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नारायणशौर्यपथ/मुख्यमंत्री भूपेश बघेल की मासिक रेडियोवार्ता लोकवाणी की 22वीं कड़ी के प्रसारण को आज नारायणपुर जिले के ग्राम पंचातय कुरूशनार में बड़े ही उत्साह और उमंग के साथ सुना गया। मुख्यमंत्री श्री बघेल की मासिक पुर/शौर्यपथरेडियोवार्ता लोकवाणी में प्रदेष की जनता को नवरात्रि, दषहरा, करवा चौथ, दीपावली, गौरा-गौरी पूजा, मातर, गोवर्धन पूजा, छठ पूजा, भाई दूज आदि त्यौहारों की बधाई व षुभकामनाए देते हुए सभी त्यौहारों को कोरोना नियमों का पालन करते हुए मनाने की समझाई दी। उन्होंने नारायणपुर जिले में प्रारंभ किये गये मसाहती सर्वे प्रारंभ करने पर ग्राम कुरूशनार के कृशक श्री सत्यनारायण से भी बात की। कृशक सत्यनारायण ने कहा कि हम लोग पहले अपनी जिंदगी में रमे रहते थे और हमको सुख-दुःख का कोई मालूम नहीं रहता था, न ही समझ में आता था, लेकिन अब माननीय मुख्यमंत्री जी भूपेश बघेल की सरकार आने के बाद हमारे सर्वेक्षण की बात कही। सर्वेक्षण करने के बाद भी हमको पता नहीं चला कि हमको इससे क्या लाभ होगा ? हमको कोई जानकारी नहीं थी लेकिन सर्वे होने के बाद हम लोगों को अब पता चल रहा है कि हमारा पट्टा बन गया। पट्टे मिलने से धान खरीदी हो रही है। भूमि समतलीकरण किया जा रहा है इसके अलावा राज्य सरकार की अन्य योजनाओं का भी लाभ हमें मिल रहा है। ये सब लाभ मिलने के कारण हम सभी कुरूशनार के किसान व ग्रामीण भूपेश बघेल जी को धन्यवाद देते हैं।
मुख्यमंत्री श्री भूपेष बघेल ने कहा कि अबूझमाड़ का मतलब था, ऐसा स्थान, ऐसा वन क्षेत्र, जिसे बूझा नहीं जा सका है। जब हम सरकार में आए तो मुझे लगा कि ऐसा कैसे हो सकता है कि प्रदेश का कोई क्षेत्र अबूझा रह जाए। जहां की आशाओं, आकांक्षाओं को समझने, जनसुविधाओं और विकास की योजनाओं को पहुंचाने की कोई व्यवस्था ही न हो। राज्य के किसी अंचल के बारे में राज्य सरकार यह कहे कि वह क्षेत्र तो बूझा ही नहीं गया, इससे बड़ी विडम्बना और क्या हो सकती थी? मैंने जांच कराई तो पता चला कि नारायणपुर जिले के ओरछा विकासखण्ड के कुल 237 ग्राम तथा नारायणपुर विकासखण्ड के 9 ग्राम अभी भी असर्वेक्षित हैं। सर्वेक्षण नहीं होने के कारण यहां के किसानों सहित विभिन्न वर्ग के लोगों को शासन की विभिन्न योजनाओं का लाभ नहीं मिल पाता है। इसे ध्यान में रखते हुए हमने मसाहती सर्वे कार्य को प्राथमिकता से कराने का निर्णय लिया है। अब तक ओरछा विकासखण्ड के 4 ग्रामों तथा नारायणपुर विकासखण्ड के 9 ग्रामों का प्रारंभिक सर्वे पूर्ण कर, उन्हें भुईंयां सॉफ्टवेयर के साथ जोड़ा गया तथा 6 अन्य ग्रामों का सर्वेक्षण कार्य प्रक्रिया में है। आई.आई.टी. रुड़की के सहयोग से 19 ग्रामों का प्रारंभिक नक्शा एवं अभिलेख तैयार कराया गया है।
मुख्यंत्री श्री बघेल ने कहा कि राज्य शासन के निर्णय के अनुसार सर्वेक्षण की प्रक्रिया पूर्ण होने तक प्रारंभिक अभिलेख अथवा मसाहती खसरा को आधार मानकर कब्जेदार को विभिन्न योजनाओं का लाभ दिया जाए। इसी कड़ी में जिला प्रशासन द्वारा विशेष शिविर लगाकर मनरेगा के तहत भूमि समतलीकरण, डबरी निर्माण, कृषि विभाग की राजीव गांधी किसान न्याय योजना, किसान सम्मान योजना, किसान क्रेडिट कार्ड योजना आदि का लाभ दिया जाएगा।उद्यानिकी विभाग के द्वारा मिनी बीज किट, नलकूप खनन, ड्रिप सिंचाई योजना, शेड नेट योजना आदि के प्रकरण भी तैयार किए जा रहे हैं। इन ग्रामों के हितग्राहियों से शासन की योजनाओं का लाभ दिलाने के लिए आवेदन लिया गया है। ओरछा विकासखण्ड से 1 हजार 92 तथा नारायणपुर विकासखण्ड से 1 हजार 842 आवेदन प्राप्त हुए हैं। इन आवेदनों पर कार्यवाही करते हुए पात्र हितग्राहियों को लाभ दिया जा रहा है। मैं कहना चाहता हूं कि अबूझमाड़ को ठीक ढंग से बूझने की दिशा में हमने ठोस कार्यवाही शुरू कर दी है। जल्दी ही इसका लाभ जमीनी स्तर पर दिखाई देने लगेगा। हम यह कहकर अबूझमाड़ के लोगों को उनके वाजिब अधिकारों से वंचित नहीं कर सकते कि अबूझमाड़ का सर्वेक्षण नहीं हुआ। जो काम इतने वर्षों तक नहीं हुआ, वह हम जल्दी से जल्दी कराके, वहां की जनता की सुख-सुविधा में भरपूर बढ़ोत्तरी करना चाहते हैं, जिसकी शुरुआत हो चुकी है।
लोकवाणी कार्यक्रम को सुनने के बाद ग्राम के सरपंच श्री संतोष पोटाई, ग्राम पटेल श्री रामप्रसाद, श्रीमती संतोशी पोटाई, श्रीमती कमली पोटाई, लछिन दुग्गा, मेघनाथ दुग्गा और सोमारी करंगा ने कहा कि मसाहती सर्वे प्रारंभ होने के बाद हम हमारे गांवों में षासन की विभिन्न योजनाओं का लाभ मिल रहा है, जिससे हम ग्रामीणों के जीवन में बदलाव आ रहा है। मसाहती सर्वे के बाद प्राप्त दस्तोवजों से अब वे बैंकों से ऋण लेकर अच्छी खेती कर सकते है। इसके साथ ही उनके द्वारा लगाये गये धान को भी वे अब धान खरीदी केन्द्रों में बेच सकते हैं। षासन द्वारा दी गयी इस सुविधा से वे बहुत ही खुष है, और वे प्रदेष के मुखिया श्री भूपेष बघेल को साधुवाद देते हैं।
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Feb 09, 2021 Rate: 4.00
