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March 27, 2026
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धर्म संसार / शौर्यपथ / प्रभु यीशु के जन्म की ख़ुशी में मनाया जाने वाला क्रिसमस का त्योहार पूरी दुनिया में मनाया जाता है। यह त्योहार कई मायनों में बेहद खास है। क्रिसमस को बड़ा दिन, सेंट स्टीफेंस डे या फीस्ट ऑफ़ सेंट स्टीफेंस भी कहा जाता है। प्रभु यीशु ने दुनिया को प्यार और इंसानियत की शिक्षा दी। उन्होंने लोगों को प्रेम और भाईचारे के साथ रहने का संदेश दिया। प्रभु यीशु को ईश्वर का इकलौता प्यारा पुत्र माना जाता है। इस त्योहार से कई रोचक तथ्य जुड़े हैं। आइए जानते हैं इनके बारे में।
क्रिसमस ऐसा त्योहार है जिसे हर धर्म के लोग उत्साह से मनाते हैं। यह एकमात्र ऐसा त्योहार है जिस दिन लगभग पूरे विश्व में अवकाश रहता है। 25 दिसंबर को मनाया जाने वाला यह त्योहार आर्मीनियाई अपोस्टोलिक चर्च में 6 जनवरी को मनाया जाता है। कई देशों में क्रिसमस का अगला दिन 26 दिसंबर बॉक्सिंग डे के रूप मे मनाया जाता है। क्रिसमस पर सांता क्लॉज़ को लेकर मान्यता है कि चौथी शताब्दी में संत निकोलस जो तुर्की के मीरा नामक शहर के बिशप थे, वही सांता थे। वह गरीबों की हमेशा मदद करते थे उनको उपहार देते थे। क्रिसमस के तीन पारंपरिक रंग हैं हरा, लाल और सुनहरा। हरा रंग जीवन का प्रतीक है, जबकि लाल रंग ईसा मसीह के रक्त और सुनहरा रंग रोशनी का प्रतीक है। क्रिसमस की रात को जादुई रात कहा जाता है। माना जाता है कि इस रात सच्चे दिल वाले लोग जानवरों की बोली को समझ सकते हैं। क्रिसमस पर घर के आंगन में क्रिसमस ट्री लगाया जाता है। क्रिसमस ट्री को दक्षिण पूर्व दिशा में लगाना शुभ माना जाता है। फेंगशुई के मुताबिक ऐसा करने से घर में सुख समृद्धि आती है। पोलैंड में मकड़ी के जालों से क्रिसमस ट्री को सजाने की परंपरा है। मान्यता है कि मकड़ी ने सबसे पहले जीसस के लिए कंबल बुना था।

भिलाई/शौर्यपथ। भिलाई स्थित डॉ. संतोष राय इंस्टीट्यूट ने CMA इंटर एवं फाइनल परीक्षा परिणामों में उल्लेखनीय सफलता दर्ज करते हुए एक बार फिर शहर को गौरवान्वित किया है। हाल ही में घोषित परिणामों में संस्थान के 70 से अधिक विद्यार्थियों ने परीक्षा उत्तीर्ण की, जो अपने आप में एक रिकॉर्ड उपलब्धि मानी जा रही है। इनमें से 14 विद्यार्थियों ने CMA फाइनल परीक्षा पास कर विधिवत कॉस्ट अकाउंटेंट (Cost Accountant) का दर्जा प्राप्त किया, जिससे संस्था और भिलाई का नाम प्रदेश स्तर पर रोशन हुआ है।

संस्थान प्रबंधन के अनुसार यह सफलता विद्यार्थियों की कड़ी मेहनत, अनुशासन और नियमित अध्ययन का परिणाम है, वहीं विद्यार्थियों ने अपनी उपलब्धि का श्रेय अनुभवी फैकल्टी, नियमित टेस्ट सीरीज़ और सुनियोजित मार्गदर्शन को दिया। संस्था के डायरेक्टर डॉ. संतोष राय ने सभी सफल छात्रों को बधाई देते हुए कहा कि संस्थान आने वाले वर्षों में भी इसी प्रकार उत्कृष्ट परिणाम देकर सफलता के नए आयाम स्थापित करता रहेगा।

सेक्टर-10, जोनल मार्केट (196), भिलाई में स्थित यह संस्थान कॉमर्स शिक्षा के क्षेत्र में लगातार बेहतर प्रदर्शन कर रहा है। यहां CMA फाउंडेशन, इंटर एवं फाइनल की नई कक्षाओं के लिए प्रवेश प्रारंभ हो चुके हैं और इच्छुक विद्यार्थियों से शीघ्र प्रवेश लेने की अपील की गई है।

संस्थान में प्रोफेशनल शिक्षकों की सशक्त टीम कार्यरत है, जिसमें डॉ. संतोष राय (गिनीज बुक रिकॉर्ड होल्डर), डॉ. मिठू, सीए प्रवीण बाफना, सीए केतन ठक्कर, डॉ. पीयूष जोशी, मिस अविनाश कौर, इंजीनियर अमित बाफना, डॉ. अमित श्रीवास्तव, सीए विक्रांत रघुवंशी एवं सीए पल्लवी अग्रवाल शामिल हैं। यहां 11वीं-12वीं (CBSE), CA, CMA और CUET की कक्षाओं के साथ-साथ पर्सनालिटी डेवलपमेंट, ग्रुप डिस्कशन, पर्सनल इंटरव्यू और पब्लिक स्पीकिंग का प्रशिक्षण भी दिया जाता है, जिससे विद्यार्थियों के सर्वांगीण विकास पर विशेष ध्यान केंद्रित किया जाता है।

दुर्ग /शौर्यपथ। नवदृष्टि फाउंडेशन के सक्रिय सदस्य प्रभुदयाल उजाला के चाचा श्री जगदीश चंद्र उजाला के निधन के पश्चात उनके नेत्रदान की प्रेरक पहल ने दो नेत्रहीन व्यक्तियों के जीवन में नई रोशनी भर दी। संतराबाड़ी निवासी श्री उजाला के देहावसान के बाद उनकी पत्नी श्रीमती रामकुंवर उजाला, पुत्र रूपेश उजाला एवं खेमचंद उजाला तथा बहुएं सपना व गायत्री की सहमति से नेत्रदान की प्रक्रिया सम्पन्न कराई गई।

निधन का समाचार मिलते ही नवदृष्टि फाउंडेशन के सदस्य राज आढ़तिया, कुलवंत भाटिया, राजेश पारख और मंगल अग्रवाल मध्य रात्रि में उजाला भवन पहुंचे और नेत्रदान की संपूर्ण व्यवस्था संभाली। श्री शंकराचार्य मेडिकल कॉलेज की टीम—डॉ. संदीप बचकर, डॉ. लीजन एवं नेत्र प्रभारी विवेक कसार—ने बंसल निवास पहुंचकर कॉर्निया संग्रहित किए। विवेक कसार ने उजाला परिवार को इस मानवीय निर्णय के लिए साधुवाद दिया।

प्रभुदयाल उजाला ने कहा कि संस्था से जुड़े होने के कारण वे प्रतिदिन लोगों की पीड़ा और अंधत्व का दर्द देखते हैं, इसलिए परिवार ने वही किया जिसके लिए वे समाज को प्रेरित करते रहे हैं। उन्होंने कहा कि चाचाजी के नेत्रों से दो परिवारों को नई ज्योति मिलेगी। यह उनके परिवार का पहला नेत्रदान है और आगे इसे पारिवारिक परंपरा बनाने का संकल्प लिया गया है।

पुत्र रूपेश उजाला ने भावुक स्वर में कहा कि पिता के निधन से परिवार पर दुखों का पहाड़ टूट पड़ा है, किंतु इस कठिन घड़ी में नेत्रदान कर उन्होंने समाज के प्रति अपना कर्तव्य निभाया है। फाउंडेशन के सदस्य राजेश पारख ने कहा कि प्रभुदयाल उजाला सदैव सामाजिक दायित्व निभाते आए हैं और अपने परिवार से शुरुआत कर उन्होंने समाज को अनुकरणीय संदेश दिया है।

नवदृष्टि फाउंडेशन की ओर से अनिल बल्लेवार, कुलवंत भाटिया, राज आढ़तिया, प्रवीण तिवारी, मुकेश आढ़तिया, हरमन दुलई, रितेश जैन, राजेश पारख, जितेंद्र हासवानी, मंगल अग्रवाल, किरण भंडारी, उज्जवल पींचा, सत्येंद्र राजपूत, सुरेश जैन, पीयूष मालवीय, दीपक बंसल, विकास जायसवाल, मुकेश राठी, प्रभुदयाल उजाला, प्रमोद बाघ, सपन जैन, यतीन्द्र चावड़ा, जितेंद्र कारिया, बंसी अग्रवाल, अभिजीत पारख, मोहित अग्रवाल, चेतन जैन, दयाराम टांक, विनोद जैन एवं राकेश जैन ने स्व. जगदीश चंद्र उजाला को श्रद्धांजलि अर्पित करते हुए उजाला परिवार को इस प्रेरणादायी निर्णय के लिए साधुवाद दिया।

मानवीय संवेदना और सामाजिक जिम्मेदारी की यह मिसाल समाज को नेत्रदान जैसे पुनीत कार्य के लिए प्रेरित करती है।

आयुक्त सुमित अग्रवाल ने किया निरीक्षण, महापौर ने की अधिकाधिक सहभागिता की अपील

दुर्ग, ।
नगर पालिक निगम दुर्ग द्वारा आयोजित होने वाला बहुप्रतीक्षित फ्लावर शो इस वर्ष और भी भव्य स्वरूप में 14 फरवरी को शहर के प्रमुख उद्यान राजेंद्र पार्क में आयोजित किया जाएगा। तैयारियां अंतिम चरण में हैं और पूरा पार्क रंग-बिरंगे पुष्पों, सुसज्जित क्यारियों और आकर्षक सजावटी पौधों से सजकर मानो प्रकृति का उत्सव मनाने को तैयार है।

नगर निगम प्रशासन आयोजन को सफल और यादगार बनाने के लिए पूरे उत्साह और तत्परता से जुटा हुआ है। पार्क में विशेष सजावट, आकर्षक फ्लोरल डिस्प्ले और प्रतियोगिताओं के लिए अलग-अलग श्रेणियों की व्यवस्था की जा रही है, जिससे आगंतुकों को एक अनूठा अनुभव मिल सके।

आयुक्त ने लिया तैयारियों का जायजा

आयुक्त सुमित अग्रवाल ने पर्यावरण प्रभारी काशीराम कोसरे सहित अधिकारियों और कर्मचारियों के साथ आयोजन स्थल का निरीक्षण कर व्यवस्थाओं की समीक्षा की। उन्होंने साफ-सफाई, सुरक्षा, पेयजल, प्रकाश व्यवस्था और आगंतुकों की सुविधा को सर्वोच्च प्राथमिकता देने के निर्देश दिए।

आयुक्त ने कहा कि फ्लावर शो नगरवासियों के लिए आकर्षण का प्रमुख केंद्र होगा, इसलिए आयोजन स्थल पर सभी व्यवस्थाएं सुव्यवस्थित और दुरुस्त रहनी चाहिए। उन्होंने अधिकारियों को समयबद्धता और समन्वय के साथ कार्य करते हुए कार्यक्रम को सफल बनाने के निर्देश दिए।

शहर में बढ़ा उत्साह, दूर-दूर से हो रहा पंजीयन

फ्लावर शो को लेकर शहरवासियों में विशेष उत्साह देखा जा रहा है। प्रतियोगिता में भाग लेने के लिए शहर के अंतिम छोर से भी नागरिक पंजीयन कराने पहुंच रहे हैं। घर-आंगन में उगाए गए आकर्षक फूलों और सजावटी पौधों को प्रदर्शित करने के लिए लोग बढ़-चढ़कर हिस्सा ले रहे हैं।

आयोजन के दौरान विभिन्न श्रेणियों में प्रतियोगिताएं आयोजित की जाएंगी, जिनमें उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाले प्रतिभागियों को सम्मानित एवं पुरस्कृत किया जाएगा।

पर्यावरण संरक्षण का संदेश

महापौर अलका बाघमार ने कहा कि यह फ्लावर शो केवल एक प्रदर्शनी नहीं, बल्कि पर्यावरण संरक्षण और हरियाली को बढ़ावा देने का एक सार्थक प्रयास है। उन्होंने शहरवासियों से अधिकाधिक संख्या में सहभागिता करने और अपने घरों में हरियाली बढ़ाने का संदेश दिया।

पर्यावरण प्रभारी काशीराम कोसरे ने कहा कि इस आयोजन के माध्यम से नागरिकों को प्रकृति से जोड़ने तथा स्वच्छ एवं हरित दुर्ग के निर्माण का संकल्प साकार करने का अवसर मिलेगा।

अनुमान है कि बड़ी संख्या में नागरिक इस भव्य फ्लावर शो का आनंद लेने पहुंचेंगे और राजेंद्र पार्क एक दिन के लिए सचमुच फूलों की खुशबू से महक उठेगा।

नई दिल्ली / 14 फरवरी 2026—यह तारीख देश की स्मृति में केवल एक दिन नहीं, बल्कि राष्ट्र की चेतना में अंकित वह पीड़ा है, जिसने पूरे भारत को एक सूत्र…
पुलवामा हमला (2019): शहादत का काला दिन आज ही के दिन जम्मू-कश्मीर के पुलवामा जिले में सीआरपीएफ के काफिले पर हुए आत्मघाती आतंकी हमले ने…


बस्तर में शांति और संगठित अपराध पर सख्ती के लिए सरकार प्रतिबद्ध

रायपुर/शौर्यपथ। उपमुख्यमंत्री एवं गृह मंत्री श्री विजय शर्मा ने नया रायपुर स्थित संवाद ऑडिटोरियम में गृह एवं जेल विभाग की उपलब्धियों और आगामी रणनीतियों को लेकर पत्रकारों से चर्चा करते हुए कहा कि राज्य सरकार नई सोच और तकनीकी एकीकरण के साथ कानून-व्यवस्था को सुदृढ़ कर रही है। उन्होंने बताया कि नए आपराधिक कानूनों के कार्यान्वयन के तहत आईसीजेएस (ढ्ढष्टछ्वस्) प्रणाली में पुलिस, अभियोजन, फॉरेंसिक, जेल और न्यायालय—इन पांचों स्तंभों को एकीकृत करने में छत्तीसगढ़ अग्रणी राज्यों में है। दुर्ग और बिलासपुर को पायलट मॉडल के रूप में विकसित किया गया है, जहां ई-साक्ष्य प्रणाली से जांच प्रक्रिया तेज हुई है और पुलिस का मनोबल बढ़ा है।

गृह मंत्री ने कहा कि सीसीटीएनएस के माध्यम से मेडलीपार, ई-साक्ष्य, ई-समन, ऑनलाइन एफआईआर, ई-साइन, ई-कोर्ट और ई-श्रुति जैसी व्यवस्थाओं ने पुलिस कार्यप्रणाली को सरल और त्वरित बनाया है। पुलिसकर्मियों के कल्याण के लिए 8 बैंकों के साथ एमओयू कर बिना प्रीमियम सैलरी अकाउंट पर बीमा सुविधा शुरू की गई है, जिससे सभी अधिकारी-कर्मचारी लाभान्वित हो रहे हैं। अब तक 15 शहीद पुलिसकर्मियों के आश्रितों को 16 करोड़ रुपये से अधिक की सहायता दी जा चुकी है।

उन्होंने बताया कि अपराध समीक्षा अब डिजिटल एप्लीकेशन से की जा रही है, जिससे एफआईआर की निगरानी और समय-सीमा में विवेचना सुनिश्चित हो रही है। शिकायतों के त्वरित निराकरण के लिए ऑनलाइन कम्प्लेंट मैनेजमेंट पोर्टल शुरू किया गया है, जिससे पारदर्शिता और जवाबदेही बढ़ी है। अवैध प्रवासियों की पहचान के लिए टोल-फ्री नंबर जारी कर विशेष टास्क फोर्स गठित की गई है तथा 34 लोगों को विदेशी नागरिक अधिनियम के तहत निष्कासित किया गया है।

गौवंश वध, परिवहन और व्यापार के मामलों में 142 वाहन राजसात कर 27 की नीलामी की गई है तथा 19 आदतन आरोपियों पर गैंगस्टर एक्ट के तहत निगरानी खोली गई है। नशे के विरुद्ध एनडीपीएस एक्ट के तहत कार्रवाई करते हुए मादक पदार्थों के नेटवर्क पर वित्तीय प्रहार किया जा रहा है। साइबर अपराधों के विरुद्ध 165 फर्जी सिम संचालकों की गिरफ्तारी और 255 ऑनलाइन जुआ प्लेटफॉर्म के लिंक ब्लॉक किए गए हैं। कई जिलों में नए साइबर थानों की स्थापना की गई है।

नक्सलवाद के मुद्दे पर श्री शर्मा ने कहा कि 31 मार्च 2026 तक सशस्त्र नक्सलवाद के अंत के लक्ष्य पर सरकार प्रतिबद्ध है। पुनर्वास नीति के तहत बड़ी संख्या में नक्सलियों ने आत्मसमर्पण कर मुख्यधारा का रास्ता चुना है। पुनर्वासित युवाओं को आजीविका प्रशिक्षण, योजनाओं का लाभ, शैक्षणिक भ्रमण और सामूहिक विवाह जैसी सुविधाएं दी जा रही हैं। इलवद पंचायत योजना के तहत दो पंचायतों ने स्वयं को नक्सल मुक्त घोषित किया है।

जेल सुधारों के तहत रायपुर, दुर्ग, बिलासपुर और अंबिकापुर केंद्रीय जेलों को आईएसओ प्रमाणन मिला है। अंबिकापुर जेल में सरगुजा स्कूल ऑफ आट्र्स और रायपुर जेल में 'उमंग-तरंगÓ रेडियो स्टेशन संचालित है। बंदियों के कौशल विकास के लिए मसाला, ऑयल एक्सट्रेक्शन, एलईडी बल्ब और पेट्रोल पंप जैसे उद्योग स्थापित किए गए हैं।

इस अवसर पर एसीएस गृह मनोज पिंगुआ, डीजी जेल हिमांशु गुप्ता, सचिव हिमशिखर गुप्ता सहित वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित रहे।

नई दिल्ली। आज शनिवार, 14 फरवरी 2026 को हिंदू पंचांग के अनुसार फाल्गुन मास की कृष्ण पक्ष की द्वादशी तिथि दोपहर 03:10 बजे तक रहेगी,…

  रायपुर / शौर्यपथ / मुख्यमंत्री विष्णु देव साय की अध्यक्षता में आज मुख्यमंत्री निवास कार्यालय में छत्तीसगढ़ राज्य वन्यजीव बोर्ड की 16वीं बैठक आयोजित हुई। बैठक में बोर्ड की 15वीं बैठक के पालन प्रतिवेदन तथा नवीन एजेंडों पर चर्चा उपरांत प्रस्तावों को राष्ट्रीय वन्यजीव बोर्ड के निर्णय हेतु प्रेषित करने पर सहमति बनी।
मुख्यमंत्री साय ने कहा कि वन्यजीव हमारी प्रकृति की अमूल्य धरोहर हैं और उनके संरक्षण–संवर्धन के लिए सामूहिक प्रयास आवश्यक हैं। उन्होंने वन्यजीवों की सुरक्षा के लिए सतत निगरानी, अवैध गतिविधियों पर रोक तथा उनकी सुरक्षा के लिए जनभागीदारी को बढ़ावा देने पर जोर दिया। साथ ही, वनों के आसपास रहने वाले ग्रामीणों में जागरूकता बढ़ाने और युवाओं की सक्रिय भूमिका सुनिश्चित करने की आवश्यकता बताई। मुख्यमंत्री ने न्यूनतम हस्तक्षेप के सिद्धांत को अपनाते हुए अत्यावश्यक कार्यों को ही वन्यजीवों के प्राकृतिक आवास में बिना किसी छेड़छाड़ के पूर्ण करने पर बल दिया। उन्होंने सह-अस्तित्व के सिद्धांतों के अनुरूप सभी गतिविधियों के संचालन की बात कही।
बैठक में छत्तीसगढ़ राज्य वन्यजीव बोर्ड की स्थायी समिति के गठन को मंजूरी दी गई। स्थायी समिति का गठन वन एवं जलवायु परिवर्तन मंत्री की अध्यक्षता में किया जाएगा, जिसमें 11 अन्य सदस्य शामिल होंगे। उल्लेखनीय है कि वन्य प्राणियों की दृष्टि से महत्वपूर्ण क्षेत्रों में होने वाले कार्यों के प्रस्तावों पर राज्य वन्यजीव बोर्ड का अभिमत अनिवार्य होता है। बोर्ड की बैठकों के बीच अधिक अंतराल के कारण प्रस्तावों की स्वीकृति में विलंब की स्थिति बनती है। स्थायी समिति के गठन से वैधानिक मंजूरियों के त्वरित निपटान तथा वन्यजीव प्रबंधन से संबंधित मुद्दों के शीघ्र निराकरण में सहायता मिलेगी।
बैठक में उदंती-सीतानदी टाइगर रिजर्व अंतर्गत बरबांधा जलाशय में बांध एवं नहरों के जीर्णोद्धार एवं नवीन कार्य, पीएम जनमन योजना के अंतर्गत कबीरधाम जिले के कवर्धा वनमंडल में पंडरीपानी मेन रोड से सौरु तक मार्ग मजबूतीकरण, गुरु घासीदास राष्ट्रीय उद्यान क्षेत्र में ऑप्टिकल फाइबर बिछाने से संबंधित 6 प्रस्ताव, सेमरसोत अभ्यारण्य में ऑप्टिकल फाइबर बिछाने, उदंती–सीतानदी टाइगर रिजर्व में सीआरपीएफ कैंप की स्थापना तथा उदंती–सीतानदी टाइगर रिजर्व में ऑप्टिकल फाइबर बिछाने के प्रस्तावों का अनुमोदन कर उन्हें राष्ट्रीय वन्यजीव बोर्ड की स्वीकृति हेतु प्रेषित करने पर सहमति दी गई।
कार्यक्रम में वन मंत्री केदार कश्यप, विधायक धर्मजीत सिंह, मुख्य सचिव विकास शील, अपर मुख्य सचिव श्रीमती ऋचा शर्मा, प्रधान मुख्य वन संरक्षक एवं वन बल प्रमुख व्ही. श्रीनिवास राव, प्रधान मुख्य वन संरक्षक (वन्यजीव) अरुण कुमार पाण्डेय सहित बोर्ड के अन्य सदस्य एवं अधिकारीगण उपस्थित रहे।

नई दिल्ली।
ICC पुरुष T20 विश्व कप 2026 के ग्रुप-A मुकाबले में भारतीय क्रिकेट टीम ने दमदार प्रदर्शन करते हुए नामीबिया को 93 रनों के विशाल अंतर से पराजित किया। यह मुकाबला 12 फरवरी 2026 को दिल्ली के अरुण जेटली स्टेडियम में खेला गया, जहां भारत ने बल्लेबाजी और गेंदबाजी—दोनों विभागों में अपना वर्चस्व कायम रखा।

पहले बल्लेबाजी करते हुए भारत ने 20 ओवरों में 9 विकेट के नुकसान पर 209 रन बनाए। भारतीय पारी के हीरो इशान किशन रहे, जिन्होंने मात्र 24 गेंदों में 61 रनों की विस्फोटक पारी खेली। उनके अलावा हार्दिक पांड्या ने 28 गेंदों में 52 रन बनाकर नामीबियाई गेंदबाजों पर दबाव बनाए रखा। भारतीय बल्लेबाजों की आक्रामकता के सामने नामीबिया का गेंदबाजी आक्रमण बेबस नजर आया।

210 रनों के लक्ष्य का पीछा करने उतरी नामीबिया की टीम भारतीय गेंदबाजों के सामने टिक नहीं सकी और 18.2 ओवरों में महज 116 रनों पर सिमट गई। भारत की ओर से वरुण चक्रवर्ती ने शानदार गेंदबाजी करते हुए 3 विकेट झटके। वहीं, हार्दिक पांड्या और अक्षर पटेल ने 2-2 विकेट लेकर नामीबिया की रनचेज को पूरी तरह पटरी से उतार दिया।

ऑलराउंड प्रदर्शन के लिए हार्दिक पांड्या को ‘प्लेयर ऑफ द मैच’ चुना गया। उन्होंने न केवल अर्धशतकीय पारी खेली, बल्कि महत्वपूर्ण विकेट भी अपने नाम किए।

इस जीत के साथ भारत ने टूर्नामेंट में लगातार दूसरी जीत दर्ज की है और ग्रुप-A में अपनी स्थिति मजबूत कर ली है। अब क्रिकेट प्रशंसकों की निगाहें भारत के अगले मुकाबले पर टिकी हैं, जहां भारतीय टीम रविवार, 15 फरवरी को कोलंबो में चिरप्रतिद्वंद्वी पाकिस्तान से भिड़ेगी। यह मुकाबला ग्रुप चरण का सबसे चर्चित और निर्णायक मैच माना जा रहा है।

विश्व रेडियो दिवस पर रायपुर में राष्ट्रीय स्तर का विशेष आयोजन; आकाशवाणी और यूनेस्को ने 'रेडियो और एआईÓ थीम पर साझा किया भविष्य का रोडमैप
रायपुर / शौर्यपथ / विश्व रेडियो दिवस के अवसर पर आज छत्तीसगढ़ की राजधानी रायपुर में आकाशवाणी और यूनेस्को द्वारा संयुक्त रूप से आयोजित राष्ट्रीय स्तर के एक विशेष कार्यक्रम का भव्य शुभारंभ हुआ। राज्य के मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय ने इस गरिमामय समारोह का उद्घाटन किया। इस वर्ष विश्व रेडियो दिवस की थीम 'रेडियो और आर्टिफिशियल इंटेलिजेंसÓ (्रढ्ढ) रखी गई है, जो सूचना क्रांति के इस दौर में रेडियो की प्रासंगिकता और आधुनिक तकनीक के समन्वय पर केंद्रित है। मुख्यमंत्री ने इस अवसर पर रेडियो की विश्वसनीयता और एआई की गति के संगम को जनसेवा के लिए एक नई क्रांति बताया।

कार्यक्रम को संबोधित करते हुए मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय ने कहा कि आकाशवाणी सूचना, शिक्षा और स्वस्थ मनोरंजन देने का एक सशक्त माध्यम है। उन्होंने कहा कि ग्रामीण अंचलों और किसानों के जीवन में रेडियो की भूमिका आज भी अद्वितीय है। श्री साय ने जोर देकर कहा कि तेज गति से समाचार देने की प्रतिस्पर्धा के बीच आकाशवाणी ने विश्वसनीय, संतुलित और जनहितकारी सूचना देने की अपनी परंपरा को कायम रखते हुए एक विशेष पहचान बनाई है। उन्होंने एआई के उपयोग पर चिंतन की आवश्यकता बताते हुए कहा कि छत्तीसगढ़ में एफ.एम. ट्रांसमीटरों के विस्तार से जल्द ही राज्य की करीब 95 प्रतिशत आबादी तक आकाशवाणी की पहुंच सुनिश्चित हो जाएगी। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी द्वारा 'मन की बातÓ जैसे लोकप्रिय कार्यक्रम के लिए रेडियो का चयन इसकी व्यापक पहुंच और प्रभाव को दर्शाता है।

आकाशवाणी के महानिदेशक श्री राजीव जैन ने स्वागत भाषण देते हुए रेडियो को समाज के सर्वांगीण विकास का महत्वपूर्ण स्तंभ बताया। उन्होंने कहा कि रेडियो ने न सिर्फ देश की समृद्ध सांस्कृतिक विरासत को संजोया है, बल्कि देश की प्रगति में समाज के सभी वर्गों को जोड़ा है। श्री जैन ने जानकारी दी कि 23 भाषाओं और 182 बोलियों के माध्यम से आकाशवाणी देश के दूरदराज के हिस्सों को मुख्यधारा से जोडऩे का प्रयास कर रहा है। उन्होंने स्पष्ट किया कि बदलती तकनीक के साथ आकाशवाणी भी खुद को ढाल रहा है और अब एआई का उपयोग इस तरह किया जाएगा कि इसकी विश्वसनीयता और श्रोताओं के साथ आत्मीय रिश्ता निरंतर बना रहे।

समारोह के दौरान यूनेस्को की क्षेत्रीय संचार और सूचना सलाहकार सुश्री हज्जाज माले ने भी रेडियो की व्यापक पहुंच और विश्वसनीयता की सराहना की। कार्यक्रम का एक मुख्य आकर्षण राष्ट्रगीत वंदे मातरम के 150 वर्ष पूर्ण होने के उपलक्ष्य में विशेष स्मारक श्रृंखला 'स्वाधीनता का जयघोषÓ के अंतर्गत छह संगीत प्रस्तुतियों का डिजिटल विमोचन रहा। इस अवसर पर रेडियो की विकास यात्रा पर आधारित एक प्रदर्शनी भी लगाई गई और विशेषज्ञों द्वारा एआई के प्रभावी उपयोग पर चर्चा की गई। कार्यक्रम में सांस्कृतिक प्रस्तुतियों के साथ-साथ विशेषज्ञों ने भविष्य की संचार चुनौतियों और रेडियो की भूमिका पर मंथन किया।

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