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मकान क्षति के लिए 8.78 करोड़ वितरित, पुनर्वास और स्वास्थ्य सुरक्षा के कार्य युद्धस्तर पर जारी
जगदलपुर, 7 अक्टूबर 2026 / शौर्यपथ। चक्रवाती तूफान ‘अर्नब’ के प्रभाव से हुई मूसलाधार बारिश और ओडिशा के खातीगुड़ा व मुरान बांधों से छोड़े गए पानी के कारण बस्तर अंचल में उत्पन्न बाढ़ की स्थिति के बीच जिला प्रशासन द्वारा राहत एवं पुनर्वास कार्यों को सर्वोच्च प्राथमिकता दी जा रही है। प्रभावित परिवारों को तत्काल आर्थिक सहायता उपलब्ध कराने के लिए अब तक 9 करोड़ 39 लाख 29 हजार 898 रुपये की राहत राशि सीधे उनके बैंक खातों में हस्तांतरित की जा चुकी है।
प्रशासन के अनुसार राहत राशि में सर्वाधिक 8 करोड़ 78 लाख 15 हजार 398 रुपये मकान क्षति के मुआवजे के रूप में वितरित किए गए हैं। इसमें पूर्ण रूप से क्षतिग्रस्त मकानों के लिए 8 करोड़ 2 लाख 23 हजार 391 रुपये तथा आंशिक क्षति वाले मकानों के लिए 75 लाख 92 हजार 7 रुपये की सहायता शामिल है। इसके अलावा घरेलू बर्तनों एवं अन्य सामग्री के नुकसान के लिए 52 लाख 45 हजार रुपये, जनहानि के मामलों में आश्रितों को 8 लाख रुपये तथा पशुहानि के लिए 69 हजार 500 रुपये की राहत राशि प्रदान की गई है।
लंबित प्रकरणों के त्वरित निराकरण के निर्देश
राज्य शासन के निर्देशों के अनुरूप राजस्व अधिकारी एवं मैदानी कर्मचारी लगातार सक्रिय रहकर प्रभावित परिवारों के प्रकरणों का निराकरण कर रहे हैं। कलेक्टर आकाश छिकारा ने समीक्षा बैठक में निर्देश दिए हैं कि पूर्ण एवं आंशिक मकान क्षति के शेष सभी प्रकरणों का प्राथमिकता के आधार पर शीघ्र निराकरण किया जाए, ताकि कोई भी प्रभावित परिवार सहायता से वंचित न रहे।
पुनर्वास और स्वास्थ्य सुरक्षा पर भी जोर
आर्थिक सहायता के साथ प्रभावित परिवारों के पुनर्वास के लिए भी प्रशासन द्वारा तेजी से कार्य किया जा रहा है। जिन परिवारों के मकान पूरी तरह नष्ट हो गए हैं, उनके अस्थायी आश्रय के लिए बांस, बल्ली और तिरपाल जैसी आवश्यक सामग्री उपलब्ध कराई जा रही है।
बाढ़ के बाद जलजनित एवं संक्रामक बीमारियों की रोकथाम के लिए स्वास्थ्य विभाग और लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी विभाग द्वारा पेयजल स्रोतों का क्लोरीनेशन तथा प्रभावित गांवों में ब्लीचिंग पाउडर का छिड़काव किया जा रहा है।
बस्तर संभाग के कमिश्नर डोमन सिंह एवं कलेक्टर आकाश छिकारा स्वयं बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों और राहत शिविरों का लगातार निरीक्षण कर व्यवस्थाओं की निगरानी कर रहे हैं। प्रशासन का कहना है कि प्रभावित परिवारों को राहत, पुनर्वास और आवश्यक स्वास्थ्य सुविधाएं उपलब्ध कराने का अभियान तब तक जारी रहेगा, जब तक अंतिम प्रभावित व्यक्ति तक सहायता नहीं पहुंच जाती।
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Feb 09, 2021 Rate: 4.00
