
CONTECT NO. - 8962936808
EMAIL ID - shouryapath12@gmail.com
Address - SHOURYA NIWAS, SARSWATI GYAN MANDIR SCHOOL, SUBHASH NAGAR, KASARIDIH - DURG ( CHHATTISGARH )
LEGAL ADVISOR - DEEPAK KHOBRAGADE (ADVOCATE)
प्रतिमा चंद्राकर ने पिछली ‘अनदेखी’ पर जताई नाराजगी, भूपेश बघेल ने दिया भरोसा; 40 वार्डों में राय को महत्व देने का संकेत
रिसाली / शौर्यपथ। नगर निगम चुनाव की आहट के साथ रिसाली कांग्रेस में सियासी हलचल तेज हो गई है। कांग्रेस की संगठनात्मक बैठक में पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल, पूर्व गृह मंत्री ताम्रध्वज साहू, पूर्व विधायक प्रतिमा चंद्राकर, छाया सांसद राजेंद्र साहू और पूर्व जिला कांग्रेस अध्यक्ष हेमंत बंजारे सहित वरिष्ठ नेता एवं कार्यकर्ता मौजूद रहे। बैठक में टिकट वितरण, वार्डवार राजनीतिक समीकरण और महापौर पद को लेकर रणनीति पर गंभीर मंथन हुआ।
बैठक में पूर्व विधायक प्रतिमा चंद्राकर ने पिछला निगम चुनाव याद करते हुए अपनी नाराजगी खुलकर रखी। उन्होंने कहा कि पिछले चुनाव के दौरान उनकी पर्याप्त पूछपरख नहीं हुई और निर्णय प्रक्रिया में उनसे अपेक्षित राय-मशविरा नहीं किया गया। उनकी यह बात सामने आने के बाद बैठक का राजनीतिक तापमान बढ़ा और संगठन के भीतर वरिष्ठ नेताओं की भूमिका को लेकर चर्चा शुरू हुई।
बताया जाता है कि पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने प्रतिमा चंद्राकर को भरोसा दिलाया कि इस बार परिस्थितियां अलग होंगी। 40 वार्डों में प्रत्याशी चयन और चुनावी रणनीति तैयार करने में उनकी राय और अनुभव को महत्व दिए जाने का संकेत दिया गया। इससे यह संदेश गया कि कांग्रेस इस बार स्थानीय संगठन और वरिष्ठ नेताओं के अनुभव को साथ लेकर चुनावी मैदान में उतरने की तैयारी कर रही है।
टिकट में गुटबाजी नहीं, जीतने वाले चेहरे पर जोर
बैठक में टिकट वितरण को लेकर भी स्पष्ट संदेश देने की कोशिश हुई। छाया सांसद राजेंद्र साहू ने कहा कि वार्डवार स्थिति और दावेदारों की जीत की संभावना को देखते हुए सामूहिक रूप से निर्णय लिया जाना चाहिए। वहीं पूर्व जिला कांग्रेस अध्यक्ष हेमंत बंजारे ने भी गुटबाजी और चाटुकारिता से दूर रहते हुए जीतने की क्षमता रखने वाले उम्मीदवारों को प्राथमिकता देने की बात कही।
चर्चा में यह भी सामने आया कि जिन वार्डों में पार्टी के पास केवल एक मजबूत दावेदार होगा, वहां सर्वसम्मति से नाम तय करने का रास्ता अपनाया जा सकता है। इससे टिकट की लंबी खींचतान को कम करने की रणनीति के संकेत मिलते हैं।
महापौर पद पर ‘स्थानीय चेहरे’ की मांग
रिसाली महापौर पद को लेकर भी बैठक में स्थानीय चेहरे की पैरवी सामने आई। कार्यकर्ताओं के एक वर्ग का मानना है कि यदि भाजपा स्थानीय व्यक्ति को महापौर पद के लिए आगे करती है तो कांग्रेस को भी स्थानीय नेतृत्व और स्थानीय राजनीतिक समीकरणों को प्राथमिकता देनी चाहिए। हालांकि इस संबंध में अंतिम निर्णय संगठन स्तर पर होना बाकी है।
कुल मिलाकर बैठक से यह संकेत जरूर मिला कि कांग्रेस इस बार रिसाली के चुनाव को केवल वार्डवार मुकाबले के रूप में नहीं, बल्कि संगठनात्मक एकजुटता, स्थानीय नेतृत्व और सही प्रत्याशी चयन के आधार पर लड़ने की तैयारी कर रही है। पिछली बार की ‘अनदेखी’ की शिकायत को दूर करने का भरोसा भले ही दिया गया हो, लेकिन असली राजनीतिक परीक्षा अब 40 वार्डों में टिकट वितरण और महापौर पद के चेहरे के चयन के समय होगी।
Make sure you enter all the required information, indicated by an asterisk (*). HTML code is not allowed.
Feb 09, 2021 Rate: 4.00
