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May 30, 2026
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शौर्यपथ

शौर्यपथ

1.54 लाख लोगों की स्वास्थ्य जांच पूरी, दूरस्थ गांवों के 39 मरीजों को मिला बेहतर इलाज
       रायपुर/सुकमा।शौर्यपथ / मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय के नेतृत्व एवं कलेक्टर अमित कुमार के मार्गदर्शन में संचालित मुख्यमंत्री स्वस्थ बस्तर अभियान सुकमा जिले में दूरस्थ और अंदरूनी क्षेत्रों के लोगों के लिए जीवन रक्षक साबित हो रहा है।
कोंटा विकासखंड के नियद नेल्लानार क्षेत्र के कई गांवों से 39 मरीजों को जिला अस्पताल सुकमा लाकर जांच एवं उपचार कराया गया। इनमें 16 लोगों को चश्मे वितरित किए गए तथा 8 मरीजों का सफल मोतियाबिंद ऑपरेशन किया गया। वहीं गोगुंडा पहाड़ी क्षेत्र की 5 हाई रिस्क गर्भवती महिलाओं की सुरक्षित जांच कर आवश्यक स्वास्थ्य परामर्श दिया गया।
अभियान के तहत अब तक जिले में 2,93,386 के लक्ष्य में से 1,54,157 लोगों की स्वास्थ्य जांच पूरी हो चुकी है। जांच के दौरान 4990 मरीजों को मोतियाबिंद, मलेरिया, टीबी, कुष्ठ, एनीमिया, कुपोषण, बीपी एवं शुगर जैसी बीमारियों से चिन्हित कर उपचार उपलब्ध कराया जा रहा है।
कलेक्टर अमित कुमार ने कहा कि अभियान का उद्देश्य दूरस्थ क्षेत्रों तक बेहतर स्वास्थ्य सेवाएं पहुंचाना और किसी भी जरूरतमंद को इलाज से वंचित न होने देना है।
मानवीय संवेदनशीलता का परिचय देते हुए इलाज के बाद मरीजों को सुरक्षित घर पहुंचाने की व्यवस्था भी प्रशासन द्वारा की गई। जिला अस्पताल से 4 एम्बुलेंस के माध्यम से मरीजों को नाश्ता कराकर उनके गांवों तक पहुंचाया गया।

   ​गुवाहाटी | असम की राजनीति में एक बार फिर केसरिया परचम लहराया है। भारतीय जनता पार्टी के नेतृत्व वाले एनडीए (NDA) गठबंधन ने 2026 के विधानसभा चुनावों में प्रचंड बहुमत हासिल कर इतिहास रच दिया है। इस शानदार जीत के बाद अब सबकी निगाहें 12 मई 2026 को होने वाले भव्य शपथ ग्रहण समारोह पर टिकी हैं।
​खानापारा मैदान में सजेगा जीत का मंच
​गुवाहाटी का खानापारा वेटरनरी कॉलेज मैदान इस ऐतिहासिक पल का गवाह बनेगा। 12 मई की सुबह 11:00 बजे हिमंत बिस्व सरमा लगातार दूसरी बार असम के मुख्यमंत्री के रूप में पद और गोपनीयता की शपथ लेंगे। इस समारोह में जनभागीदारी का आलम यह होगा कि प्रशासन लगभग 1 लाख से अधिक लोगों के जुटने की उम्मीद कर रहा है।
​दिग्गजों का जमावड़ा: पीएम मोदी होंगे मुख्य अतिथि
​समारोह की भव्यता का अंदाजा इसी बात से लगाया जा सकता है कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी स्वयं मुख्य अतिथि के रूप में शिरकत करेंगे। उनके साथ केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह, भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष नितिन नवीन और एनडीए शासित विभिन्न राज्यों के मुख्यमंत्री व उपमुख्यमंत्री भी इस शक्ति प्रदर्शन और विजय उत्सव में शामिल होंगे।
​कैसे थमा सस्पेंस?
​मुख्यमंत्री पद को लेकर चल रही तमाम अटकलों पर 10 मई को विराम लग गया। केंद्रीय पर्यवेक्षकों, जेपी नड्डा और नायब सिंह सैनी की उपस्थिति में हुई विधायक दल की बैठक में हिमंत बिस्व सरमा को सर्वसम्मति से नेता चुना गया। हालांकि चर्चाओं में रंजीत कुमार दास और अजंता नियोग जैसे नाम भी शामिल थे, लेकिन सरमा के नेतृत्व और उनकी प्रशासनिक पकड़ ने उन्हें आलाकमान की पहली पसंद बनाए रखा।
​चुनाव परिणाम: एनडीए की 'सुनामी'
​असम की 126 सदस्यीय विधानसभा में एनडीए ने विपक्षी खेमे को पूरी तरह हाशिए पर धकेल दिया है:
​भाजपा: 82 सीटें (अकेले दम पर बहुमत का आंकड़ा पार)
​AGP और BPF: 10-10 सीटें
​कुल एनडीए: 102 सीटें
​विपक्ष (कांग्रेस): मात्र 19 सीटों पर सिमटी।
​"यह जीत असम के विकास और जनता के विश्वास की जीत है। 12 मई से शुरू होने वाला यह दूसरा कार्यकाल राज्य को नई ऊंचाइयों पर ले जाएगा।"

प्रदेश की सुख-समृद्धि की कामना, किसानों और श्रद्धालुओं के लिए की बड़ी घोषणाएं

   कबीरधाम । शौर्यपथ / मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने आज कबीरधाम जिले के डोंगरिया स्थित प्रसिद्ध जलेश्वर महादेव धाम में विधि-विधान से पूजा-अर्चना एवं जलाभिषेक कर प्रदेशवासियों की सुख-समृद्धि की कामना की। इस अवसर पर उपमुख्यमंत्री विजय शर्मा, सांसद लक्ष्मी वर्मा, विधायक भावना बोहरा एवं धर्मजीत सिंह सहित अनेक जनप्रतिनिधि उपस्थित रहे।
मुख्यमंत्री साय ने कहा कि छत्तीसगढ़ की सांस्कृतिक और आध्यात्मिक विरासत हमारी पहचान है तथा सरकार धार्मिक धरोहरों के संरक्षण और विकास के लिए निरंतर कार्य कर रही है।
मुख्यमंत्री की बड़ी घोषणाएं
50 करोड़ रुपए से क्षीरपानी मध्यम परियोजना की नहर विस्तार योजना
लगभग 1100 हेक्टेयर क्षेत्र में बढ़ेगी सिंचाई सुविधा
जलेश्वर महादेव धाम के विकास एवं सौंदर्यीकरण हेतु 50 लाख रुपए स्वीकृत
खरहट्टा से डोंगरिया तक 2.5 किमी सड़क उन्नयन की घोषणा
प्राकृतिक सौंदर्य से घिरा जलेश्वर महादेव धाम श्रद्धालुओं की आस्था का प्रमुख केंद्र माना जाता है। मान्यता है कि यहां का शिवलिंग स्वयं प्रकट हुआ है, जिसके दर्शन के लिए सावन और महाशिवरात्रि में हजारों श्रद्धालु पहुंचते हैं।

TVK प्रमुख सी. जोसेफ विजय ने संभाली तमिलनाडु की कमान, 200 यूनिट मुफ्त बिजली और महिला सुरक्षा दल का ऐलान

चेन्नई /शौर्यपथ (विशेष रिपोर्ट)

तमिल सिनेमा के सुपरस्टार और तमिलगा वेत्री कड़गम (TVK) के प्रमुख सी. जोसेफ विजय (थलापति विजय) ने 10 मई 2026 को तमिलनाडु के 9वें मुख्यमंत्री के रूप में शपथ लेकर राज्य की राजनीति में एक नया अध्याय लिख दिया।

चेन्नई के जवाहरलाल नेहरू इंडोर स्टेडियम में आयोजित भव्य शपथ ग्रहण समारोह में राजनीतिक, फिल्म और सामाजिक जगत की कई बड़ी हस्तियां मौजूद रहीं। मुख्यमंत्री विजय ने सुबह 10:15 बजे तमिल भाषा में पद और गोपनीयता की शपथ ली।

शपथ ग्रहण के तुरंत बाद मुख्यमंत्री विजय ने जनता से जुड़े कई बड़े फैसलों पर हस्ताक्षर कर यह संकेत दे दिया कि उनकी सरकार “जनहित और तेज निर्णय” की राजनीति पर काम करेगी।

शपथ लेते ही विजय के 3 बड़े फैसले

मुख्यमंत्री पद संभालने के बाद विजय ने जिन पहली फाइलों पर हस्ताक्षर किए, उनमें आम जनता और युवाओं से जुड़े अहम निर्णय शामिल रहे।

⚡ 1. 200 यूनिट मुफ्त बिजली

तमिलनाडु के घरेलू उपभोक्ताओं को राहत देते हुए राज्य सरकार ने 200 यूनिट तक मुफ्त बिजली देने की घोषणा की। इस फैसले को मध्यम वर्ग और गरीब परिवारों के लिए बड़ी राहत माना जा रहा है।

?‍✈️ 2. महिला सुरक्षा दल का गठन

राज्य में महिलाओं की सुरक्षा को प्राथमिकता देते हुए विजय सरकार ने Women Safety Squad के गठन को मंजूरी दी। यह विशेष बल महिला सुरक्षा, छेड़छाड़ और अपराध रोकने पर केंद्रित रहेगा।

?? 3. एंटी-ड्रग्स स्क्वॉड का गठन

युवाओं को नशे की गिरफ्त से बचाने और राज्य में ड्रग नेटवर्क पर शिकंजा कसने के लिए Anti-Drugs Squad बनाने का फैसला लिया गया।

9 मंत्रियों ने भी ली शपथ, 29 वर्षीय कीर्तना बनीं सबसे युवा मंत्री

मुख्यमंत्री विजय के साथ TVK के 9 अन्य विधायकों ने भी मंत्री पद की शपथ ली।
इस कैबिनेट की सबसे चर्चित चेहरा रहीं 29 वर्षीय सेल्वी एस. कीर्तना, जो सरकार की सबसे युवा मंत्री और एकमात्र महिला मंत्री बनीं।

राहुल गांधी समेत कई दिग्गज रहे मौजूद

इस ऐतिहासिक राजनीतिक बदलाव के गवाह बनने के लिए कांग्रेस नेता और लोकसभा में विपक्ष के नेता राहुल गांधी विशेष रूप से समारोह में पहुंचे।

इसके अलावा समारोह में:

राज्यपाल राजेंद्र विश्वनाथ अर्लेकर
विजय के माता-पिता एस.ए. चंद्रशेखर और शोबा चंद्रशेखर
अभिनेत्री त्रिशा कृष्णन
CPI, CPI(M), VCK और IUML के नेता
भी मौजूद रहे।
गठबंधन के सहारे TVK ने पार किया बहुमत का आंकड़ा

2026 विधानसभा चुनाव में TVK ने 108 सीटें जीतकर सबसे बड़ी पार्टी के रूप में उभरते हुए तमिलनाडु की राजनीति में बड़ा उलटफेर किया। विजय द्वारा एक सीट छोड़ने के बाद पार्टी के पास 107 विधायक रह गए।

13 मई तक विधानसभा में विश्वास मत

राज्यपाल ने नई सरकार को 13 मई 2026 तक विधानसभा में विश्वास प्रस्ताव पेश करने का निर्देश दिया है। राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि विजय सरकार आसानी से बहुमत साबित कर सकती है।

फिल्मी करिश्मे से सत्ता तक: तमिल राजनीति में नया दौर

राजनीतिक विशेषज्ञों का मानना है कि विजय की लोकप्रियता, युवा समर्थन और आक्रामक चुनाव अभियान ने तमिलनाडु की पारंपरिक राजनीति को पूरी तरह बदल दिया है।

सिनेमा के “थलापति” अब तमिलनाडु की सत्ता के “तलैवर” बन चुके हैं और जनता की निगाहें अब इस बात पर टिकी हैं कि क्या विजय अपने चुनावी वादों और जनकल्याणकारी फैसलों को जमीन पर उतार पाएंगे।

बर्खास्तगी के साथ ही फिर गरमाया गुमठी घोटाला; पत्रकार और तथाकथित 'सिंडिकेट' के बीच सांठगांठ की खुलेगी परतें

   दुर्ग | शौर्यपथ दुर्ग नगर निगम में धार्मिक आस्था पर कथित आपत्तिजनक टिप्पणी का मामला अब एक बड़े प्रशासनिक और भ्रष्टाचार के खुलासे की ओर मुड़ गया है। निगम आयुक्त के निजी सहायक (PA) गौतम साहू द्वारा हिंदू देवी-देवताओं पर की गई अश्लील टिप्पणी के बाद शनिवार को निगम परिसर तनाव और भारी आक्रोश का केंद्र बना रहा। इस मामले की गंभीरता को देखते हुए आयुक्त सुमित अग्रवाल ने त्वरित कार्रवाई करते हुए गौतम साहू को सेवा से बर्खास्त कर दिया है।
निगम परिसर में भड़का आक्रोश, पुलिस की सतर्कता से टला बड़ा हादसा
कथित व्हाट्सएप चैट सोशल मीडिया पर वायरल होने के बाद विश्व हिंदू परिषद और बजरंग दल के कार्यकर्ताओं का गुस्सा फूट पड़ा। भीड़ इतनी उग्र थी कि निगम परिसर में मौजूद कर्मचारी भी बीच-बचाव करने का साहस नहीं जुटा पा रहे थे। प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, माहौल किसी बड़ी अनहोनी की ओर बढ़ रहा था, लेकिन पद्मनाभपुर और मोहन नगर पुलिस की सक्रियता और रणनीतिक हस्तक्षेप ने स्थिति को संभाल लिया। पुलिस ने सुरक्षा घेरे में लेकर आरोपी को थाने पहुंचाया।
सत्ता का दुरुपयोग और ‘सेकंड बॉस’ का अहंकार
निगम गलियारों में चर्चा है कि गौतम साहू लंबे समय से आयुक्त के पद और प्रभाव का सहारा लेकर स्वयं को ‘सेकंड बॉस’ के रूप में स्थापित कर चुका था। कर्मचारियों और आम जनता के बीच उसकी छवि एक ऐसे व्यक्ति की बन गई थी जो प्रशासनिक गरिमा को ताक पर रखकर अपनी सत्ता चलाता था। विहिप नेता राकेश रामलोचन ने कहा कि, "ऐसे लोग शांत समाज के लिए अभिशाप हैं, प्रशासन को इनके खिलाफ सख्त कदम उठाने चाहिए।"


गुमठी घोटाला: ठंडे बस्ते से फिर बाहर आएगी फाइल
गौतम साहू की बर्खास्तगी के साथ ही अब गुमठी आवंटन घोटाले की चर्चा फिर से तेज हो गई है।
पुराना मामला: पूर्व में NULM के एक कर्मचारी और एक तथाकथित पत्रकार के खिलाफ गुमठी आवंटन में अनियमितता को लेकर बजरंग दल ने बड़े आंदोलन की चेतावनी दी थी। हालांकि, सत्ता परिवर्तन और नए आयुक्त की नियुक्ति के बाद यह मामला ठंडे बस्ते में चला गया था।
गहराता त्रिकोण: ताजा तथ्यों के अनुसार, विवादित गुमठी आवंटन मामले में उक्त कथित पत्रकार और बर्खास्त पीए गौतम साहू के बीच बेहद करीबी संबंधों की बात सामने आ रही है। यह जांच का विषय है कि कैसे इन लोगों ने मिलकर नियमों को ताक पर रखा।
दस्तावेजों की हेराफेरी: यह भी आरोप है कि इसी गुट ने पूर्व में दस्तावेजों की कथित हेराफेरी कर शासन से लाभ लेने की कोशिश की थी और इंदिरा मार्केट के व्यापारियों से अभद्र व्यवहार के मामले में इस पत्रकार को माफी तक मांगनी पड़ी थी।
आयुक्त के भरोसे पर बार-बार चोट
आयुक्त सुमित अग्रवाल की साफ-सुथरी कार्यप्रणाली के बीच कुछ लोग उनके नाम का दुरुपयोग कर व्यक्तिगत प्रभाव जमाने का प्रयास कर रहे थे। पूर्व में भी एक कथित पत्रकार द्वारा आयुक्त के नाम का उपयोग कर विवादित मामलों में हस्तक्षेप की खबरें आई थीं। गौतम साहू की बर्खास्तगी ने यह स्पष्ट संदेश दिया है कि प्रशासनिक विश्वास तोड़ने वाली गतिविधियों को बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।
निष्कर्ष: क्या अब होगी निष्पक्ष जांच?
आयुक्त द्वारा लिए गए इस कठोर निर्णय की जनता सराहना कर रही है, लेकिन अब सबसे बड़ा सवाल 'गुमठी घोटाले' को लेकर है। चर्चा है कि अब एक बार फिर इस घोटाले की फाइल खुल सकती है, जिससे कई प्रभावशाली चेहरों की मुश्किलें बढ़ना तय है।
शौर्यपथ विशेष रिपोर्ट

दुर्ग/भिलाई। शौर्यपथ।

भिलाई के चर्चित उद्योगपति परिवार और Simplex Castings Limited की डायरेक्टर Sangeeta Ketan Shah एवं उनके पति Ketan Shah के खिलाफ जमीन धोखाधड़ी के गंभीर आरोपों ने पूरे दुर्ग जिले में हलचल मचा दी है। सुपेला थाना पुलिस ने न्यायालय के स्पष्ट निर्देश के बाद दोनों आरोपियों पर आपराधिक मामला दर्ज किया है।

यह मामला केवल एक जमीन विवाद तक सीमित नहीं माना जा रहा, बल्कि यह उन बढ़ते आरोपों का प्रतीक बनता जा रहा है जिनमें रसूखदार और आर्थिक रूप से प्रभावशाली लोग आम नागरिकों के विश्वास और कानून व्यवस्था को चुनौती देते दिखाई देते हैं।

जानकारी के अनुसार, ग्राम कोहका स्थित लगभग 0.10 हेक्टेयर जमीन को विवाद-मुक्त बताकर पीड़ित सुनील कुमार सोमन से 50 लाख रुपये में बेचने का सौदा किया गया था। 13 मार्च 2023 को हुए इकरारनामे के तहत 10 लाख रुपये बयाना राशि के रूप में लिए गए, लेकिन बाद में आरोपियों ने जमीन की रजिस्ट्री करने से इनकार कर दिया।

पीड़ित का आरोप है कि जिस जमीन को विवाद-मुक्त बताया गया था, वह पहले से ही लीज विवाद में उलझी हुई थी। इतना ही नहीं, उसी जमीन के मूल दस्तावेजों का उपयोग कर आरोपियों द्वारा एक निजी वित्तीय संस्था से लगभग 4.50 करोड़ रुपये का भारी लोन भी लिया गया।

मामले की शिकायत लंबे समय तक पुलिस और प्रशासन के समक्ष लंबित रहने के बाद पीड़ित ने न्यायालय की शरण ली। न्यायिक मजिस्ट्रेट प्रथम श्रेणी दुर्ग ने दस्तावेजों की प्रारंभिक जांच में प्रथम दृष्टया धोखाधड़ी के पर्याप्त आधार पाए और सुपेला थाना पुलिस को FIR दर्ज करने का निर्देश दिया।

यह मामला इसलिए भी चर्चा में है क्योंकि Sangeeta Ketan Shah पूर्व में भी जमीन लेन-देन से जुड़े विवादों में घिर चुकी हैं। अप्रैल 2025 में पुलगांव थाना क्षेत्र में एक अन्य कारोबारी से कथित करोड़ों की ठगी के मामले में भी उनके खिलाफ केस दर्ज हुआ था, जिसमें बाद में उन्हें अग्रिम जमानत प्राप्त हुई थी।

बड़ा सवाल — कानून का डर आखिर किसे?

समाज में यह प्रश्न लगातार उठ रहा है कि यदि आर्थिक रूप से संपन्न और प्रभावशाली लोग ही कानून की सीमाओं को चुनौती देते हुए आम नागरिकों के साथ कथित धोखाधड़ी करेंगे, तो आम जनता का न्याय व्यवस्था पर विश्वास कैसे कायम रहेगा?

कानूनी विशेषज्ञों का मानना है कि ऐसे मामलों में केवल FIR दर्ज होना पर्याप्त नहीं है, बल्कि निष्पक्ष जांच, वित्तीय लेन-देन की गहराई से पड़ताल और दोष सिद्ध होने पर कठोर दंड आवश्यक है, ताकि यह स्पष्ट संदेश जाए कि कानून के सामने हर व्यक्ति समान है।

जनमानस में यह भावना भी तेजी से उभर रही है कि प्रभाव, राजनीतिक संपर्क और आर्थिक ताकत के सहारे बार-बार राहत प्राप्त कर लेना न्याय व्यवस्था की विश्वसनीयता पर प्रश्नचिह्न खड़ा करता है। ऐसे मामलों में त्वरित सुनवाई और पारदर्शी जांच ही लोकतांत्रिक व्यवस्था में जनता का भरोसा मजबूत कर सकती है।

  ​रायपुर / शौर्यपथ / ​छत्तीसगढ़ के जशपुर जिले ने स्वच्छता और नवाचार की दिशा में एक अनूठी मिसाल पेश की है। जिले के दुलदुला जनपद पंचायत के समीप विकसित किया गया "इको पार्क" आज न केवल स्थानीय पर्यटन का केंद्र बना हुआ है, बल्कि "वेस्ट टू बेस्ट" (कबाड़ से जुगाड़) की अवधारणा को धरातल पर उतारने वाला एक उत्कृष्ट मॉडल भी बन गया है। अनुपयोगी और बेकार समझी जाने वाली सामग्रियों से सजी इस सुंदर संरचना ने पर्यावरण संरक्षण के प्रति एक नई सोच जागृत की है।

​कबाड़ से तैयार हुई कलाकृतियां

​इस पार्क की सबसे बड़ी विशेषता इसका निर्माण है। यहाँ फेंके गए पुराने टायरों, लोहे के कबाड़ और अन्य बेकार वस्तुओं का इस्तेमाल कर अत्यंत आकर्षक कलाकृतियां बनाई गई हैं। लोहे के बेकार पार्ट्स से घोड़ा, मयूर और तितली जैसी सजीव आकृतियां गढ़ी गई हैं। इसी तरह पुराने टायरों को रंग-बिरंगे झूलों में तब्दील कर दिया गया है, जो बच्चों के आकर्षण का मुख्य केंद्र हैं।

​स्वास्थ्य और मनोरंजन का संगम

​इको पार्क को केवल सजावट तक सीमित नहीं रखा गया है, बल्कि इसे एक संपूर्ण सामुदायिक केंद्र के रूप में विकसित किया गया है। युवाओं और स्वास्थ्य के प्रति जागरूक नागरिकों के लिए आधुनिक ओपन जिम की सुविधा दी गई है। इसी तरह बच्चों के लिए झूलों और विभिन्न खेल सामग्रियों का प्रबंधन किया गया है। यह स्थान परिवारों के लिए शाम बिताने और मनोरंजन का पसंदीदा स्पॉट बनकर उभरा है।

​प्रशासन ने सराहा नवाचार, दिए हरियाली बढ़ाने के निर्देश

​ हाल ही में जिला प्रशासन ने पार्क का बारीकी से निरीक्षण किया। कबाड़ के इस रचनात्मक उपयोग की प्रशंसा करते हुए ​परिसर में व्यापक पौधरोपण कर इसे और अधिक हरित बनाने का निर्णय लिया गया। ​नियमित साफ-सफाई और सौंदर्यीकरण पर विशेष ध्यान दिया जाएगा। ​आमजन के लिए सुविधाओं में निरंतर विस्तार करने के साथ यह पार्क समाज को स्वच्छता, पुनर्चक्रण (Recycling) और पर्यावरण के प्रति उत्तरदायी बनने की प्रेरणा देता है।
​स्थानीय निवासियों और विशेषज्ञों का मानना है कि दुलदुला का यह इको पार्क राज्य के अन्य विकासखंडों के लिए एक पथप्रदर्शक का कार्य करेगा। यह साबित करता है कि कम लागत और रचनात्मक सोच के साथ हम पर्यावरण संरक्षण और जन-सुविधाओं का बेहतर समन्वय कैसे कर सकते हैं।

आत्मनिर्भरता और सशक्तिकरण की मिसाल बना गायत्री महिला स्व-सहायता समूह

रायपुर, /आत्मनिर्भरता और सशक्तिकरण की जीवंत मिसाल स्वयं सहायता समूहों और सरकारी योजनाओं से जुड़कर अपने भाग्य को बदलने वाली ग्रामीण महिलाएं हैं। महिलाओं की संघर्ष यह दर्शाती है कि आत्मनिर्भरता से न केवल आर्थिक स्थिति सुधरती है, बल्कि उन्हें समाज में सम्मान और निर्णय लेने का अधिकार भी मिलता है। जहाँ महिलाएं घर से निकलकर उद्यमी बन रही हैं, आत्मनिर्भर भारत का आदर्श उदाहरण प्रस्तुत करती हैं।

छत्तीसगढ़ के बिलासपुर जिले के सीपत क्षेत्र स्थित ग्राम कर्रा (हि.) की महिलाओं ने साबित कर दिया है कि यदि इरादे फौलादी हों, तो सफलता कदम चूमती है। बिहान योजना से जुड़कर गायत्री महिला स्व-सहायता समूह की महिलाओं ने सामूहिक प्रयास और दृढ़ आत्मविश्वास के बल पर न केवल आर्थिक स्वावलंबन प्राप्त किया है, बल्कि समाज के सामने सशक्तिकरण का एक जीवंत उदाहरण भी पेश किया है। ये मिसालें साबित करती हैं कि कौशल विकास, आत्मविश्वास, और वित्तीय स्वतंत्रता जैसे मुद्रा ऋण से महिलाएं न केवल अपने परिवार को बल्कि समाज को भी मजबूत कर रही हैं।
कुशल नेतृत्व और सरकारी योजनाओं का संगम
श्रीमती गौरी यादव (अध्यक्ष) और श्रीमती पांचो श्रीवास (सचिव) के कुशल नेतृत्व में संचालित इस 12 सदस्यीय समूह को शासन की योजनाओं से संबल मिला । बिहान योजना से 6 लाख रुपये का ऋण और एकीकृत महिला एवं बाल विकास विभाग से 4 लाख रुपये का ऋण। कुल निवेश 10 लाख रुपये की राशि से महिलाओं ने “श्री राम टेंट हाउस” के नाम से अपने उद्यम की शुरुआत की।
विस्तार और सेवाएँ- एक सफल बिजनेस मॉडल
वर्ष 2025 में रामनवमी के अवसर पर शुरू हुआ यह व्यवसाय आज एक विशाल रूप ले चुका है। वर्तमान में समूह के पास निम्नलिखित संसाधन उपलब्ध हैं। 30×30 फीट का मंच, 60×120 फीट का विशाल पंडाल, 60 टेबल, 500 कुर्सियां और 10 जम्बो कूलर है। वैवाहिक कार्यक्रम, सामाजिक आयोजन, शोक सभा और शासकीय शिविरों (जैसे- श्सुशासन तिहारश् और जनसमस्या निवारण शिविर) में टेंट व बर्तन आपूर्ति।
लाभ के साथ सेवा भी और बर्तन बैंक का संचालन
समूह केवल व्यापार तक सीमित नहीं है, बल्कि अपनी सामाजिक जिम्मेदारी भी बखूबी निभा रहा है। गरीब और जरूरतमंद परिवारों को सामाजिक कार्यों हेतु बर्तन निःशुल्क उपलब्ध कराए जाते हैं। ग्रामीणों के लिए बर्तन बैंक का संचालन किया जा रहा है, जहाँ बेहद कम दरों पर सामग्री उपलब्ध है। बिहान योजना से जुड़कर गायत्री महिला स्व-सहायता समूह की महिलाओं ने सामूहिक प्रयास और दृढ़ आत्मविश्वास के माध्यम से टेंट हाउस की सेवा गाँव.गाँव पहुँचाकर आर्थिक आत्मनिर्भरता का नया अध्याय लिखा है।
10 लाख रुपये तक पहुंची वार्षिक आय
बेहतर प्रबंधन और कड़ी मेहनत का परिणाम यह है कि समूह की वार्षिक आय अब 10 लाख रुपये के करीब पहुंच गई है। स्थानीय प्रशासन के कार्यक्रमों में सक्रिय भागीदारी ने इनकी आय और प्रतिष्ठा दोनों में वृद्धि की है। समूह की महिलाओं ने आर्थिक सशक्तिकरण की इस राह को सुगम बनाने के लिए मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय और प्रदेश सरकार के प्रति आभार व्यक्त किया है। आज गायत्री महिला स्व-सहायता समूह की ये महिलाएं न केवल आत्मनिर्भर हैं, बल्कि जिले में अन्य महिलाओं के लिए प्रेरणा का स्रोत बनकर उभरी हैं।

 

​रायपुर /

कुशाभाऊ ठाकरे पत्रकारिता एवं जनसंचार विश्वविद्यालय के कुलपति प्रो. मनोज दयाल ने गुरुवार को छत्तीसगढ़ के माननीय उच्च शिक्षा मंत्री श्री टंक राम वर्मा से शिष्टाचार भेंट की। इस दौरान कुलपति ने मंत्री जी को पुष्पगुच्छ भेंट कर उनका अभिनंदन किया। बैठक के दौरान विश्वविद्यालय के भविष्य, शैक्षणिक सुधारों और बुनियादी ढाँचे के विकास को लेकर व्यापक चर्चा हुई।

​विकास के लिए मिले महत्वपूर्ण सुझाव

​मुलाकात के दौरान उच्च शिक्षा मंत्री श्री टंक राम वर्मा ने विश्वविद्यालय में संख्यात्मक विस्तार के साथ-साथ गुणात्मक विकास शिक्षा के स्तर में सुधार) पर विशेष जोर दिया। उन्होंने विश्वविद्यालय को और अधिक उन्नत बनाने के लिए कई महत्वपूर्ण सुझाव और निर्देश साझा किए। इस अवसर पर उपस्थित कुलसचिव श्री सुनील कुमार शर्मा ने विश्वविद्यालय की लंबे समय से लंबित समस्याओं को मंत्री जी के समक्ष रखा, जिस पर सकारात्मक चर्चा हुई।

​राष्ट्रीय शिक्षा नीति (NEP) पर केंद्रित है पाठ्यक्रम

​विश्वविद्यालय वर्तमान में राष्ट्रीय शिक्षा नीति (NEP) के मूल उद्देश्यों—गुणवत्ता, समानता, पहुँच और वहनीयता—को ध्यान में रखकर अपने पाठ्यक्रमों का संचालन कर रहा है। यहाँ के मीडिया पाठ्यक्रमों में विद्यार्थियों को रटने की पद्धति से दूर कर उनमें-​आलोचनात्मक सोच,​रचनात्मकता ​बहुविषयक शिक्षा और कौशल विकास ​पर विशेष ध्यान केंद्रित किया जा रहा है, ताकि वे आधुनिक पत्रकारिता की चुनौतियों का सामना कर सकें।

​भीषण गर्मी को देखते हुए छात्रों के लिए बड़ी राहत

लाइब्रेरी में बनेगा एयरकूल्ड रीडिंग रूम

​कुलपति प्रो. मनोज दयाल ने आगामी परीक्षाओं और छात्रों की पढ़ाई के प्रति संवेदनशीलता दिखाते हुए विश्वविद्यालय प्रशासन को महत्वपूर्ण निर्देश दिए हैं। भीषण गर्मी के प्रकोप को देखते हुए उन्होंने लाइब्रेरी में 'एयरकूल्ड रीडिंग रूम' की व्यवस्था करने को कहा है, ताकि छात्र-छात्राएं बिना किसी परेशानी के सुचारु रूप से अपना अध्ययन जारी रख सके।

   रायपुर / शौर्यपथ / बस्तर के नैसर्गिक सौंदर्य और समृद्ध संसाधनों के बीच अब एक नई और सुगंधित क्रांति आकार ले रही है, जिसका श्रेय दंतेवाड़ा जिले के बचेली निवासी युवा उद्यमी विशाल हालदार को जाता है। बीकॉम और सॉफ्टवेयर डेवलपमेंट की शिक्षा प्राप्त करने वाले विशाल ने अपनी जड़ों से जुड़े रहने और कुछ नया करने की चाह में छिंद (खजूर की एक स्थानीय प्रजाति) के उन बीजों से हर्बल कॉफी तैयार की है, जिन्हें अब तक बस्तर में पूरी तरह व्यर्थ समझा जाता था। इस अभिनव प्रयोग के पीछे विशाल का उद्देश्य न केवल बेकार पड़े प्राकृतिक संसाधनों का सदुपयोग करना है, बल्कि कॉफी के उन शौकीनों को एक स्वस्थ विकल्प प्रदान करना है जो स्वाद तो चाहते हैं लेकिन कैफीन के दुष्प्रभावों से बचना चाहते हैं। विशाल का यह सफर करीब दो वर्षों के गहन शोध और प्रयोगों का परिणाम है, जिसमें उन्होंने इंटरनेट की मदद और स्थानीय समझ का बखूबी तालमेल बिठाया है। विशाल की इस नवाचार को इनोवेशन महाकुंभ में प्रथम स्थान मिला, जिसके लिए मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय के द्वारा सम्मानित किया गया।
इस हर्बल कॉफी की सबसे प्रभावशाली विशेषता इसका पूरी तरह से कैफीन मुक्त होना है, जबकि इसमें छिंद के प्राकृतिक गुणों के कारण प्रचुर मात्रा में एंटीऑक्सीडेंट्स पाए जाते हैं। विशाल का मानना है कि अधिकांश लोग केवल मानसिक सक्रियता के लिए ही नहीं, बल्कि कॉफी के अनूठे स्वाद और उसकी आदत के कारण इसका सेवन करते हैं, और उनकी यह खोज इसी वर्ग को ध्यान में रखकर की गई है। इस नवाचार को तब बड़ी पहचान मिली जब विशाल ने शहीद महेन्द्र कर्मा विश्वविद्यालय जगदलपुर में आयोजित इनोवेशन महाकुंभ में अपना स्टॉल लगाया। वहाँ प्रदेश के वित्त मंत्री ओपी चैधरी सहित विश्वविद्यालय के प्रोफेसरों और आम जनता ने इस कॉफी का स्वाद चखा और इसकी खूब सराहना की। विशाल केवल एक उत्पाद बनाने तक ही सीमित नहीं हैं, बल्कि वे दंतेवाड़ा जिला प्रशासन के यूथ अप फाउंडेशन के माध्यम से स्थानीय युवाओं को उद्यमिता के लिए प्रेरित भी कर रहे हैं। वे चाहते हैं कि उनके इस आइडिया से बस्तर के ग्रामीणों को रोजगार मिले और गांवों और जंगल से मिलने वाले छिंद के बीजों से उन्हें अतिरिक्त आय प्राप्त हो सके।
हालांकि यह प्रोजेक्ट अभी भी टेस्टिंग और विकास के दौर में है और इसका आधिकारिक लॉन्च होना बाकी है, लेकिन विशाल के इस अटूट प्रयास ने यह साबित कर दिया है कि यदि दृष्टि स्पष्ट हो तो स्थानीय वेस्ट को भी वैश्विक स्तर के बेस्ट उत्पाद में बदला जा सकता है। आने वाले समय में यह हर्बल कॉफी न केवल बस्तर की पहचान बन सकती है, बल्कि स्वास्थ्य के प्रति जागरूक दुनिया के लिए एक अनूठा उपहार भी साबित हो सकती है।

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