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June 02, 2026
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शौर्यपथ

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भाजपा की 'वोट चोरी" का चौंकाने वाला रहस्य ?

शौर्यपथ विश्लेषण /

बिहार विधानसभा चुनाव 2025 के नतीजे घोषित हो चुके हैं, और एक बार फिर, राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन ने शानदार जीत दर्ज की है। इस जीत ने 20 साल से चली आ रही 'एंटी-इनकम्बेंसीÓ की लक्ष्मण रेखा को भी पार कर दिया। एक समय बिहार में कमज़ोर मानी जाने वाली भारतीय जनता पार्टी आज राज्य की सबसे बड़ी पार्टी बनकर उभरी है।
चुनाव परिणामों के बाद, हमेशा की तरह, कांग्रेस और उसके सहयोगी दल फिर से एनडीए की जीत पर सवाल उठा रहे हैं। चुनाव आयोग का सहयोग ,Óईवीएम धांधलीÓ और 'वोट चोरीÓ जैसे पुराने आरोप फिर से लगाए जा रहे हैं, साथ ही चुनावी समय में महिलाओं के खाते में राशि हस्तांतरण जैसी बातों का जि़क्र किया जा रहा है।
लेकिन, इस शोरगुल में विपक्ष एक सबसे महत्वपूर्ण और निर्णायक कारण को नजऱअंदाज़ कर रहा है: वह है भारतीय जनता पार्टी के संगठनात्मक ढांचे और कार्यकर्ताओं की ज़मीनी मेहनत, जिसे कांग्रेस ने 'खुलेआम वोट की चोरीÓ कहा है।

संगठन की ताक़त: वह चोरी जो खुलेआम होती है!
विपक्ष यह समझने में विफल रहा कि जहां वे केवल कुछ बड़े चेहरों और भाषणों के भरोसे 20 साल पुरानी सरकार को उखाड़ फेंकने का दावा कर रहे थे, वहीं बीजेपी का संगठन चुनाव से महीनों पहले ही अपनी रणनीति पर काम करना शुरू कर चुका था।
बूथ -स्तरीय डेटा संग्रह: बीजेपी कार्यकर्ताओं ने ज़मीनी स्तर पर, बूथ स्तर तक, सभी मतदाताओं की विस्तृत जानकारी एकत्रित की।
डीप वॉटर रिसचर्: उन्होंने गहन छानबीन की कि 'कच्चे वोटÓ कौन से हैं, यानी वे मतदाता जो भाजपा के कोर वोटर नहीं हैं, लेकिन उन्हें पार्टी के पक्ष में लाया जा सकता है।
नतीजा: बीजेपी ने कांग्रेस की आंखों के सामने ही, उनके संभावित मतदाताओं को अपनी संगठनात्मक शक्ति और प्रभावी संवाद के माध्यम से 'चुराÓ लिया—यह 'चोरीÓ आरोप नहीं, बल्कि लोकतंत्र में कार्यकर्ताओं की मेहनत और कुशल रणनीति का दूसरा नाम है।

बड़े पदों पर, मगर काम ज़मीन पर: 'ऑफ द कैमराÓ मेहनत
यह जीत सिर्फ बड़े वक्ताओं या सोशल मीडिया की दमदारी का परिणाम नहीं है, बल्कि उस कार्यशैली का नतीजा है जहां बड़े से बड़ा नेता भी एक साधारण कार्यकर्ता की तरह व्यवहार करता है। उक्त दिए गए उदाहरणों से यह स्पष्ट होता है कि संगठन की जि़म्मेदारी क्या होती है:
जिम्मेदारी सर्वोपरि: दुर्ग जिले से बीजेपी की राष्ट्रीय उपाध्यक्ष सुश्री सरोज पांडे ने राष्ट्रीय स्तर के बड़े पद पर रहते हुए भी, महीनों तक बिहार में डेरा डाला और ज़मीनी स्तर पर काम किया।
पूरी फ़ौज का समर्पण: मंत्री गजेंद्र यादव और विधायक रिकेश सेन जैसे जनप्रतिनिधि भी लगातार बिहार के दौरे पर रहे और संगठन के निर्देशों का पालन किया।
व्यक्तिगत सुख से ऊपर संगठन: विधायक ललित चंद्राकर जैसे साधन-संपन्न नेता हफ्तों तक अपने गृह क्षेत्र से दूर रहे, यहां तक कि अपने जन्मदिन के अवसर पर भी अपने विधानसभा क्षेत्र में मौजूद नहीं रहे। उन्होंने संगठन द्वारा दी गई जि़म्मेदारी को व्यक्तिगत महत्त्वकांक्षाओं पर वरीयता दी।
इससे पता चलता है कि केवल एक जिले से बड़े पदाधिकारी और जनप्रतिनिधि, बिना किसी कैमरे के आकर्षण के, एक साधारण कार्यकर्ता की तरह काम कर रहे थे।

निर्णायक रणनीति: परिणाम को अपने पक्ष में मोडऩा
पूरे प्रदेश और देश से आए भाजपा के जनप्रतिनिधियों और पदाधिकारियों ने जो मेहनत की, उसने उन 'अन्यÓ वोटों को भी अपनी तरफ मोड़ा जो पारंपरिक रूप से किसी और दल को जाते थे।
बीजेपी ने बिहार विधानसभा चुनाव में 101 सीटों पर चुनाव लड़ा और अपनी पूरी ताकत झोंक दी। यह ताकत कोई जादुई तिकड़म नहीं थी, बल्कि संगठनात्मक शक्ति की वह कार्यकुशलता थी जिसने परिवर्तन की लहर (्रठ्ठह्लद्ब-ढ्ढठ्ठष्ह्वद्वड्ढद्गठ्ठष्4) के बावजूद भी परिणाम को अपने पक्ष में करने का माद्दा दिखाया। महीनो की म्हणत का परिणाम यह रहा की आज भाजपा बिहार की सबसे बड़ी पार्टी के रूप में सामने है अब सहयोगियों को उनकी ज़रूरत है
निष्कषर्: लोकतंत्र में 'वोट की चोरीÓ का मतलब तब बदल जाता है जब कोई पार्टी आरोप-प्रत्यारोप से परे जाकर, ज़मीनी स्तर पर, बूथ मैनेजमेंट की बारीकियाँ समझकर, और अपने बड़े नेताओं को भी 'साधारण कार्यकर्ताÓ बनाकर अपने प्रतिद्वंद्वी के मतदाताओं को अपनी तरफ आकर्षित करती है।
इस 'चोरीÓ को रोकने के लिए, अन्य दलों को भी सिर्फ आरोप लगाने के बजाय, अपने संगठन को मजबूत बनाना होगा, क्योंकि यह जीत बीजेपी के कार्यकर्ताओं के समर्पण और संगठन के निर्देशों के प्रति उनकी तत्परता का प्रमाण है।
संपादक 6शरद पंसारी 8- शौर्यपथ दैनिक समाचार

 RSIPUR / SHOURYAPATH /  मुख्यमंत्री निवास में गुरुवार को आयोजित जनदर्शन एक बार फिर लोगों की उम्मीदों का केंद्र बना रहा। अलग-अलग जिलों से आए लोगों ने अपनी समस्याएँ लेकर मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय से मुलाकात की। मुख्यमंत्री ने हर एक आवेदक की बात ध्यान से सुनी और अधिकारियों को त्वरित कार्रवाई के निर्देश दिए।

पहली ही मुलाकात में रायपुर की 11 वर्षीय पूनम सभी का ध्यान खींच ले गई। सेरेब्रल पाल्सी से जूझ रही पूनम को मुख्यमंत्री ने विशेष विद्यालय में दाखिला और छात्रवृत्ति देने की घोषणा की।

जनदर्शन के दौरान भिलाई के कलाकार अंकुश देवांगन अपनी अनोखी संगमरमर कला लेकर पहुंचे। उन्होंने मुख्यमंत्री को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की दुनिया की सबसे छोटी संगमरमर प्रतिमा भेंट की। फ्रेम में लगा माइक्रोस्कोपिक लेंस इस कलाकृति को और खास बनाता है। मुख्यमंत्री ने उनकी कला की सराहना करते हुए कहा कि छत्तीसगढ़ के कलाकारों में अद्भुत प्रतिभा है।

रायपुर के दिव्यांग युवक मनीष खुंटे भी अपनी बैटरी चालित स्कूटी से मुख्यमंत्री से मिलने पहुंचे। कुछ दिन पहले ही उन्हें इसी जनदर्शन में स्कूटी स्वीकृत की गई थी। मनीष ने मुख्यमंत्री को धन्यवाद दिया और उनके साथ सेल्फी भी ली। मनीष की मुस्कान ने कार्यक्रम में मौजूद लोगों को भावुक कर दिया।

खेल क्षेत्र से आए युवाओं ने भी मुख्यमंत्री से सहायता की मांग रखी। वूमेन्स सेल्फ डिफेंस ऑर्गनाइजेशन के खिलाड़ियों ने स्वेच्छानुदान का आग्रह किया। मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य में खेल प्रतिभाओं को आगे बढ़ाने में कोई कमी नहीं आने दी जाएगी। खिलाड़ियों ने बताया कि वे राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय प्रतियोगिताओं में लगातार प्रदेश का प्रतिनिधित्व कर रहे हैं।

इसी दौरान अभनपुर के दिव्यांग रग्बी खिलाड़ी पिंटू साहू ने व्हीलचेयर और खेल सामग्री खरीदने के लिए सहायता मांगी। मुख्यमंत्री ने मौके पर ही 90 हजार रुपए की आर्थिक मदद स्वीकृत की। पिंटू ने कहा कि यह सहयोग उनके खेल करियर के लिए नई शुरुआत है।

जनदर्शन में कई महिलाएँ, बुजुर्ग और किसान भी पहुंचे। आवास, स्वास्थ्य उपचार, सामाजिक सुरक्षा, छात्रवृत्ति और रोजगार से जुड़े आवेदन आए। मुख्यमंत्री ने सभी मामलों को प्राथमिकता से निपटाने को कहा। अधिकारियों को स्पष्ट निर्देश दिए कि कोई भी आवेदक निराश न लौटे।

कार्यक्रम के दौरान मुख्यमंत्री ने कहा कि जनदर्शन प्रदेश सरकार की संवेदनशीलता और जवाबदेही का प्रतीक है। उन्होंने कहा कि “हम कोशिश करते हैं कि अधिक से अधिक लोगों की समस्याएँ सुनकर मौके पर ही उसका समाधान किया जाए।"

जनदर्शन के समापन तक बड़ी संख्या में लोग अपनी समस्याओं के त्वरित और व्यवहारिक समाधान से संतुष्ट दिखाई दिए। लोगों ने कहा कि यह व्यवस्था उन्हें सरकार से सीधे जुड़ने का विश्वास दिलाती है—जहाँ उनकी बात न सिर्फ सुनी जाती है, बल्कि उसी समय समाधान की दिशा में ठोस कदम भी उठाए जाते हैं। इससे आमजन में भरोसा, पारदर्शिता और सहभागिता की भावना और मजबूत हुई है।

RAIPUR / SHOURYAPATH / मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय के नेतृत्व में आज मुख्यमंत्री निवास में आयोजित जनदर्शन कार्यक्रम ने फिर एक बार यह सिद्ध कर दिया कि शासन जब संवेदनशील होता है, तो जनता के सपने और विश्वास दोनों को नई उड़ान मिलती है। जनदर्शन में प्रदेश के विभिन्न जिलों से पहुँचे नागरिकों ने अपनी समस्याएँ, सुझाव और आकांक्षाएँ मुख्यमंत्री के समक्ष रखीं। मुख्यमंत्री ने प्रत्येक आवेदक की बात ध्यानपूर्वक सुन अधिकारियों को मौके पर ही समाधान के निर्देश दिए। कार्यक्रम में सरकार की जवाबदेही, संवेदनशीलता और त्वरित निर्णय क्षमता का सुंदर उदाहरण देखने को मिला।

जनता के विश्वास की मजबूत डोर है मुख्यमंत्री जनदर्शन

मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि जनदर्शन प्रदेश सरकार की संवेदनशीलता और जवाबदेही का प्रतीक है।
उन्होंने स्पष्ट किया, “हमारी कोशिश है कि अधिक से अधिक लोगों की समस्याओं का उसी समय समाधान किया जाए। कार्यक्रम में महिलाएँ, छात्र, किसान, बुजुर्ग और दिव्यांगजन बड़ी संख्या में पहुँचे। आवास, छात्रवृत्ति, रोजगार, स्वास्थ्य और सामाजिक सुरक्षा से जुड़े आवेदन प्रस्तुत किए गए, जिनमें से अधिकांश का समाधान उसी दिन कर दिया गया। लोगों के चेहरों पर राहत और संतोष की मुस्कान इस पहल की सफलता को बयां कर रही थी।

पूनम की मुस्कान ने सबको किया भावुक

रायपुर की 11 वर्षीय पूनम, जो सेरेब्रल पाल्सी से जूझ रही है, जनदर्शन की सबसे भावुक झलक बनी। मुख्यमंत्री ने उसकी शिक्षा की जिम्मेदारी लेते हुए विशेष विद्यालय में दाखिला और छात्रवृत्ति की घोषणा की।
यह क्षण वहाँ मौजूद सभी के लिए भावनाओं से भरा रहा, जब एक बच्ची के भविष्य का जिम्मा मुख्यमंत्री ने अपने हाथ में ले लिया।


भिलाई के अंकुश देवांगन की लघु संगमरमर कला ने जीता दिल

भिलाई निवासी कलाकार अंकुश देवांगन ने जनदर्शन में अपनी अद्भुत रचना प्रस्तुत की। अंकुश ने प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी की सूक्ष्म संगमरमर की प्रतिमा मुख्यमंत्री के माध्यम से उन्हें भेंट की। महज आधे सेंटीमीटर की यह प्रतिमा माइक्रोस्कोपिक लेंस से देखी जा सकती है। मुख्यमंत्री श्री साय ने इसे “समर्पण और धैर्य की अद्वितीय मिसाल” बताते हुए अंकुश के कला की खूब सराहना की।

शिवकुमार निराला ने अपने हाथों से तैयार किए राजनीतिक यात्रा के मानचित्र

सारंगढ़-बिलाईगढ़ के शिवकुमार निराला ने मुख्यमंत्री को “प्रदेश की राजनीतिक यात्रा का मानचित्र” भेंट किया। इसमें 1998 से अब तक के लोकसभा और विधानसभा चुनावों का सीटवार विश्लेषण और जनप्रतिनिधियों का कलात्मक चित्रण शामिल था।
मुख्यमंत्री ने कहा, “यह केवल आंकड़ों का नहीं, बल्कि सृजनात्मक सोच का सुंदर उदाहरण है।”

मनीष की मुस्कान ने लौटाया आत्मविश्वास

रायपुर के दिव्यांग युवक मनीष खुंटे आज अपनी बैटरी स्कूटी चलाकर जनदर्शन पहुँचे। वही स्कूटी जो उन्हें पिछले जनदर्शन में मुख्यमंत्री द्वारा स्वीकृत की गई थी।
मुख्यमंत्री ने उनसे आत्मीयता से बातचीत की और सेल्फी भी ली। मनीष ने कहा, “अब कहीं आने-जाने में कठिनाई नहीं होती, यह मेरे जीवन की नई शुरुआत है।”


अनुसूचित जाति छात्रावास को मिलेगा नया भवन

मुख्यमंत्री ने रायपुर स्थित अनुसूचित जाति बालक छात्रावास की जर्जर स्थिति पर संज्ञान लेते हुए 200 सीटों वाले नए सर्वसुविधायुक्त भवन के निर्माण का निर्देश दिया। उन्होंने कहा कि विद्यार्थियों को सुरक्षित और अनुकूल अध्ययन वातावरण देना सरकार की प्राथमिकता है।

श्रवण यंत्र से लौटाई सुनने की क्षमता

रायपुर के ब्राह्मण पारा निवासी रमन निर्मलकर को मुख्यमंत्री द्वारा तत्काल श्रवण यंत्र प्रदान किया गया।
भावुक निर्मलकर बोले, “मुख्यमंत्री जी ने मेरी आवाज सुनी और मेरे सुनने की शक्ति वापस लौटा दी।


खिलाड़ियों से संवाद — संवेदना और प्रोत्साहन का संगम

जनदर्शन में वूमेन्स सेल्फ डिफेंस ऑर्गनाइजेशन की महिला खिलाड़ियों से मुख्यमंत्री ने मुलाकात की और खेल प्रतिभाओं को हरसंभव सहयोग का भरोसा दिया।
इसी दौरान अभनपुर के दिव्यांग रग्बी खिलाड़ी पिंटू साहू को 90,000 रूपये की सहायता स्वीकृत की गई। पिंटू ने कहा, “यह सहयोग मेरे खेल जीवन की नई शुरुआत है।”

जनदर्शन — जनता और सरकार के बीच भरोसे की सेतु

जनदर्शन के समापन पर लोगों के चेहरों पर विश्वास और तसल्ली झलक रही थी। यह केवल समस्याओं के समाधान का नहीं, बल्कि सरकार और जनता के बीच सशक्त संवाद का मंच बन गया।
जनता का कहना था कि यहाँ “हर आवाज को सम्मान और हर समस्या को समाधान” मिलता है।

 प्रधानमंत्री के संबोधन का प्रसारण और मुख्यमंत्री के संदेश का होगा वाचन
मुख्यमंत्री विष्णु देव साय जगदलपुर में आयोजित कार्यक्रम में होंगे शामिल

रायपुर / शौर्यपथ / छत्तीसगढ़ के सभी जिलों में भगवान बिरसा मुंडा की 150वीं जयंती 15 नवम्बर को जनजातीय गौरव दिवस के रूप में गरिमामय ढंग से मनायी जाएगी। इस अवसर पर जिलों में विविध कार्यक्रम आयोजित होंगे। आयोजन के संबंध में सभी जिलों में व्यापक तैयारियां की जा रही हैं। जिला मुख्यालयों में आयोजित होने वाले जनजातीय गौरव दिवस कार्यक्रम में मुख्यमंत्री, मंत्रिगण, सांसद एवं विधायकगण मुख्य अतिथि के रूप में मौजूद रहेंगे। जनजातीय गौरव दिवस के मौके पर प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी के संबोधन का सीधा प्रसारण अधिकारिक यू-ट्यूब चैनल एवं डीडी न्यूज के माध्यम से होगा, जिसे देखने और सुनने की व्यवस्था भी कार्यक्रम स्थल पर होगी। कार्यक्रम के दौरान माननीय मुख्यमंत्री जी का संदेश पत्र वाचन होगा तथा “पीएम जनमन”, “आदि कर्मयोगी”, “धरती आबा” जैसी योजनाओं पर आधारित लघु फिल्में भी प्रदर्शित की जाएंगी।

राज्य शासन द्वारा जनजातीय गौरव दिवस के आयोजन के संबंध में जारी कार्यक्रम के अनुसार मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय के मुख्य आतिथ्य में बस्तर के जिला मुख्यालय जगदलपुर में जनजातीय गौरव दिवस का गरिमामय आयोजन होगा। इस मौके पर वनमंत्री श्री केदार कश्यप और विधायक श्री किरण सिंह देव विशेष रूप से मौजूद रहेंगे।

दुर्ग जिले में आयोजित जनजातीय गौरव दिवस में उप मुख्यमंत्री श्री विजय शर्मा, बिलासपुर में उप मुख्यमंत्री श्री अरूण साव, रायपुर में केन्द्रीय राज्यमंत्री श्री तोखनलाल साहू और राजनांदगांव में विधानसभा अध्यक्ष डॉ. रमन सिंह, बलरामपुर में कृषि मंत्री श्री रामविचार नेताम, बेमेतरा में खाद्य मंत्री श्री दयालदास बघेल, मनेन्द्रगढ़-चिरमिरी-भरतपुर में स्वास्थ्य मंत्री श्री श्याम बिहारी जायसवाल, कोरबा में उद्योग मंत्री श्री लखनलाल देवांगन, रायगढ़ में राजस्व मंत्री श्री टंकराम वर्मा, सरगुजा में वित्त मंत्री श्री ओपी चौधरी, जांजगीर-चांपा में महिला एवं बाल विकास मंत्री श्रीमती लक्ष्मी राजवाड़े, महासमुंद में कौशल विकास तकनीकी शिक्षा मंत्री गुरू खुशवंत साहेब, कांकेर में स्कूल शिक्षा मंत्री श्री गजेन्द्र यादव, कोरिया में पर्यटन एवं संस्कृति मंत्री श्री राजेश अग्रवाल मुख्य अतिथि होंगे।

इसी तरह बलौदाबाजार-भाटापारा जिले में आयोजित जनजातीय गौरव दिवस के कार्यक्रम में सांसद श्री बृजमोहन अग्रवाल, सूरजपुर में सांसद श्री चिंतामणि महाराज, खैरागढ़-छुईखदान-गंडई में सांसद श्री विजय बघेल, कबीरधाम में सांसद श्री संतोष पाण्डेय, बालोद में सांसद श्री भोजराज नाग, गरियाबंद में सांसद श्रीमती रूपकुमारी चौधरी, जशपुर में सांसद श्री राधेश्याम राठिया, सक्ती में सांसद श्रीमती कमलेश जांगड़े, बीजापुर में सांसद महेश कश्यप, सारंगढ़-बिलाईगढ़ में राज्य सभा सांसद श्री देवेन्द्र प्रताप सिंह मोहला-मानपुर चौकी में विधायक श्री डोमनलाल कोर्सेवाड़ा, धमतरी में विधायक श्री अजय चन्द्राकर, कोण्डागांव में विधायक सुश्री लता उसेण्डी, मुंगेली में विधायक श्री पुन्नूलाल मोहले, नारायणपुर में विधायक श्री विक्रम उसेंण्डी, सुकमा में विधायक श्री नीलकंठ टेकाम, दंतेवाड़ा में विधायक श्री चैतराम अटामी और गौरेला-पेण्ड्रा-मरवाही में विधायक श्री प्रणव कुमार मरपच्ची मुख्य अतिथि होंगे।

गौरतलब है कि देशभर में 01 नवम्बर से 15 नवम्बर 2025 तक “जनजातीय गौरव वर्ष पखवाड़ा” मनाया जा रहा है। राज्य के सभी जिलों में इस अवसर पर विविध कार्यक्रम आयोजित हो रहे हैं। जनजातीय गौरव दिवस कार्यक्रम में जनजातीय स्वतंत्रता संग्राम सेनानियों के परिजनों, जनजातीय समुदाय के प्रमुखों एवं प्रतिभाशाली विद्यार्थियों को सम्मानित किया जाएगा। जनजातीय संस्कृति, कला, व्यंजन, हस्तशिल्प और सरकार की जनकल्याणकारी योजनाओं की प्रदर्शनी एवं लाभार्थी संवाद कार्यक्रम भी जिला स्तरीय समारोह का प्रमुख आकर्षण होंगे। स्कूलों, आश्रम शालाओं और आवासीय विद्यालयों में भी इस अवसर पर विविध कार्यक्रम आयोजित होंगे।

जनजातीय गौरव दिवस के अवसर पर आयोजित विशेष लाभार्थी शिविरों में आधार कार्ड, आयुष्मान कार्ड, प्रधानमंत्री जनधन खाता, जाति प्रमाण-पत्र, पीएम किसान सम्मान निधि, किसान क्रेडिट कार्ड, सिकल सेल जांच और स्वास्थ्य परीक्षण जैसी सेवाएं उपलब्ध कराई जाएंगी। जिला, विकासखण्ड एवं ग्राम स्तर पर प्रभात फेरी, जन-जागरूकता यात्रा, सांस्कृतिक प्रतियोगिताएं, चित्रकला, निबंध लेखन, वाद-विवाद, वृक्षारोपण तथा जनजातीय नायक-नायिकाओं पर संगोष्ठियां होंगी।

मदिरा दुकानों की सतत् जांच और मदिरा व अन्य मादक पदार्थों के अवैध कारोबार संलिप्त लोगों के विरूद्ध करें कठोर कार्रवाई

रायपुर / शौर्यपथ / आबकारी विभाग की सचिव सह आबकारी आयुक्त सुश्री आर. शंगीता ने आज नवा रायपुर स्थित कार्यालय में विभागीय कार्यों की विस्तृत समीक्षा की। बैठक में सभी जिलों, उड़नदस्ता, छत्तीसगढ़ स्टेट मार्केटिंग कॉर्पाेरेशन लिमिटेड तथा विभाग के वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित थे। इस अवसर पर सचिव सह आयुक्त ने वित्तीय वर्ष 2025-26 के लिए निर्धारित 12,500 करोड़ रूपए के राजस्व लक्ष्य की प्राप्ति हेतु ठोस रणनीति अपनाने, दुकानवार समीक्षा करने और अनुशासन के साथ कार्य संपादन के निर्देश दिए।

सचिव सह आबकारी आयुक्त ने बैठक में राजस्व लक्ष्य की जिलेवार समीक्षा करते हुए जिन जिलों ने अक्टूबर माह तक लक्ष्य की प्राप्ति की है, उन्हें सतत् कार्य जारी रखने के निर्देश दिए गए। वहीं लक्ष्य से पीछे चल रहे जिलों को इसके कारणों की दुकानवार समीक्षा कर कमी की पूर्ति हेतु विस्तृत कार्य-योजना बनाकर तत्परता से अमल में लाने के निर्देश दिए गए।

सुश्री शंगीता ने अधिकारियों को निर्देशित किया कि मदिरा दुकानों में उपभोक्ताओं की मांग के अनुसार मदिरा स्कंध का संधारण सुनिश्चित करें। उन्होंने अधिकारियों को सचेत किया कि इस बात का वह विशेष रूप से ध्यान रखें कि किसी भी स्थिति में कहीं भी निर्धारित दर से अधिक मूल्य पर मदिरा का विक्रय न होने पाए। उन्होंने अधिकारियों को मदिरा दुकानों में नियम और अनुशासन का कड़ाई से पालन सुनिश्चित कराने के भी निर्देश दिए। दुकानों में उपलब्ध मदिरा को नियमानुसार दरों सहित रैकों में प्रदर्शित करने कहा गया, ताकि उपभोक्ताओं को पारदर्शिता और सुविधा मिल सके।

सचिव सह आबकारी आयुक्त ने बैठक में अधिकारियों को इस बात की स्पष्ट हिदायत दी कि मदिरा में किसी प्रकार की मिलावट न होने पाए। इसके लिए सभी जिला अधिकारी सप्ताह में कम से कम दो दिन आकस्मिक निरीक्षण करने और वहां पाई गई अनियमितताओं पर तत्काल कार्रवाई और दोषी कर्मचारियों को तत्काल कार्यमुक्त कर ब्लैकलिस्ट करने के निर्देश दिए गए। साथ ही, दुकानों में पेटीएम या अन्य कैशलेस भुगतान को बढ़ावा देने के लिए पृथक काउंटर की व्यवस्था के भी निर्देश दिए गए।

सचिव सह आयुक्त ने प्रदेश में संचालित बारों, क्लबों, होटलों और ढाबों की आकस्मिक जांच करने तथा समय पश्चात संचालन अथवा अवैध मदिरा विक्रय करने वालों के विरुद्ध कठोर कार्रवाई करने के निर्देश दिए। उन्होंने अवैध मदिरा एवं अन्य मादक पदार्थों के निर्माण, परिवहन, तस्करी और विक्रय पर सख्त नियंत्रण रखने हेतु आवश्यकता पड़ने पर पुलिस विभाग से सहयोग लेने के निर्देश दिए गए।

राज्य की अंतरराज्यीय सीमाओं पर स्थित आबकारी जांच चौकियों को अन्य राज्यों की मदिरा के विरुद्ध विशेष अभियान चलाने और सीसीटीवी कैमरों के सुचारू संचालन की निगरानी रखने के निर्देश दिए गए। इसके अलावा विभाग में प्राप्त शिकायतों पर त्वरित कार्रवाई तथा कर्मचारियों के पेंशन और अनुकम्पा नियुक्ति से संबंधित प्रकरणों का संवेदनशीलता के साथ शीघ्र निराकरण करने के निर्देश भी दिए गए। बैठक में विशेष सचिव आबकारी विभाग श्री देवेन्द्र सिंह भारद्वाज सहित मुख्यालय के वरिष्ठ अधिकारी, संभागीय व जिला आबकारी अधिकारी उपस्थित थे।

बिलासपुर से दिव्यांग सोनी की ख़ास रिपोर्ट
बिलासपुर / शौर्यपथ / शहर का पुराना बस स्टैंड इलाका आज अवैध गतिविधियों का पर्याय बन चुका है। एक समय जहां यह क्षेत्र यात्रियों और व्यापारियों की आवाजाही से गुलजार रहता था,वहीं अब यहाँ खुलेआम नशे का कारोबार और अवैध चखना दुकानों की भरमार देखने को मिल रही है। क्षेत्र के लोग अब इसे “नशे का अड्डा” कहकर पुकारने लगे हैं।
आबकारी अधिनियम के अनुसार, किसी भी अधिकृत शराब दुकान से 50 मीटर की परिधि में चखना दुकान या शराब सेवन स्थल संचालित करना पूर्णतः प्रतिबंधित है। मगर पुराने बस स्टैंड क्षेत्र में यह नियम खुलेआम तोड़ा जा रहा है। दुकानदार बेखौफ तरीके से शराबियों को जगह-जगह बैठाकर चखना बेच रहे हैं। स्थानीय लोगों का कहना है कि यह सब आबकारी विभाग और पुलिस की मिलीभगत के बिना संभव ही नहीं हो सकता।
स्थानीय नागरिकों ने बताया कि इन दुकानों के चलते शाम ढलते ही यह क्षेत्र हुड़दंगियों और नशेड़ियों का अड्डा बन जाता है। आए दिन शराब के नशे में झगड़े,तोड़फोड़ और मारपीट की घटनाएँ होती रहती हैं। कई बार चाकूबाजी और गंभीर हिंसा तक के मामले सामने आ चुके हैं,लेकिन फिर भी प्रशासन ने कोई ठोस कदम नहीं उठाया।
नगर निगम ने कुछ समय पहले रेन बसेरा की दीवारें तोड़ दी थीं,जिसके बाद वहाँ खाली पड़ी जगह पर शराबियों ने स्थायी अड्डा बना लिया। अब यह इलाका दिन में भी असामाजिक तत्वों का जमावड़ा बना रहता है। भगत लॉज के नीचे स्थित व्यापारियों ने बताया कि नशेड़ियों के आतंक से उनका व्यवसाय बुरी तरह प्रभावित हुआ है — ग्राहक अब इस रास्ते से गुजरना भी पसंद नहीं करते।
वहीं,स्थानीय युवाओं और अभिभावकों ने बताया कि अब यहाँ सिर्फ शराब ही नहीं,बल्कि गांजा,नाइट्रा टैबलेट,कफ सिरप और अन्य नशीले पदार्थों की खुलेआम बिक्री हो रही है। कई बार शिकायतें दर्ज कराने के बावजूद कार्रवाई न होने से लोग अब निराश हैं। “अगर आबकारी और पुलिस विभाग चाहें तो 24 घंटे के भीतर ये दुकानें बंद हो सकती हैं,लेकिन विभागीय संरक्षण के चलते यह धंधा लगातार चल रहा है,” एक व्यापारी ने नाराजगी जताई। शहर के बुद्धिजीवियों और सामाजिक संगठनों ने भी इस मामले पर चिंता जताई है। उनका कहना है कि प्रशासन यदि समय रहते कदम नहीं उठाएगा तो यह क्षेत्र कानून-व्यवस्था के लिए गंभीर खतरा बन सकता है।
हालांकि पुलिस अधीक्षक रजनीश सिंह ने हाल के दिनों में नशे के खिलाफ सख्त अभियान चलाने के निर्देश जारी किए हैं,लेकिन जमीनी स्तर पर उसका असर अभी तक नज़र नहीं आ रहा। स्थानीय निवासियों ने जिला प्रशासन,पुलिस और आबकारी विभाग से तत्काल संयुक्त कार्रवाई की मांग की है। नागरिकों का कहना है कि पुराने बस स्टैंड क्षेत्र की साख बचाने के लिए आवश्यक है कि यहाँ से अवैध दुकानों,नशे के अड्डों और असामाजिक तत्वों को जल्द से जल्द हटाया जाए।

मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को उपार्जन केन्द्रों में किसानों को आवश्यक सुविधाएं उपलब्ध कराने के निर्देश दिए
धान के अवैध परिवहन एवं विक्रय के मामले में होगी कड़ी कार्रवाई

रायपुर / शौर्यपथ / राज्य में 15 नवम्बर से समर्थन मूल्य पर धान खरीदी को लेकर सभी खरीदी केन्द्रों में आवश्यक तैयारियां पूरी कर ली गई है। मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय ने कहा है कि किसानों को धान विक्रय में किसी भी प्रकार की परेशानी न हो, इसका विशेष रूप से ध्यान रखा जाए। उन्होंने उपार्जन केंद्रों में किसानों की सुविधा हेतु सभी आवश्यक व्यवस्थाएं सुनिश्चित करने के निर्देश अधिकारियों को दिए हैं। जिलों में कलेक्टरों के मार्गदर्शन में सहकारिता, मार्कफेड एवं खाद्य विभाग द्वारा धान खरीदी की व्यवस्था को लेकर सभी आवश्यक प्रबंध किए जा रहे हैं।

राज्य के सभी उपार्जन केन्द्रों में किसानों की सुविधा के लिए बारदानों की व्यवस्था, फड़, चबूतरा, पीने का पानी, किसानों के बैठने की छायादार व्यवस्था की जा रही हैं। कलेक्टर एवं अन्य वरिष्ठ अधिकारी अपने-अपने जिलों में दौरा कर धान खरीदी केन्द्रों की व्यवस्था का मुआयना कर रहे हैं। राज्य में इस साल किसानों से धान खरीदने के लिए 2739 उपार्जन केंद्रों बनाए गए हैं। सभी केन्द्रों में धान खरीदी के साथ-साथ क्रय धान के उठाव की व्यवस्था भी सुनिश्चित की जा रही है, ताकि किसानों को असुविधा न हो।

राज्य में धान के अवैध परिवहन को रोकने के लिए अन्य राज्यों के सीमा में चेक पोस्ट स्थापित कर कड़ी निगरानी रखी जा रही है। धान की सुरक्षा हेतु खरीदी केन्द्रों में आवश्यकतानुसार ड्रेनेज एवं तारपोलिन आदि की व्यवस्था और उचित स्थानों पर सीसीटीव्ही कैमरे लगाने भी लगाए जा रहे हैं, ताकि धान खरीदी परिसर और वहां की व्यवस्था पर निगरानी रखी जा सके।

धान खरीदी से जुड़े अधिकारियों को स्टेक लगाने, सभी समितियों को उचित संख्या में ही टोकन जारी करने के निर्देश दिए गए हैं। मौसम खराब होने अथवा बारिश होने की स्थिति में किसी तरह की अव्यवस्था उत्पन्न न हो, इसको ध्यान में रखते हुए अग्रिम तैयारी सुनिश्चित करने को भी कहा गया है। सहकारिता विभाग के अधिकारियों ने बताया कि समितियों में माइक्रो एटीएम की व्यवस्था की गई है, ताकि धान बेचने आने वाले किसान तात्कालिक खर्चे के लिए आवश्यक राशि का आहरण कर सके।

  रायपुर / शौर्यपथ / मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय आज जनदर्शन में दूर-दूर से मुख्यमंत्री निवास पहुँच रहे लोगों से मुलाकात कर रहे हैं और उनकी समस्याओं का त्वरित समाधान भी कर रहे हैं।

आज जनदर्शन की शुरुआत में ही मुख्यमंत्री ने रायपुर के तेलीबांधा की रहने वाली 11 वर्षीय बिटिया पूनम से भेंट की।बिटिया पूनम की माता ने मुख्यमंत्री श्री साय को बताया कि वह सेरेब्रल पाल्सी से जूझ रही है और बातचीत करने में भी असमर्थ है। उन्होंने बताया कि इस चुनौती के बावजूद पूनम अपने पैरों से बहुत सुंदर चित्र बनाती है। मुख्यमंत्री श्री साय ने अत्यंत आत्मीयता से बिटिया पूनम से बात की और उसे स्नेहपूर्वक दुलार किया।

मुख्यमंत्री श्री साय ने पूनम की माता को आश्वस्त करते हुए कहा कि “हम आपके साथ हैं, आपको बिटिया के लिए किसी भी प्रकार की चिंता करने की आवश्यकता नहीं है।”

मुख्यमंत्री ने पूनम बिटिया की पढ़ाई की उचित व्यवस्था के लिए उसे विशेष विद्यालय में भर्ती कराने और छात्रवृत्ति प्रदान करने के निर्देश दिए।

शौर्यपथ राशिफल
2025 में राशियों की किस्मत और चुनौतियाँ काफी बदलने वाली हैं; कुछ को जबरदस्त सफलता मिलेगी, तो कुछ को सतर्क रहना होगा।

### किस्मत का साथ – किसे क्या मिलेगा

- मेष, वृश्चिक, सिंह, तुला और मकर राशि वालों को साल 2025 में विशेष कामयाबी, आर्थिक लाभ, करियर में सफलता और परिवार में खुशहाली मिलेगी.[2][3][1]
- तुला राशि व्यवसाय और नौकरी में जबरदस्त फायदा देखेंगी, निवेश में भी सफलता मिलेगी.[3]
- कर्क और कन्या राशि वालों के लिए वर्ष की शुरुआत उम्मीद से कहीं बेहतर रहेगी, ऊर्जावान और तरक्की से भरा खर्चा दिखेगा.[4][2]
- मीन और धनु राशि को मध्यम फल मिलेंगे, विशेष रूप से व्यक्तिगत विकास और नए अवसर दिखेंगे.[3]

### किसे रखनी होगी सावधानी

- सिंह, कर्क और वृश्चिक राशि के लिए निजी संबंध, भावनात्मक तनाव और स्वास्थ्य संघर्ष बढ़ सकते हैं; पारिवारिक और दांपत्य संबंधों में सोच-समझकर कदम उठाएं.
- कन्या राशि वालों को ऑफिस की राजनीति, धोखाधड़ी और अतिरिक्त प्रयास में सावधानी रखने की सलाह है.
- धनु राशि को अहंकार और विचारों में संतुलन सहायता देगा, अन्यथा यह संबंधों में दूरी बढ़ा सकता है.
- मेष और वृषभ को आर्थिक फैसलों और पुरानी समस्याओं के हल में सतर्क रहना जरूरी है; कोर्ट-कचहरी के मामलों से जूझना पड़ सकता है.

### सलाह और उपाय

- मेहनत के साथ बुजुर्गों का मार्गदर्शन लें और आध्यात्मिक अभ्यास बढ़ायें.
- निवेश, साझेदारी और बड़े फैसलों में सोच-समझकर ही कदम रखें.
- स्वास्थ्य, संबंध और करियर के मुद्दों में धैर्य तथा सतर्कता से फैसला लें.

यह साल ज्यादातर राशियों के लिए परिवर्तन और नई संभावनाएं लेकर आ रहा है, लेकिन सावधानी और सोच-समझकर आगे बढ़ना ही सफलता की कुंजी होगी.

नवा रायपुर से चीन तक — छत्तीसगढ़ में खुला लॉजिस्टिक्स का वैश्विक द्वार

रायपुर / शौर्यपथ / छत्तीसगढ़ के तीव्र गति से विकसित होते लॉजिस्टिक्स सेक्टर में आज एक ऐतिहासिक मील का पत्थर स्थापित हुआ है। छत्तीसगढ़ से अब तक का सबसे बड़ा, कुल 12,000 मीट्रिक टन कॉपर कॉन्सन्ट्रेट (Copper Concentrate) निर्यात कंसाइनमेंट, नवा रायपुर स्थित मल्टी-मॉडल लॉजिस्टिक्स पार्क (MMLP) से चीन के लिए रवाना किया गया। इस श्रृंखला की पहली खेप 2,200 मीट्रिक टन की रही, जो 11 नवम्बर को विशाखापट्टनम पोर्ट के लिए भेजी गई, जहाँ से इसे आगे अंतरराष्ट्रीय बाजारों में भेजा जाएगा।

उद्योग विभाग, छत्तीसगढ़ शासन द्वारा विकसित यह अत्याधुनिक मल्टी-मॉडल लॉजिस्टिक्स पार्क, मध्य भारत के औद्योगिक और व्यापारिक विकास का नया द्वार बन रहा है। अत्याधुनिक कार्गो हैंडलिंग सिस्टम, रेल कनेक्टिविटी, और मल्टी-मॉडल इंटीग्रेशन से सुसज्जित यह सुविधा राज्य एवं देश के अन्य हिस्सों की औद्योगिक इकाइयों को वैश्विक बाजारों तक कुशल, सुरक्षित और तीव्र पहुँच प्रदान कर रही है।

यह उपलब्धि दर्शाती है कि छत्तीसगढ़ अब खनिज और उद्योग आधारित अर्थव्यवस्था से लॉजिस्टिक्स और निर्यात केंद्रित अर्थव्यवस्था की दिशा में तेज़ी से अग्रसर है। विश्वस्तरीय बुनियादी ढांचे, कुशल कनेक्टिविटी और सक्रिय शासन के समन्वय ने छत्तीसगढ़ को मध्य भारत का लॉजिस्टिक्स पावरहाउस बना दिया है।

इस निर्यात अभियान के साथ छत्तीसगढ़ ने अपने खनिज और औद्योगिक उत्पादन को अंतरराष्ट्रीय व्यापार गलियारों से जोड़ने की दिशा में निर्णायक कदम बढ़ाया है। यह कदम भारत के लॉजिस्टिक्स मानचित्र पर छत्तीसगढ़ की आर्थिक प्रासंगिकता को और सुदृढ़ करता है।

राज्य सरकार ने इस प्रगति को और तीव्र करने के लिए ‘छत्तीसगढ़ राज्य लॉजिस्टिक्स नीति 2025’ लागू की है। यह नीति वर्ष 2047 तक छत्तीसगढ़ को देश का अग्रणी लॉजिस्टिक्स हब बनाने के लक्ष्य के साथ तैयार की गई है। नीति के अंतर्गत आधुनिक मल्टीमॉडल अधोसंरचना, लॉजिस्टिक्स लागत में कमी, निर्यात संवर्द्धन, और बड़े पैमाने पर रोजगार सृजन पर विशेष बल दिया गया है। साथ ही, लॉजिस्टिक्स पार्क, वेयरहाउसिंग, कोल्ड स्टोरेज जैसी परियोजनाओं के लिए आकर्षक प्रोत्साहन भी प्रदान किए जा रहे हैं, जिससे संतुलित क्षेत्रीय विकास और स्थायित्व सुनिश्चित हो सके।

मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय ने कहा कि “नवा रायपुर मल्टी-मॉडल लॉजिस्टिक्स पार्क से राज्य के सबसे बड़े कॉपर कॉन्सन्ट्रेट निर्यात का शुभारंभ छत्तीसगढ़ की ऐतिहासिक उपलब्धि है। यह कदम इस दिशा में हमारी प्रतिबद्धता को दर्शाता है कि छत्तीसगढ़ को हम लॉजिस्टिक्स और औद्योगिक शक्ति के रूप में विकसित करेंगे।”

मुख्यमंत्री ने कहा कि नई राज्य लॉजिस्टिक्स नीति 2025 के माध्यम से सरकार कनेक्टिविटी बढ़ाने, निजी निवेश आकर्षित करने और बड़े पैमाने पर रोजगार सृजन पर केंद्रित है। उन्होंने कहा कि “नीतिगत सुधार, रणनीतिक अवसंरचना और उद्योगों के आत्मविश्वास के इस समन्वय से छत्तीसगढ़ न केवल मध्य भारत को वैश्विक वैल्यू चेन से जोड़ रहा है, बल्कि लॉजिस्टिक्स आधारित विकास के नए युग को भी परिभाषित कर रहा है।”

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