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June 02, 2026
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शौर्यपथ

शौर्यपथ

  रायपुर / शौर्यपथ / वाणिज्य एवं उद्योग विभाग, छत्तीसगढ़ द्वारा आज नवा रायपुर में ‘छत्तीसगढ़ टेकस्टार्ट 2025’ का सफल आयोजन किया गया। यह राज्य में नवाचार, उद्यमिता और निवेश को जोड़ने वाला एक ऐतिहासिक मंच साबित हुआ। इस आयोजन का उद्देश्य छत्तीसगढ़ को आईटी, आईटीईएस, डिजिटल इंडस्ट्रीज और नवाचार आधारित उद्यमों का नया केंद्र बनाना है।
   मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय ने इस अवसर पर कहा कि छत्तीसगढ़ “नवाचार से संचालित विकास के नए युग में प्रवेश कर रहा है।” उन्होंने कहा कि “टेकस्टार्ट के माध्यम से हम विचारों और निवेशों के बीच एक सेतु का निर्माण कर रहे हैं, जिससे युवाओं को अवसर और राज्य के विकास को गति मिलेगी। यह आयोजन छत्तीसगढ़ की नई आर्थिक छलांग का प्रतीक है।”
   मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि पिछले दस महीनों में छत्तीसगढ़ को लगभग ₹7.5 लाख करोड़ के निवेश प्रस्ताव प्राप्त हुए हैं, जो निवेशकों के बढ़ते विश्वास का प्रमाण है। उन्होंने कहा कि औद्योगिक विकास नीति 2024–30 निवेशकों के अनुकूल और विकासोन्मुख है, जो नए उद्योगों, स्टार्टअप्स और तकनीकी उद्यमिता को गति देगी।
    वाणिज्य एवं उद्योग मंत्री श्री लखन लाल देवांगन ने कहा कि राज्य सरकार का उद्देश्य ऐसा माहौल बनाना है, जहाँ स्टार्टअप्स फलें-फूलें और निवेशकों को स्थायी एवं विस्तार योग्य अवसर मिलें। उन्होंने कहा कि “छत्तीसगढ़ तकनीकी नवाचार के क्षेत्र में तेजी से उभर रहा है और आने वाले वर्षों में यह डिजिटल भारत के मानचित्र पर अग्रणी राज्य के रूप में स्थापित होगा।”
   इस आयोजन में सॉफ्टवेयर टेक्नोलॉजी पार्क्स ऑफ इंडिया (STPI), MeitY स्टार्टअप हब, और देश के प्रमुख तकनीकी विशेषज्ञों, निवेशकों एवं इनोवेटर्स ने भाग लिया। कार्यक्रम में आईटी और आईटीईएस क्षेत्रों में सहयोग, डिजिटल ट्रांसफॉर्मेशन रणनीतियों और निवेश साझेदारियों पर विस्तृत चर्चा हुई।
   देशभर से 250 से अधिक निवेशक, इनक्यूबेटर और इनोवेटर इस आयोजन में शामिल हुए। यह राज्य का अब तक का सबसे बड़ा इनोवेशन नेटवर्किंग इवेंट रहा। नवा रायपुर में भारत के पहले एआई डाटा सेंटर पार्क और सेमीकंडक्टर मैन्युफैक्चरिंग यूनिट की स्थापना भी जारी है, जो छत्तीसगढ़ को उच्च तकनीकी, डाटा इनोवेशन और रोजगार सृजन के अग्रणी केंद्र के रूप में स्थापित करेगी।

मुख्य घोषणाएँ

राज्य सरकार ने स्टार्टअप्स और इनोवेशन को बढ़ावा देने हेतु  MeitY Startup Hub, नेशनल इनोवेशन फाउंडेशन, वाधवानी फाउंडेशन, NASSCOM फाउंडेशन, Startup Middle East और Carve Startup Labs के साथ  रणनीतिक साझेदारियाँ की हैं।  इन समझौतों के माध्यम से छत्तीसगढ़ के स्टार्टअप्स को मेंटरशिप, वैश्विक नेटवर्क और फंडिंग के अवसर प्राप्त होंगे।

औद्योगिक विकास नीति 2024–30 के अंतर्गत स्टार्टअप प्रोत्साहन अंतर्गत राज्य सरकार द्वारा घोषित नई नीति के तहत स्टार्टअप्स को ₹5 लाख तक की सीड फंडिंग, 6 माह के संचालन उपरांत ₹3 लाख तक का ऑपरेशनल सपोर्ट और 18 माह बाद ₹3 लाख तक का डेवलपमेंट सपोर्ट प्रदान किया जाएगा।

उद्यमिता को सशक्त बनाने हेतु ₹50 करोड़ का स्टार्टअप कोर्पस फंड और ₹50 करोड़ का क्रेडिट रिस्क फंड स्थापित किया गया है। साथ ही तीन वर्षों तक 40 प्रतिशत किराया अनुदान तथा 100 प्रतिशत स्टाम्प ड्यूटी छूट दी जाएगी।

इनक्यूबेटर्स के लिए ₹40 लाख तक की पूंजीगत सहायता और 5 वर्षों तक प्रतिवर्ष ₹3–5 लाख के ऑपरेशनल सपोर्ट का प्रावधान किया गया है, ताकि राज्य का नवाचार तंत्र दीर्घकालिक रूप से सुदृढ़ रह सके।

कार्यक्रम के अंत में छत्तीसगढ़ आइडियाथॉन 2025 के विजेताओं को सम्मानित किया गया, जिन्होंने अपने अभिनव विचारों और तकनीकी समाधानों से राज्य के स्टार्टअप इकोसिस्टम को नई दिशा दी है।

‘छत्तीसगढ़ टेकस्टार्ट 2025’ के माध्यम से राज्य ने एक नवाचार-आधारित अर्थव्यवस्था की दिशा में अपने संकल्प को दोहराया है। यह आयोजन छत्तीसगढ़ को आईटी, आईटीईएस और टेक्नोलॉजी निवेश के राष्ट्रीय केंद्र के रूप में स्थापित करने की दिशा में एक सशक्त कदम है - जहाँ विचारों को अवसर मिलता है, पूंजी को उद्देश्य मिलता है और नवाचार प्रगति का इंजन बनता है।

छत्तीसगढ़ के युवा नवाचार से रच रहे तकनीकी भविष्य – मुख्यमंत्री ने किया आइडियाथॉन विजेताओं का सम्मान

     रायपुर, / शौर्यपथ / मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय आज नया रायपुर स्थित मेफेयर होटल में आयोजित ‘छत्तीसगढ़ टेक स्टार्ट’ कार्यक्रम में शामिल हुए। मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि ‘टेक स्टार्ट’ का यह आयोजन राज्य में नवाचार और तकनीकी उद्यमिता को नई दिशा देने वाला एक महत्वपूर्ण प्रयास है। इस अवसर पर उन्होंने ‘आइडियाथॉन 2025’ के विजेताओं को सम्मानित किया और छत्तीसगढ़ शासन के साथ पार्टनरशिप एक्सचेंज करने वाली इकाइयों को एग्रीमेंट पत्र सौंपे। उन्होंने कार्यक्रम में उपस्थित तकनीकी क्षेत्र के विशेषज्ञों, उद्यमियों एवं प्रबुद्धजनों को रजत जयंती वर्ष की शुभकामनाएं दीं।
   मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि हमारे विजनरी प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी ने सदैव बड़े लक्ष्य निर्धारित करने और उन्हें प्राप्त करने के लिए प्रेरित किया है। उनके ‘विकसित भारत’ के संकल्प से प्रेरणा लेते हुए राज्य सरकार ने वर्ष 2047 तक ‘विकसित छत्तीसगढ़’ का लक्ष्य तय किया है, जिसके लिए विजन डॉक्यूमेंट भी तैयार किया गया है। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री जी के नेतृत्व में आज भारत में लाखों स्टार्टअप कार्यरत हैं, जिनमें से अनेक यूनिकॉर्न बन चुके हैं। मुख्यमंत्री ने कहा कि छत्तीसगढ़ सरकार भी युवाओं की उद्यमशीलता को बढ़ावा देने के लिए पूर्ण समर्पण के साथ कार्य कर रही है।
    मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि छत्तीसगढ़ के युवा कठिन परिस्थितियों में भी आगे बढ़ने की अद्भुत क्षमता रखते हैं। उदाहरण देते हुए उन्होंने कहा कि प्रदेश की बेटी आकांक्षा सत्यवंशी भारतीय महिला क्रिकेट टीम की फिजियोथैरेपिस्ट हैं, वहीं स्क्वाड्रन लीडर गौरव पटेल नया रायपुर एयरो शो में फाइटर प्लेन उड़ाकर राज्य का गौरव बढ़ा रहे हैं। उन्होंने बताया कि राज्य सरकार ने ईज़ ऑफ डूइंग बिज़नेस और सिंगल विंडो सिस्टम को सशक्त करते हुए 350 से अधिक सुधार किए हैं, जिससे छत्तीसगढ़ निवेश के लिए देश के सबसे आकर्षक राज्यों में शामिल हो गया है। औद्योगिक विकास के साथ-साथ आईटी और आईटीईएस सेक्टर में भी राज्य तीव्र गति से प्रगति कर रहा है।
  मुख्यमंत्री ने बताया कि हाल ही में आयोजित ‘आइडियाथॉन 2025’ में प्रदेशभर से 1800 से अधिक स्टार्टअप आइडिया प्राप्त हुए, जिनमें दूरस्थ अंचलों के युवाओं की भागीदारी भी उल्लेखनीय रही। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार इन नवाचारों को मंच, मार्गदर्शन और वित्तीय सहायता प्रदान करेगी। मुख्यमंत्री ने यह भी बताया कि रायपुर को आईटी और तकनीकी सेवाओं का केंद्र बनाने की दिशा में कार्य तेज़ी से आगे बढ़ रहा है। एआई डेटा सेंटर पार्क और सेमीकंडक्टर प्लांट जैसी परियोजनाएं भी साकार हो रही हैं। श्री साय ने प्रसन्नता व्यक्त करते हुए कहा कि अब तक राज्य सरकार को साढ़े सात लाख करोड़ रुपये से अधिक के निवेश प्रस्ताव प्राप्त हो चुके हैं। उन्होंने राज्य में तीव्र आर्थिक गतिविधियों और युवाओं के लिए रोजगार सृजन के बढ़ते अवसरों पर भी विस्तार से चर्चा की। मुख्यमंत्री ने उद्यमियों से कहा कि छत्तीसगढ़ सरकार आपके साथ चट्टान की तरह खड़ी है। अपनी मेहनत और प्रतिभा को वैश्विक स्तर पर ले जाने का आह्वान करते हुए उन्होंने कहा कि आप सभी की सफलता ही छत्तीसगढ़ का गौरव बनेगी।
   मुख्य सचिव श्री विकास शील ने कहा कि नई औद्योगिक नीति 2024 का उद्देश्य उद्यमिता को बढ़ावा देना और विजन 2047 के अनुरूप विकसित छत्तीसगढ़ का निर्माण करना है। उन्होंने बताया कि इस नीति में नवाचार, निवेश, रोजगार और स्टार्टअप के अवसरों को बढ़ाने पर विशेष ध्यान दिया गया है। उन्होंने ई-वेस्ट मैनेजमेंट, राइजिंग सेक्टर और स्किल डेवलपमेंट जैसे उभरते क्षेत्रों में कार्य करने की आवश्यकता बताई तथा उद्यमियों से अपने सुझाव साझा करने का आग्रह किया।
  मुख्य सचिव ने कहा कि सरकार युवाओं और उद्यमियों के साथ मिलकर छत्तीसगढ़ को तकनीकी और औद्योगिक विकास का हब बनाने के लिए प्रतिबद्ध है। उन्होंने यह भी कहा कि उद्यमियों और शासन के मध्य संवाद केवल विशेष अवसरों तक सीमित नहीं होना चाहिए, बल्कि निरंतर होना चाहिए ताकि विचारों का आदान-प्रदान सतत रूप से होता रहे।

मुख्यमंत्री ने ‘आइडियाथॉन 2025’ के विजेताओं को किया सम्मानित

मुख्यमंत्री श्री साय ने टेक स्टार्ट कार्यक्रम के दौरान हाल ही में आयोजित ‘आइडियाथॉन 2025’ के विजेता प्रतिभागियों को सम्मानित किया। उन्होंने युवाओं द्वारा प्रस्तुत नवाचारी सृजन की प्रशंसा करते हुए कहा कि जब युवा नवाचार से जुड़ते हैं, तो यह अत्यंत सुखद होता है और तकनीकी भविष्य को मजबूती प्रदान करता है।

इस अवसर पर मुख्यमंत्री ने एनआईटी रायपुर, रुंगटा बिजनेस इनक्यूबेटर और आईजीकेवीआर को इनक्यूबेटर के रूप में उत्कृष्ट कार्य हेतु सम्मानित किया। मुख्यमंत्री ने आइडियाथॉन 2025 में दिव्यांगजनों के लिए स्मार्ट बैंड के आइडिया के लिए आदर्श वर्मा को प्रथम पुरस्कार, सड़क किनारे पौधों की सुरक्षा हेतु ‘अटल कवच ट्री गार्ड’ के लिए जागृति और नरेंद्र शर्मा को द्वितीय पुरस्कार तथा स्मार्ट सुरक्षा हेलमेट के आइडिया के लिए अथर्व दुबे को तृतीय पुरस्कार प्रदान किया। उन्होंने निपुण वर्मा और अनुष्का सोनकर को भी उनके नवाचारी विचारों के लिए सम्मानित किया।

मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय ने एग्रोफेब सस्टेनेबल स्टार्टअप के लिए करण चंद्राकर, वर्टेक्स सुइट के लिए सजल मल्होत्रा और लैरक एआई के लिए अमित पटेल को सम्मानित किया। राज्य सरकार के साथ ‘पार्टनरशिप एक्सचेंज’ हेतु समझौता पत्र सौंपे

मुख्यमंत्री श्री साय ने कार्यक्रम में माइटी स्टार्टअप हब, नेशनल इनोवेशन फाउंडेशन, वाधवानी फाउंडेशन, नैस्कॉम फाउंडेशन, स्टार्टअप मिडिल ईस्ट, कार्व स्टार्टअप लैब और छत्तीसगढ़ शासन के मध्य पार्टनरशिप एक्सचेंज के लिए समझौता पत्र भी वितरित किए।

एआई आधारित नवाचारों का अवलोकन – युवाओं का उत्साहवर्धन

कार्यक्रम के दौरान मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय ने एआई (Artificial Intelligence) आधारित नवाचार स्टॉलों का निरीक्षण किया। उन्होंने स्टार्टअप टीमों द्वारा विकसित मॉडलों, तकनीकों और अनुप्रयोगों की बारीकी से जानकारी ली। मुख्यमंत्री ने युवा नवाचारकर्ताओं द्वारा तैयार किए गए समाधान, सॉफ्टवेयर, ऐप्लिकेशन और तकनीकी मॉडलों को देखकर उनकी उद्यमशीलता एवं शोध-क्षमता की सराहना की। निरीक्षण के दौरान उपस्थित युवा उद्यमियों ने अपने प्रोजेक्ट्स की उपयोगिता, बाज़ार संभावनाओं और भविष्य की योजनाओं की जानकारी मुख्यमंत्री को दी।मुख्यमंत्री ने सभी युवाओं को बधाई एवं शुभकामनाएं देते हुए कहा कि वे निरंतर नई तकनीक के साथ वैश्विक प्रतिस्पर्धा में अपनी पहचान बनाएँ।
   इस अवसर पर मुख्यमंत्री के प्रमुख सचिव श्री सुबोध कुमार सिंह, निवेश आयुक्त श्रीमती ऋतु सैन, मुख्यमंत्री के सचिव श्री राहुल भगत, डीजी एसटीपीआई श्री अरविंद कुमार, उद्योग विभाग के सचिव श्री रजत कुमार, संचालक उद्योग श्री प्रभात मलिक, वाणिज्य एवं उद्योग विभाग की उप सचिव सुश्री रेना जमील, सीएसआईडीसी के प्रबंध निदेशक श्री विश्वेश कुमार तथा बड़ी संख्या में उद्यमी एवं गणमान्य नागरिक उपस्थित थे।

मुख्यमंत्री ने बिलासपुर कलेक्टर से बात कर दुर्घटना की ली जानकारी: प्रभावित परिवारों को हरसंभव सहयोग प्रदान करने दिए निर्देश 

रायपुर / शौर्यपथ / मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय ने बिलासपुर जिले के पास हुई ट्रेन दुर्घटना पर गहरा शोक व्यक्त किया है। उन्होंने इसे अत्यंत दुखद घटना बताया और कहा कि इस दुर्घटना में प्रभावित परिवारों के प्रति राज्य सरकार पूरी संवेदना के साथ खड़ी है।
  मुख्यमंत्री श्री साय ने दूरभाष पर बिलासपुर जिला कलेक्टर से बात कर घटना की विस्तृत जानकारी लेते हुए प्रभावितों की  सहायता के निर्देश दिए गए हैं। उन्होंने कहा कि घायलों को तत्काल चिकित्सा सुविधा सुनिश्चित की जाए तथा प्रभावित परिवारों को हरसंभव सहयोग प्रदान किया जाए।
  मुख्यमंत्री ने सोशल मीडिया प्लेटफार्म एक्स पर जानकारी दी कि  रेलवे प्रशासन और जिला प्रशासन की टीमें तत्काल मौके पर पहुंच गई हैं और राहत-बचाव कार्यों में जुटी हैं। घायलों के उपचार के लिए सभी आवश्यक चिकित्सा सुविधाएं और संसाधन उपलब्ध कराए जा रहे हैं। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार पूरी तत्परता और संवेदनशीलता के साथ स्थिति पर नजर रखे हुए है।
  मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय ने इस दुर्घटना में जान गंवाने वाले यात्रियों के प्रति गहरी संवेदना व्यक्त की है और उनके परिजनों को इस दुखद समय में धैर्य प्रदान करने के लिए ईश्वर से प्रार्थना की है। उन्होंने घायलों के शीघ्र स्वास्थ्य लाभ की कामना की है।

रायपुर / शौर्यपथ /छत्तीसगढ़ के लिए यह अत्यंत गौरवपूर्ण क्षण है कि प्रदेश से 12 मीट्रिक टन फोर्टिफाइड राइस कर्नेल (Fortified Rice Kernel – FRK) का निर्यात कोस्टा रिका को किया गया है। मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय ने इस उपलब्धि पर कहा कि  छत्तीसगढ़ की पहचान न सिर्फ वैश्विक मंच पर सुदृढ़ हो रही है, बल्कि पोषण, गुणवत्ता और समृद्धि के क्षेत्र में राज्य की साख को नई ऊँचाई भी प्राप्त हो रही  है।मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि यह उपलब्धि माननीय प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी जी के मार्गदर्शन में कुपोषण के खिलाफ छेड़ी गई उस मुहिम का विस्तार है, जो अब वैश्विक स्तर पर प्रभाव दिखा रही है।
   मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि यह हमारे किसानों, मिल संचालकों और निर्यातकों के लिए वैश्विक बाजार में नए अवसर और मूल्यवर्धित कृषि निर्यात को बढ़ावा देने वाला सराहनीय कदम है। साथ ही यह आत्मनिर्भर भारत और आत्मनिर्भर छत्तीसगढ़ की दिशा में एक महत्वपूर्ण उपलब्धि है।फोर्टिफाइड राइस कर्नेल (FRK) में आयरन, फोलिक एसिड और विटामिन-बी12 जैसे आवश्यक पोषक तत्वों का समावेश किया जाता है। यह प्रयास न केवल खाद्य सुरक्षा को सुदृढ़ करता है, बल्कि समाज के पोषण स्तर को भी बेहतर बनाता है। अब छत्तीसगढ़ के उत्पाद वैश्विक बाजार में ‘पोषण के प्रतीक’ के रूप में उभर रहे हैं।
   मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय ने इस उपलब्धि को “आत्मनिर्भर भारत और आत्मनिर्भर छत्तीसगढ़” की दिशा में ऐतिहासिक कदम बताते हुए कहा कि यह निर्यात छत्तीसगढ़ के किसानों, मिल संचालकों और उद्योगों की मेहनत, गुणवत्ता और समर्पण का परिणाम है। आज हमारा छत्तीसगढ़ केवल भारत का अन्नदाता नहीं, बल्कि पोषण, नवाचार और गुणवत्ता का वैश्विक ब्रांड बन रहा है। यह गर्व का क्षण है, जो हमारे प्रदेश को वैश्विक व्यापार और पोषण मिशन – दोनों में अग्रणी बनाता है।मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि यह सफलता न केवल आर्थिक समृद्धि की दिशा में राज्य को आगे बढ़ाएगी, बल्कि प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी जी के ‘कुपोषण मुक्त भारत’ और ‘आत्मनिर्भर भारत’ के विज़न को नई ऊर्जा प्रदान करेगी।
   उल्लेखनीय है कि केंद्रीय वाणिज्य एवं उद्योग मंत्री श्री पीयूष गोयल ने सोशल मीडिया हैंडल पर पोस्ट करके जानकारी दी है कि छत्तीसगढ़ से 12 मीट्रिक टन फोर्टिफाइड राइस कर्नेल की पहली खेप कोस्टा रिका के लिए निर्यात की गई है।उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी जी के कुपोषण के खिलाफ अभियान को आगे बढ़ाते हुए यह वैश्विक स्तर पर किया गया प्रयास न केवल हमारे विदेशी व्यापार को सशक्त करता है, बल्कि हमारे पोषण मिशन को भी नई ऊर्जा प्रदान करता है।यह पहल हमारे किसानों, मिल संचालकों और निर्यातकों को नए बाजार, बेहतर मूल्य प्राप्ति और मूल्यवर्धित कृषि उत्पादों के निर्यात को बढ़ावा देने के अवसर प्रदान करती है।

रायपुर। शौर्यपथ। 

​छत्तीसगढ़ के माननीय मुख्यमंत्री विष्णु देव साय आज एक अत्यंत व्यस्त दिनचर्या के तहत राज्य की राजधानी नवा रायपुर-अटल नगर में तकनीकी नवाचार और राज्य के गौरवशाली उत्सव, राज्योत्सव में शिरकत करेंगे। सुबह 11:30 बजे से शुरू होने वाला उनका यह मैराथन कार्यक्रम देर रात 10:10 बजे तक चलेगा, जिसमें महत्वपूर्ण प्रशासनिक और सांस्कृतिक दायित्वों का निर्वहन किया जाएगा।

​पहला चरण: तकनीकी क्रांति को प्रोत्साहन

​मुख्यमंत्री साय अपनी दिन की शुरुआत नवा रायपुर के लिए प्रस्थान से करेंगे।

​11:30 AM: मुख्यमंत्री निवास, सिविल लाइन, रायपुर से कार द्वारा प्रस्थान।

​12:00 Noon – 01:30 PM: उनका पहला महत्वपूर्ण कार्यक्रम होटल मेफेयर लेक रिसॉर्ट में होगा, जहां वे 'छत्तीसगढ़ टेक स्टार्ट' आयोजन में मुख्य अतिथि के रूप में शामिल होंगे। यह आयोजन राज्य के स्टार्टअप्स और युवा उद्यमियों को प्रोत्साहित करने की सरकार की प्रतिबद्धता को दर्शाता है।

​01:30 PM – 03:00 PM: तकनीकी सत्र के बाद, मुख्यमंत्री जी निवास, सेक्टर 24, नवा रायपुर-अटल नगर पहुँचेंगे। यह समय (01:40 PM के बाद) उनके निजी कार्यों और आगामी गतिविधियों की तैयारी के लिए आरक्षित रहेगा।

​दूसरा चरण: उच्च-स्तरीय बैठकें

​03:00 PM – 06:00 PM: मुख्यमंत्री निवास, सेक्टर 24, नवा रायपुर में एक महत्वपूर्ण बैठक आयोजित की जाएगी। यह सत्र प्रशासनिक फैसलों, विकास कार्यों की समीक्षा और राज्य हित से जुड़े गंभीर विषयों पर चर्चा के लिए समर्पित होगा।

​तीसरा चरण: सांस्कृतिक गौरव - छत्तीसगढ़ राज्योत्सव

​शाम होते ही, मुख्यमंत्री का ध्यान राज्य के सबसे बड़े सांस्कृतिक समागम – राज्योत्सव की ओर केंद्रित होगा।

​06:30 PM – 08:30 PM: वे राज्योत्सव मेला स्थल, नवा रायपुर-अटल नगर पहुँचेंगे और 'छत्तीसगढ़ राज्योत्सव 2025' के मुख्य कार्यक्रम की शोभा बढ़ाएंगे। राज्य की संस्कृति, कला और प्रगति का यह वार्षिक उत्सव उनकी उपस्थिति से और भी गरिमामयी हो जाएगा।

​देर रात वापसी

​राज्योत्सव के बाद मुख्यमंत्री जी रायपुर के लिए वापसी की तैयारी करेंगे।

​08:40 PM – 09:10 PM: नवा रायपुर निवास पर संक्षिप्त आरक्षित अवधि के बाद, वे स्वामी विवेकानंद एयरपोर्ट के लिए प्रस्थान करेंगे।

​10:10 PM: मुख्यमंत्री जी अंततः मुख्यमंत्री निवास, सिविल लाइन, रायपुर पहुँचेंगे, जिसके बाद उनके आज के गहन शासकीय कार्यक्रम का समापन होगा।

​मुख्यमंत्री विष्णु देव साय जी का यह कार्यक्रम स्पष्ट करता है कि राज्य सरकार प्रदेश के तकनीकी विकास, प्रशासनिक दक्षता और सांस्कृतिक परंपराओं के संरक्षण – तीनों ही मोर्चों पर सक्रियता से काम कर रही है।

 

तकिया पारा वार्ड के भाजपा पार्षद खालिक रिज़वी ने इंदिरा मार्केट और बस स्टैंड पार्किंग घोटाले का मुद्दा उठाया,

पर एक माह बाद भी कार्रवाई शून्य — निगम की दीवारों में गूंजती रह गई जनता की पुकार।

दुर्ग। शौर्यपथ।

दुर्ग नगर निगम की सामान्य सभा में जिस आवाज़ ने आम जनता की लूट की बात उठाई थी, वह अब शहरी सरकार की दीवारों में गूंज बनकर रह गई है। तकिया पारा वार्ड के भारतीय जनता पार्टी के पार्षद खालिक रिज़वी ने हाल ही में संपन्न हुई सामान्य सभा में बस स्टैंड और इंदिरा मार्केट पार्किंग में हो रही खुली लूट का मुद्दा जोरदार तरीके से उठाया था। रिज़वी ने स्पष्ट कहा था कि निगम की पार्किंग व्यवस्था जनता से जबरन वसूली में तब्दील हो चुकी है और प्रशासन आंख मूंदे बैठा है।

सभा में सभापति श्याम शर्मा ने भी मामले पर संज्ञान लेने का भरोसा दिया था और महापौर श्रीमती अलका बाघमार ने इसे गंभीरता से सुनने का आश्वासन दिया था। उस समय ऐसा प्रतीत हुआ था मानो अब जनता को राहत मिलेगी, परंतु एक माह बीतने के बाद भी न पार्किंग दरों के बोर्ड लगाए गए हैं, न ही किसी ठेकेदार पर कार्रवाई हुई है।

स्पष्ट है — गंभीरता केवल सामान्य सभा तक सीमित थी, उसके बाद सब कुछ “सामान्य” ही हो गया।

नगर निगम के अधीन बस स्टैंड और इंदिरा मार्केट पार्किंग स्थल पर आज भी मनमानी वसूली जारी है। वहीं निगम के आयुक्त सुमित अग्रवाल और बाजार प्रभारी शेखर चंद्राकर की चुप्पी यह संकेत देती है कि निगम में “मौन ही नीति” बन चुकी है।

सबसे दिलचस्प तथ्य यह है कि पार्किंग ठेकेदारों और भाजपा नेताओं के बीच नजदीकी संबंधों की चर्चा अब खुलकर हो रही है। यही वजह है कि मामला न केवल दबा दिया गया, बल्कि अब उस पर लीपापोती के संकेत साफ दिखाई दे रहे हैं।

ऐसे में यह सवाल उठना लाजिमी है कि जब भाजपा के अपने पार्षद की आवाज़ ही बेअसर साबित हो जाए, तो आम जनता की आवाज़ कौन सुनेगा?

दुर्ग की “बाघमार सरकार” ने एक बार फिर यह साबित कर दिया है कि इस शहरी सत्ता के लिए जनता की नहीं, अपने ही पार्षदों की भी कोई हैसियत नहीं?

नगर निगम की राजनीति में ‘पोस्टर से गायब चेहरा’ बन गया नया संकेत;

शहर की सड़कों से लेकर सोशल मीडिया तक छिड़ी बहस — क्या टूट रही है सरकार और निगम की साझी तालमेल की डोर?

दुर्ग। शौर्यपथ।

राजनीति में चेहरे बहुत कुछ कह जाते हैं — खासकर तब, जब किसी आयोजन या उत्सव की तस्वीरों में कोई चेहरा जानबूझकर गायब किया गया हो। ऐसी ही एक तस्वीर ने आज दुर्ग की नगर राजनीति में नए विवाद को जन्म दे दिया है। नगर निगम दुर्ग की महापौर श्रीमती अलका बाघमार ने हाल ही में जीएसटी-2 बी फार्मा उत्सव पर सोशल मीडिया पर खुशी जाहिर करते हुए एक पोस्ट साझा की। लेकिन इस पोस्ट में सबसे उल्लेखनीय बात यह रही कि उसमें प्रदेश के स्कूल शिक्षा मंत्री और दुर्ग विधानसभा क्षेत्र के विधायक गजेन्द्र यादव की तस्वीर नदारद थी — जबकि उसी पोस्ट में दूसरे नेताओं और जनप्रतिनिधियों को स्थान मिला।

इस एक ‘गायब चेहरे’ ने अब पूरे शहर में राजनीतिक तापमान बढ़ा दिया है। सोशल मीडिया से लेकर चौक-चौराहों तक चर्चा यही है कि आखिर महापौर और मंत्री के बीच ठंडी जंग क्यों चल रही है?

? क्या यह दूरी सिर्फ राजनीतिक है या व्यक्तिगत भी?

महापौर अलका बाघमार और मंत्री गजेन्द्र यादव, दोनों ही एक ही दल से आते हैं। इसके बावजूद दोनों के बीच संबंधों में रंजिश और दूरी लंबे समय से सुर्खियों में रही है। जानकारों का कहना है कि नगर निगम के कई विकास कार्यों और बजट अनुमोदन के दौरान भी महापौर ने मंत्री की सिफारिशों को नज़रअंदाज़ किया था।

अब जब महापौर ने सार्वजनिक रूप से सोशल मीडिया पोस्ट में मंत्री को दरकिनार कर दिया, तो यह संकेत काफी गहरे हैं — मानो यह कहा जा रहा हो कि “निगम अब अपने बूते चलेगा।”

? क्या विकास की गाड़ी अब पटरी से उतर रही है?

शहर की मौजूदा स्थिति इस राजनीतिक खींचतान की कीमत चुका रही है।

मुख्य मार्गों पर फैला कचरा, सड़कों के गड्ढे, जगह-जगह जलभराव, और स्ट्रीट लाइटों के बंद रहने से नागरिक परेशान हैं।

आवारा पशुओं की बढ़ती संख्या, निर्माण कार्यों की धीमी रफ्तार और भ्रष्टाचार के आरोपों ने नगर निगम की छवि को इतिहास की सबसे बदहाल स्थिति में पहुँचा दिया है।

दीपावली के ठीक पहले ठेकेदारों को बकाया भुगतान में भी भारी कटौती ने हालात और बिगाड़ दिए। ठेकेदारों को “10–20 प्रतिशत” भुगतान कर संतोष कराने की कोशिश हुई, परंतु बाकी राशि के अभाव में कई काम ठप पड़ गए।

? जनता के मन में सवाल – “क्या अकेले महापौर शहर संभाल लेंगी?”

जनता के बीच यह चर्चा तेज है कि अगर महापौर अपनी ही सरकार के मंत्री से दूरियां बनाए रखेंगी, तो क्या निगम को प्रदेश सरकार का सहयोग मिल पाएगा?

राज्य सरकार की योजनाओं, निधियों और विकास कार्यों में तालमेल आवश्यक है — और यदि यह तालमेल टूट गया, तो उसका सीधा असर आम नागरिकों पर पड़ेगा।

? “पोस्टर पॉलिटिक्स” का संदेश क्या है?

राजनीति में कहा जाता है कि पोस्टर से गायब चेहरा, रिश्तों की सच्चाई बयान कर देता है।

महापौर की पोस्ट में मंत्री का नाम या तस्वीर शामिल न करना सिर्फ एक सोशल मीडिया घटना नहीं, बल्कि एक राजनीतिक संदेश है। यह संदेश साफ है — दुर्ग नगर निगम की प्रमुख अब अपनी स्वतंत्र राजनीतिक पहचान गढ़ने के रास्ते पर हैं।

परंतु सवाल यह भी है कि क्या इस स्वतंत्रता का खामियाजा शहर भुगतेगा?

क्या दुर्ग का विकास अब राजनीतिक अहंकार और व्यक्तिगत टकराव के बीच कुर्बान हो जाएगा?

? निष्कर्ष:

दुर्ग की जनता ने महापौर अलका बाघमार को नगर निगम का नेतृत्व इस उम्मीद से सौंपा था कि वे शहर को विकास की नई दिशा देंगी।

परंतु आज शहर की तस्वीर कुछ और कहती है — सड़कों पर गड्ढे हैं, गलियों में अंधेरा है, और सोशल मीडिया पर ‘गायब चेहरे’ की बहस जारी है।

ऐसे में यह सवाल अब और गहरा हो गया है कि —

> “क्या महापौर अलका बाघमार अपनी ही सरकार के मंत्री से दूरी बनाकर, दुर्ग के विकास की धारा को आगे बढ़ा पाएंगी?”

 

 

   रायपुर / शौर्यपथ / देवउठनी एकादशी के पावन अवसर पर मुख्यमंत्री निवास में श्रद्धा, भक्ति और पारंपरिक विधि-विधान के साथ तुलसी विवाह का आयोजन किया गया। मुख्यमंत्री साय एवं उनकी धर्मपत्नी श्रीमती कौशल्या साय ने माता तुलसी एवं भगवान शालिग्राम का विवाह संपन्न कराया और सपरिवार पूजा-अर्चना की।
  मुख्यमंत्री साय ने इस अवसर पर कहा कि देवउठनी एकादशी धर्म, अध्यात्म और प्रकृति के संतुलन का प्रतीक है। भगवान श्री विष्णु के योगनिद्रा से जागरण के साथ ही शुभ कार्यों की पुनः शुरुआत होती है। तुलसी विवाह समाज में पवित्रता, सौहार्द और एकत्व की भावना को जागृत करता है।
  उन्होंने कहा कि छत्तीसगढ़ की लोक परंपराओं में तुलसी विवाह का विशेष महत्व है। यह पर्व हमें परिवार, समाज और प्रकृति के बीच सामंजस्य और संतुलन बनाए रखने की प्रेरणा देता है। हमारी लोक संस्कृति में तुलसी विवाह को पवित्रता और समर्पण का प्रतीक माना गया है, जो जीवन में सात्त्विकता और सद्भावना का संचार करता है।
   मुख्यमंत्री साय ने प्रदेशवासियों के सुख, शांति, समृद्धि और आरोग्यता की मंगलकामना करते हुए कहा कि सृष्टि के पालनहार भगवान श्री विष्णु और माता तुलसी की कृपा से सभी के जीवन में सुख, शांति और समृद्धि का वास हो, तथा समूची सृष्टि में आरोग्य, सौहार्द और मंगलमय ऊर्जा का संचार हो।
  उन्होंने कहा कि यह पर्व न केवल धार्मिक दृष्टि से महत्वपूर्ण है, बल्कि जीवन में संतुलन, सकारात्मकता और नव आरंभ का प्रतीक भी है। मुख्यमंत्री साय ने प्रदेशवासियों को देवउठनी एकादशी और तुलसी विवाह के पावन अवसर की हार्दिक शुभकामनाएँ दीं और कहा कि यह पर्व हमारी समृद्ध परंपराओं, लोकआस्था और जीवनमूल्यों को निरंतर जीवंत रखने का प्रतीक है।

  रायपुर / शौर्यपथ / नवा रायपुर में चल रहे पांच दिवसीय राज्योत्सव में इस बार परंपरा, संस्कृति और आत्मनिर्भरता का अद्भुत संगम देखने को मिल रहा है। राज्य के विभिन्न जिलों से आए नाबार्ड सहायतित स्व-सहायता समूहों ने अपने-अपने क्षेत्र की पारंपरिक कला, हस्तशिल्प और नवाचार को मंच पर प्रस्तुत कर सबका मन मोह लिया।
  राजनांदगांव जिले के जय सेवा हस्तशिल्प आर्ट गायत्री स्व-सहायता समूह ने राज्योत्सव में अपनी कलात्मकता और उद्यमशीलता की झलक प्रस्तुत कर लोगों का ध्यान आकर्षित किया। समूह की महिलाएँ मिट्टी और बांस कला से लेकर वस्त्र कला तक में अपनी पहचान बना रही हैं। समूह द्वारा निर्मित मिट्टी कला उत्पादों झूमर, दिया सलाई स्टैंड, फूलदानी, हैंगर, कुर्ती ड्रेस, लैम्प और ज्वेलरी ने स्टॉल पर आने वाले आगंतुकों को छत्तीसगढ़ी कला की जीवंतता का अनुभव कराया।                 
  इसी के साथ नाबार्ड सहायतित समूहों के स्टॉल में बांस कला के तहत टी-ट्रे, हैंगर, सजावटी वस्तुएँ और कपड़ों पर हेंड प्रिंटिंग, गोदना आर्ट, टेक्सटाइल डिज़ाइन, कोसा सिल्क, खादी सिल्क और कॉटन पर लोककला डिज़ाइनिंग जैसे कार्यों ने पारंपरिकता और आधुनिकता का सुंदर संगम देखने को मिला।
  ग्रामीण अर्थव्यवस्था को सशक्त बनाने में नाबार्ड की महत्वपूर्ण भूमिका रही है। नाबार्ड   सहायतित स्व-सहायता समूहों को न केवल हुनर सिखाया जा रहा है, बल्कि उन्हें अपने उत्पादों का विपणन पैकेजिंग और वित्तीय प्रबंधन का भी प्रशिक्षण दिया जा रहा है। इस प्रशिक्षण से लाभान्वित महिलाएँ आज आत्मनिर्भर बनकर स्थानीय स्तर पर रोजगार सृजन में योगदान दे रही हैं। जय सेवा हस्तशिल्प आर्ट, शबरी मार्ट, बांस हस्तशिल्प, कोसा सिल्क और खादी कला प्रदर्शनी ने दर्शकों को आकर्षित किया। इन स्टॉलों में परंपरा, पर्यावरण और उद्यमशीलता का सुंदर मिश्रण देखने को मिला। महिलाओं द्वारा हस्तनिर्मित उत्पादों की बिक्री से उन्हें अच्छी आय प्राप्त हो रही है। कई समूहों ने बताया कि राज्योत्सव जैसे मंचों से उन्हें न केवल आर्थिक सहयोग मिलता है, बल्कि आत्मविश्वास और नई पहचान भी मिलती है।
  राज्य में नाबार्ड द्वारा कृषि, ग्रामीण उद्यम, हस्तशिल्प, बांस मिशन, महिला आजीविका कार्यक्रम, किसान क्लब, कौशल विकास प्रशिक्षण जैसे कई कार्यक्रम संचालित किए जा रहे हैं।  इनके माध्यम से न केवल ग्रामीण अर्थव्यवस्था सुदृढ़ हो रही है, बल्कि हजारों महिलाएँ और युवा आत्मनिर्भर बन रहे हैं।

  रायपुर / शौर्यपथ / छत्तीसगढ़ राज्य स्थापना की रजत जयंती के अवसर पर आयोजित भव्य राज्योत्सव में आज बॉलीवुड के गीत-संगीत के साथ छत्तीसगढ़ की लोककला, संगीत और नृत्य की ऐसी रंगीन छटा बिखरी कि शाम सुरमई हो गई। सतरंगी छटा में गीतों की यूँ महफ़िल सजी की हर कोई गाते गुनगुनाते, थिरकते नजर आए। शाम ढलने के साथ गीत-संगीत के बढ़ते कारवाँ में सर्वप्रथम छत्तीसगढ़ी सुर-ताल से दर्शक-श्रोता झूम उठे।  प्रख्यात छत्तीसगढ़ी गायक श्री सुनील तिवारी ने अपनी टीम के साथ लोकगीतों के स्वर से परंपरा और आधुनिकता के संगम से सजी इस सांस्कृतिक संध्या ने दर्शकों के दिलों में गहरा प्रभाव छोड़ा। वहीं गीत-संगीत की सजी महफ़िल में बॉलीवुड के महशूर पार्श्व गायक आदित्य नारायण ने गीतों से श्रोता मंत्रमुग्ध हो गए।
   कार्यक्रम का शुभारंभ प्रख्यात लोकगायक सुनील तिवारी की प्रस्तुति से हुआ। राज्य अलंकरण चक्रधर कला सम्मान (2021) से सम्मानित तिवारी ने अपने लोकगायन से दर्शकों को मंत्रमुग्ध कर दिया। उन्होंने जब “मोर भाखा के संग दया मया के सुघ्घर हवे मिलाप रे” और “अइसन छत्तीसगढ़िया भाखा कौनो संग” गुनगुनाया, तो पूरा दर्शकदीर्घा तालियों की गूंज से भर उठा। लोकगीतों की लड़ी में राऊत, राजगीत, ददरिया, सोहर, विवाह, पंथी और होली जैसे गीतों के साथ उन्होंने छत्तीसगढ़ की मिट्टी की खुशबू बिखेर दी।
  उनके गीत “पता ले जा रे गाड़ी वाला...”, “अरपा पैरी के धार...” और “मोर संग चलव रे...” ने दर्शकों को लोकसंगीत की उस दुनिया में पहुंचा दिया जहां परंपरा, भावना और माटी एकाकार हो जाते हैं। सामूहिक कर्मा नृत्य के माध्यम से गोल्डन बुक ऑफ वर्ल्ड रिकॉर्ड में नाम दर्ज कराने वाले श्री तिवारी ने अपनी प्रस्तुति से लोकगायन की गरिमा को नए शिखर पर पहुंचाया।

चिन्हारी - द गर्ल बैंड ने बढ़ाई चमक

इसके बाद मंच पर आईं जयश्री नायर और मेघा ताम्रकार की ‘चिन्हारी - द गर्ल बैंड’ ने अपने ऊर्जावान प्रदर्शन से राज्योत्सव में नई ताजगी भर दी। उनकी गायकी में जहां लोकधुनों की आत्मा थी, वहीं संगीत संयोजन में आधुनिकता की झलक। बैंड की प्रस्तुति ने यह संदेश दिया कि परंपरा और नवाचार का संगम ही आज की नई पहचान है। दर्शकों ने तालियों और उत्साह से उनका स्वागत किया।
  सांस्कृतिक संध्या में बॉलीवुड के नामचीन गायक आदित्य नारायण ने सबके जुबां में रची बसी फेमस गीत- पापा कहते हैं बड़ा नाम करेगा.., पहला नशा.. पहला खुमार.., बिन तेरे सनम.., जो तुम न हो..,अपना बना लो पिया, केशरिया इश्क है तेरा, वादा रहा सनम..., ये काली-काली आँखे.., कोई मिल गया, मेरा दिल गया..., जाने जा.., मैं निकला गड्ड़ी लेके..की प्रस्तुति से माहौल को उल्लासमय बना दिया और खूब तालियां बटोरी।
   उनकी संवाद शैली, हाव-भाव और जीवंत अभिनय ने संगीत की गहराई को दर्शकों के सामने साकार कर दिया। कार्यक्रम के अंतिम चरण में पद्मश्री डोमार सिंह कंवर की नाचा प्रस्तुति ने राज्योत्सव में ऊर्जा और उल्लास का वातावरण बना दिया। उनकी नाट्य शैली और छत्तीसगढ़ी हाव-भाव से सजी प्रस्तुति ने दर्शकों को लोककला की गहराई से जोड़ दिया। नाचा की पारंपरिक झलक और लोक संस्कृति की जीवंतता ने राज्योत्सव के मंच को अविस्मरणीय बना दिया।
  राज्योत्सव की यह संध्या छत्तीसगढ़ की लोकसंस्कृति, संगीत और कलात्मक वैभव के साथ बॉलीवुड गीतों के आनंदमय प्रस्तुति राज्य के गौरवपूर्ण उत्सव बन गई। उपस्थित दर्शकों ने हर प्रस्तुति पर तालियों से अपनी प्रसन्नता जताई। यह सांस्कृतिक संध्या न केवल एक कार्यक्रम रही, बल्कि छत्तीसगढ़ की 25 वर्षों की सांस्कृतिक यात्रा का सजीव दस्तावेज बन गई, जहां हर गीत, हर नृत्य, और हर ताल में राज्य की समृद्ध कला और संस्कृति देखने को मिली।

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