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दुर्ग / शौर्यपथ / भिलाई श्रमिक सभा (एच.एम.एस) भिलाई के अध्यक्ष एवं सेल के एनजेसीएस के सदस्य एच.एस.मिश्रा ने कहा कि सेल प्रबंधन अपनी टालमटोल की नीति और हठधर्मिता की नीति को त्याग कर मीडिया में नेट में डालकर स्पष्ट करे। 23 अप्रेल 2021 की मीटिंग भी कोरोना महामारी के चलते किस ढंग से होती है कह नहीं सकते, इसलिए जो 15 प्रतिशत एमजीबी, 35 प्रतिशत पर्क, 9 प्रतिशत पेेंशन, अंशदान व 2017 से एरियर्स की मांग है उस पर समझौता करें, बार-बार मीटिंग बुलाना और लोगों का समय खराब करना यह धोखेबाजी है। जिससे सेल के सभी कर्मचारियों में भारी आक्रोश है यह प्रबंधन को पता भी है। अगर जो उचित मांग है उसे प्रबंधन द्वारा नहीं माना गया तो 6 मई 2021 को एच.एम.एस यूनियन, एटक, सीटू, इस्पात श्रमिक मंच, स्टील वर्कर्स, ई.मो.यु, एक्टू यूनियन आदि भिलाई में हड़ताल के लिए बाध्य होंगे। आज भिलाई के डायरेक्टर इंचार्ज ने सोशल मीडिया में कहा है कि श्रमिकों की जीवन रक्षा हमारी प्राथमिकता है। तब मैं उनसे निवेदन करता हूं कि सेक्टर 9 अस्पताल में जाकर व्यवस्था सुधारें व इलाज की अच्छी वयवस्था कराएं।
लोगों द्वारा बताया जाता है कि सेक्टर 9 अस्पताल में सप्लाई का मजदूर ऑक्सीजन का नौब खोलता है वह बंद करता है, बंद करने की जगह पर खोल देता है, और कभी-कभी खोलने की जगह पर बंद कर देता है। जिसके चलते सैकड़ों भिलाई इस्पात के कर्मचारी व अधिकारी मौत के मुंह में चले गए। अत्यंत दुखद बात है। उसके बाद भी प्रबंधन की मॉनिटरिंग और व्यवस्था सही नहीं हो पा रही है। पुन: डायरेक्टर इंचार्ज से निवेदन है इसे संज्ञान में लेकर सेक्टर- 9 अस्पताल की व्यवस्था डॉक्टरों को सलाह दें कि कोविड मरीज को समय रहते देखभाल करें और अपने कर्तव्य का निर्वाह करें। डायरेक्टर इंचार्ज चेयरमैन से बात कर अनुरोध करें की कोविड से मृत्यु को प्राप्त होने वाले कर्मचारियों के परिवार के लोगों को कोल इंडिया की तरह तत्काल 15 लाख रू भुगतान करें, तथा परिवार के एक सदस्य को तत्काल अनुकंपा नियुक्ति दिलाने में सहयोग करें। अंत में एच.एस.मिश्रा ने कहा कि समय रहते प्रबंधन चेत जाए अन्यथा 6 मई की हड़ताल के बाद भी अगर प्रबंधन को होश नहीं आएगा तो अनिश्चितकालीन हड़ताल सेल में होगा।
दुर्ग / शौर्यपथ / कोरोना काल में मुख्यमंत्री भूपेश बघेल के ओएसडी मनीष बंछोर की जनहित के प्रति संजीदगी देखते बन रही है। आपदा की इस घड़ी में श्री बंछोर अपने संज्ञान में आने वाले हर किसी के जरूरत और समस्या का निवारण तत्काल करा रहे हैं।
कोरोना काल में चिकित्सा सुविधाओं से लेकर अन्य कईं जरुरतों को लेकर इन दिनों लोगों की दिक्कत बनी हुई है। ऐसे में न केवल दुर्ग जिले के लोगों की अपेक्षा मुख्यमंत्री भूपेश बघेल के भिलाई-3 निवास से यथासंभव मदद मिलने को लेकर बढ़ गई है। ऐसे जरूरतमंदों के लिए मुख्यमंत्री भूपेश बघेल के ओएसडी मनीष बंछोर एक अच्छे मददगार साबित हो रहे हैं।
मनीष बंछोर के पास इन दिनों काफी अधिक फोन आ रहे हैं। फोन करने वाले ज्यादातर लोग कोई न कोई समस्या बता रहे हैं। किसी को अपने और परिवार के सदस्य के बेहतर उपचार की सुविधा चाहिए तो कोई लॉकडाउन लगने से दूसरे तरह के दिक्कत से राहत चाहता है। ऐसे लोगों को श्री बंछोर त्वरित मदद दिलाने में कोई कसर नहीं छोड़ रहे हैं। वे आम लोगों के फोन पर मिल रहे शिकायत और समस्या को पूरी प्राथमिकता के साथ दूर कर वापस फोन लगाकर कार्यवाही से अवगत करा रहे हैं।
दुर्ग / शौर्यपथ / लॉकडाउन में दुकाने बंद होने के निर्देश के बाद भी कुछ लोग हरकतो से बाज नहीं आ रहे है, निगम की मोबाइल टीम ने आज बेधड़क सुपर बाजार का आधा शटर खोलकर सामान देने वाले सुपर बाजार में दबिश दिए और तत्काल बंद कराकर जुर्माना वसूल किए। लॉकडाउन में नियमों की अवहेलना करने वालों पर निगम की मोबाइल टीम सख्त कार्यवाही कर रही है। निगम क्षेत्र का सघन निरीक्षण कर दुकान व घर से सामान बेचने वालों से अर्थदंड लेकर कार्रवाई कर रही है। कोरोना वायरस के संक्रमण की रोकथाम के लिए जरूरी है हर व्यक्ति नियमों का पालन करते हुए कोरोना को हराने में अपनी सहभागिता दे। निगम आयुक्त ऋतुराज रघुवंशी के निर्देश पर लॉकडाउन का सख्ती से पालन करवाने मोबाइल टीम लगातार निगम क्षेत्र का सघन निरीक्षण कर रही है। कहीं भी भीड़ जुटने या चोरी चुपके सामान देने की सूचना मिलने पर मौके पर पहुंचकर कार्यवाही कर रही है।
ठेले में घूम-घूम कर फल, सब्जी बेचने के लिए दोपहर 2 बजे तक का समय निर्धारित किया है, इसके बाद भी देर शाम तक पॉवर हाउस चौक, नंदिनी रोड, बापूनगर, कैलाश नगर, बालाजी नगर, सेक्टर 01, सेक्टर 02 क्षेत्र में सड़क किनारे ठेला लगाकर सामान बेचने वालों से अर्थदंड वसूला गया समायावधि के बाद विक्रय नहीं करने की समझाईश देकर छोड़ा गया। आज नियमों का उल्लंघन करने वाले 11 लोगों से 3900 रुपए जुर्माना वसूला गया। इसमें कोमल ठाकुर से 200 रुपए, असलम से 200 रुपए, ओमप्रकाश से 200 रुपए, रिंकू से 400 रुपए, उमेश साहू से 200 रुपए, राधे से 100 रुपए, गोलू से 100 रुपए, वैभव से 100 रूपए, रामलाल सोनकर से 200 रुपए, रमेश मिश्रा से 200 रुपए एवं सुपर बाजार से 2000 हजार रुपए सहित 11 लोगों से 3900 रुपए जुर्माना लिया गया।
दुर्ग / शौर्यपथ / कोरोना के इस कठिन समय में सकारात्मक बात यह है कि सेवाभावी संस्थाएं आगे बढ़कर स्वास्थ्य सेवाओं के लिए अपना योगदान कर रही हैं। आज गुरुकुल फाउंडेशन के जयंत पांडे, सुबोध ठाकुर, के. सत्यनारायण की ओर से स्वास्थ्य विभाग को 10 सीपेप मशीन सौंपी गई। इस दौरान अपर कलेक्टर सुश्री ऋचा प्रकाश चैधरी, जिला पंचायत सीईओ श्री सच्चिदानंद आलोक, सीएमएचओ डॉ. गंभीर सिंह ठाकुर, कोविड नोडल प्रभारी डॉ. सुगम सावंत सहित अन्य अधिकारी उपस्थित थे। अधिकारियों ने गुरुकुल फाउंडेशन के इस कार्य की प्रशंसा करते हुए कहा कि कोरोना के इस कठिन समय में हेल्थ सर्विसेज को बेहतर करने के लिए सामाजिक संस्थाओं की ओर से जितनी मदद मिलेगी, मरीजों को उतनी ही अधिक राहत मिल सकेगी। उल्लेखनीय है कि सीपेप मिनी वेंटिलेटर की तरह काम करता है। इसे जंबो सिलेंडर से जोड़ दें तो छह घंटे तक लगातार आक्सीजन की आपूर्ति कर सकता है।
दुर्ग / शौर्यपथ / कोरोना की बीमारी से लड़ कर स्वस्थ हुए भिलाई के विधायक देवेन्द्र यादव लगातार क्षेत्र का दौरा कर रहे है और व्यवस्थाओ का निरिक्षण कर आवश्यक निर्देश दे रहे है . जनप्रतिनिधि को लगातार अपने बिच पा कर क्षेत्र की जनता खुश है वही कोरोना वारियर्स जो दिन रात मरीजो की देखभाल कर रहे है उनके लिए भी एक गौरव भरा क्षण होता है जब क्षेत्र का जनप्रतिनिधि उनके बिच आ कर उनका हाल चाल जाने और उनकी बातो को सुने .
यही कार्य कर रहे है भिलाई के युवा विधायक देवेन्द्र यादव . विधायक देवेंद्र यादव लगातार कोरोना मरीजों को राहत पहुंचाने और इलाज की बेहतर से बेहतर व्यवस्था बनाने के प्रयास में जुटे हैं। वे लगातार हर रोज विभिन्न अस्पतालों का निरीक्षण कर रहे हैं। अस्पतालों की व्यवस्था देख रहे हैं और जो कमी है उसे पूरा करने का प्रयास कर रहे हैं। सभी मरीजों को समय पर इलाज मिल सके। समय पर बेड मिल सके। इसके लिए भी लगातार जुटे है। इसी के साथ ही विधायक देवेंद्र यादव गुरूवार को भिलाई के तीनों टीकाकरण केंद्रों का निरीक्षण करने पहुंचे। टीकाकरण केंद्र सुपेला, सेक्टर 7 और खुर्सीपार तीनों जगह बारी-बारी के पहुंच कर तीनों की जगह की व्यवास्था देखे। टीका करण का पूरा प्रोसेस देखने के साथ ही यहां आने वाले लोगों से मिले। सोशल डिस्टेंसिंग का पालन करने हुए सब से मुलाकात कर बारी-बारी से सभी का हालचाल जाना। लोगाें को कोई परेशानी न हो। टीका करण के बाद आधा घंटे तक लोग आराम से बैठ सके, पानी आदि की व्यवस्था का जायजा लिया।
साथ ही विधायक देवेंद्र यादव ने इन टीकाकरण केंद्रों में सेवा देने वाले मेडिकल स्टाफ से मिले। उनका हालचाल जाना और उनके कार्यों की तारिफ और उनका हौसला अफजाई किया। विधायक देवेंद्र यादव ने बताया कि टीकाकरण केंद्रों में काम कर रहे मेडिकल स्टाफ लगातार सेवा दे रहे हैं। जब से टीकारण शुरू हुआ है। तब से वे बिना छुट्टी मारे लगातार काम कर रहे हैं। ऐसे इमानदारी से सेवाभाव से जनता की सेवा करने वाले मेडिकल स्टाफ का दिल से आभार जताया।
दुर्ग / शौर्यपथ / चंदूलाल चंद्राकर कोविड केयर सेंटर में मरीजों की जल्दी रिकवरी हो रही है! ऑक्सीजन की आवश्यकता वाले मरीजों की संपूर्ण देखभाल की जा रही है! मरीजों को उनकी चिकित्सा की आवश्यकता अनुसार उचित उपचार दिया जा रहा है! जिससे मरीज को शीघ्र स्वस्थ होने में सहायता मिल रही है! इसी प्रकार की कहानी कस्तूरी बाई साहू की है! कस्तूरी बाई साहू मूलतः बलोदा बाजार की निवासी है जोकि दुर्ग में अपने रिश्तेदार के पास रह रही है! उन्हें 17 तारीख को चंदूलाल कोविड केयर सेंटर में भर्ती किया गया था! जब उन्हें लाया गया था तब उनका ऑक्सीजन लेवल 85 से नीचे था! सीटी लेवल 25 में से 13 था! जिससे खतरा बना हुआ था! फीडिंग भी जीरो था, भोजन की मात्रा शरीर में नहीं होने से मेडिकल टीम के लिए उपचार देना बड़ी चुनौती थी! महिला के शरीर में भोजन न होने से पूरी तरह कमजोरी आ गई थी! वह डायबिटीज एवं हाइपरटेंशन की पेशेंट भी है! इनके भर्ती होने के बाद इन्हें मेडिसिन दी गई और उपचार प्रारंभ किया गया! अब वह स्वस्थ होकर घर लौट चुकी है! ऑक्सीजन की फैसिलिटी होने से मरीज को जल्द रिकवर होने में मदद मिल रही है!
डॉक्टर इशांत साहू ने जानकारी देते हुए बताया कि जब कस्तूरी बाई साहू को कचांदूर लाया गया था तब उनकी स्थिति बहुत नाजुक थी! तुरंत भर्ती लेकर उपचार शुरू किया गया! महिला का फीडिंग जीरो था! तब उन्हें फ्लूड के माध्यम से भोजन और दवाई देने का निर्णय लिया गया! दिन में चार बार इस पद्धति को अपनाया गया! एंटीवायरल थेरेपी की शुरुआत की गई! उपचार प्रारंभ करने के दिन से ही महिला के शरीर में चमत्कारिक प्रभाव नजर आया! और वह केवल पांच दिनों में स्वस्थ होकर घर लौट गई! उनके परिजन ने चर्चा ने बताया कि कोरोना वारियर्स ने मरीज का पूरा ध्यान रखा, उनकी जरूरतों के मुताबिक उन्हें ट्रीटमेंट दिया, बुजुर्ग होने के साथ ही डायबिटीज की बीमारी होने से जल्दी रिकवरी होना आसान नहीं था!
उन्होंने बताया कि कोविड पेशेंट के लिए ऑक्सीजन बेड की आवश्यकता महत्वपूर्ण होती है! सही समय पर कोविड केयर सेंटर में भर्ती कराया गया! मेडिकल टीम का बेहतर उपचार प्राप्त होने से अब वह स्वस्थ होकर घर पर है!
प्रत्येक वार्ड में कूलर और आरओ वाटर की व्यवस्था चंदूलाल चंद्राकर कोविड केयर सेंटर में मरीजों की सुविधाओं का पूरा ख्याल रखा जा रहा है! कुछ दिन पूर्व ही विधायक श्री देवेंद्र यादव ने निरीक्षण कर व्यवस्थाओं की जानकारी ली थी! निगमायुक्त ऋतुराज रघुवंशी स्वयं उपस्थित रहकर पूरी व्यवस्था की बागडोर संभाल रहे हैं! जिससे व्यवस्थाओं में लगातार परिवर्तन देखने को मिल रहा है! जोन आयुक्त पूजा पिल्ले ने बताया कि मरीजों की सुविधाओं को ध्यान में रखते हुए केयर सेंटर के प्रत्येक वार्ड में कूलर एवं आरओ वाटर की व्यवस्था की गई है! गर्मी के मौसम को देखते हुए इसके व्यापक इंतजाम किए गए हैं!
दुर्ग / शौर्यपथ / भिलाई नगर विधायक देवेंद्र यादव ने बीएसपी में कोविड के दौरान हुए कर्मचारियों की मृत्यु के पश्चात परिवारजनों को अनुकम्पा नियुक्ति एवं मेडिकेल सुविधा जारी रखने केंद्रीय इस्पात मंत्री धर्मेंद्र प्रधान को पत्र लिखा है। पत्र लिख कर जल्द आवश्यक कार्यवाही करने संबंधित अधिकारियों को निर्देशित करने की मांग किए हैं।
विधायक यादव ने अपने पत्र में लिखा है कि मेरे संज्ञान में आया है कि भिलाई इस्पात संयंत्र प्रबंधन द्वारा कोविड 19 से पीड़ित बीएसपी कर्मचारियों की मृत्यु पश्चात उनके आश्रित परिजनों को अनुकंपा नियुक्ति प्रदान नहीं किया जा रहा है। साथ ही अन्य सुविधाएं जैसे मेडिकल इत्यादि से मृतक बीएसपी कर्मियों के आश्रित परिजनों का नाम पृथक कर दिया जा रहा है। विधायक देवेंद्र यादव ने केंद्रीय इस्पात मंत्री धर्मेन्द्र प्रधान का ध्यान आकर्षित करते हुए पत्र में आगे लिखे हैं कि ज्ञात हो कि केंद्र शासन के अन्य उपक्रम जैसे कोल फील्ड, रेल्वे इत्यादि में कार्यरत कर्मचारी का उक्त संक्रमण से मृत्यु पश्चात अश्रित परिवार को अनुकंपा नियुक्ति एवं अन्य सुविधाएं प्रदान की जाती है।
इसलिए भिलाई नगर विधायक यादव ने केंद्रीय इस्पात मंत्री धर्मेंद्र प्रधान से अनुरोध किया है कि कोविड 19 से पीड़ित बीएसपी कर्मी के निधन के पश्चात आश्रित परिवार में किन्ही एक सदस्य को अनुकंपा नियुक्ति एवं परिवार के अन्य सदस्यों को मेडिकल एवं अन्य सुविधाएं प्रदान किया जाए। इसके लिए विधायक यादव ने इस्पात मंत्री धर्मेंद्र प्रधान से निवेदन किया है कि वे इस विषय पर जल्द ही आवश्यक कार्यवाही करें और संबंधित अधिकारियों को निर्देशित करें।
रिसाली / शौर्यपथ / पूर्ण रूप से महामारी का रूप ले चुके कोरोना से निपटने कई लोग अपनी जान की परवाह तक नहीं कर रहे। ऐसे ही लोगों में शामिल है रिसाली निगम के स्वच्छता मित्र जो हर दिन कोरोना संक्रमितों का अंतिम संस्कार कर रहे है। ऐसे ही लागों का हौसला बढ़ाने नगर पालिक निगम के आयुक्त प्रकाश कुमार सर्वे व नोडल अधिकारी रमाकांत साहू बुधवार की शाम मुक्तिधाम पहुंचे।
शासन प्रशासन कोरोना वायरस से बचने आमजनों को घरों में कैद होने की सलाह दे रहे है। वहीं रिसाली निगम के आधा सैकड़ा से भी ज्यादा कर्मचारी कोरोना संक्रमित के निवास स्थान पहुंचकर भोजन व दवाई उपलब्ध करा रहे हैं। स्वास्थ्य विभाग के प्रभारी निरीक्षक बृजेन्द्र परिहार ने बताया कि कोरोना संक्रमितों की मृत्यु होने पर उनके कर्मचारी कोविड गाइड लाइन का पालन कर रहे हंै। बिना शुल्क लिए वे जान जोखिम में डालकर मुक्तिधाम में डटे हुए है। कई बार उन्हे पीड़ितों की खरी खोटी भी सुननी पड़ती हैं।
21 दिन में 400 लोगांे का अंतिम संस्कार
कोरोना की वजह से मुक्तिधाम में अंतिम संस्कार के लिए अपनी पारी का इंतजार करना पड़ रहा हैं। 1 अपे्रल से बुधवार याने 21 अप्रेल की स्थिति में लगभग 400 लोगों का अंतिम संस्कार किया जा चुका है। इस आकड़े में सामान्य बीमारी से होने वाली मौत भी शामिल हैं। कोरोना संक्रमितों का अंतिम संस्कार कोविड गाइड लाइन के हिसाब से किया जा रहा हंै।
व्यवस्था का लिया जायजा
नगर पालिक निगम के आयुक्त प्रकाश कुमार सर्वे व नोडल अधिकारी रमाकांत साहू बुधवार की शाम रिसाली मुक्तिधाम पहुंचे। इस दौरान आयुक्त ने फ्रंटलाइन में कार्य करने वाले कर्मचारियों से मुलाकात कर मुक्तिधाम की व्यवस्थाओं का जायजा लिया। आयुक्त ने लकड़ी व अन्य संसाधनों के बारे में विस्तार से चर्चा की। आयुक्त ने प्रस्तावित विद्युत शवदाह गृह के लिए स्थल निरीक्षण भी किया।
युवा विधायक से मीडिया जगत को भारी उम्मीदें
कोरोना काल में युवा पत्रकारों की हो रही है लगातार दर्दनाक मौत
दुर्ग / शौर्यपथ / पूरे देश और प्रदेश में फैले कोरोना की इस महामारी में लोकतंत्र का चौथा स्तंभ कहलाने वाला पत्रकार भी इन दिनों कोरोना की चपेट में आते जा रहा है। दुर्ग जिला में जहां एक ओर इलाज के दौरान कोरोना की बीमारी से दो पत्रकारों की मौत हो गई, जिसमें जितेन्द्र साहू, युवा पत्रकार नरेन्द्र साहू एवं वरिष्ठ पत्रकार गुरपेज खैरे (हार्टअटैक) से हो चुकी है। इसके अलावा दो दर्जन से अधिक पत्रकार और मार्केटिंग और प्रेस की दुनिया में काम करने वाले लोग, व कम्प्यूटर ऑपरेटर भी आज हॉस्पिटल एवं घर में होम आइसोलेशन में घर में बिस्तर में पउे हुए है। सत्ताधारी दल हो या विपक्ष हो, इन तमाम नेताओं को हिरो और जीरो बनाने वाला पत्रकार आज आर्थिक तंगी की मार तों झेल ही रहा है साथ ही भारी भरकम इलाज के बोझ से दबते चला जा रहा है। इस ओर शासन प्रशासन के अलावा किसी भी समाजसेवी या बडे राजनैतिक दलों या बड़ व्यक्ति का ध्यान पत्रकारों की ओर नही दिया जाना, काफी चिंतनीय विषय है।
उल्लेखनीय है कि जनप्रतिनिधियों की हर बात को मुखर होकर समाज के आगे लाने वाला ये पत्रकार ही होता है। लेकिन किसी का भी कोई भी ध्यान मीडिया जगत के इन पत्रकारों की ओर नही दिया जाना बड़ा ही चिंतनीय विषय है और पत्रकारों के जीवन के लिए ये बड़ा ही चुनौतीपूर्ण कार्य हो गया है। एक ओर स्थानीय शहर सरकार के मुखिया को चाहिए कि वे पत्रकारों की पीड़ा को राज्य सरकार के उच्च स्तर के पटल पर रखे ताकि पत्रकारों का भला हो सके। चूंकि आज मार्केट में समाज के लोगों को जागरूक करने का कार्य ये मीडियाकर्मी ही फं्रट लाईन में रह कर कर रहे हैं। सरकार को चाहिए कि जिस तरह वह लॉकडाउन लगाने का निर्णय कलेक्टरों पर थोप देते है, और कलेक्टर साहब इस बीमारी को लेकर लॉकडाउन लगाने का काम बखूबी करते हेैँ। निश्चित रूप से ये काबिले तारीफ है लेकिन प्रदेश के मुखिया को चाहिए कि हर जिले के कलेक्टर को वह निर्देशित करे कि कोरोना महामारी में फिल्ड मे ंकार्य करने वाले पत्रकारों का बीमा सरकार को करना चाहिए ताकि कोरोना या सडक हादसे में पत्रकारों की मौत होने पर उनके परिवार को आर्थिक लाभ मिल सके। वहीं सरकारी और निजी अस्पतालों में बेड भी कुछ प्रतिशत पत्रकारों और उनके परिजनों के लिए आरक्षित किया जाये। साथ ही उनको या तो उनके पूरे बिल में छूट मिल सके या नही तो पचास प्रतिशत बिल माफ हो।
अब चूकि कोरोना के महामारी में परिवार वाले भटकाव की स्थिति में ना रहे, ऐसे मामले में एजूकेशन हब कहलाने वाले इस भिलाई में बडे बडे नामचीन अस्पताल है, वहंा पर वेन्टीलेकर,आईसीयू,ऑक्सीजन, में पत्रकारों को या उनके परिवार के लोगों को तुरंत भर्ती के लिए भी नोडल अधिकारी नियुक्ति करेंऔर एक हेल्प लाईन नंबर जारी करे। जिससे पत्रकारों को निजी तौर पर इसका लाभ मिल सके। पत्रकार और उसके परिवार भटकाव की स्थिति में ना रहे। कई नामचीन अखबार, साप्ताहिक अखबार और सांध्य दैनिक अखबार और इलेक्ट्रानिक मीडिया के पत्रकार भी कोरोना क ेचपेट में है। भिलाई के युवा विधायक से दुर्ग / भिलाई के पत्रकारों को काफी उम्मीदे हैं कि वह इन सारी बातों और मांगों को राज्य के मुखिया के समक्ष रखकर इसे जल्द लागू करायेगे। चूंकि अधिकांशतर मौत से दुनिया को अलविदा कहने वाले युवा वर्ग के ही पत्रकार है। ऐसे में समाजसेवा का दंभ भ्ररने वाले समाजसेवियों को भी आगे आकर पत्रकारों की इस पीड़ा मे सहयोगकर और अपना बडा योगदान देना चाहिए। वहीं विपक्ष के नेता एवं अन्य क्षेत्रीय दल को तो मानो जैसे सांप सूंध गया हो, कोई भी मीडिया जगत के लोगों का पूछ परख करने वाला नजर नही आ रहा है।
Feb 09, 2021 Rate: 4.00
