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पथ पर पग-पग पर होंगे श्रद्धालुओं को भगवान श्रीराम के दर्शन
प्रवेश द्वार से लेकर लैंपपोस्ट तक सब कुछ होगा राम मय
मुख्यमंत्री के समक्ष हुआ कार्ययोजना का प्रस्तुतीकरण
रायपुर / शौर्यपथ / कोरिया से सुकमा तक निर्मित होने वाला राम वन गमन पथ कदम-कदम पर राम-मय होगा। छत्तीसगढ़ शासन ने जो कार्ययोजना तैयार की है, उसमें तीर्थ एवं पर्यटनों स्थलों के द्वार से लेकर लैंप-पोस्ट और बैंच तक के सौंदर्यीकरण का विशेष ध्यान रखा गया है। श्रद्धालुओं एवं पर्यटकों को राम वन गमन पथ की यात्रा के दौरान पग-पग पर भगवान श्रीराम के दर्शन होंगे। राम वन गमन पथ के मुख्य मार्ग सहित उप मार्गों की कुल लम्बाई लगभग 2260 किलोमीटर है। इस मार्ग के किनारे जगह-जगह संकेतक तीर्थ स्थलों एवं पर्यटनों की जानकारी सहित भगवान श्रीराम के वनवास से जुड़ी कथाएं देखने और सुनने को मिलेंगी। वन गमन पथ के दोनों ओर विभिन्न प्रजातियों के पौधों का रोपण भी किया जा रहा है, ताकि यात्रा के दौरान श्रद्धालुओं एवं पर्यटकों के दिलों दिमाग में प्रभु श्रीराम के वनवास का अहसास बना रहे। मुख्यमंत्री श्री भूपेश बघेल की प्राथमिकता वाली राम वन गमन परियोजना का कान्सेप्ट प्लान तैयार हो चुका है।
मुख्यमंत्री बघेल की उपस्थिति में आज मुख्यमंत्री निवास कार्यालय में पर्यटन सचिव पी.अनबलगन ने इस संबंध में योजना की विस्तृत जानकारी पावरप्वांईट प्रेजेंटेशन के माध्यम से दी। 137 करोड़ 75 लाख रुपये की कुल लागत वाली इस परियोजना पर इसी अगस्त महीने के अंतिम सप्ताह से काम शुरु हो जाएगा। इसकी शुरुआत रायपुर के निकट स्थित चंदखुरी से होगी। चंदखुरी भगवान राम का ननिहाल है। यहां माता कौशल्या का प्राचीन मंदिर है, जो सातवीं शताब्दी का है। माता कौशल्या मंदिर परिसर के सौंदर्यीकरण तथा विकास के लिए 15 करोड़ 45 लाख रुपये की योजना तैयार की गई है।

अंबलगन ने बताया कि इस परियजोना के तहत लगभग 2260 किलोमीटर सड़कों का विकास किया जाएगा। लगभग 1400 किलोमीटर सड़कों के दोनों ओर वृक्षारोपण कार्य किया जाएगा। राम वन गमन पथ पर पहले चरण में जिन 9 स्थानों का चयन किया गया हैं, उन सभी में आकर्षक लैंडस्केप तैयार किया जाएगा। इन सभी स्थानों पर पर्यटकों के लिए नागरिक सुविधाओं का विकास सर्वोच्च प्राथमिकता होगी। विश्वस्तरीय अधोसंरचनाओं के निर्माण के दौरान उच्च कोटि का प्री-कास्ट और फेब्रीकेशन वर्क सुनिश्चित किया जाएगा। सभी स्थानों पर भव्य द्वार बनाए जाएंगे, जिनके शीर्ष पर भगवान राम का धनुष और उसकी प्रत्यंचा पर रखा हुआ तीर होगा। द्वार पर जय श्रीराम के घोष के साथ राम-पताका लहरा रही होगी। तीर्थ-पर्यटनों पर स्थापित किये जाने वाले लैंपोस्ट भी प्राचीन काल की याद दिलाएंगे। इनके शीर्ष पर भी भगवान श्रीराम की आकृति होगी। एक अन्य डिजाइन में लैंपपोस्ट के शीर्ष पर भी तीर-धनुष स्थापित किया जाएगा।
उन्होंने बताया कि राम वन गमन परिपथ में कोरिया से लेकर सुकमा तक सूचनात्मक स्वागत द्वार स्थापित किये जाएंगे। यात्रियों को इससे पता चल सकेगा कि वे परिपथ पर सही दिशा में आगे बढ़ रहे हैं। किसी पडाव में पहुंचने पर एक खास डिजाइन का साइन बोर्ड उनका स्वागत करेगा। परिपथ में सड़क के किनारे विभिन्न स्थानों की दूरी और दिशा बताने वाले डायरेक्शन-पोस्ट भी स्थापित किए जाएंगे।
इस बात का भी ध्यान रखा गया है कि पर्यटन-तीर्थों में धार्मिक-स्थलों के आसपास सजने वाले पूजन-सामग्रियों के परंपरागत बाजार को भी व्यवस्थित कर नये तरह से डिजाइन किया जाए। इन बाजारों में आधुनिक तरीके से निर्मित, किंतु प्राचीनता की याद दिलाते स्टाल स्थापित किये जाएंगे। पर्यटकों की सुविधा के लिए पार्किंग स्थलों को भी अधिक सुरक्षित और सुव्यवस्थित किया जाएगा।
सभी पर्यटन-तीर्थों में विशेष साज सज्जा वाले पर्यटक सूचना केंद्र स्थापित किये जाएंगे। राम वन गमन पथ का रूट मैप तैयार कर संबंधित विभागों को भेज दिया गया है। चंदखुरी, शिवरीनारायण, तुरतुरिया और राजिम के लिए परियोजना-रिपोर्ट तैयार की जा चुकी है। शिविरीनरायण ब्रिज के ऊपर लेजर लाइट शो का इंतजाम भी होगा। धमतरी जिले में सप्तऋषि आश्रम का सौंदर्यीकरण तथा विकास किया जाना है। नगरी को पर्यटन हब के रूप में विकसित किए जाने की योजना है। विभिन्न स्थानों पर बायोडायवर्सिटी पार्क का भी निर्माण किया जाएगा।
पर्यटन विभाग द्वारा इतिहासकारों से चर्चा कर विभिन्न शोध पत्रों और प्राचीन मान्यताओं के आधार पर छत्तीसगढ़ में राम वन गमन पथ के 75 स्थलों को चिन्हित किया गया है। प्रथम चरण में जिन 9 स्थलों का विकास किया जा रहा है, उनमें सीतामढ़ी हरचौका (कोरिया), रामगढ़ (सरगुजा), शिवरीनारायण (जांजगीर-चांपा), तुरतुरिया (बलौदाबाजार), चंदखुरी (रायपुर), राजिम (गरियाबंद), सिहावा सप्तऋषि आश्रम (धमतरी), जगदलपुर (बस्तर) और रामाराम (सुकमा) शामिल हैं। फिलहाल प्रथम चरण में 5 स्थलों के विकास एवं सौंदर्यीकरण की कार्ययोजना तैयार कर निर्माण कार्यों की स्वीकृति दी जा चुकी है। एक वर्ष की अवधि में निर्माण एजेंसियों द्वारा कार्ययोजना के अनुसार कार्यों को पूरा कराया जाएगा।

कृषि मंत्री रविन्द्र चौबे ने राम वन गमन पथ के प्रमुख स्थलों के बारे में जनसामान्य को जानकारी देने के लिए सड़क के किनारे उपयुक्त स्थलों पर साइनबोर्ड लगाए जाने का सुझाव दिया। चंदखुरी स्थिति माता कौशल्या मंदिर परिसर सहित अन्य धार्मिक एवं पर्यटन स्थलों के विकास एवं सौंदर्यीकरण के संबंध में मंत्री मोहम्मद अकबर, टी.एस. सिंहदेव, ताम्रध्वज साहू, डॉ. शिव कुमार डहरिया, अमरजीत भगत ने कई उपयोगी सुझाव भी दिए। इस दौरान मंत्री डॉ. प्रेमसाय सिंह टेकाम, कवासी लखमा, गुरु रुद्रकुमार, मंत्री श्रीमती अनिला भेंडिया, संसदीय सचिव शिशुपाल सोरी, चंद्रदेव राय, मुख्यमंत्री के सलाहकार विनोद वर्मा, प्रदीप शर्मा, रूचिर गर्ग, मुख्य सचिव आर.पी. मंडल, अपर मुख्यसचिव अमिताभ जैन, मुख्यमंत्री के अपर मुख्य सचिव सुब्रत साहू, प्रधान मुख्य वन संरक्षक राकेश चतुर्वेदी, प्रमुख सचिव वन मनोज कुमार पिंगुआ , कृषि उत्पादन आयुक्त डॉ.एम.गीता, मुख्यमंत्री के सचिव सिद्धार्थ कोमल परदेशी सहित वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित थे।
रायपुर / शौर्यपथ / रायपुर में आयुर्वेदिक डॉक्टर की पत्नी के साथ बलात्कार का मामला सामने आया है। मामला खम्हारडीह थाना क्षेत्र अंतर्गत अवंति विहार का है जहां आयुर्वेदिक डॉक्टर अपने परिवार सहित 8 साल पूर्व उत्तर प्रदेश से छत्तीसगढ़ की राजधानी रायपुर में निवास करने पहुंचे थे। उत्तर प्रदेश छोडऩे की वजह पति के बिजनेस पार्टनर द्वारा छेड़छाड़ किया जाना था।
घटना की जानकारी देते हुए थाना प्रभारी ममता शर्मा अली ने बताया कि आरोपी बलबीर सिंह व बबलू सैफी अली द्वारा वर्ष 2019 में थाना क्षेत्र अंतर्गत पीडि़ता का बलात्कार किया गया व उसकी अश्लील फोटो खींच ली गई ,आरोपियों द्वारा लगातार अश्लील फोटो वायरल करने की धमकी दी जाती रही। पीडि़ता ने पुलिस को बताया कि आरोपी उसके पति व बच्चों को भी जान से मारने की धमकी दिया करते थे जिसके कारण वह डर के चलते घटना का जि़क्र किसी को नहीं किया। अब लगातार मानसिक प्रताडि़त होने के बाद पीडि़ता ने घटना की जानकारी अपने पति को दी जिसके बाद पीडि़ता ने अपने परिजनों के साथ पहुंच थाना में रिपोर्ट दर्ज करवाया।
थाना प्रभारी शर्मा ने बताया कि आरोपियों के खिलाफ ढ्ढक्कष्ट की धारा 376,506,34 के तहत अपराध पंजीबद्ध किया गया है। आरोपी उत्तरप्रदेश के निवासी है।
रायपुर / शौर्यपथ / मुख्यमंत्री भूपेश बघेल विश्व आदिवासी दिवस पर 9 अगस्त को जिलों में वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से आयोजित कार्यक्रमों को सम्बोधित करेंगे। कोविड-19 संकट को ध्यान में रखते हुए इस वर्ष विश्व आदिवासी दिवस पर सार्वजनिक कार्यक्रमों का आयोजन नहीं किया जाएगा।
राज्य शासन द्वारा यह निर्णय लिया गया है कि विश्व आदिवासी दिवस 9 अगस्त को सभी जिलों में वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से कार्यक्रम का आयोजन किया जाएगा। कार्यक्रम में समस्त जिले के हितग्राहियों को वन अधिकार मान्यता पत्र के वितरण के साथ ही आदिम जाति तथा अनुसूचित जाति विकास विभाग द्वारा संचालित आवासीय विद्यालय एकलव्य और प्रयास के उत्कृष्ट विद्यार्थियों को भी सम्मानित किया जाएगा।
सचिव आदिम जाति तथा अनुसूचित जाति विकास विभाग डी.डी. सिंह ने आयोजन के संबंध में सभी जिला कलेक्टरों को विस्तृत दिशा-निर्देश जारी किए हैं। कलेक्टरों से कहा गया है कि जिलों में वन अधिकार मान्यता पत्रों का वितरण करें। मुख्यमंत्री भूपेश बघेल वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से जिलों में आयोजित कार्यक्रमों को सम्बोधित करेंगे। इस दौरान कुछ जिलों के वन अधिकार मान्यता प्राप्त हितग्राहियों से चर्चा की जाएगी। वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग में कुछ लाभार्थियों को वन अधिकार मान्यता पत्र का वितरण भी किया जाएगा।
भिलाई / शौर्यपथ / घोडग़ी पारा सिरसा कला मे खतरनाक मलेरिया फेलसी फेरम ने दस्तक दे दी है वार्ड न 37 निर्मलकर परिवार मे एक सदस्य को बुखार की शिकायत थी जिला मलेरिया विभाग मे जाचं उपरांत उसकी रिपोर्ट पाजिटिव आई है शहरी स्वास्थ्य कार्यक्रम चरोदा भिलाई 3 के प्रभारी बीईईटीओ सैय्यद असलम ने बताया कि सिरसा कला वार्ड एक परिवार के एक सदस्य को फेलसी फेरम पाजिटिव आया है उसके बाद काम्बेट टीम लगाकर रैपिड फीवर सर्वेक्षण कारकर मलेरिया रक्त पटिका बनाई गई है जिनका जांच भिलाई 3 मे लैब मे कराया जाएगा। मुख्य चिकित्सा एंव स्वास्थ्य अधिकारी डा गंभीर सिंह ठाकुर ने बताया कि इस सीजन मे मलेरिया लार्वा अधिक एक्टिव हो जाता है मचछर बढ जाते इसलिए जुन माह से इसके प्रतिरोधक रोकथाम गतिविधि शुरू कर दी जाती है। खंड चिकित्सा अधिकारी डा आशीष शर्मा व भिलाई 3 के चिकित्सा अधिकारी डा पीयम सिह ने बताया फेलसी फेरम मलेरिया जान लेवा हो सकता है यदि समय पर मरीज का उपचार नहीं हो तो इसलिए बुखार आने पर मलेरिया जाचं जरूर कराऐ ।
राजनांदगांव / शौर्यपथ / अयोध्या में श्रीराम मंदिर निर्माण के लिए भूमिपूजन होने पर जहां पूरा देश उत्सव मनाया। वहीं शहर के मोतीपुर में भी दीपावली मनाई गई। युवाओं ने घर-घर एवं मंदिरों में भगवा झंडे लगाए। वार्डवासियों ने भी अपने घरों में दीप जलाए, घरों के आंगन में रंगोलियां बनाई, फटाखे फोड़े, दीपदान कर भगवान श्रीराम की पूजा अर्चना की।
गोबर से निर्मित पानी में तैरने वाले दीपक से किया गया दीपदान-
इस उत्सव की घड़ी में मां पंचगव्य अुनसंधान केन्द्र ग्राम लिटिया द्वारा उपलब्ध गोबर से निर्मित पानी में तैरने वाले दीपक से वार्डवासियों ने मोतीपुर के तालाब में दीपदान भी किया। संस्था के प्रभारी आर्य प्रमोद कश्यप ने बताया कि गोबर का दीया प्रकृति के अनुकूल रहता है एवं जल को स्वच्छ बनाता है। साथ ही यह जल को प्रदूषित होने से बचाता है।
रायपुर / शौर्यपथ / वन विभाग को कवर्धा वनमंडल के अंतर्गत भारेमदेव वन्य प्राणी अभ्यारण चिल्फी परिक्षेत्र नंदनी टोला में 29 जुलाई को मृत एक नर बायसन प्रकरण को महज 05 दिनों में सुलझाने में बड़ी कामयाबी मिली है। इसमें ग्राम कुमान और नंदनी गांव के सभी 9 आरोपियों के विरूद्ध अपराध दर्ज कर गिरफ्तार करते हुए जेल भेज दिया गया है।
इस पूरे प्रकरण को सुलझाने में एक ओर जहां वन विभाग के वरिष्ठ अधिकारियों का मागर्दशन रहा तो वहीं दूसरी ओर आरोपियों की पहचान करने में अचानकमार टाईगर रिजर्व के जर्मन शेफर्ड स्निफर डॉग नेरो से भी अहम मद्द मिली। ग्राम कुमान और नंदनी गांव के 9 ग्रामीणों द्वारा वन्यप्राणी बायसन की अवैध शिकार की नीयत से जी.आई. विद्युत तार के करंट का उपयोग कर उक्त घटना को अंजाम दिया गया था। कवर्धा वन मंडल की टीम द्वारा 4 अगस्त को 9 आरोपियों को जी.आई.तार से बिजली का करंट देकर वन्य प्राणी बायसन के अवैध शिकार के अपराध में गिरफ्तार किया गया। इनके विरूद्ध वन्य प्राणी (संरक्षण) अधिनियम तथा भारतीय वन अधिनियम के अंतर्गत अपराध पंजीबद्ध किया गया। वन्य प्राणी गौर या बायसन के अवैध शिकार के प्रकरण में सभी नौ आरोपियों को कवर्धा वन मंडल द्वारा चालान कर न्यायालय के समक्ष प्रस्तुत किया गया, जहां न्यायालय के आदेश के तहत गिरफ्तार किए गए सभी 9 आरोपियों को जेल भेज दिया गया है।
रायपुर / शौर्यपथ / प्रतिवर्ष की भांति इस वर्ष भी प्रदेश में स्वतंत्रता दिवस, 15 अगस्त गरिमामय तरीके से मनाया जाएगा। इस वर्ष कोविड-19 महामारी को ध्यान में रखते हुए विशेष सावधानी बरतते हुए आयोजन किए जाएंगे। राज्य शासन के सामान्य प्रशासन विभाग ने स्वतंत्रता दिवस समारोह के आयोजन के संबंध में दिशा-निर्देश जारी किए है। जिसके तहत भारत सरकार गृह मंत्रालय एवं स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्रालय द्वारा कोविड-19 से बचाव हेतु जारी सभी निर्देशों का पालन एवं उपाय सुनिश्चित करते हुए कार्यक्रम आयोजित करने के निर्देश दिए गए हैं।
जारी निर्देश के तहत स्वतंत्रता दिवस का राज्य स्तरीय समारोह राजधानी रायपुर में स्थानीय पुलिस परेड ग्राउंड में आयोजित होगा जहां पर मुख्यमंत्री श्री भूपेश बघेल ध्वजारोहण करेंगे। ध्वजारोहरण उपरांत पुलिस एवं अद्र्धसैनिक बलों की टुकडिय़ों द्वारा सलामी दी जायेगी। मुख्यमंत्री के द्वारा जनता के नाम संदेश दिया जाएगा। कार्यक्रम में कोरोना वारियर्स डॉक्टरों, पुलिस कर्मियों, स्वास्थ्य कर्मियों एवं स्वछता कर्मियों को विशेष रूप से आमंत्रित करते हुए उन्हें सम्मानित किया जाएगा। कार्यक्रम में आने वाले सभी लोगों को मास्क पहनना और सामाजिक दूरी आदि का पालन करना अनिवार्य होगा।
इसी तरह जिला स्तर पर स्वतंत्रता दिवस समारोह में मुख्य अतिथि के द्वारा ध्वजारोहरण किया जाएगा। इसके उपरांत पुलिस एवं नगर सैनिकों की टुकडिय़ों द्वारा सलामी दी जाएगी। मुख्य अतिथि के द्वारा प्रदेश के मुख्यमंत्री द्वारा जनता के नाम प्रेषित संदेश का वाचन किया जाएगा। जिला स्तरीय कार्यक्रम में भी कोरोना वारियर्स डॉक्टरों, पुलिस कर्मियों, स्वास्थ्य कर्मियों एवं स्वछता कर्मियों को विशेष रूप से आमंत्रित कर उन्हें सम्मानित किया जाएगा। कार्यक्रम में आने वाले सभी लोगों को मास्क पहनना और सामाजिक दूरी आदि का पालन करना अनिवार्य होगा।
स्वतंत्रता दिवस के अवसर पर तहसील एवं जनपद स्तर पर सार्वजनिक समारोह आयोजित नहीं होंगे। जनपद कार्यालयों में जनपद अध्यक्ष एवं नगरीय निकायों में नगरीय निकाय के महापौर या अध्यक्षों द्वारा ध्वजारोहरण किया जाएगा। पंचायत मुख्यालयों में सरपंच द्वारा एवं बड़े गांवों में गांव के मुखिया द्वारा ध्वजारोहण किया जाएगा और सामूहिक रूप से राष्ट्रीय गान गाया जाएगा। सामान्य प्रशासन विभाग के दिशा-निर्देशों के अनुसार राज्य, जिला, ब्लाक एवं पंचायत स्तर पर आयोजित होने वाले कार्यक्रमों में किसी भी स्थिति में स्कूली छात्र-छात्राओं को एकत्र नहीं किया जाएगा। आयोजित कार्यक्रमों में सांस्कृतिक कार्यक्रमों का आयोजन नहीं किया जाएगा। गणमान्य अतिथियों को भी सीमित संख्या में आमंत्रित किया जाएगा। बैठक व्यवस्था में सामाजिक एवं व्यक्तिगत दूरी का विशेष रूप से पालन किया जाएगा।
प्रदेश की राजधानी रायपुर एवं अन्य जिला मुख्यालयों में आयोजित होने वाले मुख्य समारोह प्रात: 9 बजे से शुरू होंगे। इसे देखते हुए रायपुर एवं अन्य जिला मुख्यालयों में स्थित शासकीय कार्यालयों को ध्वजारोहण प्रात: 8 बजे के पूर्व सम्पन्न कर लिए जाएंगे ताकि उन कार्यालयों के अधिकारी और कर्मचारी जिले के मुख्य समारोह में शामिल हो सके। सभी विभाग के कार्यालय प्रमुखों द्वारा उनके कार्यालय में ध्वजारोहरण का कार्यक्रम आयोजित किया जाएगा। इसके पश्चात् राष्ट्रीय गान जन-गण-मन गाया जाएगा। सभी शासकीय एवं सार्वजनिक भवनों पर राष्ट्रीय ध्वज फहराया जाएगा। स्वतंत्रता दिवस 15 अगस्त को रात्रि में प्रदेश के सभी शासकीय एवं सार्वजनिक भवनों तथा राष्ट्रीय महत्व के स्मारकों पर रोशनी की जाएगी।
भाजपा की मोदी सरकार की आदिवासी विरोधी चरित्र की ऊपज शहीद महेन्द्र कर्मा तेंदूपत्ता संग्राहक सामाजिक सुरक्षा योजना-कांग्रेस
12.50 लाख तेंदूपत्ता संग्राहकों उनके परिवारों को होगा फायदा
तेंदूपत्ता संग्राहकों के बीमा पर घड़ियाली आंसू बहाने वाले बृजमोहन अग्रवाल मोदी सरकार से पूछे बीमा क्यो बन्द किया ?
रायपुर / शौर्यपथ / कांग्रेस ने तेंदूपत्ता संग्राहको के लिए शुरू की गई तेंदूपत्ता संग्राहक सामाजिक सुरक्षा योजना शुरू किए जाने के लिए मुख्यमंत्री भूपेश बघेल का आभार व्यक्त किया है। प्रदेश कांग्रेस के प्रवक्ता सुशील आनंद शुक्ला ने कहा कि भाजपा की मोदी सरकार की आदिवासी विरोधी चरित्र की उपज है यह योजना। मोदी सरकार ने तेंदूपत्ता संग्रहको के लिए चलाई जाने वाले बीमा को बंद कर दिया था इस कारण राज्य सरकार को यह योजना लागू करना पड़ा ताकि तेंदूपत्ता श्रमिको उनके परिवारों को सामाजिक सुरक्षा दी जा सके। शहीद महेन्द्र कर्मा तेंदूपत्ता संग्राहक सामाजिक सुरक्षा योजना में तेंदूपत्ता संगहण कार्य में लगे पंजीकृत संग्राहक परिवार के मुखिया (50 वर्ष से अधिक आयु नहीं होने की स्थिति में) की सामान्य मृत्यु पर नामांकित व्यक्ति अथवा उत्तराधिकारी को 2 लाख रूपए की अनुदान सहायता राशि प्रदान की जाएगी। दुर्घटना से मृत्यु होने पर दो लाख रूपए अतिरिक्त प्रदान किया जाएगा। दुर्घटना में पूर्ण विकलांगता की स्थिति में 2 लाख रूपए और आंशिक विकलांगता की स्थिति में एक लाख रूपए की सहायता अनुदान राशि दी जाएगी।
योजना के अंतर्गत यदि संग्राहक परिवार के मुखिया की 50 से 59 आयु वर्ष के बीच सामान्य मृत्यु होती है, तो 30 हजार रूपए, दुर्घटना में मृत्यु होने पर 75 हजार रूपए, दुर्घटना में पूर्ण विकलांगता की स्थिति पर 75 हजार रूपए और आंशिक विकलांगता की स्थिति में 37 हजार 500 रूपए की सहायता अनुदान राशि परिवार के नामांकित व्यक्ति अथवा उत्तराधिकारी को दी जाएगी।
छत्तीसगढ़ राज्य में तेंदूपत्ता संग्रहण में लगे परिवारों को सामाजिक सुरक्षा प्रदान करने के उद्देश्य से वन विभाग एवं छत्तीसगढ़ राज्य लघु वनोपज सहकारी संघ मर्यादित के समन्वय से यह योजना प्रारंभ की गयी है। इस योजना का क्रियान्वयन छत्तीसगढ़ राज्य लघु वनोपज सहकारी संघ द्वारा किया जाएगा, जिसमें संबंधित जिला यूनियन द्वारा ही एक माह के अंदर प्रकरणों का निराकरण करते हुए सहायता अनुदान की राशि सीधे संग्राहकों के बैंक खातों में प्रदाय की जाएगी।
कांग्रेस प्रवक्ता सुशील आनंद शुक्ला ने कहा कि तेंदूपत्ता संग्रहको के बीमा के बारे में लगातार बयानबाजी करने वाले बृजमोहन अग्रवाल में साहस हो तो अब वे मोदी सरकार से पूछे उसने तेंदूपत्ता संग्रहको का बीमा करना क्यो बन्द किया था? राज्य सरकार तेंदूपत्ता संग्राहकों के सामाजिक सुरक्षा एवं आर्थिक सुदृढ़ता सुनिश्चित करने हेतु वचनबद्ध है। राज्य में तेंदूपत्ता संग्रहण दर 2500 रूपए प्रति मानक बोरा से बढ़ाकर 4000 रूपए प्रति मानक बोरा की गई है। यह कांग्रेस सरकार की अपने घोषणा पत्र के वायदों को पूरा करने की प्रतिबद्धता को बताता है।
दुर्ग / शौर्यपथ / स्टेट वेयर हाउसिंग कार्पोरेशन के चेयरमेन अरुण वोरा ने गोधन न्याय योजना को मुख्यमंत्री भूपेश बघेल की दूरदर्शी सोच का परिणाम बताया है। उन्होंने कहा कि यह योजना राज्य के वर्तमान पीढ़ी के साथ ही आने वाले पीढ़ियों के लिए वरदान साबित होगी। देश में यह अपनी तरह की पहली और अनूठी योजना है। पशुपालकों से 2 रुपए प्रति किलो की दर से गोबर खरीदी कर गौठानों में वर्मी कम्पोस्ट बनाकर इसकी बिक्री से पशुपालकों को आर्थिक लाभ होगा। खेतों में केमिकल खाद से पैदा होने वाले अनाज और सब्जियों की जगह अब जैविक खाद से अनाज और फल-सब्जियों का उत्पादन होगा।
वोरा ने कहा कि गोधन न्याय योजना का क्रियान्वयन होने से किसानों को सस्ती दर पर जैविक खाद मिलेगा। गोबर खरीदी की व्यवस्था से पशुपालक अपने घर पर ही पशुओं को बांधकर रखेंगे। इससे पशु फसल को नुकसान नहीं पहुंचा पाएंगे और शहर और गांव के गली-कूचों में जगह-जगह गोबर के अवशेष नहीं मिलेंगे। इससे स्वच्छता को बढ़ावा मिलेगा। गोबर खरीदी की व्यवस्था से पशुपालकों के साथ-साथ वर्मी कम्पोस्ट तैयार करने वाली महिला स्वसहायता समूहों और पशुपालकों को भी आमदनी होगी। इससे उनकी आर्थिक स्थिति में सुधार आएगा।
गौरतलब है कि मुख्यमंत्री भूपेश बघेल द्वारा आज 5 अगस्त को गोधन न्याय योजना के तहत राज्य के 46 हजार 964 गोबर विक्रेता पशुपालकों को गोबर खरीदी का भुगतान करने की प्रक्रिया शुरू की जा रही है। राज्य के गोबर विक्रेताओं को एक करोड़ 65 लाख 42 हजार रूपए का भुगतान उनके खाते में ऑनलाईन होगा। श्री वोरा ने गोबर विक्रता पशुपालकों को बधाई और शुभकामनाएं दी है। श्री वोरा ने गोधन न्याय योजना के लिए मुख्यमंत्री भूपेश बघेल के प्रति आभार जताया है।
दुर्ग / शौर्यपथ / महापौर धीरज बाकलीवाल की बड़ी माॅ जी द्वारा बड़े पुण्योदय के साथ अपने जीवन को सार्थक करने हेतु सल्लेखना व्रत धारण कर 105 आर्यिक तपोमति माताजी के संघ के सानिध्य में डोंगढ़गड़ में नश्वर शरीर का त्याग किया गया। जिनका अंतिम संस्कार आज 5 अगस्त बुधवार को दुर्ग के शिवनाथ नदी रोड में स्थित नसिया में किया गया।
श्रीमती भगवती देवी के अंतिम संस्कार में स्टेट वेयरहाउसिंग काॅरपोरेशन अध्यक्ष माननीय अरुण वोरा जी, महापौर धीरज बाकलीवाल, एमआईसी मेम्बर अब्दुल गनी, ऋषभ जैन, मनदीप सिंी भाटिया, अनुप चंदानियाॅ, वरिष्ठ पार्षद मनद जैन, पार्षद विजयेन्द्र भारद्वाज, मनीष बघेल, कांग्रेस नेता फत्तेसिंह भाटिया, अलताफ अहमद, राजेश शर्मा, सहित अध्यक्ष श्री दिगंबर जैन पंचायत के पदाधिकारी सैकड़ों की संख्या के अलावा खण्डेलवाल पंचायत के अध्यक्ष एवं पदाधिकारी, और सदस्य एवं परिवार के सदस्य धीसुलाल, मदनलाल बाकलीवाल, सुरजमल, प्रकाशचंद बाकलीवाल, छितरमल महेन्द्र कुमार बाकलीवाल, निर्मलकुमार, सुशील कुमार, राजेन्द्र कुमार बाकलीवाल एवं समस्त बाकलीवाल परिवार अधिक संख्या में उपस्थित थे ।
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