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April 24, 2026
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धर्म संसार / शौर्यपथ / प्रभु यीशु के जन्म की ख़ुशी में मनाया जाने वाला क्रिसमस का त्योहार पूरी दुनिया में मनाया जाता है। यह त्योहार कई मायनों में बेहद खास है। क्रिसमस को बड़ा दिन, सेंट स्टीफेंस डे या फीस्ट ऑफ़ सेंट स्टीफेंस भी कहा जाता है। प्रभु यीशु ने दुनिया को प्यार और इंसानियत की शिक्षा दी। उन्होंने लोगों को प्रेम और भाईचारे के साथ रहने का संदेश दिया। प्रभु यीशु को ईश्वर का इकलौता प्यारा पुत्र माना जाता है। इस त्योहार से कई रोचक तथ्य जुड़े हैं। आइए जानते हैं इनके बारे में।
क्रिसमस ऐसा त्योहार है जिसे हर धर्म के लोग उत्साह से मनाते हैं। यह एकमात्र ऐसा त्योहार है जिस दिन लगभग पूरे विश्व में अवकाश रहता है। 25 दिसंबर को मनाया जाने वाला यह त्योहार आर्मीनियाई अपोस्टोलिक चर्च में 6 जनवरी को मनाया जाता है। कई देशों में क्रिसमस का अगला दिन 26 दिसंबर बॉक्सिंग डे के रूप मे मनाया जाता है। क्रिसमस पर सांता क्लॉज़ को लेकर मान्यता है कि चौथी शताब्दी में संत निकोलस जो तुर्की के मीरा नामक शहर के बिशप थे, वही सांता थे। वह गरीबों की हमेशा मदद करते थे उनको उपहार देते थे। क्रिसमस के तीन पारंपरिक रंग हैं हरा, लाल और सुनहरा। हरा रंग जीवन का प्रतीक है, जबकि लाल रंग ईसा मसीह के रक्त और सुनहरा रंग रोशनी का प्रतीक है। क्रिसमस की रात को जादुई रात कहा जाता है। माना जाता है कि इस रात सच्चे दिल वाले लोग जानवरों की बोली को समझ सकते हैं। क्रिसमस पर घर के आंगन में क्रिसमस ट्री लगाया जाता है। क्रिसमस ट्री को दक्षिण पूर्व दिशा में लगाना शुभ माना जाता है। फेंगशुई के मुताबिक ऐसा करने से घर में सुख समृद्धि आती है। पोलैंड में मकड़ी के जालों से क्रिसमस ट्री को सजाने की परंपरा है। मान्यता है कि मकड़ी ने सबसे पहले जीसस के लिए कंबल बुना था।

रायपुर / शौर्यपथ /

बीजापुर जिले में प्रधान अध्यापक की आत्महत्या से जुड़ी हालिया मीडिया रिपोट्र्स को लेकर जिला मिशन समन्वयक समग्र शिक्षा बीजापुर ने स्थिति स्पष्ट करते हुए कहा है कि अधूरे निर्माण कार्य के भुगतान के दबाव जैसी खबरें तथ्यहीन एवं भ्रामक हैं। जिला मिशन समन्वयक, समग्र शिक्षा बीजापुर द्वारा जारी स्पष्टीकरण में कहा गया है कि मामले की संवेदनशीलता को देखते हुए विभाग निष्पक्ष रूप से पुलिस जांच में पूर्ण सहयोग कर रहा है।
प्राप्त जानकारी के अनुसार, ग्राम पंचायत पालनार अंतर्गत प्राथमिक शाला मझारपारा में पदस्थ प्रधान पाठक श्री राजू पुजारी का 22 अप्रैल 2026 को निधन हो गया, जो एक अत्यंत दुखद घटना है। पुलिस द्वारा प्रारंभिक जांच के दौरान मृतक के पास से कुछ पत्र बरामद किए गए हैं, जिनके आधार पर जांच की कार्यवाही जारी है।
समग्र शिक्षा विभाग ने स्पष्ट किया है कि प्राथमिक शाला भवन एवं अतिरिक्त कक्ष का निर्माण कार्य शाला प्रबंधन समिति के माध्यम से कराया गया था, जिसमें प्रधान अध्यापक पदेन अध्यक्ष होते हैं। निर्माण कार्यों के लिए स्वीकृत राशि के अनुरूप प्रथम किस्त का भुगतान नियमानुसार किया गया तथा कार्य पूर्ण होने के पश्चात माप पुस्तिका, पूर्णता प्रमाण पत्र, हस्तांतरण प्रमाण पत्र एवं फोटोग्राफ्स प्राप्त होने पर प्रगति के आधार पर रनिंग बिलों के माध्यम से राशि जारी की गई।
विभाग के अनुसार, प्राथमिक शाला भवन एवं अतिरिक्त कक्ष दोनों का निर्माण फरवरी 2026 में पूर्ण हो चुका था तथा शेष 60 प्रतिशत राशि राज्य स्तर से प्राप्त होना लंबित है। भुगतान की प्रक्रिया में किसी प्रकार का दबाव या अनियमितता नहीं पाई गई है।
जिला मिशन समन्वयक ने कहा कि कुछ समाचार पत्रों एवं इलेक्ट्रॉनिक माध्यमों में बिना तथ्यों की पुष्टि के प्रकाशित खबरें भ्रामक हैं, जिससे आमजन में भ्रम की स्थिति उत्पन्न हो रही है। उन्होंने अपील की है कि आधिकारिक जानकारी के आधार पर ही समाचारों का प्रकाशन किया जाए।
विभाग ने पुन: स्पष्ट किया है कि इस दुखद घटना के सभी पहलुओं की जांच पुलिस द्वारा की जा रही है और शिक्षा विभाग द्वारा हर स्तर पर सहयोग सुनिश्चित किया जा रहा है।

10 दिनों में 6.39 लाख से अधिक लोगों की स्क्रीनिंग, दुर्गम अंचलों तक पहुंचीं टीमें; हजारों मरीजों को मिला नि:शुल्क उपचार
रायपुर / शौर्यपथ / बस्तर संभाग के घने जंगलों, ऊबड़-खाबड़ पहाडिय़ों और दूरस्थ बसाहटों में अब स्वास्थ्य सेवाओं की दस्तक साफ महसूस की जा रही है। जहां कभी इलाज के लिए लंबी दूरी और अनिश्चितता ही विकल्प थी, वहां अब स्वास्थ्य विभाग की टीमें खुद लोगों के द्वार तक पहुंच रही हैं। मुख्यमंत्री स्वास्थ्य बस्तर अभियान के दस दिन पूरे होते-होते यह पहल न केवल स्वास्थ्य सेवाओं की पहुंच बढ़ाने में सफल हो रही है, बल्कि सुदूर अंचलों में रहने वाले लोगों के मन में भरोसे की नई किरण भी जगा रही है।
अभियान के तहत अब तक 6.39 लाख से अधिक लोगों की स्वास्थ्य जांच की जा चुकी है। बड़ी संख्या में मरीजों को मौके पर ही नि:शुल्क दवा और उपचार उपलब्ध कराया गया है, जिससे दूरस्थ क्षेत्रों में तत्काल राहत मिली है। गंभीर स्थिति वाले मरीजों को प्राथमिकता के साथ चिन्हित कर त्वरित रेफरल की व्यवस्था की गई है। अब तक 8055 मरीजों को उच्च स्वास्थ्य संस्थानों में भेजकर विशेषज्ञ उपचार सुनिश्चित किया गया है।
जांच के दौरान मलेरिया के 1125, टीबी के 3245, कुष्ठ के 2803, मुख कैंसर के 1999, सिकल सेल के 1527 और मोतियाबिंद के 2496 मामलों की पहचान की गई है। समय पर पहचान और उपचार शुरू होने से इन बीमारियों की जटिलताओं को कम करने में मदद मिल रही है, साथ ही गंभीर स्थितियों को टालने की दिशा में भी यह पहल महत्वपूर्ण साबित हो रही है।
अभियान को प्रभावी बनाने के लिए प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्रों से लेकर जिला अस्पताल, मेडिकल कॉलेज और सुपर स्पेशियलिटी संस्थानों तक एक समन्वित व्यवस्था बनाई गई है। मोबाइल मेडिकल यूनिट्स और स्वास्थ्य शिविरों के जरिए उन इलाकों तक भी सेवाएं पहुंच रही हैं, जहां पहले इलाज की सुविधा सीमित थी।
इसके साथ ही लोगों के डिजिटल स्वास्थ्य प्रोफाइल (आभा) तैयार किए जा रहे हैं, ताकि आगे भी इलाज की निरंतरता बनी रहे और जरूरत पडऩे पर तुरंत स्वास्थ्य जानकारी उपलब्ध हो सके। अब बस्तर के सुदूर गांवों में भी लोग इलाज के लिए लंबी दूरी तय करने को मजबूर नहीं हैं, बल्कि स्वास्थ्य सेवाएं खुद उनके द्वार तक पहुंच रही हैं। यही बदलाव इस अभियान को खास बना रहा है।

आयुष्मान कार्ड से लाखों का मुफ्त इलाज, पुनर्वासित युवाओं में दिखा उत्साह

रायपुर / शौर्यपथ / मुख्यमंत्री विष्णु देव साय के विशेष पहल पर माओवाद छोड़कर समाज की मुख्यधारा में लौटे पुनर्वासित युवाओं को शासन की विभिन्न योजनाओं का व्यापक लाभ मिल रहा है। इन युवाओं को राशन कार्ड, आधार कार्ड जैसे महत्वपूर्ण दस्तावेज़ तेजी से उपलब्ध कराए जा रहे हैं । इसी तरह प्रशासन द्वारा इन युवाओं को आयुष्मान कार्ड बनाकर लाखों रुपये तक मुफ्त इलाज की सुविधा दी जा रही है ।इन प्रयासों से युवाओं में आत्मविश्वास बढ़ा है और उन्हें आत्मनिर्भर व सम्मानजनक जीवन की दिशा में आगे बढऩे का अवसर मिल रहा है ।

दस्तावेजों से लेकर स्वास्थ्य तक पूरा सहयोग

पुनर्वासित युवाओं को सशक्त बनाने के उद्देश्य से उन्हें राशन कार्ड, आधार कार्ड सहित अन्य आवश्यक दस्तावेज सुगमता से उपलब्ध कराए जा रहे हैं। इसी क्रम में बेहतर स्वास्थ्य सेवाओं से जोडऩे के लिए आयुष्मान कार्ड भी बनाए जा रहे हैं, जिससे वे आर्थिक चिंता के बिना इलाज करा सकें।

आयुष्मान योजनाओं से व्यापक स्वास्थ्य सुरक्षा

जिला चिकित्सालय बीजापुर में आयोजित कार्यक्रम में पुनर्वासित युवाओं को आयुष्मान कार्ड प्रदान किए गए। इस कार्ड के माध्यम से विभिन्न स्वास्थ्य योजनाओं के तहत उन्हें बड़ा लाभ मिलेगा—
प्रधानमंत्री जन आरोग्य योजना एवं शहीद वीर नारायण सिंह आयुष्मान स्वास्थ्य योजना के अंतर्गत
बीपीएल परिवारों को 5 लाख रुपये तक का निशुल्क इलाज
एपीएल परिवारों को 50 हजार रुपये तक का इलाज लाभ
मुख्यमंत्री विशेष स्वास्थ्य सहायता योजना के अंतर्गत
दुर्लभ एवं गंभीर बीमारियों के लिए 25 लाख रुपये तक की मुफ्त चिकित्सा सहायता
साथ ही लाभार्थियों को योजनाओं के उपयोग और प्रक्रिया की विस्तृत जानकारी भी दी गई।

युवाओं में दिखा नया आत्मविश्वास

आयुष्मान कार्ड प्राप्त करने के बाद पुनर्वासित युवाओं में उत्साह और आत्मविश्वास साफ नजर आया। उन्होंने शासन और प्रशासन के इस प्रयास की सराहना करते हुए बेहतर भविष्य की दिशा में आगे बढऩे की इच्छा जताई।

समावेशी विकास की ओर मजबूत कदम

यह पहल न केवल पुनर्वासित युवाओं को स्वास्थ्य सुरक्षा प्रदान कर रही है, बल्कि उन्हें समाज में सम्मानजनक जीवन जीने के लिए भी प्रेरित कर रही है। प्रशासन का लक्ष्य है कि ऐसे सभी युवाओं को योजनाओं से जोड़कर उन्हें आत्मनिर्भर बनाया जाए।

काठमांडू, । नेपाल की राजनीति में बड़ा घटनाक्रम सामने आया है। गृह मंत्री सुदन गुरुंग ने वित्तीय अनियमितताओं और विवादित कारोबारी संबंधों के गंभीर आरोपों के बीच 22 अप्रैल को…

शौर्यपथ लेख।

मुंबई की फिजाओं में जब अंडरवर्ल्ड और गैंगवार का शोर था, उस दौर में एक शख्स ऐसा भी था जिसकी ताकत न बंदूक थी और न बम। उसकी ताकत थी—जुबान और भरोसा। कराची से खाली हाथ आए एक शरणार्थी रतन खत्री ने कैसे 'मटका' जैसे अवैध धंधे को एक कॉर्पोरेट साम्राज्य की तरह खड़ा किया, यह कहानी किसी फिल्मी पटकथा से कम नहीं है।

?️ कराची से मुंबई: एक बेनाम शरणार्थी का उदय

विभाजन की आग के बीच रतन खत्री मुंबई आए थे। छोटी-मोटी नौकरियों के बाद उन्होंने सट्टे की दुनिया में कदम रखा। लेकिन उन्होंने इस खेल को केवल 'किस्मत' तक सीमित नहीं रखा, बल्कि इसे एक सिस्टम बना दिया।

⚖️ खत्री का 'पारदर्शिता' मॉडल: अंधेरे में उजाले का खेल

आमतौर पर जुए के धंधे में धोखाधड़ी आम बात थी, लेकिन खत्री ने इसे बदल दिया।

सार्वजनिक ड्रा: उन्होंने मटके से ताश के पत्तों की पर्चियां निकालने का खेल सबके सामने शुरू किया।

अटूट विश्वास: खत्री का मानना था कि अगर दांव लगाने वाले को खेल पर यकीन होगा, तभी धंधा बढ़ेगा।

नकद भुगतान: उस दौर में जब 1 करोड़ की रकम एक सपना थी, खत्री का रोजाना का टर्नओवर करोड़ों में था और जीतने वाले को उसकी रकम तुरंत मिल जाती थी।

? बॉलीवुड और 'रंगीला' रसूख

रतन खत्री का रसूख केवल सट्टा बाजार तक सीमित नहीं था, बल्कि फिल्मी गलियारों में भी उनकी तूती बोलती थी।

फिल्म प्रेरणा: 1975 की मशहूर फिल्म 'धर्मात्मा' में प्रेम नाथ का 'मटका किंग' वाला किरदार पूरी तरह खत्री से प्रेरित था।

प्रोड्यूसर की भूमिका: उन्होंने ऋषि कपूर की फिल्म 'रंगीला रतन' को प्रोड्यूस किया और उसमें एक छोटी सी भूमिका (कैमियो) भी निभाई।

? साम्राज्य का पतन और 'मटका' का अंत

हर बड़े साम्राज्य का अंत निश्चित होता है। खत्री के साथ भी यही हुआ:

इमरजेंसी का प्रहार: 1975 में आपातकाल के दौरान उन्हें 19 महीने जेल में बिताने पड़े।

गैंगवार और हिंसा: सट्टा बाजार में दाऊद और अन्य गिरोहों की एंट्री से खून-खराबा बढ़ने लगा।

स्वैच्छिक विदाई: अपनी 'साफ-सुथरी' छवि और सिद्धांतों के पक्के खत्री ने इस हिंसा से खुद को अलग कर लिया और 1990 के दशक तक इस धंधे को अलविदा कह दिया।

"रतन खत्री का इतिहास यह सिखाता है कि धंधा चाहे कानूनी हो या गैरकानूनी, अगर नींव 'भरोसे' पर टिकी है, तो आप एक बेताज बादशाह बन सकते हैं।"

? क्या आप इस रोमांच को परदे पर देखना चाहते हैं?

अगर आप रतन खत्री के इस रहस्यमयी और रोमांचक जीवन को और करीब से समझना चाहते हैं, तो नागराज मंजुले की नई वेब सीरीज 'मटका किंग' का इंतजार करें। इसमें वर्सेटाइल एक्टर विजय वर्मा खत्री के किरदार में जान फूंकते नजर आएंगे।

क्या आपको लगता है कि आज के डिजिटल दौर में रतन खत्री जैसा 'भरोसा' संभव है? अपनी राय हमें जरूर बताएं! ?️?

नई दिल्ली/रायपुर: छत्तीसगढ़ की सियासत के सबसे चर्चित हत्याकांडों में से एक, रामअवतार जग्गी मर्डर केस में जनता कांग्रेस छत्तीसगढ़ (J) के अध्यक्ष अमित जोगी को देश की सर्वोच्च अदालत से बड़ी राहत मिली है। गुरुवार, 23 अप्रैल 2026 को सुप्रीम कोर्ट ने छत्तीसगढ़ हाई कोर्ट के उस फैसले पर अंतरिम रोक लगा दी है, जिसमें जोगी को उम्रकैद की सजा सुनाई गई थी।

सुप्रीम कोर्ट के फैसले के प्रमुख बिंदु

सुप्रीम कोर्ट की तीन सदस्यीय पीठ—जिसमें जस्टिस विक्रम नाथ, जस्टिस संदीप मेहता और जस्टिस विजय बिश्नोई शामिल हैं—ने मामले की गंभीरता को देखते हुए निम्नलिखित निर्देश जारी किए:

जेल जाने पर रोक: हाई कोर्ट द्वारा दिए गए 3 सप्ताह के भीतर सरेंडर करने के आदेश पर फिलहाल रोक लगा दी गई है। जोगी को अभी जेल नहीं जाना होगा।

दोषसिद्धि (Conviction) पर स्टे: कोर्ट ने अमित जोगी की सजा के साथ-साथ उनकी दोषसिद्धि पर भी रोक लगा दी है।

CBI को नोटिस: शीर्ष अदालत ने इस मामले में केंद्रीय जांच ब्यूरो (CBI) को नोटिस जारी कर उनका पक्ष रखने को कहा है।

दिग्गज वकीलों की दलीलें आई काम

अमित जोगी की ओर से देश के तीन दिग्गज वकीलों—कपिल सिब्बल, मुकुल रोहतगी और विवेक तन्खा— ने पैरवी की। वकीलों ने हाई कोर्ट के फैसले की कानूनी बारीकियों और पूर्व में निचली अदालत से मिली रिहाई के तथ्यों को मजबूती से रखा, जिसके बाद सुप्रीम कोर्ट ने अपील स्वीकार करते हुए राहत प्रदान की।

क्या है पूरा मामला?

यह विवाद 23 साल पुराना है, जिसने छत्तीसगढ़ की राजनीति को हिलाकर रख दिया था:

जून 2003: रायपुर में राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी (NCP) के नेता रामअवतार जग्गी की सरेराह गोली मारकर हत्या कर दी गई थी।

साल 2007: निचली अदालत ने साक्ष्यों के आधार पर अमित जोगी को इस मामले में बरी कर दिया था।

अप्रैल 2026: करीब 19 साल बाद छत्तीसगढ़ हाई कोर्ट ने निचली अदालत के फैसले को पलटते हुए अमित जोगी को हत्या की साजिश रचने का दोषी माना और आजीवन कारावास की सजा सुनाई।

निष्कर्ष: सुप्रीम कोर्ट के इस 'स्टे ऑर्डर' के बाद अमित जोगी के लिए कानूनी और राजनीतिक गलियारों में एक नई उम्मीद जगी है। फिलहाल यह मामला अब देश की सर्वोच्च अदालत के अधीन है, जहाँ इसकी विस्तृत सुनवाई होगी।

दुर्ग। शौर्यपथ । शहर के सबसे व्यस्त और प्रमुख चौराहों में शुमार मालवीय नगर चौक अब दुर्घटनाओं का केंद्र बनता जा रहा है। हाल ही में हुई एक बड़ी दुर्घटना के बाद भाजपा नेता विजय जलकारे ने दुर्ग की ट्रैफिक व्यवस्था और चौक के निर्माण में हुई तकनीकी खामियों पर गंभीर सवाल उठाए हैं।

बताया गया कि बुधवार, 22 जून की सुबह करीब 5 बजे राजनांदगांव से भिलाई की ओर जा रही फलों से भरी मिनी ट्रक (CG07CZ9808) के सामने अचानक एक कार आ गई, जो भिलाई से दुर्ग रेलवे स्टेशन की ओर मुड़ रही थी। कार को बचाने के प्रयास में ट्रक चालक नियंत्रण खो बैठा और वाहन पास स्थित एन.सी. नाहर के घर की बाहरी दीवार से जा टकराया।

इस हादसे में किसी की जान नहीं गई, लेकिन दीवार को भारी नुकसान पहुंचा और एक बड़ा हादसा टल गया।

⚠️ “तकनीकी त्रुटियों ने बनाया खतरनाक”

भाजपा नेता विजय जलकारे का कहना है कि मालवीय नगर चौक का नया निर्माण ही इसकी सबसे बड़ी समस्या बन गया है।

उनके अनुसार, चौक की डिजाइन ऐसी है कि भिलाई से आने वाले वाहन जब रेलवे स्टेशन की ओर मुड़ते हैं, तो सामने से आ रहे वाहन स्पष्ट रूप से दिखाई नहीं देते, जिससे टक्कर की आशंका बढ़ जाती है।

? सिग्नल बंद तो बढ़ता खतरा

स्थानीय लोगों के अनुसार, जब ट्रैफिक सिग्नल बंद रहते हैं, तब यहां हादसों की संख्या और बढ़ जाती है। जलकारे ने यह भी आरोप लगाया कि लगातार मांग के बावजूद इस चौक पर ट्रैफिक पुलिस की तैनाती नहीं की जाती, जिससे अव्यवस्था बनी रहती है।

? दुर्घटनाओं में सबसे आगे

पिछले कुछ वर्षों के आंकड़ों के अनुसार, दुर्ग शहर में सबसे अधिक सड़क दुर्घटनाएं इसी चौक पर दर्ज की गई हैं, जिससे यह क्षेत्र अब “ब्लैक स्पॉट” के रूप में चिन्हित होने लगा है।

?️ प्रशासन से तत्काल कार्रवाई की मांग

विजय जलकारे ने प्रशासन से मांग की है कि:

चौक की डिजाइन और तकनीकी खामियों की तत्काल जांच हो

नियमित रूप से ट्रैफिक पुलिस की तैनाती की जाए

सिग्नल व्यवस्था को दुरुस्त कर 24×7 चालू रखा जाए

उन्होंने चेतावनी दी कि यदि समय रहते सुधार नहीं किया गया, तो भविष्य में कोई बड़ा हादसा हो सकता है।

? निष्कर्ष:

मालवीय नगर चौक की बढ़ती दुर्घटनाएं प्रशासन के लिए एक गंभीर चेतावनी हैं। अब देखना होगा कि जिम्मेदार विभाग इस ‘ब्लैक स्पॉट’ को सुरक्षित बनाने के लिए कितनी तेजी और गंभीरता से कदम उठाते हैं।

रायपुर। शौर्यपथ  । पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव के पहले चरण की वोटिंग के बीच छत्तीसगढ़ के उप मुख्यमंत्री अरुण साव ने बड़ा राजनीतिक बयान देते हुए कहा है कि राज्य में अब सत्ता परिवर्तन तय है। उन्होंने दावा किया कि मतदान के शुरुआती रुझान स्पष्ट संकेत दे रहे हैं कि जनता बदलाव चाहती है और ममता बनर्जी के नेतृत्व वाली सरकार की विदाई निकट है।

अरुण साव ने भरोसा जताया कि इस बार पश्चिम बंगाल में भारतीय जनता पार्टी पहली पसंद बनकर उभरेगी और “कमल खिलने” के साथ राज्य को सुशासन, सुरक्षा और विकास की नई दिशा मिलेगी। उन्होंने कहा कि माताओं-बहनों की सुरक्षा और युवाओं को रोजगार के अवसर देना भाजपा की प्राथमिकता होगी।

? कांग्रेस पर तीखा प्रहार — “ओबीसी के मुद्दे पर दोहरा चेहरा”

उप मुख्यमंत्री साव ने भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस पर सीधा हमला बोलते हुए कहा कि पार्टी का ओबीसी वर्ग के प्रति रवैया हमेशा से दोहरा रहा है।

उनके अनुसार, जब कांग्रेस सत्ता में थी तब उसने अन्य पिछड़ा वर्ग की उपेक्षा की, लेकिन अब सत्ता से बाहर होने के बाद वह ओबीसी हितैषी बनने का दिखावा कर रही है।

उन्होंने छत्तीसगढ़ की पूर्व भूपेश बघेल सरकार पर भी निशाना साधते हुए आरोप लगाया कि उनके कार्यकाल में भी ओबीसी वर्ग के साथ न्याय नहीं हुआ।

? इतिहास का हवाला, कांग्रेस पर सवाल

नवा रायपुर अटल नगर स्थित निवास कार्यालय में पत्रकारों से चर्चा करते हुए साव ने कहा कि कांग्रेस ने लंबे समय तक सत्ता में रहने के बावजूद काका कालेकर आयोग की रिपोर्ट को दबाकर रखा और मंडल आयोग की सिफारिशों को लागू करने में भी गंभीरता नहीं दिखाई।

उन्होंने यह भी याद दिलाया कि वी.पी. सिंह की सरकार ने मंडल आयोग लागू किया, जबकि उस समय राजीव गांधी ने इसका विरोध किया था।

? राजनीतिक संदेश स्पष्ट

अरुण साव ने कहा कि देश और प्रदेश का ओबीसी वर्ग अब कांग्रेस के “राजनीतिक दिखावे” को समझ चुका है और आने वाले समय में इसका जवाब लोकतांत्रिक तरीके से देगा।

? निष्कर्ष:

पश्चिम बंगाल चुनाव को लेकर भाजपा का आत्मविश्वास चरम पर है। अब सबकी नजरें चुनाव परिणामों पर टिकी हैं, जो यह तय करेंगे कि क्या वास्तव में “बदलाव की बयार” सत्ता परिवर्तन में बदलती है या नहीं।

मृणेन्द्र चौबे राजनांदगांव/शौर्यपथ / नगर निगम द्वारा प्रस्तुत बजट को पार्षद रवि सिन्हा ने विकासोन्मुख, दूरदर्शी और जनहितकारी बताया है। उन्होंने कहा कि महापौर मधुसूदन यादव के नेतृत्व में निगम ने संतुलित और प्रभावशाली बजट पेश किया है, जो शहर के समग्र विकास का मार्ग प्रशस्त करेगा। पार्षद सिन्हा ने कहा कि बजट की खास बात यह है कि पूर्व वर्षों में घोषित कार्यों का लगातार क्रियान्वयन जारी है। इससे स्पष्ट होता है कि भाजपा सरकार केवल घोषणाएं नहीं करती, बल्कि उन्हें धरातल पर उतारने का कार्य भी करती है। यही कार्यशैली जनता के विश्वास को मजबूत करती है। उन्होंने बताया कि बजट में सड़क, नाली, पेयजल, स्ट्रीट लाइट, स्वच्छता और अधोसंरचना विकास के साथ-साथ शिक्षा और आधुनिक सुविधाओं के विस्तार के लिए व्यापक प्रावधान किए गए हैं, जिससे शहर के विकास को नई गति मिलेगी।

0 गंजपारा स्कूल के उन्नयन पर जोर

पार्षद रवि सिन्हा ने वार्ड 39 स्थित गंजपारा प्राथमिक इंग्लिश मीडियम स्कूल के उन्नयन का मुद्दा प्रमुखता से उठाया। उन्होंने कहा कि लंबे समय से उपेक्षित इस स्कूल को अब आधुनिक हाईटेक मॉडल स्कूल के रूप में विकसित किया जा रहा है। यहां स्मार्ट क्लास, डिजिटल लर्निंग और बेहतर अधोसंरचना की सुविधाएं उपलब्ध कराई जाएंगी। उन्होंने इस कार्य के लिए महापौर मधुसूदन यादव का आभार जताते हुए कहा कि त्वरित निर्णय और सकारात्मक सोच के कारण यह योजना साकार हो रही है। पार्षद सिन्हा ने कहा कि यह बजट राजनांदगांव के उज्ज्वल भविष्य का रोडमैप है और इससे स्पष्ट होता है कि सरकार विकास के प्रति पूरी तरह प्रतिबद्ध है। उन्होंने निगम प्रशासन को बजट के लिए बधाई देते हुए विश्वास जताया कि इससे शहर को नई ऊंचाइयां मिलेंगी और आम जनता को सीधा लाभ होगा।

रायपुर/नवा रायपुर। शौर्यपथ । छत्तीसगढ़ की साय सरकार ने प्रशासनिक निष्पक्षता और पारदर्शिता को मजबूत करने के उद्देश्य से एक बड़ा और सख्त फैसला लिया है। सामान्य प्रशासन विभाग द्वारा…
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