January 23, 2026
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जांजगीर - चांपा

जांजगीर - चांपा (255)

  जांजगीर-चांपा / शौर्यपथ / कलेक्टर श्री जन्मेजय महोबे के निर्देशन में जिला पंचायत सीईओ श्री गोकुल रावटे ने आज ग्राम पंचायत धुरकोट, मुनुंद एवं भड़ेसर स्थित धान उपार्जन केंद्रों का निरीक्षण किया। निरीक्षण के दौरान उन्होंने केंद्र प्रभारी से पंजीकृत किसानों की संख्या, बारदाना उपलब्धता, मूलभूत सुविधाएँ एवं टोकन सहित अन्य बिंदुओं की जानकारी ली तथा आवश्यक दिशा-निर्देश दिए।
जिला पंचायत सीईओ ने उपार्जन केंद्रों में मौजूद किसानों से भी बातचीत मिल रही सुविधाओं की जानकारी ली। इस पर उन्होंने प्रभारियों को शासन के निर्देशों के अनुरूप धान खरीदी करने, किसानों की सुविधा के लिए समय पर तौल एवं बारदाना वितरण सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि उपार्जन प्रक्रिया के दौरान किसी भी प्रकार की शिकायत प्राप्त नहीं होनी चाहिए और सभी किसानों को सुगमता के साथ सुिवधाए उपलब्ध हो। इस अवसर पर जनपद पंचायत नवागढ़ सीईओ श्री अनिल कुमार सहित संबंधित अधिकारी-कर्मचारी उपस्थित रहे।

हसौद/रायपुर, 29 जुलाई 2025 | विशेष संवाददाता

छत्तीसगढ़ सरकार भले ही सुशासन और पारदर्शिता की बात कर रही हो, लेकिन जमीनी हकीकत आज भी कुछ और ही है। हसौद तहसील के ग्राम किकिरदा से एक चौंकाने वाला मामला सामने आया है, जहां एक गरीब किसान बीते छह महीनों से अपनी जमीन का नक्शा ऑनलाइन चढ़वाने के लिए पटवारी के दरवाज़े खटखटा रहा है, पर हर बार उसे टाल दिया गया। किसान का आरोप है कि पटवारी द्वारा जानबूझकर उसे परेशान किया जा रहा है क्योंकि वह ‘चढ़ावा’ नहीं दे पाया।

पटवारी के निजी सहायक के ज़रिए खुलेआम रिश्वत की मांग

किकिरदा निवासी लक्ष्मण केवट ने कलेक्टर को सौंपे अपने शिकायती पत्र में गंभीर आरोप लगाए हैं। उन्होंने बताया कि उनके खाता क्रमांक 1377 के अंतर्गत खसरा नंबर 309/6 (0.08 डिसमिल) जमीन का नक्शा आज तक ऑनलाइन नहीं चढ़ पाया है। किसान के अनुसार पटवारी छत्रपाल सूर्यवंशी जनवरी 2025 से अब तक केवल टालमटोल करता रहा है।

सबसे गंभीर आरोप यह है कि पटवारी ने अपने साथ एक निजी सहायक (मल्दा निवासी) को गैरकानूनी रूप से रखा है, जो खुलेआम किसानों से पैसे मांगता है। किसान का कहना है, "निज सहायक कहता है, पैसा दोगे तो काम होगा, नहीं दोगे तो जहां जाना है चले जाओ।"

गर्मी और बारिश में खेत पर करता रहा इंतजार, लेकिन नहीं हुआ काम

लक्ष्मण ने शिकायत में लिखा है कि वह मजदूरी छोड़कर कई बार पटवारी के बताए दिन खेत पर पहुंचा, लेकिन हर बार उसे सिर्फ यह कहकर लौटा दिया गया कि “अगले हफ्ते नाप कर नक्शा चढ़ा देंगे।” बरसात से पहले बार-बार मिन्नतें की गईं, लेकिन पटवारी पर कोई असर नहीं पड़ा। अंततः 6 महीने बाद भी नक्शा चढ़ाने की प्रक्रिया पूरी नहीं हुई।

क्या सरकार ने पटवारियों को ‘निज सहायक’ रखने की अनुमति दी है?

इस पूरे प्रकरण ने एक बड़ा सवाल खड़ा कर दिया है – क्या शासन ने पटवारियों को निजी सहायक रखने और उनके माध्यम से किसानों से पैसा वसूलने की अनुमति दे रखी है? शिकायतकर्ता ने आरोप लगाया है कि पटवारी द्वारा रखा गया व्यक्ति किसी भी कार्य – चाहे वह नामांतरण हो, फौती, बंटवारा, या विक्रय प्रतिवेदन – हर काम के लिए खुलेआम पैसे की मांग करता है। जिन किसानों की आर्थिक स्थिति ठीक नहीं है, उनका काम महीनों तक लंबित रखा जाता है।

कांग्रेस ने उठाया सवाल, कहा – “भ्रष्टाचार की जड़ पंचायत से शुरू होती है”

इस मामले के सामने आने के बाद कांग्रेस नेताओं ने एक बार फिर राज्य सरकार के “भ्रष्टाचार मुक्त प्रशासन” के दावे को झूठा बताया है। कांग्रेस प्रवक्ता ने कहा, “जब पटवारी स्तर पर ही वसूली हो रही है और गरीब किसान अपनी जमीन का नक्शा चढ़वाने के लिए महीनों भटक रहा है, तो शासन किस मुंह से सुशासन की बात करता है?”

इस मुद्दे को कांग्रेस ने सोशल मीडिया पर भी उठाना शुरू कर दिया है। ट्विटर और फेसबुक पर हैशटैग #किसान_के_साथ_न्याय ट्रेंड करने लगा है।

प्रशासन से न्याय की गुहार, कलेक्टर से की शिकायत

किसान लक्ष्मण केवट ने अब कलेक्टर से सीधी शिकायत कर न्याय की गुहार लगाई है। उन्होंने मांग की है कि दोषी पटवारी के खिलाफ तत्काल कार्रवाई की जाए और निजी सहायक के माध्यम से की जा रही अवैध वसूली पर रोक लगाई जाए। किसान ने लिखा, “मैं गरीब मजदूर हूं, मेरे पास पटवारी को देने के लिए हजारों रुपये नहीं हैं। मुझे न्याय दिलाया जाए।”

निष्कर्ष

छत्तीसगढ़ जैसे कृषि प्रधान राज्य में जब गरीब किसान छह-छह महीने अपनी जमीन के नक्शे के लिए भटकने को मजबूर हो और व्यवस्था में बैठे लोग खुलेआम वसूली करें, तो यह केवल एक प्रशासनिक विफलता नहीं, बल्कि सामाजिक अन्याय भी है। यदि ऐसे मामलों में शीघ्र न्याय नहीं मिला, तो यह लोगों का भरोसा पूरी व्यवस्था से उठाने के लिए काफी होगा।


   बिर्रा / शौर्यपथ / बम्हनीडीह तहसील अंतर्गत ग्राम पंचायत सेमरिया की कोटवार भूमि को लेकर बड़ा मामला सामने आया है। एक शासकीय शिक्षक द्वारा ग्राम की कोटवारी सरकारी भूमि को अवैध रूप से खरीदने का गंभीर आरोप पंचायत ने लगाया है। मामले की शिकायत पर कलेक्टर कार्यालय ने तत्काल जांच के निर्देश जारी कर दिए हैं।
  ग्राम पंचायत सेमरिया की सरपंच ईश्वरी बाई कश्यप द्वारा प्रस्तुत आवेदन में कहा गया है कि ग्राम खसरा नंबर 1761 की कोटवारी भूमि, जो कि वर्षों से कोटवार उपयोग के लिए आरक्षित रही है, उसे गांव के कृष्ण कुमार कश्यप ने खरीदकर निजी मकान निर्माण शुरू कर दिया है। जबकि यह भूमि राजस्व रिकार्ड में सरकार की संपत्ति मानी जाती है, न कि किसी निजी व्यक्ति की।ज्ञात हो कि कृष्ण कुमार कश्यप पेशे से एक शासकीय शिक्षक है।
कलेक्टर कार्यालय ने लिया संज्ञान, जांच आदेश 3 दिनों में रिपोर्ट सौंपने के निर्देश
  जिला प्रशासन ने इस मामले को गंभीर मानते हुए तहसीलदार बम्हनीडीह को तत्काल मौका निरीक्षण कर तथ्यों की पुष्टि करने को कहा है। आदेश में यह भी उल्लेख है कि कोटवारी भूमि को न तो बेचा जा सकता है और न ही खरीदा जा सकता है, यह सार्वजनिक उपयोग की संपत्ति है।


शिक्षक की भूमिका सवालों के घेरे में
  कृष्ण कुमार कश्यप जो पेशे से एक शिक्षक है और शासकीय शिक्षक द्वारा इस तरह की सरकारी संपत्ति को खरीदना न सिर्फ नियमों का उल्लंघन है, बल्कि शासकीय पद का दुरुपयोग भी माना जा रहा है। इस कृत्य को लेकर क्षेत्र में नाराजगी है, लोग पूछ रहे हैं – "क्या अब शिक्षक भी सरकारी कोटवारी भूमि जैसे जमीनों के सौदागर बन गए हैं?"
पंचायत की मांग – भूमि पर निर्माण कार्य तुरंत रोका जाए
  सरपंच कश्यप ने प्रशासन से यह भी मांग की है कि जब तक जांच पूरी न हो जाए, तब तक निर्माण कार्य पर रोक लगाई जाए और यदि जांच में अवैध क्रय-विक्रय प्रमाणित होता है, तो संबंधित शिक्षक पर कड़ी कानूनी व विभागीय कार्रवाई की जाए।
यह सिर्फ जमीन नहीं – ये पंचायत की प्रतिष्ठा और व्यवस्था का सवाल है
  यह मामला केवल एक ज़मीन का नहीं, बल्कि ग्रामीण व्यवस्था, कानून और पंचायत स्वायत्तता से जुड़ा है। यदि एक शिक्षक, जो समाज का मार्गदर्शक माना जाता है, इस तरह नियम तोड़ता है, तो यह पूरे तंत्र पर सवाल खड़े करता है।

बिर्रा-/ शौर्यपथ / पुलिस थाना बिर्रा के नवपदस्थ पुलिस निरीक्षक जयकुमार साहू ने पत्रकार टीम को सौजन्य मुलाकात में कहा कि पुलिसिग व्यवस्था दुरुस्त रहेगी साथ ही पुलिस और जनता के बीच संवाद स्थापित करने के लिए हरसंभव प्रयास करने की बात कही आज शाम को प्रेस क्लब बिर्रा ने पुलिस थाना बिर्रा में नवपदस्थ पुलिस निरीक्षक जयकुमार साहू को पुष्प गुच्छ भेंट कर सौजन्य मुलाकात मुलाकात किया तथा पुलिस थाना प्रभारी जयकुमार साहू ने पत्रकार को बताया कि इसके पूर्व डीडीनगर रायपुर नारायणपुर कांकेर दन्तेवाड़ा केशकाल के अलावा भोपालपटनम घोरनक्सली क्षेत्र में अपनी सेवा दी है तथा नक्सली इलाकों में नक्सलियों से लोहा मनवा लिए है। पुलिसिंग व्यवस्था को क्षेत्र में तेजी लाने के लिए के लिए हर समय पुलिस को चौकन्ना होकर कार्य करने के अलावा पुलिस पेट्रोलिंग पर विशेष ध्यान दिया जाएगा तथा सभी सरकारी संस्था एवं गैर अधर्दशासकीय स्कूल के सभी वाहन चालक की बैठक बुलाई जाएगी तथा चालक का डेस व फिट अनफिट की जानकारी ली जाएगी। वहीं नवपदस्थ पुलिस निरीक्षक जयकुमार साहू के चार्ज के बाद पुलिस व्यवस्था को लेकर जनता में काफी उत्सुकता दिखाई दे रहा है तथा आने वाले समय में गुड़ा बदमाश और अवैध कारोबार करने वाले में डर का माहौल देखने को मिल रहा है। सौजन्य मुलाकात करने वाले में प्रेस क्लब के पदाधिकारी संरक्षक चित्रभानु पाड़ेय अध्यक्ष दुर्गा ड़ड़सेना उपाध्यक्ष जीवन साहू कोषाध्यक्ष संजू साहू सचिव एकांश पटेल हेमन्त जायसवाल के अलावा भारी संख्या में प्रेस क्लब पदाधिकारी उपस्थित थे।

     जांजगीर-चांपा, बिर्रा / शौर्यपथ /  वन क्षेत्र की कटाई और लगातार घटते जंगलों के कारण जंगली जानवर अब आबादी और कृषि क्षेत्र की ओर तेजी से रुख कर रहे हैं। सिलादेही और गतवा गांव के खेतों में बुधवार को करीब डेढ़ दर्जन जंगली सुअरों (बरहा) का झुंड देखा गया, जिससे ग्रामीणों में हड़कंप मच गया। बरसात के इस मौसम में जहां धान की फसल की बुआई जोरों पर है, वहीं जंगली जानवरों द्वारा खेतों में घुसकर फसल को रौंदना और चरना किसानों के लिए दोहरी मुसीबत बन गया है।
  ग्रामीणों ने बताया कि सिलादेही के समीप हसदेव नदी पार देवरी गांव के खेतों में इन जंगली सुअरों का झुंड सबसे पहले देखा गया। खेत में काम कर रहे महिला-पुरुष मजदूर जानवरों को देखकर भयभीत हो गए और इधर-उधर भागने लगे। किसी तरह ग्रामीणों ने जानवरों को खेत से खदेड़ा, लेकिन बरहा का झुंड नदी पार कर बाबा धाम इलाके और फिर गतवा के खेतों में पहुंच गया, जहां उन्होंने धान की बुआई की गई फसल को चरना शुरू कर दिया।
किसानों को हो रहा फसल का बड़ा नुकसान
  स्थानीय किसानों के अनुसार, बरहा के झुंड ने कई एकड़ खेतों में बोई गई धान की फसल को नुकसान पहुंचाया है। खेतों में गड्ढे कर दिए गए हैं और कई जगह पौधों को जड़ से उखाड़ दिया गया है। यह समस्या लगातार बढ़ती जा रही है।
ग्रामीणों ने वन विभाग से की तत्काल कार्रवाई की मांग
   ग्रामीणों ने वनमंडलाधिकारी को ज्ञापन देकर जंगली जानवरों को तत्काल हटाने और क्षेत्र में सुरक्षा व्यवस्था सुनिश्चित करने की मांग की है। उनका कहना है कि यदि समय रहते उचित कदम नहीं उठाया गया, तो आने वाले दिनों में फसल पूरी तरह नष्ट हो सकती है और ग्रामीणों के लिए खाद्यान्न संकट उत्पन्न हो सकता है।
वन कटाई का दुष्परिणाम
   गौरतलब है कि ग्रामीणों ने पूर्व में ही आशंका जताई थी कि हसदेव वन क्षेत्र में हो रही अंधाधुंध कटाई के कारण जंगली जानवरों का झुंड रिहायशी और कृषि क्षेत्रों की ओर रुख करेगा। आज वही आशंका साकार होती दिख रही है।

  जांजगीर-चांपा / शौर्यपथ / महिला एवं बाल विकास विभाग और पुलिस विभाग के संयुक्त प्रयास से नाबालिग कन्या का विवाह से रोका गया। बाल विवाह संबंधी सूचना प्राप्त होते ही कलेक्टर आकाश छिकारा के निर्देशन में जिला कार्यक्रम अधिकारी, महिला एवं बाल विकास श्रीमती अनिता अग्रवाल एवं जिला बाल संरक्षण अधिकारी गजेन्द्र सिंह जायसवाल के नेतृत्व एवं पुलिस विभाग के सहयोग ग्राम लटिया (अकलतरा) थाना व तह. अकलतरा में बालिका के घर जाकर उसके अंकसूची की जांच की गई।
      जिला बाल संरक्षण अधिकारी गजेन्द्र सिंह जायसवाल ने बताया कि बालिका की उम्र 17 वर्ष 01 माह होना पाया गया। जोकि विवाह हेतु निर्धारित उम्र से कम था। बालिका के माता-पिता का कई वर्षों पूर्व स्वर्गवास हो चुका है। बालिका का पालन पोषण ग्राम लटिया में उसके नाना-नानी करते हैं। बालिका के नाना-नानी ने ही उसका विवाह तय किया था। विभाग के अधिकारी कर्मचारीयों द्वारा बालिका एवं उनके परिजनों एवं स्थानीय लोगों को बाल विवाह के दुष्परिणामों से अवगत कराया एवं समझाईश के पश्चात स्थानीय लोगों की उपस्थिति में बालिका के परिजनों की सहमति से  विवाह को रोका गया एवं लड़कियों के लिए निर्धारित 18 वर्ष तथा लड़कों के लिए निर्धारित 21 वर्ष के पूर्व विवाह न करने संबंधी घोषणा पत्र में गवाहों के समक्ष हस्ताक्षर कराया गया। दल में धीरज राठौर, अमित भोई, भूपेश कश्यप, पर्यवेक्षक सुश्री अनिता साहू एवं प्रधान आरक्षक  विवेक सिंह उपस्थित थे।

जांजगीर चांपा। शौर्यपथ । शशिकांत कश्यप पूर्व सरपंच ग्राम पंचायत - सेमरिया , विकासखंड - बम्हनीडीह , जिला - जांजगीर- चाम्पा ( छत्तीसगढ़ ) , वर्तमान विधानसभा क्षेत्र - जैजैपुर के पूर्वज आज़ादी के समय से ही कट्टर कांग्रेसी रहे हैं l श्री शशि कांत कश्यप के दादाजी स्व. श्री बेद राम कश्यप ग्राम पंचायत सेमरिया के चार बार सरपंच रह चुके हैं और एक बार उनकी धर्मपत्नी श्रीमती नरबदिया बाई कश्यप भी ग्राम पंचायत सेमरिया के सरपंच रह चुकी है l श्रीमती नरबदिया बाई कश्यप के बाद उनके पौत्र शशि कांत कश्यप भी एक बार सरपंच का सफ़लतापूर्वक कार्यकाल सम्हाल चुका है l श्री शशि कांत कश्यप के पिताजी स्व.श्री लोकनाथ कश्यप जी दिसंबर 2021 में व्याख्याता के पद पर रहते हुए सेवानिवृत्त हुए लेकिन दुर्भाग्य से सेवानिवृत्त होने के 23 दिनों बाद उनकी मृत्यु हो गयी l स्व.श्री बेद राम कश्यप कांग्रेस पार्टी के दिग्गज कार्यकर्ता थे l जब ग्राम पंचायत सेमरिया पामगढ़ विधानसभा क्षेत्र में शामिल था उस समय के पामगढ़ विधानसभा क्षेत्र के तात्कालिक कांग्रेसी विधायक स्व.श्री शिव प्रसाद शर्मा जी से इनका बहुत ही घनिष्ठ संबंध था l इनका संबंध कांग्रेस के दिग्गज नेता स्व. श्री ओंकारधर दीवान से घरेलू जैसा ही था l स्व.श्री बेद राम कश्यप की अपने गांव के आसपास के क्षेत्रों में काफ़ी मान - सम्मान था l श्री शशि कांत कश्यप के पिताजी भले ही शिक्षक थे लेकिन वह कांग्रेस पार्टी के परम भक्त थे l स्व.श्री बेद राम कश्यप का घराना सरपंच घराना के नाम से अभी भी जाना जाता है l अविभाजित मध्यप्रदेश के समय से ही स्व. श्री बेद राम कश्यप जी का सम्बन्ध सारंगढ़ लोकसभा क्षेत्र के चर्चित कांग्रेसी सांसद स्व. श्री परस राम भारद्वाज से घनिष्ठ संबंध था l इनके घर में वह सांसद महोदय इस क्षेत्र के हरेक दौरा के दौरान ठहरा करते थे l 

      शशि कांत कश्यप को राजनीति का ज्ञान और अनुभव विरासत में मिली हुई है इसीलिए वह भी कांग्रेस पार्टी के खास कार्यकर्ता कहे जाते हैं l इनके घर में कांग्रेस पार्टी के बड़े - बड़े नेताओं का आना - जाना लगा रहता था इसलिए ये भी बचपन से ही नेताओं के गुर को सीखते जा रहे थे l श्री शशि कांत कश्यप जी का बड़े - बड़े नेताओं के साथ उठना - बैठना बचपन से ही रहा है जो अब और अधिक हो गया है l श्री शशि कांत कश्यप जी छत्तीसगढ़ प्रदेश किसान कांग्रेस के प्रदेश सचिव भी रहे हैं l इनका इस विधानसभा क्षेत्र में काफी परिचय है l श्री शशि कांत कश्यप जी युवा के साथ - साथ बहुत ही विनम्र और मिलनसार व्यक्तित्व के धनी हैं l इस विधानसभा क्षेत्र के युवा लोगों की पसंद भी है कि इन्हें इस क्षेत्र के प्रतिनिधित्व करने का मौका दिया जाए तो यह सफल जरूर हो जाएगा l 

       जैजैपुर विधानसभा क्षेत्र से 61 व्यक्ति कांग्रेस पार्टी के टिकट के लिए अपने - अपने दावेदारी ठोंक रहे हैं लेकिन इस दौड़ में सेमरिया के भूतपूर्व सरपंच श्री शशिकांत कश्यप सबसे आगे बताए जा रहे हैं l शशिकांत कश्यप के पिताजी स्व .श्री लोकनाथ कश्यप जी एक व्याख्याता के साथ ही साथ कुर्मी समाज का वर्षों तक पदाधिकारी भी रहा है इस कारण से शशिकांत कश्यप का कुर्मी समाज में जान - पहचान भी अच्छी है l इस क्षेत्र में कुर्मी समाज के मतदाताओं की संख्या काफ़ी है जिसके कारण शशिकांत कश्यप का पक्ष बहुत ही वजनीय माना जा रहा है l इस विधानसभा क्षेत्र से कांग्रेस पार्टी की तरफ से अभी तक कुर्मी समाज के किसी भी व्यक्ति को प्रत्याशी नहीं बनाया गया है इस कारण से कुर्मी समाज के लोगों की मांग भी है कि यदि कुर्मी समाज के किसी व्यक्ति को कांग्रेस पार्टी का प्रत्याशी बनाया जाता है तो य़ह कुर्मी समाज के लिए बड़े गौरव की बात होगी l दिल्ली के कुछ बड़े - बड़े नेताओं का झुकाव भी शशिकांत कश्यप जी की ओर है l कुर्मी समाज के लोगों को विश्वास भी है कि यदि शशिकांत कश्यप को प्रत्याशी घोषित किया जाता है तो उनकी जीत लगभग सुनिश्चित है l राष्ट्रीय जनता दल के प्रदेश अध्यक्ष श्री भैया लाल जायसवाल ने भी घोषणा कर दिया है कि यदि श्री शशिकांत कश्यप को कांग्रेस पार्टी की प्रत्याशी घोषित किया जाता है तो उन्हें उनका पूर्ण समर्थन मिलेगा अन्यथा राष्ट्रीय जनता दल स्वयं भी चुनाव लड़ेगी l

 जांजगीर चांपा / शौर्यपथ / भरोसे के सम्मेलन कार्यक्रम में जिले में दसवीं और बारहवीं की प्रवीण्य सूची में मेरिट में आने वाले बच्चों को टैबलेट वितरित किया गया। टैबलेट पाकर बच्चों के चेहरे खिल उठे। उन्होंने मुख्यमंत्री श्री भूपेश बघेल के प्रति आभार जताते हुए कहा कि आधुनिक संचार क्रांति के इस दौर में यह टैबलेट हमारे लिए उपयोगी साबित होगा। बारहवीं की प्रवीण्य सूची में पहला स्थान हासिल करने वाली सुश्री कृति अग्रवाल , दूसरा स्थान हासिल करने वाले श्री गोविन्द आदित्य को टैबलेट दिया गया। इसी तरह दसवीं की प्रवीण्य सूची में क्रमशः पहला दूसरा और तीसरा स्थान हासिल करने वाले श्री रविन्द्र कुमार साहू, सुश्री सौम्या साहू, सुश्री पायल यादव को भी टैबलेट का वितरण किया गया।

मूक बाधिर शैल सिदार ने नेताप्रतिपक्ष श्री मल्लिका अर्जुन खरगे की बनाई पेंटिंग

रायपुर / शौर्यपथ / नवजीवन मूक बाधिर स्कूल की छात्रा शैल सिदार भले ही सुन और बोल नहीं सकती, लेकिन वह अपनी भावनाओं को बहुत ही कलात्मकता के साथ कैनवास में उकेर सकती है। अपनी सुंदर अभिव्यक्ति को आज भी उन्होंने कुछ इस तरह उकेरा कि देखने वालों ने शैल की बहुत सराहना की। 10वीं की छात्रा शैल ने राज्यसभा में नेताप्रतिपक्ष श्री मल्लिकार्जुन खरगे जी की बहुत ही खूबसूरत तस्वीर बनाई थीं। कार्यक्रम में शैल ने मुख्य अतिथि श्री खरगे जी को जब यह तस्वीर दी तो उन्होंने भी शैल सिदार की प्रशंसा की और मुख्यमंत्री श्री भूपेश बघेल सहित अन्य अतिथियों ने शैल के साथ सामूहिक फ़ोटो भी खिंचवाई। शैल सिदार रंगोली भी बहुत बढ़िया बनाती है।

छत्तीसगढ़ की प्रथम महिला सांसद मिनीमाता के नाम पर होगा जांजगीर-चांपा का मेडिकल कॉलेज: मुख्यमंत्री भूपेश बघेल
विपरीत से विपरीत परिस्थितियों में भी हमने जनता से किया अपना हर वादा निभाया: सीएम बघेल
जांजगीर में आयोजित ‘भरोसे के सम्मेलन’ में उमड़ा जनसैलाब
467.33 करोड़ रूपए के कार्यों का लोकार्पण और शिलान्यास
627 निवेशकों को चिटफंड की 44 लाख 56 हजार रुपए की वापसी
जांजगीर के कलेक्टर कार्यालय, पुलिस अधीक्षक कार्यालय और कृषि उपज मंडी परिसर में छत्तीसगढ़ महतारी की प्रतिमा का अनावरण

जांजगीर चांपा / शौर्यपथ / राज्यसभा के नेता प्रतिपक्ष श्री मल्लिकार्जुन खड़गे आज छत्तीसगढ़ के जांजगीर-चांपा जिले के खोखरा में आयोजित ’भरोसे का सम्मेलन’ को संबोधित करते हुए कहा कि आज यहां भरोसा का सम्मेलन इसलिए हो रहा है क्योंकि जो भरोसा मुख्यमंत्री श्री भूपेश बघेल और उनकी सरकार ने आपको दिया था उसे पूरा करके दिखाया। छत्तीसगढ़ सरकार निडर होकर गरीबों, मजदूरों और कमजोर वर्ग के लोगों का उत्थान करने के संकल्प को पूरा करने का कार्य कर रही है। आज यहां का प्रत्येक नागरिक संतुष्ट है।
मुख्यमंत्री श्री भूपेश बघेल ने ’भरोसे के सम्मेलन’ को संबोधित करते हुए कहा कि जांजगीर-चांपा में बनने वाले मेडिकल कॉलेज का नामकरण प्रथम महिला सांसद मिनीमाता के नाम पर होगा। उनका निर्वाचन क्षेत्र जांजगीर-चांपा रहा है। यहां 25 एकड़ में मेडिकल कॉलेज बनेगा। उन्होंने छत्तीसगढ़ी में अपने उद्बोधन में कहा कि विपरीत से विपरीत परिस्थितियों में भी हमने जनता से किया अपना वादा निभाया। हमारी सरकार किसानों के साथ खड़ी है। कर्जमाफी, धान खरीदी का वादा हमने निभाया। उन्होंने कहा कि 20 अगस्त को राजीव गांधी किसान न्याय योजना की अगली किश्त किसानों के खातों में आएगी।
मुख्य मंच पर श्री खड़गे का गजमाला सहित जांजगीर-चांपा की प्रसिद्ध कोसा शाल और खुमरी पहनाकर मुख्यमंत्री श्री भूपेश बघेल छत्तीसगढ़ विधानसभा अध्यक्ष डॉ. चरण दास महंत, पूर्व केंद्रीय मंत्री सुश्री कुमारी शैलजा, राज्य के उपमुख्यमंत्री श्री टी. एस. सिंहदेव, सांसद श्री दीपक बैज सहित अतिथियों ने स्वागत किया। इस अवसर पर छत्तीसगढ़ शासन के मंत्रीगण और बड़ी संख्या में जनप्रतिनिधि और नागरिकगण उपस्थित थे। इसके पहले मुख्यमंत्री श्री भूपेश बघेल ने राजधानी रायपुर के एयरपोर्ट में श्री खड़गे की अगवानी की और हेलीकॉप्टर में उन्हें लेकर जांजगीर पहुंचे। खोखरा पहुंचने पर मुख्य अतिथि श्री खड़गे और अध्यक्ष मुख्यमंत्री श्री भूपेश बघेल सहित विशिष्ट अतिथियों का कर्मा नृत्य और झांझ मंजीरे के साथ आत्मीय स्वागत किया गया।
मुख्य अतिथि श्री मल्लिकार्जुन खड़गे ने सम्मेलन को संबोधित करते हुए कहा कि आजादी के बाद से हमारी सरकार ने एम्स बनाया, स्कूल, कॉलेज, यूनिवर्सिटी खोली। बड़े बड़े कारखाने, टेक्सटाइल यूनिट बनाए, औद्योगीकरण को बढ़ावा दिया। देश को आगे बढ़ाने का काम किया। पंडित जवाहर लाल नेहरू और सरदार वल्लभ भाई पटेल ने पब्लिक सेक्टर को मजबूती देने का काम किया। भांगड़ा नागल, हीराकुंड बांध से लेकर भिलाई इस्पात संयंत्र हमारी सरकार ने बनाया है। उन्होंने कहा कि हमारी सरकार ने खाद्य सुरक्षा अधिनियम लाकर गरीब एवं आम जनता को खाद्य सुरक्षा उपलब्ध कराया। मुख्यमंत्री श्री भूपेश बघेल के नेतृत्व वाली राज्य सरकार ने सभी वर्गों के हितों के लिए कार्य किया, किसानों का कर्ज माफ किया। छत्तीसगढ़ सरकार न्याय योजना पर बेहतर ढंग से कार्य कर रही है। छत्तीसगढ़ की सरकार न्याय योजनाओं से समाज के अलग अलग वर्गों को सीधे लाभान्वित करने का काम कर रही है। पूरे देश में इस तरह की यह अपने आप में अकेली योजना है।
मुख्यमंत्री श्री भूपेश बघेल ने कहा कि किसान, मजदूर, गरीब, महिला, युवा सभी वर्गों के उत्थान का कार्य हमारी सरकार कर रही है। हमने छत्तीसगढ़ के सभी वर्गों और समाज के संरक्षण और उन्हें आगे बढ़ाने का काम किया है। विभिन्न योजनाओं के तहत लगभग पौने 2 लाख करोड़ रूपए की राशि हितग्राहियों के खाते में डायरेक्ट ट्रांसफर हुई है। कोई बीच का आदमी नहीं है, हमने लोगों की जेब में सीधे पैसे डाले। इस साल हमने 107 लाख मीट्रिक टन धान किसानों से खरीदा। तीसरे दिन ही खाते में पैसे पहुंच जाते थे। इस साल 20 क्विंटल धान प्रति एकड़ खरीदेंगे।
श्री बघेल ने कहा है कि छत्तीसगढ़ पूरे देश में इकलौता राज्य है जहां मजदूरों को भी 7 हजार रुपए की सालाना सहायता राशि दी जा रही है। 13 लाख परिवार से हम तेंदूपत्ता 4000 रुपए प्रति मानक बोरा की दर पर खरीद रहे हैं। पूरे देश में गोबर कहीं नहीं खरीदा जाता लेकिन हमारे छत्तीसगढ़ में हम 2 रुपए प्रति किलो में गोबर खरीद रहे हैं। 42 लाख परिवारों को हम बिजली बिल हाफ योजना का लाभ दे रहे हैं। अब हम हर ब्लॉक में जैतखाम बनाएंगे। ग्राम पंचायत के माध्यम से सरपंच इसका निर्माण करवाएंगे। आज ऐसा कोई समाज नहीं है जो यह कह सके कि सरकार ने हमें जमीन या भवन निर्माण के लिए पैसे नहीं दिए हैं।
मुख्यमंत्री श्री बघेल ने कहा कि छत्तीसगढ़ की परंपरा और संस्कृति को आज एक नई पहचान मिली है। रामायण महोत्सव, राष्ट्रीय आदिवासी महोत्सव, युवा महोत्सव जैसे आयोजन हम कर रहे हैं। खेती किसानी की तरफ लोग लौट रहे हैं। 12 लाख से बढ़कर अब 26 लाख किसान प्रदेश में राजीव गांधी किसान न्याय योजना से जुड़े हैं। धान के साथ अन्य फसलों को भी योजना के दायरे में लाया गया है। मुख्यमंत्री श्री भूपेश बघेल ने कहा कि 5 साल पूर्व किसानों की हालत खराब थी भ्रष्टाचार एवं कमीशन खोरी का बोलबाला था। हमने किसानों की स्थिति को मजबूत बनाया। पूर्व सरकार में बेरोजगारी भत्ता केवल 300 रूपये मिलता था हमने 1 लाख 22 हजार बेरोजगारो को 112 करोड रुपए दिए।
सम्मेलन में मुख्यमंत्री भूपेश बघेल और मुख्य अतिथि खड़गे ने जिलेवासियों को 467 करोड़ 32 लाख 92 हजार रूपए के कुल 1043 विकास कार्याे की सौगात दी। इनमें 87 करोड़ 24 लाख 21 हजार रूपए से अधिक के 192 विकास कार्याे का लोकार्पण एवं 379 करोड़ 78 लाख 71 हजार से अधिक रूपए के 851 विकास कार्याे का भूमिपूजन किया गया। उन्होंने जांजगीर में कलेक्टर कार्यालय, पुलिस अधीक्षक कार्यालय और कृषि उपज मंडी परिसर में स्थापित छत्तीसगढ़ महतारी की प्रतिमा का अनावरण भी किया। भरोसे के सम्मेलन में 627 हितग्राहियों को चिटफंड कंपनियों में उनके द्वारा निवेश की गई 44 लाख 56 हजार रुपए की राशि वापसी का चेक सौंपा गया। इसके साथ ही अन्य हितग्राहियों को राज्य शासन की विभिन्न जनकल्याणकारी योजनाओं के तहत सहायता राशि और सामग्री वितरित की गई।
राज्यसभा के नेता प्रतिपक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे सहित मुख्यमंत्री भूपेश बघेल और विशिष्ट अतिथियों ने कार्यक्रम स्थल में लगाए गए विभिन्न विभागीय योजनाओं के स्टॉलों एवं प्रदर्शनी का अवलोकन भी किया। मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने स्वयं स्टॉल में प्रदर्शित शासन की योजनाओं और विकास कार्यों के बारे में श्री खड़गे को जानकारी दी। कार्यक्रम में लोकसभा सांसद दीपक बैज, श्रीमती ज्योत्सना महंत, मंत्रीगण ताम्रध्वज साहू, रविंद्र चौबे, मोहम्मद अकबर, डॉ. शिवकुमार डहरिया, जयसिंह अग्रवाल, अमरजीत भगत, श्रीमती अनिला भेंड़िया, कवासी लखमा, उमेश पटेल, मोहन मरकाम, गुरु रुद्रकुमार, राज्य योजना आयोग के अध्यक्ष डॉ. प्रेमसाय सिंह टेकाम, संसदीय सचिव, विधायकगण, विभिन्न आयोग बोर्ड निगम के अध्यक्ष सहित बड़ी संख्या में जनप्रतिनिधि और नागरिक उपस्थित थे।

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