September 17, 2026
Hindi Hindi

Login to your account

Username *
Password *
Remember Me

    40 मेगा वाट का सोलर पावर प्लांट स्थापित करेगा एसईसीएल

    • doing of business

    बिलासपुर / शौर्यपथ / कोलइंडिया की सबसे बड़ी कोयला उत्पादक कम्पनी एसईसीएल सौर ऊर्जा के क्षेत्र में भी उच्च निवेश कर रही है। कम्पनी द्वारा 40 मेगावाट की ग्राऊण्ड माऊन्टेड ग्रीड कनेक्टेड सोलर पावर प्लांट स्थापित किया जा रहा है। एक प्रमुख कोयला उत्पादक कम्पनी के इस वृहद सोलर परियोजना में निवेश को बेहद महत्वपूर्ण माना जा रहा है। उक्त सौर ऊर्जा संयंत्र एसईसीएल के भटगांव एवं बिश्रामपुर क्षेत्र के चिन्हित भूमि पर लगाया जाएगा। इस हेतु एसईसीएल मुख्यालय के न्यू टेक्नाॅलाॅजी विभाग द्वारा कोल लिग्नाईट ऊर्जा विकास प्रायव्हेट लिमिटेड (सीएलयूवीपीएल) को ’लेटर आॅफ अवार्ड’ जारी कर दिया गया है। यह कम्पनी कोलइण्डिया लिमिटेड एवं निग्वेली लिग्नाईट काॅरपोरेशन इण्डिया लिमिटेड का ज्वाईट वेंचर (जेवी) है जिसमें वर्तमान में प्रत्येक की बराबर की हिस्सेदारी है। लेटर आॅफ अवार्ड जेवी कम्पनी के द्वारा प्रस्तुत विस्तृत परियोजना रिपोर्ट (डीपीआर) एवं प्रोजेक्ट मैनेजमेंट कन्सलटेन्सी (पीएमसी) आॅफर के आधार पर जारी किया गया है जिस पर एसईसीएल बोर्ड की सहमति है। परियोजना की कुल लागत 148 करोड़ 60 लाख रूपये होगी।
    परियोजना को कार्यान्वित करने वाली कम्पनी सीएलयूवीपीएल द्वारा प्रदाय सेवाओं में प्रोजेक्ट रिपोर्ट, टेण्डरिंग तथा परियोजना के अनुमोदन, परमिट प्राप्त करने एवं अन्य संबंधित कार्यवाही में एसईसीएल को सहयोग आदि शामिल हैं। वर्क अवार्ड के शर्तों के अधीन इस परियोजना की साईट स्टडी, टेस्टिंग व कमिशनिंग का कार्य 9 महिनों के भीतर पूरा कर लिया जाना है।
    एसईसीएल की इस सोलर परियोजना को एक बड़े हरित पहल (ग्रीन इनेसिएटिव) के रूप में देखा जा रहा है।
    एसईसीएल मुख्यालय से जारी विज्ञप्ति अनुसार इस परियोजना के संचालित होने पर बिश्रामपुर एवं भटगांव क्षेत्र की वर्तमान ऊर्जा खपत का लगभग आधा हिस्सा सौर आधारित हो जाएगा। इस परियोजना का प्रोजेक्ट आईआरआर (इंट्रर्नल रेट आॅफ रिर्टन) 22.13 प्रतिशत (100 प्रतिशत इक्विटी रेशियो) है जिसे आर्थिक रूप से काफी लाभकारी माना जा रहा है। इस सोलर संयंत्र के आने से लगभग 60 हजार टन प्रति वर्ष की दर से कार्बन उत्सर्जन में भी कमी आएगी। कम्पनी को संचालन के पहले वर्ष में, वार्षिक आधार पर लगभग 40 करोड़ रूपये की आर्थिक बचत होगी क्योंकि सोलर ग्रीड से मिलने वाली प्रति यूनिट ऊर्जा वर्तमान दर से लगभग आधी कीमतों पर मिलेगी।
    विदित हो कि एसईसीएल आगामी 3 वर्षों में लगभग 142 मेगावाट सोलर ऊर्जा क्षमता विकसित करने की दिशा में तेजी से काम कर रहा है।
    एसईसीएल प्रबंधन की ओर से इस अवसर पर अध्यक्ष सह प्रबंध निदेशक श्री ए.पी. पण्डा, मुख्य सतर्कता अधिकारी श्री बी.पी. शर्मा, निदेशक तकनीकी (संचालन) श्री एम.के. प्रसाद, निदेशक (वित्त/कार्मिक) श्री एस.एम. चैधरी, निदेशक तकनीकी (योजना/परियोजना) श्री एस.के. पाल ने परियोजना को ऐतिहासिक बताते हुए कहा कि इससे निश्चय ही हरित पर्यावरण के हमारे प्रयासों को बल मिलेगा।

     

    Rate this item
    (0 votes)

    Leave a comment

    Make sure you enter all the required information, indicated by an asterisk (*). HTML code is not allowed.

    हमारा शौर्य

    हमारे बारे मे

    whatsapp-image-2020-06-03-at-11.08.16-pm.jpeg
     
    CHIEF EDITOR -  SHARAD PANSARI
    CONTECT NO.  -  8962936808
    EMAIL ID         -  shouryapath12@gmail.com
    Address           -  SHOURYA NIWAS, SARSWATI GYAN MANDIR SCHOOL, SUBHASH NAGAR, KASARIDIH - DURG ( CHHATTISGARH )
    LEGAL ADVISOR - DEEPAK KHOBRAGADE (ADVOCATE)
    © 2015 Shouryapath. All Rights Reserved. Designed By Global Vision