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कांग्रेस के सवाल: छत्तीसगढ़ के साथ अन्याय
छत्तीसगढ़ के भाजपा के 9 लोकसभा सदस्य इस पर खामोश क्यों है?
छत्तीसगढ़ के गरीब मजदूर किसानों से नहीं है भाजपा सांसदों को कोई सरोकार
रायपुर / शौर्यपथ / प्रदेश कांग्रेस संचार विभाग के अध्यक्ष शैलेश नितिन त्रिवेदी ने कहा है कि अगर ऐसा नहीं होता तो विधानसभा चुनाव वाले प्रदेश बिहार और 20 से अधिक विधानसभा उपचुनाव वाले प्रदेश मध्यप्रदेश को शामिल कर छत्तीसगढ़ को नहीं छोड़ा जाता। 3 लाख से अधिक छत्तीसगढ़ के मजदूर कमाने वाले बाहर के प्रदेशों में गये थे। छत्तीसगढ़ के तीन लाख मजदूरों में से 60 दिन के मोदी करोना लाकडाउन में भूखे प्यासे रहकर वापस लौटे है। सैकड़ों मजदूर करोना संक्रमण का शिकार हुये। 60 दिन लाकडाउन में छत्तीसगढ़ के इन मजदूरों को हाटस्पाट जोन तक में भूखे-प्यासे रहने के लिये संक्रमण का शिकार तक होने को मजबूर हुये। दरअसल मोदी जी भाजपा और भाजपा के लोकसभा सदस्यों को छत्तीसगढ़ की गरीबों की मजदूर किसानों की परवाह ही नहीं है।
मनरेगा में काम देने में अव्वल नंबर पर है छत्तीसगढ़ सरकार...
मोदी सरकार ने छत्तीसगढ़ के प्रवासी मजदूरों को योजना का लाभ देना क्यों जरूरी नहीं समझा? 2500 रू. प्रतिक्विंटल धान खरीदी, कोरोना से लड़ने 30,000 करोड़ का पैकेज छत्तीसगढ़ हित के हर मामले में गरीब हित मजदूर हित किसान हित के हर मामले में भाजपा के सांसद और भाजपा छत्तीसगढ़ के खिलाफ क्यों खड़ी रहती है। मजदूर कल्याण योजना की कथित घोषणा और इसमें छत्तीसगढ़ को छोटे जाने से यही बात फिर से स्पष्ट हो गयी है। मोदी सरकार ने देश के मजदूर को मजबूर समझने की बड़ी भूल की है। दरअसल समाज के गरीब मजदूर किसान मध्यमवर्ग छोटे व्यापारियों और छोटे उद्योग धंधा करने वालों को मोदी सरकार हेय दृष्टि से देखती है। जबकि यही वर्ग देश की अर्थव्यवस्था और देश का संचालन करते हैं। मोदी सरकार ने यह जिम्मेदारी भी नहीं निभाई।
कांग्रेस संचार विभाग के अध्यक्ष ने कहा है कि सिर्फ 4 घंटे के नोटिस पर मोदी सरकार ने पूरे देश का लाक डाउन कर दिया। रेल, बस सब यातायात के साधन बंद कर दिये। लाखों मजदूर भाई और बहन सैकड़ों हजारों किलोमीटर का सफर तय कर थके हारे भूखे प्यासे बगैर राशन बगैर दवाई बच्चों को गोद में उठाए और थोड़ी बहुत जमा पूंजी सामान और लॉक डाउन के कारण हुआ कर्ज भी पीठ पर लादकर पांव में छाले लेकर जब अपने घर गांव वापस जा रहे हैं तो उनको घर पहुंचाने की जवाबदारी देश की सरकार की थी। 12 मई को मोदी जी ने बहुत बड़ी घोषणा की थी कि करोना से लड़ने 20 लाख करोड़ का पैकेज दिया जाएगा। पूरे देश को उम्मीद और आशा बंधी थी कि शायद अब मोदी जी को गरीबों का, लाचारों का दुख और दर्द समझ में आ गया है। शायद अब मोदी जी को समझ में आ गया है कि भारत की अर्थव्यवस्था पूरी तरह से चरमरा गई है। वो इससे निपटने ठोस कदम उठाने जा रहे हैं और। लेकिन जो पांच धारावाहिक वित्तमंत्री श्रीमती निर्मला सीतारमण ने देश को दिखाए, उसके बाद ये बात साफ है कि मोदी सरकार गरीब का, कमजोर का और यहाँ तक कि मध्यम वर्ग का भी दर्द नहीं समझ रही है। करोना की भयावह मानवीय त्रासदी का विकराल रूप मोदी सरकार की गलत नीति विफल प्रबंधन और गलत नीयत के कारण सामने आया।
भूपेश बघेल के सरकार ने समर्थन मूल्य पर अब 31 लघु वनोंपजों की होगी खरीदी
31 लघु वनोंपजों की समर्थन मूल्य पर खरीदी करने से अधिक संख्या में महिलाएं भी लाभान्वित होगी
रायपुर / शौर्यपथ / राज्य सरकार द्वारा छत्तीसगढ़ मे 25 से बढाकर अब 31 लघु वनोपजों की खरीदी समर्थन मूल्य पर करने का अहम निर्णय लिया गया है । 25 से बढ़ाकर 31 लघु वनोपजों की समर्थन मूल्य पर खरीदी करने के निर्णय करने का स्वागत करते हुए राज्य सभा सांसद एवं महिला कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष श्रीमती फूलोदेवी नेताम ने कहा है कि राज्य सरकार ने वनवासियों के हित में अहम फैसला लिए, लघु वनोपजों के जरिए बड़ी संख्या में लोगों को रोजगार मिल पायेगा। पूर्ववर्ती सरकार के समय छत्तीसगढ़ मे एक अजीब तरह की उदासी , सुस्ती, निराशा, हताशा का वातावरण था, लेकिन जब से राज्य मे कांग्रेस का सरकार बना है तब से हताशा को उल्लास में बदलें और वास्तविकता के धरातल पर उतरकर विकास की अलख जगायें।
श्रीमती नेताम ने कहा कि कोरोना काल मे देशव्यापी संकट के दौर में भी छत्तीसगढ़ में बेरोजगारी दर में भारी कमी है ये सब कुशल नेतृत्व के कारण है। श्रीमती नेताम ने कहा कि छत्तीसगढ़ राज्य में 45 प्रतिशत भौगोलिक क्षेत्र मे वन संसाधन उपलब्ध है भूपेश बघेल के सरकार वनांचल के लघु संग्राहकों को उचित मूल्य प्रदान करने हेतु अब 25 से बढ़ाकर 31 लघु वनोपजों की खरीदने पर वनांचल के लोगों का रोजगार बढ़ेगा एवं छत्तीसगढ़ राज्य में खुशहाली आयेगी ।
रमन सिंह के शासन काल में रोजगार के अभाव में लोगों को मजबूरन ही अपने गांव घर को छोड़कर कर पलायन करना पड़ता था। रमन सिंह कभी भी ये जानने का भी प्रयत्न नहीं किया की क्या कारण से छत्तीसगढ़ से लोग पलायन कर रहे है । भारतीय जनता पार्टी के नेता गरीबों के हिस्से का भी छिन्न लेते थे।
फूलोदेवी नेताम ने कहा कि अब भूपेश बघेल के सरकार ने वनांचल के लोगों का उनका परिश्रम का सही दाम दिया है। वनांचल में रहने वाले लोगों को जहाँ बड़ी संख्या में रोजगार मिलेगा, महिलाओं को भी इसका लाभ प्राप्त होगा वहीं उनकी आर्थिक स्थिति भी मजबूत होगी। राज्य सरकार ने लोगों को स्वावलंबी बनाने के लिये हर संभव सहायता की जा रही है।
महासमुंद / शौर्यपथ / भारतीय जनता युवा मोर्चा छत्तीसगढ़ द्वारा प्रदेश भर में जिला व लोकसभा स्तर पर वर्चुअल रैली का आयोजन किया जा रहा है, भाजयुमो ने इसे जन जुराव रैली का नाम दिया है। इसी कड़ी में महासमुंद लोकसभा की जन जुराव रैली 22 जून को संध्या 4 बजे होगी जिसमें मुख्य अतिथि के रूप भारतीय जनता पार्टी के प्रदेश अध्यक्ष विष्णुदेव साय एवं प्रदेश संगठन महामंत्री पवन साय ऑनलाइन उपस्थित होकर जन जुराव रैली को सम्बोधित करेंगे।
महासमुंद लोकसभा की जन जुराव रैली के लिए भाजयुमो प्रदेश अध्यक्ष विजय शर्मा ने प्रदेश मंत्री दीपक बैस, प्रदेश कार्यसमिति सदस्य विजय जयसिंघानी, चेतन हिंदुजा, सौरभ लूनिया, और प्रशांत श्रीवास्तव को प्रभारी नियुक्त किया है।
राजनांदगांव / शौर्यपथ / सर्वोच्च न्यायालय के निर्देशानुसार कलेक्टर टोपेश्वर वर्मा ने जिले के प्रवासी मजदूरों की सहायता के लिए जिला एवं विकासखंड स्तर पर हेल्पडेस्क का गठन किया है। जिला स्तर पर जिला पंचायत कार्यालय राजनांदगांव में स्थापित हेल्पडेस्क का दूरभाष क्रमांक 07744-224060 एवं श्रम पदाधिकारी कार्यालय राजनांदगांव में स्थापित हेल्पडेस्क का दूरभाष क्रमांक 07744-225049 है।
इसी तरह विकासखंड स्तर पर तहसीलदार कार्यालयों में प्रवासी मजदूरों की सहायता के लिए हेल्पडेस्क स्थापित किया गया हैं। राजनांदगांव विकासखंड के हेल्पडेस्क का दूरभाष क्रमांक 07744-225403, खैरागढ़ विकासखंड के हेल्पडेस्क का दूरभाष क्रमांक 07820-234230, छुईखदान विकासखंड के हेल्पडेस्क का दूरभाष क्रमांक 07743-263503, डोंगरगांव विकासखंड के हेल्पडेस्क का दूरभाष क्रमांक 07745-271756, अंबागढ़ चौकी विकासखंड के हेल्पडेस्क का दूरभाष क्रमांक 07747-249280, छुरिया विकासखंड के हेल्पडेस्क का दूरभाष क्रमांक 07745-264400, मोहला विकासखंड के हेल्पडेस्क का दूरभाष क्रमांक 07747-249280, डोंगरगढ़़ विकासखंड के हेल्पडेस्क का दूरभाष क्रमांक 07823-232244 है।
दुर्ग ( रिसाली निगम )/ शौर्यपथ / मौसमी जनजनित बीमारी डेंगू व पीलिया के रोकथाम हेतु रिसाली निगम वार्डों में निगम कर्मचारी व क्षेत्र की मितानिनें द्वारा घर.घर पहुंचकर क्लोरीन टेबलेट व टेमीफास की बोतलें युद्ध स्तर पर बांटी जा रही हैं तथा साथ ही साथ जनमानस में जनजनित बीमारियों के रोकथाम हेतु जागरूकता पैदा करने हेतु आवश्यक जानकारी भी दे रहे हैं। अपर कलेक्टर व रिसाली निगम आयुक्त प्रकाश कुमार सर्वे के निर्देश पर व मातहत अधिकारी रमाकांत साहू के मार्गदर्शन में निगम के सभी वार्डों में पीलिया की बचाव हेतु अभी तक 55 हजार क्लोरीन टेबलेट व डेंगू लार्वा नाशक दवाई टेमीफास की 15 हजार बोतलें बांटी जा चुकी हैं।
निगम के सफाई गैंग के कर्मचारियों द्वारा प्रतिदिन वार्डों में आम जनों को मच्छरों के प्रकोप से बचाव हेतु नालियों का सफाई उपरांत नियमित रूप से मलेरियल ऑयल मैलाथियान का छिड़काव के अतिरिक्त निगम वार्डों के घरों, मोहल्लों, दुकानों व चैक चैराहों में स्प्रे पंप एवं टेक्टर टेंकर पंप के द्वारा सोडियम हाईकोक्लोराईड कीटनाशक दवाई के घोल से सभी वार्डों में वृहद स्तर पर सैनेटाइजेशन का कार्य भी किया जा रहा है। मच्छरों से बचाव हेतु शाम को फागिंग कार्य भी सभी वार्डों में कराया जा रहा है। बारिश के आगाज के बीच उल्लेखित बीमारियों के रोकथाम हेतु प्रत्येक वार्डों में स्वच्छता पखवाड़ा चलाकर वार्ड की संपूर्ण साफ.सफाई व नाले-नालियों की साफ साफई के साथ-साथ कीटनाश दवाईयों का छिड़काव में तेजी लाने के निर्देश अपर कलेक्टर व निगम आयुक्त प्रकाश कुमार सर्वें ने स्वास्थ्य अमला को दिए हैं।
जनजनित बीमारी डेंगू के रोकथाम हेतु रेनवॉटर हार्वेस्टिंग स्थल, पोखर, गढढे, कूलर, टायर व अन्य अनुपयोगी वस्तुएं जिसमें मच्छर पनपने की संभावनाएं अधिक रहती हैं पर मोबाइल ऑयल व मलेरिया ऑयल कैरोसीन तेल का मिश्रण कर छिड़काव किए जाने तथा निगम वार्डों में स्थित प्रत्येक मकानों के सैप्टिक टेंक के पाइप में मच्छरदानी जाली कैप लगवाए जाने का भी निर्देश निगम आयुक्त श्री सर्वे ने प्रभारी स्वास्थ्य अधिकारी जगन्नाथ कुशवाहा व प्रभारी स्वच्छता निरीक्षक बृजेन्द्र परिहार को दिए हैं।
दुर्ग / शौर्यपथ / जिला मुख्यालय के अधिकारियों के साथ कलेक्टर डाक्टर सर्वेश्वर नरेंद्र भूरे ने अपनी नजर ब्लॉक लेवल के ऑफिसर्स के कार्यों की मानिटरिंग पर भी रखी है। उन्होंने आज अपनी तीसरी ब्लॉक स्तरीय बैठक दुर्ग ब्लाक में ली। इससे पहले वे धमधा और पाटन ब्लॉक के अधिकारियों के साथ बैठक ले चुके हैं। बैठक में कलेक्टर ने स्पष्ट कर दिया कि वे जिला स्तर के अधिकारियों के कार्यों के साथ ही ब्लॉक लेवल ऑफिसर के कार्यों की भी नियमित मानिटरिंग करेंगे। परिणाममूलक कार्य नहीं हुए तो जिम्मेदारी तय की जाएगी। उन्होंने कहा कि शासन की फ्लैगशिप योजनाएं सबसे अहम हैं। इसके क्रियान्वयन पर पूरी बारीकी से कार्य करें। इस मौके पर जिला पंचायत सीईओ सच्चिदानंद आलोक भी मौजूद थे।
इस दौरान उन्होंने शासन की सर्वोच्च प्राथमिकता में शामिल नरवा, गरूवा, घुरूवा, बाड़ी योजना के क्रियान्वयन की समीक्षा की। चिन्हांकित किये गए 61 गौठानों में संचालित गतिविधियों की जानकारी ली। उन्होंने गौठान की बुनियादी बातों को सबसे पहले बताया। उन्होंने कहा कि गौठान इसलिए निर्मित किए गए हैं कि अधिकतम पशुधन यहां पर रहे। इसलिए पहली आवश्यकता यह है कि पशुधन की अधिकतम उपस्थिति सुनिश्चित की जाए। पशुओं की संख्या के मुताबिक उनके लिए चारेपानी की व्यवस्था सुनिश्चित करें। गौठान का काम रोजमर्रा का काम है इसलिए आपको नियमित रूप से इसका फीडबैक लेना होगा। इसके साथ ही नस्ल सुधार पर ध्यान देना भी अहम है। नस्लसुधार से पशुपालन लाभप्रद पेशे के रूप में बढ़ेगा और इससे ही कृषि के साथ पशुपालन पर जोर बढ़ेगा और इसके आर्थिक लाभ ग्रामीणों को मिल पाएंगे।
कलेक्टर ने कहा कि गौठान को रोजगार मूलक बनाया जाना है ताकि आर्थिक दृष्टिकोण से ग्रामीणों को मजबूत बनाया जा सके। गौठान में महिला स्वसहायता समूहों को अनेक गतिविधियों से जोड़कर रोजगार की उपलब्धता सुनिश्चित किया जाने का कार्य करें। गौठान में उत्पादित सामग्रियों की खरीदारी जिला पंचायत के माध्यम से की जाएगी। गौठान के बेहतर क्रियान्वयन व संचालन के लिए सभी गौठान के लिए गौठान समिति के गठन की जानकारी भी उन्होंने ली। उन्होंने कहा कि गौठान समिति को सक्रिय करें, इनके प्रभावी कार्य का बेहतर परिणाम गौठान को मिल सकेगा।
कलेक्टर ने गौठान के क्रियान्वयन से जुड़े विभिन्न विभाग कृषि पशुपालन मत्स्यपालन उद्यानिकी विभाग से कहा कि गौठान में विभागीय गतिविधियों का बेहतर संचालन करें। कृषि विभाग से कहा कि यहां निर्मित कंपोस्ट व वर्मी टैंक को भरने का कार्य करे। मत्स्य विभाग को गौठान में मत्स्य पालन के लिए कार्यक्रम तैयार कर इसके लिए कार्ययोजना बनाने के निर्देश दिए। कम से कम दस गौठान में मुर्गी पालन हेतु शेड निर्माण किये जाने के निर्देश दिए। उद्यानिकी विभाग को सामुदायिक फलोद्यान लगाने के निर्देश दिए। कलेक्टर ने आज ब्लॉक स्तरीय विभागीय समीक्षा में विभागों में संचालित योजनाओं के क्रियान्वयन वित्तीय व भौतिक लक्ष्य को पूर्ण प्राप्ति की दिशा में प्रभावशाली पूर्वक कार्य कहा। विभागीय योजनाओं के सफलतापूर्वक क्रियान्वयन नही होने की दशा में अधिकारियों पर जवाबदेही तय करते हुए आवश्यक कार्यवाही की चेतावनी भी कलेक्टर ने दी।
भिलाई / शौर्यपथ / पूरा विश्व कोरोना कोविड.19 से जूझ रहा है। इस संकटकाल में कई ऐसे योद्धा हैं जो चुपचाप अपने कार्यों में डटे हुए हैं। ऐसे ही कर्म योद्धाओं में शामिल हैं विद्युतए पानी और दूरभाष जैसी अनिवार्य आवश्यकताओं की पूर्ति करने वाले लोग। ऐसे ही एक समर्पित कर्मवीरों की टीम ने अपने प्रयासों से शहर को सुकुन बख्शा है। इस्पात नगरी को निर्बाध विद्युत आपूर्ति करने वाली भिलाई इस्पात संयंत्र के नगर सेवाएँ विभाग के विद्युत अनुभाग के अधिकारियों और कार्मिकों की टीम जिसने इस चुनौती भरे समय में अपनी ओर से कोई कसर नहीं छोड़ी है। इन्होंने इस दौरान और बेहतर सुविधा देने का प्रयास किया ताकि लोग घर में सुकुन से रह सकें। इन्होंने चुनौती को अवसर में बदल दिया। इन कर्मवीरों को सलाम।
ज्ञातव्य हो कि टाउनशिप का विद्युत नेटवर्क बेहद विस्तृत है। यह 13 सेक्टरों में बंटा भिलाई जिसमें लगभग 300 किलोमीटर से अधिक की एल टी लाईन और लगभग 170 किलोमीटर से अधिक की एच टी लाईन है। 30,000 से अधिक आवासों और 5,000 हजार से अधिक व्यावसायिक संस्थानों की बिजली की देखभाल 24 घंटे और साल भर करनी होती है। कोई त्यौहार और कोई छुट्टी नहीं। जब सभी त्यौहारों का आनंद उठाते हैं तब विद्युत आपूर्ति के इन योद्धाओं को जूझना होता है। काफी पुरानी व्यवस्थाए लाईन और सिस्टम जिसमें अभी भी कुछ पुराने उपकरण लगे हैं। एक बार खराब होने पर स्पेयर्स मिलना कठिन हो जाता है। लगभग 220 सब स्टेशन और लगभग 240 से अधिक ट्रांसफारमर की नियमित देखभाल और निर्बाध विद्युत आपूर्ति की चुनौती। हर व्यक्ति 10 मिनट भी बिना विद्युत के व्याकुल हो उठता है। ऐसे लोगों को घरों में रखना और उनकी आवश्यकता की शत.प्रतिशत पूर्ति करना निश्चित ही एक कठिन कार्य है। कोरोना के संकटकाल और बारिश के आगमन ने विद्युत अनुभाग के समक्ष अनेक चुनौतियाँ खड़ी कर रही है। इन चुनौतियों से निपटने हेतु विद्युत अनुभाग ने अपनी एक कारगर रणनीति बनाई है। आज हमने शहर के इन प्रतिबद्ध योद्धाओं से बातचीत की।
भिलाई इस्पात संयंत्र के विद्युत अनुभाग के प्रभारी महाप्रबंधक विद्युत दिनेश कुमार ने बताया कि उनकी टीम ने कोरोना की चुनौती और लाकडाउन के समय पर उत्कृष्ट सेवा प्रदान करने में कोई कोर.कसर नहीं छोड़ा। हमने हर चुनौती को अवसर में बदला है। इस संबंध में दिनेश कुमार ने आगे कहा कि जैसा कि सभी इस कोरोना के संबंध में सतर्क और जागरूक हैं। वैसे ही मैं और मेरी टीम ने भी पूरी सर्तकता रखी। जैसे.जैसे सूचना मिलती उसके हिसाब से हम भी स्टेप उठाते रहे। सरकार और प्रबंधन के दिशानिर्देशों के पालन का पूरा ध्यान रखा गया। प्रारंभ में कुछ परेशानी हुई। आने.जाने की तकलीफए स्वयं की सेफ्टी और मास्क आदि को लेकर किन्तु धीरे.धीरे सभी दिक्कतें दूर हो गई। सभी का पूरा सहयोग रहा। न्यूनतम मैन पावर में भी हमारी टीम ने बेहतर काम कर दिखाया है।
इस लाकडाउन के दौरान सभी कार्य सामान्य दिनों की तुलना में बेहतर तरीके से संपन्न हुए। यह सब टीम के सदस्यों का सहयोगए उत्साह और समर्पण की वजह से हुआ है। श्री दिनेश कुमार ने बताया कि हमारी टीम ने इस चुनौती भरे समय को भी एक अवसर के रूप लिया और कई अच्छे काम भी कर डालें। कल पर काम नहीं छोड़ा और कोई शिकायत का अवसर भी नहीं दिया। हमारा पूरा ध्यान हास्पिटल और पम्प हाउस पर भी रहा। पानी की आपूर्ति के दौरान पावर कट की जिम्मेदारी का बखूबी निर्वहन किया। कहीं कोई अनहोनी न हो और सब कुछ बेहतर और सामान्य रूप में संचालित होता रहे इसके लिये हम हमेशा सर्तक रहे। बारिश के मौसम को देखते हुए हमने विद्युत लाइन को बाधित करने वाले पेड़ों की डंगालों की कटाई प्रारंभ कर दी है। इसके अतिरिक्त टाउनशिप के सड़कों की लाईटों को बेहतर बनाने हेतु एलईडी लाईट लगाये जा रहे हैं। साथ ही जहाँ लो.वोल्टेज की समस्या है वहाँ पर नये सब.स्टेशनों की स्थापना की जा रही है।
डीजीएम ए के चैहान जो विद्युत विभाग में प्लानिंग और एयर कंडीशन देखते हैं उन्होंने कहा कि स्पेयर्स की कमी है इसके बावजूद हमने हर समस्या से निपटने का प्रयास किया है। पुराना सिस्टम और कार्मिकों की औसत आयु अधिक होने के बावजूद हमारी टीम ने बेहतर रिजल्ट दिये हैं।
भिलाई / शौर्यपथ / ट्रांस्पोर्ट नगर की स्थिति दिन प्रतिदिन बद से बद्तर होते जा रही है, लेकिन लागातार मांग करने और ध्यान आकषर््िात कराने के बाद भी भिलाई तीन चरोदा निगम इस ओर ध्यान नही दे रही है। यहां के सड़कों में बड़े बडे गड्ढे होने के कारण यहां अब तक चार चार लोगों की जान जा चुकी है। यहां गाडिय़ों से आना जाना तो दूर पैदल चलना ष्भी अब मुश्किल हो गया है। इसके कारण ट्रांसपोर्ट नगर वासी भारी दहशत में है 30 वर्षों से ट्रांसपोर्ट नगर को लेकर बार-बार सरकार का ध्यान आकर्षित किया गया लेकिन ट्रांसपोर्ट नगर की सूरत नही बदली। मुख्यमंत्री द्वारा घोषित की गई राशि आज भी सरकारी प्रक्रिया में है लेकिन फिलहाल बड़े-बड़े गड्ढों को लेकर गाडिय़ों के टायर फटने, एक्सल व कमानी पट्टा टूटने की समस्या से हर गाड़ी मालिक को भारी आर्थिक नुकसान उठाना पड़ रहा है अब ट्रांसपोर्ट नगर की स्थिति ऐसी है की आप पैदल भी नहीं जा सकते जबकि यहां गड्ढों के चलते चार चार मौतें हो चुकी है।
दिन प्रतिदिन लोगों में आक्रोश बढ़ता जा रहा है, ट्रांसपोर्टर उनके प्रति नाराज़ है जिन्होंने बिना विकास किए ट्रांसपोर्ट नगर को लाठी के बल पर पावर हाउस तीन दर्शन मंदिर से विकास जल्द करने का झांसा देकर यहां भेज दिया गया तथा दूसरी नाराजगी नगर निगम भिलाई चरोदा से है। जिनको सिर्फ भूभाटक, संपत्ति कर चाहिए, कुछ गढों को फिलिंग कर दे ताकि कुछ राहत मिल सके और बरसात निकल जाए लेकिन इनके पास रोने के सिवाय कुछ नही है जबकि मुख्यमंत्री के क्षेत्र में ट्रांसपोर्ट नगर है। ट्रांस्पोर्ट नगर के नाराज सभी ट्रांस्पोर्टरों ने निर्णय लिया है कि ट्रांस्पोर्ट नगर की सड़कों सहित अन्य अव्यवस्थाओं के विरोध में अब ट्रांसपोर्ट नगरवासी आगामी बुधवार 24 जून को शारिरिक दूरी को ध्यान में रखते हुए नगर निगम भिलाई चरोदा के सामने एक दिवसीय धरना देंगे।
उक्त जानकारी देते हुए ट्रांस्पोर्टर प्रभुनाथ बैठा ने देते हुए बताया कि ट्रांस्पोर्ट नगर के सभी ट्रांस्पोर्टरों छत्तीसगढ़ ट्रक ट्रेलर ट्रांसपोर्ट एसोसिएशन के प्रमुख संरक्षक इंदरजीत सिंह छोटू, प्रांतीय अध्यक्ष सुखचैन सिंह सुखा, प्रभुनाथ बैठा, बलजिंदर सिंह, पंकज सेठी, जसवंत सिंह, सुरजीत सिंह ,सीता सिंह, इंदरजीत सिंह सैनी, गुरप्रीत सिंह धींगरा ,अरुण कुमार बैठा, गोपी अरोरा ,भजन सिंह, जगजीत सिंह लाडी ,मलकीत सिंग, हरनेक सिंह ने सार्वजनिक रूप से फैसला लिया गया है। नगर निगम के सामने 24 जून को दिये जाने वाले धरने में शासन के गाईडलाईन और सोशल डिस्टेंसिंग को ध्यान में रखकर मात्र 11 आदमी को ही सम्मिलित किया जाएगा तथा इस धरने में मांग की जाएगी कि तत्काल गड्ढों को फिलिंग करे या जमा की गई भूभाटक और संपत्ति कर को वापिस करे।
दुर्ग / शौर्यपथ / केन्द्रीय जेल में उस समय हड़कंप मच गया जब हत्या के आरोप में जेल में बंद एक कैदी ने वीरवार की सुबह 8 बजे के करीब जेल में फांसी लगाकर आत्महत्या कर लिया। बताया जा रहा है कि अस्पताल की दिवाल के बने रौशनदान के रॉड में कपड़े का फंदा बनाकर कैदी ने फांसी लगाई है। आनन फानन में इसकी सूचना पद्मनाभपुर चौकी पुलिस को दी गई।
मौके पर पहुंची पुलिस ने मर्ग कायम कर लिया है। फिलहाल आत्महत्या के कारणों का खुलासा नहीं हो पाया है। वहीं बंदी द्वारा फांसी लगाए जाने के बाद जेल के भीतर सुरक्षा व्यवस्था की पोल खुल गई है। हालांकि जेल में फांसी लगाकर आत्महत्या करने का यह कोई पहले मामला नही है, इससे पहले भी यहां कई लोग फांसी लगाकर आत्महत्या कर चुके हैं। हालंाकि यह अंदेश जताया जा रहा है कि उसका स्वास्थ्य खराब होने के कारण उसने आत्महत्या की होगी, क्योंकि उसका तबियत कुछ दिनों से खराब था उसको अस्पताल में भी भर्ती कराया गया था और अभी भी वह पूर्ण रूप से ठीक नही हुआ था। हांलांकि आत्हत्या का कोई कारण सामने नही आया है।
पद्मनाभपुर चौकी प्रभारी ने बताया कि हत्या के मामले में सजायाफ्ता बंदी ने फांसी लगाकर की आत्महत्या कर ली। घटना आज सुबह 8 बजे की है। मृतक बंदी का नाम दिवाकर योगी आत्मज करन लाल योगी (23) है। यह परपौड़ी जिला बेमेतरा का निवासी था। चौकी प्रभारी ने बताया कि मृतक दिवाकर योगी को हत्या के मामले में 28 जून 2019 को आजीवन कारावास की सजा हुई थी। सजा सुनाये जाने क बाद उसे बेमेतरा से दुर्ग सेंट्रल जेल में शिफ्ट किया गया था तब से यह सेंट्रल जेल दुर्ग में सजा काट रहा था। आज सुबह अचानक हुई घटना से जेल प्रशासन भी सकते में हैं। फिलहाल मामले की जांच की जा रही है।
गृहमंत्री साहू ने दिए जाँच के आदेश ..
केन्द्रीय जेल दुर्ग में कैदी द्वारा आत्महत्या की खबर लगते ही प्रदेश के गृह मंत्री ताम्रध्वज साहू ने मामले की जाँच के विभागीय आदेश जरी किये वही घटना पर एएसपी झा ने कहा कि मामले में मार्ग कायम कर लिया गया है और आदेश अनुसार जाँच की जाएगी एवं आत्महत्या के कारणों का पता लगाया जायेगा .
जांजगीर-चांपा / शौर्यपथ / रोका-छेका कार्यक्रम के तहत शुक्रवार 19 जून को जिला पंचायत मुख्य कार्यपालन अधिकारी श्री तीर्थराज अग्रवाल जनपद पंचायत नवागढ़ की ग्राम पंचायत खोखरा की गौठान में पहुंचे। इस दौरान उन्होंने ग्रामीणों को संबोधित करते हुए कहा कि रोका-छेका ही यह परंपरा गांव में प्राचीन समय से चली आ रही है। आज इस परंपरा के तहत ही तय किया जा रहा है कि पशुपालक अपने मवेशियों को घर में रखे या गौठान में भेजे। इससे फसल की बुआई के समय किसानों को खुले घूमने वाले मवेशियों से नुकसान नहीं होगा। इसलिए कोई भी अपने पशुओं को खुले में नहीं छोड़ंेगे। ग्रामीणों ने रोको-छेका कार्यक्रम के दौरान ही शपथ लेते हुए कहा कि वे अपने पशुओं को गौठान में ही भेजेंगे और किसानों की फसल को नुकसान होने से बचाएंगे।
जिपं सीईओ ने कहा कि राज्य शासन की मंशानुरूप एनजीजीबी के तहत गौठान बनाए गए हैं। इन गौठानों में रोका-छेका परंपरा के अनुसार ही पशुपालक अपने मवेशियों को भेजे। उन्होंने बताया कि खोखरा आने के पूर्व कलेक्टर श्री यशवंत कुमार के साथ जनपद पंचायत अकलतरा की ग्राम पंचायत खटोला में रोका-छेका कार्यक्रम के तहत ग्रामीणों से मुलाकात की। जिपं सीईओ ने ग्राम पंचायत खोखरा में आयोजित कार्यक्रम को संबोधित करते हुए समूह की महिलाओं से कहा कि आजीविका संवर्धन की दिशा में बेहतर कार्य करें, उन्हें हरसंभव प्रशिक्षण एवं राष्ट्रीय ग्रामीण आजीविका मिशन के माध्यम से जोड़कर लाभ दिलाया जाएगा। गौठान में काम करते हुए बेहतर रोजगार के अवसर प्राप्त कर सकते हैं। लॉकडाउन की मुश्किल घड़ी में भी समूहों की महिलाओं ने विभिन्न गतिविधियों में कार्य करते हुए आय अर्जित की है। उन्होंने कहा कि कृषि विभाग की जनकल्याणकारी योजनाओं से किसानों को लाभान्वित किया जा रहा है, ताकि वे बेहतर धान एवं अन्य फसलों को उत्पादन कर सके। इस दौरान पशुपालन विभाग, कृषि विभाग के स्टाल लगाए गए थे। इसके अलावा समूह की महिलाओं के द्वारा बनाई गई सामग्री अगरबत्ती, जैविक खाद, फाइल कवर, साबुन आदि का प्रदर्शन किया गया। कार्यक्रम में एसडीएम श्रीमती मेनका प्रधान, गौठान नोडल अधिकारी एवं जनपद पंचायत सीईओ श्री मोहनीश देवांगन सहित सरपंच, जनप्रतिनिधि मौजूद रहे। इस अवसर पर गौठान परिसर में पौधरोपण भी किया।
गौठानों में हुई जनप्रतिनिधियों, ग्रामीणों के साथ बैठक
जनपद पंचायत पामगढ़ की ग्राम पंचायत बरगांव में जिला पंचायत उपाध्यक्ष श्री राघवेन्द्र सिंह, जिला पंचायत सदस्य श्रीमती शिवकुमारी रात्रे, जनपद अध्यक्ष राजकुमार पटेल, उपाध्यक्ष श्री मनीष चंदेल ने रोका-छेका कार्यक्रम में शामिल हुए। इसके अलावा जनपद पंचायत नवागढ़ की ग्राम पंचायत अमोरा आदर्श गौठान में नोडल अधिकारी श्री अभिमन्यु साहू, जिला पंचायत सदस्य श्री राजकुमार साहू, पूर्व जिला पंचायत सदस्य श्री दिनेश शर्मा, सरपंच सहित ग्रामीण शामिल हुए। इसके अलावा ग्राम पंचायत भुईगांव में गौठान में ही बैठक का आयोजन किया गया। इस दौरान ग्रामीणों से रोका-छेका के संबंध में विस्तार से चर्चा की गई। बम्हनीडीह ग्राम पंचायत लखाली में गौठान में कार्यक्रम के आयोजन के साथ ही पशु चिकित्सा विभाग द्वारा पशुओं का परीक्षण किया गया एवं बारिश के दौरान मवेशियों को किस तरह से सुरक्षित रखना है, इस संबंध में भी ग्रामीणों को जानकारी दी गई। गौठान पीथमपुर, कुलीपोटा, सरखों, खोखसा, गुचकुलिया, भोथिया, ओडेकेरा, बालपुर, कटारी, रेडा, सोनगुढ़ा, पिरदा, नवागांव सहित सभी जनपद पंचायत की गांव, गोठान में कार्यक्रम आयोजित किए गए।
Feb 09, 2021 Rate: 4.00
