August 07, 2026
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    शौर्यपथ

    शौर्यपथ

    लाइफस्टाइल /शौर्यपथ /ऐसा माना जाता है कि अधेड़ उम्र में लोगों का व्यवहार रूखा और चिड़चिड़ा हो जाता है। लेकिन, अधेड़ उम्र के लोग असल में अन्य उम्र के लोगों की तुलना में ज्यादा सकारात्मक होते हैं। एक हालिया शोध के अनुसार 40 से 60 साल की उम्र के लोग युवाओं और बुजुर्गों की तुलना में कहीं ज्यादा सकारात्मक होते हैं।

    अमेरिका और नीदरलैंड में 30,000 लोगों पर किए गए शोधों की समीक्षा करने वाले शोधकर्ताओं ने पाया कि अधेड़ उम्र के लोग जीवन में अच्छी चीजें होने लेकर ज्यादा सकारात्मक होते हैं।

    विशेषज्ञों का मानना है कि अधेड़ लोग जो अपने जीवन में मूल्यों और संतुष्टि को ज्यादा कीमती समझते हैं वे अच्छी बातों पर ज्यादा ध्यान केंद्रित करते हैं। हालांकि, शोध में यह पता चला कि जर्मनी के लोग अधेड़ उम्र में भी सकारात्मक नहीं होते। मिशिगन स्टेट यूनिवर्सिटी के प्रोफेसर विलियम चोपिक ने कहा, जैसे-जैसे लोग परिपक्व होते हैं वे अपने काम में अधिक सक्षम हो जाते हैं।

    सफलता उनके लिए थोड़ी आसान हो जाती है क्योंकि वे अपने जीवन के विभिन्न कार्यों में महारत हासिल कर लेते हैं, इसलिए वे अधेड़ उम्र तक पहुंचते ही अधिक आशावादी बनने लगते हैं। अधेड़ उम्र के लोग जीवन में आगे बढ़ने पर कम ध्यान केंद्रित करते हैं और जो वर्तमान में मौजूद है उसे खुशी से जीने को कोशिश करते हैं।

    अमेरिका और नीदरलैंड में यह सकारात्मक रवैया 60 साल की उम्र के बाद घटने लगता है। प्रोफेसर चोपिक ने जर्नल ऑफ रिसर्च इन पर्सनैलिटी ने बताया कि सकारात्मक रवैया स्वास्थ्य और लोगों के नजरिये से जुड़ा होता है इसलिए उम्र बढ़ने पर इसमें कमी आती है।

     

    लाइफस्टाइल / शौर्यपथ / परिवार बढ़ाने की कोशिशों में जुटे पुरुष जरा गौर फरमाएं। इजरायल में हुए एक नए अध्ययन में दावा किया गया है कि रात में टीवी देखने, मोबाइल पर गेम खेलने या लैपटॉप पर दोस्तों के साथ चैटिंग करने की आदत पिता बनने की खुशी छिन सकती है। स्क्रीन से निकलने वाली नीली रोशनी के कारण शुक्राणुओं के उत्पादन और गुणवत्ता में आना इसकी मुख्य वजह है।

    तेल अविव स्थित असुता मेडिकल सेंटर के शोधकर्ताओं ने अपने ‘स्लीप एंड फैटीग सेंटर’ में नपुंसकता का इलाज करा रहे 116 पुरुषों के शुक्राणुओं के नमूने इकट्ठे किए। ये पुरुष 21 से 59 साल के आयुवर्ग में आते थे। सभी प्रतिभागियों से इलेक्ट्रॉनिक उपकरणों के इस्तेमाल और सोने की आदत से जुड़ी एक प्रश्नावली भरवाई गई।

    शोधकर्ताओं ने पाया कि दिन ढलने के बाद स्मार्टफोन, टीवी या लैपटॉप का अत्यधिक इस्तेमाल करने से न सिर्फ शुक्राणुओं के उत्पादन में कमी आती है, बल्कि उनकी गुणवत्ता भी प्रभावित होती है। शुक्राणुओं के तैरकर अंडाणुओं तक पहुंचने और उनके आकर्षित करने की क्षमता भी घट जाती है।

    मुख्य शोधकर्ता डॉ. अमित ग्रीन के मुताबिक स्क्रीन से निकलने वाले नीली रोशनी स्लीप हार्मोन ‘मेलाटोनिन’ के उत्पादन में बाधा डालती है। इससे व्यक्ति देर रात तक जगा तो रहता ही है, साथ ही उसमें स्ट्रेस हार्मोन ‘कॉर्टिसोल’ का स्त्राव भी बढ़ जाता है। दोनों ही अवस्थाएं शुक्राणुओं की सेहत को नुकसान पहुंचाती हैं। व्यक्ति को यौन उत्तेजना में कमी की शिकायत सता सकती है।

    ‘जर्नल स्लीप’ के हालिया अंक में प्रकाशित में ग्रीन ने शाम से ही स्क्रीन का इस्तेमाल घटाने की सलाह दी। उन्होंने यह भी बताया कि स्क्रीन से निकलने वाली नीली रोशनी कोशिकाओं में विभाजन की प्रक्रिया को भी अनियंत्रित कर सकती है। इससे कैंसर से मौत के खतरा 50 फीसदी तक बढ़ जाता है।

    जेब में न रखें मोबाइल-
    -सितंबर 2017 में टेक्नियॉन यूनिवर्सिटी की ओर से किए गए अध्ययन में स्मार्टफोन को पैंट की जेब में रखने से बचने की नसीहत दी गई थी। शोधकर्ताओं का दावा था कि फोन से निकलने वाली इलेक्ट्रोमैग्नेटिक विकिरणें शुक्राणुओं को नष्ट करती हैं। इससे व्यक्ति को नपुंकता की शिकायत हो सकती है।

    सावधान-
    -मोबाइल-टीवी की स्क्रीन से निकलने वाली नीली रोशनी ‘मेलाटोनिन’ के उत्पादन में बाधा डालती है
    -स्ट्रेस हार्मोन कॉर्टिसोल का स्राव बढ़ाती है, इससे शुक्राणुओं की संख्या और गुणवत्ता में कमी आती है

    लत ये गलत लग गई-
    -75 फीसदी से अधिक पुरुष फोन को सिरहाने रखकर सोते हैं
    -पार्टनर के मुकाबले 02 गुना ज्यादा समय गैजेट के साथ बिताते हैं
    -25 प्रतिशत पुरुष पत्नी के बजाय स्मार्टफोन की शक्ल देखकर सोते हैं
    -33 फीसदी रिश्तों में सुधार के लिए फोन की लत से काबू पाना चाहते हैं

    खाना खजाना /शौर्यपथ / सन्डे को अगर आप कुछ स्पेशल बनाने की सोच रहे हैं, तो आज बनाएं तंदूरी गोभी टिक्का-

    सामग्री
    गोभी- 1
    गाढ़ा दही- 1 कप
    लाल मिर्च पाउडर- 1/2 चम्मच
    गरम मसाला पाउडर- 1 चम्मच
    चाट मसाला पाउडर- 1 चम्मच
    हल्दी पाउडर- 1/2 चम्मच
    धनिया पाउडर- 1 चम्मच
    अजवाइन- 1/2 चम्मच
    कसूरी मेथी- 1 चम्मच
    बेसन- 3 चम्मच
    तेल- आवश्यकतानुसार
    नमक- स्वादानुसार

    विधि
    गोभी की कलियों को काटकर धो लें और चार से पांच मिनट तक भाप में पका लें। गोभी को भाप पर पकाने से मसाले बेहतर तरीके से उसमें समा पाते हैं। भाप पर पकी हुई को गोभी को एक बड़े से बाउल में निकाल लें। उस बाउल में तेल के अलावा अन्य सभी सामग्री डालें और हल्के हाथों से मिलाएं। बाउल को ढककर आधे घंटे के लिए छोड़ दें। कड़ाही में आवश्यकतानुसार तेल गर्म करें और उसमें गोभी के टुकड़ों को डालें। मध्यम आंच पर कुछ मिनट तक पकाएं। तली हुई गोभी एक बाउल में निकालें। कोयले का एक छोटा-सा टुकड़ा गर्म करें। जब कोयला लाल हो जाए तो उसे एक स्टील की कटोरी में डालें। इस कटोरी को तंदूरी गोभी वाले बाउल के बीच में रख दें। कटोरी में एक चम्मच घी डालें और बाउल को एक मिनट के लिए ढक दें। ऐसा करने से कोयले का फ्लेवर गोभी टिक्का में समा जाएगा। तंदूरी गोभी को सर्विंग प्लेट में डालें। हरी चटनी और प्याज के छल्लों के साथ सर्व करें।

     

    सेहत / शौर्यपथ / आयुर्वेद में तुलसी को रोग नाशक जड़ी-बूटी माना जाता है। तुलसी को कई बीमारियों में दवा की तरह इस्तेमाल करने के साथ स्किन इन्फेक्शन में भी तुलसी की पत्तियों को इलाज किया जाता है। आइए, जानते हैं तुलसी के फायदे-
    तुलसी के पोषक तत्व
    तुलसी में पाए जाने वाले पोषक तत्व तुलसी की पत्तियों में विटामिन और खनिज तत्व मौजूद होते हैं। इसमें मुख्य रूप से विटामिन सी, कैल्शियम, जिंक और आयरन आदि पाए जाते हैं। इसके साथ ही तुलसी में सिट्रिक, टारटरिक एवं मैलिक एसिड पाया जाता है।

     तुलसी के फायदे
    खांसी अथवा गला बैठने पर तुलसी की जड़ सुपारी की तरह चूसी जाती है।
    श्वास रोगों में तुलसी के पत्ते काले नमक के साथ सुपारी की तरह मुंह में रखने से आराम मिलता है।
    तुलसी की हरी पत्तियों को आग पर सेंक कर नमक के साथ खाने से खांसी तथा गला बैठना ठीक हो जाता है।
    तुलसी के पत्तों के साथ 4 भुनी लौंग चबाने से खांसी जाती है।
    तुलसी के कोमल पत्तों को चबाने से खांसी और नजले से राहत मिलती है।
    खांसी-जुकाम में - तुलसी के पत्ते, अदरक और काली मिर्च से तैयार की हुई चाय पीने से तुरंत लाभ पहुंचता है।
    10-12 तुलसी के पत्ते तथा 8-10 काली मिर्च के चाय बनाकर पीने से खांसी जुकाम, बुखार ठीक होता है।
    फेफड़ों में खरखराहट की आवाज़ आने व खांसी होने पर तुलसी की सूखी पत्तियां 4 ग्राम मिश्री के साथ देते हैं।
    काली तुलसी का स्वरस लगभग डेढ़ चम्मच काली मिर्च के साथ देने से खाँसी एकदम शान्त होती है।
    10 ग्राम तुलसी के रस को 5 ग्राम शहद के साथ सेवन करने से हिचकी, अस्थमा एवं श्वांस रोगों को ठीक किया जा सकता है।

     

    स्किन केयर के लिए तुलसी
    तुलसी पिंपल्स और एक्ने पर भी काम करता है। तुलसी रक्त में से टॉक्सिन्स और अशुद्धि हटा कर उसे साफ़ करने का काम करता है। इसमें एंटीफंगल और एंटीबैक्टीरियल गुण पाए जाते हैं जो एक्ने को कम करता है। आप इसके लिए तुलसी पत्तियों का पेस्ट बनाकर उसमें गुलाबजल मिलाएं और 10 मिनट के लिए चेहरे पर लगाएं और फिर सादे पानी से धो लें।

     

    धर्म संसार / शौर्यपथ /खुशहाली का संदेश देने वाला त्योहार ओणम दक्षिण भारत विशेषकर केरल में बहुत ही उत्साह और श्रद्धा के साथ मनाया जाता है। यह ऐसा त्योहार है जो केरल के राजा महाबली की याद में हर वर्ष मनाया जाता है। दस दिनों तक इस उत्सव को उल्लास से मनाया जाता है। यह त्योहार संपूर्णता से भरा हुआ है। हर घर को यह पर्व खुशियों से भर देता है। प्रत्येक घर को फूलों से सजाया जाता है। यह ऐसा त्योहार है जिसमें पूजा मंदिर में नहीं बल्कि घर में की जाती है।

    इस त्योहार को लेकर पौराणिक कथा के अनुसार केरल में महाबली नामक राजा राज्य करते थे। भगवान श्री हरि विष्णु ने वामन अवतार धारण कर उनसे तीन पग भूमि मांगी और तीन पग में तीनों लोक को माप लिया। भगवान वामन ने जब तीसरा पग रखा तो राजा बलि पाताल लोक चले गए। राजा बलि के दान और भक्ति से प्रसन्न होकर भगवान विष्णु ने उनसे वर मांगने को कहा। राजा बलि ने कहा कि प्रभु मैं वर्ष में एक बार अपनी प्रजा से मिलने का समय चाहता हूं। माना जाता है कि ओणम पर राजा बलि अपनी प्रजा से मिलने आते हैं और अपनी प्रजा के लिए उमंग तथा खुशियां लाते हैं। इस त्योहार में भगवान श्री हरि विष्णु की आराधना की जाती है। भगवान के वामन अवतार की पूजा की जाती है। ओणम मलयाली हिंदुओं का नववर्ष माना जाता है।

     

    धर्म संसार / शौर्यपथ / उत्तर प्रदेश के गोरखपुर जिले में कोरोना संक्रमण के चलते इस साल मोहर्रम में सड़कें वीरान रही वहीं लोगों ने घर में ही रहकर कर्बला के शहीदों को याद किया।
    जिले में अबकी बार एक से 10वीं तक निकलने वाले गश्ती, मातम और इमामबाड़ा से निकलने वाला शाही जूलूस कोरोना के कारण स्थगित रहा। राज्य सरकार के निदेर्शों और स्थानीय पुलिस प्रशासन के सख्ती के कारण जहां वह इमाम हुसेन और कर्बला के शहीदों के गम को नहीं मना सके वहीं उन्हें इस बात का दुख था कि ऐसा न कर पाने के कारण कहीं कोई अनहोनी न न हो जाये।इस बार मुहर्रम का जूलूस स्थगित हो जाने से सबसे ज्यादा ठेले, मुहर्रम में ताजिया बनाने वालों और अलम उठाने वालो पर पड़ा है। उल्लेखनीय है कि गोरखपुर का मुहर्रम पूरे प्रदेश में सबसे मशहूर है और पूवीर् उत्तर प्रदेश के अधिकतर जिले अपने मुहर्रम के कार्यक्रम गोरखपुर में स्थित इमाम बाडा के मियां साहब फरूख अदनान शाह के निदेर्शों पर होता है।
    शिया और सुन्नी समुदाय के लोग मुहर्रम अपने-अपने तौर तरीकों से मनाते हैं। शिया समुदाय के लोगों ने इस दौरान महिलाओं का मजलिस सम्पन्न हुआ जिसमें शहीदों के बलिदान को याद किया गया जबकि सुन्नी समुदाय न कोविड-19 के आदेशों का पालन करते हुए अपने घरों में शहीदे कर्बला पर कार्यक्रम किये गए। 9वीं मुहर्रम को आज शनिवार को इमाम बाडाा पर रखे जाने वाले ताजिये नजर नहीं आये। शहीदों के याद में लोगों को शर्बत भी नहीं पिलाया गया।
    इसके अलावा इमाम बाडें में रखे सोने और चांदी के ताजिए का दर्शन करने वाले जो विभिन्न प्रान्तों से भी गोरखपुर आते थे वह नहीं आ सके। इस ताजिए का दर्शन मुहर्रम के एक से दसवी दिन तक किया जाता रहा है। 10वीं मुहर्रम का दरवाजा बन्द हो जाने के बाद अगले साल ही दर्शन करने मौका मिल पायेगा।

     

    खेल / शौर्यपथ / पूर्व भारतीय कप्तान महेंद्र सिंह धोनी ने इसी साल 15 अगस्त के दिन अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट से संन्यास ले लिया है, लेकिन क्रिकेट इतिहास में उनकी यादगार पारियां हमेशा याद की जाएंगी। 2004 में क्रिकेट की दुनिया में कदम रखने के बाद उन्होंने अपना और खेल दोनों का कद ऊंचा किया है। हाल ही में इंग्लैंड के स्पिनर मोंटी पनेसर ने धोनी से जुड़ी यादों को ताजा किया। उन्होंने कहा, धोनी के साथ मेरे सबसे पसंदीदा पल वे थे, जब मैं मुंबई के लिए खेल रहा था।

    मोंटी पनेसर ने बताया, ''मुझसे धोनी का एक कैच छूट गया था। गेंद मुझसे 10 मीटर दूर थी। मेरी आंखों पर सूरज पड़ रहा था। मैं गेंद को जज नहीं कर पाया। इसके दो गेंद बाद मैंने ही उनका कैच पकड़ा। यही क्रिकेट है, एक मिनट में जीरो और एक मिनट में हीरो। धोनी हमेशा हीरो रहेंगे।''

    उन्होंने कहा, ''मुझे लगता है धोनी की पाकिस्तान के खिलाफ शतकीय पारी बेस्ट थी। उस समय वह शोएब अख्तर को चौके-छक्के लगा रहे थे। हम सब चकित थे कि वह यह सब कैसे कर रहे हैं।'' पनेसर फैसलाबाद में पाकिस्तान के खिलाफ धोनी की 148 रनों की पारी का जिक्र कर रहे थे।

    इंग्लैंड के पूर्व स्पिनर ने कहा, ''मुझे याद है मैं कोलकाता में उन्हें गेंदबाजी कर रहा था। उन्होंने मेरी गेंद पर एक शानदार छक्का मारा। गेंद मीलों दूर गई। आम बल्लेबाज के मुकाबले छक्के मारने की धोनी की क्षमता 20 मीटर अधिक है।''

    पनेसर ने कहा, ''धोनी हमेशा कूल और शांत खिलाड़ी रहे हैं। उन्हें देखकर लगता है कि जिंदगी कितनी धीमी गति से चल रही है। अधिकांश क्रिकेटरों में यह गुण नहीं होता, लेकिन धोनी अपने पूरे करियर में ऐसे ही बन रहे। यही बात उन्हें महान बनाती है।'' महेंद्र सिंह धोनी 19 सितंबर से यूएई में शुरू होने वाले इंडियन प्रीमियर लीग (आईपीएल 2020) में चेन्नई सुपर किंग्स (सीएसके) की कप्तानी करते हुए नजर आएंगे।

    बता दें कि आईसीसी वर्ल्ड कप 2019 के बाद से धोनी ने कोई क्रिकेट नहीं खेला है। ऐसे में धोनी के फैन्स अब उन्हें आईपीएल में देखने को लेकर काफी उत्साहित हैं। धोनी की कप्तानी में सीएसके तीन बार आईपीएल का खिताब अपने नाम कर चुकी है।

     

    मनोरंजन / शौर्यपथ / दीपिका कक्कड़ और शोएब इब्राहिम टीवी के चहेते कपल्स में से एक हैं। दोनों अक्सर एक-दूसरे के लिए सोशल मीडिया पर भी प्यार जताते रहते हैं। इस बीच दीपिका और शोएब की ट्रेडिशनल लुक में तस्वीरें सोशल मीडिया पर वायरल हो रही हैं। दीपिका और शोएब के लुक और अंदाज के अलावा उनके बीच की केमेस्ट्री देखकर फैन्स तारीफ किए बिना नहीं रह पा रहे हैं।

    दीपिका और शोएब जाने-माने फिल्म निर्माता जेपी दत्ता की बेटी निधि दत्ता की शादी की रस्मों का हिस्सा बनीं। इस दौरान जहां शोएब ब्लैक सूट तो वहीं दीपिका रेड गाउन में नजर आईं। शोएब और दीपिका ने निधि दत्ता और उनके पति के साथ सोशल मीडिया पर उन्हें बधाई देते हुए तस्वीरें भी शेयर की हैं।

    दीपिका ने अपनी तस्वीरों को शेयर करते हुए लिखा- 'माइंड वाली लड़की बनो और एक एटीट्यूड वाली महिला।' ओपन हेयर में रेड गाउन के साथ रेड लिपस्टिक में दीपिका बेहद खूबसूरत लग रही हैं। दीपिका के इस लुक की तारीफ करते हुए एक यूजर ने लिखा- आप आज बहुत प्यारी लग रही हैं और दीपिका दीदी बहुत सुंदर। वहीं एक अन्य यूजर ने लिखा- आपकी तरह ही आपकी ड्रेस भी बहुत सुंदर और प्यारी है। दीपिका की इस पोस्ट को अबतक 2 लाख के करीब व्यूज मिल गए हैं।

    आपको बता दें कि दीपिका कक्कड़ फिल्म 'पलटन' में जेपी दत्ता के साथ काम कर चुकी हैं। 'ससुराल सिमर का' शो से पहचान बनाने वालीं दीपिका बिग बॉस-12 का खिताब भी अपने नाम कर चुकी हैं।

     

    मनोरंजन / शौर्यपथ / बॉलीवुड एक्टर शाहिद कपूर की पत्नी मीरा राजपूत सोशल मीडिया पर काफी एक्टिव रहती हैं। मीरा अक्सर अपने फैन्स के लिए सोशल मीडिया पर तस्वीरें और वीडियोज शेयर करती रहती हैं। इस बीच मीरा राजपूत ने इंस्टाग्राम पर 'Ask Me Anything' सेशन किया था। इस दौरान उन्होंने निजी जिंदगी से जुड़े कई सवालों के जवाब दिए। इतना ही नहीं उन्होंने एक फैन के सवाल का जवाब देते हुए बताया कि आखिर महिलाओं के लिए तीन जरूरी चीजें कौन-सी हैं?

    मीरा से एक यूजर ने पूछा- महिलाओं के लिए सबसे जरूरी क्या है? जवाब में मीरा ने लिखा-'आत्म विश्वास, अ ग्रेट ब्रा गर्ल ट्राइब। इसके अलावा एक यूजर ने मीरा से पूछा- क्या वह तीसरे बच्चे पर विचार कर रही हैं? मीरा ने लिखा- 'हम दो हमारे दो।' वहीं मीरा ने एक फैन से सवाल के जवाब में बताया कि आखिर वह पति शाहिद कपूर को क्या कहकर पुकारती हैं। मीरा से इंस्टा यूजर ने पूछा- आप शाहिद को क्या कहकर बुलाती हैं। मीरा ने जवाब में लिखा- 'सुनिए।'

    मीरा राजपूत की सोशल मीडिया पर जबरदस्त फैन फॉलोइंग है। केवल इंस्टाग्राम पर मीरा राजपूत को 30 लाख के करीब फॉलोवर्स हैं। हाल ही में शाहिद और मीरा ने बेटी मीशा का जन्मदिन सेलिब्रेट किया था। आपको बता दें कि शाहिद कपूर अपकमिंग फिल्म 'जर्सी' में नजर आएंगे। इसके पहले उनकी फिल्म 'कबीर सिंह' बॉक्स ऑफिस पर सुपरहिट साबित हुई थी।

     

    रायपुर / शौर्यपथ / खेल एवं युवा कल्याण मंत्री उमेश पटेल ने आज खेल दिवस पर वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से राज्य के ख्याति प्राप्त खिलाड़ियों एवं प्रशिक्षकों से बातचीत की। पटेल ने राज्य के सभी खिलाड़ियों और प्रशिक्षकों को खेल दिवस की बधाई और शुभकामनाएं दी।
    मंत्री पटेल ने कहा कि 29 अगस्त को हॉकी के जादूगर मेजर ध्यानचंद के जन्म दिवस को राष्ट्रीय खेल दिवस के रूप में मनाया जाता है। वर्तमान में कोरोना संक्रमण से उत्पन्न विषम परिस्थितियोें के कारण पूरे देश में खेल गतिविधियों के संचालन में अवरोध उत्पन्न हुआ है। देश के विभिन्न राज्यों में उत्कृष्ट खिलाड़ियों को दिए जाने वाले पुरस्कारों को भी स्थगित किया गया है। छत्तीसगढ़ में भी कोरोना संक्रमण के कारण सुरक्षा की दृष्टि से खेल दिवस पर आयोजित होने वाले पुरस्कार अलंकरण समारोह को स्थगित रखा गया है।
    मंत्री ने कहा कि मुख्यमंत्री भूपेश बघेल के नेतृत्व में राज्य सरकार द्वारा प्रदेश में खेलों को बढ़ावा देने और खिलाड़ियों की प्रतिभा को निखारने के लिए अनेक कदम उठाएं है। राज्य में खेल प्राधिकरण का गठन भी किया गया है। इसके अलावा ‘वन स्टेट-वन गेम‘ के तहत केन्द्र सरकार द्वारा ऑलंम्पिक-2024 में तीरंदाजी में देश का प्रतिनिधित्व करने के लिए प्रतिभाशाली तीरंदाज खिलाड़ियों को प्रशिक्षित कर उन्हें तैयार करने की जिम्मेदारी छत्तीसगढ़ राज्य को सौंपी गई है। इसके लिए प्रदेश सरकार द्वारा नैसर्गिक प्रतिभा वाले युवाओं का चयन कर उन्हें प्रशिक्षण देने की व्यवस्था सुनिश्चित की गई है। जशपुर में हॉकी के खेल को बढ़ावा देने के लिए एस्ट्रोटर्फ का काम चालू किया गया है। पाटन-मर्रा में स्टेेडियम का निर्माण किया जा रहा है। दुर्ग में जूडो एकेडमी की स्थापना की गई है। राज्य सरकार नारायणपुर में मलखम्भ को प्रोत्साहित करने के लिए वहां सुविधाएं उपलब्ध करा रही है। ग्रामीण क्षेत्रों में खेल गतिविधियों को बढ़ावा देने के लिए राजीव युवा मितान क्लबों का गठन किया जा रहा है। गतवर्ष युवा महोत्सव के तहत ग्रामीण खेल प्रतिभाओं को एक नया मंच प्रदान किया गया। प्रदेश के खिलाड़ी राष्ट्रीय और अंतर्राष्ट्रीय स्तर पर छत्तीसगढ़ का नाम रोशन कर सके इस दिशा में विशेष पहल की जा रही है। कोविड-19 के कारण खेल गतिविधियां बंद हो गई है, इन्हें पुनः चालू करने के लिए खेल विभाग द्वारा रोडमेप तैयार कर लिया गया है।
    मंत्री पटेल ने कहा कि राज्य के नागरिकों, कोरोना वारियर्स, जनप्रतिनिधियों और शासकीय सेवकों के सामूहिक प्रयासों से कोरोना को हराने में सफलता मिलेगी। सभी के प्रयासों से जल्द ही कोरोना वायरस के प्रभाव से छुटकारा मिलेगा। उन्होंने कहा कि खिलाड़ियों को जो भी मदद की जरूरत होगी, उसे पूरा करने का प्रयास किया जाएगा। वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग में खेल विभाग के सचिव श्री सिद्धार्थ कोमल सिंह परदेशी, संचालक श्रीमती श्वेता श्रीवास्तव सिन्हा सहित अनेक खिलाड़ी शामिल हुए।
    मंत्री पटेल को दुर्ग जिले की हॉकी खिलाड़ी पद्मश्री श्रीमती सबा अंजुम और राजनांदगांव की सुश्री रेणुका यादव, रायपुर के बैडमिंटन खिलाड़ी ईशान भटनागर, बिलासपुर के तैराक शिवाक्ष साहू और तीरंदाज ईतवारी राज, बस्तर की नबी और नारायणपुर के मलखंभ खिलाड़ी मनोज ने वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से वर्तमान में संचालित खेल गतिविधियों, प्रशिक्षण आदि के बारे में विस्तार से जानकारी दी। मंत्री ने अन्य खिलाड़ियों से भी दूरभाष पर चर्चा की। पटेल ने सभी खिलाड़ियों और बैडमिंटन के स्टेट प्लेयर ईशान भटनागर को नेशनल बैडमिंटन के लिए चयन होने पर बधाई और शुभकामनाएं दी।
    खेल संचालनालय में खेल दिवस पर मेजर ध्यानचंद के योगदान को किया गया याद
    खेल दिवस पर आज 29 अगस्त को सरदार वल्लभ भाई पटेल अंतर्राष्ट्रीय हाकी स्टेडियम रायपुर स्थित खेल संचालनालय में खेल संचालक श्रीमती श्वेता श्रीवास्तव सिन्हा ने मेजर ध्यानचंद के चित्र पर माल्यार्पण किया। खेल संचालक ने सभी खिलाड़ियों, विभागीय अधिकारी-कर्मचारियों खेल दिवस की बधाई और शुभकामनाएं दी। भारतीय हॉकी को शिखर पर पहुंचाने वाले मेजर ध्यानचंद के योगदान को याद किया गया। उन्होंने सभी को कोरोना महामारी से सतर्कता बरतने की भी अपील की।

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