August 05, 2026
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    शौर्यपथ

    शौर्यपथ

         ओपिनियन / शौर्यपथ / कोविड-19 ने दुनिया को खासा प्रभावित किया है। इससे लोगों की मौत हो रही है, उनके रोजगार खत्म हो रहे हैं, और रोजमर्रा के जीवन में उन्हें मुश्किलों का सामना करना पड़ रहा है। इन तमाम परेशानियों के बावजूद, कोविड-19 के घने अंधियारे में उम्मीद की किरण मौजूद है। यह संकट दरअसल विभिन्न क्षेत्रों में इनोवेशन यानी नवाचार को बढ़ावा दे सकता है, और बिल्कुल नए तरीके से सोचने वाला समाज गढ़ सकता है।
    अतीत में भी महामारी ने नवाचार को गति देने का काम किया है और नए विचारों के साथ बदलाव को मुमकिन बनाया है। जैसे, 2002 में चीन और अन्य पूर्वी एशियाई देशों में फैले सार्स ने दुनिया को बदल दिया था। माना जाता है कि सार्स से वैश्विक अर्थव्यवस्था को अरबों डॉलर का नुकसान हुआ था, क्योंकि आज की तरह ही उन दिनों लोगों ने घर से बाहर निकलना बंद कर दिया था। हालांकि, उस संकट ने उन तमाम राष्ट्रों में इंटरनेट की पहुंच बढ़ा दी, जहां इसका नेटवर्क काफी कम था। ई-कॉमर्स यानी ऑनलाइन खरीदारी को लोकप्रियता मिली, जबकि पहले इसका अस्तित्व ही नहीं था। चीनी ई-कॉमर्स कंपनियां अलीबाबा और जेडी डॉट कॉम ने इसका खूब फायदा उठाया और वे दुनिया की प्रभावशाली कंपनियां बन गईं। इसीलिए, मौजूदा कोविड-19 संकट के दौरान अलीबाबा या जेडी डॉट कॉम से बड़ी किसी भारतीय कंपनी के सृजन का सपना देखना लाजिमी है।
    भारत में पिछले एक दशक में इटरनेट और स्मार्टफोन ने गहरी पैठ बनाई है। इससे डिजिटल समाधान और नवाचार बढ़ाए जा सकते हैं। ‘लो टच ऑर कॉन्टैक्टलेस’ यानी ‘कम-स्पर्श या संपर्क-विहीन’ सेवा पहुंचाना अब अर्थव्यवस्था का नया मानक बनता जा रहा है। इसका मतलब है कि अब हर लेन-देन में उन स्थितियों से बचा जाएगा, जहां स्पर्श की गुंजाइश होती है। मसलन, किसी किराना स्टोर में जाने की बजाय लोग ऑनलाइन खरीदारी करना पसंद करेंगे। डॉक्टर भी मरीज को क्लिनिक में बुलाने से बेहतर ऑनलाइन देखना चाहेंगे। आने-जाने से तौबा करके लोग ऑनलाइन ही भेंट-मुलाकात करेंगे। इसीलिए, ‘लो टच’ को केंद्र में रखकर कई तरह के नए इनोवेशन हो सकते हैं। ये लंबे समय तक सामाजिक बदलाव के कारक भी बनेंगे। जैसे, ‘पोस्टमैट्स’ और ‘इंस्टाकार्ट’ जैसे स्टार्टअप कूरियर ब्यॉय और ग्राहक के बीच संपर्क कम करने के लिए ‘कॉन्टैक्टलेस’ डिलीवरी कर रहे हैं।
    कोविड-19 महामारी ने सामाजिक और व्यावसायिक नियम बदल दिए हैं। ‘वर्किंग फ्रॉम होम’ यानी घर से काम अब सामान्य बात हो गई है, क्योंकि यह व्यवस्था आर्थिक रूप से किफायती है व कामकाज के लिहाज से लचीली भी। चूंकि अचल संपत्ति की कीमतें आसमान छू रही हैं, इसलिए आजकल बडे़ शहरों में ऑफिस रखना महंगा सौदा साबित हो रहा है। इसके अलावा, फर्नीचर, पार्किंग, साज-सज्जा, परिवहन आदि पर भी कंपनियों को बहुत खर्च करना पड़ता है। लिहाजा, अपने कर्मियों को घर से काम करने की अनुमति देकर कंपनियां इस तरह के खर्च कम कर सकती हैं। महानगरों या बड़े शहरों में एक ही स्थान पर आपसी तालमेल करके दो-तीन कंपनियों को चलाने का चलन लोकप्रिय होने ही लगा है। चूंकि इस व्यवस्था में कम संख्या में लोग आना-जाना करेंगे, इसलिए प्रदूषण भी कम होगा, सार्वजनिक परिवहन पर भार घटेगा और ईंधन जैसे बहुमूल्य राष्ट्रीय संसाधन की बचत होगी।
    मौजूदा उथल-पुथल में उद्योग जगत ‘इंडस्ट्री 4.0’ या चौथी औद्योगिक क्रांति की ओर बढ़ने का प्रयास करेंगे। इससे कारोबारी दुनिया में महत्वपूर्ण बदलाव आएंगे। फैक्टरियां ऑटोमेशन अपनाएंगी और रोबोटिक्स का इस्तेमाल ज्यादा होगा। ‘इंटरनेट ऑफ थिंग्स’ बहुत सारे लोगों के रहन-सहन और कामकाज को बदल देगा, क्योंकि घरों और ऑफिस में बौद्धिक उपकरणों पर हमारी निर्भरता बढ़ जाएगी। एक ड्रोन से कई तरह के सामान मुहैया कराए जा सकते हैं।
    आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस यानी कृत्रिम बुद्धिमता और इंटरनेट ऑफ थिंग्स के इस्तेमाल की काफी ज्यादा संभावनाएं भारत के स्वास्थ्य ढांचे में हैं। सर्जरी में मददगार रोबोटिक्स का इस्तेमाल देश में बढ़ भी रहा है। इंटरनेट ऑफ थिंग्स का उपयोग मरीजों की सेहत का रिकॉर्ड रखने में हो सकता है। यह बीमारी के लक्षण की सटीक सूचना सही वक्त पर दे सकता है। आरोग्य सेतु एप इसका एक उदाहरण है। यह एप फोन के जीपीएस और ब्लूटुथ का इस्तेमाल करके बता सकता है कि आप किसी संक्रमित व्यक्ति के संपर्क में तो नहीं आए हैं। एक और डिजिटल इनोवेशन सार्वजनिक वितरण प्रणाली में संभव है। बायोमेट्रिक प्रमाणीकरण और एप का इस्तेमाल करते हुए ‘एक राष्ट्र, एक राशन कार्ड’ की संकल्पना साकार की जा सकती है।
    हमारी शिक्षा प्रणाली में भी प्रौद्योगिकी-आधारित नवाचार की काफी संभावनाएं हैं। विश्वविद्यालयों को सूचना प्रौद्योगिकी के लिहाज से तैयार करने को लेकर विश्वविद्यालय अनुदान आयोग (यूजीसी) ने कई तरह के कदम उठाए हैं। केंद्र सरकार ने भी देश में ऑनलाइन शिक्षा को प्रोत्साहित करने के लिए ‘ई-विद्या’ कार्यक्रम की घोषणा की है। इसमें अब सबसे बड़ी चुनौती स्कूलों और कॉलेजों में परीक्षा आयोजित करने की है, क्योंकि हमारे यहां परीक्षा में शामिल होने वाले छात्र-छात्राओं की संख्या काफी ज्यादा है। उत्तर प्रदेश बोर्ड परीक्षा में ही हर साल लाखों परीक्षार्थी बैठते हैं। लिहाजा सार्वजनिक-निजी भागीदारी के रूप में ‘एग्जाम-सेवा’ की शुरुआत की जा सकती है, जिसका मकसद परीक्षाओं का बोझ कम करने के लिए ऑनलाइन मूल्यांकन को हकीकत बनाना हो। टीसीएस द्वारा संचालित ‘पासपोर्ट सेवा’ देश में एक सफल डिजिटल पहल है ही। कोरोना-काल के बाद भी यह प्रयास उपयोगी साबित हो सकता है।
    कोरोना वायरस के कहर ने आपूर्ति शृंखला को पूरी तरह से तहस-नहस कर दिया है। अभी प्रौद्योगिकी आधारित एक वैकल्पिक आपूर्ति शृंखला की दरकार है, जो प्रवासी मजदूरों या किसानों की समस्याओं का हल करे। प्रमुख कॉरपोरेट घराने और आईआईएम या आईआईटी का ऐसा कोई संयुक्त संगठन बनाया जा सकता है, जो सरकार के अधीन हो। पुराने जिला उद्योग केंद्र (डीआईसी) को इसकी जिला नोडल एजेंसी का रूप दिया जा सकता है। आधुनिक डीआईसी यह सुनिश्चित करने का काम करेगा कि आपूर्ति शृंखला प्रक्रिया में किसानों की सीधी सहभागिता हो। उम्मीद की जा सकती है कि अलीबाबा, अमेजन या जेडी डॉट कॉम जैसे ऑनलाइन प्लेटफॉर्म का भारतीय संस्करण बनाने में भी यह संगठन कामयाब होगा।
    (ये लेखक के अपने विचार हैं) साभार लेख का नाम दीपक कुमार श्रीवास्तव, प्रोफेसर, आईआईएम, तिरूचिरापल्ली

     

    रायपुर / शौर्यपथ / लोक निर्माण मंत्री ताम्रध्वज साहू ने आज अपने रायपुर निवास कार्यालय में विभागीय अधिकारियों की बैठक लेकर काम-काज में और अधिक गति लाने के निर्देश दिए हैं। उन्होंने मुख्यमंत्री श्री भूपेश बघेल के निर्देशानुसार विभाग अनुपयोगी एवं रिक्त भूमि पर व्यावसायिक कॉम्प्लेक्स आदि बनाकर आय के स्रोत सृजित किया जाना है। इसके लिए रायपुर, दुर्ग एवं बिलासपुर लोक निर्माण संभाग के अंतर्गत शीघ्र कार्ययोजना तैयार करने के निर्देश अधिकारियों को दिए। मंत्री साहू ने कहा कि आगामी 30 मई को मुख्यमंत्री के समक्ष पॉवर पाईंट प्रेजेन्टेशन किया जाना है। इस परियोजना को आर.डी.सी. के माध्यम से संचालित किये जाने हेतु सैद्धांतिक सहमति दी गई। बैठक में आर.डी.सी., ए.डी.बी. लोन-4 तथा लोक निर्माण विभाग की महत्वपूर्ण सड़कों के उन्नयन हेतु सूची तैयार अनुमोदन प्राप्त करने के भी निर्देश दिए गए।
    लोक निर्माण मंत्री साहू ने कहा कि ऐसे ठेकेदार जो निविदा दर प्रस्तुत किये जाने के पश्चात अनुबंध नहीं करते हैं, ऐसे ठेकेदारों के एफ.डी.आर. राजसात करने के साथ-साथ उनके पंजीयन को एक श्रेणी कम किये जाने का प्रावधान अनुबंध किया जाना चाहिए। उन्होंने विभाग में सभी संवर्गों की पदोन्नति की कार्यवाही शीघ्र प्रारंभ करने तथा अप्राप्त गोपनीय प्रतिवेदन एवं अन्य आवश्यक जानकारियाँ संकलित कर इस काम को तत्परता से पूरा करने के निर्देश दिए।
       बैठक में राम-वन-गमन-पथ मार्ग का उन्नयन, राजमार्ग के मापदण्ड अनुसार निर्माण किये जाने हेतु राष्ट्रीय राजमार्ग एवं राज्यमार्गों के सड़कों को छोड़कर शेष लंबाई को राजमार्ग घोषित किये जाने का प्रस्ताव प्रस्तुत करने तथा राम-वन-गमन-पथ मार्ग को आर.डी.सी. के माध्यम से कराये जाने हेतु विचार किया गया। इसके साथ ही भवनों की निविदा आमंत्रित करने के पूर्व जमीन उपलब्धता सुनिश्चित करने को कहा गया।
    नई भर्ती के अंतर्गत जिन सहायक अभियंताओं की परिवीक्षा अवधि समाप्त हो चुकी है, उन्हें उपसंभाग में पदस्थ करने के भी निर्देश दिए गये। मंत्री ने प्रदेश में चल रहे विभिन्न निर्माण कार्यों-सड़कों, भवनों एवं पुलों को निर्धारित अवधि में पूर्ण करने के निर्देश दिए। उन्होंने निर्माण कार्यों में गुणवत्ता सुनिश्चित करने तथा परफॉर्मेंस गारंटी के अंतर्गत आने वाले सड़कों का मरम्मत कार्य 15 जून से पहले पूर्ण कर लेने के निर्देश दिए, ताकि बरसात के मौसम में यातायात बाधित नहीं हो। बैठक में सचिव लोक निर्माण सिद्धार्थ कोमल सिंह परदेशी, प्रमुख अभियंता वीके भतपहरी, मुख्य अभियंता राष्ट्रीय राजमार्ग के के पिपरी सहित अन्य विभागीय अधिकारी उपस्थित थे।

    प्रदेश के किसानों को मिलेगी बड़ी राहतरू 5700 करोड़ रूपए की राशि डीबीटी के माध्यम से चार किश्तों में जाएगी किसानों के खातों में
    प्रदेश में धान, मक्का और गन्ना (रबी) के 19 लाख किसानों को मिलेगा फायदा
    प्रथम किश्त के रूप में 1500 करोड़ रूपए कृषकों के खातों में होगा ऑनलाईन अंतरण
    किसानों को खेती किसानी से जोडऩे देश में अपने किस्म की पहली योजना
    मुख्यमंत्री बघेल ने योजना के शुभारंभ कार्यक्रम की तैयारियों की समीक्षा की

    रायपुर / शौर्यपथ / पूर्व प्रधानमंत्री भारत रत्न स्वर्गीय राजीव गांधी के शहादत दिवस 21 मई के दिन छत्तीसगढ़ सरकार किसानों के लिए न्याय योजना शुरू कर रही है। दिल्ली से श्रीमती सोनिया गांधी और राहुल गांधी वीडियो कांफ्रेसिंग के जरिए इस योजना के शुभारंभ कार्यक्रम में शामिल होंगे। मुख्यमंत्री बघेल और मंत्रीमण्डल के सदस्यगण मुख्यमंत्री निवास कार्यालय में आयोजित कार्यक्रम में दोपहर 12 बजे स्वर्गीय राजीव गांधी के तैल चित्र पर पुष्पांजलि अर्पित करेंगे। इसके पश्चात् किसानों को दी जाने वाली 5700 करोड़ रूपए की राशि में से प्रथम किश्त के रूप में 1500 करोड़ रूपए की राशि के कृषकों के खातों में ऑनलाईन अंतरण की जाएगी। कार्यक्रम में जिलों से सांसद, विधायक, अन्य जनप्रतिनिधि, किसान और विभिन्न योजनाओं के हितग्राही भी वीडियो कांफ्रेसिंग से जुड़ेंगे।
    मुख्यमंत्री बघेल आज यहां अपने निवास कार्यालय में योजना के शुभारंभ के लिए की जा रही तैयारियों की वरिष्ठ अधिकारियों के साथ समीक्षा भी की। गौरतलब है कि छत्तीसगढ़ देश में पहला ऐसा राज्य है जो किसानों को सीधे तौर पर बैंक खातों में राशि ट्रांसफर कर 5700 करोड़ रूपए की राहत प्रदान कर रहा है। कोरोना संकट के काल में किसानों को छत्तीसगढ़ सरकार राजीव गांधी किसान न्याय योजना के माध्यम से बड़ी राहत प्रदान करने जा रही है। इस योजना का उद्देश्य फसल उत्पादन को प्रोत्साहित करना और किसानों को उनकी उपज का सही दाम दिलाना है।
    मुख्यमंत्री बघेल कार्यक्रम के आरंभ में राजीव गांधी किसान न्याय योजना के संबंध में संक्षिप्त उद्बोधन देगें । कार्यक्रम में किसानों को दी जाने वाली 5700 करोड़ रूपए की राशि में से प्रथम किश्त के रूप में 1500 करोड़ रूपए की राशि के कृषकों के खातों में अंतरित की जाएगी। इस अवसर पर जिला मुख्यालयों में उपस्थित योजना के हितग्राहियों के साथ ही महिला स्व-सहायता समूहों के सदस्यों, महात्मा गांधी राष्ट्रीय ग्रामीण रोजगार गारंटी योजना और लघु वनोपज के हितग्राही तथा गन्ना और मक्का उत्पादक किसानों से वीडियो कांफ्रेसिंग से जरिए चर्चा भी की जाएगी।
    छत्तीसगढ़ सरकार द्वारा ग्रामीण अर्थव्यवस्था को गति देने तथा कृषि के क्षेत्र में रोजगार के नए अवसर सृजित करने लिए यह महत्वाकांक्षी योजना लागू की जा रही है। इस योजना से न केवल प्रदेश में फसल उत्पादन को बढ़ावा मिलेगा बल्कि किसानों को उनकी उपज का सही दाम भी मिलेगा। इस योजना के तहत प्रदेश के 19 लाख किसानों को 5700 करोड़ रूपए की राशि चार किश्तों में सीधे उनके खातों में अंतरित की जाएगी। यह योजना किसानों को खेती-किसानी के लिए प्रोत्साहित करने की देश में अपने तरह की एक बडी योजना है।
         राज्य सरकार इस योजना के जरिए किसानों को खेती किसानी के लिए प्रोत्साहित करने के लिए खरीफ 2019 से धान तथा मक्का लगाने वाले किसानों को सहकारी समिति के माध्यम से उपार्जित मात्रा के आधार पर अधिकतम 10 हजार रूपए प्रति एकड़ की दर से अनुपातिक रूप से आदान सहायता राशि दी जाएगी। इस योजना में धान फसल के लिए 18 लाख 34 हजार 834 किसानो को प्रथम किश्त के रूप में 1500 करोड़ रूपए की राशि प्रदान की जाएगी। योजना से प्रदेश के 9 लाख 53 हजार 706 सीमांत कृषक, 5 लाख 60 हजार 284 लघु कृषक और 3 लाख 20 हजार 844 बड़े किसान लाभान्वित होंगें।
    इसी तरह गन्ना फसल के लिए पेराई वर्ष 2019-20 में सहकारी कारखाना द्वारा क्रय किए गए गन्ना की मात्रा के आधार पर एफआरपी राशि 261 रूपए प्रति क्विंटल और प्रोत्साहन एवं आदान सहायता राशि 93.75 रूपए प्रति क्विंटल अर्थात अधिकतम 355 रूपए प्रति क्विंटल की दर से भुगतान किया जाएगा। इसके तहत प्रदेश के 34 हजार 637 किसानों को 73 करोड़ 55 लाख रूपए चार किश्तों में मिलेगा। जिसमें प्रथम किश्त 18.43 करोड़ रूपए की राशि 21 मई को अंतरित की जाएगी।
         छत्तीसगढ़ सरकार द्वारा इसके साथ ही वर्ष 2018-19 में सहकारी शक्कर कारखानों के माध्यम से खरीदे गए गन्ना की मात्रा के आधार पर 50 रूपए प्रति क्विंटल की दर से प्रोत्साहन राशि (बकाया बोनस) भी प्रदान करने जा रही है। इसके तहत प्रदेश के 24 हजार 414 किसानों को 10 करोड़ 27 लाख रूपए राशि दी जाएगी। राज्य सरकार ने इस योजना के तहत खरीफ 2019 में सहकारी समिति, लैम्पस के माध्यम से उपार्जित मक्का फसल के किसानों को भी लाभ देने का निर्णय लिया है। मक्का फसल के आकड़े लिए जा रहे हैं, जिसके आधार पर आगामी किश्त में उनको भुगतान किया जाएगा।
             इस योजना में राज्य सरकार ने खरीफ 2020 से इसमें धान, मक्का, सोयाबीन, मूंगफली, तिल, अरहर, मूंग, उड़द, कुल्थी, रामतिल, कोदो, कोटकी तथा रबी में गन्ना फसल को शामिल किया है। सरकार ने यह भी कहा है कि अनुदान लेने वाला किसान यदि गत वर्ष धान की फसल लेता है और इस साल धान के स्थान पर योजना में शामिल अन्य फसल लेता हैं तो ऐसी स्थिति में उन्हें प्रति एकड़ अतिरिक्त सहायता दी जायेगी।
    छत्तीसगढ़ सरकार द्वारा प्रदेश की अर्थव्यवस्था को गतिशील और मजबूत बनाने के लिए लॉकडाउन जैसे संकट के समय में किसानों को फसल बीमा और प्रधानमंत्री किसान सम्मान योजना के तहत 900 करोड़ की राशि उनके खातों में अंतरित की गई है। मुख्यमंत्री बघेल के नेतृत्व में राज्य सरकार द्वारा इसके पहले लगभग 18 लाख किसानों का 8800 करोड़ रूपए का कर्ज माफ किया गया है साथ ही कृषि भूमि अर्जन पर चार गुना मुआवजा, सिंचाई कर माफी जैसे कदम उठाकर किसानों को राहत पहुंचाई गई है।

    शौर्यपथ लेख / वर्तमान हालत में देश की राजनीति दो भागो में बंट गयी है देशभक्त और देश द्रोही . दो भागो में देश के कद्दावर नेता नहीं अपितु सोशल मिडिया के धुरंधर इस बात को प्रमाणित कर रहे है . सोशल मिडिया में अगर नजर डाले तो देश में जो भाजपा को मानता है वो देश भक्त की श्रेणी में आता है और जो भाजपा व मोदी सरकार का विरोध करता है वो देश द्रोही की श्रेणी में आता है . ७० साल हो गए देश को आजाद हुए किन्तु वर्तमान में देश की जो हालत है अगर अच्छा कार्य होता है तो मोदी सरकार की देन है ऐसा उनके समर्थक ( जो अब भक्त की श्रेणी में गिने जाते है सोशल मिडिया में ) कहते हुए मैदान में उतर जाते है अगर कुछ गलत हुआ तो कांग्रेस राज के कारणों को गिनाते हुए मैदान में जम जाते है . सोशल मिडिया में कांग्रेस का पडला हल्का ही है सोशल मिडिया में ऐसे कई पोस्ट ये दर्शाते है कि कांग्रेस को चमचो की नजर से उपाधि से अलंकृत किया जाता है और मोदी समर्थक भक्त की श्रेणी में आते है .
    कुछ वर्ष पूर्व देश के तात्कालिक प्रधानमंत्री अटलबिहारी वाजपेयी ने संसद में अपने वक्तव्य में कहा था कि लोकतंत्र में आज़ादी के लगभग ५० साल में देश जिस तरह आगे बढा उसमे कांग्रेस सरकार का अहम् योगदान है . स्व. अटल बिहारी वाजपेयी जी ने भी माना था कि देश तरक्की के रास्ते पर है और इसमें कांग्रेस का अहम् योगदान है . लोकतंत्र में पक्ष विपक्ष का खेल तो चलता ही रहेगा किन्तु पूर्व की सरकार को और उनके कार्यो को नकारा नहीं जा सकता . कुछ ऐसे ही उद्बोधन दिए थे भाजपा के जन्मदाता और कद्दावर , निर्विवाद नेता स्व. अटल बिहारी वाजपेयी ने . यही कारण है कि कांग्रेस हो या भाजपा या अन्य दल कोई भी स्व, अटल बिहारी वाजपेयी के सोंच का कभी विरोधी नहीं रहा सत्ता रही या ना रही स्व. अटल बिहारी वाजपेयी का सम्मान सभी राजनितिक दलों ने किया किन्तु क्या ऐसी स्थिति वर्तमान में है .
    वर्तमान स्थिति में अगर एक आम नागरिक जिसे लगता है कि प्रधानमंत्री मोदी की निति गलत है ऐसी आशंका भी व्यक्त कर देता है तो सोशल मिडिया के योद्धा जब तक उसे देश द्रोही घोषित ना कर दे तब तक चैन से नहीं बैठते चाहे इसके लिए किसी भी स्तर तक जाना पड़े . गाली गलौच आम बात हो गयी . प्रधानमंत्री दैविक पुरुष हो सकते है कई लोगो की नजर में किन्तु ये भी सत्य है कि जिसके जीवन की सुबह होती है उसके जीवन की रात भी होती है . हम सब इस दुनिया में एक निश्चित समय के लिए ही आये है परमेश्वर ने सबके लिए नियति निश्चित की है किसी की कम तो किसी की जायद . दुनिया में ऐसे कई राजनेता हुए है जो जब तक सत्ता प्रमुख रहे भगवान् की तरह पूजे गए किन्तु सत्ता के हाँथ से जाते ही स्थिति बाद से बदत्तर हो गयी .
    भारत में एक समय महात्मा गाँधी को पूजने वालो की कोई कमी न थी किन्तु वर्तमान में उनके पुतले को गोली मारने की भी आजादी है . इंदिरा गांधी की ताकत और नेत्रित्व का लोहा विदेशो में भी माना जाता था किन्तु हत्या हुई उनके अंगरक्षक द्वारा ही कोई ना कोई ऐसी निति तो रही होगी जिसे आम जनता पसंद ना करती हो सत्ता का सूरज ना तो सिकंदर का हमेशा चमकता रहा ना ही सम्राट अशोक का , मुगलों की सत्ता भी अजर अमर ना रही और ना ही आधी से ज्यादा दुनिया में राज करने वाले ब्रिटेन का शासन ही सलामत रहा . सत्ता का खेल है आज जो ज्यादा रोशन करता है वही ज्यादा अंधकार का भी अहसास कराता है .
    आज जिस तरह से ७० साल के भ्रष्टाचार की बात चल रही है और एक दैविक पुरुष के अवतरित की बात चल रही है क्या ये अति से अंत की और अग्रसर का नजारा तो नहीं .
    भारत एक ऐसा लोकतंत्र है जिसकी जनता अति होने तक अंत का इंतजार करती है जिस तरह पश्चिम बंगाल में २५ सालो तक कम्युनिस्ट का शासन था और जब शासन गया तब अस्तित्व की लड़ाई चल रही है , दिल्ली में सालो तक भाजपा और कांग्रेस दोनों ने राज किया किन्तु आम आदमी पार्टी की आंधी में दोनों ही दल देश की राजधानी में भी अपनी पहचान बनाने की कवायद में लगे हुए ही , छत्तीसगढ़ में १५ साल रमन सरकार का ऐसा जलवा था कि कांग्रेस के पास कार्यकर्त्ता भी नहीं दिख रहे थे किन्तु भूपेश की अंधी में भाजपा ऐसी बही , जोगी कांग्रेस ऐसे उडी जिसकी कल्पना भी नहीं की जा सकती थी किन्तु लोकतंत्र में सूरज उगता भी तेजी से है और डूबने पर अन्धकार भी गहरा होता है .
    वर्तमान में भाजपा के मुखिया और देश के प्रधानमंत्री मोदी का जादू जोरो पर है किन्तु प्रदेश स्तर पर देखे तो भाजपा अधिकतर प्रदेश में कमजोर है चाहे वो महाराष्ट्र की बात कर ले , राजस्थान की बात कर ले , पंजाब की बात कर ले , हरियाणा की बात कर ले , बंगाल की बात कर ले , उड़ीसा की बात कर ले , कर्णाटक की बात कर ले , छत्तीसगढ़ की बात कर ले , उत्तर प्रदेश की बात कर ले या अन्य राज्यों की . इन सब प्रदेशो में बिहार , मध्यप्रदेश , गोवा , कर्णाटक आदि राज्यों में भाजपा की सरकार किन परिस्थितियों में बनी ये भी बहस का मुद्दा रहा किन्तु सरकार की जो छवि है वो विरोधाभास से परिपूर्ण है किन्तु सत्ता है तो सब है कि कहावत पर सब चल रहा है .
    आज अगर देश की जो हालत है उसके लिए कांग्रेस को जिम्मेदार ठहराया जाता है तो साथ यह भी कहना चाहिए कि स्व. अटल बिहारी जी ने गलत ब्यान दिया था संसद में किन्तु चित भी मेरी पट भी मेरी आखिर कब तक चलेगी क्या आम जनता अपने विचार स्वतंत्रता पूर्वक भी नहीं रख सकेगी लोकतंत्र में या भारत लोकतंत्र से राजतन्त्र की ओर अग्रसर हो रहा है ?

     मै निजी तौर पर स्व. अटल बिहारी वाजपेयी के कार्यो का भी कायल हूँ साथ ही देश की जटिल समस्या को  ( राम मंदिर , कश्मीर समस्या एवं वर्तमान में कोरोना संकट से उपजे स्थिति को नियंत्रण करने के और आर्थिक मजबूती के प्रयासों से प्रधानमंत्री मोदी के कार्यो को भी स्वीकार करता हूँ . कोई भी राजनेता देश में वैमनस्य फैलाना नहीं चाहता किन्तु अति विश्वासी चंद लोगो के कारण समाज में माहौल खराब होने का पुरजोर विरोध करता हूँ . इस लेख में ऐसी कोई मंशा नहीं कि किसी को तकलीफ हो किन्तु मेरा मानना है कि वर्तमान परिवेश में सभी को मिलकर ऐसे कार्य करने चाहिए जिससे परिवार , समाज , शहर , प्रदेश और देश मजबूत हो नाकि आपसी मनमुटाव से समाज में अशांति का वातावरण बने .

    दुर्ग / शौर्यपथ / दुर्ग नगर निगम क्षेत्र अंतर्गत सिद्धार्थ नगर में वरिष्ठ पार्षद मदन जैन ने वार्ड 31 एव 34 के समस्त कोरोना योद्धा व सुपर वाइजर एव सफाई कामगारों जिन्होंने जान को जोखिम में डालकर शहर को साफ सफाई करते है,उनका आज पार्षद मदन जैन ने वार्ड 31 में सिद्धार्थ नगर काली मंदिर के पास सफाई सुपर वाइजर एव सफाई कामगारों का स्वागत व सम्मान कर सेनिटाइजर एवं मास्क का वितरण किया ।
    उन्होंने सफाई कामगारो का आभार व्यक्त और स्वागत करते हुए कहा मैं सफाई कामगारों से बहुत खुश हूँ, उन्होंने जान जोखिम में डालकर वार्डो में नाली,स?क को साफ रखा ,सफाई कामगारों का सहयोग मैं अपने जीवन काल में नही भुला सकता। महापौर धीरज बाकलीवाल ने भी दुर्ग निगम के कोरोना योद्धाओं के रूप में काम करने वाले सभी सफाई कामगारों वाहन चालकों का आभार व्यक्त करते हुए कहा हम आभारी हैं कि पूरे कोरोना काल में कोरोना योद्धाओं ने हमारे साथ मिलकर दृढ़ता से कार्य किया है जो काबिले तारीफ है और उन्हें इस कोरोना काल के रुप में हमेशा याद रखा जाएगा ।

    दुर्ग / शौर्यपथ / भारतीय जनता पार्टी के किसान नेता शिव चंद्राकर ने अपनी जारी किए गए बयान में कहा कि छत्तीसगढ़ में मुख्यमंत्री भूपेश बघेल के द्वारा 21 मई को राजीव गांधी के स्मृति में राजीव गांधी किसान न्याय योजना के तहत प्रदेश के 19 लाख किसानों को 57 हजार करोड़ की योजना की घोषणा की गई है जिससे यह साबित होता है कि कांग्रेस पार्टी सिर्फ और सिर्फ एक ही परिवार के लोगों का महिमामंडन करने की कसम खाई है इनकी पार्टी में और भी कोई ऐसे नेता ही नहीं है जिसके नाम से कोई योजना हो भवन हो एयरपोर्ट हो बस स्टैंड हो बाजार हो चाहे स्टेडियम हो या किसी पुरस्कार के नाम की घोषणा भी सिर्फ और सिर्फ गांधी परिवार का ही नाम इन लोगों के द्वारा दिया जाता है.
    इनका बस चले तो यह लोग हमारे देश का भी नाम बदलने से नहीं चूकेंगे इन्हें अगर देश के गरीब किसानों की इतनी ही चिंता है तो पहले छत्तीसगढ़ के भोली भाली जनता को झूठ बोलकर चुनाव जीत कर सत्ता हासिल किया किसानों की इतनी ही चिंता है तो पहले किसानों के धान समर्थन मूल्य में 25 सौ रुपए मैं धान खरीदी करने का वादा पूर्ण करना चाहिए जो अब तक हमारे प्रदेश में पूरा नहीं हो पाया है किसानों को उनकी बीमा छतिपूर्ति की राशि भी उपलब्ध होनी चाहिए जो रबी फसल की चना गेहूं मसूर राहर दाल की राशि अब तक नहीं मिली है तथा पिछले 2 वर्षों का बकाया बोनस भी चुनाव जीतने के दस दिन के भीतर देने का जो वादा किया था वह भी अब तक पूर्ण नहीं हुआ है
    किसान नेता शिव चंद्राकर ने कहा कि जारी की गई योजना किसानों के साथ सिर्फ सिर्फ छलावा है किसानों को 2500 रू जो धान समर्थन मूल्य के बचत राशि थी उसे अपनी पार्टी के नेता का नाम देकर देना चाह रही है इन्हें पूर्व प्रधानमंत्री माननीय श्री अटल बिहारी वाजपेई देश में यशस्वी प्रधानमंत्री माननीय श्री नरेंद्र मोदी जी पूर्व मुख्यमंत्री डॉक्टर रमन सिंह से सबक सीखना चाहिए इन्होंने कभी भी किसी भी एक परिवार की महिमा को मंडित नहीं किया क्योंकि अगर कांग्रेस पार्टी चाहती तो इस योजना का नाम मुख्यमंत्री किसान न्याय योजना कर सकती थी छत्तीसगढ़ महतारी योजना कर सकती थी छत्तीसगढ़ किसान न्याय योजना प्रधानमंत्री न्याय योजना का नाम दे सकती थी
    पर सिर्फ और सिर्फ गांधी परिवार के सामने अपना सी,आर को बढ़ाने के चक्कर में गांधी परिवार की चापलूसी करते आए है

    भिलाई / शौर्यपथ / कोरोना संकट के इस दौरान हर बार कुछ नया व लोगों के हित में काम करने का जज्बा लिए युवा कांग्रेस ने लॉकडाउन 4 के दौरान एक नये अभियान घर घर पहुंचाएंगे मास्क की शुयआत की है। केंद्र सरकार ने लॉकडाउन 4.0 की घोषणा की है जहां कुछ चीज़ों में छूट भी दिया गया है ताकि लोग बाहर निकल के अपनी जरूरतों का समान ले सके और जरूरी काम कर सके। इस दौरान लोग सुरक्षित रहें इसके लिए युवा कांग्रेस द्वारा मास्क पहनो इंडिया अभियान शुरू किया गया है। युवा कांग्रेस के राष्ट्रीय सचिव मोहम्मद शाहिद ने बताया कि, ये कोरोना वायरस से बचने हेतु एक जागरूकता अभियान है जो राष्ट्रीय अध्यक्ष बीवी श्रीनिवास के नेतृत्व में पूरे देश मे चलाया जा रहा है। इस अभियान में हम भिलाई निगम के 70 वार्डों में वॉलिंटियर्स बनाएंगे।
    कैम्प 2, पावर हाउस में एक सेन्टर बना रहे हैं जहां जरूरतमंद माहिलाओं को मास्क बनाने का काम दिया जाएगा और वही मास्क पूरे 70 वार्डों के अधिकतम घरों में वॉलिंटियर्स के माध्यम से पहुंचाया जाएगा। इस अभियान के द्वारा लोगों को सुरक्षित रहने की अपील की जाएगी। वहीं महिलाओं को भी आय का साधन उपलब्ध हो पाएगा।

    दुर्ग / शौर्यपथ / कोरोना वायरस की महामारी से प्रभावित छात्र छात्राओं के भविष्य व शिक्षा के नए मॉडल पर महापौर धीरज बाकलीवाल ने जिला शिक्षा अधिकारी प्रवास सिंह बघेल से विस्तार में चर्चा की। लॉक डाउन के दौरान काम धंधे बंद रहने से मध्यम वर्ग, छोटे व्यवसायी व गरीबों की आर्थिक स्थिति चरमराई हुई है जिसमें स्कूल बंद होने के बावजूद लगातार फीस की मांग किए जाने की शिकायतें आ रही थीं जिसको देखते हुए सभी शासकीय व निजी स्कूलों को शिक्षण सत्र प्रारंभ होने तक फीस स्थगित रखने के आशय का पत्र शिक्षा विभाग द्वारा भेज दिया गया है इसके साथ ही शासन ने झाड़ूराम देवांगन शासकीय बहुद्देशीय उच्चतर माध्यमिक विद्यालय को मॉडल स्कूल के रूप में विकसित करने 3 करोड़ की राशि स्वीकृत की है।
    जेआरडी स्कूल के उन्नयन से सैकड़ों छात्रों को उच्च स्तरीय शिक्षा का लाभ मिलेगा, स्मार्ट क्लासेस, विज्ञान, कम्प्यूटर एवं गणित के लैब स्थापित होने से छात्रों को बेहतर अधोसंरचना मिलेगी। नगर निगम क्षेत्र के 72 शासकीय स्कूल जिसमें प्राथमिक शाला 37, पूर्व माध्यमिक 22, हाईस्कूल 2 एवं हायर सेकेण्डरी 11 के 14030 छात्र-छात्राएं कोरोना के कहर से स्कूलों में होने वाली तालाबंदी के चलते शिक्षा से वंचित हो रहे है।
    साथ ही इन छात्र-छात्राओं को भविष्य की चिंता सता रही है। जिसके लिए महापौर ने शिक्षा के ऑनलाईन मॉडल पर भी चर्चा की। फंड के अभाव में वर्तमान मे शहरी सरकारी स्कूलों का संधारण व फर्निचर का कार्य पर अभी रोका गया है। पूर्व में माध्यन भोजन के बदले सूखा राशन बच्चों को घर- घर पहुंचाने का कार्य शिक्षकों ने किया। आने वाले समय में यह कार्य दोहराया जाएगा। दुर्ग निगम क्षेत्र में नए शिक्षा सत्र में अंग्रेजी स्कूल का चयन नहीं किया गया है। इस दौरान वरिष्ठ कांग्रेसी नेता राजेश शर्मा, अंशुल पाण्डेय, आयुष शर्मा, गौरव उमरे मौजूद थे।

     रिसाली ( दुर्ग ) / शौर्यपथ / प्रदेश के हृदय स्थल एवं दुर्ग जिले के पड़ोसी जिला रायपुर में जनजनित बीमारी पीलिया के बढते प्रकोप व भिलाई में डेंगु के फैलाव के बीच रिसाली निगम भी चैकन्ना हो गई है। रिसाली निगम आयुक्त प्रकाश कुमार सर्वे के निर्देश व जोन आयुक्त रमाकांत साहू के मार्गदर्शन में निगम के स्वास्थ्य अमला द्वारा निगम क्षेत्रों के वार्डों में युद्ध स्तर पर जनजनित बीमारी पीलिया के रोकथाम हेतु घरों में पहुंचकर मितानिनों के सहयोग से व्यापक रूप में क्लोरिन टेबलेट का वितरण किया जा रहा है तथा बचाव हेतु लोगों में जागरूकता लाने उबला हुआ एवं साफ पानी पीने हेतु प्रेरित भी किया जा रहा है। साथ ही साथ निगम वार्डों रूआबांधा, पुरैना व स्टेशन मरोदा के कुओं में ब्लिचिंग पाऊडर के घोल को मिलाकर कुओं के प्रदुषित पानी का शुद्धिकरण किया जा रहा है। वार्डों के सभी हैण्डपंप एवं पावर पंपों के आसपास साफ सफाई कर प्रतिदिन नियमित रूप से ब्लिचिंग पाऊडर का छिड़काव स्वास्थ्य अमला द्वारा किया जा रहा है। साथ ही साथ नालियों का भी वृहद रूप में सफाई कर मैलाथियान, मलेरिया ऑयल व ब्लिचिंग पाऊडर का छिड़काव प्राथमिकता के साथ किया जा रहा है। पीलिया के बचाव के उपायों के साथ साथ मितानिनों एवं स्वास्थ्य अमला द्वारा लोगों को डेंगु से बचाव हेतु डेंगु लार्वा नाशक दवाई टेमीफास की बोतलें का वितरण प्रतिदिन किया जा रहा है। डेंगु के लार्वा के पनपने के संभावित जगहों को सफाई रखने के साथ साथ घरों में रखी टायर, फ्रिज, कुलर व अन्य अनुपयोगी सामानों में एकत्रित पानी को जमा नहीं रखने की भी जानकारी दी जा रही है। सभी वार्डों में मच्छरों से बचाव हेतु प्रतिदिन रात्रि में फागिंग कार्य में तेजी लाने के क?े निर्देश निगम आयुक्त श्री सर्वे ने स्वास्थ्य अधिकारियों को दिये है। रिसाली स्वास्थ्य अमला द्वारा प्रथम चरण उपरांत सभी वार्डों में आज तक 6900 टेमीफास की बोतलें व पीलिया के बचाव हेतु 11000 क्लोरिन टेबलेट का वितरण किया जा चुका है। उक्त जानकारी रिसाली निगम के प्रभारी स्वास्थ्य अधिकारी जगरन्नाथ कुशवाहा द्वारा दी गई है। 

    भाजपा को देश कभी माफ नहीं करेगा
    पूरे देश में उत्तर प्रदेश में और छत्तीसगढ़ में लगातार करोना आपदा को लेकर भाजपा केवल राजनीति कर रही है और गरीबों को मदद नहीं पहुंचाई जा रही है
    उल्टा गरीबों को मदद पहुंचाने में भाजपा के नेता बाधा डालने में और नुक्ताचीनी करने में लगे हुए हैं
    देश सब देख भी रहा है और समझ भी रहा है
    मोदी सरकार ने देश के मजदूर को मजबूर समझने की बड़ी भूल की है : कांग्रेस
    गरीब मजदूर किसान मध्यमवर्ग छोटे व्यापारियों और छोटे उद्योग धंधा करने वालों को मोदी सरकार हेय दृष्टि से देखती है

        रायपुर / शौर्यपथ / मोदी सरकार के मजदूर विरोधी रवैया पर तीखा हमला करते हुए कांग्रेस संचार विभाग के अध्यक्ष शैलेश नितिन त्रिवेदी ने कहा है कि मोदी सरकार ने देश के मजदूर को मजबूर समझने की बड़ी भूल की है। दरअसल समाज के गरीब मजदूर किसान मध्यमवर्ग छोटे व्यापारियों और छोटे उद्योग धंधा करने वालों को मोदी सरकार हेय दृष्टि से देखती है। जबकि यही वर्ग देश की अर्थव्यवस्था और देश का संचालन करते हैं।
    त्रिवेदी ने कहा है कि सिर्फ 4 घंटे के नोटिस पर मोदी सरकार ने पूरे देश का लाक डाउन कर दिया। रेल, बस सब यातायात के साधन बंद कर दिये। लाखों मजदूर भाई और बहन सैकड़ों हजारों किलोमीटर का सफर तय कर थके हारे भूखे प्यासे बगैर राशन बगैर दवाई बच्चों को गोद में उठाए और थोड़ी बहुत जमा पूंजी सामान और लॉक डाउन के कारण हुआ कर्ज भी पीठ पर लादकर पांव में छाले लेकर जब अपने घर गांव वापस जा रहे हैं तो उनको घर पहुंचाने की जवाबदारी देश की सरकार की थी।
    कांग्रेस पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष सोनिया गांधी जी के निर्देश पर पूरे देश के मजदूरों का रेल किराया वहन करने के लिए सामने आई। उत्तर प्रदेश की अखिल भारतीय कांग्रेस कमेटी की महासचिव और उत्तर प्रदेश की बेटी प्रियंका गांधी और कांग्रेस के साथियों ने मिलकर 1000 बसों का इंतजाम किया। गाजीपुर बॉर्डर पर और नोएडा बॉर्डर पर ताकि पैदल थके हारे मजदूर भाई अपने-अपने घर गांव प्रदेश जा सके तो उत्तर प्रदेश की सरकार इस में रोड़ा अटका ने औरंगा डालने का काम कर रही है।
    मजदूरों के बस मामले में भाजपा सरकारों की स्तर हीन राजनीति की कड़े शब्दों में निंदा करते हुए कांग्रेस संचार विभाग के अध्यक्ष शैलेश नितिन त्रिवेदी ने कडा प्रहार करते हुए कहा कि कांग्रेस ने 1000 बस मजदूरों के लिए निशुल्क मुहैया कराई लेकिन उत्तर प्रदेश की सरकार ने इसमें बेहद घटिया सियासत की है। 16 मई 2020 को प्रियंका गांधी जी ने आदित्यनाथ जी को लिखा और यह कहा कि लाखों की संख्या में उत्तर प्रदेश के मजदूर देश के कोने कोने से पलायन कर वापस लौट रहे हैं।
    उत्तर प्रदेश के विभिन्न हिस्सों में काम कर रहे देश के अन्य प्रदेशों के मजदूर भी वापस जा रहे हैं सरकार की घोषणाओं के बावजूद पैदल आ रहे मजदूरों को सुरक्षित उनके घर तक पहुंचाने की कोई व्यवस्था नहीं हो पाई। देश में अभी तक 65 से अधिक मजदूरों की अलग-अलग सड़क दुर्घटनाओं में मौत हो चुकी है। बेसहारा प्रवासी मजदूरों के प्रति कांग्रेस पार्टी अपनी जिम्मेदारी निभाते हुए 500 बसें गाजीपुर बॉर्डर गाजियाबाद और 500 बसे नोएडा बॉर्डर से चलाना चाहती है, अनुमति दी जाए यह पत्र प्रियंका गांधी ने 16 मई को लिखा।
    48 घंटे तक आदित्यनाथ मौन रहे एक शब्द नहीं कहा और 48 घंटे के बाद 18 मई को एक पत्र उनके एक सचिव ने लिखा और कहा कि मजदूरों के संदर्भ में हम आपके प्रस्ताव को स्वीकार करते हैं आप ड्राइवरों की लिस्ट उनके फोन नंबर और ड्राइविंग लाइसेंस दीजिए।
    प्रियंका गांधी ने और कांग्रेस पार्टी ने इसका स्वागत किया और 18 मई को उसी दिन चंद घंटों के अंदर ईमेल के माध्यम से वह लिस्ट उत्तर प्रदेश सरकार को दे दी गई और बकायदा पत्र लिखकर सूचित किया गया कि हम कल यानी 19 मई को बसों को बॉर्डर पर चलने को तैयार रखेंगे। 1096 बसों की सूची ईमेल के साथ अटैच की गई कुछ चालकों का दोबारा वेरीफिकेशन करके उनकी सूची भी कुछ घंटों में आप तक पहुंचा देंगे। 18 मई को यह पत्र लिखा गया और पूरा दिन निकल गया कोई जवाब आदित्यनाथ सरकार ने नहीं दिया।
    रात 11:40 पर बुरी मंशा के साथ दुर्भावना के साथ निर्दयता के साथ राजनीति के साथ पक्षपात करते हुए संवेदनहीनता बरतते हुए रात को 11:40 पर अपर मुख्य सचिव ने चि_ी लिखा और कहा कि इन बसों का फिटनेस सर्टिफिकेट ड्राइविंग लाइसेंस के साथ इन बसों को सुबह 10:00 बजे वृंदावन योजना लखनऊ में उपलब्ध कराइए।
    रात को 11:40 पर 18 मई को पत्र लिख रहे हैं कि यह बसे लखनऊ में उपलब्ध कराई जाएं यह है संवेदनहीनता स्तर हीन राजनीति और घटिया राजनीतिक सोच। 2 घंटे के अंदर कांग्रेस पार्टी ने उनको पत्र लिखा और कहा कि अभी देर रात 11:40 पर ईमेल पर आपका पत्र प्राप्त हुआ है जिसमें आपने 10:00 बजे लखनऊ में बसे हैंडोवर करने की अपेक्षा की है।
    संकट में फंसे प्रवासी मजदूर उत्तर प्रदेश के विभिन्न सीमाओं में और खासकर दिल्ली उत्तर प्रदेश के बॉर्डर गाजियाबाद नोएडा जैसी जगहों पर मौजूद है यहां लाखों प्रवासी मजदूर हैं और मीडिया के माध्यम से इनकी विकट हालत को पूरा देश देख रहा है और ऐसे में 1000 खाली बसों को उत्तर प्रदेश बॉर्डर से लखनऊ ले जाने का तुगलकी आदेश आदित्यनाथ सरकार ने दिया जिसका कोई औचित्य नहीं है।
    2 घंटे में यह जवाब जब कांग्रेस ने दिया तो अगले दिन 11:05 पर जवाब आता है कि अच्छा अब लखनऊ मत भेजिए अब यह सारी बसें 500 नोएडा और 500 बसें गौतम बुध नगर में 12:00 बजे तक उपलब्ध करा दी जाए। 19 मई को 11:05 पर पत्र लिखकर 12:00 बजे तक 1000 बसे मांग रहे हैं और चार घंटे लगा रहे हैं कि बस का परमिट दीजिए सर्टिफाई करवाकर फिटनेस सर्टिफिकेट दीजिए बस का इंश्योरेंस दीजिए ड्राइविंग लाइसेंस की कॉपी दीजिए और यह सब 1 घंटे के अंदर इन बॉर्डर पर उपलब्ध कराएं।
    कांग्रेस संचार विभाग के अध्यक्ष ने कहा है कि दरअसल भाजपा चाहती ही नहीं थी कि मजदूरों को यह सुविधा मिले और नंगे पांव चल रहे मजदूर बसों से कहीं जा सके। कांग्रेस ने फिर कहा कि कुछ बसे राजस्थान से आ रही हैं कुछ बसें दिल्ली से हैं यह सारी बसें 5:00 बजे तक हम उपलब्ध करा देंगे और यह एक ऐतिहासिक कदम होगा अगर उत्तर प्रदेश सरकार कांग्रेस के साथ मिलकर सेवा का यह कदम उठाएगी।
    मोदी जी की रैलियों के लिए हजारों बसें उपलब्ध और साथ में खाना देने वाली उत्तर प्रदेश सरकार गरीब साधारण मजदूर को सैकड़ों किलोमीटर नंगे पांव सालों के साथ बच्चों को कोख में उठा कर सामान पीठ में लादकर थके हारे भूखे प्यासे बगैर भोजन दवाई के अपने घर जाने के लिए मजबूर कर रही है और कांग्रेस पार्टी प्रियंका गांधी की बसें उपलब्ध करा रही है तो यह भी भाजपा सरकार को स्वीकार नहीं है इससे ज्यादा शर्म की बात किसी भी राजनीतिक दल और सरकार के लिए हो ही नहीं सकती।
    पहले दिन से प्रियंका गांधी जी ने कहा है कि यह बसें देना राजनीति का विषय नहीं हम कोई राजनैतिक फायदा नहीं उठाना चाहते हम सहयोग करना चाहते हैं 60 लाख लोगों के खाने के लिए हम अलग से इंतजाम 2 महीने में कर चुके हैं और 700000 लोग जो देश में अलग-अलग जगहों पर फंसे हुए हैं उनको उत्तर प्रदेश लाने और उत्तर प्रदेश में फंसे मजदूरों को देश के अन्य प्रदेशों में ले जाने का इंतजाम कांग्रेस पार्टी ने किया है हम हाथ से हाथ बटाना चाहते हैं आप चाहे तो बसों पर भाजपा का झंडा लगा ले इन बसों पर किसी की फोटो लगा ले लेकिन इन मजदूरों की मदद करें समय बर्बाद ना करें और अगर यह सब बच्चे खड़ी है तो इनका उपयोग कर लेंगे तो इसमें क्या नुकसान है कोई वोट पडऩे जा रहे हैं क्या कांग्रेस पार्टी मानवीय आधार पर यह मदद करना चाहती है।
    बसें उत्तर प्रदेश की सीमाओं पर खड़ी है लेकिन इन बसों को मजदूरों तक पहुंचने में भाजपा की सरकार बाधा डाल रही है। अगर भाजपा सरकार ने असहयोग नहीं किया होता तो इन 1000 बसों ने 10 चक्कर लगा लिए होते और अगर एक बस में 30 मजदूर भाई भी जाते तो 60 70 हजार मजदूर अपने अपने घर गांव पहुंच गए होते लेकिन मोदी और आदित्यनाथ असंवेदनशील निष्ठुर निर्दई बने हुए हैं उन्हें गरीबों की मजदूरों की तकलीफ से कोई सरोकार नहीं है।
    त्रिवेदी ने कहा है कि भाजपा द्वारा पूरे देश में उत्तर प्रदेश में और छत्तीसगढ़ में लगातार करोना आपदा को लेकर केवल राजनीति की जा रही है और गरीबों को मदद नहीं पहुंचाई जा रही है उल्टा गरीबों को मदद पहुंचाने में भाजपा के नेता बाधा डालने में और नुक्ताचीनी करने में लगे हुए हैं देश सब देख भी रहा है और समझ भी रहा है भाजपा को देश कभी माफ नहीं करेगा।

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