August 09, 2026
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    यादें शेष:पुनीत इस्सर ने किया प्रवीण कुमार सोबती को याद, बोले- हम दोनों शो में दुश्मन थे, लेकिन असल जिंदगी में हम भाइयों की तरह थे

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    यादें शेष /शौर्यपथ/ 

    एक्टर और एथलीट, प्रवीण कुमार सोबती, जिन्होंने महाभारत में भीम का रोल प्ले किया था का आज (7 फरवरी) को उनके दिल्ली स्थित आवास पर निधन हो गया। एक एक्टर के रूप में, वो कई फिल्मों का हिस्सा थे, लेकिन उन्होंने बीआर चोपड़ा के 'महाभारत' में 'भीम' का किरदार निभा कर पॉपुलैरिटी हासिल की। प्रवीण के निधन के बाद सेलेब्स से लेकर फैन्स तक उन्हें याद कर रहे हैं और उन्हें श्रद्धांजलि दे रहे हैं। एक इंटरव्यू में बातचीत के दौरान उनके साथ 'महाभारत' में 'दुर्योधन' बने पुनीत इस्सर ने भी अपने दोस्त की याद में कुछ किस्से सुनाए और बताया कि उन्हें भीम का रोल कैसे मिला था।

    पुनीत ने सुनाए प्रवीण से जुड़े किस्से

    पुनीत ने कहा, "बीआर चोपड़ा जो महाभारत के प्रोड्यूसर थे, वो चाहते थे कि मैं भीम का किरदार निभाऊं। लेकिन मैंने अपना मन बना लिया था कि मैं दुर्योधन का ही रोल प्ले करूंगा। दरअसल मेरी फिजीक और रेसलर बॉडी भीम के रोल के लिए बिलकुल सूट करती थी। इसलिए बीआर सर को लगा कि मुझे ही भीम का रोल प्ले करना चाहिए। लेकिन मैं दुर्योधन का रोल प्ले करने के लिए अड़ा था, लेकिन शो में दुर्योधन से भी ज्यादा स्ट्रॉन्ग कास्ट लाना चुनौती बन गई थी।"

    पुनीत की बेटी को लगता था प्रवीण से डर

    पुनीत ने आगे कहा, "फिर मैंने प्रवीण कुमार का नाम सजेस्ट किया क्योंकि वो 6 फीट 8 इंच लंबे इंटरनेशनल एथलीट थे। वो मुझसे भी बहुत लंबे थे। प्रवीण जी भी मान गए और बाकी तो हिस्ट्री है ही। जब मैं दिल्ली जाता था, तब मैं हमेशा उनसे मिलता था, बात करता था। उनका सेंस ऑफ ह्यूमर कमाल का था। मेरा और उनका महाभारत में फाइट सीन था, उसका प्रोमो देखकर मेरी बेटी प्रवीण जी से डर गई थी। फिर जब वो मेरे घर आए, तो उन्होंने उससे बात की और उसे कंफर्टेबल फील करवाया। उन्होंने लगातार उसे एक-से-एक चुटकुले सुनाए।

    असल जिंदगी में पुनीत और प्रवीण थे अच्छे दोस्त

    पुनीत कहते हैं, "हम दोनों शो में दुश्मन थे, लेकिन असल जिंदगी में हम दोनों भाइयों की तरह थे। पिछले कुछ सालों से वो घर पर ही रह रहे थे और अपनी जिंदगी को शांतिपूर्वक तरीके से जी रहे थे। तब मुझे यह कहते रहना पड़ा था कि मेरी बॉडी अब और भी मजबूत हो गई है, आओ मुझे मारो। भीम को मुझे मारना था। यह सबसे चुनौतीपूर्ण सीन में से एक था, जिसे हम दोनों को अपनी लाइफ में करना था।"

    प्रवीण की बात करें तो उन्होंने 1981 में आई फिल्म 'रक्षा' से अपना डेब्यू किया था। लेकिन उन्हें पहचान 'महाभारत' के भीम से मिली थी। उनकी आखिरी फिल्म 1998 में आई 'ट्रेन टू पाकिस्तान' थी।

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