने के बाद उसकी पत्ती बेकार हो जाती है, मगर ऐसा बिल्कुल भी नहीं है. चाय की पत्ती का इस्तेमाल करके आप अपने सफेद हो रहे बालों को काला कर सकते हैं. आपकी जानकारी के लिए बता दें कि काली चाय की पत्ती में टैनिक एसिड पाया जाता है, जो कुछ ही समय में सफेद बालों को काला बना सकता है. आप चाहें तो घर पर ही कुछ और भी चीजें चाय की पत्ती में मिलाकर लगा सकते हैं, जिसके चलते आपके सफेद बालों की प्रॉब्लम काफी हद तक कम हो सकती है. चलिए जानते हैं कि चाय की पत्ती से बालों को कैसे काला कर सकते हैं.
अपनाएं ब्लैक टी का ये तरीका |
ब्लैक टी का इस्तेमाल
टैनिक एसिड से भरपूर ब्लैक टी (Black Tea), आपके बालों को नेचुरल रूप से काला कर सकती है. इसके लिए आप लगभग 2 कप पानी लें. इसमें 5-6 चम्मच चाय की पत्ती डालें. अब इस पानी को अच्छी तरह उबाल लें. पूरी तरह से उबालने के बाद इस घोल को कमरे के तापमान पर ठंडा होने के लिए छोड़ दीजिए. घोल के ठंडा हो जाने पर इसे अपने बालों पर सामान्य तरीके से लगा लीजिए या फिर इस पानी में अपने बालों को करीब 30 मिनट तक के लिए भिगोकर रखें. फिर इसे साफ और ठंडे पानी से अच्छी तरह से धो लीजिए. इस स्थिति में आपको शैम्पू या फिर कंडिशनर का उपयोग नहीं करना है. इसे हफ्ते में 3 से 4 बार करें.
ब्लैक टी और कॉफी
इसके अलावा आप चाय की पत्ती के साथ कॉफी पाउडर का इस्तेमाल कर अपने सफेद बालों को काला कर सकते हैं. इसके लिए आप एक पैन में पानी और चाय की पत्ती डालें. इसे अच्छी तरह से खौलाएं और फिर उसमें कॉफी पावडर मिक्स करें. इस मिश्रण को 5 मिनट के लिये उबालना है. इसके बाद गैस बंद करें और घोल को ठंडा होने के लिये छोड दें. मिश्रण को छान लें और फिर इसे बालों में लगाएं. 30 मिनट के बाद अपने बालों को साफ पानी से धो लें.
ब्लैक टी और तुलसी
वहीं आप चाय की पत्ती के साथ तुलसी की भी मदद ले सकते हैं. इसके लिए आप 5 टेबल स्पून चाय पत्ती ले और उसका पानी बना लें. फिर इसमें 5 तुलसी के पत्ते मिला लें. अब उसे साथ में गर्म करें. साथ ही उसमें नींबू का जूस मिलाएं. नींबू का रस आपके बालों का डेंड्रफ हमेशा के लिए खत्म कर देगा साथ ही आपके बाल चमकने लगेंगे.
ब्लैक टी और हर्ब्स
इसके लिए आपको दो मेंहदी के पत्ते और दो अजवाइन की पत्ती और ब्लैक टी बैग्स को एक साथ उबालें. इस मिश्रण को अपने बालों पर लगभग 1-2 घंटे के लिए लगा रहने दें. इसके बाद साफ पानी से सिर धो लें
करीम नगर जिले के डिस्ट्रिक्ट और हेल्थ ऑफिसर डॉक्टर जुवेरिया ने बताया कि सरकार को वार्षिक दिवस समारोह और इसमें इतनी बड़ी संख्या में लोगों के एकत्रित होने के बारे में जानकारी नहीं दी गई थी. इस समारोह में शामिल कई लोगों ने मास्क भी नहीं पहना हुआ था.
हैदराबाद /शौर्यपथ/
तेलंगाना के करीम नगर जिले के चलमेदा आनंद राव इंस्टीट्यूट ऑफ मेडिकल साइंसेज के कम से 43 मेडिकल स्टूडेंट कोविड-19 पॉजिटिव पाए गए हैं इसके बाद प्रबंधन को क्लास सस्पेंड करने और कैंपस को बंद करने का फैसला लेना पड़ा है. करीब एक सप्ताह पहले कॉलेज का वार्षिक दिवस समारोह (Annual day event) आयोजित हुआ था, यही कोरोना संक्रमण फैलने का कारण माना जा रहा है. करीम नगर जिले के डिस्ट्रिक्ट और हेल्थ ऑफिसर डॉक्टर जुवेरिया ने बताया कि सरकार को वार्षिक दिवस समारोह और इसमें इतनी बड़ी संख्या में लोगों के एकत्रित होने के बारे में जानकारी नहीं दी गई थी. इस समारोह में शामिल कई लोगों ने मास्क भी नहीं पहना हुआ था.
उन्होंने बताया, 'अब तक 200 लोगों का टेस्ट किया गया है, सोमवार को कैंपस के सभी 1000 लोगों के टेस्ट के लिए विशेष कैंप लगाया जाएगा. ' रिपोर्ट्स में जानकारी दी गई है कि 13 स्टूडेंट्स को शनिवार को पॉजिटिव पाया गया जबकि अन्य 26 रविवार को पॉजिटिव आए. सभी स्टूडेंट्स और स्टाफ का टेस्ट किया जा रहा है और सेनिटाइजेशन अभियान चलाया जा रहा है.
तेलंगाना के पब्लिक हेल्थ डायरेक्टर डॉ. जी. श्रीनिवास ने नए वेरिएंट ओमिक्रॉन के डेल्टा के मुकाबले में करीब छह गुना अधिक संक्रामक होने का जिक्र करते हुए कहा कि जनवरी माह के मध्य तक और केस आने की आशंका है और फरवरी माह में केसों की संख्या में और इजाफा हो सकता है. विदेश से हैदराबाद पहुंचे 13 यात्री का कोरोना टेस्ट पॉजिटिव पाया गया है. सैंपल्स को जीनोम सीक्वेंसिंग के लिए भेजा गया है और इसका परिणाम आज शाम तक आ सकता है. 11 जोखिम वाले देशों से 979 आए थे. यहां तक कि जिन लोगों के टेस्ट निगेटिव हैं, उन्हें भी 14 दिन तक होम क्वारंटाइन रहने और आगमन के आठवें दिन कोरोना टेस्ट कराने को कहा गया है. तेलंगाना के स्वास्थ्य मंत्री हरीश राव ने केंद्र सरकार को लेटर लिखते हुए हेल्थ केयर वर्कर्स, फ्रंट लाइन वर्कर्स और इम्युनिटी के लिहाज कमजोर लोगों के ग्रुप (vulnerable groups) बूस्टर डोज देने पर विचार का आग्रह किया है.
रायपुर /शौर्यपथ/
एनटीपीसी लारा ताप विद्युत परियोजना
मुख्यमंत्री भूपेश बघेल की विशेष पहल पर आज रायगढ़ में आयोजित कार्यक्रम में एनटीपीसी लारा ताप विद्युत परियोजना के लिए भूमि अधिग्रहण से प्रभावित 9 गांवों के 49 भू विस्थापित लोगों को एनटीपीसी लारा द्वारा स्थायी नियुक्ति पत्र प्रदान किए गए। मुख्यमंत्री बघेल भी इस कार्यक्रम में अपने निवास कार्यालय से वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से जुड़े । उन्होंने नौकरी प्राप्त करने वाले सभी लोगों को बधाई और शुभकामनाएं दी। उल्लेखनीय है कि इसके पहले भी प्रभावित भू विस्थापितों में 6 लोगों को नौकरी दी गई थी। इस तरह कुल 55 भू- विस्थापितों को अब तक नौकरी दी जा चुकी है।
रायगढ़ में आयोजित कार्यक्रम में विधायक प्रकाश नायक, कलेक्टर रायगढ़ भीम सिंह, एनटीपीसी लारा के ईडी आलोक गुप्ता, एजीएम एचआर कन्हैया दास सहित नियुक्ति पत्र पाने वाले लोग और उनके परिजन उपस्थित थे।
राजनांदगांव /शौर्यपथ/
न्यायालय कलेक्टर राजनांदगांव के न्यायालय में आबकारी अधिनियम के तहत प्रचलित प्रकरण में जप्त शुदा वाहन स्कूटी सीजी 08 एन 9041 में अवैध मदिरा परिवहन के संबंध में अनावेदक, वाहन स्वामी मनोज कुमार यादव निवासी ग्राम होच्चेटोला थाना मचुआ जिला बालोद की उपस्थिति के लिए आबकारी उपनिरीक्षक वृत्त राजनांदगांव ब के माध्यम से सूचना पत्र तामिली के लिए प्रेषित किया गया। न्यायालय कलेक्टर राजनांदगांव के प्रचलित प्रकरण में सुनवाई 13 दिसम्बर 2021 को सुबह 11 बजे स्वयं या अभिभाषक के माध्यम से अनिवार्य रूप से उपस्थित होने कहा गया है। नियत तिथि को उपस्थित नहीं होने पर जप्तशुदा वाहन स्कूटी सीजी 08 एन 9041 की राजसात की कार्रवाई की जाएगी।
टीकाकरण के लिए पात्र 51 प्रतिशत आबादी को दोनों डोज लगे, 91 प्रतिशत को पहला टीका
रायपुर /शौर्यपथ/
छत्तीसगढ़ में कोरोना वैक्सीन की दोनों खुराक लेने वालों की संख्या एक करोड़ को पार कर गई है। कोरोना संक्रमण से बचाव के लिए प्रदेश में एक करोड़ 22 हजार 404 लोगों ने इसके दोनों टीके लगवा लिए हैं। यह प्रदेश में टीकाकरण के लिए पात्र आबादी एक करोड़ 96 लाख 51 हजार का 51 प्रतिशत है। टीकाकरण की रफ्तार बढ़ाने के लिए विगत 1 दिसम्बर से समर्थन मूल्य पर किसानों से धान खरीदी की शुरूआत के बाद खरीदी केंद्रों में भी कोरोना टीकाकरण किया जा रहा है।
कोरोना से बचाव के टीके की पहली और दूसरी, दोनों खुराकों को मिलाकर प्रदेश में अब तक (5 दिसम्बर तक) दो करोड़ 79 लाख 93 हजार 381 टीके लगाए जा चुके हैं। राज्य में टीकाकरण के लिए पात्र 91 प्रतिशत जनसंख्या को पहला टीका लगाया जा चुका है। प्रदेश के एक करोड़ 79 लाख 70 हजार 977 नागरिक संक्रमण से बचाव के लिए पहला टीका लगवा चुके हैं।
रायपुर /शौर्यपथ/
छत्तीसगढ़ शासन ने विभिन्न सिंचाई परियोजनाओं के निर्माण एवं सुधार कार्यों के लिए 22 करोड़ 43 लाख 84 हजार रूपए की प्रशासकीय स्वीकृति दी है। योजनाओं के पूरा होने से दो हजार सात सौ चौतीस हेक्टेयर क्षेत्र में सिंचाई सुविधा मिल सकेगी।
कोरिया जिले के विकासखण्ड सोनहत के अंतर्गत प्रस्तावित बदरा जलाशय के बांध एवं नहर सुधार कार्य के लिए एक करोड़ 74 लाख 97 हजार रूपए की प्रशासकीय स्वीकृति प्रदान की गई है। योजना के पूरा होने से 342 हेक्टेयर क्षेत्र में सिंचाई सुविधा मिल सकेगी। विकासखण्ड सोनहत के अंतर्गत कुशमाहा जलाशय एवं नहर का जीर्णोद्धार कार्य के लिए एक करोड़ 27 लाख 94 हजार रूपए की प्रशासकीय स्वीकृति प्रदान की गई है। योजना के पूरा होने से 421 हेक्टेयर क्षेत्र में सिंचाई सुविधा मिल सकेगी। विकासखण्ड भरतपुर के अंतर्गत प्रस्तावित ओदारी डायवर्सन योजना के वियर में आवश्यक सुधार एवं मुख्य नहर में आर.डी. 0 मी. से 5700 मी. तक सी.सी.चैनल निर्माण कार्य के लिए दो करोड़ 40 लाख 46 हजार रूपए की प्रशासकीय स्वीकृति प्रदान की गई है। योजना के पूरा होने से 971 हेक्टेयर क्षेत्र में सिंचाई सुविधा मिल सकेगी।
बिलासपुर जिले के विकासखण्ड कोटा के अंतर्गत बांकीघाट-2 एनीकट कार्य के लिए एक करोड़ 75 लाख 25 हजार रूपए की प्रशासकीय स्वीकृति प्रदान की गई है। योजना के पूरा होने से 77 हेक्टेयर क्षेत्र में सिंचाई सुविधा मिल सकेगी। विकासखण्ड कोटा अंतर्गत औरापानी जलाशय का शीर्ष कार्य का सुदृढ़ीकरण एवं नहरों का सीमेंट कांक्रीट लाईनिंग कार्य के लिए दो करोड़ 48 लाख 97 हजार रूपए की प्रशासकीय स्वीकृति प्रदान की गई। योजना के पूरा होने से 233 हेक्टेयर क्षेत्र में सिंचाई सुविधा मिल सकेगी। विकासखण्ड कोटा के अंतर्गत मझगांव एनीकट कार्य के लिए दो करोड़ 96 लाख 97 हजार रूपए की प्रशासकीय स्वीकृति प्रदान की गई है। योजना के पूरा होने से 120 हेक्टेयर क्षेत्र में सिंचाई सुविधा मिल सकेगी। विकासखण्ड मस्तूरी अंतर्गत
मोगरा जलाशय उन्नयन कार्य के लिए एक करोड़ 22 लाख 55 हजार रूपए की प्रशासकीय स्वीकृति प्रदान की गई है। योजना के पूरा होने से 160 हेक्टेयर क्षेत्र में सिंचाई सुविधा मिल सकेगी। गौरेल-पेण्ड्रा-मरवाही जिले के विकासखण्ड गौरेला अंतर्गत ठेगाडांड एनीकट कार्य के लिए दो करोड़ 81 लाख 69 हजार रूपए की प्रशासकीय स्वीकृति प्रदान की गई है। योजना के पूरा होने से 40 हेक्टेयर क्षेत्र में सिंचाई सुविधा मिल सकेगी। बिलासपुर (गौरेला-पेण्ड्रा-मरवाही) जिले के मझगांव (केंदाडांड) सूक्ष्म सिंचाई कार्य के लिए दो करोड़ 78 लाख तीन हजार रूपए की प्रशासकीय स्वीकृति प्रदान की गई है। योजना के पूरा होने से 110 हेक्टेयर क्षेत्र में सिंचाई सुविधा मिल सकेगी। विकासखण्ड गौरेला अंतर्गत रानीझाप एनीकट सूक्ष्म सिंचाई कार्य के लिए दो करोड़ 97 लाख एक हजार रूपए की प्रशासकीय स्वीकृति प्रदान की गई है। योजना के पूरा होने से 260 हेक्टेयर क्षेत्र में सिंचाई सुविधा मिल सकेगी।
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