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मुंबई / शौर्यपथ/ / कोरोनावायरस लॉकडाउन के बीच प्रवासी मजदूरों (Migrants) को उनके घरों तक पहुंचाने में मदद करने के लिए बॉलीवुड एक्टर सोनू सूद की तारीफ हो रही है. वहीं, शिवसेना सांसद संजय राउत ने पार्टी के मुखपत्र सामना में सोनू सूद के मदद कार्य को लेकर सवाल उठाए हैं. उन्होंने इसके लिए बीजेपी पर निशाना साधा है. वहीं, बीजेपी ने संजय राउत के बयान को दुर्भाग्यपूर्ण बताया है.
संजय राउत ने शिवसेना के मुखपत्र सामना में सोनू सूद के मदद कार्य पर सवाल उठाया है. संजय राऊत ने रोखटोक कालम में लिखा है कि लॉकडाउन के दौरान अचानक सोनू सूद नाम का एक महात्मा तैयार हो गया है. इतने झटके और चतुराई के साथ किसी को महात्मा बनाया जा सकता है? राउत ने प्रवासी मजदूरों को बस में भेजने के लिए आये पैसों पर सवाल उठाते हुए सोनू सूद को बीजेपी का मुखौटा बताने की कोशिश की है.
बीजेपी नेता राम कदम ने संजय राउत के बयान को दुर्भाग्यपूर्ण बताया है. कदम ने अपने ट्वीट में लिखा- "Corona के संकट काल में इंसानियत के नाते मजदूरों को सड़क पर उतर के सहायता करने वाले सोनू सूद पर संजय राउत का बयान दुर्भाग्यपूर्ण है. खुद की सरकार कोरोना से निपटने में नाकाम हो गई? यह सच्चाई सोनू सूद पर आरोप लगाकर छुप नहीं सकती. जिस काम की सराहना करने की आवश्यकता है उस पर भी आरोप?"
अभिनेता सोनू सूद ने कुछ दिन पहले एनडीटीवी से बातचीत में बताया था कि वह और उनकी टीम अब तक 16-17,000 प्रवासी मजूदरों को उनके घर पहुंचा चुकी है. उनका लक्ष्य 40-50 हजार श्रमिकों या उससे भी ज्यादा को घर पहुंचाना है. उन्होंने ने बताया था कि उनकी टीम दिन रात लोगों की लिस्ट तैयार करने में लगी हुई है.
नई दिल्ली /शौर्यपथ / अरविंद केजरीवाल और उनकी सरकार ने फैसला लिया है कि अब दिल्ली सरकार और दिल्ली के प्राइवेट अस्पतालों में सिर्फ दिल्ली वासियोंका ही इलाज किया जाएगा. राजधानी होने के नाते यहां देश भर के लोग इलाज के लिए आते हैं ऐसे में केजरीवाल कैबिनेट का यह फैसला कानूनी तौर पर सही है या नहीं, यह जानना भी बहुत जरूरी है. तो आपकी जानकारी के लिए बता दें कि देश में इस समय आपदा कानून लागू है. यह कानून दिल्ली सहित राज्य सरकारों को संकट से निपटने के लिए अपने हिसाब से इस तरह के फैसले लेने की ताकत देता है. दिल्ली सरकार चाहे तो लोगों के आने-जाने पर भी रोक लगा सकती है. जो अभी तक जारी था लेकिन अब सीमाएं खोलने का फैसला लिया गया है. लिहाजा कानूनी तौर पर केजरीवाल कैबिनेट का फैसला सही है और उसकी कानूनी वैधता पर कोई सवाल फिलहाल नहीं है.
मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल ने प्रेस कांफ्रेंस के दौरान बताया कि दिल्ली सरकार ने 4 डॉक्टरों की एक कमेटी बनाई थी, इस कमेटी ने अध्ययन के बाद जो रिपोर्ट पेश की है, उसके अनुसार दिल्ली में अगले कुछ दिनों में कोरोना के मामले तेजी से बढ़ सकते हैं. जून के अंतिम सप्ताह तक दिल्ली को 15 हजार कोविड बेड की जरुरत होगी. और दिल्ली में मौजूदा वक्त में सिर्फ 10 हजार बेड ही उपलब्ध हैं. ऐसे में दिल्ली सरकार ने दिल्ली सरकार के अधीन आने वाले सरकारी अस्पताल और प्राइवेट अस्पतालों में दिल्ली वासियों के लिए बेड रिजर्व कर दिए हैं. हालांकि केंद्र सरकार के अस्पतालों में सभी का इलाज किया जा सकेगा.
कोरोना संकट के इस दौर में कई राज्यों ने इस तरह के कदम उठाए हैं. अपने लोगों की सुरक्षा के लिए राज्यों ने सीमाएं बंद कर रखी हैं. उदाहरण के तौर पर उत्तर प्रदेश और हरियाणा की सरकार ने दिल्ली और नोएडा से सटे बॉर्डरों को सील करने का आदेश दिया था. उत्तराखंड में भी कुछ ऐसे ही हालात हैं, वहां राज्य की सीमा में दाखिल होने के बाद क्वांरनटाइन अवधि को पूरा करना जरूरी हो.
शौर्यपथ / सरकार ने शुक्रवार को कहा कि कोरोना वायरस महामारी के मद्देनजर इस साल अंतरराष्ट्रीय योग दिवस सोशल मीडिया मंचों के माध्यम से मनाया जाएगा और जनसमूह की मौजूदगी वाला कोई कार्यक्रम नहीं होगा। इस साल के योग दिवस का थीम 'घर पर योग और परिवार के साथ योग है। लोग 21 जून को सोशल मीडिया के माध्यम से सुबह सात बजे से योग दिवस में शामिल हो सकेंगे।
अधिकारियों ने बताया कि विदेशों में भारतीय दूतावास और उच्चायोग भी डिजिटल मीडिया और योग का सहयोग करने वाली संस्थाओं के माध्यम से लोगों तक पहुंच रहे हैं। आयुष मंत्रालय ने पहले लेह में योग दिवस पर बड़े कार्यक्रम की योजना बनाई थी, लेकिन कोरोना महामारी के कारण यह कार्यक्रम उसे रद्द करना पड़ा।
प्रधानमंत्री की ओर से 31 मई को शुरू की गई 'मेरा जीवन, मेरा योग वीडियो ब्लॉगिंग प्रतियोगिता के अलावा आयुष मंत्रालय और भारतीय सांस्कृतिक संबंध परिषद (आईसीसीआर) ने लोगों को योग के बारे में अवगत कराने और योग दिवस में संक्रिय भागीदार बनने के लिए प्रोत्साहित करने का प्रयास किया है।
यह प्रतियोगिता दो स्तरों पर होगी। पहली अंतररराष्ट्रीय वीडियो ब्लॉगिंग प्रतियोगिता के तहत देश के भीतर से विजेताओं का चयन होगा। दूसरी तरफ अलग अलग देशों से वैश्विक विजेताओं का चयन किया जाएगा। इस प्रतियोगिता में शामिल होने के लिए कोई भी व्यक्ति तीन मिनट की योग क्रिया का वीडियो अपलोड कर सकता है। इसके साथ ही इस संदेश के साथ एक वीडियो बनाना होगा कि योग का उसकी जिंदगी पर क्या असर पड़ा है।
आयुष सचिव वैद्य राजेश कोटेचा का कहना है कि प्रतियोगी किसी भी भाषा में योग क्रिया का वीडियो बना सकता है। इस प्रतिोगिता को कुल छह श्रेणियों में बांटा गया है। भारत में हर श्रेणी के पहले, दूसरे और तीसरे स्थान के विजेताओं को क्रमश: एक लाख रुपये, 50 हजार रुपये और 25 हजार रुपये का पुरस्कार दिया जाएगा।
वैश्विक स्तर के विजेताओं को 2500 डॉलर, 1500 डॉलर और 1000 डॉलर का पुरस्कार दिया जाएगा। इसके साथ ट्रॉफी एवं प्रमाण पत्र भी दिए जाएंगे। आईसीसीआर के अध्यक्ष विनय सहश्रबुद्धे का कहना है कि इस वीडियो ब्लॉगिंग प्रतियोगिता से योग के कई पहलू सामने आ सकेंगे। योग सिर्फ एक शारीरिक गतिविधि नहीं, बल्कि इसका शारीरिक एवं मानसिक स्वास्थ्य से संबंध है। इस प्रतियोगिता के तहत लोग फेसबुक, ट्विटर और इंस्टाग्राम पर अपने वीडियो अपलोड कर सकते हैं।
सेहत/ शौर्यपथ / कोरोना वायरस उच्च रक्तचाप से पीड़ित मरीजों पर ज्यादा कहर बरपाता है। चीन में लगभग तीन हजार संक्रमितों पर हुए अध्ययन से पता चला है कि हाई ब्लड प्रेशर की समस्या से जूझ रहे मरीजों में कोरोना से मौत का खतरा दोगुना होता है। जो मरीज रक्तचाप नियंत्रित रखने के लिए दवाओं का सेवन नहीं करते, उनमें तो जान जाने का जोखिम कई गुना और अधिक रहता है।
प्रोफेसर फे ली के नेतृत्व में हुए इस अध्ययन में शोधकर्ताओं ने वुहान के हुओ शेन शान हॉस्पिटल में भर्ती 2886 मरीजों की स्वास्थ्य स्थिति का विश्लेषण किया। इनमें से 29.5 फीसदी यानी 850 मरीज उच्च रक्तचाप की समस्या के शिकार थे। इलाज के दौरान 4 फीसदी यानी 34 मरीजों ने दम तोड़ दिया, जबकि बिना हाइपरटेंशन वाले मरीजों के मौत के आंकड़े पर नजर डालें तो यह 1.1 प्रतिशत ही था।
‘यरोपियन हार्ट जर्नल’ में प्रकाशित शोधपत्र के मुताबिक अध्ययन में उम्र, लिंग और अन्य कारकों को मिलाकर उच्च रक्तचाप के मरीजों में कोरोना से मौत का खतरा 2.12 गुना ज्यादा बताया गया है। वहीं, ब्लड प्रेशर की दवा न खाने वाले संक्रमितों में यह जोखिम 2.17 गुना अधिक मिला है। प्रोफसर ली कहते हैं, अध्ययन के नतीजे उच्च रक्तचाप से जूझ रहे मरीजों के लिए चेतावनी की तरह हैं। सकरी धमनियों के चलते उनमें कोरोना से लक्षण ज्यादा गंभीर हो सकते हैं।
सेहत / शौर्यपथ / आम गर्मियों में लोगों की पहली पसंद है, क्योंकि इसका स्वाद बेहिसाब है। कई लोग गर्मियों में लगभग रोज ही अपने भोजन के साथ आम खाना काफी पसंद करते हैं। आम न सिर्फ खाने में अच्छा लगता है, बल्कि यह स्वास्थ के लिए भी गुणकारी है। डॉ. लक्ष्मीदत्त शुक्ला के अनुसार, आम में भरपूर मात्रा में विटामिन ए, विटामिन बी, विटामिन सी, पोटैशियम और आयरन होता है। इसके अलावा आम में शर्करा भी प्रचुर मात्रा में होती है, जो शरीर में ऊर्जा को बढ़ाने का काम करती है।
विटामिन की मौजूदगी के कारण आम आंखों के लिए अच्छा होता है। साथ ही आम में फाइबर की मात्रा भरपूर होती है, जिससे पाचनशक्ति मजबूत होती है। आम के सेवन से हृदय की बीमारियां भी नहीं होती हैं। आम खाने से शरीर की रोग प्रतिरोधक क्षमता भी मजबूत होती है। आम में एंटी-ऑक्सीडेंट भी काफी मात्रा में होते हैं, इसलिए आम के नियमित सेवन से कैंसर जैसी घातक बीमारियों से भी बचा जा सकता है। लेकिन आम के नियमित सेवन से वजन भी बढ़ सकता है आइए जानते हैं कैसे -
एक सामान्य आम में होती हैं 150 कैलोरी
बहुत कम लोगों को यह भी पता होगा कि आम भी वजन बढ़ाने के लिए जिम्मेदार होता है। दरअसल इसका मुख्य कारण यह है कि आम में कैलोरी बहुत ज्यादा मात्रा में पाई जाती है। एक सामान्य आकार के आम में 150 कैलोरी होती है, जो वजन आसानी से बढ़ा सकती है।
डाइटिंग करते समय आम से करें परहेज
यदि आप डाइटिंग कर रहे हैं और फलों का सेवन कर रहे हैं तो आम को बिल्कुल ही कम मात्रा में लें। क्योंकि आम में काफी मात्रा में शर्करा होने के कारण इससे आपका वजन कम नहीं होगा। वजन कम करने के लिए लो-कैलोरी वाले फल ही खाएं जैसे गर्मी के समय में तरबूज, संतरा, एवोकेडो और सेब आदि फलों के जूस का सेवन करके अपना वजन कम कर सकते हैं।
आम को ऐसे खाएंगे तो नहीं बढ़ेगा वजन
यदि बिल्कुल ही कम मात्रा में आम खाया जाए तो इससे वजन नहीं बढ़ेगा। लेकिन ज्यादा आम खाने से वजन बढ़ने के साथ-साथ इससे सेहत को भी नुकसान हो सकता है। कई लोगों को गर्मी में भोजन के तुरंत बाद आम खाने की आदत होती है, जो कि गलत है। इसके अलावा आम रस शक्कर मिलाकर पीने से बचना चाहिए। चूसने वाले आम को ज्यादा खाना चाहिए क्योंकि इनका टेस्ट खट्टा मीठा होता है और शुगर भी ज्यादा नहीं होती है।
इन बातों की भी रखें सावधानी
आम खाते समय इस बात का भी ध्यान रखना चाहिए कि जो आम आप खा रहे हैं वे किस तरह से पकाए गए हैं। इन दिनों बाजार में कार्बेट द्वारा पकाए गए फल ज्यादा मिलते हैं। कार्बेट एक तरह का रसायन होता है, जिसमें फल पकाने पर इसका दुष्प्रभाव शरीर पर भी हो सकता है। अन्य फल खरीदते समय इस बात का जरूर ध्यान रखें कि वे फल रसायनों के जरिए न पकाए गए हों। डॉ. लक्ष्मीदत्ता शुक्ला के अनुसार, आम के साथ ही इसके पत्ते भी बहुत फायदेमंद हैं। पत्तों से डायबिटीज, कोलेस्ट्रॉल, खांसी, किडनी स्टोन जैसी बीमारियों का इलाज किया जाता है।
खाना खजाना / शौर्यपथ / आलू मेथी हो या आलू बैंगन की सब्जी, भारत में खाना बनाते समय अधिकतर सब्जियों में आलू का इस्तेमाल किया जाता है। सब्जी में आलू डालते ही उसका स्वाद दोगुना बढ़ जाता है। बच्चों से लेकर बुजुर्गों तक को आलू खाना बेहद पसंद होता है। तो देर किस बात की इस लॉकडाउन घर बैठे सीखिए ये कश्मीर डिश, कश्मीरी दम आलू । आइए जानते हैं क्या है कश्मीरी दम आलू बनाने का सही तरीका।
कश्मीरी दम आलू के लिए सामग्री-
-8-10 बेबी आलू
-2 टेबलस्पून सरसों का तेल
-1 चम्मच कश्मीरी लाल मिर्च
-1/2 टीस्पून अदरक पाउडर
-1 टी स्पून गरम मसाला
-3-4 करी पत्ता
-2 दालचीनी
-1 चम्मच जीरा पाउडर
-1 काली इलायची
-1 चम्मच सौंफ पाउडर
-1 टी स्पून मेथी पत्तियां
-कप पानी
नमक स्वादानुसार
बनाने की विधि-
कश्मीरी दम आलू बनाने के लिए सबसे पहले बेबी पोटैटो में चाकू या काटे की मदद से छोटे-छोटे छेद करके उबाल लें। अब एक पैन में तेल गर्म करके उसमें उबले हुए आलू को 10-15 मिनट के लिए बाहर से कुरकुरा होने तक फ्राई कर लें। अब एक दूसरा पैन लेकर उसमें सरसों का तेल डालें। तेल में काली इलायची, दालचीनी और तेज पत्ता डालें। अब पैन में कश्मीरी मिर्च पाउडर और थोड़ा सा पानी डाल दें। इस ग्रेवी में नमक मिलाते हुए तले हुए आलू डालकर उन्हें अच्छे से मिला लें। स्वाद के लिए इस ग्रेवी में अदरक पाउडर, गरम मसाला, जीरा पाउडर, सौंफ पाउडर और मेथी के पत्ते भी डालें। अब इस ग्रेवी को गाढ़ा होने तक पकाएं। कश्मीरी दम आलू बनकर तैयार हैं। इन्हें रोटी या परांठों किसी के भी साथ सर्व किया जा सकता है।
शौर्यपथ / सामुद्रिक शास्त्र में व्यक्ति के कानों के प्रकार के बारे में विस्तृत वर्णन मिलता है। इसके अनुसार मनुष्य के कान अनेक प्रकार के होते हैं। इनमें छोटे कान, अत्यधिक छोटे कान, लंबे कान, चौड़े कान, गजकर्ण कान यानी हाथी जैसे कान, बंदर जैसे कान, मोटे कान, पतले कान, अव्यवस्थित कान आदि।
छोटे कान: सामुद्रिक शास्त्र में छोटे कान के व्यक्तियों को कंजूस की श्रेणी में रखा गया है। ऐसे व्यक्ति धन पकड़कर रखना जानते हैं। स्वयं की जरुरतों पर भी खर्च करने से तब तक बचते हैं जब तक कि अत्यंत जरुरी ही ना हो जाए। ऐसे व्यक्तियों का सामाजिक जीवन कमजोर होता है। इनकी कोई पूछ-परख भी नहीं करता है और ये हर व्यक्ति, हर काम को एक प्रकार की संदेहभरी दृष्टि से देखते हैं। हालांकि कई मामलों में ये भरोसेमंद होते हैं।
अत्यधिक छोटे कान : अत्यधिक छोटे कान के व्यक्ति धार्मिक प्रवृत्ति के माने जाते हैं। धार्मिक कार्यों में बढ़-चढ़कर हिस्सा लेते हैं, लेकिन इसके विपरीत ये लोग धार्मिक कार्यों से ही मोटी रकम बनाते हैं। ये लालची किस्म के होते हैं और किसी को धोखा बड़ी चतुराई से दे सकते हैं। इनका चंचल स्वभाव इन्हें कई बार बड़ी मुसीबतों में डाल देता है।
लंबे कान : लंबे कान परिश्रम के सूचक हैं। जिन व्यक्तियों के कान लंबे होते हैं वे परिश्रमी तथा कर्मठ होते हैं। ये कभी किसी काम में पीछे नहीं हटते और जो काम हाथ में लेते हैं, उसे पूरा करके ही छोड़ते हैं, चाहे उसमें कितनी ही कठिनाइयां आएं। लंबे कान बुद्धिमान व्यक्तियों के होते हैं। ऐसे व्यक्ति किसी भी बात का गहराई से अध्ययन करने के बाद ही अपनी प्रतिक्रिया देते हैं।
चौड़े कान: जिन व्यक्तियों के कान की चौड़ाई उनकी लंबाई की अपेक्षा ज्यादा होती है, वे चौड़े कान कहलाते हैं। ऐसे व्यक्ति भाग्यशाली कहे गए हैं। ये अपनी मेहनत और लगन से जीवन में सभी प्रकार की सुख-सुविधाएं प्राप्त करते हैं। ये लोग हाथ आए किसी भी ऐसे मौके को जाने नहीं देते, जो इनके लिए लाभदायक होता हो। चौड़े कान सफलता के सूचक हैं।
मोटे कान : मोटे कान के व्यक्ति साहसी और सफल नेतृत्वकर्ता होते हैं। ऐसे व्यक्ति मोटिवेशनल स्पीकर, राजनेता या लेखक होते हैं। हालांकि इनका स्वभाव थोड़ा चिड़चिड़ा किस्म का होता है। अगर इन्हें कान के कच्चे होते हैं। ये किसी भी काम को उत्साह के साथ शुरू करते हैं।
गज कर्ण: हाथी के समान बड़े कान शुभता का प्रतीक हैं। हाथी के समान बड़े कान शुभता का सूचक हैं। ऐसे व्यक्ति अपने कार्य में सफल और दीर्घायु होते हैं। ऐसे व्यक्ति समाज में खूब प्रतिष्ठा हासिल करते हैं। ये अच्छे वक्ता के साथ अच्छे श्रोता भी होते हैं। पूरी बात को अच्छे से सुनने के बाद ही अपनी प्रतिक्रिया देते हैं। बड़े अधिकारियों के ऐसे कान होते हैं।
बंदर जैसे कान : बंदर जैसे कान वाले व्यक्ति लालची किस्म के होते हैं। इनकी निगाह हमेशा दूसरों के धन और वस्तुओं पर लगी रहती है। ये अत्यंत कामी और क्रोधी भी होते हैं। इनकी बात पूरी नहीं होती है तो ये क्रोधित हो जाते हैं और मारपीट पर उतारु हो जाते हैं।
खेल / शौर्यपथ / खेल के मैदान में अपने आक्रामक व्यवहार के लिए कई बार मुसीबत का सामना करने वाले दक्षिण अफ्रीका के तेज गेंदबाज कगिसो रबाडा ने कहा कि वह जल्दी गुस्से में नहीं आते, लेकिन गेंदबाज के तौर पर जुनून के कारण वह इस तरह से पेश आते है। इस साल इंग्लैंड के खिलाफ घरेलू टेस्ट सीरीज के आखिरी मैच से 25 साल के इस गेंदबाज को निलंबित (पिछले 24 महीने में चार डिमैरिट अंक होने पर) कर दिया गया था। वह सीरीज के तीसरे मैच में जो रूट का विकेट चटकाने के बाद जश्न मनाते हुए इंग्लैंड के इस कप्तान के काफी करीब पहुंच गए थे।
रबाडा ने इंडियन प्रीमियर लीग की अपनी टीम दिल्ली कैपिटल्स के साथ इंस्टाग्राम चैट में कहा, ''बहुत से लोगों को लगता है कि मैं जल्दी आपा खो देता हूं। मुझे हालांकि ऐसा नहीं लगता, यह सिर्फ जुनून के कारण होता है। इसके अलावा अगर आप छींटाकशी को देखते हैं तो यह खेल का हिस्सा है। हर तेज गेंदबाज ऐसा करता है।''
उन्होंने कहा, ''कोई भी तेज गेंदबाज बल्लेबाज से (खेल के दौरान) अच्छा व्यवहार नहीं करेगा। इसका मतलब यह नहीं है कि आप निजी या परिवार को लेकर टिप्पणी करे।'' रबाडा के निलंबन के बाद दक्षिण अफ्रीका ने उस मैच को गंवा दिया था और इंग्लैंड ने 3-1 से सीरीज अपने नाम की।
इस तेज गेंदबाज को दो डिमैरिट अंक ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ 2018 टेस्ट में मिले थे । इसके बाद उन्होंने भारत के सलामी बल्लेबाज शिखर धवन को आउट करने के बाद अपशब्द कहे थे। रबाडा ने कहा, ''आप विकेट का जश्न मनाते हैं, लेकिन मैच के बाद उस खिलाड़ी से हाथ भी मिलाते है और उसके कौशल का सम्मान करते है। ज्यादातर मौके पर मैं उस आक्रामक नहीं होता हूं लेकिन अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट हर खिलाड़ी अपना सर्वश्रेष्ठ देना चाहता है।''
दक्षिण अफ्रीका के इस मुख्य गेंदबाज ने कहा, ''कभी-कभी आपकी भावना आपको इसके लिए उकसाती है। मुझे लगता है ऐसे समय में मैं काफी खतरनाक रहता हूं, क्योंकि मैं सोचना छोड़ देता हूं और सब कुछ खुद ब खुद होने लगता है।''
मनोरानाजं / शौर्यपथ / भाभी जी घर पर हैं कि अंगूरी भाभी यानी कि शुभांगी अत्रे को लेकर पिछले कुछ दिनों से खबरें आ रही हैं कि वह बिग बॉस में आने वाली हैं। हालांकि अब शुभांगी ने इन खबरों पर अपना रिएक्शन दिया है। दरअसल, शुभांगी ने आज तक से बात करते हुए कहा, 'हां यह बात सच है कि मुझे बिग बॉस 14 के लिए कॉल आया था, लेकिन मैं अभी भाभीजी घर पर हैं कर रही हूं और मेरे लिए अभी यह शो बहुत ही महत्वपूर्ण है। तो इस वजह से मैं बिग बॉस तो बिल्कुल नहीं जा सकती'।
शो को लेकर शुभांगी ने कहा, 'बिग बॉस वैसे भी मेरे लिए नहीं है क्योंकि लोगों को शो का जैसा कंटेस्टेंट पसंद है, वैसे मैं उन्हें नहीं दे पाऊंगी। हां, हो सकता है कि फ्यूचर में अगर मेरा मन बदल जाए तो मैं शो का हिस्सा नहीं बनूं'।
बता दें कि हाल ही में अंगूरी ने अपना टिकटॉक अकाउंट डिलीट किया है। इस ऐप को डिलीट करते हुए शुभांगी ने कहा था कि कि मैंने टिकटॉक इसलिए छोड़ा क्योंकि मैं लोकल बिजनेस को सपोर्ट करना चाहती हूं। मैं नहीं चाहती कि बाहर के ऐप्स हमारे देश की अर्थ व्यवस्था पर बुरा प्रभाव डालें।
शुभांगी आगे कहती हैं कि यह सच है कि टिकटॉक एक पॉपुलर मीडियम है और इसका इस्तेमाल आगे भविष्य में प्रमोशनल एक्टिविटी के लिए किया जा सकता है। लेकिन मैं अपने निर्णय पर अटल रहूंगी और इस ऐप का इस्तेमाल नहीं करूंगी। कई मीडियम हैं जो लोकल हैं, मैं अब उन्हें इस्तेमाल करूंगी। उम्मीद करती हूं कि बाकी लोग भी इसे डिलीट कर लोकल प्लैटफॉर्म्स का ज्यादा इस्तेमाल करेंगे।
मनोरंजन / शौर्यपथ / टीवी शो 'नागिन 5' की अनाउंसमेंट हुई है तभी से शो के लीड एक्टर्स को लेकर काफी खबरें आ रही हैं। अब तक इस शो के लिए कई एक्टर्स के नाम सामने आ चुके हैं। अभी हाल ही में खबर आई थी कि शो में लीड एक्टर के तौर पर आसिम रियाज को लिया जा रहा है। लेकिन हाल ही में जब आसिम से इन खबरों के बारे में पूछा तो उन्होंने इन बातों को सिर्फ अफवाह बताया।
आज तक से बात करते हुए आसिम ने कहा, 'इन खबरों में कोई सच्चाई नहीं है। ये सब सिर्फ अफवाह है। मैंने इस शो को अभी तक साइन नहीं किया है'।
बता दें कि इससे पहले नागिन के लिए दीपिका कक्कड़ और महक चहल का नाम भी सामने आ चुका है।
एकता ने की थी नागिन 5 की अनाउंसमेंट
एकता ने हाल ही में अपना वीडियो शेयर कर कहा था, 'मुझसे बार-बार पूछा जा रहा है कि क्या नागिन 4 खत्म हो रहा है या नागिन 5 शुरू हो रहा है। तो मैं आपको बता दूं कि हम नागिन 4 को खत्म कर रहे हैं और तुरंत नागिन 5 की शूटिंग शुरू कर देंगे। नागिन के चौथे सीजन पर मै फोकस नहीं कर पाई थी, लेकिन अब अगले सीजन में हम अच्छा करेंगे और वो सभी को पसंद आएगा।'
एकता ने कहा था, 'एक्टर्स की बात करें तो आपको बता दूं कि निया शर्मा, अनीता, विजेंद्र जैसे सभी स्टार्स ने अच्छा काम किया है। आप लोगों ने बहुत अच्छा काम किया। मैं इन एक्टर्स के साथ कुछ नया लेकर आने वाली हूं।'
एकता ने इस वीडियो को शेयर करते हुए लिखा था, 'क्या तुम मेरे नागिनटाइन बनोगे? रही बात रश्मि देसाई की तो उनका स्पेशल अपीयरेंस था। उन्होंने 2 एपिसोड में शानदार काम किया था।'
Feb 09, 2021 Rate: 4.00
