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टूटे खंभे के सहारे टिका प्रवेश द्वार, हजारों लोगों की जान जोखिम में; गंदगी, अव्यवस्था और लापरवाही पर उठे सवाल
दुर्ग। शहर के मध्य स्थित इंदिरा मार्केट इन दिनों नगर निगम की कार्यप्रणाली और जनप्रतिनिधियों की जवाबदेही पर गंभीर प्रश्नचिह्न खड़ा कर रहा है। जिस बाजार में प्रतिदिन हजारों नागरिक खरीदारी के लिए पहुंचते हैं, वहां मुख्य प्रवेश द्वार की छत को एक टूटे हुए खंभे के सहारे टिकाकर रखा गया है। स्थानीय लोगों का कहना है कि यह जर्जर संरचना कभी भी धराशायी हो सकती है और किसी बड़े हादसे का कारण बन सकती है।
विडंबना यह है कि यह पूरा मामला नगर निगम के सभापति श्याम शर्मा के वार्ड का है। सभापति को निगम की कार्यवाही, पार्षदों के कार्यों की समीक्षा और जनहित से जुड़े मुद्दों पर निगरानी रखने की महत्वपूर्ण जिम्मेदारी सौंपी गई है, लेकिन उनके ही वार्ड में स्थित शहर के प्रमुख बाजार की ऐसी स्थिति आम जनता को सोचने पर मजबूर कर रही है।
स्थानीय नागरिकों का कहना है कि यदि यह खंभा या उससे सहारा प्राप्त संरचना अचानक गिरती है तो बाजार में मौजूद लोगों की जान पर बन सकती है। इसके बावजूद नगर निगम प्रशासन, बाजार विभाग के जिम्मेदार पदाधिकारी, जनप्रतिनिधि और प्रतिदिन क्षेत्र का निरीक्षण करने वाले अधिकारी इस गंभीर खतरे से अनजान बने हुए हैं या फिर जानबूझकर आंखें मूंदे हुए हैं।
केवल जर्जर ढांचा ही नहीं, बल्कि इंदिरा मार्केट का सार्वजनिक मूत्रालय भी बदहाल स्थिति में है। पानी निकासी की समुचित व्यवस्था नहीं होने के कारण वहां हमेशा गंदगी और दुर्गंध बनी रहती है। इससे बाजार आने वाले नागरिकों, व्यापारियों और महिलाओं को भारी असुविधा का सामना करना पड़ता है। स्वच्छता के दावे करने वाली शहरी सरकार के लिए यह स्थिति किसी आईने से कम नहीं है।
जनता यह भी सवाल उठा रही है कि जब भीषण गर्मी के दौरान मीना बाजार क्षेत्र में वाटर एटीएम से पानी बेचे जाने का मामला सामने आया था, तब भी जिम्मेदार जनप्रतिनिधियों ने कोई स्पष्ट प्रतिक्रिया नहीं दी। जनहित से जुड़े ऐसे मामलों पर लगातार चुप्पी कहीं न कहीं जनता की अपेक्षाओं और जनप्रतिनिधियों की जिम्मेदारियों के बीच बढ़ती दूरी को दर्शाती है।
सबसे बड़ा प्रश्न यह है कि क्या नगर निगम और उसके जनप्रतिनिधि किसी बड़ी दुर्घटना के बाद जागेंगे? क्या किसी निर्दोष नागरिक की जान जाने के बाद ही मरम्मत और सुरक्षा उपायों की याद आएगी? आखिर जनता की सुरक्षा सुनिश्चित करना किसकी जिम्मेदारी है?
शहर की जनता अब यह जानना चाहती है कि जिन जनप्रतिनिधियों को विकास, सुरक्षा और व्यवस्था सुधारने के लिए चुना गया था, वे इन मूलभूत समस्याओं पर कब जवाब देंगे। यदि शहर के मध्य स्थित सबसे व्यस्त बाजार की यह स्थिति है तो अन्य क्षेत्रों की हालत का सहज ही अनुमान लगाया जा सकता है।
जनहित में आवश्यक है कि नगर निगम तत्काल तकनीकी जांच कराए, जर्जर संरचना को सुरक्षित बनाए, सार्वजनिक सुविधाओं की व्यवस्था सुधारे और इस लापरवाही के लिए जिम्मेदार अधिकारियों एवं संबंधित विभागों की जवाबदेही भी तय करे। क्योंकि प्रशासन की पहली जिम्मेदारी विकास नहीं, बल्कि नागरिकों की सुरक्षा होती है।
10.30 करोड़ की स्वीकृति के बावजूद अस्पताल स्थानांतरण की चर्चा से बढ़ी चिंता, भाजपा पदाधिकारियों, पार्षदों और नागरिकों ने सौंपा ज्ञापन
दुर्ग। पटरीपार क्षेत्र की स्वास्थ्य सुविधाओं से जुड़ा एक अत्यंत महत्वपूर्ण मुद्दा अब जनआंदोलन का स्वरूप लेता दिखाई दे रहा है। सिकोला बस्ती, धमधा नाका स्थित प्रस्तावित शासकीय नवीन आयुर्वेदिक चिकित्सालय भवन को उसके वर्तमान स्थान से कहीं और स्थानांतरित किए जाने की आशंकाओं के बीच क्षेत्र के जनप्रतिनिधियों, भारतीय जनता पार्टी सिकोला भाठा पटरीपार मंडल के पदाधिकारियों एवं बड़ी संख्या में नागरिकों ने जिला कलेक्टर को ज्ञापन सौंपकर अस्पताल भवन का निर्माण उसी स्वीकृत स्थल पर कराने की मांग की है।
ज्ञापन में कहा गया है कि पटरीपार क्षेत्र में लगभग एक लाख से अधिक नागरिक निवासरत हैं, जो वर्षों से पर्याप्त स्वास्थ्य सुविधाओं के अभाव से जूझ रहे हैं। ऐसे में सिकोला बस्ती, धमधा नाका स्थित आयुर्वेदिक चिकित्सालय गरीबों, मजदूरों, महिलाओं, बुजुर्गों और बच्चों के लिए स्वास्थ्य सेवा का एक महत्वपूर्ण केंद्र बना हुआ है।
जनता के लिए जीवनरेखा बना हुआ है अस्पताल
ज्ञापन में उल्लेख किया गया है कि आयुर्वेदिक चिकित्सालय के नवीन भवन निर्माण के लिए लगभग 10 करोड़ 30 लाख रुपये की राशि स्वीकृत की जा चुकी है। किंतु क्षेत्र में यह चर्चा है कि प्रस्तावित भवन को उसके मूल स्थान से हटाकर किसी अन्य क्षेत्र में निर्मित करने का प्रयास किया जा रहा है। इस संभावना ने क्षेत्रवासियों में गहरी चिंता और असंतोष पैदा कर दिया है।
क्षेत्रवासियों का कहना है कि जिस उद्देश्य से यह राशि स्वीकृत हुई है, उसकी सार्थकता तभी सिद्ध होगी जब अस्पताल का निर्माण उसी क्षेत्र में किया जाए जहां इसकी सबसे अधिक आवश्यकता है। वर्तमान स्थल पर भवन निर्माण के लिए पर्याप्त भूमि उपलब्ध होने का भी दावा किया गया है।
15 वार्डों की जनता होगी प्रभावित
ज्ञापन के अनुसार यदि अस्पताल को वर्तमान स्थान से हटाकर किसी अन्य क्षेत्र में स्थापित किया जाता है तो पटरीपार क्षेत्र के लगभग 15 वार्डों की जनता सीधे तौर पर प्रभावित होगी। हजारों गरीब परिवारों, दिहाड़ी मजदूरों, महिलाओं, बुजुर्गों और जरूरतमंद नागरिकों को उपचार के लिए लंबी दूरी तय करनी पड़ेगी, जिससे स्वास्थ्य सेवाओं तक उनकी पहुंच और अधिक कठिन हो जाएगी।
जनप्रतिनिधियों ने स्पष्ट रूप से कहा है कि यह केवल एक भवन निर्माण का विषय नहीं है, बल्कि लाखों उम्मीदों, जनभावनाओं और नागरिकों के स्वास्थ्य अधिकारों का प्रश्न है। यदि अस्पताल को अन्यत्र स्थानांतरित किया गया तो यह क्षेत्र की जनता के साथ अन्याय होगा तथा स्वास्थ्य सुविधाओं पर प्रतिकूल प्रभाव पड़ेगा।
भाजपा मंडल और पार्षदों ने दिखाई एकजुटता
ज्ञापन पर भाजपा सिकोला भाठा पटरीपार मंडल अध्यक्ष मनमोहन शर्मा के साथ क्षेत्र के कई पार्षदों एवं जनप्रतिनिधियों के हस्ताक्षर हैं। सभी ने एक स्वर में मांग की है कि जनहित को सर्वोपरि रखते हुए आयुर्वेदिक चिकित्सालय के नवीन भवन का निर्माण सिकोला बस्ती, धमधा नाका स्थित वर्तमान स्थल पर ही कराया जाए।
स्वास्थ्य सुविधाओं के लिए निर्णायक साबित हो सकता है यह फैसला
पटरीपार क्षेत्र लंबे समय से स्वास्थ्य, शिक्षा और आधारभूत सुविधाओं के विस्तार की मांग करता रहा है। ऐसे में यदि स्वीकृत आयुर्वेदिक चिकित्सालय भवन का निर्माण यथास्थान होता है तो यह क्षेत्र की बड़ी आबादी के लिए राहत और स्वास्थ्य सुरक्षा का मजबूत आधार बनेगा। वहीं यदि परियोजना का स्थान बदला जाता है तो यह निर्णय हजारों जरूरतमंद परिवारों के लिए गंभीर कठिनाइयों का कारण बन सकता है।
अब निगाहें जिला प्रशासन के निर्णय पर टिकी हैं। क्षेत्रवासियों को उम्मीद है कि जनभावनाओं, जनहित और स्वास्थ्य सुविधाओं की वास्तविक आवश्यकता को ध्यान में रखते हुए प्रशासन ऐसा निर्णय लेगा जो पटरीपार क्षेत्र की एक लाख से अधिक आबादी के हितों की रक्षा कर सके।
दुर्ग में प्रेस वार्ता: पीएम मोदी के 12 साल के कार्यकाल की उपलब्धियां गिनाईं, कहा- रिकॉर्ड टूटना लोकतांत्रिक प्रक्रिया का हिस्सा
दुर्ग। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में केंद्र की भाजपा एवं एनडीए सरकार के 12 वर्ष पूर्ण होने के अवसर पर दुर्ग स्थित सर्किट हाउस में आयोजित प्रेस वार्ता में छत्तीसगढ़ के उपमुख्यमंत्री एवं गृह मंत्री विजय शर्मा ने केंद्र सरकार की उपलब्धियों का विस्तार से उल्लेख किया। उन्होंने कहा कि बीते 12 वर्षों में भारत ने विकास, सुशासन, जनकल्याण, राष्ट्रीय सुरक्षा और आधारभूत संरचना के क्षेत्र में ऐतिहासिक उपलब्धियां हासिल की हैं तथा देश विकसित भारत की दिशा में तेजी से आगे बढ़ रहा है।
गृह मंत्री विजय शर्मा ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में सरकार ने “सबका साथ, सबका विकास, सबका विश्वास और सबका प्रयास” के संकल्प को धरातल पर उतारा है। प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि, डायरेक्ट बेनिफिट ट्रांसफर (DBT), डिजिटल गवर्नेंस, प्रधानमंत्री आवास योजना तथा आधारभूत संरचना के विस्तार जैसी योजनाओं ने देश के करोड़ों नागरिकों के जीवन में सकारात्मक बदलाव लाया है।
मोदी नेहरू से आगे, लेकिन तुलना नहीं
प्रेस वार्ता के दौरान प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के आजाद भारत में सबसे लंबे समय तक निर्वाचित प्रधानमंत्री बनने और पूर्व प्रधानमंत्री पंडित जवाहरलाल नेहरू का रिकॉर्ड पीछे छोड़ने को लेकर पूछे गए सवाल पर विजय शर्मा ने कहा कि यह किसी व्यक्ति विशेष की तुलना का विषय नहीं है, बल्कि लोकतांत्रिक व्यवस्था की एक स्वाभाविक प्रक्रिया है।
उन्होंने कहा कि उनकी सरकार किसी की आलोचना या तुलना नहीं कर रही है। यह केवल एक रिकॉर्ड था जो समय के साथ टूटा है और इसे उसी दृष्टि से देखा जाना चाहिए।
धारा 370 हटाने को बताया ऐतिहासिक निर्णय
गृह मंत्री ने कहा कि एक समय ऐसा था जब जम्मू-कश्मीर से धारा 370 हटाने की कल्पना मात्र से बड़े विवाद और अशांति की आशंका व्यक्त की जाती थी। लेकिन प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में यह निर्णय बेहद शांतिपूर्ण तरीके से लागू हुआ, जो देश की लोकतांत्रिक शक्ति और 140 करोड़ भारतीयों के विश्वास का प्रतीक है।
उन्होंने कहा कि यह निर्णय राष्ट्रीय एकता और अखंडता को मजबूत करने वाला साबित हुआ है।
डिजिटल इंडिया बना विश्व के लिए उदाहरण
विजय शर्मा ने डिजिटल ट्रांजेक्शन और डिजिटल इंडिया अभियान को मोदी सरकार की सबसे बड़ी उपलब्धियों में शामिल करते हुए कहा कि आज देश के छोटे गांवों से लेकर बड़े शहरों तक डिजिटल भुगतान आम जीवन का हिस्सा बन चुका है।
उन्होंने कहा कि भारत आज दुनिया में सबसे बड़े डिजिटल ट्रांजेक्शन नेटवर्क वाले देशों में शामिल है, जो जनता पर सरकार के विश्वास और तकनीक को जनसुलभ बनाने की सोच का परिणाम है।
चिनाब ब्रिज और भिलाई इस्पात संयंत्र का किया उल्लेख
गृह मंत्री ने जम्मू-कश्मीर में बने विश्व के सबसे ऊंचे रेलवे आर्च ब्रिज चिनाब पुल का उल्लेख करते हुए कहा कि यह भारत की इंजीनियरिंग क्षमता और आत्मनिर्भरता का प्रतीक है। उन्होंने गर्व के साथ बताया कि इस पुल के निर्माण में उपयोग किया गया इस्पात भिलाई इस्पात संयंत्र में निर्मित हुआ है, जो छत्तीसगढ़ के लिए भी गौरव का विषय है।
4 करोड़ से अधिक परिवारों को मिला आवास
उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री आवास योजना के तहत देशभर में 4 करोड़ से अधिक मकानों का निर्माण किया जा चुका है, जिससे करोड़ों परिवारों को पक्की छत का सपना साकार हुआ है। साथ ही भारत आज विश्व की प्रमुख अर्थव्यवस्थाओं में तेजी से अपनी स्थिति मजबूत कर रहा है।
नक्सलवाद के खिलाफ निर्णायक अभियान
छत्तीसगढ़ में नक्सल उन्मूलन के प्रयासों पर चर्चा करते हुए विजय शर्मा ने कहा कि केंद्र और राज्य सरकार के समन्वय से नक्सलवाद को समाप्त करने तथा भटके हुए युवाओं को मुख्यधारा से जोड़ने का लगातार प्रयास किया जा रहा है।
उन्होंने बताया कि बस्तर सहित दूरस्थ आदिवासी अंचलों में विकास पहुंचाने के लिए सड़क संपर्क सबसे महत्वपूर्ण माध्यम है। इसी उद्देश्य से विशेष पिछड़ी जनजातियों और दूरस्थ क्षेत्रों तक पहुंच सुनिश्चित करने के लिए लगभग 800 सड़कों के निर्माण और विस्तार पर कार्य किया जा रहा है, जिससे विकास की रोशनी अंतिम व्यक्ति तक पहुंचे।
पत्रकारों के सवालों के दिए जवाब
प्रेस वार्ता के दौरान गृह मंत्री विजय शर्मा ने पत्रकारों द्वारा पूछे गए विभिन्न सवालों का विस्तार से जवाब दिया और मोदी सरकार के 12 वर्षों के कार्यकाल की उपलब्धियों, विकसित भारत के संकल्प तथा छत्तीसगढ़ के विकास संबंधी योजनाओं पर अपनी बात रखी।
प्रेस वार्ता में दुर्ग ग्रामीण विधायक ललित चंद्राकर, भाजपा प्रदेश मंत्री (संगठन) जितेन्द्र वर्मा,भाजपा जिला अध्यक्ष सुरेंद्र कौशिक, पूर्व मंत्री रमशीला साहू, दुर्ग नगर निगम की महापौर अलका बाघमार सहित भाजपा के अनेक पदाधिकारी एवं कार्यकर्ता उपस्थित रहे।
प्रेस कॉन्फ्रेंस के उपरांत उपमुख्यमंत्री एवं गृह मंत्री विजय शर्मा ने जनप्रतिनिधियों और पत्रकारों के साथ भोजन कर विभिन्न समसामयिक विषयों पर अनौपचारिक चर्चा भी की।
मुख्य संदेश
“विकास, सुशासन, राष्ट्रीय सुरक्षा, डिजिटल क्रांति और अंतिम व्यक्ति तक पहुंचती योजनाएं—यही मोदी सरकार के 12 वर्षों की पहचान है।” – विजय शर्मा।
भिलाई। वैशाली नगर थाना क्षेत्र के वृंदा नगर, कैंप-2 में रविवार सुबह पति-पत्नी की संदिग्ध परिस्थितियों में मौत से इलाके में सनसनी फैल गई। घर के सामने वाले कमरे में जी विद्यावती (52 वर्ष) का शव जमीन पर पड़ा मिला, जबकि अंदर के कमरे में उनके पति जी वेंकट रमन मूर्ति (55 वर्ष) फांसी के फंदे पर लटके हुए पाए गए।
पुलिस के अनुसार प्रथम दृष्टया वेंकट रमन की मौत आत्महत्या प्रतीत होती है, जबकि विद्यावती के गले पर रस्सी से कसाव के निशान मिलने से मामला संदिग्ध हो गया है। हालांकि पुलिस का कहना है कि मृत्यु के वास्तविक कारणों का खुलासा पोस्टमार्टम रिपोर्ट आने के बाद ही हो सकेगा।
जानकारी के मुताबिक रविवार सुबह घर में कोई हलचल नहीं होने पर मृतक की मां वहां पहुंची। उन्होंने बहू को मृत अवस्था में देखा और अंदर जाकर बेटे को फांसी पर लटका पाया। इसके बाद परिवार के अन्य सदस्यों और पुलिस को सूचना दी गई।
सीएसपी सत्य प्रकाश तिवारी ने बताया कि घटनास्थल से कोई सुसाइड नोट बरामद नहीं हुआ है। एक मोबाइल फोन मिला है, जिसका स्क्रीन लॉक है। मोबाइल की जांच के बाद मामले से जुड़े महत्वपूर्ण तथ्य सामने आने की संभावना है।
प्रारंभिक जांच में पता चला है कि मृतक वेंकट रमन ऑटो चालक था और परिवार आर्थिक परेशानियों से जूझ रहा था। दंपति का एक बेटा ओडिशा में कार्यरत है, जो घटना की सूचना मिलने के बाद भिलाई के लिए रवाना हो गया है।
पुलिस ने मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है और सभी पहलुओं को ध्यान में रखकर मामले की पड़ताल की जा रही है।
प्रदेश कांग्रेस सचिव अय्यूब खान ने की जांच और कड़ी कार्रवाई की मांग
दुर्ग। जिला अस्पताल दुर्ग में एक चिकित्सक की कथित लापरवाही और मरीज को गलत जानकारी देकर गुमराह करने का मामला सामने आया है। प्रदेश कांग्रेस कमेटी छत्तीसगढ़ के सचिव अय्यूब खान ने इस संबंध में सिविल सर्जन को लिखित शिकायत सौंपकर दोषी डॉक्टर के खिलाफ विभागीय जांच और कड़ी कार्रवाई की मांग की है।
प्राप्त जानकारी के अनुसार 5 जून की रात लगभग 11 बजे आलिया खान नामक छात्रा, जो नीट परीक्षा की तैयारी कर रही है, तेज बुखार की शिकायत के चलते जिला अस्पताल दुर्ग पहुंची थी। आरोप है कि ड्यूटी पर मौजूद डॉक्टर ने बिना समुचित जांच किए छात्रा के परिजनों को बताया कि उसकी किडनी और लीवर खराब हैं तथा उसका उपचार जिला अस्पताल में संभव नहीं है। डॉक्टर ने तत्काल मरीज को रायपुर स्थित मेकाहारा अस्पताल रेफर करने की सलाह दी।
परिजनों के अनुसार डॉक्टर की बात सुनकर वे घबरा गए और छात्रा को एक निजी अस्पताल में भर्ती कराया, जहां चिकित्सकीय जांच के बाद पता चला कि उसे केवल सामान्य बुखार था। उपचार के बाद छात्रा पूरी तरह स्वस्थ होकर घर लौट आई।
मामले की जानकारी मिलने पर प्रदेश कांग्रेस सचिव अय्यूब खान पीड़ित परिवार के साथ जिला अस्पताल पहुंचे और सिविल सर्जन डॉ. मिंज से मुलाकात कर पूरे घटनाक्रम से अवगत कराया। उन्होंने इस संबंध में लिखित शिकायत भी सौंपी। शिकायत प्राप्त होने के बाद सिविल सर्जन ने दो दिनों के भीतर मामले की जांच कर आवश्यक कार्रवाई का आश्वासन दिया है।
अय्यूब खान ने कहा कि यदि आरोप सही पाए जाते हैं तो संबंधित डॉक्टर पर मरीज को गलत जानकारी देकर गुमराह करने, परिजनों से दुर्व्यवहार करने तथा बिना पर्याप्त जांच के रेफर करने के आरोप में कठोर कार्रवाई की जानी चाहिए। उन्होंने कहा कि ऐसी घटनाओं से गरीब और सामान्य मरीजों का सरकारी अस्पतालों पर से भरोसा उठ सकता है। जिला प्रशासन को इस मामले को गंभीरता से लेते हुए निष्पक्ष जांच कर पीड़ित परिवार को न्याय दिलाना चाहिए।
सिविल सर्जन से मुलाकात करने वाले प्रतिनिधिमंडल में मो. रफीक, अज्जू वाजिद, श्रीमती रुक्कैया, अनीस अकील चौहान तथा अख्तर चौहान भी शामिल थे।
(नोट: यह समाचार शिकायतकर्ता द्वारा लगाए गए आरोपों और प्रस्तुत शिकायत के एवं उपलब्ध दस्तावेजों के आधार पर तैयार किया गया है। मामले की जांच एवं संबंधित पक्ष का पक्ष आना शेष है।)
भिलाई। भिलाई टाउनशिप क्षेत्र में लीज, सब-लीज, रिटेंशन एवं लाइसेंस नवीनीकरण शुल्क से संबंधित नई नीति लागू होने के बाद सामाजिक एवं धार्मिक संस्थाओं में खुशी का माहौल है। इसी क्रम में हिन्दू मिलन मंदिर प्रगति नगर रिसाली, भारत सेवा आश्रम एवं काली बाड़ी समिति के पदाधिकारियों ने Vijay Baghel से उनके सेक्टर-5 स्थित निवास कार्यालय में सौजन्य भेंट कर अभिनंदन किया तथा इस महत्वपूर्ण पहल के लिए आभार व्यक्त किया।
प्रतिनिधिमंडल ने कहा कि पिछले कुछ वर्षों में लीज एवं सब-लीज नवीनीकरण शुल्क में हुई भारी वृद्धि के कारण सामाजिक, धार्मिक एवं जनसेवा से जुड़ी संस्थाओं के समक्ष आर्थिक चुनौतियां खड़ी हो गई थीं। नई नीति के तहत ऐसी संस्थाओं के लिए मात्र एक रुपये की प्रतीकात्मक राशि पर लीज आवंटन एवं नवीनीकरण का प्रावधान किए जाने से उन्हें बड़ी राहत मिली है।
हिन्दू मिलन मंदिर प्रगति नगर रिसाली एवं भारत सेवा आश्रम के पदाधिकारियों ने बताया कि इस विषय को सांसद विजय बघेल ने लगातार गंभीरता से उठाया। उन्होंने केंद्रीय इस्पात मंत्रालय एवं संबंधित अधिकारियों के समक्ष सामाजिक एवं धार्मिक संस्थाओं की समस्याओं को प्रभावी ढंग से रखा और समाधान के लिए लगातार प्रयास किए। उनके निरंतर प्रयासों का ही परिणाम है कि नई नीति लागू हो सकी, जिससे अनेक संस्थाओं को प्रत्यक्ष लाभ मिलेगा।
नई नीति लागू होने पर काली बाड़ी समिति सेक्टर-6 के पदाधिकारियों एवं सदस्यों ने भी सांसद का अभिनंदन करते हुए इसे सामाजिक एवं धार्मिक संस्थाओं के लिए ऐतिहासिक राहत बताया। उन्होंने कहा कि इस निर्णय से संस्थाओं की आर्थिक चिंता कम होगी और वे समाजसेवा, सांस्कृतिक तथा धार्मिक गतिविधियों को और अधिक प्रभावी ढंग से संचालित कर सकेंगी।
इस अवसर पर विभिन्न संस्थाओं के पदाधिकारियों एवं सदस्यों ने सांसद के प्रति आभार व्यक्त करते हुए कहा कि जनहित से जुड़े मुद्दों पर उनकी सक्रियता क्षेत्र के लिए लाभकारी सिद्ध हो रही है।
अभिनंदन के दौरान सांसद विजय बघेल ने सभी पदाधिकारियों का धन्यवाद ज्ञापित करते हुए कहा कि सामाजिक, धार्मिक एवं जनसेवा संस्थाएं समाज की महत्वपूर्ण धरोहर हैं। उनके हितों की रक्षा तथा क्षेत्र की जनसमस्याओं के समाधान के लिए वे भविष्य में भी निरंतर प्रयासरत रहेंगे।
नई नीति से भिलाई टाउनशिप की सामाजिक एवं धार्मिक संस्थाओं को मिली राहत को क्षेत्र में जनहित से जुड़ा महत्वपूर्ण निर्णय माना जा रहा है।
नवनियुक्त अधिकारी-कर्मचारी कल्याण संघ की बैठक में हड़ताल की रणनीति पर मंथन, कर्मचारी हितों की लड़ाई तेज करने का ऐलान
दुर्ग। दुर्ग नगर निगम में कर्मचारियों के बीच बढ़ते असंतोष और कर्मचारी हितों से जुड़े मुद्दों को लेकर नवनियुक्त अधिकारी-कर्मचारी कल्याण संघ (छत्तीसगढ़) ने संगठनात्मक गतिविधियों को तेज कर दिया है। इसी क्रम में दुर्ग नगर निगम के अधिकारियों एवं कर्मचारियों की एक महत्वपूर्ण बैठक आयोजित की गई, जिसमें कर्मचारियों ने निगम प्रशासन की कार्यशैली, लगातार हो रही प्रशासनिक कार्यवाहियों तथा कर्मचारी हितों की कथित उपेक्षा को लेकर खुलकर अपनी बात रखी।
बैठक में संघ के प्रदेश अध्यक्ष राजेश सोनी, प्रदेश संयोजक संजय शर्मा, प्रदेश सचिव ऋषभ सिंह ठाकुर, प्रदेश उपाध्यक्ष मुकेश तिवारी सहित प्रदेश स्तरीय पदाधिकारी विशेष रूप से उपस्थित रहे। कार्यक्रम का आयोजन जिला अध्यक्ष राजूलाल चन्द्राकर के नेतृत्व में किया गया।
बैठक के दौरान कर्मचारियों ने प्रदेश पदाधिकारियों को बताया कि निगम प्रशासन के कुछ निर्णयों और कार्यप्रणाली को लेकर कर्मचारियों में लगातार असंतोष बढ़ रहा है। कर्मचारियों का कहना था कि हाल के समय में हुई प्रशासनिक कार्यवाहियों ने कर्मचारियों के बीच असुरक्षा का माहौल पैदा किया है, जिससे कार्यस्थल का वातावरण प्रभावित हो रहा है।
प्रदेश पदाधिकारियों ने कर्मचारियों की समस्याओं और शिकायतों को गंभीरता से सुनते हुए आश्वस्त किया कि कर्मचारी हितों से जुड़े सभी मुद्दों को नगरीय प्रशासन एवं विकास विभाग के सचिव तथा शासन स्तर तक पहुंचाया जाएगा। उन्होंने कहा कि संगठन कर्मचारियों के सम्मान, सुरक्षा और अधिकारों की रक्षा के लिए हर स्तर पर संघर्ष करने के लिए प्रतिबद्ध है।
बैठक की सबसे महत्वपूर्ण उपलब्धि संगठन विस्तार रही। सदस्यता अभियान के दौरान 45 अधिकारियों एवं कर्मचारियों ने नवनियुक्त अधिकारी-कर्मचारी कल्याण संघ की सदस्यता ग्रहण की, जिससे संगठन को नई ऊर्जा और मजबूती मिली। प्रदेश नेतृत्व ने इसे कर्मचारियों के बढ़ते विश्वास का प्रतीक बताते हुए कहा कि मजबूत संगठन ही कर्मचारी हितों की प्रभावी लड़ाई लड़ सकता है।
बैठक में आगामी आंदोलन और प्रस्तावित हड़ताल की रणनीति पर भी विस्तार से चर्चा की गई। प्रदेश संयोजक संजय शर्मा ने बताया कि 13 जुलाई 2026 से रायपुर के तूताग्राउंड में प्रस्तावित अनिश्चितकालीन हड़ताल को सफल बनाने के लिए प्रदेशभर में कर्मचारियों को संगठित किया जा रहा है। कर्मचारियों की प्रमुख मांगों में समय पर वेतन भुगतान, चुंगी क्षतिपूर्ति राशि का नियमित भुगतान, शासन से प्राप्त अनुदान की उपलब्धता तथा कर्मचारियों को ट्रेजरी (कोषालय) प्रणाली से जोड़ना शामिल है।
प्रदेश अध्यक्ष राजेश सोनी ने कर्मचारियों का आह्वान करते हुए कहा कि अधिकार और सम्मान की लड़ाई एकजुटता से ही जीती जा सकती है। उन्होंने कहा कि यदि कर्मचारी एक मंच पर संगठित होकर अपनी बात रखते हैं तो उनकी समस्याओं के समाधान की संभावनाएं और मजबूत होती हैं।
बैठक में शुभम गोईर, चित्ररेखा चन्द्राकर, नरेंद्र मनहरे, महेंद्र धर्मकार, तरुण चन्द्राकर, शिवा परिहार, साक्षी चौहान, सत्येंद्र, गंगाधर ठाकरे, गुमान निर्मलकर, हर्ष चन्द्राकर, नीरज, रतनदीप, राजदीप, निखिल, अनुपम, विनीत वर्मा, गुलशन यादव, कविता कश्यप, नेहा यादव, सोमलता साहू, संजू जाटव, निक्की बंछोर, रूपेश नायक, युवराज, मनोज सोनी, सिद्धांत शर्मा, गंगा यादव, राखी कुंडे, बलदाऊ पटेल, विजेंद्र पटेल सहित बड़ी संख्या में अधिकारी एवं कर्मचारी उपस्थित रहे।
बैठक के अंत में उपस्थित कर्मचारियों ने संगठन को और अधिक मजबूत बनाने, कर्मचारी हितों की रक्षा के लिए एकजुट होकर संघर्ष करने तथा आगामी अनिश्चितकालीन हड़ताल को सफल बनाने का संकल्प लिया। कर्मचारियों का मानना है कि यदि उनकी मांगों पर समय रहते सकारात्मक पहल नहीं हुई तो आने वाले समय में आंदोलन और व्यापक स्वरूप ले सकता है।
महापौर अलका बाघमार के सामने निष्पक्षता की अग्निपरीक्षा
दुर्ग। नगर पालिका निगम दुर्ग द्वारा हाल ही में शहर को पोस्टर-बैनर मुक्त बनाने और बिजली के खंभों, सार्वजनिक दीवारों तथा अन्य सरकारी संपत्तियों पर अवैध प्रचार सामग्री लगाने पर प्रतिबंध की घोषणा की गई है। 10 जून को जारी प्रेस विज्ञप्ति में निगम प्रशासन ने स्पष्ट किया था कि नियमों का उल्लंघन करने वालों के विरुद्ध दंडात्मक कार्रवाई की जाएगी।
इस अभियान के दौरान एक सकारात्मक उदाहरण स्वयं महापौर अलका बाघमार ने प्रस्तुत किया था। अपने जन्मदिन के अवसर पर लगाए गए पोस्टर और बैनरों को उन्होंने हटवाकर यह संदेश देने का प्रयास किया कि नियम सभी के लिए समान हैं और शहर की सुंदरता तथा स्वच्छता सर्वोपरि है।
लेकिन अब शहर की राजनीति में एक नया सवाल खड़ा हो गया है। 15 जून को स्कूल शिक्षा मंत्री गजेंद्र यादव का जन्मदिन है और उनके समर्थकों द्वारा शहर के विभिन्न क्षेत्रों में बड़ी संख्या में पोस्टर-बैनर लगाए जा रहे हैं। कई स्थानों पर बिजली के खंभों और सार्वजनिक स्थलों पर मंत्री के जन्मदिन की शुभकामनाओं वाले पोस्टर दिखाई दे रहे हैं।
ऐसे में नगर निगम की घोषित नीति और जमीनी स्थिति के बीच तुलना स्वाभाविक रूप से होने लगी है। शहर में चर्चा इस बात की है कि क्या निगम प्रशासन और महापौर अपने ही जारी निर्देशों का पालन कराते हुए इन पोस्टरों को भी हटवाएंगे, या फिर राजनीतिक दबाव और सत्ता समीकरणों के कारण नियमों के पालन में भेदभाव दिखाई देगा।
राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि यह केवल पोस्टर-बैनर का मामला नहीं, बल्कि प्रशासनिक निष्पक्षता और कानून के समान अनुपालन की परीक्षा भी है। यदि नियम बनाए गए हैं तो उनका पालन हर व्यक्ति, संगठन और राजनीतिक दल पर समान रूप से लागू होना चाहिए। वहीं यदि कार्रवाई नहीं होती है तो निगम प्रशासन की मंशा और उसकी विश्वसनीयता पर प्रश्न उठ सकते हैं।
अब सबकी निगाहें महापौर अलका बाघमार और निगम प्रशासन पर टिकी हैं। संविधान और कानून के प्रति समान निष्ठा की बात करने वाली शहरी सरकार क्या अपने ही आदेशों को प्रभावी ढंग से लागू करेगी, या फिर यह मामला भी राजनीतिक अपवाद बनकर रह जाएगा? आने वाले दिनों में निगम का कदम इस प्रश्न का उत्तर तय करेगा।
(नोट: यह विषय सार्वजनिक स्थलों पर पोस्टर-बैनर संबंधी नियमों के समान अनुपालन और प्रशासनिक जवाबदेही से जुड़ा राजनीतिक-प्रशासनिक प्रश्न है।)
1.242 किलो नकली सोने के बिस्किट, सिक्का, कार व मोबाइल जब्त; सस्ते दाम में सोना बेचने का लालच देकर बनाते थे शिकार
दुर्ग। जमीन में दबा खजाना मिलने की मनगढ़ंत कहानी सुनाकर लोगों को नकली सोना बेचने वाले अंतरजिला ठगी गिरोह का दुर्ग पुलिस ने भंडाफोड़ किया है। थाना उतई पुलिस ने कार्रवाई करते हुए गिरोह के पांच सदस्यों को गिरफ्तार किया है। आरोपियों के कब्जे से करीब 1.242 किलोग्राम नकली सोने जैसे धातु के बिस्किट, एक नकली सिक्का, घटना में प्रयुक्त कार, मोबाइल फोन तथा अन्य साक्ष्य सामग्री बरामद की गई है।
अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक मणिशंकर चंद्रा ने बताया कि बोरसी निवासी जितेंद्र साहू की शिकायत पर उतई थाना में धोखाधड़ी का मामला दर्ज किया गया था। जांच में सामने आया कि आरोपी लोगों को यह विश्वास दिलाते थे कि उन्हें जमीन में गड़ा हुआ हंडा मिला है, जिसमें सोने के बिस्किट और प्राचीन सिक्के हैं। इसके बाद वे नकली धातु को असली सोना बताकर बाजार मूल्य से बहुत कम कीमत पर बेचने का लालच देते थे और लाखों रुपये की ठगी कर लेते थे।
पुलिस ने तकनीकी विश्लेषण, निगरानी और भौतिक साक्ष्यों के आधार पर आरोपियों की पहचान कर विभिन्न जिलों में दबिश दी और सभी आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया।
पुलिस जांच में आरोपी पन्नालाल कुर्रे के खिलाफ इसी प्रकार की ठगी के अन्य मामलों की जानकारी मिली है। वहीं दिनेश कुमार टंडन के विरुद्ध पूर्व से मारपीट और संपत्ति संबंधी अपराध दर्ज पाए गए हैं।
दुर्ग पुलिस ने नागरिकों से सस्ते दाम में सोना-चांदी या अन्य कीमती वस्तुएं खरीदने के लालच में न आने की अपील की है। पुलिस ने कहा है कि किसी भी लेन-देन से पहले वस्तु का सत्यापन अवश्य करें और किसी भी संदिग्ध गतिविधि की सूचना तत्काल पुलिस को दें।
तकनीकी साक्ष्यों और त्वरित कार्रवाई के आधार पर इस संगठित अंतरजिला ठगी गिरोह का भंडाफोड़ किया गया है। मामले में आगे की जांच जारी है।
Feb 09, 2021 Rate: 4.00
