August 07, 2026
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    धर्म संसार / शौर्यपथ / प्रभु यीशु के जन्म की ख़ुशी में मनाया जाने वाला क्रिसमस का त्योहार पूरी दुनिया में मनाया जाता है। यह त्योहार कई मायनों में बेहद खास है। क्रिसमस को बड़ा दिन, सेंट स्टीफेंस डे या फीस्ट ऑफ़ सेंट स्टीफेंस भी कहा जाता है। प्रभु यीशु ने दुनिया को प्यार और इंसानियत की शिक्षा दी। उन्होंने लोगों को प्रेम और भाईचारे के साथ रहने का संदेश दिया। प्रभु यीशु को ईश्वर का इकलौता प्यारा पुत्र माना जाता है। इस त्योहार से कई रोचक तथ्य जुड़े हैं। आइए जानते हैं इनके बारे में।
    क्रिसमस ऐसा त्योहार है जिसे हर धर्म के लोग उत्साह से मनाते हैं। यह एकमात्र ऐसा त्योहार है जिस दिन लगभग पूरे विश्व में अवकाश रहता है। 25 दिसंबर को मनाया जाने वाला यह त्योहार आर्मीनियाई अपोस्टोलिक चर्च में 6 जनवरी को मनाया जाता है। कई देशों में क्रिसमस का अगला दिन 26 दिसंबर बॉक्सिंग डे के रूप मे मनाया जाता है। क्रिसमस पर सांता क्लॉज़ को लेकर मान्यता है कि चौथी शताब्दी में संत निकोलस जो तुर्की के मीरा नामक शहर के बिशप थे, वही सांता थे। वह गरीबों की हमेशा मदद करते थे उनको उपहार देते थे। क्रिसमस के तीन पारंपरिक रंग हैं हरा, लाल और सुनहरा। हरा रंग जीवन का प्रतीक है, जबकि लाल रंग ईसा मसीह के रक्त और सुनहरा रंग रोशनी का प्रतीक है। क्रिसमस की रात को जादुई रात कहा जाता है। माना जाता है कि इस रात सच्चे दिल वाले लोग जानवरों की बोली को समझ सकते हैं। क्रिसमस पर घर के आंगन में क्रिसमस ट्री लगाया जाता है। क्रिसमस ट्री को दक्षिण पूर्व दिशा में लगाना शुभ माना जाता है। फेंगशुई के मुताबिक ऐसा करने से घर में सुख समृद्धि आती है। पोलैंड में मकड़ी के जालों से क्रिसमस ट्री को सजाने की परंपरा है। मान्यता है कि मकड़ी ने सबसे पहले जीसस के लिए कंबल बुना था।

    ? दुर्ग / शौर्यपथ

    जिला कार्यालय के सभाकक्ष में आयोजित जनदर्शन कार्यक्रम में कलेक्टर अभिजीत सिंह ने आम नागरिकों से सीधे संवाद कर उनकी समस्याएं सुनीं। इस दौरान डिप्टी कलेक्टर उत्तम ध्रुव सहित विभागीय अधिकारी उपस्थित रहे। जनदर्शन में कुल 102 आवेदन प्राप्त हुए, जिनमें अवैध कब्जा, आवासीय पट्टा, प्रधानमंत्री आवास, भूमि सीमांकन, सीसी रोड निर्माण, ऋण पुस्तिका सुधार एवं आर्थिक सहायता जैसी विभिन्न जनसमस्याएं शामिल रहीं। कलेक्टर ने सभी आवेदनों पर गंभीरता से संज्ञान लेते हुए संबंधित विभागों को तत्काल कार्रवाई के निर्देश दिए।

    कार्यक्रम में जल संकट प्रमुख मुद्दा बनकर सामने आया। ग्राम ननकट्ठी के सरपंच ने जल जीवन मिशन के अधूरे कार्यों को लेकर शिकायत करते हुए बताया कि टंकी निर्माण और पाइपलाइन विस्तार नहीं होने से ग्रामीणों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। गर्मी बढ़ने पर लोगों को लगभग 4 किलोमीटर दूर नदी से पानी लाने की स्थिति बन सकती है। वहीं भिलाई के वैशाली नगर वार्ड क्रमांक 30 (जलेबी चौक के आगे) के रहवासियों ने भी पेयजल संकट को लेकर आवेदन दिया। इस पर कलेक्टर ने लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी विभाग को आवश्यक कार्रवाई के निर्देश दिए।

    इसी क्रम में ग्राम बासीन के ग्रामीणों ने तालाब में अवैध मुरूम खनन की शिकायत दर्ज कराई। ग्रामीणों के अनुसार सरपंच-सचिव द्वारा कीचड़ सफाई के नाम पर बिना अनुमति जेसीबी से खुदाई कर तालाब की मेड़ तोड़ दी गई, जिससे पानी निकालकर तालाब को लगभग सूखा दिया गया। यह तालाब 70-80 प्रतिशत ग्रामीणों की निस्तारी का प्रमुख स्रोत है। कलेक्टर ने इस मामले में तहसीलदार दुर्ग एवं खनिज विभाग को जांच कर आवश्यक कार्रवाई करने के निर्देश दिए।

    वहीं नयापारा वार्ड क्रमांक 1 एवं 2 (शीतला मंदिर चौक) में सार्वजनिक एवं शासकीय भूमि पर अवैध निर्माण की शिकायत भी सामने आई। स्थानीय निवासियों ने बताया कि यह स्थल वर्षों से धार्मिक एवं सामाजिक कार्यक्रमों के लिए उपयोग में आता रहा है। कलेक्टर ने नगर निगम दुर्ग को मौके का निरीक्षण कर उचित कार्रवाई सुनिश्चित करने को कहा।

    ? जनदर्शन में उठे इन मुद्दों ने जिले की बुनियादी समस्याओं की तस्वीर सामने रखी, जिस पर प्रशासन ने गंभीरता दिखाते हुए त्वरित समाधान का भरोसा दिलाया है।

    ? दुर्ग / शौर्यपथ

    दुर्ग विकासखण्ड के ग्राम थनौद में भारतमाला परियोजना के अंतर्गत बन रहे अंडरपास को लेकर लंबे समय से चली आ रही ग्रामीणों और किसानों की मांग आखिरकार पूरी हो गई। अब इस अंडरपास ब्रिज की ऊंचाई 4 मीटर से बढ़ाकर 6 मीटर करने की स्वीकृति मिल गई है और निर्माण कार्य आज से प्रारंभ हो गया है।

    गौरतलब है कि इस अंडरपास की कम ऊंचाई को लेकर किसान, ग्रामीण एवं मूर्तिकार लंबे समय से विरोध जता रहे थे। उनका कहना था कि 4 मीटर ऊंचाई पर्याप्त नहीं है, जिससे हार्वेस्टर, धान परिवहन और मूर्ति परिवहन में भारी दिक्कतें आती हैं। इसी मांग को लेकर ग्रामीणों ने अनिश्चितकालीन हड़ताल भी शुरू कर दी थी।

    इस पूरे मामले में कलेक्टर अभिजीत सिंह ने सक्रिय पहल करते हुए किसानों को अंडरपास की ऊंचाई बढ़ाने का भरोसा दिलाया था। साथ ही उन्होंने स्पष्ट निर्देश दिए थे कि जब तक ऊंचाई बढ़ाने की स्वीकृति नहीं मिलती, तब तक विवादित स्थल पर कार्य रोक दिया जाए। उनके आश्वासन के बाद ग्रामीणों ने हड़ताल समाप्त कर दी थी।

    अब प्रशासन के प्रयासों से किसानों की प्रमुख मांग पर मुहर लग चुकी है और 6 मीटर ऊंचाई वाले अंडरपास का निर्माण कार्य शुरू कर दिया गया है। निर्माण प्रारंभ होने की जानकारी ग्रामीणों और किसानों को भी दे दी गई है।

    ? इस निर्णय से क्षेत्र के किसानों और ग्रामीणों में खुशी का माहौल है। लंबे समय से चली आ रही मांग पूरी होने पर उन्होंने शासन-प्रशासन के प्रति आभार जताया है।

    यह पहल न केवल जनभावनाओं का सम्मान है, बल्कि भविष्य में कृषि और स्थानीय परिवहन व्यवस्था को सुगम बनाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम भी साबित होगी।

    ? रायपुर / शौर्यपथ

    संचालनालय तकनीकी शिक्षा, छत्तीसगढ़ द्वारा प्री-पॉलीटेक्निक प्रवेश परीक्षा (PPT) 2026 के लिए ऑनलाइन आवेदन एवं परीक्षा कार्यक्रम जारी कर दिया गया है। राज्य के विभिन्न पॉलीटेक्निक कॉलेजों में प्रवेश के इच्छुक अभ्यर्थी निर्धारित तिथियों के अनुसार आवेदन कर सकते हैं।

    जारी कार्यक्रम के अनुसार ऑनलाइन आवेदन प्रक्रिया 25 मार्च से शुरू होकर 17 अप्रैल 2026 शाम 5 बजे तक चलेगी। आवेदन पत्र में त्रुटि सुधार के लिए 18 से 20 अप्रैल तक का समय निर्धारित किया गया है।

    व्यापम द्वारा 27 अप्रैल 2026 को प्रवेश पत्र जारी किए जाएंगे, जबकि परीक्षा का आयोजन 7 मई 2026 (गुरुवार) को सुबह 10 बजे से दोपहर 1:15 बजे तक किया जाएगा। परीक्षा राज्य के 33 जिला मुख्यालयों में आयोजित होगी।

    इच्छुक अभ्यर्थी vyapamcg.cgstate.gov.in पर जाकर ऑनलाइन आवेदन कर सकते हैं। आवेदन शुल्क का भुगतान ऑनलाइन करना अनिवार्य है। राज्य के स्थानीय अभ्यर्थियों को परीक्षा में शामिल होने पर शुल्क राशि वापस किए जाने का प्रावधान भी है।

    ? अभ्यर्थियों को सलाह दी गई है कि वे परीक्षा से जुड़ी जानकारी के लिए व्यापम की वेबसाइट का नियमित अवलोकन करते रहें।

      पाटन / शौर्यपथ / तहसील पाटन अंतर्गत जामगांव (आर) में पदस्थ नायब तहसीलदार धर्मेश श्रीवास्तव ने अपनी अधिवार्षिकी आयु पूर्ण करते हुए शासकीय सेवा से सेवानिवृत्ति ग्रहण की। इस अवसर पर अनुविभागीय अधिकारी (राजस्व) कार्यालय सभागार, पाटन में एक गरिमामय एवं भव्य विदाई समारोह का आयोजन किया गया।

    समारोह में एसडीएम पाटन लवकेश ध्रुव ने श्री श्रीवास्तव के कार्यकाल की सराहना करते हुए उनके प्रशासनिक योगदान, कार्यनिष्ठा एवं सरल व्यक्तित्व की प्रशंसा की। तहसीलदार पवन ठाकुर सहित अन्य अधिकारियों एवं कर्मचारियों ने भी अपने अनुभव साझा करते हुए उनके उज्ज्वल भविष्य एवं स्वस्थ जीवन की कामना की।

    इस अवसर पर नायब तहसीलदार भूपेंद्र सिंह, मनोज रस्तोगी, कर्मचारी संघ जिलाध्यक्ष भानु प्रताप यादव, पटवारी शिव कुमार सोनी, स्टेनो राजेश, रविशंकर देवांगन, किशोर साहू, विनय नेताम, पीताम्बर साहू सहित तहसील कार्यालय के अनेक कर्मचारी उपस्थित रहे।

    कार्यक्रम के अंत में श्री धर्मेश श्रीवास्तव को स्मृति चिन्ह भेंट कर सम्मानित किया गया एवं भावभीनी विदाई दी गई।

    रायपुर / शौर्यपथ / खेलो इंडिया ट्राइबल गेम्स में आज रायपुर के सरदार वल्लभ भाई पटेल अंतरराष्ट्रीय हॉकी स्टेडियम में पुरुषों की हॉकी में छत्तीसगढ़ और मध्यप्रदेश के बीच तीसरे और चौथे स्थान के लिए मैच खेला गया। इसमें छत्तीसगढ़ ने मध्यप्रदेश को 14-6 से हरा कर कांस्य पदक जीता।

      रायपुर/नारायणपुर । कभी नक्सल प्रभाव और भौगोलिक अलगाव के लिए पहचाने जाने वाले बस्तर के अबूझमाड़ क्षेत्र से आज एक नई पहचान उभर रही है—फुटबॉल प्रतिभाओं की नर्सरी के रूप में। वर्ष 1986 में स्थापित रामकृष्ण मिशन विवेकानंद आश्रम, नारायणपुर आज खेल और शिक्षा के माध्यम से सुदूर आदिवासी अंचल के बच्चों का भविष्य संवार रहा है।
    इस बदलाव की झलक इन दिनों आयोजित खेलो इंडिया ट्राइबल गेम्स (KITG) 2026 में स्पष्ट रूप से दिखाई दे रही है, जहां छत्तीसगढ़ की पुरुष और महिला फुटबॉल टीमों में एक दर्जन से अधिक खिलाड़ी इसी आश्रम से प्रशिक्षण प्राप्त कर राज्य का प्रतिनिधित्व कर रहे हैं। महिला टीम जहां फाइनल में पहुंच चुकी है, वहीं पुरुष टीम ने भी सेमीफाइनल में अपनी जगह बना ली है।
    छत्तीसगढ़ फुटबॉल संघ (CFA) के सहायक महासचिव एवं एआईएफएफ कार्यकारी समिति सदस्य मोहन लाल के अनुसार, “दोनों टीमों में लगभग 12-13 खिलाड़ी रामकृष्ण मिशन अकादमी से हैं, जो इस संस्थान की गुणवत्ता और समर्पण को दर्शाता है।”

    शिक्षा के साथ खेल का मजबूत आधार
    घने जंगलों के बीच बसे दूरदराज गांवों के बच्चों के लिए यह आश्रम एक उम्मीद की किरण बनकर उभरा है। यहां लगभग 2,700 से अधिक बच्चे निवास करते हैं, जिन्हें निःशुल्क शिक्षा के साथ-साथ खेल और संगीत में भी प्रशिक्षित किया जाता है।
    कम उम्र से ही बच्चों को विभिन्न खेलों से परिचित कराया जाता है और व्यवस्थित प्रशिक्षण के जरिए उन्हें राष्ट्रीय स्तर तक पहुंचने के अवसर प्रदान किए जाते हैं। हर वर्ष लगभग 50-60 छात्र राष्ट्रीय प्रतियोगिताओं में हिस्सा लेते हैं।

    आधुनिक सुविधाओं से सुसज्जित
    आश्रम में खेल के लिए अत्याधुनिक सुविधाएं उपलब्ध हैं—तीन फुटबॉल मैदान, जिनमें एक एस्ट्रो-टर्फ भी शामिल है। इसके अलावा बैडमिंटन, टेबल टेनिस, खो-खो और मल्लखंभ के लिए इनडोर एरेना भी मौजूद हैं।

    रामकृष्ण मिशन फुटबॉल अकादमी (RKM FA) को तब राष्ट्रीय पहचान मिली, जब यह राज्य का पहला क्लब बना जिसने ऑल इंडिया फुटबॉल फेडरेशन (AIFF) द्वारा आयोजित अंडर-17 यूथ कप और आई-लीग 2 में भाग लिया।

    खेल से बदलती जिंदगी
    मोहन लाल बताते हैं कि नक्सल प्रभावित क्षेत्रों से आने वाले बच्चों के जीवन में खेल ने एक सकारात्मक और परिवर्तनकारी भूमिका निभाई है। यहां से निकले कई छात्र आज देश की प्रतिष्ठित कंपनियों में कार्यरत हैं और शीर्ष संस्थानों में अध्ययन कर रहे हैं। यह आश्रम न केवल शिक्षा प्रदान कर रहा है, बल्कि बच्चों को डॉक्टर, इंजीनियर, खिलाड़ी और शिक्षाविद बनने के सपने देखने और उन्हें साकार करने का मंच भी दे रहा है।
    अबूझमाड़ की धरती से उठती यह कहानी साबित करती है कि यदि अवसर और मार्गदर्शन मिले, तो संघर्ष की जमीन से भी सफलता के फूल खिल सकते हैं।

      दुर्ग / शौर्यपथ / भगवान महावीर जन्मोत्सव के पावन अवसर पर महावीर जन्म कल्याणक महोत्सव समिति द्वारा समाज को Peace, Kindness और Humanity की ओर प्रेरित करने हेतु विभिन्न विशेष कार्यक्रमों का आयोजन किया जा रहा है। इसी कड़ी में आयोजित “अहिंसा यात्रा” ने शहर में एक सकारात्मक संदेश प्रसारित किया।
    यह अहिंसा यात्रा केवल एक धार्मिक आयोजन नहीं, बल्कि एक सशक्त सामाजिक Movement के रूप में सामने आई—जिसका उद्देश्य है सोच में परिवर्तन लाना, नफरत की जगह प्रेम को चुनना और हिंसा के स्थान पर अहिंसा को अपनाना।
    सुबह 6:30 बजे गया नगर, चण्डी मंडी से प्रारंभ हुई यह यात्रा नसिया जी तीर्थ तक पहुंची। यात्रा में समाज के वरिष्ठ एवं गणमान्य नागरिकों की गरिमामयी उपस्थिति रही, वहीं महिलाओं और बच्चों ने भी उत्साहपूर्वक सहभागिता निभाई, जिससे आयोजन का स्वरूप और भी व्यापक एवं प्रेरणादायी बन गया।
    यात्रा के दौरान भगवान महावीर के उपदेशों से सजी तख्तियां विशेष आकर्षण का केंद्र रहीं, जो आमजन को अहिंसा, सत्य, अपरिग्रह और करुणा के संदेश से जागरूक करती नजर आईं। इन संदेशों ने उपस्थित लोगों को आत्मचिंतन के लिए प्रेरित किया।
    समिति के पदाधिकारियों ने बताया कि ऐसे आयोजनों का उद्देश्य समाज में नैतिक मूल्यों को पुनर्स्थापित करना और नई पीढ़ी को महावीर स्वामी के आदर्शों से जोड़ना है। इस प्रकार अहिंसा यात्रा ने न केवल धार्मिक आस्था को सुदृढ़ किया, बल्कि समाज में प्रेम, सौहार्द और मानवता के मूल्यों को भी नई ऊर्जा प्रदान की।

     विशेष रिपोर्ट:
    छत्तीसगढ़ के आबकारी विभाग में हाल ही में नई कंपनियों को दिए गए काम को लेकर बड़ा विवाद सामने आया है। जानकारी के अनुसार, विभाग द्वारा ठेका देने की प्रक्रिया में कई अनियमितताओं के आरोप लगाए जा रहे हैं। बताया जा रहा है कि कुछ कंपनियों ने काम लेने के बाद स्वयं कार्य करने के बजाय इसे बाहरी लोगों को सौंप दिया है।

    सूत्रों के मुताबिक, जिन नई कंपनियों को काम दिया गया है उनमें Innov Source Services Pvt Ltd, Innovision, Team HR, Parragreen और Spectrum जैसी कंपनियों के नाम सामने आ रहे हैं। आरोप है कि इन कंपनियों ने काम हासिल करने के लिए भारी रकम ली और बाद में खुद काम करने के बजाय बाहरी लोगों या अन्य एजेंसियों को जिम्मेदारी सौंप दी।

    बताया जा रहा है कि इस पूरे मामले में बड़ी मात्रा में पैसों का लेन-देन होने की भी चर्चा है। इस वजह से विभाग की कार्यप्रणाली और टेंडर प्रक्रिया पर सवाल खड़े हो रहे हैं। कुछ लोगों का कहना है कि यदि इसकी निष्पक्ष जांच कराई जाए तो कई बड़े खुलासे हो सकते हैं।

    हालांकि, अभी तक इस मामले में विभाग की ओर से आधिकारिक प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है। लेकिन बढ़ते विवाद के बीच यह मांग तेज हो रही है कि पूरे मामले की उच्च स्तरीय जांच कराई जाए ताकि टेंडर प्रक्रिया में हुई किसी भी संभावित अनियमितता की सच्चाई सामने आ सके।

    दुर्ग | शौर्यपथ समाचार

    दुर्ग शहर के सबसे व्यस्त और प्रमुख व्यावसायिक केंद्र इंदिरा मार्केट की बदहाल व्यवस्था, अवैध अतिक्रमण और पार्किंग ठेकेदारों की मनमानी वसूली को लेकर लंबे समय से उठ रहे सवाल अब एक निर्णायक मोड़ पर पहुंच गए हैं। 1 अप्रैल से बाजार अधिकारी अभ्युदय मिश्रा के सामने अब इस अव्यवस्था को सुधारने की बड़ी चुनौती खड़ी है।

    अब तक राजस्व वसूली में व्यस्त रहने का हवाला देने वाले मिश्रा ने स्पष्ट संकेत दिए हैं कि वित्तीय वर्ष समाप्त होते ही बाजार व्यवस्था पर सख्ती बरती जाएगी। लेकिन सवाल यह है कि क्या यह सख्ती जमीनी हकीकत में बदलेगी या फिर यह भी सिर्फ कागजी घोषणा बनकर रह जाएगी?

    ? अतिक्रमण से घिरा बाजार, सड़क तक पसरा कारोबार

    इंदिरा मार्केट में हालात यह हैं कि पसरा व्यापारियों ने सड़कों तक कब्जा जमा लिया है, जिससे न केवल बाजार की सुंदरता प्रभावित हो रही है, बल्कि यातायात व्यवस्था भी चरमरा गई है। मुख्य मार्गों और प्रवेश द्वारों पर अतिक्रमण की वजह से आम नागरिकों को भारी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है।

    ? पार्किंग ठेकेदारों पर गंभीर आरोप

    बाजार में पार्किंग व्यवस्था सुधारने के नाम पर ठेकेदारों द्वारा मनमाना शुल्क वसूला जा रहा है। जानकारी के अनुसार, इंदिरा गांधी मूर्ति के आसपास और प्रवेश द्वारों पर अवैध वसूली का खेल लंबे समय से जारी है।

    मिश्रा ने इस पर प्रतिक्रिया देते हुए कहा है कि निगम द्वारा निर्धारित शुल्क की सूचना पट्टिकाएं लगाई जाएंगी और ठेकेदारों की मनमानी पर रोक लगाई जाएगी।

    ? सामान्य सभा में भी गूंजा मुद्दा

    नगर निगम की सामान्य सभा में भी इस मुद्दे ने जोर पकड़ा था, जहां सत्तापक्ष के पार्षदों ने ही बाजार की बदहाली और अवैध वसूली को प्रमुखता से उठाया। इससे यह स्पष्ट है कि समस्या सिर्फ आम जनता की नहीं, बल्कि जनप्रतिनिधियों की नजर में भी गंभीर है।

    ? रसूखदारों पर होगी कार्रवाई या सिर्फ गरीबों पर चलेगा डंडा?

    सबसे बड़ा सवाल यह है कि क्या कार्रवाई केवल छोटे ठेला व्यापारियों तक सीमित रहेगी, या फिर प्रभावशाली लोगों पर भी समान रूप से होगी?

    गणेश मंदिर के सामने “राम रसोई” के नाम पर सड़क पर संचालित होटल,

    ओम ज्वेलर्स द्वारा दुकान का सड़क तक विस्तार,

    जैसे मामलों में अब तक केवल कार्रवाई की बातें हुई हैं, लेकिन ठोस कदम नहीं उठाए गए।

    यदि मिश्रा वास्तव में सख्ती दिखाते हैं, तो यह उनके लिए प्रभावशाली लोगों के अवैध कब्जों पर बुलडोजर चलाने की पहली परीक्षा होगी।

    ? अनुभव से कम, जिम्मेदारी बड़ी – फैसले पर भी सवाल

    यह भी चर्चा का विषय बना हुआ है कि बाजार विभाग के अन्य कर्मचारियों से जूनियर होने के बावजूद अभ्युदय मिश्रा को यह महत्वपूर्ण जिम्मेदारी सौंपी गई है। ऐसे में यह निर्णय भी अब उनके प्रदर्शन पर निर्भर करेगा कि सही था या सवालों के घेरे में आ जाएगा।

    ⚖️ अब नजर 1 अप्रैल पर…

    साल भर से दावे, घोषणाएं और बैठकों का दौर चलता रहा, लेकिन जमीनी हालात जस के तस हैं।

    अब 1 अप्रैल से शुरू होने वाला समय अभ्युदय मिश्रा के लिए “अग्निपरीक्षा” से कम नहीं होगा।

    ? क्या इंदिरा मार्केट में व्यवस्था लौटेगी?

    ? क्या अवैध वसूली पर लगाम लगेगी?

    ? या फिर पर्दे के पीछे ‘कमीशन का खेल’ और तेज हो जाएगा?

    इन सवालों के जवाब अब कार्रवाई ही देगी, बयान नहीं।

    "शौर्यपथ : एक अखबार नहीं, एक बेटे का जीवित स्वरूप" समय का पहिया निरंतर चलता रहता है, लेकिन कुछ तिथियाँ, कुछ क्षण और कुछ स्मृतियाँ ऐसी होती हैं जो जीवन…

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