August 05, 2026
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    शौर्यपथ

    शौर्यपथ

    ओपिनियन /शौर्यपथ / उत्तर प्रदेश के गाजियाबाद की एक छोटी सी कॉलोनी है कौशांबी। गाजियाबाद विकास प्राधिकरण की इस कॉलोनी की अकेली विशेषता यही है कि यह बिल्कुल दिल्ली की सीमा पर है। सड़कके इस पार कौशांबी है, उस पार दिल्ली के पटपड़गंज और आनंद विहार। आनंद विहार की गिनती दिल्ली के सबसे प्रदूषित इलाकों में होती है और जिन दिनों यह प्रदूषण अपने चरम पर पहुंचता है, तो जिस सबसे नजदीकी रिहाइशी बस्ती को इसका प्रकोप झेलना पड़ता है, वह कौशांबी ही है। इसी कौशांबी में रहने वाला एक शख्स साल 2011 में भ्रष्टाचार के खिलाफ एक बड़ा आंदोलन खड़ा करके रातों-रात राष्ट्रीय परिदृश्य पर छा गया था। आंदोलन का असर इतना ज्यादा हुआ कि कुछ ही महीनों के भीतर जब विधानसभा के चुनाव हुए, तो दिल्ली की जनता ने उस शख्स को मुख्यमंत्री की कुरसी तक पहुंचा दिया।
    जब तक उनकी शर्तों के हिसाब से दिल्ली में मुख्यमंत्री निवास का इंतजाम नहीं हो गया, अरविंद केजरीवाल मुख्यमंत्री पद की शपथ लेने के कई दिन बाद तक कौशांबी के अपने फ्लैट से ही काम करते रहे। यानी कुछ दिनों के लिए दिल्ली के मुख्यमंत्री का निवास उत्तर प्रदेश में था। उन दिनों यह भी कहा जाता था कि अरविंद केजरीवाल दिल्ली के पहले अनिवासी मुख्यमंत्री हैं। उनके मुख्यमंत्री बनने से उन दिनों अगर कोई सबसे ज्यादा खुश था, तो कौशांबी के निवासी, क्योंकि उनके बीच का एक शख्स दिल्ली का मुख्यमंत्री बन गया था।
    लेकिन अब शायद कौशांबी के यही लोग सबसे ज्यादा निराश भी होंगे। दिल्ली का सबसे ज्यादा प्रदूषण सूंघने वाले इन लोगों के लिए दिल्ली के अस्पतालों के दरवाजे अब बंद हो गए हैं। कोरोना-काल में अरविंद केजरीवाल सरकार ने आदेश जारी करके दिल्ली के अस्पतालों को अब दिल्ली निवासियों के लिए ही आरक्षित कर दिया है। गाजियाबाद ही नहीं, नोएडा, गुड़गांव (अब गुरुग्राम), फरीदाबाद और सोनीपत वगैरह दिल्ली के पड़ोसी जिलों में रहने वाले अब दिल्ली के किसी सरकारी या सरकारी मदद से चल रहे अस्पताल में अपना इलाज नहीं करा सकेंगे, भले ही उन्हें मर्ज दिल्ली से ही क्यों न मिला हो।
    पिछले दिनों जब दिल्ली में कोविड-19 का संक्रमण तेजी से बढ़ने लगा, तो हरियाणा और उत्तर प्रदेश की सरकारों ने दिल्ली से लगी अपनी सीमाओं को सील कर दिया। यह ठीक है कि दिल्ली में कोरोना संक्रमण काफी तेजी से फैल रहा है और मुंबई के बाद यह संक्रमण का सबसे घना क्षेत्र बन गया है, लेकिन सिर्फ इसी से पूरी दिल्ली के साथ संक्रमण क्षेत्र जैसा व्यवहार करते हुए सीमाओं को सील करने की काफी आलोचना हुई। यह एक तरह से राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र की उस अवधारणा को भी नकारना था, जिसका लाभ प्रत्यक्ष और परोक्ष रूप से इन दोनों राज्यों को भी मिलता है, लेकिन अब अरविंद केजरीवाल ने इलाज के लिए भी दिल्ली के दरवाजे बंद करके इस अवधारणा को नए रसातल में पहुंचाने की तैयारी कर ली है।
    गाजियाबाद, नोएडा, गुड़गांव, फरीदाबाद और सोनीपत में कौन लोग रहते हैं? ये ज्यादातर वे लोग हैं, जो या तो सीधे दिल्ली में काम करते हैं या उनके रोजगार किसी न किसी तरह से दिल्ली से जुड़े हुए हैं। ये हर सुबह दिल्ली पहुंचते हैं, दिन भर उसकी जीडीपी में योगदान देते हैं और शाम को थके-हारे मेट्रो, बस, टैंपो वगैरह में धक्के खाते हुए अपने घर वापस आ जाते हैं। पिछले तीन-चार दशक में दिल्ली के भूगोल में यह गुंजाइश लगातार खत्म होती जा रही है कि वह अपने ऐसे सभी कामगारों, पेशेवरों और कारोबारियों को छत मुहैया कर सके। दिल्ली को उन सबकी जरूरत है, पर वह उनकी आवास जरूरत को पूरी करने की स्थिति में नहीं है। सीमित जगह होने के कारण दिल्ली में जमीन-जायदाद की कीमतें भी इस तरह आसमान पर जा पहुंची हैं कि बहुत समृद्ध लोगों के लिए भी वहां आवास बनाना अब आसान नहीं रह गया है। जो सुबह से शाम तक दिल्ली को समृद्ध बनाने में जुटते हैं, वे कभी ऐसी हैसियत में नहीं पहुंच पाते कि वहां अपना घर बना सकें। ऐसे लोग पड़ोसी जिलों में शरण लेने को मजबूर होते हैं और वहां के ‘प्रॉपर्टी बूम’ का कारण बनते हैं। इसमें कोई नई बात भी नहीं है। दुनिया भर में यही होता है। आगे बढ़ते और तरक्की करते हुए नगर इसी तरह विस्तार पाते हैं और फिर महानगर में तब्दील हो जाते हैं।
    यही वे स्थितियां रही होंगी, जिनके चलते कभी अरविंद केजरीवाल को कौशांबी में घर लेने को मजबूर होना पड़ा होगा। दिल्ली के जीवन में उन्होंने अपना योगदान पहले नौकरी करके दिया, उसके बाद एक लोकतांत्रिक जनांदोलन चलाकर और फिर उसकी पूरी राजनीति को बदलकर। दिल्ली में हर रोज आने-जाने वाले बाकी लोगों का योगदान हो सकता है कि किसी को इतना उल्लेखनीय न लगे, पर वे भी योगदान तो देते ही हैं।
    बहरहाल, दिल्ली सरकार के ताजा फैसले ने बता दिया है कि जिनके लिए इस शहर के भूगोल में जगह नहीं है, उनके लिए स्थानीय सरकार के दिल में भी जगह नहीं है। यह फैसला उस समय हुआ है, जब लॉकडाउन खुलने के बाद कोरोना वायरस का संक्रमण दिल्ली में काफी तेजी से फैल रहा है और पड़ोसी जिलों के तमाम लोग इस जोखिम के बीच हर रोज दिल्ली जाने और वहां से लौटने को मजबूर हैं। दिल्ली में उनके लिए संक्रमण की आशंकाएं अपने निवास वाले जिले से कहीं अधिक हैं, पर दिल्ली में उनके इलाज की संभावनाएं अब शून्य हो चुकी हैं। दुर्भाग्य यह है कि जिन जिलों में उनका निवास है, वहां चिकित्सा सुविधाएं इसी सोच के साथ बहुत ज्यादा विकसित नहीं की गईं कि पड़ोस में दिल्ली तो है ही, पर अब दिल्ली ने भी हाथ झाड़ लिए हैं।
    (ये लेखक के अपने विचार हैं) हरजिंदर, वरिष्ठ पत्रकार

     

    रायपुर / शौर्यपथ / प्रदेश कांग्रेस प्रवक्ता सुरेन्द्र वर्मा ने कहा है कि लगातार 15 साल भष्टाचार और कमीशनखोरी में डूबे रहे भारतीय जनता पार्टी के नेता अब तक अहंकार और आत्ममुग्धता की अवस्था से बाहर ही नहीं आ पा रहे है! तथ्यहिन और आधारहीन बयानबाजी करके वर्चुअल दुनिया में जीने वाले भारतीय जनता पार्टी के नेता अब वर्चुअल रैली का सहारा लेने की बात कर रहे हैं! असल बात यह है कि छत्तीसगढ़ में भारतीय जनता पार्टी ना केवल प्रदेश के जनता का विश्वास खो चुकी है बल्कि अब भारतीय जनता पार्टी के कार्यकर्ता भी भारतीय जनता पार्टी पर विश्वास नहीं कर पा रहे हैं।
       वर्मा ने कहा है कि विगत विधानसभा चुनाव 2018 के समय भारतीय जनता पार्टी के आंकड़ों के अनुसार ही छत्तीसगढ़ में लगभग 57 लाख मिस्ड कॉल कार्यकर्ता थे लेकिन भारतीय जनता पार्टी को 2018 के विधानसभा चुनाव में केवल 40 लाख वोट प्राप्त हुए! अब विष्णुदेव साय ने नए सदस्य जोड़ने के बाद 30 हज़ार लोगों को वर्चुअल रैली में शामिल करने का लक्ष्य रखा है!
    विधानसभा चुनाव में 15 सीटों पर सिमटनें के बाद लगातार दो उपचुनाव में भी करारी शिकस्त मिली! नगरी निकाय चुनाव और पंचायत चुनाव में भी भारतीय जनता पार्टी को प्रदेश की जनता ने पूरी तरह से नकार दिया! लगातार खिसकते जनाधार से भारतीय जनता पार्टी के नेता मानसिक दिवालियेपन की अवस्था में पहुंच चुके हैं! नान और धान घोटालो के गुनाहगारों को छत्तीसगढ़ की जनता जान भी चुकी है और समझ भी चुकी है! अंतागढ़ में लोकतंत्र का गला घोटने वाले असल गुनहगार भी बेनकाब हो चुके हैं! प्रदेश में शिक्षा और स्वास्थ्य व्यवस्था की बदहाली के जिम्मेदारों को भी छत्तीसगढ़ की जनता ने पहचान लिया है।
    प्रदेश कांग्रेस प्रवक्ता सुरेन्द्र वर्मा ने कहा है कि 15 साल के कुशासन और 15 महीने के सुशासन में यह स्पष्ट हो चुका है की कौन सी सरकार जो 2100/- समर्थन मूल्य और ₹300/- बोनस के नाम पर लगातार किसानों से वादाखिलाफी करती रही और कौन सी सरकार है जिन्होंने न केवल तत्काल किसानों की ऋणमाफी की, बल्कि तमाम व्यवधानों और अड़ंगों के बीच धान का समर्थन मूल्य भी पूरे देश में सर्वाधिक ₹2500/- प्रति क्विंटल देने का काम किया है! आदिवासी परिवार को जर्सी गाय, किसानों को 5 एचपी के बिजली बिल माफ जैसे भाजपा के तमाम वादे केवल वचनपत्र तक ही सीमित रहे! वही डेढ़ साल के भीतर कांग्रेस द्वारा किए गए 36 में से 22 बड़े वादे पूरे कर भूपेश सरकार ने जनता का विश्वास जीता है!
    आपदा काल में भी भारतीय जनता पार्टी के तमाम नेता कहीं भी जनता की सुविधा और मदद के लिए काम करते हुए नहीं दिखे! जनता के केयर की चिंता के बजाय भाजपा नेताओं को पीएम के केयर फंड की अधिक चिंता रही! आपदा काल में श्रमिकों की दुर्दशा, भूख और थकान के असल गुनाहगार केंद्र की मोदी सरकार और भारतीय जनता पार्टी के नेता अब उनसे माफी मांगने के बजाय कोरोना संक्रमण के लिए इन्हें ही जिम्मेदार ठहराने लगे हैं!
          भाजपा अध्यक्ष द्वारा प्रदेश वापस लौटे श्रमिकों को छोटा आदमी कहां जाना भारतीय जनता पार्टी के पूंजीवादी मानसिकता को प्रमाणित करता है! असलियत यह है कि भारतीय जनता पार्टी में कार्यकर्ताओं और स्थानीय जनाधार वाले नेताओं के हक का गला घोटने की प्रवृत्ति चरम पर है!
           रमन सिंह के दागी चेहरे को छत्तीसगढ़ की जनता के साथ ही भाजपा के शीर्ष नेतृत्व ने भी पहचान लिया है और इसी लिए सीधे तौर स्वीकार करने से बच रही है! रामविचार नेताम, ननकीराम कंवर, कृष्णमूर्ति बांधी, बृजमोहन अग्रवाल, अजय चंद्राकर, विजय बघेल, प्रेम प्रकाश पांडे और केदार कश्यप जैसे नेताओं की उपेक्षा कर विष्णुदेव साय को अध्यक्ष बनाना भाजपा के अधिनायकवादी और पूंजीवादी मजबूरी को प्रमाणित करता है! छत्तीसगढ़ में भारतीय जनता पार्टी का रिमोट कंट्रोल रमन सिंह के हाथ में ही बनाए रखना भारतीय जनता पार्टी के राष्ट्रीय नेतृत्व की मजबूरी को ही साबित करता है!
    आपदा के दौरान छत्तीसगढ़ के भारतीय जनता पार्टी के नेता, जनता की मदद करने के बजाय ग़लत बयानी कर उनके जख्मों पर नमक छिड़कने का काम कर रहे हैं! प्रदेश के सीएसआर फंड विभिन्न माध्यमों से प्राप्त दान और सहयोग राशि के साथ ही भाजपा के सांसदों के वेतन और सांसद निधि का पैसा भी राज्य के हक को बाईपास करके इनके द्वारा पीएम केयर फंड में जमा कराया गया।

    राजनांदगांव / शौर्यपथ / शासकीय अंग्रेजी माध्यम उच्चतर माध्यमिक शाला राजनांदगांव में प्रवेश प्रारंभ हो रहा है। जिसका संचालन सर्वेश्वर दास नगर पालिक निगम उच्चतर माध्यमिक शाला में किया जाना है। शाला में कक्षा पहली से कक्षा 12वीं तक की कक्षाएं लगेंगी।
    स्कूल की प्राचार्य श्रीमती आशा मेनन ने बताया कि कक्षा पहली, दूसरी, तीसरी में किसी भी माध्यम से आए हुए विद्यार्थियों को प्रवेश दिया जाएगा। कक्षा 4थी से कक्षा 12वीं तक अंग्रेजी माध्यम से अध्ययनरत विद्यार्थियों को प्रवेश दिया जाएगा। कक्षा 11वीं से विज्ञान समूह के विद्यार्थियों को ही प्रवेश दिया जाएगा। प्रवेश आवेदन पत्र सर्वेश्वर दास नगर पालिक निगम विद्यालय राजनांदगांव में 15 जून से उपलब्ध होंगे।

    राजनांदगांव / शौर्यपथ / कलेक्टर टोपेश्वर वर्मा ने राजनांदगांव शहर के शंकरपुर वार्ड में कोरोना पॉजिटिव मरीज मिलने के बाद इस क्षेत्र का निरीक्षण किया। कलेक्टर श्री वर्मा ने शंकरपुर क्षेत्र को कन्टेंटमेंट जोन घोषित करने के निर्देश दिए हैं। उन्होंने कहा कि इस क्षेत्र में किसी भी व्यक्ति को अंदर आने और बाहर जाने की अनुमति नहीं होगी। कन्टेंटमेंट जोन में सब्जी, दूध और आवश्यक वस्तुएं उपलब्ध कराने के निर्देश अधिकारियों को दिए। श्री वर्मा ने कहा कि इस क्षेत्र में जिन परिवारों को पीडीएस से राशन नहीं मिला है उन्हें प्राथमिकता से उपलब्ध कराएं।
    उन्होंने ने कहा कि कोई भी बिना कारण घर से बाहर न निकले। इस क्षेत्र में पुलिस बल तैनात करने के निर्देश दिए और कहा कि जोन में सतर्कता के साथ कड़ी निगरानी रखे। मौके पर मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी डॉ. मिथलेश चौधरी, आयुक्त नगर निगम चंद्रकांत कौशिक, एसडीएम राजनांदगांव मुकेश रावटे उपस्थित थे।

         रायपुर /  शौर्यपथ / मोदी सरकार के दूसरे कार्यकाल के एक साल की उपलब्धि बताने जनसंपर्क अभियान चला रहे हैं भाजपा पर कांग्रेस ने तीखी प्रतिक्रिया व्यक्त कि प्रदेश कांग्रेस प्रवक्ता धनंजय सिंह ठाकुर ने कहा कि मोदी वन की तरह ही मोदी टू का पहला साल देश और आमजनता के लिए मुसीबतों से भरा हुआ असहनीय कष्ट देने वाला साबित हुआ। मोदी वन की असफलताओं की दर्द से जनता को निजात मिला ही नही था ऐसे में मोदी टू की एक साल की असफलता नाकामी तुगलकी फरमानों ने दर्द से तड़प रही जनता पर वज्रपात किया। मोदी वन में बिना सोचे समझे लागू की गई नोटबन्दी और जीएसटी के जख्म अभी भरे नही है कि मोदी टू में लापरवाही के कारण कोरोना महामारी देशभर में पैर पसार चुकी है।मोदी टू में एक साल के भीतर अगर जनता के हित में कुछ काम किए होते तो आज भाजपा को देश के 10 करोड़ घर और छत्तीसगढ़ के 23 लाख परिवारों के सामने जाकर मोदी की उपलब्धियों की झूठी मनगढ़त कहानी बखान करने की आवश्यकता नहीं पड़ती। मोदी वन की असफलता के कारण देश में बेरोजगारी महंगाई बढ़ी असहिष्णुता बढ़ी,आर्थिक मंदी बढ़ी ,व्यापार-व्यवसाय तबाह हो गए, महिलाये मासूम बच्चे असुरक्षित महसूस कर रहे है। लोग एक दूसरे को घृणा भरे  निगाह से देख रहे हैं भाईचारा  खतरे में पड़ा है सामाजिक सौहार्द्र बिगड़ा हुआ है। बीमारी और अपराध में भी लोग धर्म जात पात के आधार पर देशद्रोही और देशभक्त की परिभाषा गढ़ रहे हैं।
        प्रदेश कांग्रेस प्रवक्ता धनंजय सिंह ठाकुर ने भाजपा पर तंज कसते हुए सवाल किए प्रति वर्ष 2 करोड़ युवाओं को रोजगार देने का वादा का क्या हुआ? अंतरराष्ट्रीय बाजार में क्रूड ऑयल के दाम निम्न स्तर पर है फिर देशवासियों को पेट्रोल डीजल गैस महंगे दाम पर क्यों ख़रीदने पड़ रहे हैं? मोदी सरकार के द्वारा भारत के नवरत्न कंपनियों का निजीकरण किया जा रहा है भाजपा इस पर मौन क्यों हैं? श्रम कानून में बदलाव कर  श्रमिकों के साथ अमानवीय बर्ताव किया जा रहा है भाजपा इस पर मौन क्यों हैं? 2014 में स्वामीनाथन कमेटी के सिफारिश के अनुसार लागत मूल्य का डेढ़ गुना दाम देने का वादा भाजपा ने किया था मोदी सरकार के किसानों के साथ कि गई वादाखिलाफी पर भाजपा मौन क्यों है? धान का समर्थन मूल्य ₹53 बढ़ाने से 2022 में किसानों की आमदनी दोगुनी कैसे होगी भाजपा जवाब दें? मोदी ने कांकेर के सभा में सरकार बनने पर गरीबों के खाते में 15 लाख रुपए जमा होने का सपना दिखाया था भाजपा बताएं गरीबों के खाते में 15 लाख रुपए कब आएंगे? प्रदेश कांग्रेस प्रवक्ता धनंजय सिंह ठाकुर ने कहा कि मोदी वन और मोदी टू के असफलताओं के लिए आर एस एस और भाजपा जिम्मेदार हैं।आरएसएस भाजपा के नेता देशभर के प्रत्येक घरों में जाकर जनता से किए गए वादों को पूरा नहीं कर पाने के लिए प्रयाश्चित करे माफी मांगे।

    अन्य राज्य से आने वाले 14 दिन का होम क्वारंटाइन का पालन करें : वोरा


    दुर्ग / शौर्यपथ / कोरोना महामारी को लेकर छत्तीसगढ़ राज्य संवेदनशील स्थिति से गुजर रहा है। अब तक इससे अछूते रहे दुर्ग शहर के घनी आबादी में भी कोरोना के पॉजिटिव मरीजों की संख्या तेजी से बढऩे के कारण जनता में हड़कम्प की स्थिति निर्मित हो गई है। अब प्रशासनिक अमले को ज्यादा सतर्कता से काम करना होगा। विधायक अरुण वोरा ने कलेक्टर से चर्चा कर कहा कि बीते कुछ दिनों से क्वारेंटाइन सेंटर में फिजिकल डिस्टेंसिंग व होम क्वारंटाइन का पालन नही होने की शिकायत मिल रही हैं। सेंटर में रहने वाले प्रवासी श्रमिकों समेत अन्य लोगों के फिजिकल डिस्टेंसिंग का पालन सुनिश्चित करने में लापरवाही होने पर निगम क्षेत्र में भी कोरोना बम फूट सकता है। प्रशासन द्वारा नियुक्त क्वारंटीन सेंटर के नोडल अधिकारी को इसका पालन कड़ाई से कराना होगा तथा नियमित मॉनिटरिंग करने अफसरों की ड्यूटी लगाने और इसे क्रास चेक करने की व्यवस्था भी की जानी चाहिए। जिला मुख्यालय दुर्ग के सभी 60 वार्डों में सेनिटाइजेशन का सघन अभियान सतत् जारी रहे। दूसरे राज्यों से आने वाले प्रवासी श्रमिकों के कारण अब दुर्ग में कोरोना संक्रमित मरीजों की संख्या बढ़ी है। क्वारंटाइन सेंटरों एवं शासकीय व अशासकीय कार्यालय तथा सार्वजनिक स्थानों में साफ.-सफाई, दवा का छिड़काव, बार.बार हाथ धोने की सुविधा से संक्रमण से बचाव के लिए अन्य जरूरी उपायों का कड़ाई से पालन सुनिश्चित करने आवश्यकता हैं। शहर के बाजारों, दुकानों व अन्य व्यवसायिक उपक्रमों में भी फिजिकल डिस्टेंसिंग का पालन करने के लिए सतर्कता जरुरी है। इसमें ढील देने या लापरवाही होने पर दुर्ग में कोरोना महामारी तेजी से फैल सकती है। वार्डो के जनप्रतिनिधि एवं जनता के द्वारा दूसरे राज्यों से आने वालो की जानकारी पर नगर निगम, स्वास्थ्य विभाग व पुलिस विभाग तत्काल उन्हे चिन्हित कर हेल्थ परीक्षण व घर से बाहर ना निकले 14 दिनों तक होम क्वारंटाइन का पालन करवाएं।

    क्वारन्टीन जोन में, क्वारन्टीन सेंटर में तथा होम क्वारन्टीन में रह रहे लोगों की पुख्ता मॉनिटरिंग होती रहे


       दुर्ग / शौर्यपथ / कोरोना संक्रमण के नियंत्रण की समीक्षा को लेकर आज एक महत्वपूर्ण बैठक कलेक्ट्रेट में आयोजित की गई। बैठक में कलेक्टर डॉक्टर सर्वेश्वर नरेंद्र भूरे ने कहा कि जिले में कुछ दिनों से लगातार कोरोना के नए मामले आ रहे है। ऐसी स्थिति में पहले की तरह ही पूरी सावधानी व सतर्कता की जरुरत है। हर स्तर पर संक्रमण को रोकने के साथ-साथ लोगों को इस संक्रमण से बचाने निरंतर जनजागरूकता की आवश्यकता है। उन्होंने जिले के सभी राजस्व अनुभागों के अनुविभागीय राजस्व अधिकारी व नगरीय निकायों के आयुक्त को इस पूरे काम में बडी सार्थक भूमिका के साथ दायित्वों का पालन करने कहा है।
           कलेक्टर ने कहा कि हमेशा की तरह कोरोना संक्रमण को थामने रिस्पांस टाइम का बडा महत्व है। कोरोना के संक्रमण को रोकने के साथ ही किसी भी क्वारन्टीन सेंटरध्होम क्वारेंटाईन में किसी व्यक्ति का रिपोर्ट पॉजिटिव आने पर बिना समय गंवाए उसके उपचार की व्यवस्था तुरंत आरम्भ कराने तथा संपर्क में आये लोगों की ट्रेसिंग जरूरी है। कंटेन्मेंट जोन की पूरी तरह से ट्रेकिंग करने के लिए शहरी क्षेत्रों के लिए नगरीय निकाय के आयुक्तों को तथा ग्रामीण क्षेत्रों के लिए अनुविभागीय अधिकारियों को नोडल अधिकारी बनाया गया है। नगरीय निकाय क्षेत्रो में 2 या 2 से अधिक मामले आने पर नगरीय निकाय के आयुक्त सम्बंधित एसडीएम से संपर्क कर अलग-अलग टीम के साथ प्रभावित क्षेत्र का भ्रमण एवं आवश्यक कार्यवाही सुनिश्चित करेंगे। कहीं पॉजिटिव पाए जाने की स्थिति में प्रोटोकॉल अनुसार सीएमएचओ सम्बंधित एसडीएम और कमिश्नर को इसकी तत्काल सूचना देंगे जिससे सुरक्षित तरीकों के साथ आगे की कार्यवाही हो सके।
    कलेक्टर ने बैठक में कहा कि कंटेन्मेंट जोन में सुरक्षा बल लगातार मोनीटरिंग करेंगे
        उन्होंने स्वास्थ्य विभाग को आवश्यक निर्देश देते हुए कहा कि सभी कंटेन्मेंट जोनध्क्वारन्टीन सेंटर में रहने वाले लोगों की मॉनिटरिंग करें। यह सुनिश्चित करें कि होम क्वारन्टीन में रहने वाला नागरिक घर में अलग से रहे और अपनी सभी गतिविधियों का संचालन पृथक रूप से ही करे। क्वारन्टीन सेंटर में रहने वाले लोगों के खून की सेम्पल लेने की दिन से उनके क्वारेंटीन सेंटर में रहने के दिन की गणना की जाए। साथ ही निर्धारित अवधि पूरी हो जाने के बाद उसकी ब्लड सैंपल की रिपोर्ट आने के बाद ही सेंटर से उसकी छुट्टी की जाए।
          कलेक्टर ने महिला एवं बाल विकास विभाग को अपने वार्डो और ग्रामीण क्षेत्रों में सभी घरों के लोगों की आवश्यक निगरानी रखते हुए सर्दी खांसी के लक्षण होने पर अथवा सांस लेने में तकलीफ होने पर जानकारी देने कहा। साथ ही स्वास्थ्य विभाग के साथ भी समन्वय से कार्य करने कहा।
               उन्होंने कोरोना के संक्रमण को रोकने व बचाव के लिए लगे दलों के अधिकारियों को बेहद जवाबदेही से कार्य करते हुए इसे नियंत्रित करने की दिशा में कार्य करने कहा है। इस दौरान उन्होंने कहा कि जिले में अभी कुछ दिनों में और नए मामले आने की आशंका है। इसके मद्देनजर बाहर से आने वाले लोगों की पूरी सूची श्रम विभाग से लेकर स्वास्थ्य जांच कर इन्हें क्वारन्टीन सेंटर पर रखने कहा। कोई पॉजिटिव मरीज मिलने पर उसके सम्पर्क में आये सभी लोगों की हिस्ट्री तैयार कर उन सभी की जांच कराएं। जिले में पूरी तरह से संक्रमण के रोकथाम की दिशा में कार्य करने उन्होंने अधिकारियों को निर्देशित किया।

    कलेक्टर डॉ. सर्वेश्वर नरेंद्र भूरे ने किया पाटन ब्लॉक का निरीक्षण


    दुर्ग / शौर्यपथ / कलेक्टर डॉ. सर्वेश्वर नरेंद्र भूरे ने आज पाटन ब्लॉक में विभिन्न निर्माण कार्यो तथा प्रस्तावित निर्माण कार्यो के स्थलों का निरीक्षण किया। उन्होंने प्रगतिरत कार्यों के साइट का अवलोकन कर निर्माण कार्यों के संबंध में महत्वपूर्ण निर्देश दिए। साथ ही इन्हें युद्धस्तर पर कार्य कर पूरा करने के निर्देश दिए। उन्होंने उन जगहों का निरीक्षण भी किया जहां पर महत्वपूर्ण कार्य होने हैं। डॉ. भूरे कुरमीगुंडा, सेलूद, मर्रा जैसे गांवों में पहुंचे। मर्रा में उन्होंने प्रस्तावित कृषि महाविद्यालय की भूमि तथा इंडोर स्टेडियम की भूमि देखी। यहां मौजूद इंजीनियरों ने उन्हें प्रोजेक्ट के डिटेल्स के बारे में बताया। कलेक्टर ने दोनों ही प्रोजेक्ट के संबंध में विस्तार से तकनीकी पक्षों के बारे में चर्चा की। कलेक्टर सेलूद भी पहुंचे।
    यहां पर उन्होंने ऐतिहासिक प्राइमरी स्कूल के सामने ग्रामीणों से विकास कार्यों के संबंध में चर्चा की। ग्रामीणों ने यहां की समस्या रखी। ग्रामीणों ने बताया कि सडक की वजह से दिक्कत है। यह दूर हो गई तो बहुत सारी समस्याएं दूर हो जाएगी। स्कूल बिल्कुल बगल से लगा है। धूल काफी उडती है। साथ ही ग्रामीणों ने यह भी कहा कि ड्रेनेज की समस्या यहां पर है सडक निर्माण के साथ ही नाली निर्माण की दिशा में मुकम्मल कार्य होगा तो लोगों के लिए काफी राहत होगी। कलेक्टर कुरमीगुंडरा भी पहुंचे यहां पर तथा अन्य स्थलों में प्रस्तावित पौधरोपण कार्यों की उन्होंने जानकारी ली। यहां पर 15 एकउ में नींबू के पौधों का रोपण का प्रोजेक्ट है। कलेक्टर ने कहा कि पौधरोपण सबसे महत्वपूर्ण अभियान है। पूरे जिले में फलदार वृक्षों के रोपण पर काम किया जा रहा है।
    पाटन ब्लॉक में भी नींबू और मुनगा के रोपण पर कार्य किया जा रहा है ग्रामीणों से चर्चा के दौरान उन्होंने कहा कि मुनगा के रोपण से न केवल हरियाली का दायरा बढेगा अपितु इसके माध्यम से आंगनबाउियों में मुनगा वितरण कर सकेंगे। कुपोषण से लाडने में मुनगा अहम भूमिका निभाता है हिमोग्लोबिन के बढाने में एनीमिया से बचाने में मूंगा की महत्वपूर्ण भूमिका होती है। इसके अलावा फलोद्यान का दायरा बढाने का उद्देश्य यह है कि कृषि के अलावा लोगों को अतिरिक्त आय अर्जित हो सके। कलेक्टर ने इस मौके पर ग्रामीण जनप्रतिनिधियों से भी चर्चा की और उनसे प्रस्तावित विकास कार्यों के सुझाव लिए। कलेक्टर ने कहा कि सभी निर्माण कार्य तय समय पर पूरे होंगे। आजीविकामूलक गतिविधियों को ब?ावा दिया जाएगा। साथ ही पौधरोपण के कार्यक्रम को भी युद्धस्तर पर किया जाएगा। पौधों को रोपने से लेकर सहेजने तक सारी योजना बना ली गई है।
    कलेक्टर ने बताया कि पाटन शहर को प्रमुख शहरों से जोडऩे वाली महत्वपूर्ण सडकों पर बडेे पैमाने पर पौधरोपण की तैयारी कर ली गई है। दौरे में प्रशिक्षु कलेक्टर जितेंद्र यादव, एसडीएम विनय पोयाम सहित अन्य अधिकारी उपस्थित थे।

       दुर्ग / शौर्यपथ / भिलाई निगम क्षेत्र में बाहर राज्य से आने वाले लोगों को होम आइसोलेट किया जा रहा है। नोवल कोरोना वायरस के बचाव हेतु निगम क्षेत्र में अब तक कई व्यक्तियों को होम आइसोलेट किया जा चुका है ताकि संक्रमण को फैलने से रोका जा सके। आइसोलेटेड लोगों की निगरानी के लिए सभी जोन कार्यालय के अंतर्गत विशेष टीम गठित की गई है जो दिन में चार बार होम आइसोलेट के लोगों पर निगरानी रख रहे हैं। नोवल कोरोना वायरस कोविड-19 के अंतर्गत लॉक डाउन के दौरान अन्य राज्यों से आए हुए व्यक्तियों की सूची अथवा सूचना के आधार पर होम क्वॉरेंटाइन एवं निगरानी सुनिश्चित करने के लिए जोन आयुक्तों के निर्देशन में टीम गठित की गई है तथा बाहर से आने के बाद अपनी जानकारी छुपाने वालों के खिलाफ (एफआईआर) के निर्देश भी जारी किया गया है।
    भिलाई निगम क्षेत्र में कोरोना वायरस के रोकथाम हेतु हर संभव प्रयास किए जा रहे है, निगम प्रशासन आंगनबाड़ी कार्यकर्ता और शिक्षा विभाग की संयुक्त टीम बनाकर बाहर से आए हुए व्यक्तियों के घरों के बाहर होम आइसोलेशन के स्टीकर लगा रहे है। भिलाई क्षेत्र में बाहर से आए हुए व्यक्ति व परिवारों को निर्धारित अवधि तक घर पर रहने की हिदायत देने के साथ ही निगरानी की जा रही है ताकि ये लोग किसी तरह से दूसरे लोगों के संपर्क में न आए और होम क्वॉरेंटाइन का पूर्णत: पालन करें। इसके अलावा जिन लोगों को होम आईसोलेट किया गया है उनके आस पास के 6-7 घरों के परिवारों के मोबाइल नं. भी लिए जा रहे है जिनसे निगम की टीम फोन करके भी पूछताछ कर रही है कि वे लोग बाहर तो नहीं निकल रहे है इसकी जानकारी ली जा रही है। दूसरे राज्यों से आने वाले व्यक्तियों की प्रतिदिन निगरानी करने भिलाई निगम, आंगनबा?ी कार्यकर्ता व शिक्षा विभाग की संयुक्त टीम बनाई गई जो अलग-अलग जोन क्षेत्रों में शहर के आम नागरिकों से सूचना प्राप्त कर बाहर राज्य से आए हुए हैं उनकी जानकारी एकत्रित कर उन्हें होम आइसोलेट कर रहे है।
    बाहर से आने के बाद जो लोग अपनी जानकारी छुपाएंगे या होम आईसोलशेन की प्रक्रिया में बाधा डालने वालों के खिलाफ नियमानुसार कार्यवाही की जाएगी। इसके लिए यह आवश्यक है कि जो लोग बाहर से आ रहे है उन्हें जागरूकता दिखाते हुए निगम प्रशासन को जानकारी देनी होगी ! बाहर से आए हुए व्यक्तियों की जानकारी प्राप्त करने के लिए व्यवसायिक व सार्वजनिक क्षेत्रों में प्रचार-प्रसार किया जा रहा है तथा हेल्पलाइन नंबर से संबंधित स्टीकर लगाए गए है, बाहर से आने वाले लोगों की जानकारी देने वाले का नाम गोपनीय रखा जा रहा है।
    बाहर से आए हुए लोगों की मिले जानकारी तो इन नंबरों पर करें संपर्क कोरोनावायरस कोविड-19 महामारी के संक्रमण की रोकथाम एवं नियंत्रण हेतु ऐसे व्यक्ति जो भिलाई शहर के वार्ड, क्षेत्र, मोहल्ला या आसपास में अन्य शहर, गांव, राज्य से आए हुए हैं उनकी जानकारी इस कार्य के लिए नियुक्त भिलाई निगम के नोडल अधिकारी जोन क्रमांक एक नेहरू नगर के जोन आयुक्त अमिताभ शर्मा 7000092136, प्र. सहा. राजस्व अधि. विनोद चंद्राकर 9826685701, जोन क्रमांक 2 वैशाली नगर के जोन आयुक्त सुनील अग्रहरि 7050344444, प्र. सहा. राजस्व अधि. संजय वर्मा 9669332966, जोन क्रमांक 3 मदर टैरेसा नगर के जोन आयुक्त महेंद्र पाठक 9424227177, प्र. सहा. राजस्व अधि. परमेश्वर चंद्राकर 9826947891, जोन क्रमांक 4 खुर्सीपार की जोन आयुक्त प्रीति सिंह 7697590459, प्र. सहा. राजस्व अधि. बालकृष्ण नायडू 9425245007, सेक्टर क्षेत्र जोन क्रमांक 5 के प्रभारी कार्यपालन अभियंता सुनील जैन 9425555648, प्र. सहा. राजस्व अधि. मलखान सिंह सोरी 9977421330 के मोबाइल नंबर पर संपर्क करके दे सकते हैं।

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