August 02, 2026
Hindi Hindi

Login to your account

Username *
Password *
Remember Me

    मोदी को खुश करने रमन किसान विरोधी अध्यादेश राज्य में लागू करने की मांग कर रहे - कांग्रेस

    • rounak group
    किसान मूल्य आश्वासन अध्यादेश भाजपा के किसान विरोधी चरित्र की ऊपज
     
    रायपुर / शौर्यपथ /  पूर्व मुख्यमंत्री रमन सिंह द्वारा किसानों के लिए केंद्र के द्वारा लाये गए किसान मूल्य अध्यादेश को राज्य में लागू किये जाने की मांग का कांग्रेस ने विरोध किया है। प्रदेश कांग्रेस के प्रवक्ता सुशील आनंद शुक्ला ने कहा कि मोदी को खुश करने रमन किसान विरोधी अध्यादेश लागू करने की मांग कर रहे हैं। इस अध्यादेश को लागू करने की मांग की अकुलाहट से एक बार फिर से भाजपा और रमन सिंह का किसान विरोधी चेहरा सामने आया है। केंद्र सरकार द्वारा लाये अध्यादेश किसान मूल्य आश्वासन और खेत पर समझौता सेवाएं अध्यादेश मूलतः किसान विरोधी है। यह अध्यादेश बिचौलियों और मुनाफाखोरों को प्रोत्साहन देने वाला है।
         इस अध्यादेश से मंडी व्यवस्था नष्ट हो जाएगी। मंडी में किसानों को उनके उपज की न्यूनतम समर्थन मूल्य मिलने को सुनिश्चित करने का प्रावधान है। मंडी में पंजीकृत व्यापारी ही किसानों से उनकी उपज खरीद सकते है। नए अध्यादेश में कोई भी पेनकार्डधारी व्यक्ति किसान से खरीदी कर सकता है। इस  अध्यादेश के बाद किसान को उसके उपज की न्यूनतम समर्थन मूल्य की गारंटी के लिए कोई भी प्रावधान नही है, इस परिस्थिति में किसान शोषण का शिकार होंगे। यह किसानों को बाजार के जोखिम के अधीन सौपने की साजिश है।
         कांग्रेस प्रवक्ता ने कहा कि इस अध्यादेश को लाकर मोदी सरकार किसानों के प्रति केंद्र सरकार के परम्परा गत कर्तव्य से भागने के प्रयास में है। आजादी के बाद से ही केंद्र सरकार किसानों को उनके ऊपज की सही कीमत दिलाने हर साल सभी प्रकार के जिंसों का न्यूनतम समर्थन मूल्य घोषित करती है और किसानों को यह मूल्य मिले यह भी सुनिश्चित किया जाता है राज्य सरकारों के माध्यम से समर्थन मूल्य पर कृषि उत्पादों की खरीदी की प्रक्रिया इसीलिए अपनाई जाती है यह काम राज्य और केंद्र सरकारे मुनाफा कमाने नही बल्कि किसानों की मदद के उद्देश्य से करती रही है। इस अध्यादेश के माध्यम से समर्थन मूल्य पर खरीदी प्रक्रिया भी बंद होने का खतरा है।
      कांग्रेस प्रवक्ता ने कहा कि छत्तीसगढ़ जैसे राज्य जो अपने राज्य के किसानों को समर्थन मूल्य से डेढ़ गुनी कीमत पर धान खरीदते है उनके लिए तो बड़ी परेशानी खड़ी होने वाली है। यहाँ किसान 2500 कीमत छोड़ कर बाहर अपना धान बेचने जाएगा नही लेकिन पड़ोसी राज्य के धान व्यापारी जरूर इस कानून की आड़ में छत्तीसगढ़ अपना धान बेचने आने को स्वतंत्र होंगे। यह राज्य की व्यवस्था बिगाड़ने वाला कानून साबित होगा।
    कांग्रेस प्रवक्ता सुशील आनंद शुक्ला ने कहा कि इस अध्यादेश के साथ ही लाया गया दूसरा अध्यादेश तो छोटे मंझोले किसानों को बर्बाद कर बड़े कारपेट सेक्टर को खेत ठेके में सौपने का षड्यंत्र है। नए कानून में कम्पनिया किसानों से उनके खेत ठेके पर लेकर खेती कर सकेंगी। किसानों से ठेके पर खेत लेने वाली कम्पनिया किसानों को बराबर का पार्टनर रखेगी तथा उनको मुनाफे का बराबर हिस्सा देगी इस भागीदारी पर अध्यादेश मौन है। इस कानून के माध्यम से किसानों को उनकी ही जमीनों पर मजदूर बनाने की तैयारी की जा रही है। भाजपा और मोदी ने वायदा तो 2022 तक किसानों की आय दुगुनी करने का किया था लेकिन हकीकत में किसानों को उनके खेती किसानी से बेदखल करने के लिए कानून बना रहे है।
    Rate this item
    (0 votes)

    Latest from शौर्यपथ

    Leave a comment

    Make sure you enter all the required information, indicated by an asterisk (*). HTML code is not allowed.

    हमारा शौर्य

    हमारे बारे मे

    whatsapp-image-2020-06-03-at-11.08.16-pm.jpeg
     
    CHIEF EDITOR -  SHARAD PANSARI
    CONTECT NO.  -  8962936808
    EMAIL ID         -  shouryapath12@gmail.com
    Address           -  SHOURYA NIWAS, SARSWATI GYAN MANDIR SCHOOL, SUBHASH NAGAR, KASARIDIH - DURG ( CHHATTISGARH )
    LEGAL ADVISOR - DEEPAK KHOBRAGADE (ADVOCATE)
    © 2015 Shouryapath. All Rights Reserved. Designed By Global Vision