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छत्तीसगढ़ को सर्वश्रेष्ठ जिला, सर्वश्रेष्ठ पंचायत और सर्वश्रेष्ठ संस्थान श्रेणी में मिलेगा सम्मान: मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय ने दी बधाई
राष्ट्रपति श्रीमती द्रौपदी मुर्मू के हाथों से 18 नवंबर 2025 को मिलेगा सम्मान
प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी के ‘जल समृद्ध भारत’ के दृष्टिकोण को मूर्त रूप देने में छत्तीसगढ़ का योगदान महत्वपूर्ण: मुख्यमंत्री श्री साय
रायपुर / शौर्यपथ / केंद्र सरकार के जल शक्ति मंत्रालय ने छठे राष्ट्रीय जल पुरस्कारों की घोषणा कर दी है। केंद्रीय जल शक्ति मंत्री श्री सी. आर. पाटिल ने इन पुरस्कारों की घोषणा की। छत्तीसगढ़ को तीन राष्ट्रीय जल पुरस्कारों के लिए विभिन्न श्रेणियों में विजेता घोषित किया गया है।छत्तीसगढ़ के राजनांदगांव जिले को पूर्वी जोन में सर्वश्रेष्ठ जिला, कांकेर जिले की डूमरपानी ग्राम पंचायत को श्रेष्ठ ग्राम पंचायत श्रेणी में तीसरा स्थान तथा रायपुर के कृष्णा पब्लिक स्कूल को सर्वश्रेष्ठ स्कूल श्रेणी में सम्मानित किया जाएगा।प्रत्येक पुरस्कार विजेता को एक प्रशस्ति पत्र, एक ट्रॉफी और कुछ श्रेणियों में नकद पुरस्कार भी प्रदान किए जाएंगे।
छठे राष्ट्रीय जल पुरस्कार, 2024 का पुरस्कार वितरण समारोह 18 नवंबर 2025 को प्रातः 11:30 बजे विज्ञान भवन, नई दिल्ली के प्लेनरी हॉल में आयोजित होगा। इस समारोह में भारत की राष्ट्रपति श्रीमती द्रौपदी मुर्मू मुख्य अतिथि के रूप में शामिल होंगी।
मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय ने छत्तीसगढ़ को मिले तीन राष्ट्रीय जल पुरस्कारों पर प्रसन्नता व्यक्त करते हुए कहा कि यह सम्मान राज्य के सतत जल संरक्षण और जनसहभागिता आधारित प्रबंधन के प्रति हमारी प्रतिबद्धता का प्रमाण है। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी के ‘जल समृद्ध भारत’ के दृष्टिकोण को मूर्त रूप देने में छत्तीसगढ़ ने उल्लेखनीय कार्य किया है। राजनांदगांव, कांकेर और रायपुर के इन उदाहरणों ने यह सिद्ध किया है कि जब समाज, प्रशासन और संस्थान एक साथ कार्य करते हैं, तब जल संरक्षण एक जन-आंदोलन बन जाता है। मुख्यमंत्री ने सभी विजेताओं को बधाई दी और कहा कि राज्य सरकार हर जिले और पंचायत में जल संवर्धन के इस मॉडल को आगे बढ़ाएगी।
वर्ष 2018 से हुई शुरुआत – अब तक पाँच संस्करण आयोजित
प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी के मार्गदर्शन में जल शक्ति मंत्रालय ने राष्ट्रीय स्तर पर जल प्रबंधन और जल संरक्षण के प्रति जागरूकता फैलाने के लिए एक व्यापक अभियान प्रारंभ किया।
लोगों में पानी के महत्व के प्रति जागरूकता पैदा करने और उन्हें सर्वोत्तम जल उपयोग प्रथाएँ अपनाने के लिए प्रेरित करने हेतु वर्ष 2018 में राष्ट्रीय जल पुरस्कार की शुरुआत की गई थी।
दूसरे, तीसरे, चौथे और पाँचवें राष्ट्रीय जल पुरस्कार क्रमशः वर्ष 2019, 2020, 2022 और 2023 के लिए प्रदान किए गए। कोविड महामारी के कारण वर्ष 2021 में ये पुरस्कार नहीं दिए जा सके।
साढ़े सात सौ आवेदनों में से केवल 46 का चयन
वर्ष 2024 के लिए छठे राष्ट्रीय जल पुरस्कारों की घोषणा 23 अक्टूबर 2024 को गृह मंत्रालय (एमएचए) के राष्ट्रीय पुरस्कार पोर्टल पर की गई थी। इस वर्ष कुल 751 आवेदन प्राप्त हुए।
निर्णायक समिति द्वारा सभी आवेदनों की जाँच और मूल्यांकन किया गया। चयनित आवेदनों की जमीनी स्तर पर जाँच केंद्रीय जल आयोग और केंद्रीय भूजल बोर्ड द्वारा की गई। जमीनी जाँच रिपोर्टों के आधार पर संयुक्त विजेताओं सहित कुल 46 विजेताओं को वर्ष 2024 के लिए 10 विभिन्न श्रेणियों में चयनित किया गया।
जल संरक्षण और कुशल प्रबंधन के प्रति जन-जागरूकता बढ़ाना उद्देश्य
जल शक्ति मंत्रालय देश में जल के विकास, संरक्षण और कुशल प्रबंधन के लिए नीतिगत ढाँचा तैयार करने और कार्यक्रमों को लागू करने वाला केंद्रीय मंत्रालय है।राष्ट्रीय जल पुरस्कार, सरकार के ‘जल समृद्ध भारत’ के दृष्टिकोण को साकार करने हेतु व्यक्तियों और संगठनों द्वारा किए गए उत्कृष्ट कार्यों पर केंद्रित हैं।
इन पुरस्कारों का उद्देश्य लोगों में जल के महत्व के प्रति जागरूकता बढ़ाना और उन्हें सर्वोत्तम जल उपयोग प्रथाएँ अपनाने के लिए प्रेरित करना है। यह आयोजन देशभर के नागरिकों और संस्थानों को जल संसाधन संरक्षण व प्रबंधन गतिविधियों में सक्रिय सहभागिता और साझेदारी को प्रोत्साहित करने का अवसर प्रदान करता है।
रायपुर / शौर्यपथ / मुख्यमंत्री निवास रायपुर में 13 नवंबर गुरुवार को जनदर्शन का आयोजन दोपहर 12:00 बजे से 3:00 बजे तक किया जाएगा। मुख्यमंत्री विष्णु देव साय इस अवसर पर प्रदेशवासियों से सीधे संवाद करेंगे और उनकी समस्याओं का निराकरण करेंगे। मुख्यमंत्री श्री साय ने अधिकारियों को निर्देश दिए हैं कि जनदर्शन में प्राप्त प्रत्येक आवेदन का त्वरित और संवेदनशील निराकरण सुनिश्चित किया जाए, ताकि लोगों को समयबद्ध समाधान मिल सके।
राज्य सरकार के जनदर्शन कार्यक्रम का उद्देश्य शासन और जनता के बीच सीधा संवाद स्थापित करना है। यह पहल मुख्यमंत्री साय की जनसरोकारों के प्रति प्रतिबद्धता और पारदर्शी सुशासन के संकल्प को दर्शाती है, जिससे आम नागरिकों की समस्याओं का त्वरित निराकरण सुनिश्चित हो सके।
बीच-बचाव करने पहुँची माँ और छोटे भाई पर भी हमला, तीनों आरोपी फरार, हत्या का मामला दर्ज
दुर्ग / शौर्यपथ / मामूली 2000 की उधारी ने एक युवक की जान ले ली। अंडा थाना क्षेत्र के शीतल तालाब शांति चौक में सोमवार रात करीब 9 बजे दो भाइयों और भांजे ने मिलकर युवक की डंडे और हाथ-मुक्कों से बेरहमी से पिटाई कर दी। घायल युवक की अस्पताल ले जाते समय मौत हो गई। बीच-बचाव करने पहुँची उसकी माँ और छोटे भाई को भी आरोपियों ने पीटा। पुलिस ने तीनों के खिलाफ हत्या का मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।
घटना का सिलसिला — उधारी के पैसों पर बवाल से हत्या तक
जानकारी के अनुसार, मृतक ओंकारेश्वर सिन्हा निवासी अंडा, गुरुवार बाजार के पास रहता था। आरोपी अजीत धीवर**, उसका भाई **नमेश धीवर** और भांजा **चेतन धीवर** ओंकारेश्वर से ₹2000 की पुरानी उधारी को लेकर विवाद कर रहे थे। 11 नवंबर की रात, तीनों ने शांति चौक के पास ओंकारेश्वर को रोककर अश्लील गालियाँ दीं और पैसों की मांग को लेकर झगड़ा शुरू कर दिया।
इसी दौरान ओंकारेश्वर का छोटा भाई **नागेश्वर सिन्हा** और माँ **लक्ष्मी सिन्हा** को पास के युवक **लिकेश साहू** ने फोन पर झगड़े की सूचना दी। दोनों तुरंत मौके पर पहुँचे तो देखा कि तीनों आरोपी ओंकारेश्वर को धमका रहे हैं और पैसे नहीं लौटाने पर जान से मारने की बात कह रहे हैं। इसके बाद अजीत ने डंडे से और नमेश व चेतन ने हाथ-पैर से ओंकारेश्वर पर हमला बोल दिया।
**माँ-बेटे को भी नहीं छोड़ा आरोपियों ने**
बीच-बचाव करने पहुँची माँ लक्ष्मी सिन्हा और भाई नागेश्वर को भी हमलावरों ने पीटा। नागेश्वर के सिर, कलाई और नाक पर चोटें आईं जबकि माँ की पीठ पर गंभीर चोट लगी। किसी तरह परिजन घायल ओंकारेश्वर को घर लाए, पर कुछ देर बाद उसकी तबीयत बिगड़ने लगी। परिजन जब उसे जिला अस्पताल दुर्ग लेकर पहुँचे तो डॉक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया।
**पुलिस ने दर्ज किया हत्या का मामला**
छोटे भाई नागेश्वर सिन्हा की रिपोर्ट पर अंडा पुलिस ने अपराध क्रमांक **0112/25** धारा **3(5)-BNS, 103-BNS, 351(3)-BNS, 115(2)-BNS, 296-BNS** के तहत आरोपियों **अजीत धीवर**, **नमेश धीवर** और **चेतन धीवर** के खिलाफ हत्या का मामला दर्ज किया है। पुलिस ने शव का पोस्टमॉर्टम करवा कर परिजनों को सौंप दिया है और आरोपियों की तलाश शुरू कर दी है।
> **“सिर्फ ₹2000 की उधारी को लेकर इस तरह की निर्मम हत्या समाज के लिए शर्मनाक है। आरोपियों को शीघ्र गिरफ्तार किया जाएगा।”**
> — *अंडा थाना प्रभारी, दुर्ग पुलिस*
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क्या आप चाहेंगे कि मैं इस खबर को **“शौर्यपथ समाचार”** के ऑनलाइन प्रकाशन प्रारूप (शीर्षक, उपशीर्षक, हाइलाइट, उद्धरण सहित डिजिटल लेआउट) में भी तैयार कर दूँ ताकि इसे सीधे वेबसाइट पर डाला जा सके?
बीजापुर के 9 लोगों की आंखों की रोशनी जाना सरकार की लापरवाही
भाजपा सरकार में फिर नसबंदी और ऑंखफोड़वा कांड रमन सरकार के समय की पुनर्रावृत्ति
रायपुर/शौर्यपथ / प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष दीपक बैज ने भाजपा सरकार पर आम लोगों के जान के साथ खिलवाड़ करने का गंभीर आरोप लगाते हुए कहा कि स्वास्थ्य विभाग की लापरवाही के कारण बीजापुर में आंख के ऑपरेशन के बाद 8 महिला एवं 1 पुरुष की आंख से दिखना बंद हो गया, जिसे ईलाज के लिये रायपुर रिफर किया गया है। दुर्ग में नसबंदी के दौरान दो महिलाओं की मौत हो गई। स्वास्थ विभाग की लापरवाही के कारण हुई इस घटना के लिए स्वास्थ्य मंत्री श्याम बिहारी जयसवाल जिम्मेदार है। सरकार के द्वारा खरीदी दवाईया अमानक औऱ नकली है जो जानलेवा साबित हो रही है। अभी हुई नशबंदी कांड और ऑंखफोड़वा कांड ने पूर्व रमन सरकार के दौरान हुई घटना को ताजा कर दिया। भाजपा सरकार में ही इस प्रकार की घटनाएं होने की वजह भाजपा सरकार में दवाई खरीदी में कमीशन खोरी भ्रष्टाचार है।
प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष दीपक बैज ने कहा कि यह पहली घटना नहीं है, इसके पहले भी बस्तर के एक दर्जन से अधिक लोगों की आंखों की रोशनी सरकार की लापरवाही से गयी थी। स्वास्थ्य विभाग के लापरवाही के चलते नसबंदी और ऑंखफोड़वा कांड के पहले नकली दवाई एवं ईलाज में लापरवाही के कारण मौत हो चुकी है फिर स्वास्थ मंत्री जागे नही है। गैर जिम्मेदार स्वास्थ मंत्री के कारण सरकारी अस्पताल मौत का कारण बन रहे है। सरकारी अस्पताल की विश्वसनीयता संकट में है। गरीब आदमी इलाज कहाँ कराये? निजी अस्पतालों में आयुष्मान योजना से पूरा इलाज नहीं हो रहा है।
प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष दीपक बैज ने कहा कि प्रदेश में नकली दवाई सप्लाई करने वालों के खिलाफ एफआईआर दर्ज क्यों नहीं करवाया जा रहा है? क्यों उन्हें बचाया जा रहा है इसे स्पष्ट है की दवा सप्लायरों से भारतीय जनता पार्टी ने मोटी रकम वसूली की है। जिसका खामियाजा मरीजों को भुगतना पड़ रहा है।
प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष दीपक बैज ने कहा कि सरकारी अस्पतालों में छोटे बच्चों को 14 महीने से क्रीमी की दवाई दी जा रही है, उसे अमानक मान कर अब प्रतिबंध लगा दिया गया। सरकारी अस्पताल में ग्लूकोज की बोतल चढ़ाने पर तबीयत खराब हो जा रहा है, फफूंद लगी दवाईयां दी जा रही है, पेरासिटामोल टेबलेट, सर्जिकल इंजेक्शन, ग्लूकोज ड्रिप, एल्बेंडाजोल टेबलेट, प्रेगनेंसी किट सहित कई दवाईयां अमानक है, इसके लिए जिम्मेदार कौन हैं?
प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष दीपक बैज ने कहा कि सरकार के लापरवाही के चलते अमानक दवाइयों के कारण मरीज की आंखों की रोशनी गयी है, नसबंदी से जिनकी जान गयी है, सरकार उन्हें मुआवजा दे? सरकार यह सुनिश्चित करें कि स्वास्थ्य विभाग के द्वारा मरीज को वितरित की जाने वाली दवाइयां पूर्णत सुरक्षित और तय मानकों को पूरा करने वाला हो? जिन कंपनियों की दवाईयां अमानक पाई गई है उनके खिलाफ अपराध पंजीबद हो दवा सप्लाई करने वाले एजेंसी को ब्लैकलिस्टेड किया जाए, दवा खरीदी में शामिल अधिकारियों को पर भी कड़ी कार्रवाई हो।
कोयले का सेस भी कम हुआ है, बिजली के बढ़े दाम भी कम किया जाये - कांग्रेस
रायपुर/शौर्यपथ / बढ़े बिजली बिल ने आम जनता का बजट बिगाड़ दिया है। प्रदेश कांग्रेस संचार विभाग के अध्यक्ष सुशील आनंद शुक्ला ने कहा कि तीन महिने से आ रहे बेतहाशा बढ़ा बिजली बिल से राज्य का हर नागरिक परेशान है। कांग्रेस पार्टी मांग करती है कि सरकार भूपेश सरकार के समय शुरू की गयी बिजली बिल हाफ योजना को फिर शुरू करें, ताकि जनता को बढ़े बिजली बिल में कुछ राहत मिल सके। बिजली उत्पादन का प्रमुख घटक कोयला है। कोयले पर लगने वाला सेस कम हो गया है, जिसके कारण कोयले का दाम न्यूनतम 400 रू. कम हो गया है, अतः सरकार वीसीए (वेरियेबल कास्ट एडजेस्टमेंट) में कटौती के आधार पर बिजली के दाम तुरंत घटाये।
प्रदेश कांग्रेस संचार विभाग अध्यक्ष सुशील आनंद शुक्ला ने कहा कि सरकार की नाकामी लापरवाही और मुनाफाखोरी वाली नीति के कारण प्रदेश के लोगों के लिए बिजली कटौती और मंहगी बिजली बड़ी समस्या बन गई है। राज्य बनने के बाद प्रदेश में बिजली के दाम सबसे ज्यादा वर्तमान समय में है। सरकार ने बिजली बिल हाफ योजना को बंद कर दिया जिससे लोगों के बिजली के बिल दुगुना से भी अधिक आ रहा। महंगी बिजली के बाद भी सरकार जनता को चौबीस घंटे बिजली नहीं उपलब्ध करवा पा रही। ग्रामीण क्षेत्र में आठ-नौ घंटे तक हो रही बिजली कटौती से जनता परेशान हो रही, लोग बिजली कटौती के खिलाफ आंदोलन करने को मजबूर है।
प्रदेश कांग्रेस संचार विभाग अध्यक्ष सुशील आनंद शुक्ला ने कहा कि कांग्रेस पार्टी भाजपा सरकार के बिजली के दाम बढ़ाकर भेजने के अन्यायपूर्ण फैसले का विरोध करती है, कोयला हमारा, पानी हमारा, जमीन हमारी और हमें ही महंगे दर पर बिजली बेचा जा रहा है। जनता में बढ़े हुए बिजली बिल के कारण आक्रोश और निराशा है उसके बाद भी सरकार बिजली के दामें पर लूट जारी रखे हुए है।
औद्योगिक नीति में बदलाव बेहतर तो 4,000 से अधिक कंपनियां बंद क्यों हो गई?- कांग्रेस
रायपुर/शौर्यपथ / गुजरात से 33,000 करोड़ के निवेश प्रस्ताव पर सवाल उठाते हुए प्रदेश कांग्रेस के वरिष्ठ प्रवक्ता धनंजय सिंह ठाकुर ने कहा कि भाजपा सरकार जापान, कोरिया, अमेरिका जाकर और छत्तीसगढ़ निवेशकों को बुलाकर 21 महीने में 7 लाख करोड़ से अधिक निवेश और इसे हजारों लोगों को रोजगार देने का दावा कर रही है लेकिन यह निवेश धरातल पर कहीं नजर नहीं आ रहा है। सरकार दावा कर रही है कि उनके द्वारा बनाई गई नई औद्योगिक नीति और उसमें किए गए 350 से अधिक बदलाव के कारण निवेशक आकर्षित हो रहे हैं, ऐसे में सवाल उठता है जब नई औद्योगिक नीति बेहतर है, फिर प्रदेश से 4,288 कंपनियां बंद क्यों हो गई? जिसके कारण हजारों लोग बेरोजगार हो गए यह भाजपा सरकार की नाकामी है।
प्रदेश कांग्रेस के वरिष्ठ प्रवक्ता धनंजय सिंह ठाकुर ने कहा कि भाजपा सरकार को प्रदेश की जनता को गुमराह नहीं करना चाहिए, सरकार के मुखिया और मंत्री विदेश जाकर बड़ी-बड़ी निवेश लाने की बात करते हैं, निवेशकों का भरोसा जीत क्यों नहीं पा रहे हैं? अमेरिका, जापान और कोरिया से सेमीकंडक्टर इलेक्ट्रॉनिक आइटम आई टी एआई टेक्सटाइल फार्मास्यूटिकल एवं खाद्य प्रसंस्करण में नई निवेश होने का दावा किया था। लेकिन अब तक कोई भी विदेश के निवेशक छत्तीसगढ़ क्यों नहीं आए? बस्तर में इन्वेस्टर कनक्वे 967 करोड़ से अधिक का निवेश प्रस्ताव आया था कितने निवेशक, कौन है, बस्तर में काम शुरू किया है?
प्रदेश कांग्रेस के वरिष्ठ प्रवक्ता धनंजय सिंह ठाकुर ने कहा कि छत्तीसगढ़ में भाजपा की सरकार उद्योगों के अनुकूल माहौल बनाने में पूरी तरह से नाकाम रही है और अपनी इस नाकामी से जनता का ध्यान भटकने के लिए नए-नए इवेंट करने का दावा कर रही है, निवेशक आने का दावा कर रही है और लाखों युवा जो बेरोजगार हैं, जो रोजगार की औसत तलाश रहे उनके साथ धोखा कर रही है, भाजपा की सरकार प्रदेश में रोजगार के अवसर देने में असफल साबित हो गई है, सरकार की उदासीनता के चलते प्रदेश में पूर्व से संचालित रोलिंग मिल, राइस मिल, सहकारी शक्कर कारखाना, एथेनॉल प्लांट, स्पंज आयरन, ट्रैवल कंपनियों, अस्पताल फार्मा, उद्योग सभी अपने कारोबार को बंद कर रहे हैं, सरकार इस विषय को गंभीरता में ले, प्रदेश से संचालित उद्योग बंद ना हो उसके अनुकूल माहौल बनाएं और नए निवेशकों के नाम से प्रदेश को धोखा देना बंद करें।
शौर्यपथ राशिफल। आज बुधवार, 12 नवंबर 2025, मार्गशीर्ष मास के कृष्ण पक्ष की अष्टमी तिथि है। ग्रह-नक्षत्रों की विशेष चाल दर्शाती है कि यह दिन सभी राशियों के लिए नए अवसर और सकारात्मक बदलाव लेकर आएगा। कुछ राशियों के लिए करियर और आर्थिक लाभ के अवसर बनेंगे, वहीं कुछ को स्वास्थ्य और संबंधों में सावधानी बरतनी होगी। आइए जानें सभी 12 राशियों का संक्षिप्त राशिफल-मेष:आज उत्साह और आत्मविश्वास से भरा दिन है। कार्यक्षेत्र में नई जिम्मेदारियां मिलेंगी, जिससे आर्थिक स्थिति मजबूत होगी। परिवार और जीवनसाथी के साथ संबंध मधुर रहेंगे। यात्रा शुभ रहेगी। स्वास्थ्य सामान्य रहेगा।शुभ अंक: 8, शुभ रंग: पीला
वृषभ:आज कार्यकुशलता पर नजर रहेगी। नौकरी में नई जिम्मेदारी और अधिकारियों का सहयोग मिलेगा। आर्थिक स्थिति सामान्य है, पर खर्चों पर नियंत्रण रखें। स्वास्थ्य के प्रति सतर्कता जरूरी।शुभ अंक: 7, शुभ रंग: काला
मिथुन:परिवार में प्रेम और सहयोग बना रहेगा। करियर में सकारात्मकता बढ़ेगी। मित्रों के साथ समय बिताने से मन प्रसन्न होगा। स्वास्थ्य ठीक रहेगा।
कर्क:आज आर्थिक दृष्टि से लाभदायक दिन है। मित्रों और परिवार का सहयोग मिलेगा। लेकिन भोजन और नींद का ध्यान रखें। मानसिक शांति के लिए आध्यात्मिक साधना लाभकारी होगी।
सिंह:नेतृत्व क्षमता से कार्य क्षेत्र में सफलता मिलेगी। जीवनसाथी आकर्षित होंगे। स्वास्थ्य में रक्तचाप का ध्यान रखें। आर्थिक लाभ संभव है, पर व्यर्थ खर्च न करें।
कन्या:धनलाभ और करियर में उन्नति के संकेत हैं। परिवार में सुख-शांति बनी रहेगी। स्वास्थ्य ठीक रहेगा, पर अधिक मेहनत से बचें।
तुला:आज प्रतिष्ठा और सम्मान मिलेगा। सामाजिक संबंध मजबूत होंगे। स्वास्थ्य ठीक है लेकिन ज्यादा थकान से बचें।
वृश्चिक:कार्यक्षेत्र में सफलता के अवसर बढ़ेंगे। निवेश फायदे का सौदा साबित होगा। परिवार में मेलजोल बढ़ेगा। स्वास्थ्य सामान्य रहेगा।
धनु:कार्यक्षेत्र में लाभ होगा, पर जल्दबाजी में निर्णय न लें। परिवार का सहयोग मिलेगा। स्वास्थ्य में हल्की परेशानी हो सकती है।
मकर:व्यापार या नौकरी में सफलता मिलेगी। परिवार में सद्भाव बना रहेगा। आराम और विश्राम जरूरी है।
कुम्भ:करियर में नए अवसर प्राप्त होंगे। आर्थिक स्थिति मजबूत होगी। घर परिवार के मामलों में सावधानी जरूरी है।
मीन:पुराने रुके हुए कार्य पूरे होंगे। नए अवसर मिलेंगे। व्यापार में सावधानी बरतें। आर्थिक खर्च बढ़ सकते हैं।
आज काल भैरव जयंती और सर्वार्थ सिद्धि योग भी प्रभावी हैं, जो अनेक राशियों के लिए विशेष शुभ समाचार लेकर आएंगे। दिनभर सकारात्मक राह पर चलें, सोच-समझकर निर्णय लें और स्वास्थ्य का ध्यान रखें।
यह राशिफल आपके दिन को बेहतर बनाने के लिए ज्योतिषीय ऊर्जा और सुझाव प्रदान करता है। शुभकामनाएं।
शौर्यपथ संपादकीय। 3 नवंबर 2025 को करनाल रेलवे स्टेशन से बिहार के लिए चलाई गई स्पेशल ट्रेन और उससे जुड़े विवाद ने बिहार विधानसभा चुनाव के दौरान राजनीतिक माहौल को गरमा दिया है। इस मामले में भाजपा, रेलवे मंत्रालय और विपक्षी दलों की प्रतिक्रियाएं सामने आई हैं। वीडियो और सोशल मीडिया पर वायरल फुटेज से मामला अधिक विवादित हो गया है, जिसमें यात्रियों ने खुद को भाजपा समर्थक बताया और बिहार में वोट डालने की बात स्वीकार की।
पूरा मामला: ट्रेन, टिकट और वीडियोकरनाल से गई इस स्पेशल ट्रेन में सैकड़ों यात्रियों ने सफर किया, जिनमें कई ने दावा किया कि उन्हें भाजपा नेताओं ने टिकट उपलब्ध कराए और वे बिहार चुनाव में वोट डालने जा रहे हैं। वायरल वीडियो में यात्रियों की सूची चेक करते भाजपा नेता नजर आए; यात्रियों ने भाजपा के स्कार्फ पहने हुए थे, जिससे यात्रा और राजनीतिक उद्देश्य का सीधा संबंध जताया गया।
विपक्ष का आरोप और रेलवे का जवाब:कांग्रेस नेता कपिल सिब्बल ने इस मामले में रेलवे मंत्रालय से सवाल पूछे और रेल मंत्रालय के पत्र का हवाला देते हुए आरोप लगाया कि इतनी अल्प सूचना पर विशेष ट्रेन चलाने का क्या औचित्य है? उन्होंने पूछा कि अगर ये सभी 'असली मतदाता' थे, तो वे अपने खर्चे पर क्यों नहीं गए और बिना वापसी टिकट के क्यों भेजे गए।
रेल मंत्रालय ने जवाब में कहा कि त्योहारी भीड़ को देखते हुए लाखों यात्रियों के लिए हजारों स्पेशल ट्रेनें नियमित रूप से चलाई जाती हैं, और जब भीड़ बढ़ती है तो अनिर्धारित ट्रेनें तैनात होती हैं।
चुनावी आचार संहिता का प्रश्न: प्रश्न यह उठता है कि क्या यह पूरा मामला भारतीय चुनाव आयोग की आचार संहिता का उल्लंघन है? चुनावी आचार संहिता के अनुसार, किसी भी दल या सरकार द्वारा मतदाताओं को प्रलोभन देना, विशेष रूप से फ्री टिकट या विशेष सहूलियत देकर, आदर्श आचार संहिता का उल्लंघन माना जाता है। इस मामले में यह आरोप है कि भाजपा ने अपने पक्ष के मतदाताओं के लिए संगठित यात्रा और फ्री टिकट की व्यवस्था की।
संभावित उल्लंघन और जांच की आवश्यकता: राजनीतिक दलों द्वारा मतदाताओं की संगठित यात्रा, खासतौर पर सरकार या पार्टी के माध्यम से, चुनावी निष्पक्षता पर प्रभाव डालती है। यदि टिकट व्यवस्था और ट्रेन संचालन पार्टी द्वारा वित्तपोषित पाया गया, तो यह आदर्श आचार संहिता और निष्पक्ष चुनाव सिद्धांत का स्पष्ट उल्लंघन होगा। चुनाव आयोग को तत्काल जांच कर जिम्मेदारों के विरुद्ध कठोर कार्रवाई करनी चाहिए ताकि आम मतदाता का लोकतांत्रिक विश्वास बना रहे।
संपादकीय विश्लेषण: लोकतंत्र की विश्वसनीयता और निष्पक्ष चुनाव
यह घटना भारतीय लोकतंत्र की संवेदनशीलता और निर्वाचन प्रक्रिया की पारदर्शिता की परीक्षा है। अगर राजनीतिक दल मतदाताओं को संगठित तरीके से राज्य बदलकर वोट डलवाने की व्यवस्था करेंगे, और सरकारें या उनकी संस्थाएं इसमें भूमिका निभाएंगी, तो निष्पक्ष चुनाव का सिद्धांत कमजोर हो जाएगा। रेलवे जैसी सार्वजनिक सेवा का राजनीतिक उद्देश्य के लिए दुरुपयोग न हो, इसके लिए स्पष्ट और सख्त दिशा-निर्देश की आवश्यकता है।मतदाता की स्वतंत्रता, चुनावी आचार संहिता का पालन और प्रशासन की निष्पक्षता लोकतंत्र की मूल आत्मा है। ऐसे मामलों में सिर्फ आरोप-प्रत्यारोप या सफाई से काम नहीं चलेगा, बल्कि निष्पक्ष जांच, पारदर्शिता और कानूनी कार्रवाई ही लोकतांत्रिक व्यवस्था में जनता का भरोसा बहाल रख सकती है
अमेरिका के सैन फ्रांसिस्को में भारतीय दूतावास द्वारा आयोजित छत्तीसगढ़ राज्य स्थापना दिवस समारोह में NACHA बे एरिया चैप्टर बना सहभागी
प्रवासी छत्तीसगढ़वासी राज्य के सांस्कृतिक राजदूत, छत्तीसगढ़ की संस्कृति को विश्व में दे रहे पहचान - मुख्यमंत्री साय
रायपुर / शौर्यपथ / अमेरिका के सैन फ्रांसिस्को में भारतीय दूतावास द्वारा आयोजित छत्तीसगढ़ राज्य स्थापना दिवस का उत्सव धूमधाम से मनाया गया। इस अवसर पर छत्तीसगढ़ की समृद्ध संस्कृति, परंपरा और लोक-कला ने विदेश की भूमि पर अपनी विशेष छाप छोड़ी। इस कार्यक्रम में NACHA (North America Chhattisgarh Association) के बे एरिया चैप्टर ने उल्लेखनीय भूमिका निभाई। उन्होंने विशेष रूप से छत्तीसगढ़ राज्य को समर्पित एक आकर्षक स्टॉल लगाया, जिसमें राज्य के विशिष्ट उत्पादों, हस्तशिल्प, लोककला और पारंपरिक आभूषणों का सुंदर प्रदर्शन किया गया। इस स्टॉल के माध्यम से छत्तीसगढ़ की कला-संस्कृति और हस्तशिल्प की विविधता को प्रदर्शित किया गया, जिसे उपस्थित अतिथियों ने अत्यंत सराहा।
कार्यक्रम का मुख्य आकर्षण रहा छत्तीसगढ़ी लोकनृत्य का मनमोहक प्रदर्शन, जिसने वहां मौजूद भारतीय प्रवासी समुदाय और अन्य देशों के प्रतिनिधियों को मंत्रमुग्ध कर दिया। पारंपरिक छत्तीसगढ़ी वेशभूषा में प्रस्तुत यह लोकनृत्य न केवल मनोरंजन का माध्यम बना, बल्कि उसने छत्तीसगढ़ की लोकसंस्कृति की आत्मा को भी सजीव कर दिया।
NACHA के सदस्यों ने बताया कि उनका उद्देश्य छत्तीसगढ़ की संस्कृति, भाषा और लोक परंपरा को विश्व के विभिन्न हिस्सों तक पहुँचाना है। उन्होंने कहा कि प्रवासी छत्तीसगढ़वासी अपने मूल राज्य की पहचान को अंतरराष्ट्रीय स्तर पर स्थापित करने के लिए निरंतर प्रयासरत हैं। इस आयोजन ने उन्हें अपनी जड़ों से भावनात्मक रूप से जोड़ने का एक सशक्त अवसर प्रदान किया।
मुख्यमंत्री साय ने NACHA बे एरिया चैप्टर के सभी सदस्यों को बधाई देते हुए कहा कि उनका यह प्रयास छत्तीसगढ़ की गौरवशाली परंपराओं को वैश्विक मंच पर स्थापित करने की दिशा में एक प्रेरणादायक कदम है। मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रवासी छत्तीसगढ़वासी राज्य के “सांस्कृतिक राजदूत” हैं, जो अपनी जड़ों से जुड़े रहते हुए छत्तीसगढ़ की अस्मिता, संस्कृति और मूल्यों को पूरी दुनिया में स्थापित कर रहे हैं।
"बिहार विधानसभा चुनाव: लोकतंत्र की जीत, जनता का नया विश्वास"
"नीतीश की वापसी या नए युग की शुरुआत? बिहार का फैसला तय"
"मतदान में रिकॉर्ड भागीदारी से साबित हुआ भारत का लोकतंत्र सशक्त"
राजनीतिक विश्लेषण: शरद पंसारी, संपादक – शौर्यपथ दैनिक समाचार
बिहार विधानसभा चुनाव 2025 के दूसरे और अंतिम चरण का मतदान संपन्न होते ही पूरे राज्य की नजरें अब 14 नवंबर की मतगणना पर टिक गई हैं। टीवी चैनलों पर एग्जिट पोल का माहौल गर्म है, और लगभग हर सर्वेक्षण नीतीश कुमार के नेतृत्व वाले एनडीए को स्पष्ट बहुमत की ओर बढ़ता हुआ दिखा रहा है। वहीं, महागठबंधन इस बार ‘तीसरे नंबर’ की परिस्थिति से भी जूझता नजर आ रहा है।
बिहार की जनता ने इस बार मतदान में ऐसी भागीदारी दिखाई है कि बीते दो दशकों का रिकॉर्ड टूट गया। महिला वोटर्स की भागीदारी विशेष रूप से उल्लेखनीय रही, जो लोकतंत्र की मजबूती और जागरूक नागरिकता की दिशा में एक शुभ संकेत है।
पहले चरण में 94 सीटों पर लगभग 62.5 प्रतिशत मतदान हुआ, जबकि दूसरे चरण में 149 सीटों पर मतदान का प्रतिशत 64.8 तक पहुंच गया। यह स्पष्ट संकेत है कि चाहे राजनीतिक दलों के आरोप-प्रत्यारोप कितने भी हों, जनता अपने मताधिकार का प्रयोग पूरी सजीवता के साथ कर रही है।
एग्जिट पोल का रुझान और भविष्य की राजनीति
देश की प्रमुख एजेंसियों—सर्वे इंडिया, सी-वोटर और टाइम्स पोल्स—के एग्जिट पोल के अनुसार, एनडीए को इस बार 160 से 175 सीटों के बीच मिलने का अनुमान है। वहीं, महागठबंधन को 55 से 65 सीटों तक सीमित बताया जा रहा है। जन स्वराज पार्टी ने परिवर्तन की राजनीति का दावा किया, लेकिन कई एग्जिट पोल उन्हें शून्य से अधिकतम दो सीटों तक सीमित मान रहे हैं।
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और गृह मंत्री अमित शाह ने चुनाव के आखिरी चरण में जिस आक्रामक रफ्तार के साथ प्रचार किया, उसने एनडीए के आत्मविश्वास को मजबूती दी। दूसरी ओर, कांग्रेस और राजद लगातार चुनाव आयोग पर सवाल उठाते रहे, लेकिन जनता के मौन जनादेश ने यह संकेत दिया है कि बिहार ने फिर स्थिरता को तरजीह दी है।
महागठबंधन के लिए मुश्किल राह
तेजस्वी यादव के नेतृत्व में महागठबंधन ने बेरोजगारी, महंगाई और भ्रष्टाचार को मुद्दा बनाकर चुनावी नैरेटिव खड़ा करने की कोशिश की, मगर नीतीश कुमार की विकासपरक राजनीति और नरेंद्र मोदी के राष्ट्रव्यापी प्रभाव के आगे यह कोशिश कमजोर पड़ती दिखी। कांग्रेस ने बार-बार चुनाव आयोग पर ‘‘फर्जी मतदान’’ के आरोप लगाए, किन्तु यदि नतीजे एग्जिट पोल के अनुरूप रहे, तो ये सारे आरोप निराधार ठहरेंगे।
जनता का जनादेश और लोकतंत्र की जीत
बिहार का यह चुनाव सिर्फ सत्ता परिवर्तन का नहीं बल्कि लोकतंत्र के पुनः सशक्त होने का संकेत है। मतदाता अब जातीय समीकरणों से ऊपर उठकर अपने भविष्य की दिशा तय कर रहा है। गांव हो या शहर, युवा मतदाता हो या वरिष्ठ नागरिक—हर वर्ग ने मतदान को लोकतंत्र के महापर्व के रूप में स्वीकार किया है।
इस चुनाव से यह संदेश जा रहा है कि भारत का लोकतंत्र आज भी जीवंत, सक्षम और सर्वश्रेष्ठ है। परिणाम चाहे जिसके पक्ष में आएं, असली जीत लोकतंत्र की ही होगी—क्योंकि जनता ने यह साबित किया है कि सत्ता की चाबी किसी पार्टी या नेता के पास नहीं, बल्कि जनमत के पास है।
Feb 09, 2021 Rate: 4.00
