August 14, 2026
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    धर्म संसार / शौर्यपथ / प्रभु यीशु के जन्म की ख़ुशी में मनाया जाने वाला क्रिसमस का त्योहार पूरी दुनिया में मनाया जाता है। यह त्योहार कई मायनों में बेहद खास है। क्रिसमस को बड़ा दिन, सेंट स्टीफेंस डे या फीस्ट ऑफ़ सेंट स्टीफेंस भी कहा जाता है। प्रभु यीशु ने दुनिया को प्यार और इंसानियत की शिक्षा दी। उन्होंने लोगों को प्रेम और भाईचारे के साथ रहने का संदेश दिया। प्रभु यीशु को ईश्वर का इकलौता प्यारा पुत्र माना जाता है। इस त्योहार से कई रोचक तथ्य जुड़े हैं। आइए जानते हैं इनके बारे में।
    क्रिसमस ऐसा त्योहार है जिसे हर धर्म के लोग उत्साह से मनाते हैं। यह एकमात्र ऐसा त्योहार है जिस दिन लगभग पूरे विश्व में अवकाश रहता है। 25 दिसंबर को मनाया जाने वाला यह त्योहार आर्मीनियाई अपोस्टोलिक चर्च में 6 जनवरी को मनाया जाता है। कई देशों में क्रिसमस का अगला दिन 26 दिसंबर बॉक्सिंग डे के रूप मे मनाया जाता है। क्रिसमस पर सांता क्लॉज़ को लेकर मान्यता है कि चौथी शताब्दी में संत निकोलस जो तुर्की के मीरा नामक शहर के बिशप थे, वही सांता थे। वह गरीबों की हमेशा मदद करते थे उनको उपहार देते थे। क्रिसमस के तीन पारंपरिक रंग हैं हरा, लाल और सुनहरा। हरा रंग जीवन का प्रतीक है, जबकि लाल रंग ईसा मसीह के रक्त और सुनहरा रंग रोशनी का प्रतीक है। क्रिसमस की रात को जादुई रात कहा जाता है। माना जाता है कि इस रात सच्चे दिल वाले लोग जानवरों की बोली को समझ सकते हैं। क्रिसमस पर घर के आंगन में क्रिसमस ट्री लगाया जाता है। क्रिसमस ट्री को दक्षिण पूर्व दिशा में लगाना शुभ माना जाता है। फेंगशुई के मुताबिक ऐसा करने से घर में सुख समृद्धि आती है। पोलैंड में मकड़ी के जालों से क्रिसमस ट्री को सजाने की परंपरा है। मान्यता है कि मकड़ी ने सबसे पहले जीसस के लिए कंबल बुना था।

    शिक्षा मंत्री के इस्तीफे की मांग पर अड़ी पार्टी, अगले शनिवार फिर जंतर-मंतर पर होगा शक्ति प्रदर्शन

    नई दिल्ली, । जंतर-मंतर पर हुए प्रदर्शन के बाद कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) ने अपनी लड़ाई को और तेज करने का ऐलान कर दिया है। पार्टी के संस्थापक अभिजीत दीपके ने केंद्र सरकार को 7 दिनों का अल्टीमेटम देते हुए कहा है कि यदि इस अवधि के भीतर केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान अपना इस्तीफा नहीं देते, तो आंदोलन को देशव्यापी स्वरूप दिया जाएगा।

    पार्टी का आरोप है कि नीट (NEET) परीक्षा में कथित पेपर लीक और परीक्षा प्रणाली में अनियमितताओं के कारण लाखों छात्रों का भविष्य प्रभावित हुआ है। इसी मुद्दे को लेकर 6 जून को दिल्ली के जंतर-मंतर पर पांच घंटे तक प्रदर्शन किया गया था, जिसके बाद आंदोलनकारियों ने आगे की रणनीति की घोषणा की।

    देशभर में होगा विरोध प्रदर्शन

    CJP नेतृत्व का कहना है कि अब आंदोलन केवल सोशल मीडिया तक सीमित नहीं रहेगा। पार्टी अपने समर्थकों और कार्यकर्ताओं को देश के विभिन्न राज्यों में संगठित कर जिला एवं राज्य स्तर पर विरोध प्रदर्शन आयोजित करेगी। संगठन का दावा है कि डिजिटल प्लेटफॉर्म पर करोड़ों समर्थकों की ताकत को अब जमीनी स्तर पर उतारा जाएगा।

    अगले शनिवार फिर जंतर-मंतर में जुटेंगे समर्थक

    प्रदर्शनकारियों ने घोषणा की है कि यदि सरकार उनकी मांगों पर सकारात्मक कदम नहीं उठाती, तो अगले शनिवार को एक बार फिर दिल्ली के जंतर-मंतर पर बड़ा प्रदर्शन किया जाएगा। पार्टी का दावा है कि इस बार पहले से अधिक संख्या में छात्र, युवा और अभिभावक आंदोलन में भाग लेंगे।

    डिजिटल सेना को जमीनी ताकत में बदलने की तैयारी

    सोशल मीडिया अभियानों और राजनीतिक व्यंग्य के माध्यम से चर्चा में आई CJP अब अपनी ऑनलाइन लोकप्रियता को वास्तविक जनआंदोलन में बदलने की रणनीति पर काम कर रही है। पार्टी का मानना है कि शिक्षा और रोजगार जैसे मुद्दों पर युवाओं की भागीदारी बढ़ रही है, जिसका प्रभाव आगामी दिनों में राष्ट्रीय राजनीति पर भी दिखाई दे सकता है।

    शौर्यपथ विश्लेषण

    जंतर-मंतर का यह आंदोलन केवल एक मंत्री के इस्तीफे की मांग तक सीमित नहीं दिख रहा, बल्कि यह देश की परीक्षा प्रणाली, युवाओं के विश्वास और शिक्षा व्यवस्था की पारदर्शिता को लेकर उठ रहे व्यापक सवालों का प्रतीक बनता जा रहा है। अब निगाहें सरकार की प्रतिक्रिया और अगले सात दिनों के घटनाक्रम पर टिकी हैं, जो इस आंदोलन की दिशा और प्रभाव तय करेंगे।

    नई दिल्ली: 08 जून 2026 का दिन देश की राजनीति, अर्थव्यवस्था और सामाजिक मोर्चे पर भारी उठापटक का गवाह रहा। राजधानी दिल्ली में जहां एक तरफ विपक्षी खेमे ने अपनी सियासी बिसात बिछानी शुरू की, वहीं दूसरी तरफ आम जनता पर महंगाई का एक और बड़ा बोझ डाल दिया गया। आइए विस्तार से जानते हैं कल दिनभर की उन प्रमुख खबरों को, जो आज के अखबारों की मुख्य सुर्खियां बनी हैं:

    1. दिल्ली में विपक्षी एकजुटता: 'इंडिया' गठबंधन की महाबैठक

    आगामी चुनावों को ध्यान में रखते हुए कल नई दिल्ली में विपक्षी एकजुटता का एक बड़ा नजारा देखने को मिला। देश की 23 प्रमुख विपक्षी पार्टियों के दिग्गज नेताओं ने एक मंच पर आकर 'इंडिया' गठबंधन की महत्वपूर्ण बैठक में हिस्सा लिया। इस हाई-प्रोफाइल बैठक में आने वाले चुनावों के मद्देनजर सीटों के तालमेल, साझा एजेंडे और सरकार को घेरने की रणनीतियों पर घंटों गहन मंथन किया गया।

    2. रसोई का बजट बिगड़ा: एलपीजी सिलेंडर ₹29 महंगा

    आम आदमी के घरेलू बजट को कल एक और करारा झटका लगा। देश में घरेलू रसोई गैस (LPG) सिलेंडर की कीमतों में ₹29 की सीधी बढ़ोतरी लागू कर दी गई है। इस नए इजाफे के बाद देश की राजधानी दिल्ली में 14.2 किलोग्राम वाले घरेलू एलपीजी सिलेंडर का दाम बढ़कर अब ₹942 के स्तर पर पहुंच गया है, जिससे गृहणियों की चिंताएं बढ़ गई हैं。

    3. पंजाब में भड़का आक्रोश: 17 जिलों में किसानों का उग्र प्रदर्शन

    अपनी लंबित मांगों को लेकर पंजाब में एक बार फिर किसान सड़कों पर उतर आए हैं। कल पंजाब के 17 जिलों में किसानों ने एक साथ मोर्चा खोलते हुए केंद्र और राज्य सरकारों के खिलाफ जमकर नारेबाजी की और उनके पुतले फूंके। किसानों की मुख्य नाराजगी भूमि अधिग्रहण की नीतियों और खेतों के लिए बेहद जरूरी यूरिया खाद की भारी किल्लत को लेकर है। किसान संगठनों ने चेतावनी दी है कि यदि उनकी समस्याओं का जल्द समाधान नहीं हुआ, तो यह आंदोलन और उग्र रूप ले सकता है।

    4. रेल यात्रियों और कर्मचारियों के लिए अच्छी खबर: शुरू हुआ विशेष अभियान

    रेलवे सेक्टर से एक सकारात्मक और बड़ी खबर सामने आई है। रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव के कड़े निर्देशों के बाद, भारतीय रेलवे (Indian Railways) ने एक अभूतपूर्व और विशेष अभियान की शुरुआत की है। इस अभियान का मुख्य उद्देश्य रेलवे कर्मचारियों की विभागीय और व्यक्तिगत समस्याओं का महज 24 घंटे के भीतर निवारण करना है। इसके साथ ही, ट्रेनों के सफर को सुरक्षित बनाने के लिए 'कोच सुरक्षा' पर भी इस अभियान के तहत विशेष फोकस किया जा रहा है।

    शौर्यपथ दैनिक समाचार विश्लेषण: कल की घटनाएं यह साफ संकेत देती हैं कि जहां एक ओर देश में चुनावी बिसात बिछने लगी है, वहीं दूसरी ओर बुनियादी जरूरतें (गैस, खाद और सुरक्षा) जनता और सरकार के बीच संवाद और संघर्ष का मुख्य केंद्र बिंदु बनी हुई हैं।

    राजनीति, कला और विज्ञान के लिए ऐतिहासिक रहा है आज का दिन; जानिए 09 जून का विशेष घटनाक्रम नई दिल्ली: 09 जून का दिन भारतीय…
    ♈ मेष राशि (Aries) बड़ी खुशखबरी: आज भाग्य पूरी तरह से आपके साथ है। कार्यक्षेत्र में आपकी किसी बड़ी योजना को मंजूरी मिल सकती है,…

       कोरिया/शौर्यपथ। सुशासन तिहार 2026 के तहत सोमवार को जनपद पंचायत बैकुण्ठपुर की ग्राम पंचायत तरगवां में आयोजित जिला स्तरीय समस्या निवारण शिविर में दिव्यांगजनों एवं वरिष्ठ नागरिकों को विभिन्न सहायक उपकरण वितरित किए गए। उपकरण मिलने से हितग्राहियों के चेहरों पर खुशी साफ झलकती नजर आई।

    समाज कल्याण विभाग द्वारा आयोजित इस कार्यक्रम में छत्तीसगढ़ शासन के आदिम जाति विकास, कृषि विकास एवं किसान कल्याण, जैव प्रौद्योगिकी, मछलीपालन तथा पशुधन विकास मंत्री एवं जिले के प्रभारी मंत्री रामविचार नेताम, विधायक भैया लाल राजवाड़े तथा कलेक्टर रोक्तिमा यादव ने हितग्राहियों को सहायक उपकरण प्रदान किए।

    शिविर में ग्राम कसरा निवासी जगमोहन को आवागमन में सुविधा के लिए ट्राइसाइकिल प्रदान की गई। वहीं कुसुमदुगा के 72 वर्षीय बालकृष्ण एवं चेरवापारा के 80 वर्षीय धनसाय को व्हीलचेयर देकर लाभान्वित किया गया। इसके अलावा 6 वरिष्ठ नागरिकों को छड़ी सहित अन्य आवश्यक सहायक उपकरण वितरित किए गए।

    सहायक उपकरण प्राप्त करने वाले दिव्यांगजनों और बुजुर्गों ने शासन की इस पहल की सराहना करते हुए आभार व्यक्त किया। उन्होंने कहा कि इन उपकरणों से उनकी दैनिक गतिविधियां आसान होंगी और आत्मनिर्भरता बढ़ेगी।

    कार्यक्रम में जिला पंचायत उपाध्यक्ष वंदना राजवाड़े, जिला पंचायत सदस्य गीता राजवाड़े, जिला पंचायत के मुख्य कार्यपालन अधिकारी डॉ. आशुतोष चतुर्वेदी, एसडीएम सहित विभिन्न विभागों के अधिकारी-कर्मचारी, जनप्रतिनिधि एवं बड़ी संख्या में ग्रामीण उपस्थित रहे।

    भिलाई/शौर्यपथ। भिलाई सहित सेल (SAIL) की विभिन्न टाउनशिपों में वर्षों से लंबित लीज नवीनीकरण के मुद्दे पर बड़ी राहत मिलने की खबर सामने आई है। सेल बोर्ड की 532वीं बैठक…

       भिलाई/शौर्यपथ। सुपेला थाना क्षेत्र में साइबर अपराधियों ने ई-चालान के नाम पर फर्जी लिंक भेजकर एक युवक के खाते से 4 लाख 24 हजार रुपये से अधिक की ठगी कर ली। ठगों ने चोरी की गई राशि से ऑनलाइन शॉपिंग प्लेटफॉर्म फ्लिपकार्ट पर सैमसंग S-26 अल्ट्रा के तीन महंगे मोबाइल फोन खरीद लिए। मामले में पुलिस ने अपराध दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।

    पुलिस के अनुसार, अंकेश सिन्हा (30 वर्ष) निवासी कमला कॉलेज रोड, बसंतपुर (राजनांदगांव) ने शिकायत दर्ज कराई है। उन्होंने बताया कि 6 जून 2026 को वे भिलाई के शिक्षक नगर, कोहका स्थित अपने ससुराल आए हुए थे। इसी दौरान शाम करीब 5:41 बजे उनके मोबाइल पर एम-परिवहन (M-Parivahan) के नाम से ई-चालान संबंधी एक संदेश प्राप्त हुआ।

    लिंक पर क्लिक करते ही बैंक खाते तक पहुंच

    मैसेज में उनकी एक्टिवा CG-08-NV-4191 पर 1000 रुपये का चालान लंबित होने की जानकारी दी गई थी। चालान जमा करने के लिए दिए गए लिंक पर क्लिक करते ही साइबर ठगों ने उनके मोबाइल और बैंकिंग संबंधी जानकारी तक पहुंच बना ली।

    कुछ ही देर बाद शाम 7:03 बजे और 7:06 बजे उनके आईसीआईसीआई बैंक क्रेडिट कार्ड से क्रमशः 1,31,762 रुपये और 2,92,611 रुपये की ऑनलाइन ट्रांजेक्शन कर ली गई। इस तरह कुल 4,24,373 रुपये की ठगी को अंजाम दिया गया।

    फ्लिपकार्ट से खरीदे तीन सैमसंग S-26 अल्ट्रा

    जांच में सामने आया है कि ठगों ने निकाली गई राशि से फ्लिपकार्ट पर सैमसंग S-26 अल्ट्रा के तीन मोबाइल फोन खरीदे। शिकायत के अनुसार इन मोबाइलों की डिलीवरी नोएडा (उत्तर प्रदेश) निवासी अमन राय के पते पर कराई गई।

    पुलिस ने दर्ज किया मामला

    सुपेला थाना पुलिस ने अज्ञात मोबाइल नंबर धारकों के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता (BNS) की धारा 318(4) के तहत मामला दर्ज कर लिया है। पुलिस ट्रांजेक्शन रिकॉर्ड, मोबाइल नंबर, डिलीवरी एड्रेस और अन्य डिजिटल साक्ष्यों के आधार पर साइबर ठगों की तलाश में जुटी हुई है।

    सावधान रहें

    पुलिस ने नागरिकों से अपील की है कि ई-चालान, केवाईसी अपडेट, बैंक सत्यापन या अन्य सरकारी सेवाओं के नाम पर आने वाले किसी भी संदिग्ध लिंक पर क्लिक न करें। किसी भी भुगतान या जानकारी साझा करने से पहले संबंधित वेबसाइट या ऐप की आधिकारिक पुष्टि अवश्य करें।

    महासमुंद के प्रगतिशील किसान दीपक को हुआ 2.95 लाख रूपए का शुद्ध लाभ
    रायपुर / शौर्यपथ / करेले की आधुनिक और वैज्ञानिक खेती अपनाकर किसान कम लागत में लाखों रुपये का मुनाफा कमा सकते हैं। आधुनिक तकनीकों (जैसे ड्रिप सिंचाई, मल्चिंग और मचान विधि) के प्रयोग से करेले की पैदावार कई गुना बढ़ जाती है और फलों की गुणवत्ता भी अच्छी रहती है।
    छत्तीसगढ़ के किसान अब पारंपरिक ढर्रे से बाहर निकलकर आधुनिक और व्यावसायिक खेती के जरिए अपनी तकदीर बदल रहे हैं। ऐसा ही एक मिसाल महासमुंद जिले के विकासखंड बसना के अंतर्गत ग्राम बंसुलीडीह के प्रगतिशील किसान श्री दीपक ने पेश की है। स्नातकोत्तर शिक्षित दीपक ने लीक से हटकर उद्यानिकी फसल को अपनाया, जिससे उनकी आय में रिकॉर्ड बढ़ोतरी हुई है। उन्होंने वर्ष 2025-26 में राष्ट्रीय बागवानी मिशन योजना के अंतर्गत सब्जी क्षेत्र विस्तार कार्यक्रम के तहत करेला फसल का उत्पादन शुरू किया और आज वे क्षेत्र के दूसरे किसानों के लिए रोल मॉडल बन गए हैं।
    धान की तुलना में 7 गुना से अधिक मुनाफा
    किसान दीपक बताते हैं कि पहले वे अपनी 1.00 हेक्टेयर सिंचित भूमि पर पारंपरिक रूप से धान की खेती करते थे। धान से उन्हें सालभर में महज 42 हजार 300 रुपये का ही शुद्ध लाभ मिल पाता था। लेकिन उद्यानिकी विभाग की योजनाओं से प्रेरित होकर जब उन्होंने करेले की खेती चुनी, तो उनकी किस्मत बदल गई। इस बार उन्हें इस फसल से लगभग 2.95 लाख रुपये का शुद्ध लाभ प्राप्त हुआ है, जो धान के मुकाबले 7 गुना से भी अधिक है।
    आधुनिक कृषि तकनीकों ने बढ़ाई फसल की गुणवत्ता
    दीपक की इस सफलता के पीछे वैज्ञानिक और आधुनिक तौर-तरीके रहे हैं। उद्यानिकी विभाग के मार्गदर्शन में उन्होंने अपनी खेती में ड्रिप सिंचाई, मल्चिंग तकनीक, आधुनिक कृषि यंत्रों का उपयोग किया गया। इन नवीन तकनीकों के प्रयोग से न केवल पानी की बचत हुई, बल्कि फसल की गुणवत्ता और उत्पादन में भी भारी उछाल आया। उन्हें प्रति एकड़ लगभग 18 टन करेले का बंपर उत्पादन मिला।
    ओडिशा के बाजारों तक पहुंची महासमुंद के करेले की धमक*
    बेहतर क्वालिटी के कारण दीपक को बाजार में करेले का औसतन 30 रुपये प्रति किलोग्राम का शानदार भाव मिला। उन्होंने अपनी उपज को स्थानीय सरायपाली मंडी के साथ-साथ पड़ोसी राज्य ओडिशा के बड़े बाजारों में भी बेचा, जहां इसकी भारी मांग रही। प्रगतिशील किसान श्री दीपक ने बताया कि उद्यानिकी खेती अपनाने से मेरी आर्थिक स्थिति में क्रांतिकारी सुधार हुआ है। बढ़ी हुई आय से मेरे परिवार का जीवन स्तर काफी बेहतर हुआ है। मैं लगातार उद्यानिकी विभाग के अधिकारियों के संपर्क में रहता हूं ताकि नई सरकारी योजनाओं और तकनीकों का लाभ उठा सकूं।
    *आसपास के गांवों में बढ़ी उद्यानिकी फसलों की होड़
    दीपक की इस बड़ी कामयाबी को देखकर ग्राम बंसुलीडीह सहित आसपास के इलाकों के अनेक किसान अब पारंपरिक खेती छोड़ उद्यानिकी फसलों (सब्जी और फल उत्पादन) की ओर तेजी से आकर्षित हो रहे हैं। विभाग का मानना है कि ऐसी सफलताएं जिले में कृषि विविधीकरण को बढ़ावा देने में मील का पत्थर साबित होंगी।

    विशाखापत्तनम/शौर्यपथ। आंध्र प्रदेश के विशाखापत्तनम स्थित राष्ट्रीय इस्पात निगम लिमिटेड (क्रढ्ढहृरु) द्वारा संचालित विशाखापत्तनम इस्पात संयंत्र (ङ्कद्ब5ड्डद्द स्ह्लद्गद्गद्य क्कद्यड्डठ्ठह्ल) में सोमवार, 8 जून 2026 को एक भीषण औद्योगिक दुर्घटना हो गई। हादसे में कम से कम 8 श्रमिकों की मौत हो गई, जबकि कई अन्य कर्मचारी गंभीर रूप से झुलस गए हैं। घटना के बाद पूरे संयंत्र क्षेत्र में अफरा-तफरी मच गई और बड़े स्तर पर राहत एवं बचाव अभियान चलाया गया।

    प्राप्त जानकारी के अनुसार, सोमवार शाम लगभग 4:40 बजे स्टील प्लांट की स्टील मेल्टिंग शॉप-1 (स्रूस्-1) के कंटीन्यूअस कास्टिंग डिपार्टमेंट (ष्टष्टष्ठ) की मशीन-2 में यह हादसा हुआ। बताया जा रहा है कि लगभग 1600 डिग्री सेल्सियस तापमान पर पिघला हुआ स्टील ले जा रहा एक लेडल (विशाल कंटेनर) अचानक फट गया।

    लेडल फटते ही सैकड़ों टन पिघला हुआ स्टील शॉप फ्लोर पर फैल गया, जिससे भीषण आग भड़क उठी और पूरे क्षेत्र में घना धुआं फैल गया। पिघले हुए स्टील की चपेट में आने से कई श्रमिक गंभीर रूप से झुलस गए। प्रारंभिक जानकारी के अनुसार, 8 श्रमिकों की मौके पर ही मौत हो गई, जबकि घायलों को तत्काल अस्पताल पहुंचाया गया है। कुछ कर्मचारियों के यूनिट के भीतर फंसे होने की आशंका के चलते देर शाम तक बचाव अभियान जारी रहा।

    घटना की सूचना मिलते ही संयंत्र का आपातकालीन सुरक्षा दल, दमकल विभाग और प्रशासनिक अधिकारी मौके पर पहुंचे। आग पर काबू पाने और प्रभावित कर्मचारियों को सुरक्षित बाहर निकालने के लिए युद्धस्तर पर कार्रवाई की गई।

    आंध्र प्रदेश के मुख्यमंत्री एन. चंद्रबाबू नायडू ने हादसे पर गहरा शोक व्यक्त करते हुए मृतकों के परिजनों के प्रति संवेदना जताई है। उन्होंने जिला प्रशासन और संयंत्र प्रबंधन को राहत एवं बचाव कार्य तेज करने तथा घायलों को सर्वोत्तम चिकित्सा सुविधा उपलब्ध कराने के निर्देश दिए हैं।

    इस गंभीर औद्योगिक दुर्घटना के कारणों की जांच के लिए विस्तृत जांच शुरू की जा रही है। प्रारंभिक तौर पर तकनीकी खराबी अथवा सुरक्षा मानकों में चूक की आशंका जताई जा रही है, हालांकि वास्तविक कारण जांच रिपोर्ट आने के बाद ही स्पष्ट हो सकेगा।

    देश के प्रमुख सार्वजनिक क्षेत्र के इस्पात संयंत्रों में से एक विशाखापत्तनम स्टील प्लांट में हुआ यह हादसा औद्योगिक सुरक्षा व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े कर रहा है।

    बलौदाबाजार/शौर्यपथ। जेल से जमानत पर रिहा होने के बाद शक्ति प्रदर्शन करना कुछ युवकों को भारी पड़ गया। फूल-मालाओं से स्वागत, कार और बाइक रैली तथा सड़कों पर नारेबाजी करते हुए निकाला गया काफिला सोशल मीडिया पर वायरल होते ही पुलिस हरकत में आ गई। कार्रवाई करते हुए भाटापारा पुलिस ने कुल 9 लोगों को हिरासत में लेकर प्रतिबंधात्मक कार्रवाई की है।
    जानकारी के अनुसार, मारपीट, गाली-गलौज और जान से मारने की धमकी के मामले में गिरफ्तार किए गए 4 आरोपी हाल ही में जमानत पर जेल से रिहा हुए थे। रिहाई के बाद उनके समर्थकों ने उनका भव्य स्वागत करते हुए कारों और बाइक का काफिला निकाला। इस दौरान सड़कों पर खुलेआम शक्ति प्रदर्शन किया गया और नारेबाजी की गई।
    घटना का वीडियो सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म इंस्टाग्राम पर अपलोड होने के बाद तेजी से वायरल हो गया। वीडियो में कथित रूप से हुड़दंग, सार्वजनिक शांति भंग करने वाली गतिविधियां तथा स्थानीय लोगों के साथ अभद्र व्यवहार भी दिखाई दिया। मामला पुलिस अधीक्षक ओपी शर्मा के संज्ञान में पहुंचते ही तत्काल कार्रवाई के निर्देश दिए गए।
    निर्देश मिलते ही भाटापारा पुलिस ने काफिले में शामिल लोगों की पहचान कर घेराबंदी की और एक-एक कर 9 युवकों को हिरासत में लिया। इनमें जमानत पर रिहा हुए 4 आरोपी और उनके 5 साथी शामिल हैं।
    पुलिस ने बताया कि आम लोगों में भय और असुरक्षा का माहौल पैदा करने, सार्वजनिक व्यवस्था प्रभावित करने तथा सोशल मीडिया के माध्यम से खौफ फैलाने के आरोप में संबंधित युवकों के विरुद्ध प्रतिबंधात्मक कार्रवाई की गई है। इसके अलावा रैली में शामिल वाहनों के खिलाफ मोटर व्हीकल एक्ट के तहत भी कार्रवाई की गई।
    पुलिस अधिकारियों ने स्पष्ट किया है कि कानून-व्यवस्था को चुनौती देने और सोशल मीडिया के माध्यम से दबंगई का प्रदर्शन करने वालों के खिलाफ आगे भी सख्त कदम उठाए जाएंगे।

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