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निधन का समाचार मिलते ही नवदृष्टि फाउंडेशन के सदस्य राज आढ़तिया, कुलवंत भाटिया, राजेश पारख और मंगल अग्रवाल मध्य रात्रि में उजाला भवन पहुंचे और नेत्रदान की संपूर्ण व्यवस्था संभाली। श्री शंकराचार्य मेडिकल कॉलेज की टीम—डॉ. संदीप बचकर, डॉ. लीजन एवं नेत्र प्रभारी विवेक कसार—ने बंसल निवास पहुंचकर कॉर्निया संग्रहित किए। विवेक कसार ने उजाला परिवार को इस मानवीय निर्णय के लिए साधुवाद दिया।
प्रभुदयाल उजाला ने कहा कि संस्था से जुड़े होने के कारण वे प्रतिदिन लोगों की पीड़ा और अंधत्व का दर्द देखते हैं, इसलिए परिवार ने वही किया जिसके लिए वे समाज को प्रेरित करते रहे हैं। उन्होंने कहा कि चाचाजी के नेत्रों से दो परिवारों को नई ज्योति मिलेगी। यह उनके परिवार का पहला नेत्रदान है और आगे इसे पारिवारिक परंपरा बनाने का संकल्प लिया गया है।
पुत्र रूपेश उजाला ने भावुक स्वर में कहा कि पिता के निधन से परिवार पर दुखों का पहाड़ टूट पड़ा है, किंतु इस कठिन घड़ी में नेत्रदान कर उन्होंने समाज के प्रति अपना कर्तव्य निभाया है। फाउंडेशन के सदस्य राजेश पारख ने कहा कि प्रभुदयाल उजाला सदैव सामाजिक दायित्व निभाते आए हैं और अपने परिवार से शुरुआत कर उन्होंने समाज को अनुकरणीय संदेश दिया है।
नवदृष्टि फाउंडेशन की ओर से अनिल बल्लेवार, कुलवंत भाटिया, राज आढ़तिया, प्रवीण तिवारी, मुकेश आढ़तिया, हरमन दुलई, रितेश जैन, राजेश पारख, जितेंद्र हासवानी, मंगल अग्रवाल, किरण भंडारी, उज्जवल पींचा, सत्येंद्र राजपूत, सुरेश जैन, पीयूष मालवीय, दीपक बंसल, विकास जायसवाल, मुकेश राठी, प्रभुदयाल उजाला, प्रमोद बाघ, सपन जैन, यतीन्द्र चावड़ा, जितेंद्र कारिया, बंसी अग्रवाल, अभिजीत पारख, मोहित अग्रवाल, चेतन जैन, दयाराम टांक, विनोद जैन एवं राकेश जैन ने स्व. जगदीश चंद्र उजाला को श्रद्धांजलि अर्पित करते हुए उजाला परिवार को इस प्रेरणादायी निर्णय के लिए साधुवाद दिया।
मानवीय संवेदना और सामाजिक जिम्मेदारी की यह मिसाल समाज को नेत्रदान जैसे पुनीत कार्य के लिए प्रेरित करती है।
आयुक्त सुमित अग्रवाल ने किया निरीक्षण, महापौर ने की अधिकाधिक सहभागिता की अपील
दुर्ग, ।
नगर पालिक निगम दुर्ग द्वारा आयोजित होने वाला बहुप्रतीक्षित फ्लावर शो इस वर्ष और भी भव्य स्वरूप में 14 फरवरी को शहर के प्रमुख उद्यान राजेंद्र पार्क में आयोजित किया जाएगा। तैयारियां अंतिम चरण में हैं और पूरा पार्क रंग-बिरंगे पुष्पों, सुसज्जित क्यारियों और आकर्षक सजावटी पौधों से सजकर मानो प्रकृति का उत्सव मनाने को तैयार है।
नगर निगम प्रशासन आयोजन को सफल और यादगार बनाने के लिए पूरे उत्साह और तत्परता से जुटा हुआ है। पार्क में विशेष सजावट, आकर्षक फ्लोरल डिस्प्ले और प्रतियोगिताओं के लिए अलग-अलग श्रेणियों की व्यवस्था की जा रही है, जिससे आगंतुकों को एक अनूठा अनुभव मिल सके।
आयुक्त सुमित अग्रवाल ने पर्यावरण प्रभारी काशीराम कोसरे सहित अधिकारियों और कर्मचारियों के साथ आयोजन स्थल का निरीक्षण कर व्यवस्थाओं की समीक्षा की। उन्होंने साफ-सफाई, सुरक्षा, पेयजल, प्रकाश व्यवस्था और आगंतुकों की सुविधा को सर्वोच्च प्राथमिकता देने के निर्देश दिए।
आयुक्त ने कहा कि फ्लावर शो नगरवासियों के लिए आकर्षण का प्रमुख केंद्र होगा, इसलिए आयोजन स्थल पर सभी व्यवस्थाएं सुव्यवस्थित और दुरुस्त रहनी चाहिए। उन्होंने अधिकारियों को समयबद्धता और समन्वय के साथ कार्य करते हुए कार्यक्रम को सफल बनाने के निर्देश दिए।
फ्लावर शो को लेकर शहरवासियों में विशेष उत्साह देखा जा रहा है। प्रतियोगिता में भाग लेने के लिए शहर के अंतिम छोर से भी नागरिक पंजीयन कराने पहुंच रहे हैं। घर-आंगन में उगाए गए आकर्षक फूलों और सजावटी पौधों को प्रदर्शित करने के लिए लोग बढ़-चढ़कर हिस्सा ले रहे हैं।
आयोजन के दौरान विभिन्न श्रेणियों में प्रतियोगिताएं आयोजित की जाएंगी, जिनमें उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाले प्रतिभागियों को सम्मानित एवं पुरस्कृत किया जाएगा।
महापौर अलका बाघमार ने कहा कि यह फ्लावर शो केवल एक प्रदर्शनी नहीं, बल्कि पर्यावरण संरक्षण और हरियाली को बढ़ावा देने का एक सार्थक प्रयास है। उन्होंने शहरवासियों से अधिकाधिक संख्या में सहभागिता करने और अपने घरों में हरियाली बढ़ाने का संदेश दिया।
पर्यावरण प्रभारी काशीराम कोसरे ने कहा कि इस आयोजन के माध्यम से नागरिकों को प्रकृति से जोड़ने तथा स्वच्छ एवं हरित दुर्ग के निर्माण का संकल्प साकार करने का अवसर मिलेगा।
अनुमान है कि बड़ी संख्या में नागरिक इस भव्य फ्लावर शो का आनंद लेने पहुंचेंगे और राजेंद्र पार्क एक दिन के लिए सचमुच फूलों की खुशबू से महक उठेगा।
आज उनकी सातवीं बरसी पर सम्पूर्ण राष्ट्र उन्हें नमन कर रहा है। यह दिन ‘ब्लैक डे’ के रूप में याद किया जाता है—दुख का प्रतीक, लेकिन साथ ही अदम्य साहस, एकता और राष्ट्रभक्ति का भी प्रतीक।
हमले के स्थल के समीप बने लेथपोरा शहीद स्मारक पर आज विशेष श्रद्धांजलि सभा आयोजित की गई। शहीदों के चित्रों और नामों के सामने पुष्पचक्र अर्पित किए गए, गार्ड ऑफ ऑनर दिया गया और वातावरण “वीर शहीद अमर रहें” तथा “जय हिंद” के नारों से गूंज उठा।
हर पुष्पचक्र मानो राष्ट्र की ओर से एक वचन था—कि उनका बलिदान व्यर्थ नहीं जाएगा।
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने सोशल मीडिया के माध्यम से वीर जवानों को श्रद्धांजलि अर्पित करते हुए कहा कि उनका त्याग और राष्ट्र के प्रति समर्पण आने वाली पीढ़ियों को सदैव प्रेरित करता रहेगा। यह संदेश केवल शब्द नहीं, बल्कि उस संकल्प का प्रतीक है जो हर भारतीय के हृदय में बसता है।
राजस्थान के नागौर में त्यागी सेवा समिति द्वारा विशेष श्रद्धांजलि सभा का आयोजन किया गया।
विभिन्न स्कूलों और शिक्षण संस्थानों में प्रार्थना सभाएं, दो मिनट का मौन और देशभक्ति गीतों के माध्यम से शहीदों को नमन किया गया।
चंडीगढ़ सहित कई शहरों में युवाओं और एनसीसी कैडेट्स ने कैंडल लाइट मार्च निकालकर शहीदों के प्रति सम्मान प्रकट किया।
इन कार्यक्रमों में केवल औपचारिकता नहीं, बल्कि राष्ट्र के प्रति समर्पण की सच्ची भावना दिखाई दी।
सोशल मीडिया पर #PulwamaAttack, #BlackDay और #LestWeForget जैसे हैशटैग्स के साथ लाखों देशवासी शहीदों को याद कर रहे हैं। कई लोगों ने अपनी प्रोफाइल तस्वीर काली कर डिजिटल माध्यम से श्रद्धांजलि अर्पित की।
यह डिजिटल युग की वह अभिव्यक्ति है, जहाँ हर नागरिक अपने स्तर पर राष्ट्र के शहीदों के प्रति सम्मान प्रकट कर रहा है।
पुलवामा का वह काला दिन भारत को तोड़ नहीं सका—बल्कि और अधिक मजबूत बना गया। शहीदों का बलिदान हमें याद दिलाता है कि राष्ट्र की सुरक्षा के लिए हमारे वीर जवान हर क्षण अपने प्राणों की आहुति देने को तत्पर रहते हैं।
आज आवश्यकता है कि हम केवल श्रद्धांजलि तक सीमित न रहें, बल्कि उनके आदर्शों को अपने जीवन में उतारें—कर्तव्यनिष्ठा, अनुशासन, साहस और राष्ट्रप्रेम को अपनी दिनचर्या का हिस्सा बनाएं।
जब-जब तिरंगा लहराएगा, जब-जब राष्ट्रगान गूंजेगा, तब-तब पुलवामा के वीर सपूतों की स्मृति हमारे हृदय में जीवित रहेगी।
वीर शहीद अमर रहें।
जय हिंद। ??
अकबर का राज्याभिषेक (1556): मुगल साम्राज्य की नींव
14 फरवरी 1556 को मात्र 13 वर्ष की आयु में जलालुद्दीन मोहम्मद अकबर का पंजाब के कलानौर में राज्याभिषेक हुआ था। आगे चलकर अकबर भारतीय इतिहास के सबसे शक्तिशाली और दूरदर्शी शासकों में गिने गए।
मधुबाला का जन्म (1933): सिनेमा की अमर खूबसूरती
हिंदी सिनेमा की दिग्गज अभिनेत्री मधुबाला का जन्म भी आज ही के दिन हुआ था। उनकी खूबसूरती और अभिनय आज भी फिल्म प्रेमियों के दिलों में जीवित है।
यूट्यूब की शुरुआत (2005): डिजिटल क्रांति का आगाज़
आज ही के दिन स्टीव चेन, चाड हर्ले और जावेद करीम ने यूट्यूब की नींव रखी थी। आज यह प्लेटफॉर्म दुनिया की सबसे बड़ी वीडियो साझा करने वाली वेबसाइट बन चुका है।
वैलेंटाइन डे: प्रेम का प्रतीक
तीसरी शताब्दी के रोमन संत सेंट वैलेंटाइन की याद में हर साल 14 फरवरी को वैलेंटाइन डे मनाया जाता है, जो प्रेम, दोस्ती और रिश्तों का उत्सव बन चुका है।
पेनिसिलिन का प्रदर्शन (1929): चिकित्सा जगत की क्रांति
वैज्ञानिक अलेक्जेंडर फ्लेमिंग ने आज ही के दिन पेनिसिलिन का सार्वजनिक प्रदर्शन किया था, जिसने आधुनिक चिकित्सा में लाखों जिंदगियां बचाने का मार्ग प्रशस्त किया।
जेम्स कुक की हत्या (1779):
महान खोजकर्ता कैप्टन जेम्स कुक की आज ही के दिन हवाई द्वीप में स्थानीय निवासियों द्वारा हत्या कर दी गई थी।
14 फरवरी एक ऐसा दिन है जो प्रेम, बलिदान, विज्ञान और इतिहास—सभी को एक साथ समेटे हुए है। जहां यह दिन दिलों को जोड़ने का संदेश देता है, वहीं पुलवामा के शहीद हमें राष्ट्र के लिए दिए गए सर्वोच्च बलिदान की याद भी दिलाते हैं। यही कारण है कि 14 फरवरी भारत और विश्व—दोनों के इतिहास में एक बेहद महत्वपूर्ण और भावनात्मक तारीख बन गया है।
बस्तर में शांति और संगठित अपराध पर सख्ती के लिए सरकार प्रतिबद्ध
रायपुर/शौर्यपथ। उपमुख्यमंत्री एवं गृह मंत्री श्री विजय शर्मा ने नया रायपुर स्थित संवाद ऑडिटोरियम में गृह एवं जेल विभाग की उपलब्धियों और आगामी रणनीतियों को लेकर पत्रकारों से चर्चा करते हुए कहा कि राज्य सरकार नई सोच और तकनीकी एकीकरण के साथ कानून-व्यवस्था को सुदृढ़ कर रही है। उन्होंने बताया कि नए आपराधिक कानूनों के कार्यान्वयन के तहत आईसीजेएस (ढ्ढष्टछ्वस्) प्रणाली में पुलिस, अभियोजन, फॉरेंसिक, जेल और न्यायालय—इन पांचों स्तंभों को एकीकृत करने में छत्तीसगढ़ अग्रणी राज्यों में है। दुर्ग और बिलासपुर को पायलट मॉडल के रूप में विकसित किया गया है, जहां ई-साक्ष्य प्रणाली से जांच प्रक्रिया तेज हुई है और पुलिस का मनोबल बढ़ा है।
गृह मंत्री ने कहा कि सीसीटीएनएस के माध्यम से मेडलीपार, ई-साक्ष्य, ई-समन, ऑनलाइन एफआईआर, ई-साइन, ई-कोर्ट और ई-श्रुति जैसी व्यवस्थाओं ने पुलिस कार्यप्रणाली को सरल और त्वरित बनाया है। पुलिसकर्मियों के कल्याण के लिए 8 बैंकों के साथ एमओयू कर बिना प्रीमियम सैलरी अकाउंट पर बीमा सुविधा शुरू की गई है, जिससे सभी अधिकारी-कर्मचारी लाभान्वित हो रहे हैं। अब तक 15 शहीद पुलिसकर्मियों के आश्रितों को 16 करोड़ रुपये से अधिक की सहायता दी जा चुकी है।
उन्होंने बताया कि अपराध समीक्षा अब डिजिटल एप्लीकेशन से की जा रही है, जिससे एफआईआर की निगरानी और समय-सीमा में विवेचना सुनिश्चित हो रही है। शिकायतों के त्वरित निराकरण के लिए ऑनलाइन कम्प्लेंट मैनेजमेंट पोर्टल शुरू किया गया है, जिससे पारदर्शिता और जवाबदेही बढ़ी है। अवैध प्रवासियों की पहचान के लिए टोल-फ्री नंबर जारी कर विशेष टास्क फोर्स गठित की गई है तथा 34 लोगों को विदेशी नागरिक अधिनियम के तहत निष्कासित किया गया है।
गौवंश वध, परिवहन और व्यापार के मामलों में 142 वाहन राजसात कर 27 की नीलामी की गई है तथा 19 आदतन आरोपियों पर गैंगस्टर एक्ट के तहत निगरानी खोली गई है। नशे के विरुद्ध एनडीपीएस एक्ट के तहत कार्रवाई करते हुए मादक पदार्थों के नेटवर्क पर वित्तीय प्रहार किया जा रहा है। साइबर अपराधों के विरुद्ध 165 फर्जी सिम संचालकों की गिरफ्तारी और 255 ऑनलाइन जुआ प्लेटफॉर्म के लिंक ब्लॉक किए गए हैं। कई जिलों में नए साइबर थानों की स्थापना की गई है।
नक्सलवाद के मुद्दे पर श्री शर्मा ने कहा कि 31 मार्च 2026 तक सशस्त्र नक्सलवाद के अंत के लक्ष्य पर सरकार प्रतिबद्ध है। पुनर्वास नीति के तहत बड़ी संख्या में नक्सलियों ने आत्मसमर्पण कर मुख्यधारा का रास्ता चुना है। पुनर्वासित युवाओं को आजीविका प्रशिक्षण, योजनाओं का लाभ, शैक्षणिक भ्रमण और सामूहिक विवाह जैसी सुविधाएं दी जा रही हैं। इलवद पंचायत योजना के तहत दो पंचायतों ने स्वयं को नक्सल मुक्त घोषित किया है।
जेल सुधारों के तहत रायपुर, दुर्ग, बिलासपुर और अंबिकापुर केंद्रीय जेलों को आईएसओ प्रमाणन मिला है। अंबिकापुर जेल में सरगुजा स्कूल ऑफ आट्र्स और रायपुर जेल में 'उमंग-तरंगÓ रेडियो स्टेशन संचालित है। बंदियों के कौशल विकास के लिए मसाला, ऑयल एक्सट्रेक्शन, एलईडी बल्ब और पेट्रोल पंप जैसे उद्योग स्थापित किए गए हैं।
इस अवसर पर एसीएस गृह मनोज पिंगुआ, डीजी जेल हिमांशु गुप्ता, सचिव हिमशिखर गुप्ता सहित वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित रहे।
नई दिल्ली।
आज शनिवार, 14 फरवरी 2026 को हिंदू पंचांग के अनुसार फाल्गुन मास की कृष्ण पक्ष की द्वादशी तिथि दोपहर 03:10 बजे तक रहेगी, इसके बाद त्रयोदशी तिथि आरंभ होगी। आज शनि प्रदोष व्रत का विशेष संयोग है, जिसे भगवान शिव और शनि देव की कृपा प्राप्ति के लिए अत्यंत शुभ माना जाता है। धार्मिक दृष्टि से आज का दिन संयम, साधना और सही निर्णयों का है।
आइए जानते हैं सभी 12 राशियों का विस्तृत दैनिक राशिफल—
सामान्य: आज अधूरे कार्य पूरे करने का उत्तम समय है। व्यापार में थोड़ा संघर्ष रह सकता है, इसलिए किसी भी निर्णय में जल्दबाजी न करें।
प्रेम/शिक्षा: शिक्षा के क्षेत्र में शानदार सफलता के संकेत हैं। दांपत्य जीवन में नई शुरुआत संभव है।
सामान्य: पारिवारिक मामलों में कठोर शब्दों से बचें। व्यापार में सुधार के योग हैं, लेकिन सोच-समझकर कदम उठाएं।
सावधानी: आय-व्यय का संतुलन बिगड़ सकता है, फिजूलखर्ची से बचें।
सामान्य: लंबे समय से रुके कार्यों में गति आएगी। आपकी समझदारी और तर्क शक्ति सही दिशा दिखाएगी।
उपाय: मानसिक तनाव कम करने के लिए हंसी-मजाक और हल्का मनोरंजन करें।
सामान्य: रुके हुए काम पूरे हो सकते हैं। भावनाओं पर नियंत्रण रखें, सही फैसले भविष्य संवार सकते हैं।
आर्थिक: धन लाभ के प्रबल योग हैं।
सामान्य: योजनाबद्ध तरीके से काम करने पर सफलता मिलेगी। प्रॉपर्टी या जमीन से लाभ संभव है।
प्रेम/रिश्ते: रिश्तों में नई गहराई आएगी, लेकिन आवेश में कोई बात न कहें।
सामान्य: दिन संतुलित रहेगा। नई योजनाओं पर विचार कर सकते हैं। रिश्तों में ईमानदारी और संवेदनशीलता बनाए रखें।
सामान्य: कार्यस्थल पर जल्दबाजी से नुकसान हो सकता है। शांत और निष्पक्ष सोच से समस्याएं सुलझेंगी।
आर्थिक: रुका हुआ धन वापस मिल सकता है।
सामान्य: भावनाओं पर नियंत्रण बेहद जरूरी है। सही समय पर लिया गया निर्णय आपके पक्ष में जाएगा।
सामान्य: करियर में उन्नति और रुके कार्यों की पूर्ति के योग हैं। धन लाभ संभव है।
स्वास्थ्य: स्वास्थ्य, प्रेम और संतान पक्ष अनुकूल रहेगा।
सामान्य: ऊर्जा से भरपूर रहेंगे, लेकिन बढ़ते खर्च चिंता का कारण बन सकते हैं।
उपाय: आज पीली वस्तु का दान करना शुभ रहेगा।
सामान्य: रुका हुआ धन मिलने के योग हैं। आय के नए स्रोत बन सकते हैं। यात्रा संभव है।
विशेष: दोपहर का समय विशेष रूप से लाभकारी रहेगा।
सामान्य: मेहनत अधिक करनी पड़ेगी, लेकिन उसका फल धन लाभ के रूप में मिलेगा। कोर्ट-कचहरी के मामलों में सफलता संभव है।
सावधानी: स्वास्थ्य और भावनाओं पर नियंत्रण रखें।
अभिजीत मुहूर्त: दोपहर 12:13 से 12:58 तक
राहु काल (अशुभ): सुबह 09:48 से 11:12 तक
(इस दौरान शुभ कार्यों से बचें)
? शनि प्रदोष व्रत के इस पावन अवसर पर भगवान शिव की आराधना और शनि देव की उपासना से जीवन में स्थिरता, न्याय और सफलता प्राप्त हो सकती है।
रायपुर / शौर्यपथ / मुख्यमंत्री विष्णु देव साय की अध्यक्षता में आज मुख्यमंत्री निवास कार्यालय में छत्तीसगढ़ राज्य वन्यजीव बोर्ड की 16वीं बैठक आयोजित हुई। बैठक में बोर्ड की 15वीं बैठक के पालन प्रतिवेदन तथा नवीन एजेंडों पर चर्चा उपरांत प्रस्तावों को राष्ट्रीय वन्यजीव बोर्ड के निर्णय हेतु प्रेषित करने पर सहमति बनी।
मुख्यमंत्री साय ने कहा कि वन्यजीव हमारी प्रकृति की अमूल्य धरोहर हैं और उनके संरक्षण–संवर्धन के लिए सामूहिक प्रयास आवश्यक हैं। उन्होंने वन्यजीवों की सुरक्षा के लिए सतत निगरानी, अवैध गतिविधियों पर रोक तथा उनकी सुरक्षा के लिए जनभागीदारी को बढ़ावा देने पर जोर दिया। साथ ही, वनों के आसपास रहने वाले ग्रामीणों में जागरूकता बढ़ाने और युवाओं की सक्रिय भूमिका सुनिश्चित करने की आवश्यकता बताई। मुख्यमंत्री ने न्यूनतम हस्तक्षेप के सिद्धांत को अपनाते हुए अत्यावश्यक कार्यों को ही वन्यजीवों के प्राकृतिक आवास में बिना किसी छेड़छाड़ के पूर्ण करने पर बल दिया। उन्होंने सह-अस्तित्व के सिद्धांतों के अनुरूप सभी गतिविधियों के संचालन की बात कही।
बैठक में छत्तीसगढ़ राज्य वन्यजीव बोर्ड की स्थायी समिति के गठन को मंजूरी दी गई। स्थायी समिति का गठन वन एवं जलवायु परिवर्तन मंत्री की अध्यक्षता में किया जाएगा, जिसमें 11 अन्य सदस्य शामिल होंगे। उल्लेखनीय है कि वन्य प्राणियों की दृष्टि से महत्वपूर्ण क्षेत्रों में होने वाले कार्यों के प्रस्तावों पर राज्य वन्यजीव बोर्ड का अभिमत अनिवार्य होता है। बोर्ड की बैठकों के बीच अधिक अंतराल के कारण प्रस्तावों की स्वीकृति में विलंब की स्थिति बनती है। स्थायी समिति के गठन से वैधानिक मंजूरियों के त्वरित निपटान तथा वन्यजीव प्रबंधन से संबंधित मुद्दों के शीघ्र निराकरण में सहायता मिलेगी।
बैठक में उदंती-सीतानदी टाइगर रिजर्व अंतर्गत बरबांधा जलाशय में बांध एवं नहरों के जीर्णोद्धार एवं नवीन कार्य, पीएम जनमन योजना के अंतर्गत कबीरधाम जिले के कवर्धा वनमंडल में पंडरीपानी मेन रोड से सौरु तक मार्ग मजबूतीकरण, गुरु घासीदास राष्ट्रीय उद्यान क्षेत्र में ऑप्टिकल फाइबर बिछाने से संबंधित 6 प्रस्ताव, सेमरसोत अभ्यारण्य में ऑप्टिकल फाइबर बिछाने, उदंती–सीतानदी टाइगर रिजर्व में सीआरपीएफ कैंप की स्थापना तथा उदंती–सीतानदी टाइगर रिजर्व में ऑप्टिकल फाइबर बिछाने के प्रस्तावों का अनुमोदन कर उन्हें राष्ट्रीय वन्यजीव बोर्ड की स्वीकृति हेतु प्रेषित करने पर सहमति दी गई।
कार्यक्रम में वन मंत्री केदार कश्यप, विधायक धर्मजीत सिंह, मुख्य सचिव विकास शील, अपर मुख्य सचिव श्रीमती ऋचा शर्मा, प्रधान मुख्य वन संरक्षक एवं वन बल प्रमुख व्ही. श्रीनिवास राव, प्रधान मुख्य वन संरक्षक (वन्यजीव) अरुण कुमार पाण्डेय सहित बोर्ड के अन्य सदस्य एवं अधिकारीगण उपस्थित रहे।
नई दिल्ली।
ICC पुरुष T20 विश्व कप 2026 के ग्रुप-A मुकाबले में भारतीय क्रिकेट टीम ने दमदार प्रदर्शन करते हुए नामीबिया को 93 रनों के विशाल अंतर से पराजित किया। यह मुकाबला 12 फरवरी 2026 को दिल्ली के अरुण जेटली स्टेडियम में खेला गया, जहां भारत ने बल्लेबाजी और गेंदबाजी—दोनों विभागों में अपना वर्चस्व कायम रखा।
पहले बल्लेबाजी करते हुए भारत ने 20 ओवरों में 9 विकेट के नुकसान पर 209 रन बनाए। भारतीय पारी के हीरो इशान किशन रहे, जिन्होंने मात्र 24 गेंदों में 61 रनों की विस्फोटक पारी खेली। उनके अलावा हार्दिक पांड्या ने 28 गेंदों में 52 रन बनाकर नामीबियाई गेंदबाजों पर दबाव बनाए रखा। भारतीय बल्लेबाजों की आक्रामकता के सामने नामीबिया का गेंदबाजी आक्रमण बेबस नजर आया।
210 रनों के लक्ष्य का पीछा करने उतरी नामीबिया की टीम भारतीय गेंदबाजों के सामने टिक नहीं सकी और 18.2 ओवरों में महज 116 रनों पर सिमट गई। भारत की ओर से वरुण चक्रवर्ती ने शानदार गेंदबाजी करते हुए 3 विकेट झटके। वहीं, हार्दिक पांड्या और अक्षर पटेल ने 2-2 विकेट लेकर नामीबिया की रनचेज को पूरी तरह पटरी से उतार दिया।
ऑलराउंड प्रदर्शन के लिए हार्दिक पांड्या को ‘प्लेयर ऑफ द मैच’ चुना गया। उन्होंने न केवल अर्धशतकीय पारी खेली, बल्कि महत्वपूर्ण विकेट भी अपने नाम किए।
इस जीत के साथ भारत ने टूर्नामेंट में लगातार दूसरी जीत दर्ज की है और ग्रुप-A में अपनी स्थिति मजबूत कर ली है। अब क्रिकेट प्रशंसकों की निगाहें भारत के अगले मुकाबले पर टिकी हैं, जहां भारतीय टीम रविवार, 15 फरवरी को कोलंबो में चिरप्रतिद्वंद्वी पाकिस्तान से भिड़ेगी। यह मुकाबला ग्रुप चरण का सबसे चर्चित और निर्णायक मैच माना जा रहा है।
विश्व रेडियो दिवस पर रायपुर में राष्ट्रीय स्तर का विशेष आयोजन; आकाशवाणी और यूनेस्को ने 'रेडियो और एआईÓ थीम पर साझा किया भविष्य का रोडमैप
रायपुर / शौर्यपथ / विश्व रेडियो दिवस के अवसर पर आज छत्तीसगढ़ की राजधानी रायपुर में आकाशवाणी और यूनेस्को द्वारा संयुक्त रूप से आयोजित राष्ट्रीय स्तर के एक विशेष कार्यक्रम का भव्य शुभारंभ हुआ। राज्य के मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय ने इस गरिमामय समारोह का उद्घाटन किया। इस वर्ष विश्व रेडियो दिवस की थीम 'रेडियो और आर्टिफिशियल इंटेलिजेंसÓ (्रढ्ढ) रखी गई है, जो सूचना क्रांति के इस दौर में रेडियो की प्रासंगिकता और आधुनिक तकनीक के समन्वय पर केंद्रित है। मुख्यमंत्री ने इस अवसर पर रेडियो की विश्वसनीयता और एआई की गति के संगम को जनसेवा के लिए एक नई क्रांति बताया।
कार्यक्रम को संबोधित करते हुए मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय ने कहा कि आकाशवाणी सूचना, शिक्षा और स्वस्थ मनोरंजन देने का एक सशक्त माध्यम है। उन्होंने कहा कि ग्रामीण अंचलों और किसानों के जीवन में रेडियो की भूमिका आज भी अद्वितीय है। श्री साय ने जोर देकर कहा कि तेज गति से समाचार देने की प्रतिस्पर्धा के बीच आकाशवाणी ने विश्वसनीय, संतुलित और जनहितकारी सूचना देने की अपनी परंपरा को कायम रखते हुए एक विशेष पहचान बनाई है। उन्होंने एआई के उपयोग पर चिंतन की आवश्यकता बताते हुए कहा कि छत्तीसगढ़ में एफ.एम. ट्रांसमीटरों के विस्तार से जल्द ही राज्य की करीब 95 प्रतिशत आबादी तक आकाशवाणी की पहुंच सुनिश्चित हो जाएगी। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी द्वारा 'मन की बातÓ जैसे लोकप्रिय कार्यक्रम के लिए रेडियो का चयन इसकी व्यापक पहुंच और प्रभाव को दर्शाता है।
आकाशवाणी के महानिदेशक श्री राजीव जैन ने स्वागत भाषण देते हुए रेडियो को समाज के सर्वांगीण विकास का महत्वपूर्ण स्तंभ बताया। उन्होंने कहा कि रेडियो ने न सिर्फ देश की समृद्ध सांस्कृतिक विरासत को संजोया है, बल्कि देश की प्रगति में समाज के सभी वर्गों को जोड़ा है। श्री जैन ने जानकारी दी कि 23 भाषाओं और 182 बोलियों के माध्यम से आकाशवाणी देश के दूरदराज के हिस्सों को मुख्यधारा से जोडऩे का प्रयास कर रहा है। उन्होंने स्पष्ट किया कि बदलती तकनीक के साथ आकाशवाणी भी खुद को ढाल रहा है और अब एआई का उपयोग इस तरह किया जाएगा कि इसकी विश्वसनीयता और श्रोताओं के साथ आत्मीय रिश्ता निरंतर बना रहे।
समारोह के दौरान यूनेस्को की क्षेत्रीय संचार और सूचना सलाहकार सुश्री हज्जाज माले ने भी रेडियो की व्यापक पहुंच और विश्वसनीयता की सराहना की। कार्यक्रम का एक मुख्य आकर्षण राष्ट्रगीत वंदे मातरम के 150 वर्ष पूर्ण होने के उपलक्ष्य में विशेष स्मारक श्रृंखला 'स्वाधीनता का जयघोषÓ के अंतर्गत छह संगीत प्रस्तुतियों का डिजिटल विमोचन रहा। इस अवसर पर रेडियो की विकास यात्रा पर आधारित एक प्रदर्शनी भी लगाई गई और विशेषज्ञों द्वारा एआई के प्रभावी उपयोग पर चर्चा की गई। कार्यक्रम में सांस्कृतिक प्रस्तुतियों के साथ-साथ विशेषज्ञों ने भविष्य की संचार चुनौतियों और रेडियो की भूमिका पर मंथन किया।
प्रधानमंत्री मोदी ने कर्तव्य भवनों का किया उद्घाटन, सुशासन और 'राष्ट्र प्रथमÓ के संकल्प को मिली नई ऊर्जा
नई दिल्ली /
प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने आज 'सेवा तीर्थÓ को राष्ट्र को समर्पित किया। संध्या समय आयोजित सार्वजनिक कार्यक्रम में प्रधानमंत्री ने 'सेवा तीर्थÓ परिसर में पट्टिका का अनावरण कर कर्तव्य भवन 1 एवं 2 का औपचारिक उद्घाटन किया। इस अवसर पर एक स्मारक डाक टिकट और स्मारक सिक्का भी जारी किया गया।
यह कार्यक्रम देश की प्रशासनिक संरचना में एक महत्वपूर्ण पहल के रूप में देखा जा रहा है, जो आधुनिक एवं नागरिक-केंद्रित शासन व्यवस्था को सुदृढ़ करने की दिशा में एक अहम कदम माना जा रहा है।
इस अवसर पर प्रधानमंत्री ने देशवासियों की सेवा के अपने अटूट संकल्प को दोहराते हुए कहा कि यह परिसर 'नागरिक देवो भवÓ की पावन भावना से प्रेरित है। उन्होंने अपने संबोधन में कहा कि 'सेवा तीर्थÓ केवल एक भवन नहीं, बल्कि कर्तव्य, करुणा और 'राष्ट्र प्रथमÓ के सिद्धांत के प्रति हमारी अटूट प्रतिबद्धता का सशक्त प्रतीक है। उन्होंने कहा कि देशवासियों की सेवा के संकल्प और 'नागरिक देवो भवÓ की भावना को साथ लेकर इस पहल को राष्ट्र को समर्पित किया गया है।
प्रधानमंत्री ने विश्वास व्यक्त किया कि यह पहल आने वाली पीढिय़ों को नि:स्वार्थ सेवा और जन-जन के कल्याण हेतु समर्पित होकर कार्य करने की प्रेरणा देती रहेगी। उन्होंने प्रशासनिक तंत्र से जुड़े सभी अधिकारियों एवं कर्मचारियों से आह्वान किया कि वे इस परिसर में प्रवेश करते समय 'कर्तव्यÓ की सर्वोच्च भावना को आत्मसात करें और राष्ट्र निर्माण में सक्रिय भूमिका निभाएं।
कार्यक्रम में केन्द्रीय आवासन एवं शहरी कार्य मंत्री मनोहर लाल खट्टर,प्रधानमंत्री कार्यालय में राज्य मंत्री जितेंद्र सिंह तथा केन्द्रीय आवासन एवं शहरी कार्य राज्य मंत्री तोखन साहू विशेष रूप से उपस्थित थे।
तोखन साहू का वक्तव्य
इस अवसर पर श्री तोखन साहू ने मीडिया से बातचीत करते हुए प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी के दूरदर्शी एवं प्रेरणादायी नेतृत्व की सराहना की। उन्होंने कहा कि 'सेवा तीर्थÓ प्रधानमंत्री की जन-केंद्रित शासन व्यवस्था की सोच का मूर्त रूप है और यह भारत की प्रशासनिक कार्य-संस्कृति में एक सकारात्मक परिवर्तन का प्रतीक है।
उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री ने प्रशासन को संवेदनशील, उत्तरदायी और नागरिक-प्रथम बनाने की जो दिशा दी है, यह पहल उसी संकल्प की अभिव्यक्ति है।
श्री साहू ने कहा कि इस ऐतिहासिक अवसर का साक्षी बनना उनके लिए गर्व का विषय है और यह आने वाली पीढिय़ों के लिए प्रेरणा का स्रोत बनेगा। उन्होंने अपने संसदीय क्षेत्र बिलासपुर की जनता के प्रति कृतज्ञता व्यक्त करते हुए कहा कि उनके विश्वास और आशीर्वाद के कारण ही उन्हें राष्ट्र निर्माण के इस गौरवपूर्ण क्षण में सहभागी बनने का अवसर मिला है।
उन्होंने अपने परिवारजनों के प्रति भी हृदय से आभार प्रकट करते हुए कहा कि उनके संस्कार, मार्गदर्शन और सतत सहयोग ने उन्हें सदैव जनसेवा के पथ पर अग्रसर रहने की प्रेरणा दी है।
उन्होंने अपने वक्तव्य में कहा,
"यह केवल एक औपचारिक कार्यक्रम नहीं, बल्कि जनसेवा के संकल्प का सजीव प्रतीक है। मैं अपने संसदीय क्षेत्र की जनता और अपने परिवार का हृदय से आभारी हूँ। प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में 'सेवा तीर्थÓ आने वाली पीढिय़ों के लिए प्रेरणा का केंद्र बनेगा और हम सभी को 'राष्ट्र प्रथमÓ की भावना के साथ निरंतर कार्य करने के लिए प्रेरित करेगा।"
'सेवा तीर्थÓ को सुशासन, पारदर्शिता और नागरिक-केन्द्रित प्रशासन की दिशा में एक नई कार्य-संस्कृति का प्रतीक माना जा रहा है, जो राष्ट्र निर्माण की प्रक्रिया को और अधिक सशक्त बनाने की दिशा में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगा।
Feb 09, 2021 Rate: 4.00
