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दुर्ग। शौर्यपथ। दुर्ग शहर में गरीबों को सस्ते भोजन के नाम पर शुरू हुई “राम रसोई” अब सेवा का केंद्र न रहकर विवादों, अवैध कब्जों और राजनीतिक सांठगांठ का अड्डा बन गई है। ताजा खुलासों ने यह स्पष्ट कर दिया है कि जिसे जनता 'सरकारी योजना' समझ रही थी, वह दरअसल एक अपंजीकृत संस्था का निजी उपक्रम है, जो प्रभु श्री राम के पवित्र नाम की ओट में नियमों की धज्जियां उड़ा रहा है।
सरकारी योजना नहीं, निजी 'होटल' का मायाजाल
“राम रसोई” कोई शासकीय योजना नहीं है। इसे भाजपा नेता चतुर्भुज राठी द्वारा एक ऐसी संस्था के माध्यम से चलाया जा रहा है जिसका कोई वैधानिक पंजीकरण तक नहीं है। नगर निगम अधिनियमों को ठेंगा दिखाते हुए इस अपंजीकृत संस्था को बेशकीमती शासकीय भूमि थमा दी गईं। सवाल यह है कि क्या प्रशासन ने 'राम' नाम के आगे घुटने टेक दिए थे या फिर फाइलों के नीचे राजनीतिक रसूख की चमक ने अधिकारियों को अंधा कर दिया था?
सड़क पर कब्जा, आस्था का 'दुरुपयोग'
प्रभु श्री राम, जो मर्यादा और नियमों के प्रतीक हैं, उनके नाम पर नियमों की बलि चढ़ाई जा रही है। आरोप है कि संचालक चतुर्भुज राठी ने न केवल आवंटित स्थानों पर बल्कि आम सड़कों और सार्वजनिक स्थलों पर भी अवैध कब्जे कर लिए हैं। भक्ति की चादर ओढ़कर किया जा रहा यह कृत्य सीधे तौर पर प्रभु श्री राम के नाम का दुरुपयोग है। क्या सत्ताधारी दल के नेता होने का अर्थ यह है कि आप भक्ति को ढाल बनाकर 'होटल' संस्कृति को 'सेवा' का नाम दे देंगे?
राजेश यादव और अजय शर्मा: जुगलबंदी के पीछे का खेल
इस पूरे खेल की स्क्रिप्ट कांग्रेस शासनकाल में ही लिख दी गई थी। तत्कालीन सभापति राजेश यादव के कार्यकाल में बिना किसी ठोस प्रक्रिया या परिषद की विधिवत अनुमति के भूमि का आवंटन संदेह पैदा करता है।
गवाह बने 'विपक्ष': कांग्रेस नेता अजय शर्मा का इस अनुबंध में गवाह बनना यह साबित करता है कि भ्रष्टाचार और बंदरबांट के मामलों में 'पक्ष' और 'विपक्ष' की दीवारें ढह जाती हैं।
यह कहना गलत नहीं होगा कि यादव की सहमति और शर्मा की गवाही ने इस अवैध साम्राज्य की नींव रखी।
भाजपा की छवि पर 'राठी' का प्रहार?
एक ओर भारतीय जनता पार्टी राम मंदिर और राम राज्य की बात करती है, वहीं दूसरी ओर उन्हीं के नेता चतुर्भुज राठी पर अनुबंध उल्लंघन के गंभीर आरोप हैं।
अनुबंध की शर्तों का उल्लंघन: दो समय के भोजन के वादे के बावजूद केवल दोपहर में दुकान सजाई जा रही है।
धार्मिक स्थलों पर अतिक्रमण: मंदिरों और धर्मशालाओं को निजी जागीर की तरह इस्तेमाल किया जा रहा है।
ऐसे कृत्य न केवल प्रशासनिक व्यवस्था को चुनौती दे रहे हैं, बल्कि भारतीय जनता पार्टी की छवि को भी जनता की नजरों में धूमिल कर रहे हैं।
मौन विपक्ष और रसूखदार संरक्षण
हैरत की बात यह है कि नगर निगम में विपक्ष (कांग्रेस) इस मुद्दे पर 'मौन व्रत' धारण किए हुए है। जानकारों का कहना है कि जब पूर्व सरकार के चहेते नेता (अजय शर्मा) खुद गवाह बनकर बैठे हों, तो विरोध की आवाज निकले भी तो कैसे? यह राजनीति, संरक्षण और निजी स्वार्थ का एक ऐसा त्रिकोण बन चुका है जिसमें पिस केवल आम जनता और नियम रहे हैं।
कटाक्ष: सेवा या सिस्टम का शिकार? > "राम नाम की लूट है, लूट सके तो लूट" वाली कहावत आज दुर्ग की सड़कों पर 'राम रसोई' के रूप में चरितार्थ हो रही है। जब अपंजीकृत संस्थाएं सड़कों पर कब्जा करने लगें और 'राम' के नाम पर नियमों को सूली पर चढ़ाया जाने लगे, तो समझ लेना चाहिए कि यहाँ 'भोजन' नहीं, बल्कि 'सिस्टम' परोसा जा रहा है।
निष्कर्ष: अब समय आ गया है कि प्रशासन गहरी नींद से जागे और इस पूरे प्रकरण की उच्च स्तरीय जांच कराए। क्या एक अपंजीकृत संस्था को शहर की सड़कों और सार्वजनिक संपत्तियों पर 'राम नाम' का बैनर लगाकर कब्जा करने की छूट दी जा सकती है? दुर्ग की जनता अब 'सेवा' के पीछे छिपे इस 'व्यापार' का सच जानना चाहती है।
नई दिल्ली। शौर्यपथ ।
छत्तीसगढ़ के सक्ती जिले स्थित एक पावर प्लांट में हुई दुर्घटना पर गहरा शोक व्यक्त किया गया है। इस हादसे में कई लोगों की मृत्यु होने तथा कुछ लोगों के घायल होने की सूचना है।
प्रधानमंत्री Narendra Modi ने इस दुखद घटना पर संवेदना व्यक्त करते हुए शोक संतप्त परिवारों के प्रति अपनी गहरी सहानुभूति प्रकट की है। उन्होंने घायलों के शीघ्र स्वस्थ होने की कामना की है।
प्रधानमंत्री ने घोषणा की है कि इस दुर्घटना में मृतक प्रत्येक व्यक्ति के निकटतम परिजन को प्रधानमंत्री राष्ट्रीय राहत कोष (PMNRF) से 2 लाख रुपये की अनुग्रह राशि प्रदान की जाएगी। इसके अतिरिक्त, घायलों को 50,000 रुपये की आर्थिक सहायता दी जाएगी।
राज्य सरकार एवं स्थानीय प्रशासन द्वारा राहत एवं बचाव कार्य युद्ध स्तर पर जारी है। प्रभावितों को हर संभव सहायता प्रदान की जा रही है तथा घायलों का समुचित उपचार सुनिश्चित किया जा रहा है।
सक्ती/रायपुर।
छत्तीसगढ़ के सक्ती स्थित वेदांता प्लांट में बॉयलर फटने की घटना ने एक बार फिर औद्योगिक सुरक्षा व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। इस दर्दनाक हादसे में मृतकों की संख्या को लेकर अभी स्पष्ट जानकारी सामने नहीं आई है, लेकिन घटना की भयावहता को लेकर चिंता बढ़ गई है।
इस मामले पर छत्तीसगढ़ के पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने कड़ी प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि वेदांता प्लांट में यह पहली दुर्घटना नहीं है। उन्होंने याद दिलाया कि इससे पहले कोरबा स्थित प्लांट में चिमनी निर्माण के दौरान भी एक बड़ा हादसा हुआ था, जिसमें लगभग 40 लोगों की मौत हो गई थी।
⚠️ “जांच हो, दोषियों पर FIR दर्ज हो”
भूपेश बघेल ने प्रशासन से मांग की है कि इस पूरे मामले की निष्पक्ष जांच के लिए एक उच्च स्तरीय जांच समिति गठित की जाए। उन्होंने कहा कि हादसे के लिए जिम्मेदार लोगों की पहचान कर उनके खिलाफ एफआईआर दर्ज की जाए और सख्त कार्रवाई सुनिश्चित की जाए।
? दर्दनाक हादसा, उठे सुरक्षा पर सवाल
पूर्व मुख्यमंत्री ने इस घटना को बेहद दर्दनाक बताते हुए कहा कि ऐसी घटनाएं लगातार सामने आना गंभीर लापरवाही की ओर संकेत करता है। उन्होंने कहा कि औद्योगिक इकाइयों में सुरक्षा मानकों का कड़ाई से पालन होना आवश्यक है, ताकि भविष्य में इस तरह की घटनाओं की पुनरावृत्ति न हो।
✍️ निष्कर्ष:
सक्ती वेदांता प्लांट में हुआ यह हादसा एक बार फिर औद्योगिक सुरक्षा और जवाबदेही पर बहस को तेज कर गया है। अब नजर प्रशासन की कार्रवाई और जांच प्रक्रिया पर टिकी हुई है।
रायपुर / शौर्यपथ /
छत्तीसगढ़ में ग्रामीण अर्थव्यवस्था को सशक्त बनाने और किसानों को स्थानीय स्तर पर सुविधाएं उपलब्ध कराने की दिशा में एक बड़ा कदम उठाया गया है। मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय 15 अप्रैल को मंत्रालय महानदी भवन, नवा रायपुर अटलनगर से 515 नई प्राथमिक कृषि साख सहकारी समितियों (पैक्स) का वर्चुअल शुभारंभ करेंगे। कार्यक्रम में सहकारिता मंत्री श्री केदार कश्यप अध्यक्षता करेंगे।
केंद्रीय गृह एवं सहकारिता मंत्री श्री अमित शाह के मार्गदर्शन में गठित इन नई पैक्स समितियों का उद्देश्य किसानों को ऋण, खाद, बीज और अन्य कृषि सेवाएं गांव स्तर पर उपलब्ध कराना है। कार्यक्रम की शुरुआत सहकारिता विभाग के सचिव डॉ. सी.आर. प्रसन्ना के स्वागत उद्बोधन से होगी।
सहकारिता मंत्री श्री केदार कश्यप ने कहा कि इन समितियों के गठन से किसानों को अब दूर जाने की आवश्यकता नहीं होगी, जिससे समय और संसाधनों की बचत होगी। साथ ही शासकीय योजनाओं का लाभ सीधे किसानों तक पहुंचेगा, जिससे उनकी आय में वृद्धि और ग्रामीण क्षेत्रों के समग्र विकास को गति मिलेगी। उन्होंने इसे “सहकार से समृद्धि” की दिशा में महत्वपूर्ण पहल बताया।
मुख्यमंत्री श्री साय अपने संबोधन में राज्य सरकार की किसान हितैषी नीतियों और सहकारिता आधारित विकास मॉडल को रेखांकित करेंगे। कार्यक्रम में सहकारी संस्थाओं के जनप्रतिनिधि, अपेक्स बैंक एवं जिला सहकारी केंद्रीय बैंकों के पदाधिकारी, पैक्स प्रतिनिधि और विभागीय अधिकारी वर्चुअल माध्यम से जुड़ेंगे।
उल्लेखनीय है कि राज्य में पहले से संचालित 2058 पैक्स समितियों के साथ इन 515 नई समितियों के जुड़ने से कुल संख्या बढ़कर 2573 हो जाएगी। इन बहुउद्देशीय पैक्स के माध्यम से किसानों को व्यापक सेवाएं उपलब्ध कराई जाएंगी, जिससे छत्तीसगढ़ में सहकारिता तंत्र और अधिक सुदृढ़ होगा।
रायपुर / शौर्यपथ / मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने सक्ती जिले के सिंघीतराई स्थित वेदांता पावर प्लांट में बॉयलर फटने से हुई दुर्घटना पर गहरा दुःख व्यक्त किया है। उन्होंने इस घटना को अत्यंत पीड़ादायक और हृदय विदारक बताते हुए मृतकों के प्रति श्रद्धांजलि अर्पित की तथा शोक संतप्त परिजनों के प्रति अपनी गहरी संवेदनाएँ प्रकट की हैं।
मुख्यमंत्री साय ने कहा कि इस दुर्घटना में श्रमिकों के निधन एवं कई लोगों के घायल होने का समाचार अत्यंत व्यथित करने वाला है। उन्होंने ईश्वर से प्रार्थना की कि दिवंगत आत्माओं को शांति प्रदान करें तथा उनके परिजनों को इस असहनीय दुःख को सहने की शक्ति दें।
मुख्यमंत्री साय ने कहा कि घटना की सूचना मिलते ही जिला प्रशासन को तत्काल मौके पर पहुंचकर राहत एवं बचाव कार्य प्रारंभ करने के निर्देश दिए गए हैं। वर्तमान में प्रशासन की निगरानी में तेजी से राहत कार्य संचालित किया जा रहा है और घायलों को त्वरित एवं समुचित चिकित्सा सुविधा उपलब्ध कराई जा रही है।
उन्होंने अधिकारियों को निर्देशित किया है कि सभी घायलों के उपचार में किसी प्रकार की कमी न हो तथा आवश्यकतानुसार बेहतर चिकित्सा सुविधाएं सुनिश्चित की जाएं। साथ ही, उन्होंने घायलों के शीघ्र स्वास्थ्य लाभ की कामना की है।
मुख्यमंत्री ने स्पष्ट किया है कि इस दुर्घटना की गहन और निष्पक्ष जांच कराई जाएगी। उन्होंने कहा कि जांच में जो भी दोषी पाए जाएंगे, उनके विरुद्ध सख्त से सख्त कार्रवाई सुनिश्चित की जाएगी।
मुख्यमंत्री ने निर्देश दिए हैं कि भविष्य में इस प्रकार की घटनाओं की पुनरावृत्ति रोकने के लिए सभी आवश्यक सुरक्षा उपायों की समीक्षा की जाए और औद्योगिक इकाइयों में सुरक्षा मानकों का कड़ाई से पालन सुनिश्चित किया जाए।
रायपुर / शौर्यपथ /
डॉ. भीमराव आंबेडकर की 135वीं जयंती के अवसर पर राजधानी रायपुर के शंकरनगर स्थित दुर्गा मैदान में आयोजित समरसता भोज कार्यक्रम में मुख्यमंत्री विष्णु देव साय शामिल हुए। इस दौरान उन्होंने जनप्रतिनिधियों और आम नागरिकों के साथ बैठकर भोजन किया और स्वयं भोजन परोसते हुए सामाजिक समरसता का संदेश दिया।
कार्यक्रम को संबोधित करते हुए मुख्यमंत्री साय ने कहा कि भारतीय संविधान देश के लोकतंत्र की आत्मा है, जो 140 करोड़ नागरिकों को समानता, अधिकार और गरिमा के साथ जीवन जीने का आधार प्रदान करता है। उन्होंने बाबा साहेब डॉ. आंबेडकर के योगदान को स्मरण करते हुए कहा कि उन्होंने विपरीत परिस्थितियों में भी अपने दृढ़ संकल्प से समाज के वंचित, शोषित और कमजोर वर्गों के उत्थान के लिए जीवन समर्पित किया।
मुख्यमंत्री ने नारी सशक्तिकरण पर भी जोर देते हुए कहा कि महात्मा ज्योतिबा फुले और माता सावित्रीबाई फुले द्वारा शुरू किए गए शिक्षा और सामाजिक जागरूकता के अभियान को बाबा साहेब ने नई दिशा दी। साथ ही उन्होंने बताया कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में बाबा साहेब से जुड़े पांच प्रमुख स्थलों को “पंच तीर्थ” के रूप में विकसित कर उन्हें स्थायी सम्मान दिया जा रहा है।
इस अवसर पर मंत्री गुरु खुशवंत साहेब ने बाबा साहेब के जीवन को संघर्ष, शिक्षा और समरसता का प्रेरक उदाहरण बताते हुए कहा कि उनके विचार आज भी समाज को समानता और न्याय की दिशा में आगे बढ़ाते हैं। विधायक किरण सिंह देव ने कहा कि संविधान के माध्यम से कमजोर वर्गों को सशक्त करने की मजबूत व्यवस्था की गई है, जिसे वर्तमान सरकार अंतिम व्यक्ति तक पहुंचाने का कार्य कर रही है।
कार्यक्रम में विधायक पुरंदर मिश्रा, खाद्य एवं नागरिक आपूर्ति निगम के अध्यक्ष संजय श्रीवास्तव, अल्पसंख्यक आयोग के अध्यक्ष अमरजीत सिंह छाबड़ा, फिल्म विकास निगम की अध्यक्ष मोना सेन सहित अन्य जनप्रतिनिधि और बड़ी संख्या में नागरिक उपस्थित रहे।
नारी शक्ति वंदन अधिनियम के प्रभावी क्रियान्वयन हेतु एकजुटता का आह्वान: मुख्यमंत्री साय ने सांसदों, विधायकों और महिला संगठनों को लिखा पत्र
रायपुर /शौर्यपथ / मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने नारी शक्ति वंदन अधिनियम के प्रभावी एवं समयबद्ध क्रियान्वयन को लेकर छत्तीसगढ़ के सभी लोकसभा एवं राज्यसभा सांसदों, विधानसभा सदस्यों तथा महिला संगठनों को पत्र लिखकर सक्रिय सहभागिता निभाने का आग्रह किया है। उन्होंने 16 अप्रैल 2026 को संसद में नारी शक्ति वंदन अधिनियम पर प्रस्तावित चर्चा को देश के लोकतांत्रिक इतिहास का एक महत्वपूर्ण और निर्णायक क्षण बताते हुए कहा है कि यह मातृशक्ति को लोकतांत्रिक संस्थाओं में समुचित प्रतिनिधित्व दिलाने की दिशा में एक ऐतिहासिक अवसर है।
मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने सांसदों को लिखे अपने पत्र में उल्लेख किया है कि 16 अप्रैल 2026 को संसद में नारी शक्ति वंदन अधिनियम पर प्रस्तावित चर्चा देश के लोकतांत्रिक इतिहास का एक महत्वपूर्ण अवसर है। वर्ष 2023 में संसद द्वारा इस अधिनियम को सर्वसम्मति से पारित किए जाने को लोकतंत्र की एकजुटता और महिला सशक्तीकरण के प्रति सामूहिक प्रतिबद्धता का प्रतीक है। मुख्यमंत्री ने सांसदों से आग्रह किया कि वे वर्ष 2029 के लोकसभा एवं विधानसभा चुनावों से पूर्व इस अधिनियम को प्रभावी रूप से लागू करने के विषय में सकारात्मक और सक्रिय भूमिका निभाएं, ताकि मातृशक्ति को उनका समुचित अधिकार शीघ्र प्राप्त हो सके।
मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने छत्तीसगढ़ के सभी विधायकों को लिखे गए पत्र में उल्लेख किया है कि अब समय आ गया है कि महिलाओं को निर्णय प्रक्रिया में उनका उचित प्रतिनिधित्व सुनिश्चित किया जाए। उन्होंने कहा कि ‘मातृशक्ति के नेतृत्व में सशक्तीकरण’ का यह अभियान देश के समग्र विकास की दृष्टि से अत्यंत महत्वपूर्ण है। मुख्यमंत्री ने सभी विधायकों से अपेक्षा की कि है कि वे महिला आरक्षण के समर्थन में छत्तीसगढ़ की आवाज को सशक्त करें तथा इस विषय पर होने वाली चर्चा में सक्रिय सहभागिता निभाते हुए सकारात्मक वातावरण के निर्माण में अपना योगदान दें।
मुख्यमंत्री साय ने महिला संगठनों को लिखे अपने पत्र में महिला संगठनों के निरंतर प्रयासों और योगदान की सराहना करते हुए कहा है कि महिला सशक्तीकरण के क्षेत्र में उनकी सक्रिय भूमिका ने समाज में सकारात्मक परिवर्तन की मजबूत नींव रखी है। उन्होंने उल्लेख किया कि 16 अप्रैल को संसद में होने वाली चर्चा केवल एक विधायी प्रक्रिया नहीं, बल्कि देश की आधी आबादी को उनके अधिकारों से पूर्ण रूप से सशक्त करने की दिशा में एक ऐतिहासिक पहल है। साथ ही यह लोकतंत्र को और अधिक समावेशी एवं संवेदनशील बनाने का अवसर है।
मुख्यमंत्री साय ने उल्लेख किया कि यह सुखद संयोग है कि यह महत्वपूर्ण चर्चा ऐसे समय में हो रही है जब छत्तीसगढ़ में ‘महतारी गौरव वर्ष’ मनाया जा रहा है। उन्होंने कहा कि छत्तीसगढ़ सदैव महिला सशक्तीकरण के क्षेत्र में अग्रणी रहा है और छत्तीसगढ़ विधानसभा में महिलाओं की उल्लेखनीय भागीदारी इसका प्रमाण है। स्थानीय निकायों में महिलाओं को 50 प्रतिशत आरक्षण प्रदान किए जाने तथा ‘महतारी वंदन योजना’ और ‘रानी दुर्गावती योजना’ जैसी पहल के सकारात्मक परिणाम आज स्पष्ट रूप से दिखाई दे रहे हैं।
उन्होंने महिला संगठनों से आह्वान किया कि वे 16 अप्रैल को होने वाली इस ऐतिहासिक पहल के समर्थन में अपने-अपने मंचों से मुखर होकर आवाज बुलंद करें, ताकि महिला आरक्षण के पक्ष में देशव्यापी सकारात्मक वातावरण तैयार हो सके। मुख्यमंत्री ने कहा कि महिला संगठन केवल इस परिवर्तन के साक्षी ही नहीं, बल्कि इसके निर्माण में भागीदार भी बनेंगी।
मुख्यमंत्री ने सभी जनप्रतिनिधियों और महिला संगठनों से अपील की है कि वे इस ऐतिहासिक अवसर पर एकजुट होकर महिला आरक्षण के समर्थन में सकारात्मक वातावरण का निर्माण करें और संसदीय चर्चा में अपनी सक्रिय भागीदारी सुनिश्चित करें। उन्होंने विश्वास व्यक्त किया कि सामूहिक प्रयासों से यह पहल न केवल सफल होगी बल्कि देश के लोकतंत्र के सशक्तीकरण की दिशा में एक नए युग की शुरुआत करेगी।
पटना, ।
बिहार की राजनीति में ऐतिहासिक मोड़ आ गया है। भारतीय जनता पार्टी के वरिष्ठ नेता सम्राट चौधरी को भाजपा विधायक दल का नेता चुन लिया गया है और वे अब राज्य के पहले भाजपा मुख्यमंत्री के रूप में शपथ लेने जा रहे हैं।
? 15 अप्रैल को शपथ, सत्ता परिवर्तन तय
सूत्रों के अनुसार सम्राट चौधरी 15 अप्रैल 2026 को सुबह 10 बजे मुख्यमंत्री पद की शपथ लेंगे। यह समारोह पटना के राजभवन या लोक भवन में आयोजित होने की संभावना है।
यह बदलाव नीतीश कुमार के इस्तीफे के बाद हुआ है, जिन्हें राज्यसभा के लिए चुना गया है।
? गठबंधन की नई संरचना
नई सरकार में विजय कुमार चौधरी और बिजेंद्र प्रसाद यादव को उपमुख्यमंत्री बनाए जाने की चर्चा तेज है।
कैबिनेट में नए और युवा चेहरों को मौका देकर भाजपा-जदयू संतुलन साधने की रणनीति अपनाई जा रही है।
?️ विरासत से सत्ता तक का सफर
सम्राट चौधरी का जन्म 16 नवंबर 1968 को मुंगेर जिले में हुआ। वे राजनीतिक रूप से मजबूत परिवार से आते हैं—उनके पिता शकुनी चौधरी बिहार की लव-कुश राजनीति के बड़े स्तंभ रहे हैं।
? राजनीतिक यात्रा
1990: राजनीति में प्रवेश
1999: राबड़ी देवी सरकार में कृषि मंत्री
2014: राजद से जदयू में शामिल
2017: भाजपा में प्रवेश
2024: बिहार के उपमुख्यमंत्री बने
? संगठन से सरकार तक प्रभावशाली भूमिका
2023–2024: भाजपा प्रदेश अध्यक्ष रहते हुए OBC आधार मजबूत किया
2022: विधान परिषद में विपक्ष के नेता
2024: GST रेट रेशनलाइजेशन पैनल के संयोजक
? प्रतीक और राजनीति
सम्राट चौधरी अपनी “पगड़ी राजनीति” को लेकर भी चर्चा में रहे।
उन्होंने नीतीश कुमार को सत्ता से हटाने तक पगड़ी न उतारने का संकल्प लिया था, जिसे बाद में अयोध्या में पूरा किया।
⚠️ विवाद भी रहे साथ
उनके राजनीतिक सफर में शैक्षणिक योग्यता और उम्र को लेकर समय-समय पर सवाल उठते रहे, लेकिन इसके बावजूद वे संगठन और सत्ता दोनों में अपनी पकड़ मजबूत करने में सफल रहे।
? क्या बदलेगा बिहार?
बिहार में पहली बार भाजपा का मुख्यमंत्री बनना केवल सत्ता परिवर्तन नहीं, बल्कि राजनीतिक दिशा परिवर्तन का संकेत माना जा रहा है।
अब नजर रहेगी कि सम्राट चौधरी किस तरह विकास, सामाजिक समीकरण और गठबंधन संतुलन को साधते हैं।
✍️ निष्कर्ष:
बिहार की राजनीति में “सम्राट युग” की शुरुआत हो चुकी है—अब यह देखना दिलचस्प होगा कि यह बदलाव राज्य के भविष्य को किस दिशा में ले जाता है।
बाबा साहेब के विचारों से प्रेरित होकर हम समतामूलक और सशक्त समाज के निर्माण के लिए प्रतिबद्ध - मुख्यमंत्री साय
रायपुर । मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने भारत रत्न डॉ. भीमराव आंबेडकर की जयंती पर उन्हें नमन किया है।
मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि बाबा साहेब आंबेडकर सामाजिक न्याय, समानता और मानव अधिकारों के सशक्त प्रहरी थे। उन्होंने अपने पूरे जीवन को समाज के वंचित, शोषित और पिछड़े वर्गों के उत्थान के लिए समर्पित किया और एक ऐसे भारत की नींव रखी, जहां हर व्यक्ति को समान अवसर और सम्मान प्राप्त हो।
मुख्यमंत्री ने कहा कि बाबा साहेब का जीवन हमें यह सिखाता है कि शिक्षा के माध्यम से समाज में सकारात्मक परिवर्तन लाया जा सकता है।
उन्होंने कहा कि छत्तीसगढ़ सरकार बाबा साहेब के आदर्शों और सिद्धांतों को आत्मसात करते हुए समाज के हर वर्ग के सर्वांगीण विकास के लिए प्रतिबद्ध है। राज्य सरकार की विभिन्न योजनाएं समाज के अंतिम छोर तक विकास और अवसरों की समान पहुंच सुनिश्चित करने के उद्देश्य से संचालित की जा रही हैं।
मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि हमारा प्रयास है कि प्रदेश का हर नागरिक शिक्षा, स्वास्थ्य, रोजगार और सामाजिक सुरक्षा के क्षेत्र में सशक्त बने और आत्मनिर्भरता की दिशा में आगे बढ़े।
मुख्यमंत्री ने प्रदेशवासियों से अपील की कि वे बाबा साहेब आंबेडकर के विचारों और मूल्यों को अपने जीवन में आत्मसात करें तथा एक न्यायपूर्ण, समरस और सशक्त समाज के निर्माण में सक्रिय भूमिका निभाएं।
दुर्ग | भारतीय थल सेना में अग्निवीर भर्ती 2026-27 का सपना देख रहे दुर्ग जिले के युवाओं के लिए बड़ी खुशखबरी है। जिला रोजगार एवं स्वरोजगार मार्गदर्शन केंद्र, दुर्ग द्वारा लिखित परीक्षा (CEE) में सफलता सुनिश्चित करने के लिए 01 मई से 31 मई 2026 तक एक विशेष 'परीक्षा पूर्व प्रशिक्षण' कार्यक्रम आयोजित किया जा रहा है।
भर्ती परीक्षा की महत्वपूर्ण तिथियां
लिखित परीक्षा (संभावित): 01 जून से 15 जून, 2026 के मध्य।
प्रशिक्षण की अवधि: 01 मई से 31 मई, 2026 (पूरा एक माह)।
आवेदन का माध्यम: ऑनलाइन (पोर्टल के जरिए)।
प्रशिक्षण का उद्देश्य एवं लाभ
संचालनालय रोजगार एवं प्रशिक्षण छत्तीसगढ़ के निर्देशों पर आधारित इस कार्यक्रम का मुख्य उद्देश्य पंजीकृत युवाओं को लिखित परीक्षा के कठिन स्तर के लिए मानसिक और शैक्षणिक रूप से तैयार करना है।
विषय विशेषज्ञ मार्गदर्शन: अनुभवी शिक्षकों द्वारा परीक्षा पैटर्न के अनुसार तैयारी।
निःशुल्क सुविधा: यह मार्गदर्शन पूरी तरह निःशुल्क है ताकि आर्थिक रूप से कमजोर मेधावी छात्र भी लाभ उठा सकें।
आवेदन कैसे करें?
इच्छुक और पात्र अभ्यर्थी जो इस प्रशिक्षण का लाभ उठाना चाहते हैं, वे निम्नलिखित माध्यमों से संपर्क या पंजीयन कर सकते हैं:
ऑनलाइन पोर्टल: erojgar.cg.gov.in पर जाकर आवेदन करें।
व्यक्तिगत संपर्क: जिला रोजगार एवं स्वरोजगार मार्गदर्शन केंद्र, दुर्ग।
हेल्पलाइन नंबर: 0788-2323504 पर कॉल करें।
ईमेल: This email address is being protected from spambots. You need JavaScript enabled to view it. पर अपनी जिज्ञासाएं भेजें।
प्रशासन की सलाह
जिला रोजगार अधिकारी ने आवेदकों से अपील की है कि वे अंतिम तिथि का इंतजार किए बिना जल्द से जल्द आवेदन करें। अग्निवीर भर्ती की तैयारी कर रहे युवाओं के लिए यह एक बेहतरीन अवसर है जहाँ वे विशेषज्ञों की देखरेख में अपनी कमियों को दूर कर थल सेना में अपना स्थान पक्का कर सकते हैं।
"देश सेवा का जज्बा रखने वाले दुर्ग के युवा इस अवसर को न चूकें। सही दिशा में की गई मेहनत ही सफ
लता की कुंजी है।"
Feb 09, 2021 Rate: 4.00
