
CONTECT NO. - 8962936808
EMAIL ID - shouryapath12@gmail.com
Address - SHOURYA NIWAS, SARSWATI GYAN MANDIR SCHOOL, SUBHASH NAGAR, KASARIDIH - DURG ( CHHATTISGARH )
LEGAL ADVISOR - DEEPAK KHOBRAGADE (ADVOCATE)
जगदलपुर / शौर्यपथ /
कलेक्टर श्री रजत बंसल की अध्यक्षता में आज स्वास्थ्य तथा महिला व बाल विकास विभाग के कार्यों की समीक्षा की गई। जिला कार्यालय के प्रेरणा कक्ष में आयोजित बैठक में जिला पंचायत के मुख्य कार्यपालन अधिकारी श्री रोहित व्यास भी उपस्थित थे।
बैठक में शासन के महत्वपूर्ण योजनाओं और कार्यक्रमों की समीक्षा की गई, जिनमें प्रमुख तौर पर हाट-बाजार क्लीनिक योजना, आयुष्मान कार्ड, गर्भवती जांच, पोषण पुनर्वास केन्द्र संचालन, कुपोषण मुक्ति, प्रधानमंत्री मातृत्व वंदना योजना सहित विभिन्न कार्यक्रमों की समीक्षा की गई। स्वास्थ्य विभाग अंतर्गत संचालित योजनाओं की धीमी गति पर नाराजगी जाहिर करते हुए बस्तर, लोहण्डीगुड़ा व बास्तानार के खण्ड चिकित्सा अधिकारियों से स्पष्टीकरण मांगते हुए एक सप्ताह के भीतर कार्य में अपेक्षित गति नहीं लाए जाने पर कड़ी कार्यवाही की चेतावनी दी गई। पोषण पुनर्वास केन्द्रों में उपलब्ध बिस्तरों में शत-प्रतिशत भर्ती नहीं पाए जाने के कारण बाल विकास परियोजना बकावण्ड - 01 एवं 02 के परियोजना अधिकारी व समस्त सेक्टर पर्यवेक्षकों से स्पष्टीकरण मांगा गया। नोनी सुरक्षा योजना के तहत 1090 आवेदनों के लंबित रहने के कारण बाल विकास परियोजना तोकापाल जगदलपुर ग्रामीण, जगदलपुर शहरी, लोहण्डीगुड़ा बस्तर एवं बकावण्ड - 01, 02 के परियोजना अधिकारी तथा सेक्टर पर्यवेक्षकों से स्पष्टीकरण मांगा गया।
बैठक में हाट-बाजार क्लीनिक योजना के तहत निर्धारित स्थलों में पहुंचकर लोगों को स्वास्थ्य सुविधाएं प्रदान करने के निर्देश दिए गए। इस योजना के व्यापक प्रचार-प्रसार के लिए दीवार लेखन जैसे माध्यमों का अधिक से अधिक उपयोग करने के निर्देश दिए गए। बस्तर जिले के सभी हितग्राहियों का आयुष्मान कार्ड बनाने के लिए गांव-गांव में शिविर का आयोजन करने के साथ ही जनसेवा केन्द्रों में प्रतिदिन न्यूनतम 50 आयुष्मान कार्ड बनाने के निर्देश भी दिए गए। सभी सामुदायिक स्वास्थ्य के साथ ही प्राथमिक स्वास्थ्य केन्द्रों में भी आयुष्मान कार्ड योजना के तहत लोगों को नि:शुल्क उपचार की सुविधा प्रदान करने के निर्देश भी दिए गए। रानसरगीपाल में आयुष्मान योजना के तहत चिकित्सा प्रदान करने में रुचि नहीं लेने पर ऑपरेटर के विरुद्ध कड़ी कार्यवाही के निर्देश दिए गए। इस दौरान कोरोना के बढ़ते हुए मामलों को देखते हुए कोरोना जांच में तेजी लाने के निर्देश दिए गए।
कुपोषण को एक अत्यंत गंभीर समस्या बताते हुए इस पर नियंत्रण के लिए पूरी लगन के साथ कार्य करने की आवश्यकता बताई गई। जिन केन्द्रों में कुपोषण को दूर करने के लिए अच्छा कार्य हो रहा है, उन केन्द्रों के कार्यकर्ता व सहायिका का सम्मान करने के साथ ही उनके संबंध में अन्य केन्द्रों में चर्चा करने के निर्देश दिए गए। इसके साथ ही कुपोषण को दूर करने के लिए प्राप्त राशि का सही उपयोग नहीं किए जाने पर कड़ी कार्यवाही की चेतावनी भी दी गई। आंगनबाड़ी केन्द्रों का नियमित निरीक्षण करने के साथ ही निरीक्षण पंजी पर टीप अंकित करने के निर्देश भी दिए गए।
Make sure you enter all the required information, indicated by an asterisk (*). HTML code is not allowed.
Feb 09, 2021 Rate: 4.00
