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धर्म संसार / शौर्यपथ / प्रभु यीशु के जन्म की ख़ुशी में मनाया जाने वाला क्रिसमस का त्योहार पूरी दुनिया में मनाया जाता है। यह त्योहार कई मायनों में बेहद खास है। क्रिसमस को बड़ा दिन, सेंट स्टीफेंस डे या फीस्ट ऑफ़ सेंट स्टीफेंस भी कहा जाता है। प्रभु यीशु ने दुनिया को प्यार और इंसानियत की शिक्षा दी। उन्होंने लोगों को प्रेम और भाईचारे के साथ रहने का संदेश दिया। प्रभु यीशु को ईश्वर का इकलौता प्यारा पुत्र माना जाता है। इस त्योहार से कई रोचक तथ्य जुड़े हैं। आइए जानते हैं इनके बारे में।
क्रिसमस ऐसा त्योहार है जिसे हर धर्म के लोग उत्साह से मनाते हैं। यह एकमात्र ऐसा त्योहार है जिस दिन लगभग पूरे विश्व में अवकाश रहता है। 25 दिसंबर को मनाया जाने वाला यह त्योहार आर्मीनियाई अपोस्टोलिक चर्च में 6 जनवरी को मनाया जाता है। कई देशों में क्रिसमस का अगला दिन 26 दिसंबर बॉक्सिंग डे के रूप मे मनाया जाता है। क्रिसमस पर सांता क्लॉज़ को लेकर मान्यता है कि चौथी शताब्दी में संत निकोलस जो तुर्की के मीरा नामक शहर के बिशप थे, वही सांता थे। वह गरीबों की हमेशा मदद करते थे उनको उपहार देते थे। क्रिसमस के तीन पारंपरिक रंग हैं हरा, लाल और सुनहरा। हरा रंग जीवन का प्रतीक है, जबकि लाल रंग ईसा मसीह के रक्त और सुनहरा रंग रोशनी का प्रतीक है। क्रिसमस की रात को जादुई रात कहा जाता है। माना जाता है कि इस रात सच्चे दिल वाले लोग जानवरों की बोली को समझ सकते हैं। क्रिसमस पर घर के आंगन में क्रिसमस ट्री लगाया जाता है। क्रिसमस ट्री को दक्षिण पूर्व दिशा में लगाना शुभ माना जाता है। फेंगशुई के मुताबिक ऐसा करने से घर में सुख समृद्धि आती है। पोलैंड में मकड़ी के जालों से क्रिसमस ट्री को सजाने की परंपरा है। मान्यता है कि मकड़ी ने सबसे पहले जीसस के लिए कंबल बुना था।
0 शांति नगर मड़ई मेला का ऐतिहासिक आयोजन, हॉकी और मड़ई का अनोखा समागम
0 क्षेत्र के नागरिकों ने खेल मैदान संरक्षण कर और मड़ई कराकर बनाया मिसाल
राजनांदगांव।शौर्यपथ / पटरी पार क्षेत्र स्थित चिखली स्कूल मैदान में आज एक ऐतिहासिक और यादगार दृश्य देखने को मिला। 20 वर्षों से निरंतर आयोजित हो रहे शांति नगर मड़ई मेला के साथ इस बार हॉकी प्रतियोगिता का अनोखा समागम हुआ, जिसने पूरे क्षेत्र में उत्साह और आनंद का माहौल बना दिया। मड़ई की पारंपरिक रौनक और हॉकी के रोमांचक मुकाबलों ने दर्शकों को एक साथ संस्कृति और खेल का अद्भुत अनुभव प्रदान किया। इस अभिनव आयोजन से क्षेत्र के नागरिकों सहित बड़ी संख्या में उपस्थित लोगों ने प्रसन्नता व्यक्त की। शांति नगर मड़ई मेला एक दिवसीय हॉकी प्रतियोगिता में जिले की 20 टीमों ने भाग लिया। प्रतियोगिता लीग-कम-नॉकआउट पद्धति से खेली गई। इस आयोजन का सफल संचालन रुद्राक्षम् वेलफेयर सोसाइटी एवं शांति नगर मेला समिति के संयुक्त तत्वाधान में किया गया। प्रतियोगिता का फाइनल मुकाबला चिखली ड्रैगन्स बनाम शांति नगर सूरमा के मध्य खेला गया, जिसमें शांति नगर सूरमा ने शानदार प्रदर्शन करते हुए 3-2 से जीत दर्ज कर खिताब अपने नाम किया। समापन अवसर पर मुख्यातिथि सांसद संतोष पाण्डेय , कार्यक्रम की अध्यक्षता कर रहे पर्यटन मंडल के अध्यक्ष नीलू शर्मा, विशिष्ट अतिथि पूर्व महापौर हेमा सुदेश देशमुख, वरिष्ट पार्षद शिव वर्मा , सुनील साहू, समाज सेवी सुमीत भाटिया एवम ललित नायडू ने विजेता एवं उपविजेता टीम को आकर्षक पुरस्कार एवं विशालकाय ट्रॉफी प्रदान कर सम्मानित किया गया। इस अवसर पर सांसद कप क्रिकेट प्रतियोगिता के विजेता खिलाडियों को भी पुरुस्कृत किया गयाl
0 हेलीकॉप्टर छोड़ मड़ई मेले पहुँचे सांसद—जनता और परंपरा को दी प्राथमिकता, दिल्ली की फ्लाइट से पहले शांति नगर मड़ई -संतोष पाण्डेय
संत शिरोमणि आचार्य विद्यासागर महामुनिराज के द्वितीय समाधि स्मृति महोत्सव कार्यक्रम में देशभर से बड़ी संख्या में श्रद्धालु उपस्थित रहे। इस गरिमामयी आयोजन में राजनांदगाँव लोकसभा क्षेत्र के सांसद श्री संतोष पाण्डेय भी सम्मिलित हुए। कार्यक्रम में उनके साथ मंच पर केंद्रीय कृषि मंत्री श्री शिवराज सिंह चौहान की भी विशेष उपस्थिति रही। कार्यक्रम के समापन के पश्चात सांसद श्री संतोष पाण्डेय को रात्रि 8:45 बजे की दिल्ली फ्लाइट पकड़ने हेतु रायपुर रवाना होना था। इसी दौरान केंद्रीय कृषि मंत्री श्री शिवराज सिंह चौहान ने आत्मीयता पूर्वक सांसद को हेलीकॉप्टर से रायपुर तक साथ चलने का प्रस्ताव दिया। इस सम्मानजनक प्रस्ताव के प्रति आभार व्यक्त करते हुए सांसद श्री संतोष पाण्डेय ने विनम्रतापूर्वक कहा कि उन्हें पहले राजनांदगाँव में आयोजित शांति नगर मड़ई मेला एवं हॉकी प्रतियोगिता के कार्यक्रम में शामिल होना है, तत्पश्चात वे दिल्ली के लिए रवाना होंगे। सांसद के इस निर्णय को क्षेत्र में व्यापक रूप से सराहा जा रहा है। लोगों का कहना है कि यह केवल यात्रा संबंधी निर्णय नहीं था, बल्कि अपनी मिट्टी, संस्कृति, लोक परंपरा और जनभावनाओं को प्राथमिकता देने का प्रेरणादायी संदेश है। शांति नगर मड़ई मेला और हॉकी प्रतियोगिता क्षेत्र की पहचान बन चुकी है, जहाँ संस्कृति और खेल भावना का अनूठा संगम देखने को मिलता है। सांसद श्री संतोष पाण्डेय का यह कदम इस बात का प्रमाण है कि वे जनता से जुड़े आयोजनों, परंपराओं और खेल के मंच को भी उतना ही महत्व देते हैं जितना बड़े औपचारिक मंचों को।
0 शांति नगर मड़ई की नई व्यवस्था ने जीता दिल, नागरिकों व दुकानदारों ने जताया हर्ष
शांति नगर मड़ई मेला इस वर्ष अपनी नई व्यवस्था, बेहतर प्रबंधन और अनोखी शुरुआत के कारण पूरे क्षेत्र में चर्चा का विषय बन गया। मड़ई मेले की बदली हुई व्यवस्था को देखकर क्षेत्र के नागरिकों के साथ-साथ मड़ई में उपस्थित दुकानदारों ने भी हर्ष और संतोष व्यक्त किया। आमतौर पर मड़ई मेला शाम 4–5 बजे के आसपास प्रारम्भ होता है, किंतु शांति नगर मड़ई ने इस परंपरा को एक नया स्वरूप देते हुए सुबह 5:30 बजे से प्रारम्भ होकर रात्रि 9 बजे तक सफलतापूर्वक संचालित होकर एक मिसाल कायम की। इस मड़ई की सबसे विशेष बात यह रही कि सुबह 5:30 बजे मेले की शुरुआत एक दिवसीय हॉकी प्रतियोगिता से हुई। खेल और संस्कृति के इस अनोखे संगम ने मेले को और भी आकर्षक बना दिया।हॉकी मैच को देखने के लिए सुबह से ही चिखली स्कूल मैदान में दर्शकों का जुटना शुरू हो गया। लगातार दर्शकों की उपस्थिति और खेल के प्रति उमंग ने यह सिद्ध कर दिया कि शांति नगर मड़ई केवल मेला नहीं, बल्कि खेल और जनभागीदारी का ऐतिहासिक उत्सव बन गया है।
0 खेल मैदान भी सुरक्षित, परंपरा भी जीवित, शांति नगर मड़ई बना मिसाल - मड़ई मेले में क्षेत्र वासियो ने दिखाई संवेदनशीलता
क्षेत्र के नागरिकों ने इस वर्ष एक ऐसा प्रेरणादायी निर्णय लिया है, जो न केवल सामाजिक संवेदनशीलता का परिचायक है, बल्कि आने वाली पीढ़ियों के लिए एक ऐतिहासिक उदाहरण भी बन गया है। पटरी पार क्षेत्र में रुद्राक्षम् वेलफेयर सोसाइटी द्वारा बच्चों को खेल मैदान से जोड़कर खेल, शिक्षा, अनुशासन, स्वास्थ्य एवं नशे से दूरी जैसे अत्यंत संवेदनशील विषयों पर जागरूकता लाने हेतु निरंतर उत्कृष्ट कार्य किया जा रहा है। इसी क्रम में चिखली स्कूल मैदान में प्रतिदिन सुबह 5 बजे से क्षेत्र के बच्चों को निःशुल्क हॉकी प्रशिक्षण दिया जा रहा है। यह प्रशिक्षण अंतरराष्ट्रीय हॉकी खिलाड़ी एवं एन.आई.एस. गोल्ड मेडलिस्ट हॉकी कोच श्री मृणाल चौबे के मार्गदर्शन में संचालित हो रहा है। संस्था द्वारा इस मैदान को खेलने योग्य बनाने हेतु तन, मन और धन से समर्पित प्रयास किए गए हैं, ताकि बच्चे सुरक्षित वातावरण में नियमित अभ्यास कर सकें। विगत वर्षों में मड़ई मेले का आयोजन खेल मैदान में होने से मैदान को नुकसान पहुँचने की आशंका बनी रहती थी, जिससे बच्चों का अभ्यास बाधित होने की संभावना भी रहती। इसी संवेदनशीलता को ध्यान में रखते हुए इस बार समस्त वार्डवासियों ने एकजुटता, समझदारी और सामाजिक जिम्मेदारी का परिचय देते हुए निर्णय लिया कि मड़ई मेला कार्यक्रम इस प्रकार आयोजित किया जाएगा कि मैदान पूर्णतः सुरक्षित रहे और बच्चों के खेल व प्रशिक्षण में कोई बाधा न आए। इस अवसर पर देवेश वैष्णव, दिग्विजय श्रीवास्तव, बाबा खान , प्रमोद सोनटेके, चुकु रजक, मनोज साहू, छोटू साहू, वीरेंद्र, राजू साहू, ममता मेश्राम, अमृत पैकरा, रागनी श्रीवास्तव, प्रीती, सतरूपा रजक, दूरूपकर, इंद्रा कुमार सिन्हा, अगनू साहू, लालसिंह साहू, पप्पू यादव, पप्पू रामटेके एवं आशुतोष लारिया सहित समस्त वरिष्ठ नागरिक इस ऐतिहासिक निर्णय के साक्षी बने।
राजनांदगांव।शौर्यपथ /भारत रत्न स्व. श्री अटल बिहारी वाजपेयी स्मृति चिकित्सा महाविद्यालय संबद्ध चिकित्सालय, राजनांदगांव में 26 जनवरी गणतंत्र दिवस के अवसर पर भव्य कार्यक्रम का आयोजन किया गया। कार्यक्रम में महाविद्यालय एवं चिकित्सालय के समस्त अधिकारी एवं कर्मचारीगणों ने उत्साहपूर्वक सहभागिता निभाई।
कार्यक्रम की शुरुआत मार्चपास्ट से की गई, जिसमें मेटास कर्मचारियों द्वारा परेड कर मुख्य अतिथियों को सम्मानपूर्वक ध्वजारोहण स्थल तक लाया गया। मुख्य अतिथियों द्वारा वीर शहीदों की तस्वीरों पर दीप प्रज्वलन कर नमन किया गया। ध्वजारोहण अस्पताल अधीक्षक डॉ. अतुल मनोहरराव देशकर द्वारा किया गया। इस अवसर पर अस्पताल के सभी विभागों में कार्यरत अधिकारियों का स्वागत किया गया। मुख्य अतिथियों का स्वागत मेटास कंपनी के इंचार्ज प्रशांत चौहान एवं पवन साहु द्वारा किया गया। तत्पश्चात अधिष्ठाता डॉ. पंकज मधुकर लुका, अस्पताल अधीक्षक डॉ. अतुल मनोहरराव देशकर एवं उप अस्पताल अधीक्षक डॉ. पवन जेठानी ने उपस्थितजनों को संबोधित किया। कार्यक्रम को और अधिक आकर्षक बनाने हेतु विभिन्न विभागों के कर्मचारियों द्वारा भारत के विभिन्न राज्यों की संस्कृति, भाषा, वेशभूषा एवं प्रसिद्ध व्यंजनों को दर्शाते हुए झांकियां प्रस्तुत की गईं। तेलंगाना, आंध्रप्रदेश, गुजरात, पंजाब, ओडिशा, छत्तीसगढ़, असम, कश्मीर एवं महाराष्ट्र का प्रभावशाली प्रदर्शन किया गया।
मंच संचालन डॉ. अराधना टोप्पो एवं अश्विनी राय द्वारा किया गया। मुख्य अतिथि डॉ. सुरेन्दर कौर, प्राध्यापक एवं विभागाध्यक्ष (माइक्रोबायोलॉजी) द्वारा झांकियों का निरीक्षण कर प्रतिभागियों को सम्मानित किया गया। प्रतियोगिता में प्रथम पुरस्कार सर्जरी एवं रेडियोलॉजी विभाग (तेलंगाना एवं आंध्रप्रदेश), द्वितीय पुरस्कार पीडिया विभाग (कश्मीर) तथा तृतीय पुरस्कार मेडिसिन विभाग (पंजाब) एवं नेत्र विभाग (गुजरात) को प्रदान किया गया।
उत्कृष्ट सेवाओं के लिए अस्पताल अधीक्षक एवं उप अस्पताल अधीक्षक द्वारा नर्सिंग इंचार्ज एवं सफाई कर्मचारियों को सम्मानित किया गया। सम्मानित होने वालों में श्रीमती रेणु अवस्थी, अश्विनी राय, जीतेश्वरी साहु, शिल्पीरानी सेंदुर, रूपलता भंडारी, भावना ध्रुव, डॉली यादव (सफाईकर्मी), श्री कांता (सुरक्षाकर्मी) एवं श्रीमती ममता साहु (सुरक्षाकर्मी) शामिल रहे। इस अवसर पर पूर्व मुख्यमंत्री एवं वर्तमान विधानसभा अध्यक्ष डॉ. रमन सिंह द्वारा अस्पताल अधीक्षक डॉ. अतुल मनोहरराव देशकर को चिकित्सा क्षेत्र में उनके अतुलनीय योगदान के लिए तथा श्रीमती रूपलता भंडारी को आपातकालीन वार्ड में उत्कृष्ट सेवाओं के लिए सम्मानित किया गया। यह सम्मान 26 जनवरी के अवसर पर कलेक्टर कार्यालय द्वारा दिग्विजय स्टेडियम, राजनांदगांव में प्रदान किया गया। धन्यवाद ज्ञापन डॉ. चन्द्रशेखर इंदोरिया, सह अस्पताल अधीक्षक द्वारा किया गया। संपूर्ण कार्यक्रम अस्पताल परिसर में संपन्न हुआ। इसके पश्चात संस्थान के ऑडिटोरियम में सांस्कृतिक कार्यक्रम आयोजित किया गया, जिसमें अधिकारियों, कर्मचारियों, एमबीबीएस छात्र-छात्राओं द्वारा ऑपरेशन सिंदूर थीम पर स्किट, समूह नृत्य, समूह गीत, कविता पाठ एवं मिले सुर मेरा तुम्हारा गीत की प्रस्तुति दी गई। कार्यक्रम में डॉ. मीना आर्मो (प्राध्यापक एवं विभागाध्यक्ष, स्त्री रोग) द्वारा ग़ज़ल, डॉ. नवीन तिर्कि (विभागाध्यक्ष, मेडिसिन) द्वारा गीत तथा डॉ. प्रकाश खुंटे द्वारा भाषण प्रस्तुत किया गया। ऑडिटोरियम कार्यक्रम का मंच संचालन डॉ. अराधना टोप्पो एवं श्रीमती मनीषा वाकडे द्वारा किया गया तथा कार्यक्रम का समापन धन्यवाद ज्ञापन के साथ किया गया।
By- नरेश देवांगन
जगदलपुर, शौर्यपथ। नगर निगम क्षेत्र अंतर्गत पथरागुड़ा स्थित वीर सावरकर वार्ड में भंगाराम चौक से माता मंदिर जाने वाली मार्ग हाल ही में कराए गए डामरीकरण कार्य के बाद नाली निर्माण के लिए सड़क किनारे खुदाई किए जाने से स्थानीय नागरिकों में असंतोष व्याप्त है। नई बनी सड़क के प्रभावित होने से आवागमन में दिक्कतें सामने आ रही हैं।
मोहल्लेवासियों का कहना है कि यदि नाली निर्माण कार्य प्रस्तावित था, तो उसे सड़क निर्माण से पूर्व किया जाना अधिक उपयुक्त होता। सड़क बनने के कुछ ही दिनों बाद खुदाई किए जाने से कार्य योजना और आपसी समन्वय को लेकर सवाल खड़े हो रहे हैं।
स्थानीय लोगों ने यह भी बताया कि सड़क निर्माण के दौरान चौड़ाई में एकरूपता नहीं रखी गई है। कहीं सड़क अधिक चौड़ी है तो कहीं संकरी, जिससे निर्माण गुणवत्ता और तकनीकी निगरानी को लेकर असमंजस की स्थिति बनी हुई है।
खुदाई के कारण सड़क के किनारे गड्ढे बन गए हैं, जिससे दोपहिया, चारपहिया वाहन चालकों, पैदल राहगीरों और बुजुर्गों को विशेष रूप से परेशानी हो रही है। नागरिकों का मानना है कि समय रहते सुधार नहीं किया गया तो आने वाले दिनों में समस्या और बढ़ सकती है।
मोहल्लेवासियों ने नगर निगम प्रशासन से अपेक्षा जताई है कि सड़क एवं नाली निर्माण कार्यों में बेहतर तालमेल स्थापित किया जाए तथा सड़क को समान चौड़ाई और निर्धारित मानकों के अनुरूप दुरुस्त कराया जाए, जिससे आम जनता को राहत मिल सके।
(एक संपादकीय दृष्टि)
कैसे स्वीकार कर लूँ कि विकास की वीरांगना हैं दुर्ग नगर निगम की महापौर श्रीमती अलका बाघमार?
यह अलग बात है कि 31 जनवरी को महापौर श्रीमती अलका बाघमार का जन्मदिन है और समर्थकों द्वारा अतिशयोक्ति से भरे पोस्टर शहर भर में लगाए जा रहे हैं। राजनीतिक दल से जुड़ी होने के कारण यह उनका राजनीतिक धर्म भी हो सकता है, लेकिन प्रश्न यह है कि शहर की जनता इन पोस्टरों पर आखिर किस आधार पर विश्वास करे?
कचरे, बदबू और बदहाली का विकास मॉडल
शहर के मध्य सुराना कॉलेज के सामने कचरों का अंबार और उससे उठती दुर्गंध आज भी जनता को मुंह ढकने पर मजबूर कर रही है। भारतीय जनता पार्टी के ही शासनकाल में बनी चौपाटी आज बदहाली की मिसाल बन चुकी है।
सड़कों पर अवैध बाजार लगातार अपने आकार का विस्तार कर रहा है। बस स्टैंड क्षेत्र में संचालित राम रसोई सड़क पर कब्जा कर खुलेआम व्यापार कर रही है। व्यापार में नफा हो या नुकसान—वह अलग विषय है—लेकिन तथ्य यह है कि व्यापार जारी है, और वह भी शहरी सरकार की मौन स्वीकृति के साथ।
अनुबंध समाप्त, कार्रवाई शून्य
बस स्टैंड स्थित राम रसोई का निर्धारित अनुबंध समाप्त हो चुका है, इसके बावजूद नगर निगम द्वारा कोई ठोस कार्रवाई नहीं की गई। इससे भी अधिक आपत्तिजनक यह है कि शहरी सरकार की मुखिया उसी संचालक के साथ मंच साझा करती नजर आती हैं।
मंच से यह जरूर कहा जा रहा है कि “शहरी सरकार ईमानदारी से काम कर रही है”, लेकिन यह ईमानदारी शहर में बढ़ते अतिक्रमण के सामने पूरी तरह अदृश्य हो जाती है।
अतिक्रमण में भेदभाव के आरोप
अतिक्रमण विरोधी कार्रवाई में भेदभाव अब छिपा नहीं रह गया है।
कपड़ा लाइन में एक विशेष समुदाय पर निरंतर कार्रवाई
वहीं, कपड़ा लाइन के समीप चौक पर अतिक्रमण की भरमार पर चुप्पी
वार्ड क्रमांक 59 में रोहित जैन के ठेले पर की गई तथाकथित कार्रवाई को कई लोग महापौर की निजी जिद का प्रत्यक्ष उदाहरण बता रहे हैं। सवाल यह है कि नियम सबके लिए एक समान क्यों नहीं?
पोस्टर वार में ठेकेदारों की एंट्री
इस बार महापौर के जन्मदिन पर एक नया दृश्य देखने को मिल रहा है—नगर निगम के ठेकेदारों की फौज भी पोस्टर वार में शामिल हो चुकी है।
सभी की अपनी-अपनी राजनीतिक और व्यावसायिक मजबूरियाँ हो सकती हैं, लेकिन शहर की जनता आज जिन समस्याओं से जूझ रही है, वे किसी पोस्टर से छिप नहीं सकतीं।
जमीनी हकीकत बनाम मंचीय भाषण
आज शहर की वास्तविक तस्वीर यह है—
जगह-जगह कचरे के ढेर
अंधेरे रास्ते
सफाई व्यवस्था बदहाल
जल व्यवस्था चरमराई
अतिक्रमण से अस्त-व्यस्त शहर
आवारा पशुओं से आमजन त्रस्त
विकास कार्य कई स्थानों पर ठप
ऐसे में विकास की बात करना कहीं न कहीं चुनावी वादों से जनता को ठगने जैसा प्रतीत होता है, जो महापौर प्रत्याशी के रूप में श्रीमती अलका बाघमार ने किए थे।
निजी संस्थाओं के भरोसे शहर
यदि कुछ निजी संस्थाएँ चौराहों और चौक-चौराहों के सौंदर्यीकरण की जिम्मेदारी न उठातीं, तो आज शहर की स्थिति और भी भयावह होती।
वित्त आयोग से मिलने वाले फंड से सड़कों का संधारण हो रहा है, लेकिन यह कोई निजी उपलब्धि नहीं बल्कि एक सतत प्रशासनिक प्रक्रिया है—सरकार किसी की भी हो, यह राशि आती ही है।
शहरी सरकार की कोई ठोस, मौलिक उपलब्धि आज भी ढूंढे नहीं मिलती।
एक अपवाद: नरेन्द्र बंजारे
हाँ, वित्त विभाग प्रभारी नरेन्द्र बंजारे ने उपादान जैसे मामलों में निगम के पूर्व कर्मचारियों के लिए पहल कर एक सकारात्मक उदाहरण जरूर प्रस्तुत किया है। लेकिन समग्र व्यवस्था आज भी शर्मसार नजर आती है।
प्रोटोकॉल और किराए की गाड़ी
विडंबना यह भी है कि महापौर के लिए निगम वाहन आवंटित होने के बावजूद किराए के वाहन में यात्रा की जा रही है—मानो प्रोटोकॉल का आनंद भी सत्ता का एक अलग ही सुख हो।
जन्मदिन, भव्य आयोजन और मीडिया प्रबंधन
सूत्रों के अनुसार, 31 जनवरी का जन्मदिन समारोह अत्यंत भव्य बनाया जाएगा, जिसकी जिम्मेदारी विभागीय अधिकारियों को सौंप दी गई है।
कुछ तथाकथित पत्रकारों को साधकर झूठी वाहवाही वाली खबरें भी प्रकाशित कराई जा सकती हैं—ऐसी चर्चाएँ शहर में आम हैं।
20–25 साल में सबसे बदहाल दौर
यदि जमीनी हकीकत देखी जाए, तो शहर पिछले 20–25 वर्षों में अपने सबसे बदहाल दौर से गुजर रहा है।
इस स्थिति की जिम्मेदारी से नगर निगम प्रशासन और शहरी सरकार दोनों नहीं बच सकते।
शहरी सरकार और निगम प्रशासन के बीच समन्वय की कमी साफ दिखाई देती है। वहीं स्थानीय विधायक—जो कि प्रदेश के शिक्षा मंत्री भी हैं—के साथ बढ़ती दूरी भी शहरी सरकार की कार्यप्रणाली पर प्रश्नचिह्न लगाती है।
एक ओर बस स्टैंड को नया स्वरूप देने की योजना, दूसरी ओर बस स्टैंड में राम रसोई के अवैध अनुबंध पर पुरानी सरकार को दोष देकर अपनी जिम्मेदारी से बचने की कोशिश—यह विरोधाभास शहर की जनता भली-भांति समझ रही है।
अंत में…
खैर, जैसा भी हो—
महापौर हैं, तो जन्मदिन धूमधाम से मनाया जाएगा।
जब सत्ता है, तो उसका लाभ भी उठाया जाएगा।
फिर भी औपचारिकता निभाते हुए—
महापौर श्रीमती अलका बाघमार को जन्मदिन की अग्रिम बधाई एवं शुभकामनाएँ।
बस इतना निवेदन है कि अगला जन्मदिन पोस्टरों में नहीं, बल्कि शहर की सूरत में विकास के रूप में नजर आए।
जगदलपुर, शौर्यपथ। 26 जनवरी गणतंत्र दिवस के पावन अवसर पर लालबाग मैदान, जगदलपुर में आयोजित मुख्य समारोह के दौरान 16 विभागों द्वारा आकर्षक एवं सुसज्जित झांकियों का भव्य प्रदर्शन किया गया। इस अवसर पर बस्तर पुलिस की झांकी ने प्रथम स्थान प्राप्त कर सभी का ध्यान आकर्षित किया।
बस्तर पुलिस की झांकी की थीम “साइबर सुरक्षित रहेगा बस्तर – बढ़ेगा बस्तर एवं सड़क सुरक्षा” रही। झांकी के माध्यम से आम जनता को साइबर अपराधों और सड़क सुरक्षा के प्रति जागरूक करने का प्रभावी संदेश दिया गया।
झांकी में डिजिटल अरेस्ट स्कैम, बीमा योजना स्कैम, एपीके फाइल स्कैम तथा इन्वेस्टमेंट स्कैम जैसे बढ़ते साइबर अपराधों के तरीकों को दर्शाते हुए उनसे बचाव के उपायों की जानकारी दी गई। वहीं युवाओं को सड़क सुरक्षा के प्रति प्रेरित करने के लिए बैटमैन, स्पाइडरमैन, कैप्टन अमेरिका और हीमैन जैसे लोकप्रिय हेरोइक आइकॉन के माध्यम से हेलमेट पहनने, यातायात नियमों का पालन करने का संदेश दिया गया।
बस्तर पुलिस की यह झांकी संदेश, प्रस्तुति और जन-जागरूकता के दृष्टिकोण से अत्यंत प्रभावशाली रही, जिसे निर्णायक मंडल द्वारा प्रथम पुरस्कार से सम्मानित किया गया।
जगदलपुर, शौर्यपथ। गणतंत्र दिवस की 77वीं वर्षगांठ के अवसर पर बस्तर जिला पत्रकार संघ के नयापारा स्थित भवन में पूरे हर्षोल्लास के साथ ध्वजारोहण कार्यक्रम आयोजित किया गया। प्रतिवर्ष की भांति इस वर्ष भी बस्तर के पत्रकारों ने स्वतंत्रता दिवस एवं गणतंत्र दिवस को गरिमामय वातावरण में मनाया। कार्यक्रम में बस्तर जिला पत्रकार संघ के अध्यक्ष मनीष गुप्ता ने ध्वजारोहण किया। इसके पश्चात उपस्थित पत्रकारों ने राष्ट्रगान गाकर तिरंगे को सलामी दी। इस अवसर पर अध्यक्ष मनीष गुप्ता ने अपने संबोधन में कहा कि भारत का संविधान हमें मौलिक अधिकारों के साथ-साथ देश की रक्षा, सुरक्षा और विकास में योगदान देने का दायित्व भी सौंपता है। इसी भावना के साथ हम गणतंत्र दिवस को उत्साह और उल्लास से मनाते हैं। कार्यक्रम में उपस्थित अन्य पत्रकार साथियों ने भी अपने विचार व्यक्त किए। सभी पत्रकारों ने एकजुट होकर स्वच्छ, निष्पक्ष और जिम्मेदार पत्रकारिता की शपथ ली। साथ ही यह संकल्प भी लिया गया कि बस्तर के विकास के लिए उनकी कलम सदैव तत्पर रहेगी और नक्सलवाद के खात्मे एवं शांति स्थापना के लिए पत्रकार साथी शासन-प्रशासन के साथ मिलकर सकारात्मक भूमिका निभाते रहेंगे। इस अवसर पर प्रमुख रूप से पत्रकार नरेश कुशवाहा, सत्यनारायण पाठक,अनिल सामंत, गुप्तेश्वर सोनी, सुनील मिश्रा, शिव प्रकाश सीजी, धर्मेंद्र महापात्र, सुब्बा राव, निरंजन दास, प्रदीप गुहा, शिव कुमार शुक्ला, जीवानंद हालदार, दीपक पांडे, नवीन गुप्ता, बादशाह खान, कृष्णा झा, रविंद्र दास, धीरज मेहरा, अनिल राव, सुनील साहू, सुलोचना फुंडे, प्रियंका सामंत सहित कार्यालय स्टाफ धनसिंग, भूपेश ठाकुर एवं अन्य पत्रकार साथी उपस्थित रहे। कार्यक्रम का समापन देशभक्ति के जयघोष और बस्तर के उज्ज्वल भविष्य की कामना के साथ हुआ।
बस्तर में गरिमामय ढ़ंग से मनाया गया गणतंत्र दिवस
जगदलपुर, शौर्यपथ। प्रदेश के उप मुख्यमंत्री अरूण साव ने 77 वें गणतंत्र दिवस के अवसर पर जगदलपुर के लालबाग में आयोजित मुख्य समारोह में ध्वजारोहण कर राष्ट्रीय ध्वज को सलामी दी। इस अवसर पर उन्होंने गणतंत्र दिवस की बधाई एवं शुभकामनाएं दी। गणतंत्र दिवस समारोह में जिला पुलिस बल, केंद्रीय अर्धसैनिक बल, नगर सेना, एनसीसी, स्काउट एवं गाइड्स आदि की 14 टुकड़ियों के द्वारा सलामी दी गई। उप मुख्यमंत्री श्री साव ने मुख्यमंत्री विष्णु देव साय के जनता के नाम संदेश का वाचन किया। इस अवसर पर हर्ष और उल्लास के प्रतीक रंगीन गुब्बारे आसमान में छोड़े गए। बस्तर जिले में गणतंत्र दिवस हर्षोल्लास के साथ मनाया गया। कार्यक्रम में स्कूली बच्चों के द्वारा रंगारंग सांस्कृतिक कार्यक्रमों की प्रस्तुति दी गई और विभिन्न विभागों द्वारा जनकल्याणकारी योजनाओं पर केंद्रित झांकियों का प्रदर्शन किया गया।
उप मुख्यमंत्री अरुण साव ने इस अवसर पर शहीद जवानों के परिजनों को शाॅल-श्रीफल भेंटकर उन्हें सम्मानित किया। कार्यक्रम में विभिन्न विभागों के उत्कृष्ट अधिकारी-कर्मचारियों को पुरस्कृत किया गया। साथ ही सांस्कृतिक प्रस्तुति, उत्कृष्ट परेड और झांकी के विजेताओं को पुरस्कृत किए। कार्यक्रम में छत्तीसगढ़ बेवरेजेस काॅर्पोरेशन अध्यक्ष श्रीनिवास मद्दी, महापौर संजय पांडेय, नगर निमम सभापति खेमसिंह देवांगन, जिला केन्द्रीय सहकारी बैंक के अध्यक्ष दिनेश कश्यप, उपाध्यक्ष श्रीनिवास मिश्रा, कमिश्नर डोमन सिंह, पुलिस महानिरीक्षक सुन्दरराज पी, सीसीएफ आलोक तिवारी एवं सुश्री स्टायलो मण्डावी, सीआरपीएफ के वरिष्ठ अधिकारी, कलेक्टर आकाश छिकारा, पुलिस अधीक्षक शलभ सिन्हा, जिला एवं सत्र न्यायालय के न्यायाधीशगण, जिला पंचायत के मुख्य कार्यपालन जगदलपुर अधिकारी प्रतीक जैन सहित बड़ी संख्या में गणमान्य नागरिकगण और अधिकारी-कर्मचारी, स्कूली छात्र-छात्राएं उपस्थित थे।
भिलाई | विशेष संवाददाता
भिलाई ट्रक ट्रेलर ट्रांसपोर्टर्स एसोसिएशन, दुर्ग परिवहन विभाग एवं यातायात पुलिस के संयुक्त तत्वावधान में सड़क सुरक्षा माह के अंतर्गत आयोजित जागरूकता अभियान कार्यक्रम रविवार को लगातार तीसरे वर्ष भी सफलतापूर्वक संपन्न हुआ। कार्यक्रम का आयोजन भिलाई ट्रक ट्रेलर ट्रांसपोर्टर्स एसोसिएशन के मुख्य कार्यालय, खुर्सीपार गेट, भिलाई में किया गया, जहां सड़क सुरक्षा को लेकर अनुकरणीय पहल देखने को मिली।
कार्यक्रम के दौरान 250 से अधिक ड्राइवरों का स्वास्थ्य परीक्षण, 150 से अधिक लोगों की नेत्र जांच, तथा 100 से अधिक यूनिट रक्तदान कर सामाजिक सरोकार का मजबूत संदेश दिया गया। इसके साथ ही चालकों को यातायात नियमों की जानकारी, ड्राइविंग लाइसेंस से संबंधित मार्गदर्शन प्रदान किया गया। सड़क सुरक्षा को बढ़ावा देने के उद्देश्य से 100 से अधिक महिलाओं एवं 500 से अधिक पुरुषों को हेलमेट का वितरण किया गया, जो कार्यक्रम की सबसे प्रभावशाली उपलब्धियों में रहा।
यातायात जागरूकता को जनमानस तक पहुंचाने के लिए नुक्कड़ नाटक का मंचन किया गया, जिसने सरल और प्रभावी संवाद के माध्यम से सुरक्षित ड्राइविंग, नियमों के पालन और जीवन की अहमियत का संदेश दिया। उपस्थित जनसमूह ने इस प्रस्तुति को सराहा।
कार्यक्रम में अतिरिक्त परिवहन आयुक्त छत्तीसगढ़ श्री यू.बी.एस. चौहान, क्षेत्रीय परिवहन अधिकारी दुर्ग श्री एस. लकड़ा, अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक दुर्ग श्री सुखनंदन राठौर, उप पुलिस अधीक्षक भिलाई श्री सत्य प्रकाश तिवारी, टीआई (आरटीओ) दुर्ग श्री डगेश्वर सिंह राजपूत, टीआई (आरटीओ) दुर्ग श्रीमती अरुणा साहू एवं परिवहन निरीक्षक श्री एस.के. जांगड़े की गरिमामयी उपस्थिति रही। सभी अतिथियों ने अपने संबोधन में कहा कि सड़क सुरक्षा अभियान केवल औपचारिकता नहीं, बल्कि निरंतर जनजागरूकता का माध्यम होना चाहिए।
भिलाई ट्रक ट्रेलर ट्रांसपोर्टर्स एसोसिएशन के अध्यक्ष श्री इंद्रजीत सिंह ने सभी अतिथियों, सहयोगी संस्थाओं एवं कार्यक्रम में शामिल ड्राइवर साथियों के प्रति आभार व्यक्त करते हुए कहा,
“सड़क सुरक्षा केवल एक अभियान नहीं, बल्कि हम सभी की सामूहिक जिम्मेदारी है। एक छोटी सावधानी भी किसी की जिंदगी बचा सकती है।”
कार्यक्रम का सफल संचालन महासचिव श्री मलकीत सिंह द्वारा किया गया। इस अवसर पर एसोसिएशन के पदाधिकारी एवं सदस्य, ड्राइवर साथी, सामाजिक कार्यकर्ता और गणमान्य नागरिक बड़ी संख्या में उपस्थित रहे।
यह आयोजन न केवल सड़क सुरक्षा के प्रति जागरूकता का उदाहरण बना, बल्कि सामाजिक सहभागिता और जिम्मेदार नागरिकता का भी सशक्त संदेश देकर गया।
देशभक्तिपूर्ण कार्यक्रमों से गूंजा प्रेरणा कक्ष
जगदलपुर, शौर्यपथ। गणतंत्र दिवस के पावन पर्व पर जिले के कलेक्टर आकाश छिकारा ने कलेक्टोरेट में ध्वजारोहण कर राष्ट्रीय ध्वज को सलामी दी। ध्वजारोहण के पश्चात राष्ट्र गान और राष्ट्रीय गीत का गायन किया गया। इस अवसर पर कलेक्टर आकाश छिकारा ने उपस्थित समस्त अधिकारियों और कर्मचारियों को गणतंत्र दिवस की हार्दिक बधाई एवं शुभकामनाएं दीं। इस दौरान उन्होंने छत्तीसगढ़ महतारी के प्रतिमा में पुष्प अर्पित किया।
कलेक्टोरेट में ध्वजारोहण के पश्चात प्रेरणा कक्ष में अधिकारियों और कर्मचारियों ने अपनी प्रतिभा का प्रदर्शन करते हुए देशभक्ति से ओत-प्रोत शानदार सांस्कृतिक कार्यक्रम प्रस्तुत किए। इन प्रस्तुतियों ने वहां मौजूद सभी लोगों के भीतर राष्ट्रप्रेम की भावना को और प्रगाढ़ कर दिया। इस अवसर पर अपर कलेक्टर सीपी बघेल एवं प्रवीण वर्मा, सहायक कलेक्टर विपिन दुबे, संयुक्त कलेक्टर एआर राणा सहित डिप्टी कलेक्टर सुश्री हीरा गवर्ना और सुश्री नंदिनी साहू समेत अन्य अधिकारी-कर्मचारी मौजूद रहे।
यह उस सोच का अंत है, जो स्वयं को पत्रकारिता का पर्याय और शेष सभी को नगण्य समझ बैठी थी।
सवाल सीधा और असहज है—
क्या पत्रकारिता किसी क्लब की बपौती है?
क्या किसी पत्रकार की पहचान कुछ लोगों की मोहर से तय होगी?
यदि जवाब “नहीं” है,
तो फिर दुर्ग में वह स्थिति क्यों बनी, जहाँ राष्ट्रीय और प्रतिष्ठित मीडिया संस्थानों से जुड़े पत्रकारों को भी बार-बार “पत्रकार” साबित करना पड़ा?
इस तथ्य से इंकार नहीं किया जा सकता कि पुराने प्रेस क्लब में अनुभव है, वरिष्ठता है और पत्रकारिता का इतिहास है।
लेकिन जब यही वरिष्ठता—
नए पत्रकारों के लिए दीवार बन जाए
सदस्यता वर्षों तक लटकाई जाए
बैठकों से लोकतांत्रिक संवाद गायब हो जाए
और संगठन कुछ गिने-चुने लोगों की सुविधा व वसूली का माध्यम बन जाए
तो सवाल उठना स्वाभाविक ही नहीं, आवश्यक हो जाता है।पत्रकारिता में सबसे खतरनाक नज़दीकी होती है— सत्ता से नहीं, आत्ममुग्धता से।
दुर्ग में वर्षों तक प्रशासन और राजनीतिक तंत्र के भीतर यह भ्रम बैठाया गया कि—“प्रेस क्लब मतलब यही लोग,इनके बाहर कोई पत्रकार नहीं।”
यह भ्रम इतना गहरा था कि कई अवसरों पर अन्य पत्रकारों को सार्वजनिक रूप से नकारा गया,जबकि वे ज़मीनी पत्रकारिता कर रहे थेऔर बड़े मीडिया संस्थानों से जुड़े हुए थे।
यह पत्रकारिता नहीं थी— यह सूचना पर कब्ज़े की मानसिकता थी।
नया प्रेस क्लब किसी सत्ता-समर्थित षड्यंत्र का परिणाम नहीं है। यह उन पत्रकारों की आख़िरी चुप्पी-तोड़ प्रतिक्रिया है,जिन्हें वर्षों तक यही सुनाया गया—
“जगह नहीं है, नियम नहीं है, ज़रूरत नहीं है।”
जब संगठन परिवार न रहे,तो नए घर बनते ही हैं।
यहाँ एक सच नए प्रेस क्लब के लिए भी उतना ही ज़रूरी है—पत्रकारिता जितनी बँटेगी,उतनी ही कमज़ोर होगी।दो प्रेस क्लब,दो मंच,दो ध्रुव—इस बंटवारे का सीधा लाभ पत्रकारों को नहीं, सत्ता और प्रशासन को मिलेगा।
जो आज तालियाँ बजा रहे हैं,वही कल इसी विभाजन का इस्तेमाल पत्रकारों की आवाज़ दबाने में करेंगे।
वरिष्ठ पत्रकारों की — कि संगठन को निजी जागीर न बनाएं
नए पत्रकारों की — कि विद्रोह मर्यादा से बाहर न जाए
पत्रकारिता में न वरिष्ठ छोटा होता है,न कनिष्ठ कमज़ोर— कमज़ोर होती है केवल नीयत।
क्या दुर्ग का पत्रकार क्लब से बड़ा बनेगा,या क्लब के नाम पर खुद को छोटा करता रहेगा? यदि पुराने प्रेस क्लब ने आत्ममंथन नहीं किया और नया प्रेस क्लब आत्मसंयम नहीं अपनाता—
तो इतिहास साफ़ है—
अहंकार से बना संगठन और जल्दबाज़ी से जन्मा विद्रोह,दोनों ही ज़्यादा देर तक नहीं टिकते। दुर्ग की पत्रकारिता आज चौराहे पर खड़ी है। अब फैसला पत्रकारों को करना है—
✒️ कलम एकजुट रखनी है
या
✒️ क्लबों में बाँट देनी है।
दुर्ग।
तहसील साहू संघ दुर्ग द्वारा साहू सदन, केलाबाड़ी में कार्यकारिणी विस्तार एवं शपथ ग्रहण समारोह का आयोजन गरिमामय एवं सौहार्दपूर्ण वातावरण में किया गया। कार्यक्रम में दुर्ग जिला साहू संघ के अध्यक्ष नंद लाल साहू तथा तहसील साहू संघ दुर्ग के अध्यक्ष पोषण साहू विशेष रूप से उपस्थित रहे।
समारोह के दौरान संगठन की नवगठित कार्यकारिणी के पदाधिकारियों को विधिवत शपथ दिलाई गई। इस अवसर पर शैलेन्द्र कुमार साहू को तहसील साहू संघ दुर्ग का मीडिया प्रभारी नियुक्त किया गया। उन्हें संगठन की गतिविधियों, सामाजिक कार्यों एवं विचारों को समाज और जनमानस तक प्रभावी ढंग से पहुँचाने की महत्वपूर्ण जिम्मेदारी सौंपी गई।
कार्यक्रम को संबोधित करते हुए वक्ताओं ने समाज की एकता, संगठन की मजबूती और सामाजिक उत्थान के लिए सामूहिक प्रयासों की आवश्यकता पर बल दिया। नवनियुक्त पदाधिकारियों ने समाजहित में निष्ठा, ईमानदारी और पूर्ण समर्पण के साथ अपने दायित्वों के निर्वहन का संकल्प लिया।
इस अवसर पर तहसील साहू संघ के पूर्व अध्यक्ष भीखम साहू, यतीश साहू सहित साहू समाज के अनेक वरिष्ठ पदाधिकारी एवं सदस्य बड़ी संख्या में उपस्थित रहे। सभी ने कार्यकारिणी विस्तार को संगठन को और अधिक सशक्त बनाने की दिशा में सकारात्मक कदम बताते हुए नवनियुक्त पदाधिकारियों को शुभकामनाएँ दीं।
समारोह उत्साहपूर्ण और सौहार्द्रपूर्ण वातावरण में सफलतापूर्वक संपन्न हुआ।
Feb 09, 2021 Rate: 4.00
