August 05, 2026
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    शौर्यपथ

    शौर्यपथ

      रायपुर / शौर्यपथ / सुशासन तिहार के अंतर्गत ग्राम सरोधी में आयोजित चौपाल में शासन की संवेदनशीलता और त्वरित कार्यवाही का एक भावनात्मक उदाहरण सामने आया। सरोधी की रहने वाली सरलाबाई मरावी ने मुख्यमंत्री विष्णु देव साय के समक्ष अपनी समस्या रखी और कुछ ही पलों में उसका समाधान भी मिल गया।
    सरलाबाई मरावी, पति लल्लूराम मरावी, एक साधारण कृषक परिवार से हैं। उनके पास लगभग 5 एकड़ कृषि भूमि है और परिवार में उनका एक बेटा है। खेती ही उनके जीवनयापन का मुख्य साधन है।
    चौपाल के दौरान सरलाबाई ने बताया कि उन्होंने एक माह पहले किसान क्रेडिट कार्ड (केसीसी) के तहत 1.50 लाख रुपए के ऋण के लिए आवेदन किया था, लेकिन अब तक स्वीकृति नहीं मिली थी। मुख्यमंत्री ने जैसे ही यह बात सुनी, उन्होंने मौके पर ही अधिकारियों को आवश्यक निर्देश दिए और तुरंत निराकरण सुनिश्चित कराया।
    अपनी समस्या का त्वरित समाधान होते देख सरलाबाई भावुक हो उठीं। उन्होंने कहा कि उन्हें उम्मीद नहीं थी कि उनकी बात इतनी जल्दी सुनी जाएगी और समाधान भी मिल जाएगा। उनकी आंखों में संतोष और चेहरे पर राहत साफ झलक रही थी।
    सरलाबाई ने यह भी बताया कि उन्हें महतारी वंदन योजना के तहत नियमित आर्थिक सहायता मिल रही है, जिससे घरेलू खर्चों में सहारा मिलता है।
    उन्होंने मुख्यमंत्री विष्णु देव साय के प्रति आभार व्यक्त करते हुए कहा कि आज उन्हें महसूस हुआ कि सरकार वास्तव में गांव-गांव तक पहुंचकर लोगों की समस्याएं सुन रही है और उनका समाधान कर रही है।
    ग्राम सरोधी की यह घटना इस बात का सजीव प्रमाण है कि सुशासन तिहार केवल एक आयोजन नहीं, बल्कि आम लोगों के जीवन में भरोसा और राहत लेकर आने वाली पहल बन चुका है।

    बलरामपुर-रामानुजगंज जिले के 10वीं-12वीं के मेधावी विद्यार्थियों का किया सम्मान

    रायपुर /मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय ने आज बलरामपुर-रामानुजगंज जिले के 10वीं और 12वीं बोर्ड परीक्षाओं में उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाले मेधावी छात्र-छात्राओं को सम्मानित किया। इस अवसर पर आयोजित सम्मान समारोह में मुख्यमंत्री श्री साय ने विद्यार्थियों का उत्साहवर्धन करते हुए कहा कि जीवन में सफलता प्राप्त करने के लिए हौसला बुलंद रखना सबसे आवश्यक है।

    बलरामपुर स्थित सर्किट हाउस में आयोजित इस कार्यक्रम में मुख्यमंत्री श्री साय ने विद्यार्थियों से आत्मीय संवाद किया और उनके भविष्य के लक्ष्यों के बारे में जानकारी ली। अधिकांश विद्यार्थियों ने डॉक्टर और इंजीनियर बनने की इच्छा व्यक्त की, वहीं कुछ ने भारतीय प्रशासनिक सेवा (IAS) और न्यायिक सेवा में जाने का संकल्प व्यक्त किया।

    मुख्यमंत्री श्री साय ने विद्यार्थियों के सपनों की सराहना करते हुए कहा कि सपना देखना और उसे लक्ष्य में बदलकर निरंतर प्रयास करना ही सफलता की कुंजी है।
    उन्होंने विद्यार्थियों को प्रेरित करते हुए कहा कि यदि समर्पण, अनुशासन और आत्मविश्वास के साथ मेहनत की जाए, तो कोई भी लक्ष्य असंभव नहीं है। उन्होंने आश्वस्त किया कि राज्य सरकार विद्यार्थियों के उज्ज्वल भविष्य के निर्माण के लिए हर संभव सहयोग प्रदान करने के लिए प्रतिबद्ध है।

    मुख्यमंत्री श्री साय ने इस उपलब्धि के लिए विद्यार्थियों के अभिभावकों एवं शिक्षकों को भी बधाई देते हुए कहा कि बच्चों की सफलता के पीछे उनके मार्गदर्शन, सहयोग और त्याग की महत्वपूर्ण भूमिका होती है।

    उत्कृष्ट विद्यार्थियों को मुख्यमंत्री से मिलने का मिला अवसर

    इस अवसर पर जिले के कक्षा 12वीं के मेधावी विद्यार्थियों में वाड्रफनगर विकासखंड के शासकीय उच्चतर माध्यमिक विद्यालय करमडीहा की कुमारी प्रतिभा गुप्ता, रामचंद्रपुर के शासकीय उच्चतर माध्यमिक विद्यालय जामवंतपुर की कुमारी स्नेहा कुशवाहा, शासकीय उच्चतर माध्यमिक विद्यालय सनवाल के सोनू, वाड्रफनगर के श्री कृष्णा, आदर्श हायर सेकंडरी विद्यालय बलंगी की कुमारी प्रिया लता कश्यप तथा शासकीय उच्चतर माध्यमिक विद्यालय बर्तीकला के अजय गुप्ता, कक्षा 10वीं के मेधावी विद्यार्थियों में शासकीय उच्चतर माध्यमिक विद्यालय जामवंतपुर के आर्यन गुप्ता, नेशनल पब्लिक इंग्लिश मीडियम हायर सेकेंडरी स्कूल रजखेता की कुमारी आराधना पटेल, शासकीय उच्चतर माध्यमिक विद्यालय रघुनाथनगर की कुमारी रोशनी कांशी, स्वामी आत्मानंद उत्कृष्ट अंग्रेजी माध्यम विद्यालय सेमरा कुसमी की आलिया परवीन तथा स्वामी आत्मानंद उत्कृष्ट अंग्रेजी माध्यम विद्यालय रामानुजगंज की आरजू परवीन को मुख्यमंत्री से मिलने और मार्गदर्शन प्राप्त करने का अवसर मिला।

    रायपुर/कवर्धा।
    सुशासन तिहार के तहत मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने कबीरधाम जिले के पंडरिया विकासखंड अंतर्गत लोखान पंचायत के आश्रित बैगा बाहुल्य ग्राम कमराखोल में आम के पेड़ के नीचे चौपाल लगाकर ग्रामीणों से सीधा संवाद किया। इस दौरान उन्होंने पीएम जनमन योजना सहित विभिन्न कार्यों का निरीक्षण कर योजनाओं की जमीनी प्रगति जानी।
    चौपाल में बड़ी संख्या में उपस्थित स्व-सहायता समूह की महिलाओं—‘लखपति दीदियों’—की आर्थिक प्रगति देखकर मुख्यमंत्री ने प्रसन्नता जताई और उन्हें आगे और मेहनत कर “करोड़पति बनने” की दिशा में बढ़ने के लिए प्रेरित किया। गांव में 58 लखपति दीदियां विभिन्न आजीविका गतिविधियों से जुड़कर आत्मनिर्भरता की मिसाल पेश कर रही हैं। महिलाओं ने महुआ, चार और सब्जियां भेंट कर अपनी आत्मीयता व्यक्त की।
    संवाद के दौरान मुख्यमंत्री ने महतारी वंदन, पीएम आवास और बिहान योजना जैसे कार्यक्रमों के लाभार्थियों से चर्चा कर फीडबैक लिया। उन्होंने पाया कि दूरस्थ अंचलों तक योजनाओं का लाभ पहुंच रहा है।
    चौपाल में एक भावनात्मक क्षण तब आया जब एक महिला ने अपने नवजात शिशु का नामकरण करने का आग्रह किया। मुख्यमंत्री ने बच्चे का नाम “रविशंकर बघेल” रखा और आशीर्वाद स्वरूप राशि प्रदान की, जिस पर चौपाल तालियों से गूंज उठा।
    इस दौरान मेधावी विद्यार्थियों को भी प्रोत्साहित किया गया। 94.5% अंक प्राप्त करने वाले छात्र राजेंद्र मसराम और कक्षा 9वीं की छात्रा हेम कुमारी को मुख्यमंत्री ने शुभकामनाएं देते हुए आगे बढ़ने के लिए प्रेरित किया।
    ग्रामीणों की मांग पर मुख्यमंत्री ने कमराखोल में सामुदायिक भवन, रामखिलावन के घर से देवसरा तक लगभग 6 किमी मिट्टी-मुरुम सड़क, मुक्तिधाम शेड, महतारी सदन तथा मिशन तालाब गहरीकरण (ट्यूबवेल सहित) की घोषणाएं कीं।
    चौपाल में मुख्यमंत्री के प्रमुख सचिव सुबोध कुमार, विशेष सचिव रजत बंसल, कलेक्टर गोपाल वर्मा, पुलिस अधीक्षक धर्मेंद्र सिंह सहित अन्य अधिकारी और ग्रामीण उपस्थित रहे।

    कवर्धा । शौर्यपथ
    सुशासन तिहार के तहत कबीरधाम जिले के ग्राम लोखान में मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने निर्माणाधीन पंचायत भवन का औचक निरीक्षण किया। इस दौरान वे सीधे श्रमिकों के बीच पहुंचे और कार्यों की समीक्षा के साथ योजनाओं के क्रियान्वयन की जमीनी स्थिति का फीडबैक लिया।
    निरीक्षण के दौरान महिला श्रमिकों ने मुख्यमंत्री को दोपहर के भोजन के लिए आमंत्रित किया, जिसे उन्होंने स्वीकार करते हुए उनके साथ जमीन पर बैठकर भोजन किया। श्रमिकों द्वारा लाए गए पारंपरिक व्यंजन—बोरे बासी, रोटी, चना भाजी, चरोटा भाजी, मुनगा बड़ी और आम की चटनी—का उन्होंने स्वाद लिया।
    भोजन के दौरान मुख्यमंत्री ने महतारी वंदन योजना, प्रधानमंत्री आवास योजना सहित अन्य जनकल्याणकारी योजनाओं के लाभार्थियों से जानकारी ली। श्रमिक महिलाओं ने अपने अनुभव साझा किए, जिससे योजनाओं के क्रियान्वयन की वास्तविक स्थिति सामने आई।
    गांव की समस्याओं पर चर्चा के दौरान महिलाओं ने पेयजल संकट की ओर ध्यान दिलाया। इस पर मुख्यमंत्री ने मौके पर ही कलेक्टर से जानकारी लेकर निर्देश दिए कि 26 गांवों के लिए प्रस्तावित पेयजल योजना को शीघ्र स्वीकृति देकर क्रियान्वित किया जाए, ताकि ग्रामीणों को समय पर राहत मिल सके।
    मुख्यमंत्री साय ने कहा कि शासन की प्राथमिकता है कि योजनाओं का लाभ प्रभावी रूप से आमजन तक पहुंचे और स्थानीय समस्याओं का समाधान समयबद्ध तरीके से किया जाए।

     कोलकाता/रायपुर / शौर्यपथ /
    भाजपा प्रदेश मंत्री जितेन्द्र वर्मा ने पश्चिम बंगाल, असम और पुडुचेरी में पार्टी की जीत को “विकास, स्थिरता और पारदर्शिता के पक्ष में स्पष्ट जनादेश” बताया। उन्होंने कहा कि यह सफलता प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व, केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह की रणनीति और राष्ट्रीय अध्यक्ष नितिन नवीन के मार्गदर्शन का परिणाम है।
    वर्मा ने बताया कि उन्होंने जनवरी से मई 2026 तक दुर्गापुर पश्चिम विधानसभा क्षेत्र में प्रवास कर बूथ मैनेजमेंट से लेकर जनसंपर्क तक सक्रिय भूमिका निभाई। प्रदेश महामंत्री (संगठन) पवन साय के सानिध्य में कार्य करते हुए उन्होंने कई क्षेत्रों में संगठन को मजबूत किया।
    उन्होंने पश्चिम बंगाल में जीत को “भय और हिंसा के माहौल के विरुद्ध लोकतांत्रिक साहस की जीत” बताया, जहां मतदाताओं ने निडर होकर अपने अधिकार का प्रयोग किया। असम और पुडुचेरी के परिणामों को उन्होंने डबल इंजन सरकार के विकास मॉडल की स्वीकार्यता बताया।
    वर्मा ने कहा कि यह विजय समर्पित कार्यकर्ताओं के परिश्रम को समर्पित है और “सबका साथ, सबका विकास” के संकल्प पर जनता के विश्वास की पुनर्पुष्टि है।

      रायपुर / शौर्यपथ / उप मुख्यमंत्री अरुण साव ने पश्चिम बंगाल, असम और पुडुचेरी विधानसभा चुनावों में भाजपा-एनडीए की जीत को “ऐतिहासिक जनादेश” बताते हुए कहा कि यह प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व, सुशासन और जमीनी कार्यकर्ताओं के समर्पण पर जनता की स्पष्ट मुहर है।
    उन्होंने कहा कि पश्चिम बंगाल में जनता ने विकास मॉडल और सांस्कृतिक अस्मिता के पक्ष में मतदान कर “सोनार बांग्ला” के संकल्प को बल दिया है। वहीं असम में लगातार तीसरी जीत को उन्होंने स्थिर नेतृत्व और डबल इंजन सरकार की उपलब्धियों की स्वीकृति बताया। साव ने कांग्रेस पर निशाना साधते हुए कहा कि जनता ने “नकारात्मक और तुष्टिकरण की राजनीति” को खारिज किया है।
    पुडुचेरी में एनडीए की सफलता पर उन्होंने विश्वास जताया कि केंद्र-राज्य समन्वय से विकास के नए आयाम स्थापित होंगे।
    उप मुख्यमंत्री साव, जिन्हें असम के लखीमपुर लोकसभा क्षेत्र का प्रभार मिला था, ने बताया कि क्षेत्र की सभी आठ विधानसभा सीटों—धेमाजी, जोनाई, सिसिरबोरगांव, लखीमपुर, ढकुआखाना, डुमडुमा, सदिया और रोंगोनदी—पर भाजपा प्रत्याशियों ने प्रचंड जीत दर्ज की है, जिसे उन्होंने “राष्ट्रहित और विकास के संकल्प की विजय” करार दिया।

    कोण्डागांव / शौर्यपथ /
    कोण्डागांव पुलिस ने नाबालिग के अपहरण और दुष्कर्म के गंभीर मामले में बड़ी कार्रवाई करते हुए फरार आरोपी को तमिलनाडु से गिरफ्तार कर न्यायिक रिमांड पर जेल भेज दिया है। पुलिस की इस त्वरित और तकनीकी जांच आधारित कार्रवाई की क्षेत्र में सराहना हो रही है।
    पुलिस से प्राप्त जानकारी के अनुसार, 11 मार्च 2026 को प्रार्थी ने थाना कोण्डागांव में रिपोर्ट दर्ज कराई थी कि 9 मार्च की शाम लगभग 6:30 बजे उसकी 16 वर्षीय पुत्री को अज्ञात व्यक्ति द्वारा बहला-फुसलाकर अपहरण कर लिया गया है। मामले की गंभीरता को देखते हुए थाना कोण्डागांव में अपराध क्रमांक 71/2026 धारा 137(2) बीएनएस के तहत अपराध पंजीबद्ध कर जांच शुरू की गई।
    पुलिस अधीक्षक श्री आकाश श्रीश्रीमल (भा.पु.से.) के निर्देशन, अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक श्री कपील चन्द्रा के मार्गदर्शन तथा एसडीओपी कोण्डागांव श्री सतीश भार्गव एवं थाना प्रभारी निरीक्षक सौरभ उपाध्याय के नेतृत्व में थाना कोण्डागांव और साइबर सेल की संयुक्त टीम गठित की गई।
    जांच के दौरान तकनीकी साक्ष्यों के आधार पर अपहृता की लोकेशन तमिलनाडु में ट्रेस की गई। इसके बाद वरिष्ठ अधिकारियों की अनुमति से पुलिस टीम तत्काल तमिलनाडु रवाना हुई, जहां से नाबालिग को सकुशल बरामद कर लिया गया।
    पूछताछ में आरोपी ने अपहरण कर दुष्कर्म करने की बात स्वीकार की। पुलिस ने आरोपी विकास मरकाम (19 वर्ष), निवासी जुगानी कलार, थाना फरसगांव, जिला कोण्डागांव को 2 मई 2026 को विधिवत गिरफ्तार कर लिया। गिरफ्तारी की सूचना परिजनों को देने के बाद 3 मई 2026 को आरोपी को न्यायिक रिमांड पर जेल भेज दिया गया है।
    पुलिस ने बताया कि मामले में आगे की वैधानिक कार्रवाई जारी है।

    दुर्ग। राजनीति में कथनी और करनी का अंतर जब गहरा हो जाए, तो वह 'असफलता' का प्रमाण बन जाता है। दुर्ग नगर पालिक निगम की महापौर श्रीमती अलका बाघमार इन दिनों अपनी कार्यप्रणाली को लेकर नहीं, बल्कि सोशल मीडिया पर वायरल एक विवादित वीडियो और उसके बाद दी गई अपनी 'अजीबोगरीब' सफाई को लेकर चर्चा में हैं।

    गाली पर खेद, पर विफलता का क्या?

    पिछले दिनों एक ठेले वाले को अपशब्द कहते हुए महापौर का वीडियो वायरल हुआ। इस पर सफाई देते हुए उन्होंने इसे 3 महीने पुराना बताया और कहा कि "लगातार समझाइश के बाद भी ठेला नहीं हटाने पर मुंह से शब्द निकल गए।"

    यहाँ सवाल यह नहीं है कि उनके मुंह से क्या निकला, सवाल यह है कि 3 महीने बाद भी वह ठेला वहीं क्यों खड़ा है? यदि शहर की प्रथम नागरिक एक गुमटी नहीं हटवा पा रही हैं, तो क्या इसे उनकी लाचारी माना जाए या प्रशासनिक विफलता? महापौर ने अनजाने में ही सही, पर यह स्वीकार कर लिया है कि दुर्ग में अतिक्रमण हटाने के उनके तमाम दावे केवल 'कागजी शेर' हैं।

    अमीरों पर मेहरबानी, गरीबों पर 'जुबानी' वार

    महापौर की 'मानवता' और 'कड़े कदम' की थ्योरी उस वक्त हवा हो जाती है, जब नजर शहर के रसूखदारों के अवैध कब्जों पर पड़ती है। जनता पूछ रही है:

    ओम ज्वैलर्स ने बरामदे से लेकर सड़क तक जो अवैध साम्राज्य फैलाया है, उस पर महापौर की 'कड़ी कार्रवाई' की धार कुंद क्यों पड़ गई?

    गणेश मंदिर के सामने राम रसोई के संचालक द्वारा खुलेआम सड़क पर किए गए निर्माण पर महापौर मौन क्यों हैं?

    बस स्टैंड की हजारों स्क्वायर फीट जमीन पर अनुबंध खत्म होने के बाद भी कब्जा जमाए बैठे रसूखदार के साथ महापौर मंच साझा कर उन्हें 'समाजसेवी' का सर्टिफिकेट क्यों बांट रही हैं?

    चौतरफा अतिक्रमण: बदहाल दुर्ग की तस्वीर

    कुआं चौक से लेकर महाराजा चौक और बोरसी चौक तक, यातायात व्यवस्था दम तोड़ रही है। साईं द्वारा के पास फल दुकानों के कारण जाम की स्थिति हो या शनिवार को चर्च रोड पर लगने वाला अवैध बाजार—प्रशासनिक इच्छाशक्ति पूरी तरह नदारद है। इंदिरा मार्केट के भीतर बड़े व्यापारियों ने सड़कों तक दुकानें सजा ली हैं, लेकिन महापौर केवल 'कपड़ा लाइन' का अतिक्रमण हटाकर अपनी पीठ थपथपा रही हैं।

    "क्या आने वाले 4 साल भी इसी तरह 'मौन' रहकर और सोशल मीडिया पर भावनात्मक संदेश देकर बिताए जाएंगे?"

    निष्कर्ष: सुशासन या सिर्फ महिमामंडन?

    सोशल मीडिया पर चंद समर्थकों द्वारा महापौर का महिमामंडन जमीनी हकीकत को नहीं बदल सकता। एक तरफ गरीबों को अपशब्द और दूसरी तरफ अवैध कब्जाधारियों को संरक्षण—यह दोहरा मापदंड दुर्ग की जनता देख रही है।

    श्रीमती अलका बाघमार को यह समझना होगा कि शहर 'भावनात्मक पोस्ट' से नहीं, बल्कि ठोस कार्रवाई से चलता है। यदि वह एक कुआं चौक को 3 महीने में अतिक्रमण मुक्त नहीं करा पाईं, तो यह उनकी कार्यशैली पर सबसे बड़ा प्रश्नचिह्न है। अब देखना यह होगा कि महापौर अपनी इस 'स्वीकृत असफलता' को सफलता में बदलती हैं या फिर दुर्ग इसी तरह अवैध कब्जों का बंधक बना रहेगा।

      रायपुर/जशपुर, शौर्यपथ। सुशासन तिहार 2026 के दौरान मुख्यमंत्री साय का जशपुर प्रवास ग्राम भैंसामुड़ा में एक भावुक और प्रेरणादायक दृश्य का साक्षी बना। विकासखंड पत्थलगांव के इस दूरस्थ गांव में मुख्यमंत्री ने प्रधानमंत्री आवास योजना के तहत बन रहे घरों का औचक निरीक्षण किया और जनसेवा के प्रति अपनी प्रतिबद्धता का अनूठा उदाहरण प्रस्तुत किया।
    गांव से गुजरते समय मुख्यमंत्री की नजर हितग्राही श्रीमती अनुसुइया पैंकरा के निर्माणाधीन आवास पर पड़ी। वे तुरंत वाहन से उतरकर मौके पर पहुंचे और निर्माण कार्य का बारीकी से अवलोकन किया। इस दौरान उन्होंने कार्य की गुणवत्ता परखने के साथ-साथ श्रमिकों से आत्मीय संवाद कर उनके परिश्रम की सराहना की।
    श्रमदान से दिया संदेश-निरीक्षण के बीच एक ऐसा क्षण आया जिसने सभी को भावुक कर दिया। मुख्यमंत्री श्री साय ने स्वयं करणी उठाकर सीमेंट-गारा से ईंट जोड़ते हुए श्रमदान किया। मुख्यमंत्री को अपने हाथों से निर्माण कार्य में भागीदारी करते देख ग्रामीणों में उत्साह और भावुकता का माहौल बन गया। यह पहल केवल प्रतीकात्मक नहीं, बल्कि जनसेवा के प्रति उनकी संवेदनशील सोच का सशक्त संदेश बनकर उभरी।
    हितग्राही ने जताया आभार-श्रीमती अनुसुइया पैंकरा ने मुख्यमंत्री के प्रति आभार व्यक्त करते हुए कहा कि उनका वर्षों पुराना सपना अब साकार हो रहा है। उन्होंने बताया कि प्रधानमंत्री आवास योजना के माध्यम से उन्हें पक्का घर मिल रहा है, जिससे उनके परिवार को सुरक्षित और सम्मानजनक जीवन मिलेगा।
    रोजगार और योजनाओं पर भी चर्चा-मुख्यमंत्री ने मौके पर मौजूद राजमिस्त्री श्री मोहन चक्रेश से भी बातचीत की। उन्होंने उनके रोजगार, मजदूरी और पारिवारिक स्थिति की जानकारी ली तथा शासन की जनकल्याणकारी योजनाओं का लाभ लेने के लिए प्रेरित किया।
    विश्वास मजबूत करने वाली पहल-मुख्यमंत्री साय का यह दौरा केवल औपचारिक निरीक्षण नहीं रहा, बल्कि यह गरीबों के प्रति उनकी संवेदनशीलता, सहभागिता और जमीनी जुड़ाव का प्रतीक बन गया। इस घटना ने ग्रामीणों के मन में शासन के प्रति विश्वास को और अधिक सुदृढ़ किया।इस अवसर पर पत्थलगांव विधायक श्रीमती गोमती साय, कलेक्टर रोहित व्यास सहित अन्य जनप्रतिनिधि और बड़ी संख्या में ग्रामीणजन उपस्थित रहे।

      रायपुर / शौर्यपथ / सुशासन तिहार में मुख्यमंत्री साय ने जशपुर जिले के सुदूर वनांचल ग्राम चंदागढ़ में पहुंचकर संवेदनशील और जनकेंद्रित शासन की एक प्रभावशाली झलक प्रस्तुत की। मुख्यमंत्री का हेलीकॉप्टर जैसे ही चंदागढ़ में उतरा, ग्रामीणों ने उत्साह और आत्मीयता के साथ उनका भव्य स्वागत किया।
    मुख्यमंत्री सीधे पत्थलगांव विकासखंड के ग्राम भैंसामुड़ा पहुंचे, जहां उन्होंने बजरंग बली मंदिर में पूजा-अर्चना कर प्रदेश की सुख, समृद्धि और खुशहाली की कामना की। इसके बाद गांव के बीचों-बीच बरगद के विशाल पेड़ की शीतल छांव में जनचौपाल सजी।
    मुख्यमंत्री साय ने कहा कि सुशासन तिहार 1 मई से 10 जून तक आयोजित किया जा रहा है और इसका उद्देश्य सरकार को जनता के द्वार तक ले जाना है, ताकि समस्याओं का समाधान मौके पर ही किया जा सके। मुख्यमंत्री ने कहा कि आज वे जनता की समस्याएं सुनने आए हैं और ग्रामीणों की समस्या का समयबद्ध समाधान सुनिश्चित किया जाएगा।
    उन्होंने ग्रामवासियों से राशन, नमक, शक्कर की उपलब्धता, पेयजल व्यवस्था, बिजली, पटवारी से संबंधित समस्याओं सहित विभिन्न मूलभूत सुविधाओं की जानकारी ली और अधिकारियों को त्वरित समाधान के निर्देश दिए।
    जनचौपाल के दौरान मुख्यमंत्री साय ने “लखपति दीदी” श्रीमती सुमिला कोरवा और श्रीमती पुष्पलता चौहान से आत्मीय संवाद किया और उनके कार्यों की सराहना की। उन्होंने जाना कि महिला स्व-सहायता समूह की महिलाएं ईंट निर्माण, किराना दुकान और बीसी सखी जैसे कार्यों के माध्यम से आत्मनिर्भर बन रही हैं।
    मुख्यमंत्री ने बताया कि प्रदेश में अब तक 8 लाख लखपति दीदी बन जा चुकी हैं, जबकि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व में देशभर में यह संख्या 3 करोड़ से अधिक हो चुकी है, जो महिला सशक्तिकरण की दिशा में एक बड़ा परिवर्तन है।
    मुख्यमंत्री साय ने ग्राम चंदागढ़ और भैंसामुड़ा के विकास के लिए कई महत्वपूर्ण घोषणाएं करते हुए सामुदायिक भवन निर्माण, मिनी स्टेडियम निर्माण, सीसी रोड निर्माण तथा बच्चों के लिए क्रिकेट किट और यूनिफॉर्म उपलब्ध कराने की घोषणा की। उन्होंने अधिकारियों को सामुदायिक भवन के लिए उपयुक्त स्थल का चयन करने के निर्देश भी दिए। इस दौरान मुख्यमंत्री साय ने विभिन्न जनकल्याणकारी योजनाओं के क्रियान्वयन की जमीनी स्थिति का भी जायजा लिया। कलावती चौहान ने बताया कि गांव में महतारी वंदन योजना और प्रधानमंत्री आवास योजना का लाभ सभी पात्र हितग्राहियों को मिल रहा है, जिस पर मुख्यमंत्री ने संतोष व्यक्त किया।
    मुख्यमंत्री साय ने तेंदूपत्ता संग्रहण कार्य की स्थिति की जानकारी ली और चरण पादुका योजना के लाभ के संबंध में भी चर्चा की। उन्होंने बताया कि राज्य में श्री रामलला दर्शन योजना और मुख्यमंत्री तीर्थ दर्शन योजना के माध्यम से आमजन को धार्मिक और सामाजिक रूप से जोड़ा जा रहा है। इसके साथ ही उन्होंने कहा कि ग्राम पंचायतों में स्थापित अटल डिजिटल सुविधा केंद्रों के माध्यम से अब आय, जाति, निवास प्रमाण पत्र सहित विभिन्न सेवाएं एक ही स्थान पर उपलब्ध हो रही हैं और ग्रामीणों को ऑनलाइन बैंकिंग एवं अन्य सुविधाओं का भी लाभ मिल रहा है।
    मुख्यमंत्री ने जनचौपाल के दौरान ग्रामीणों की मांगों और समस्याओं को गंभीरता से सुना और अधिकारियों को स्पष्ट निर्देश दिए कि सभी समस्याओं का प्राथमिकता के साथ समाधान सुनिश्चित किया जाए। उन्होंने कहा कि सुशासन का वास्तविक अर्थ यही है कि शासन की योजनाएं अंतिम व्यक्ति तक पहुंचे और लोगों को उनका लाभ समय पर मिले।
    इस अवसर पर विधायक पत्थलगांव श्रीमती गोमती साय, प्रमुख सचिव सुबोध कुमार सिंह, जनसंपर्क आयुक्त रजत बंसल, कलेक्टर रोहित व्यास, वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक डॉ. लाल उमेद सिंह सहित बड़ी संख्या में ग्रामीणजन उपस्थित थे।

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