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धर्म संसार / शौर्यपथ / प्रभु यीशु के जन्म की ख़ुशी में मनाया जाने वाला क्रिसमस का त्योहार पूरी दुनिया में मनाया जाता है। यह त्योहार कई मायनों में बेहद खास है। क्रिसमस को बड़ा दिन, सेंट स्टीफेंस डे या फीस्ट ऑफ़ सेंट स्टीफेंस भी कहा जाता है। प्रभु यीशु ने दुनिया को प्यार और इंसानियत की शिक्षा दी। उन्होंने लोगों को प्रेम और भाईचारे के साथ रहने का संदेश दिया। प्रभु यीशु को ईश्वर का इकलौता प्यारा पुत्र माना जाता है। इस त्योहार से कई रोचक तथ्य जुड़े हैं। आइए जानते हैं इनके बारे में।
क्रिसमस ऐसा त्योहार है जिसे हर धर्म के लोग उत्साह से मनाते हैं। यह एकमात्र ऐसा त्योहार है जिस दिन लगभग पूरे विश्व में अवकाश रहता है। 25 दिसंबर को मनाया जाने वाला यह त्योहार आर्मीनियाई अपोस्टोलिक चर्च में 6 जनवरी को मनाया जाता है। कई देशों में क्रिसमस का अगला दिन 26 दिसंबर बॉक्सिंग डे के रूप मे मनाया जाता है। क्रिसमस पर सांता क्लॉज़ को लेकर मान्यता है कि चौथी शताब्दी में संत निकोलस जो तुर्की के मीरा नामक शहर के बिशप थे, वही सांता थे। वह गरीबों की हमेशा मदद करते थे उनको उपहार देते थे। क्रिसमस के तीन पारंपरिक रंग हैं हरा, लाल और सुनहरा। हरा रंग जीवन का प्रतीक है, जबकि लाल रंग ईसा मसीह के रक्त और सुनहरा रंग रोशनी का प्रतीक है। क्रिसमस की रात को जादुई रात कहा जाता है। माना जाता है कि इस रात सच्चे दिल वाले लोग जानवरों की बोली को समझ सकते हैं। क्रिसमस पर घर के आंगन में क्रिसमस ट्री लगाया जाता है। क्रिसमस ट्री को दक्षिण पूर्व दिशा में लगाना शुभ माना जाता है। फेंगशुई के मुताबिक ऐसा करने से घर में सुख समृद्धि आती है। पोलैंड में मकड़ी के जालों से क्रिसमस ट्री को सजाने की परंपरा है। मान्यता है कि मकड़ी ने सबसे पहले जीसस के लिए कंबल बुना था।
रायपुर / शौर्यपथ / छत्तीसगढ़ माध्यमिक शिक्षा मण्डल, रायपुर द्वारा दिनांक 14 मार्च 2026 को कक्षा 12 वीं की हिन्दी विषय की बोर्ड परीक्षा सफलतापूर्वक संपन्न कराई गई। इस संबंध में मण्डल को दिनांक 15 मार्च 2026 को सायं 05 बजे सोशल मीडिया (व्हाट्सएप) तथा दिनांक 16 मार्च 2026 को मीडिया के माध्यम से यह जानकारी प्राप्त हुई कि छात्र संगठन द्वारा यह दावा किया गया है कि उक्त परीक्षा के एक दिन पूर्व दिनांक 13 मार्च 2026 को सोशल मीडिया पर हिन्दी विषय से संबंधित प्रश्नों का एक हस्तलिखित पर्चा वायरल हुआ था।
समाचार पत्रों में प्रकाशित रिपोर्ट के अनुसार वायरल पर्चे में अंकित प्रश्नों तथा परीक्षा में पूछे गए हिन्दी विषय के बी-सेट प्रश्नपत्र के प्रश्नों में समानता होने का दावा किया जा रहा है। तथापि, सोशल मीडिया में वायरल तथा समाचार पत्रों में प्रकाशित उक्त पर्चा स्पष्ट एवं पठनीय नहीं है, जिससे उसकी सत्यता का प्रत्यक्ष परीक्षण संभव नहीं हो पा रहा है।
सचिव माध्यमिक शिक्षा मण्डल यह भी स्पष्ट करता है कि संबंधित वीडियो/सामग्री परीक्षा सम्पन्न होने के बाद सामने आई है, अतः प्रथम दृष्टया इसे प्रश्नपत्र लीक की घटना के रूप में नहीं माना जा सकता। फिर भी परीक्षा जैसे महत्वपूर्ण एवं संवेदनशील कार्य को दृष्टिगत रखते हुए मण्डल द्वारा इस मामले को गंभीरतापूर्वक संज्ञान में लिया गया है और एहतियात के तौर पर संबंधित प्रकरण में प्राथमिकी (FIR) दर्ज कराते हुए पुलिस एवं साइबर सेल से विस्तृत जांच कराने की कार्रवाई की जा रही है, ताकि तथ्यात्मक स्थिति स्पष्ट हो सके।
सचिव माध्यमिक शिक्षा मण्डल ने कहा है कि परीक्षाओं की गोपनीयता एवं पारदर्शिता बनाए रखने के लिए पूर्णतः प्रतिबद्ध है तथा किसी भी प्रकार की अनियमितता पाए जाने पर नियमानुसार कड़ी कार्रवाई की जाएगी।
रायपुर / शौर्यपथ / मुख्यमंत्री निर्माण श्रमिक मृत्यु एवं दिव्यांग सहायता योजना से जुड़े प्रकरण में अनियमितता पाए जाने पर जांजगीर-चांपा जिले के श्रम निरीक्षक लक्ष्मण सिंह मरकाम को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया गया है।
मिली जानकारी के अनुसार जिला पंचायत उपाध्यक्ष, जांजगीर-चांपा द्वारा 2 मार्च 2026 को कलेक्टर को इस मामले में शिकायत भेजी गई थी। इसके बाद विधानसभा सदस्य बालेश्वर साहू ने भी इस मुद्दे को विधानसभा में ध्यानाकर्षण के माध्यम से उठाया।
मामले को गंभीरता से लेते हुए कलेक्टर जांजगीर-चांपा द्वारा कराई गई प्रारंभिक जांच में निर्माण श्रमिकों के पंजीयन में प्रथम दृष्टया अनियमितता सामने आई। जांच में पंजीयन आवेदन स्वीकृत करने वाले क्षेत्रीय श्रम निरीक्षक लक्ष्मण सिंह मरकाम की भूमिका संदिग्ध पाए जाने पर उन्हें तत्काल निलंबित करते हुए विभागीय जांच शुरू कर दी गई है।
निलंबन अवधि के दौरान मरकाम का मुख्यालय सहायक श्रमायुक्त कार्यालय, जिला बिलासपुर निर्धारित किया गया है। इस अवधि में उन्हें नियमानुसार जीवन निर्वाह भत्ता देय होगा।
यह आदेश अपर श्रमायुक्त (स्थापना), कार्यालय श्रमायुक्त छत्तीसगढ़, नवा रायपुर अटल नगर द्वारा श्रमायुक्त के अनुमोदन से सोमवार को जारी किया गया।
रायपुर। राष्ट्रीय स्तर की मिलिट्री पाइप बैंड प्रतियोगिता में शानदार प्रदर्शन करते हुए द ग्रेट इंडिया सैनिक स्कूल, रायपुर ने तृतीय स्थान हासिल कर छत्तीसगढ़ का नाम रोशन किया है। इस उपलब्धि पर मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने छात्रों को बधाई और शुभकामनाएं दीं।
रविवार शाम राजधानी रायपुर स्थित मुख्यमंत्री निवास कार्यालय में विद्यालय के छात्रों ने मुख्यमंत्री से सौजन्य मुलाकात की। इस दौरान मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि छात्रों की यह सफलता न केवल विद्यालय बल्कि पूरे छत्तीसगढ़ के लिए गर्व का विषय है। उन्होंने कहा कि इस उपलब्धि से राज्य को राष्ट्रीय स्तर पर नई पहचान मिली है।
इस अवसर पर विद्यालय के संचालक सिद्धार्थ सिंह, कमांडेंट (सेवानिवृत्त) कर्नल आर.के. वर्मा, शिक्षकगण और छात्र उपस्थित रहे।
उल्लेखनीय है कि शिक्षा मंत्रालय और रक्षा मंत्रालय द्वारा प्रतिवर्ष राष्ट्रीय स्तर पर मिलिट्री पाइप बैंड प्रतियोगिता आयोजित की जाती है, जिसमें देशभर के सैनिक स्कूल भाग लेते हैं। प्रतियोगिता जिला, राज्य और जोन स्तर से होते हुए राष्ट्रीय स्तर तक पहुंचती है।
दक्षिण जोन में छत्तीसगढ़ के साथ केरल, तमिलनाडु और आंध्र प्रदेश के सैनिक स्कूल शामिल होते हैं। छत्तीसगढ़ के इतिहास में पहली बार द ग्रेट इंडिया सैनिक स्कूल, रायपुर ने इस प्रतिष्ठित प्रतियोगिता में राष्ट्रीय स्तर पर तृतीय स्थान प्राप्त किया है।
नई दिल्ली/पटना। देश के 10 राज्यों की 37 राज्यसभा सीटों के लिए चल रही चुनावी प्रक्रिया सोमवार को अपने अंतिम चरण में पहुंच गई। इनमें से 26 उम्मीदवार पहले ही निर्विरोध निर्वाचित हो चुके थे, जबकि शेष 11 सीटों पर बिहार, ओडिशा और हरियाणा में मतदान हुआ। सुबह 9 बजे शुरू हुई वोटिंग के बाद मतगणना हुई और नतीजे घोषित किए गए।
इस बार सबसे अधिक राजनीतिक नजरें बिहार की 5 सीटों पर टिकी हुई थीं, जहां 6 उम्मीदवारों के मैदान में होने से मुकाबला बेहद रोचक हो गया था। अंततः परिणामों में राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन (एनडीए) ने बड़ा राजनीतिक प्रदर्शन करते हुए सभी पांचों सीटों पर जीत दर्ज कर ली।
बिहार राज्यसभा चुनाव में एनडीए के उम्मीदवारों नीतीश कुमार (JDU), नितिन नवीन (BJP), उपेंद्र कुशवाहा (RLM), शिवेश राम (BJP) और रामनाथ ठाकुर (JDU) को जीत मिली।
महागठबंधन की ओर से आरजेडी के अमरेंद्र धारी सिंह मैदान में थे, लेकिन समीकरण उनके पक्ष में नहीं बन पाए।
बताया जा रहा है कि कांग्रेस के तीन और आरजेडी के एक विधायक ने मतदान में हिस्सा नहीं लिया, जिससे महागठबंधन की संभावनाओं को बड़ा झटका लगा। द्वितीय वरीयता के वोटों की गिनती के आधार पर एनडीए के पांचवें उम्मीदवार शिवेश राम की जीत सुनिश्चित हो गई। हालांकि परिणामों की आधिकारिक अधिसूचना जारी होना अभी बाकी है।
परिणाम आने के बाद बिहार विधानसभा में नेता प्रतिपक्ष तेजस्वी यादव ने भाजपा पर तीखा हमला बोला। उन्होंने आरोप लगाया कि चुनाव में धनतंत्र और मशीनतंत्र का इस्तेमाल किया गया।
तेजस्वी यादव ने कहा,
“हमारी जितनी भी संख्या होती, हम भाजपा से लड़ते। अगर हमारे विधायकों ने धोखा नहीं दिया होता तो हम यह चुनाव जीत सकते थे। हमारे विधायक क्यों नहीं आए, इस पर आगे प्रक्रिया होगी। भाजपा के खिलाफ हमारी लड़ाई जारी रहेगी।”
राज्यसभा चुनाव की प्रक्रिया पूरी होने के बाद बिहार विधानसभा के पोर्टिको में एनडीए और महागठबंधन के विधायकों के बीच नारेबाजी भी देखने को मिली।
एनडीए विधायकों ने “जय श्री राम” के नारे लगाए, जबकि महागठबंधन के विधायकों ने “लोकतंत्र की हत्या बंद करो” के नारे लगाकर विरोध जताया।
राज्यसभा की जिन सीटों पर मतदान हुआ उनमें बिहार (5 सीट), ओडिशा (4 सीट) और हरियाणा (2 सीट) शामिल हैं। ओडिशा में 4 सीटों के लिए 5 उम्मीदवार मैदान में हैं, जबकि हरियाणा में 2 सीटों के लिए 3 उम्मीदवारों के बीच मुकाबला हुआ।
छत्तीसगढ़ के उपमुख्यमंत्री विजय शर्मा ने बिहार में एनडीए उम्मीदवारों की जीत पर बधाई दी। उन्होंने कहा कि यह जीत बिहार में विकास और सुशासन के संकल्प को और मजबूत करेगी।
उन्होंने अपने संदेश में कहा,
“बिहार राज्यसभा चुनाव में एनडीए के सभी पांचों उम्मीदवारों की ऐतिहासिक विजय पर हार्दिक बधाई एवं शुभकामनाएं।
श्री नीतीश कुमार जी, श्री नितिन नवीन जी, श्री उपेंद्र कुशवाहा जी, श्री शिवेश राम जी और श्री रामनाथ ठाकुर जी को इस शानदार जीत पर बहुत-बहुत बधाई।
आप सभी के नेतृत्व में बिहार के विकास, सुशासन और जनसेवा का संकल्प और मजबूत होगा।”
राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि बिहार में एनडीए की यह जीत राज्य की आगामी राजनीतिक रणनीतियों और राष्ट्रीय स्तर की राजनीति पर भी असर डाल सकती है।
निर्धारित शुल्क से अधिक वसूली की शिकायत के बाद भी कार्रवाई नहीं, जीवनदीप समिति और जिला प्रशासन की भूमिका पर भी उठे सवाल
दुर्ग / शौर्यपथ / :
प्रदेश सरकार जहां सुशासन और पारदर्शिता को लेकर लगातार सख्त कदम उठाने की बात कर रही है, वहीं दुर्ग जिले के सबसे बड़े स्वास्थ्य संस्थान जिला अस्पताल दुर्ग में पार्किंग व्यवस्था को लेकर गंभीर सवाल खड़े हो रहे हैं। आरोप है कि अस्पताल परिसर में वाहन पार्किंग के नाम पर निर्धारित शुल्क से अधिक राशि वसूली जा रही है, लेकिन शिकायत के बावजूद अब तक ठोस कार्रवाई नहीं हो सकी है।
जानकारी के अनुसार, करीब एक सप्ताह पहले इस मामले की सूचना अस्पताल प्रबंधन और सिविल सर्जन डॉ. मिंज को दी गई थी। उस समय यह उम्मीद जताई जा रही थी कि अस्पताल प्रबंधन तत्काल जांच कर कार्रवाई करेगा। हालांकि एक सप्ताह बीत जाने के बाद भी स्थिति में कोई विशेष बदलाव दिखाई नहीं दे रहा, जिससे अस्पताल प्रबंधन की कार्यप्रणाली पर सवाल उठने लगे हैं।
टेंडर के चार महीने बाद भी नियमों का पालन नहीं
बताया जा रहा है कि अस्पताल की पार्किंग व्यवस्था के लिए जीवनदीप समिति के अंतर्गत टेंडर प्रक्रिया पूरी हुए चार महीने से अधिक समय बीत चुका है। इसके बावजूद पार्किंग ठेकेदार द्वारा नियम और शर्तों का पूर्ण पालन नहीं किया जा रहा। आरोप है कि अस्पताल आने वाले मरीजों और उनके परिजनों से निर्धारित दर से अधिक शुल्क वसूला जा रहा है, जिससे आम जनता को अनावश्यक आर्थिक बोझ उठाना पड़ रहा है।
शिकायत के बाद भी कार्रवाई क्यों नहीं?
इस विषय पर जब सिविल सर्जन डॉ. मिंज से चर्चा की गई, तो आश्चर्यजनक रूप से उन्हें इस मामले की विस्तृत जानकारी तक याद नहीं रही। ऐसे में सवाल उठ रहा है कि यदि अस्पताल प्रबंधन को शिकायत की जानकारी होने के बाद भी तत्काल कार्रवाई नहीं की जाती, तो यह व्यवस्था की गंभीर लापरवाही को दर्शाता है।
जीवनदीप समिति की भूमिका पर भी नजर
पार्किंग का यह टेंडर जीवनदीप समिति के माध्यम से जारी किया गया था, ऐसे में अब निगाहें समिति के सदस्यों पर भी टिक गई हैं। यह देखना महत्वपूर्ण होगा कि समिति के सदस्य इस मामले में संज्ञान लेकर कार्रवाई करते हैं या फिर पूरे मामले को नजरअंदाज कर दिया जाता है।
जिला प्रशासन से कार्रवाई की उम्मीद
अस्पताल में पार्किंग के नाम पर अतिरिक्त वसूली की शिकायतों के बीच अब जिला कलेक्टर और जिला प्रशासन से निष्पक्ष जांच और कार्रवाई की उम्मीद जताई जा रही है। क्योंकि जिला अस्पताल जैसे संवेदनशील स्थान पर यदि आम जनता से अनियमित वसूली होती है, तो यह न केवल प्रशासनिक व्यवस्था बल्कि सुशासन की अवधारणा पर भी सवाल खड़े करता है।
अब देखने वाली बात यह होगी कि अस्पताल प्रबंधन, जीवनदीप समिति और जिला प्रशासन इस मामले में क्या कदम उठाते हैं, या फिर मरीजों और उनके परिजनों से अतिरिक्त वसूली का यह सिलसिला यूं ही जारी रहेगा।
जगदलपुर, शौर्यपथ। जगदलपुर स्थित महारानी अस्पताल में मरीजों और उनके परिजनों के लिए लगाए गए पेयजल व्यवस्था को लेकर लापरवाही सामने आने का दावा किया गया है। जन कल्याण संघ के प्रदेश महासचिव विपिन कुमार तिवारी ने मीडिया को जानकारी देते हुए कहा कि अस्पताल परिसर में लगाया गया आर.ओ. वाटर प्यूरीफायर काफी समय से बंद पड़ा हुआ है। उनके अनुसार मशीन के भीतर जमा पानी भी काफी पुराना हो चुका है, जिससे उसमें काई या अन्य प्रकार की अशुद्धियाँ पनपने की आशंका जताई जा रही है।
उन्होंने कहा कि वर्तमान में ग्रीष्मकाल की शुरुआत हो चुकी है और अस्पताल में आने वाले मरीजों व उनके परिजनों के लिए स्वच्छ पेयजल की उपलब्धता अत्यंत आवश्यक है। यदि अनजाने में कोई व्यक्ति उक्त प्यूरीफायर का पानी पी लेता है, तो उसके स्वास्थ्य पर प्रतिकूल प्रभाव पड़ने की संभावना से इनकार नहीं किया जा सकता। इस स्थिति को देखते हुए अस्पताल प्रशासन द्वारा समय रहते आवश्यक सुधारात्मक कदम उठाने की आवश्यकता बताई गई है।
जन कल्याण संघ के अनुसार अस्पताल प्रबंधन को तत्काल आर.ओ. प्यूरीफायर की मरम्मत कराने या वैकल्पिक स्वच्छ पेयजल की व्यवस्था सुनिश्चित करने पर ध्यान देना चाहिए, ताकि मरीजों को किसी प्रकार की परेशानी न हो।
संघ के प्रदेश महासचिव ने यह भी कहा कि सामान्यतः शासकीय व्यवस्थाओं में यह देखा जाता है कि यदि कोई अधिकारी लंबे समय तक एक ही पद पर बना रहता है तो कई बार व्यवस्थागत कमियों पर अपेक्षित ध्यान नहीं दिया जा पाता। इसी संदर्भ में उन्होंने कहा कि महारानी अस्पताल के अधीक्षक लंबे समय से उक्त पद पर पदस्थ बताए जाते हैं।
उन्होंने यह भी कहा कि शासन की स्थानांतरण नीति के अनुसार समय-समय पर अधिकारियों का स्थानांतरण होने से नई कार्यशैली और जवाबदेही के साथ व्यवस्थाओं में सुधार का अवसर मिलता है। फिलहाल अस्पताल की पेयजल व्यवस्था को लेकर उठे इस मुद्दे पर प्रशासन की प्रतिक्रिया और सुधारात्मक कार्रवाई का इंतजार किया जा रहा है।
असम, केरल, तमिलनाडु, पश्चिम बंगाल और पुडुचेरी में चुनावी तैयारियां शुरू; दलों की रणनीति और बयानबाजी तेज
नई दिल्ली / शौर्यपथ / :
असम, केरल, तमिलनाडु, पश्चिम बंगाल और केंद्र शासित प्रदेश पुडुचेरी में विधानसभा चुनाव की तारीखों की घोषणा के साथ ही देश की राजनीति में हलचल तेज हो गई है। चुनाव आयोग के ऐलान के बाद विभिन्न राजनीतिक दलों की प्रतिक्रियाएं सामने आने लगी हैं और सभी दल अपनी-अपनी जीत का दावा करते हुए चुनावी रणनीति में जुट गए हैं।
भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) ने चुनाव कार्यक्रम का स्वागत करते हुए भरोसा जताया है कि जनता विकास, स्थिरता और सुशासन के पक्ष में मतदान करेगी। भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष नितिन नवीन ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर पोस्ट करते हुए कहा कि पांचों राज्यों में एनडीए और भाजपा के कार्यकर्ता पूरी तरह चुनाव के लिए तैयार हैं। उन्होंने विश्वास व्यक्त किया कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में असम और पुडुचेरी में एनडीए की सरकार फिर से बनेगी, वहीं पश्चिम बंगाल, तमिलनाडु और केरल में भी जनता के आशीर्वाद से एनडीए को विजय प्राप्त होगी।
वहीं कांग्रेस ने चुनाव की घोषणा का स्वागत करते हुए पश्चिम बंगाल में दो चरणों में चुनाव कराने के फैसले को सकारात्मक कदम बताया है। कांग्रेस नेताओं ने निर्वाचन आयोग से मांग की है कि चुनाव प्रक्रिया के दौरान स्वतंत्र, निष्पक्ष और भयमुक्त मतदान सुनिश्चित किया जाए ताकि मतदाता बिना किसी दबाव के अपने मताधिकार का उपयोग कर सकें।
इधर केरल में सत्तारूढ़ वाम मोर्चा (एलडीएफ) की प्रमुख पार्टी सीपीआई(एम) ने भी चुनावी तैयारी तेज कर दी है। पार्टी ने आगामी चुनाव में 86 सीटों पर उम्मीदवार उतारने का निर्णय लिया है, जिनमें से 56 वर्तमान विधायकों को फिर से टिकट देने का फैसला किया गया है।
विधानसभा कार्यकाल समाप्ति की स्थिति
निर्वाचन आयोग के अनुसार सभी राज्यों में मौजूदा विधानसभा का कार्यकाल समाप्त होने से पहले ही चुनाव संपन्न कराए जाएंगे।
पश्चिम बंगाल विधानसभा का कार्यकाल 7 मई को समाप्त होगा।
तमिलनाडु विधानसभा का कार्यकाल 10 मई तक है।
असम विधानसभा का कार्यकाल 20 मई को समाप्त हो जाएगा।
केरल विधानसभा का कार्यकाल 23 मई तक है।
पुडुचेरी विधानसभा का कार्यकाल 15 जून को समाप्त होगा।
चुनाव की तारीखों की घोषणा के साथ ही इन पांचों राज्यों में राजनीतिक दलों की सक्रियता, रैलियां, गठबंधन और उम्मीदवार चयन की प्रक्रिया तेज होने की संभावना है। आने वाले दिनों में चुनावी माहौल और भी गर्म होने के आसार हैं, क्योंकि सभी दल जनता को अपने पक्ष में करने के लिए पूरी ताकत झोंकने की तैयारी में हैं।
रायपुर/ शौर्यपथ / भाजपा सरकार ने निर्णय लिया है कि अब 1 अप्रैल से फाइबर की बोतल में शराब मिलेगी। साथ ही 35 नई दुकाने भी खोली जाएंगे। प्रदेश कांग्रेस प्रवक्ता वंदना राजपूत ने कहा है कि शराब बंदी की बात करने वाली भाजपा शराब की खपत बढ़ाने में लगी है। शराब की काली कमाई के लालच में भाजपा की सरकार ने पिछले दो वर्षों में आधा दर्जन बार आबकारी नीति में परिवर्तन किया है। पूर्व में संचालित लगभग 700 दुकानों में कंपोजिट व्यवस्था लागू करके अंग्रेजी में देसी और देसी शराब दुकानों में अंग्रेजी शराब भी बेचने का निर्णय लिया अर्थात पुरानी दुकानों की क्षमता दुगनी होकर 400 हो गयी। इस सरकार ने पिछले साल 67 नई शराब दुकानें खोले, जिसका जमकर विरोध हुआ, अब नई नीति में 35 और शराब दुकान खोले जा रहे हैं।
प्रदेश कांग्रेस प्रवक्ता वंदना राजपूत ने कहा है कि भाजपा की सरकार हर तरफ से शराब की बिक्री बढ़ाने में लगी है। विगत दिनों अंबिकापुर में सी-मार्ट को बंद कर प्रीमियम शराब दुकान खोली गई, अब नई शराब नीति के तहत और भी प्रीमियम दुकान खोलने का फैसला भाजपा की सरकार ने लिया है। पिछले 2 साल में सीमावर्ती पड़ोसी राज्य मध्य प्रदेश, महाराष्ट्र और उड़ीसा से शराब की तस्करी बढ़ी है। कोचियों और बिचौलियों का कारोबार बेख़ौफ़ चल रहा है, नाबालिक बच्चों तक अवैध नशे की सामग्री पहुंच रही है।
प्रदेश कांग्रेस प्रवक्ता वंदना राजपूत ने कहा है कि साय सरकार में शराब की कोचियागिरी बड़े पैमाने पर जारी है। नकली सरकारी होलोग्राम लगाकर शराब बेचा जा रहा है। राजनांदगांव, मुंगेली सहित प्रदेश के अनेकों स्थानों से लगातार खबरे आ रही है सरकारी शराब दुकानों से 200 रू. प्रति पेटी अतिरिक्त लेकर गली, मुहल्लों में कोचिये शराब पहुंचा रहे है। हाल ही में डोंगरगढ़ में बाटलिंग प्लांट यूनिट में पानी मिलाते रंगे हाथों पकड़े गये। दूसरे राज्यों की शराब बस्तर, सरगुजा सहित मैदानी क्षेत्रों में निर्बाध पहुंच रहे है। नकली और अवैध शराब का धंधा सत्ता के संरक्षण में तेजी से फल-फूल रहा है। भाजपा की सरकार बनने के बाद अवैध शराब की बिक्री बढ़ गई, दूसरे प्रांतो से शराब तस्करी कर के आ रही, बिना होलोग्राम, नकली होलोग्राम के शराब सरकारी दुकानों से बेची जा रही। पूरी सरकार शराब की काली कमाई में डूबी हुई है।
प्रदेश कांग्रेस की प्रवक्ता वंदना राजपूत ने कहा है कि साय सरकार के द्वारा लगातार शराबखोरी को संरक्षण देने वाले निर्णयों से प्रमाणित है कि भाजपा का शराबबंदी के लिए प्रदर्शन केवल राजनैतिक पाखंड था। साय सरकार का शराब प्रेम मनपसंद ऐप और 67 नई शराब दुकान खोलने के निर्णय से स्पष्ट है। भाजपा नेताओं का फोकस केवल कमीशनखोरी और भ्रष्टाचार में है और इसके लिए प्रदेश को नशे में डूबोने का षड़यंत्र रचा है।
श्री सोलंकी के निधन के बाद उनकी पुत्री प्रतिभा बेन क्षत्रीय, भावना बेन टांक एवं उमेश भाई चौहान की सहमति से नेत्रदान और देहदान की संपूर्ण प्रक्रिया विधिवत संपन्न की गई। परिवार के इस संवेदनशील एवं समाजहितकारी निर्णय की समाज में व्यापक सराहना की जा रही है।
नेत्रदान और देहदान की व्यवस्था में नवदृष्टि फाउंडेशन के सदस्यों ने महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। फाउंडेशन की ओर से कुलवंत भाटिया, राज आढ़तिया, यतीन्द्र चावड़ा, प्रभुदयाल उजाला, हरमन दुलई, जितेंद्र हासवानी, राजेश पारख एवं सुरेश जैन आर्य नगर स्थित निवास पर उपस्थित रहे और पूरी प्रक्रिया को सुचारु रूप से संपन्न कराया।
शंकराचार्य मेडिकल कॉलेज की टीम में डॉ. संदीप बचकर, डॉ. याशिका चंद्रा और डॉ. अंजलि कश्यप ने निवास स्थान पहुंचकर कॉर्निया संकलित किए। वहीं कॉलेज के एनाटॉमी विभाग की प्रमुख डॉ. अंजलि वंजारी के निर्देशन में संदीप रिशबुड और दयाराम ने देहदान की प्रक्रिया पूर्ण की।
इस अवसर पर प्रतिभा बेन क्षत्रीय ने कहा कि पिता के निधन से परिवार को गहरा आघात लगा है, लेकिन उनके संस्कारों से ही उन्हें नेत्रदान और देहदान का निर्णय लेने की प्रेरणा मिली। उन्होंने कहा कि अब पिता की स्मृतियां उन्हें समाज सेवा के लिए प्रेरित करती रहेंगी।
उमेश भाई चौहान ने कहा कि उन्होंने एक सच्चा मित्र खो दिया, लेकिन उनकी बेटियों ने नेत्रदान और देहदान का निर्णय लेकर यह सिद्ध कर दिया कि बेटियां भी अपने पिता के प्रति पूर्ण समर्पित होती हैं।
यश चावड़ा ने कहा कि सोलंकी समाज का यह प्रतिष्ठित परिवार सदैव धार्मिक और सामाजिक कार्यों में सक्रिय रहा है। परिवार के मुखिया के नेत्रदान और देहदान के निर्णय से सोलंकी परिवार ने समाज के सामने अनुकरणीय उदाहरण प्रस्तुत किया है।
नवदृष्टि फाउंडेशन के अनिल बल्लेवार, कुलवंत भाटिया, राज आढ़तिया, प्रवीण तिवारी, मुकेश आढ़तिया, हरमन दुलई, रितेश जैन, राजेश पारख, जितेंद्र हासवानी, मंगल अग्रवाल, किरण भंडारी, उज्ज्वल पींचा, सत्येंद्र राजपूत, सुरेश जैन, पीयूष मालवीय, दीपक बंसल, विकास जायसवाल, मुकेश राठी, प्रभुदयाल उजाला, प्रमोद बाघ, सपन जैन, यतीन्द्र चावड़ा, जितेंद्र कारिया, बंसी अग्रवाल, अभिजीत पारख, मोहित अग्रवाल, चेतन जैन, दयाराम टांक, विनोद जैन एवं राकेश जैन सहित अनेक लोगों ने स्व. मगनभाई सोलंकी को श्रद्धांजलि अर्पित करते हुए सोलंकी परिवार के इस निर्णय की सराहना की।
यह निर्णय समाज के लिए प्रेरणास्रोत है और यह संदेश देता है कि जीवन के बाद भी मानव सेवा संभव है।
दुर्ग / शौर्यपथ / पवित्र रमजान माह के दौरान शहर में आपसी भाईचारे और सौहार्द का सुंदर उदाहरण देखने को मिला। मशहूर शायर नवेद रज़ा दुर्गवी की ओर से केलाबाड़ी शास्त्री चौक में रोजा इफ्तार का आयोजन किया गया, जिसमें विभिन्न धर्मों और समाज के लोगों ने बड़ी संख्या में भाग लेकर सर्वधर्म समभाव का संदेश दिया।
इस अवसर पर रोजेदारों के साथ अन्य धर्मों के लोगों ने भी शामिल होकर इफ्तार किया और एक-दूसरे को रमजान की शुभकामनाएं दीं। इफ्तार के बाद सभी ने मिलकर नमाज-ए-मगरिब अदा की और देश में अमन, शांति तथा भाईचारे की दुआ मांगी।
नमाज के बाद आयोजित आम लंगर में भी बड़ी संख्या में लोगों ने भाग लिया और सौहार्दपूर्ण माहौल में प्रसाद ग्रहण किया।कार्यक्रम को सफल बनाने में हाजी रियाज गौहर, हाजी ताहिर निजाम, डॉ. नौशाद सिद्दीकी, सुनील श्रीवास्तव और शायर आलोक नारंग सहित अनेक लोगों का विशेष योगदान रहा।
राजनांदगांव। शौर्यपथ। भारत रत्न स्व. अटल बिहारी वाजपेई स्मृति शासकीय चिकित्सा महाविद्यालय संबद्ध चिकित्सालय पेंड्री में डॉक्टरों और नर्सिंग स्टाफ की संवेदनशीलता तथा समर्पण से एक लावारिस बुजुर्ग मरीज को नया जीवन मिला है। कोमा और गैस्पिंग की गंभीर अवस्था में अस्पताल लाए गए इस अज्ञात मरीज का लगभग 20 दिनों तक लगातार उपचार किया गया, जिसके बाद वह पूरी तरह स्वस्थ होकर अस्पताल से डिस्चार्ज हो गया।
जानकारी के अनुसार 24 फरवरी 2026 को 108 एम्बुलेंस के माध्यम से एक अज्ञात बुजुर्ग मरीज को अत्यंत नाजुक हालत में अस्पताल लाया गया था। भर्ती के समय मरीज गहरे कोमा में था और गैस्पिंग की स्थिति में अंतिम सांसें ले रहा था। चिकित्सकीय जांच में पता चला कि मरीज लीवर की गंभीर बीमारी से ग्रसित था, जिसके कारण वह हेपेटिक एन्सेफैलोपैथी (दिमाग पर असर) की खतरनाक स्थिति में पहुंच चुका था।
इसके साथ ही मरीज के शरीर में प्रोटीन की अत्यधिक कमी के कारण पूरे शरीर में सूजन थी और संक्रमण फैलने से वह सेप्टिक शॉक की स्थिति में था। चिकित्सकों के अनुसार इस अवस्था में मरीज के बचने की संभावना बेहद कम होती है, लेकिन समय पर मिले उपचार और टीमवर्क से उसे नया जीवन मिल सका।
डीन डॉ. पी. एम. लुका एवं मेडिकल सुपरिटेंडेंट डॉ. देशकर के मार्गदर्शन तथा मेडिसीन विभागाध्यक्ष डॉ. एन. के. तिरकी के नेतृत्व में चिकित्सकों की टीम ने तत्काल उपचार शुरू किया। मरीज के अज्ञात और लावारिस होने के बावजूद अस्पताल प्रबंधन ने संवेदनशीलता दिखाते हुए उसके सभी आवश्यक परीक्षण, जांच और दवाइयों की व्यवस्था पूरी तरह नि:शुल्क कराई।
इलाज की जिम्मेदारी डॉ. प्रकाश खुंटे के साथ डॉ. आशीष दुलानी, डॉ. भूपेंद्र जंघेल, डॉ. आकाश चंद्राकर और डॉ. विकास जैन की टीम ने संभाली। चिकित्सकों ने मरीज की स्थिति को देखते हुए लगातार मॉनिटरिंग और आवश्यक उपचार जारी रखा। इस दौरान इंटर्न डॉक्टरों ने भी उपचार प्रक्रिया में सक्रिय सहयोग दिया।
डॉक्टरों के साथ-साथ नर्सिंग स्टाफ की विशेष देखभाल भी मरीज के स्वस्थ होने में महत्वपूर्ण साबित हुई। सिस्टर इंचार्ज रेखा और नर्सिंग ऑफिसर केसर, राजलक्ष्मी, मोहिनी, पूजा निषाद तथा चंद्रकला ने चौबीसों घंटे मरीज की सेवा की। वार्ड बॉय और आया वर्ग ने भी मरीज की देखभाल में पूरा सहयोग दिया, जिससे उसकी हालत में धीरे-धीरे सुधार होता गया।
लगातार लगभग 10 दिनों तक आईसीयू और क्रिटिकल केयर में गहन उपचार के बाद मरीज की स्थिति स्थिर हुई और वह धीरे-धीरे होश में आने लगा। इसके बाद सामान्य वार्ड में रखकर उपचार जारी रखा गया। करीब 20 दिनों तक चले उपचार के बाद 14 मार्च 2026 को बुजुर्ग मरीज पूरी तरह स्वस्थ हो गया और उसे अस्पताल से डिस्चार्ज कर दिया गया।
राजनांदगांव। शौर्यपथ। प्रेस क्लब राजनांदगांव के प्रतिष्ठापूर्ण चुनाव का आयोजन रविवार को उत्साहपूर्ण और लोकतांत्रिक माहौल में सम्पन्न हुआ। अध्यक्ष, सचिव और कोषाध्यक्ष के तीन प्रमुख पदों के लिए मतदान के माध्यम से चुनाव कराया गया। चुनाव परिणाम में सचिन अग्रहरि ने लगातार तीसरी बार अध्यक्ष पद पर जीत दर्ज कर इतिहास दोहराया। वहीं अनिल त्रिपाठी सचिव और बसंत शर्मा कोषाध्यक्ष पद पर निर्वाचित घोषित किए गए। परिणाम घोषित होते ही विजेताओं और समर्थकों ने एक-दूसरे को बधाई देते हुए जीत का जश्न मनाया।
अध्यक्ष पद के लिए हुए चुनाव में दो प्रत्याशियों के बीच सीधा मुकाबला हुआ। इसमें सचिन अग्रहरि को 107 मत प्राप्त हुए, जबकि उनके प्रतिद्वंद्वी कमलेश स्वर्णकार को 41 वोट मिले। इस प्रकार सचिन अग्रहरि ने 66 मतों के बड़े अंतर से जीत हासिल कर लगातार तीसरी बार अध्यक्ष बनने का गौरव प्राप्त किया।
सचिव पद के लिए हुए मुकाबले में अनिल त्रिपाठी को सर्वाधिक 74 वोट मिले। उनके बाद विक्रम बाजपेयी को 50 मत प्राप्त हुए। वहीं सुरेंद्र गुप्ता को 12, मनोज राठौर को 6 और योगेश शर्मा को 6 मत मिले।
कोषाध्यक्ष पद के लिए हुए चुनाव में बसंत शर्मा को 85 वोट प्राप्त हुए। उनके निकटतम प्रतिद्वंद्वी रवि सिंह ठाकुर को 32 और प्रमोद शेंडे को 31 मत मिले।
प्रेस क्लब चुनाव में कुल 158 मतदाता थे, जिनमें से 148 सदस्यों ने अपने मताधिकार का प्रयोग किया। सुबह 10 बजे से दोपहर 2 बजे तक मतदान प्रक्रिया चली। इसके बाद दोपहर 3 बजे से मतगणना शुरू हुई और शाम करीब 5 बजे तक परिणाम घोषित कर दिए गए।
इस चुनाव में पहली बार लगभग 93.67 प्रतिशत मतदान दर्ज किया गया, जो सदस्यों के उत्साह और सक्रिय भागीदारी को दर्शाता है। अस्वस्थता और व्यस्तता के बावजूद बड़ी संख्या में पत्रकारों ने मतदान कर लोकतांत्रिक प्रक्रिया में भागीदारी निभाई।
चुनाव में निर्वाचन अधिकारी के रूप में वरिष्ठ अधिवक्ता उमाकांत भारद्वाज के साथ मनोज चौधरी, विमल हाजरा, मनीष तिवारी, सुनीता वर्मा, खेमराज वर्मा, नंदिनी, खुशी और नितिन साहू ने अपनी जिम्मेदारी निभाई।
तीसरी बार अध्यक्ष चुने जाने के बाद सचिन अग्रहरि ने मीडिया से चर्चा करते हुए कहा कि यह जीत प्रेस क्लब के सभी सदस्यों की जीत है। उन्होंने बताया कि पिछले दो कार्यकाल के दौरान पत्रकारों के लिए आवासीय परिसर का आवंटन और वहां विकास कार्य कराए गए हैं।
उन्होंने कहा कि नए कार्यकाल में शेष विकास कार्यों को पूरा कराने के साथ जिन पत्रकारों को अभी तक आवासीय भूखंड नहीं मिल पाया है, उन्हें भूखंड उपलब्ध कराना प्राथमिकता होगी। उन्होंने भरोसा जताया कि इस बार भी पहले से बेहतर कार्य कर पत्रकारों के हितों को आगे बढ़ाया जाएगा।
रायपुर / शौर्यपथ /
छत्तीसगढ़ राज्य पॉवर कंपनी ने बिजली उपभोक्ताओं को साइबर ठगी से सतर्क रहने की अपील करते हुए कहा है कि मुख्यमंत्री बिजली बिल भुगतान समाधान योजना (एमबीबीएस) के पंजीयन या किसी भी प्रकार के भुगतान के लिए किसी अनजान वॉट्सएप, ई-मेल या एसएमएस पर प्राप्त लिंक पर क्लिक करने से बचें। कंपनी ने स्पष्ट किया है कि इस योजना के नाम पर भेजे जाने वाले किसी भी लिंक या एपीके फाइल को डाउनलोड न करें, क्योंकि पॉवर कंपनी अपनी किसी भी योजना या सेवा के लिए उपभोक्ताओं को एपीके फाइल या वेब लिंक कभी नहीं भेजती।
पॉवर कंपनी के प्रबंध निदेशक (एमडी) श्री भीम सिंह ने बताया कि मुख्यमंत्री बिजली बिल भुगतान समाधान योजना की जानकारी आम उपभोक्ताओं तक पहुंचाने के लिए मैदानी स्तर पर विशेष शिविर आयोजित किए जाएंगे। उन्होंने उपभोक्ताओं से अपील की है कि वे अपने बिजली बिल अथवा किसी भी भुगतान को केवल ‘मोर बिजली’ मोबाइल एप, कंपनी की आधिकारिक वेबसाइट, एटीपी सेंटर या नजदीकी विद्युत कार्यालय के माध्यम से ही करें।
उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि उपभोक्ता किसी भी मैदानी कर्मचारी को नकद भुगतान न करें। योजना के अंतर्गत पंजीयन राशि के भुगतान की सुविधा केवल मोर बिजली एप, एटीपी केंद्र और संबंधित विद्युत कार्यालयों में ही उपलब्ध है।
पॉवर कंपनी ने यह भी बताया कि बिजली बिल भुगतान अथवा किसी अन्य सूचना से संबंधित संदेश उपभोक्ताओं को केवल “CSPDCL-S” सेंडर आईडी से ही भेजे जाते हैं। यदि किसी अन्य नंबर या माध्यम से कोई संदिग्ध संदेश प्राप्त होता है, तो उपभोक्ता सतर्क रहें और उस पर प्रतिक्रिया न दें।
मुख्यमंत्री बिजली बिल भुगतान समाधान योजना या विद्युत सेवाओं से संबंधित किसी भी जानकारी के लिए उपभोक्ता पॉवर कंपनी के केंद्रीकृत कॉल सेंटर के टोल फ्री नंबर 1912 पर संपर्क कर सकते हैं या अपने नजदीकी सीएसपीडीसीएल कार्यालय में जानकारी प्राप्त कर सकते हैं। पॉवर कंपनी ने उपभोक्ताओं से अपील की है कि सतर्कता ही सुरक्षा है—सावधानी बरतकर ही साइबर ठगों से बचा जा सकता है।
Feb 09, 2021 Rate: 4.00
