July 24, 2026
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    परिवार बढ़ाना है तो रात में स्क्रीन के इस्तेमाल से बचें, शोध में दी गई सलाह

    • rounak group

    लाइफस्टाइल / शौर्यपथ / परिवार बढ़ाने की कोशिशों में जुटे पुरुष जरा गौर फरमाएं। इजरायल में हुए एक नए अध्ययन में दावा किया गया है कि रात में टीवी देखने, मोबाइल पर गेम खेलने या लैपटॉप पर दोस्तों के साथ चैटिंग करने की आदत पिता बनने की खुशी छिन सकती है। स्क्रीन से निकलने वाली नीली रोशनी के कारण शुक्राणुओं के उत्पादन और गुणवत्ता में आना इसकी मुख्य वजह है।

    तेल अविव स्थित असुता मेडिकल सेंटर के शोधकर्ताओं ने अपने ‘स्लीप एंड फैटीग सेंटर’ में नपुंसकता का इलाज करा रहे 116 पुरुषों के शुक्राणुओं के नमूने इकट्ठे किए। ये पुरुष 21 से 59 साल के आयुवर्ग में आते थे। सभी प्रतिभागियों से इलेक्ट्रॉनिक उपकरणों के इस्तेमाल और सोने की आदत से जुड़ी एक प्रश्नावली भरवाई गई।

    शोधकर्ताओं ने पाया कि दिन ढलने के बाद स्मार्टफोन, टीवी या लैपटॉप का अत्यधिक इस्तेमाल करने से न सिर्फ शुक्राणुओं के उत्पादन में कमी आती है, बल्कि उनकी गुणवत्ता भी प्रभावित होती है। शुक्राणुओं के तैरकर अंडाणुओं तक पहुंचने और उनके आकर्षित करने की क्षमता भी घट जाती है।

    मुख्य शोधकर्ता डॉ. अमित ग्रीन के मुताबिक स्क्रीन से निकलने वाले नीली रोशनी स्लीप हार्मोन ‘मेलाटोनिन’ के उत्पादन में बाधा डालती है। इससे व्यक्ति देर रात तक जगा तो रहता ही है, साथ ही उसमें स्ट्रेस हार्मोन ‘कॉर्टिसोल’ का स्त्राव भी बढ़ जाता है। दोनों ही अवस्थाएं शुक्राणुओं की सेहत को नुकसान पहुंचाती हैं। व्यक्ति को यौन उत्तेजना में कमी की शिकायत सता सकती है।

    ‘जर्नल स्लीप’ के हालिया अंक में प्रकाशित में ग्रीन ने शाम से ही स्क्रीन का इस्तेमाल घटाने की सलाह दी। उन्होंने यह भी बताया कि स्क्रीन से निकलने वाली नीली रोशनी कोशिकाओं में विभाजन की प्रक्रिया को भी अनियंत्रित कर सकती है। इससे कैंसर से मौत के खतरा 50 फीसदी तक बढ़ जाता है।

    जेब में न रखें मोबाइल-
    -सितंबर 2017 में टेक्नियॉन यूनिवर्सिटी की ओर से किए गए अध्ययन में स्मार्टफोन को पैंट की जेब में रखने से बचने की नसीहत दी गई थी। शोधकर्ताओं का दावा था कि फोन से निकलने वाली इलेक्ट्रोमैग्नेटिक विकिरणें शुक्राणुओं को नष्ट करती हैं। इससे व्यक्ति को नपुंकता की शिकायत हो सकती है।

    सावधान-
    -मोबाइल-टीवी की स्क्रीन से निकलने वाली नीली रोशनी ‘मेलाटोनिन’ के उत्पादन में बाधा डालती है
    -स्ट्रेस हार्मोन कॉर्टिसोल का स्राव बढ़ाती है, इससे शुक्राणुओं की संख्या और गुणवत्ता में कमी आती है

    लत ये गलत लग गई-
    -75 फीसदी से अधिक पुरुष फोन को सिरहाने रखकर सोते हैं
    -पार्टनर के मुकाबले 02 गुना ज्यादा समय गैजेट के साथ बिताते हैं
    -25 प्रतिशत पुरुष पत्नी के बजाय स्मार्टफोन की शक्ल देखकर सोते हैं
    -33 फीसदी रिश्तों में सुधार के लिए फोन की लत से काबू पाना चाहते हैं

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