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दुर्ग / शौर्यपथ / भिलाई निगम क्षेत्र में बाहर राज्य से आने वाले लोगों को होम आइसोलेट किया जा रहा है। नोवल कोरोना वायरस के बचाव हेतु निगम क्षेत्र में अब तक कई व्यक्तियों को होम आइसोलेट किया जा चुका है ताकि संक्रमण को फैलने से रोका जा सके। आइसोलेटेड लोगों की निगरानी के लिए सभी जोन कार्यालय के अंतर्गत विशेष टीम गठित की गई है जो दिन में चार बार होम आइसोलेट के लोगों पर निगरानी रख रहे हैं। नोवल कोरोना वायरस कोविड-19 के अंतर्गत लॉक डाउन के दौरान अन्य राज्यों से आए हुए व्यक्तियों की सूची अथवा सूचना के आधार पर होम क्वॉरेंटाइन एवं निगरानी सुनिश्चित करने के लिए जोन आयुक्तों के निर्देशन में टीम गठित की गई है तथा बाहर से आने के बाद अपनी जानकारी छुपाने वालों के खिलाफ (एफआईआर) के निर्देश भी जारी किया गया है।
भिलाई निगम क्षेत्र में कोरोना वायरस के रोकथाम हेतु हर संभव प्रयास किए जा रहे है, निगम प्रशासन आंगनबाड़ी कार्यकर्ता और शिक्षा विभाग की संयुक्त टीम बनाकर बाहर से आए हुए व्यक्तियों के घरों के बाहर होम आइसोलेशन के स्टीकर लगा रहे है। भिलाई क्षेत्र में बाहर से आए हुए व्यक्ति व परिवारों को निर्धारित अवधि तक घर पर रहने की हिदायत देने के साथ ही निगरानी की जा रही है ताकि ये लोग किसी तरह से दूसरे लोगों के संपर्क में न आए और होम क्वॉरेंटाइन का पूर्णत: पालन करें। इसके अलावा जिन लोगों को होम आईसोलेट किया गया है उनके आस पास के 6-7 घरों के परिवारों के मोबाइल नं. भी लिए जा रहे है जिनसे निगम की टीम फोन करके भी पूछताछ कर रही है कि वे लोग बाहर तो नहीं निकल रहे है इसकी जानकारी ली जा रही है। दूसरे राज्यों से आने वाले व्यक्तियों की प्रतिदिन निगरानी करने भिलाई निगम, आंगनबा?ी कार्यकर्ता व शिक्षा विभाग की संयुक्त टीम बनाई गई जो अलग-अलग जोन क्षेत्रों में शहर के आम नागरिकों से सूचना प्राप्त कर बाहर राज्य से आए हुए हैं उनकी जानकारी एकत्रित कर उन्हें होम आइसोलेट कर रहे है।
बाहर से आने के बाद जो लोग अपनी जानकारी छुपाएंगे या होम आईसोलशेन की प्रक्रिया में बाधा डालने वालों के खिलाफ नियमानुसार कार्यवाही की जाएगी। इसके लिए यह आवश्यक है कि जो लोग बाहर से आ रहे है उन्हें जागरूकता दिखाते हुए निगम प्रशासन को जानकारी देनी होगी ! बाहर से आए हुए व्यक्तियों की जानकारी प्राप्त करने के लिए व्यवसायिक व सार्वजनिक क्षेत्रों में प्रचार-प्रसार किया जा रहा है तथा हेल्पलाइन नंबर से संबंधित स्टीकर लगाए गए है, बाहर से आने वाले लोगों की जानकारी देने वाले का नाम गोपनीय रखा जा रहा है।
बाहर से आए हुए लोगों की मिले जानकारी तो इन नंबरों पर करें संपर्क कोरोनावायरस कोविड-19 महामारी के संक्रमण की रोकथाम एवं नियंत्रण हेतु ऐसे व्यक्ति जो भिलाई शहर के वार्ड, क्षेत्र, मोहल्ला या आसपास में अन्य शहर, गांव, राज्य से आए हुए हैं उनकी जानकारी इस कार्य के लिए नियुक्त भिलाई निगम के नोडल अधिकारी जोन क्रमांक एक नेहरू नगर के जोन आयुक्त अमिताभ शर्मा 7000092136, प्र. सहा. राजस्व अधि. विनोद चंद्राकर 9826685701, जोन क्रमांक 2 वैशाली नगर के जोन आयुक्त सुनील अग्रहरि 7050344444, प्र. सहा. राजस्व अधि. संजय वर्मा 9669332966, जोन क्रमांक 3 मदर टैरेसा नगर के जोन आयुक्त महेंद्र पाठक 9424227177, प्र. सहा. राजस्व अधि. परमेश्वर चंद्राकर 9826947891, जोन क्रमांक 4 खुर्सीपार की जोन आयुक्त प्रीति सिंह 7697590459, प्र. सहा. राजस्व अधि. बालकृष्ण नायडू 9425245007, सेक्टर क्षेत्र जोन क्रमांक 5 के प्रभारी कार्यपालन अभियंता सुनील जैन 9425555648, प्र. सहा. राजस्व अधि. मलखान सिंह सोरी 9977421330 के मोबाइल नंबर पर संपर्क करके दे सकते हैं।
BHILAI / SHOURYAPATH / खुर्सीपार शिवाजी नगर में 3 करोड़ की लागत से इंडोर स्टेडियम का निर्माण किया जा रहा है। इस निर्माण कार्य की प्रारंभिक प्रक्रिया शुरु हो गई है। रविवार को महापौर व भिलाई नगर विधायक देवेन्द्र यादव निर्माण प्रक्रिया का जायजा लेने पीडब्ल्यूडी के अफसरों के साथ पहुंचे। इस दौरान उन्होंने इंडोर स्टेडियम का नक्शा देखा और निर्माणी एजेंसी को आवश्यक निर्देश दिए। महापौर ने निर्माणी एजेंसी को इंडोर स्टेडियम का काम तय समय में पूरा करने के निर्देश दिए।
बता दें कि खुर्सीपार शिवाजी नगर में जोन कार्यालय के पास इंडोर स्टेडियम का निर्माण किया जा रहा है। 3 करोड़ की लागत से बनने वाले इस स्टेडियम के निर्माण के लिए केबिनेट मंत्री अमरजीत भगत ने जून 2019 में भूमिपूजन किया था। अब इस स्टेडियम का निर्माण कार्य शुरू हो चुका है। महापौर व भिलाई नगर विधायक देवेन्द्र यादव आज इसी निर्माण प्रक्रिया का अवलोकन करने पहुंचे। निरीक्षण के दौरान महापौर देवेन्द्र यादव कार्यप्रगति से संतुष्ठ नजर आए और आवश्यक दिशा निर्देश दिए।
bhilai / shouryapath / एम्स रायपुर में कोरोना वार्ड प्रभारी भिलाई निवासी चिकित्सक की रिपोर्ट पॉजीटिव आने से हड़म्प मच गया है। प्रशासन ने चिकित्सक पर कोरोना संक्रमण की पुष्टि होते ही उनके निवास वाले जुनवानी रोड कोहका स्थित कुबेर इन्क्लेव अपार्टमेंट को सील कर कंटेनमेंट जोन घोषित दिया है। आज सुबह नगर निगम की टीम ने पूरे इलाके को सैनिटाइज किया। वहीं पीडि़त चिकित्सक को एम्स रायपुर में भर्ती कर इलाज किया जा रहा है।
भिलाई शहर के जुनवानी रोड पर कोहका इलाके के पॉश कालोनी कुबेर इन्क्लेव अपार्टमेंट को देर रात जिला प्रशासन व स्वास्थ्य विभाग की टीम ने पहुंचकर सील कर दिया। प्रशासन ने इस कालोनी के निवासी 44 वर्षीय चिकित्सक के कोरोना संक्रमित होने की पुष्टि होने के बाद यह कदम उठाया। कालोनी में किसी के भी आने जाने पर रोक लगा दी गई है। कलेक्टर डॉ सर्वेश्वर भूरे ने निगम आयुक्त को ऐहतियात बरतने के निर्देश दे दिए हैं। जिस चिकित्सक की जांच रिपोर्ट में पॉजीटिव आई है वह एम्स रायपुर के कोरोना वार्ड का प्रभारी है।
पिछले तीन महीनों से चिकित्सक भिलाई से अप डाउन करते हुए एम्स में कोरोना पीडि़तों का उपचार कर रहा था। उनकी पत्नी भी पेशे से चिकित्सक है। लॉकडाउन के दौरान इस चिकित्सक दंपत्ति के बच्चे घर से बाहर नहीं निकलते थे। चिकित्सक दंपत्ति भी कोरोना संक्रमण से बचाव के सारे नियम का पालन करते देखे गए हैं। बावजूद इसके एम्स के कोरोना वार्ड प्रभारी की रिपोर्ट पॉजीटिव आ जाने से कुबेर इन्क्लेव अपार्टमेंट सहित आसपास के इलाके में विशेष सर्तकता बरती जा रही है। पीडि़त चिकित्सक को एम्स रायपुर में इलाज के लिए भर्ती कर परिवार के सदस्यों का सेम्पल जांच हेतु भेज दिया गया है।
दुर्ग । शौर्यपथ । अवैध व्यापार पर लगाम लगाने में दुर्ग निगम सदैव से उदासीन रहा । शहर के पटरी पार इलाके में पिछले साल भी सालो से चल रहे पानी पाउच की फैक्ट्री पर निगम द्वारा समाचार पत्रों में खबर प्रकाशित होने के बाद कार्यवाही की गई । अब एक नया मामला सामने आया है । पटरी पार क्षेत्र में स्थित कादंबरी नगर में सेव नमकीन की फैक्ट्री संचालित है । आवासीय क्षेत्र में संचालित इस उद्योग के मालिक का कहना है कि शासन से सभी अनुमति प्राप्त है । हो सकता है अनुमति भी मिली हो किन्तु आवासीय इलासके में शासन से सेव , नमकीन उद्योग के लिए अनुमति किस आधार पर दी गई जबकि परिसर के आज बाजू आवासीय इलाका है साथ ही प्रथम तल में जो फेक्ट्री संचालित है उसके भूतल में निवास स्थान है । बता दे कि सेव फेक्ट्री में बड़ी बड़ी भट्टियों का उपयोग होता है इस स्थिति में सुरक्षा मानकों का भी विशेष ख्याल रखना पड़ता है । क्या आवासीय कॉलोनी में इस तरह के लघु उद्योग के लिए आवासीय बिल्डिग का व्यवसायिक उपयोग कर संचालन कर्ता द्वारा शासन की आंख में धूल झोंका जा रहा है ? क्या दुर्ग निगम मामले को संज्ञान में ले निष्पक्ष जांच व कार्यवाही करेगा ?
दुर्ग / शौर्यपथ / आयुक्त बर्मन द्वारा सहायक राजस्व निरीक्षक को बाज़ार विभाग का प्रभार तो दे दिया गया किन्तु पहले दिन ही शहर के मुख्य बाज़ार इंदिरा मार्केट मुख्य मार्ग में अव्यवस्था का आलम दिखा और आम जनता परेशान होती रही किन्तु निगम के नवनियुक्त बाज़ार प्रभारी थान सिंह द्वारा किसी भी तरह की कोई कार्यवाही का ना करना समझ से परे है जबकि शाम के समय बाज़ार प्रभारी इंदिरा मार्केट प्रेस काम्प्लेक्स में ही अपनी टीम के साथ थे .
बता दे कि इन दिनों शहर में अमृत मिशन योजना के तहत पाइप लाइन बिछाने का कार्य तीव्र गति से चल रहा है उसी कड़ी में आज पाइप लाइन का कार्य इंदिरा मार्किट मुख्य मार्ग होटल शीला के सामने पाइप लाइन बिछाने का कार्य प्रगति पर था जिसके कारण वन वे वाले मार्ग में एक तरफ ( शीला होटल के सामने ) के मार्ग को बंद कर दिया गया था जिसके कारण यातायात का दबाव दुसरे मार्ग पर जयादा बढ़ गया था . दुसरे मार्ग तरह निगम काम्प्लेक्स है जिसमे ऐसी कई दुकाने है जिनके सामान सड़क तक फैले रहते है . सामानों को इस तरह सड़क तक फैला कर व्यापार करने वालो के बारे में बाज़ार प्रभारी सहायक राजस्व निरीक्षक थान सिंह अच्छे से जानते है किन्तु वर्तमान में जब कार्य प्रगति पर था और एक ही तरफ से आने जाने वालो का रेला लगा हुआ था बावजूद इसके बाज़ार प्रभारी द्वारा मामले को किसी भी तरह संज्ञान नहीं लेना दुर्ग की आम जनता जो बाज़ार क्षेत्र में इस तरह के यातायात के दबाव से परेशांन थी निगम प्रशासन की कार्य शैली पर ऊँगली उठा रही थी किन्तु इतना सब होने के बाद भी बाज़ार विभाग द्वारा किसी भी तरह संज्ञान ना लेना सड़क तक सामान फैला कर व्यापार करने वाले व्यापारियों के हौसले ही बुलंद करता है . क्या नए बाज़ार प्रभारी इंदिरा मार्किट की दशा और दिशा सुधारेंगे या सिर्फ प्रभारी मुखिया बनकर मौन रहेंगे ?
दुर्ग। शौर्यपथ । दुर्ग NSUI शहर अध्यक्ष हितेश सिन्हा के नेतृत्व में आज नगर पुलिस अधीक्षक श्री विवेक शुक्ला जी को दुर्ग शहर के साथ ही आस पास के ग्रामीण आंचलों में हर गाली मोहल्ले में चल रहे अवैध कारोबार सट्टा,जुआ के साथ ही प्रतिबंधित चीजे गांजा शराब बिक्री को तत्काल बंद करवाने के लिए ज्ञापन सौप करके पुलिस प्रशासन को जानकारी देकर चल रहे अवैध कारोबार जो भयंकर रूप से फलफूल रहा है जिसके को लेकर दुर्ग NSUI ने तत्काल बंद कराने एवं जो भी व्यक्ति इस कारोबार को बढ़ावा देने में लिप्त है ऐसे लोगो को चिंहित कर जल्द से जल्द कार्यवाही करने की मांग की किए एक सप्ताह के अंदर अवैध कारोबार पर अंकुश नही लगा तो प्रदेश के मुखिया श्री भूपेश बघेल जी,गृहमंत्री श्री ताम्रध्वज साहू से मिल करके इसकी शिकायत कर उचित कार्यवाही करने की मांग करेंगे.।।
*नीचले बस्तियों में जल भराव ना हो, निगम ने की है तैयारी...* *निगम, नाला और नालियों से कचरा निकालने का चला रहा है अभियान....* *आम जनता से अपील अपने घर के आस-पास नालियों में घर का कचरा ना डाले....निगम*
दुर्ग /शौर्यपथ/ बारिश के समय शहर के निचली बस्तियों में बारिश के पानी से जलभराव की स्थिति निर्मित ना हो इसके लिए विशेष अभियान चलाकर नगर पालिक निगम दुर्ग द्वारा शहर के सभी बड़े नाला और वार्ड बस्तियों में स्थित छोटी बड़ी नालियों से कचरा मलमा निकालकर तल से सफाई की जा रही है । समस्त आम जनता से अपील है कि आपके द्वारा अपने घरों का कचरा घर के आस- पास के नालियों में डाल दिए जाने के कारण छोटी नाली से होकर बड़े नाला में कचरा आकर फंस जाता है । जिससे निचली बस्तियों में पानी भरने की समस्या होती है । नगर निगम द्वारा सभी नालियों से कचरा और मलबा निकालने का कार्य किया जा रहा है अत: अनुरोध है कि कोई भी व्यक्ति अपने घरों का कचरा अपने घर के आस-पास की नालियों में बिल्कुल ना डालें । उल्लेखनीय है कि भारत सरकार के स्वच्छ भारत अभियान के अंतर्गत स्वच्छता सर्वेक्षण के स्टार रेटिंग में केवल नालियों में कचरा मिलने के कारण ही दुर्ग निगम स्टार रेटिंग फेल हुआ है । पूरे शहर के छोटे बड़े नालियों से कचरा निकालने का अभियान निरंतर चलाया गया है । इसके साथ ही बड़े नाला से भी जेसीबी के माध्यम से मलमा और कचरा निकाला जा रहा है ताकि आने वाले समय में बारिश के दौरान किसी भी बस्ती व क्षेत्र में जलभराव की स्थिति ना हो और पानी सुगमता से निकास हो सके । इस कड़ी में नगर निगम दुर्ग द्वारा पोटिया कला वार्ड विवेकानंद नगर में स्थित बड़े नाला से कचरा मलमा निकाल कर जेसीबी से सफाई किया गया । इसी तरह से मग्गा होटल के पास से होकर मिलपारा की बड़ी नाली की सफाई की गई । इसी कड़ी में न्यू पुलिस लाइन वार्ड 48, गायत्री मंदिर वार्ड 25 गंजपारा वार्ड 36, नयापारा वार्ड 1, शंकर नगर वार्ड 10, --11, पोलसाय पारा वार्ड 27, संतरा बाड़ी वार्ड 26, आमदी मंदिर वार्ड 24, दीपक नगर वार्ड 23, शंकर नाल, गिरधारी नाला, पोटिया नाला, कसारीडीह नाला, केलाबाड़ी नाला, शक्ति नगर नाला, तकिया पारा, पोटियाकला वार्ड 54, आजाद वार्ड 37, आदि नालियों से कचरा निकाल कर सफाई की गयी । आयुक्त बर्मन ने बताया बारिश के दौरान किसी भी क्षेत्र में बारिश का पानी नालियों के कारण ना भरे इसके लिए अभियान चलाकर सभी नालियों से कचरा और मलमा निकाला जा रहा है । उन्होंने कहा शहर के बहुत से लोग अपने घरों का कचरा नालियों में डाल दे रहे हैं जिसके कारण कचरा छोटी नाली से होकर नाला में आकर फंसता है और इससे नाली में पानी निकासी रुक जाता है और संबंधित क्षेत्र में पानी भरने की समस्या होती है सभी लोगों से अपील है की वे नालियों में कचरा ना डालें शहर को साफ सुथरा रखने में नगर निगम को सहयोग प्रदान करे ।
दुर्ग / शौर्यपथ / दुर्ग नगर पालिक निगम में अधिकारियों कर्मचारियों के अनियमितता के मामले आये दिन उजागर होते ही रहते है भर्ष्टाचार / अनियमितता का दूसरा पर्याय के रूप में दुर्ग निगम की पहचान बनते जा रही है . एक तरफ निगम की नाक के नीचे घटिया पेंट ( एम् आई सी भवन ) के नज़ारे के बाद भी अधिकारियों के ख़ास बने ठेकेदारों को ऑफलाइन ठेके पद्दति से नित नए काम मिल रहे है और घटिया निर्माण / कार्य पर अधिकारी आँख बंद रखे हुए है वही ठ्केदारो की फाइल जो नियमतः कार्यालय में होनी चाहिए किन्तु अधिकतर ठेकेदार अपनी फाइल अपने पास ही रखते है और बिना निरिक्षण दस्खत करने का कार्य इंजिनियर अपने केबिन में बैठ कर करते है . स्थल जाँच कार्यो में हो इसकी संभावना कम ही नजर आती है . हो सकता है कोई बड़ा कमीशन का खेल हो ठेकेदारों और इंजीनियरों में क्योकि साल भर पहले ही ऐसे ही एक मामले में सब इंजिनियर व्ही.पी. मिश्रा द्वारा सड़क पर सडक का निर्माण हुआ और ठेकेदारों को दोनों ही कार्यो के बिल का भुगतान हुआ . क्योकि जिनकी शिकायत के बाद भी किसी तरह की कार्यवाही नहीं हुई .
वर्तमान समय में निगम प्रशासन के मुखिया के तौर पर आयुक्त बर्मन द्वारा एक अहम् फैसला लिया गया जिसके तहत सहायक राजस्व निरीक्षक थान सिंह को बाज़ार प्रभारी के रूप में नियुक्त किया गया . किन्तु सबसे बड़ा सवाल यह है कि थान सिंह जो सालो से बाज़ार विभाग का कार्य देख रहे है अब जबकि प्रभारी है तो क्या इनके द्वारा इंदिरा मार्केट में सडको तक सामान फैला कर व्यापार करने वाले बड़े बड़े व्यापारियों पर कार्यवाही की जाएगी या सिर्फ निगम प्रशासन को कार्यवाही के नाम पर गुमराह करते रहेंगे और पद की गरिमा को धूमिल करेंगे ? क्या थान सिंह इंदिरा मार्केट में निगम के द्वारा लीज में दी गयी दुकाने जो बिना अनुमति के अपने मूल स्वरूप में परिवर्तन कर बरामदे तक सामन फैला कर व्यापार कर रहे है उन व्यापारियों पर कार्यवाही करेंगे या फिर ऐसे व्यापारियों पर विशेष कृपा दृष्टी रहेगी ? क्या थान सिंह शहर के ऐसे व्यापारी जो नियमो की अवहेलना करते हुए व्यापार कर रहे है उन पर कार्यवाही करेंगे या निगम प्रशासन का जोर एक बार फिर गरीबो पर ही मेहरबान रहेगा . निगम आयुक्त बर्मन द्वारा एक महत्तवपूर्ण फैसला लिया गया है और थान सिंह को बड़ी जिम्मेदारी दी गयी है क्या आयुक्त के फैसले पर थान सिंह खरे उतरेंगे या सिर्फ दिखावा में ही कार्य होगा . थान सिंह बाज़ार विभाग के सभी कार्यो से भलीभांति परिचित है बस अब समय है अपने पद की गरिमा को बनाए रखने की और निष्पक्ष ( भर्ष्टाचार से परे )होकर निगम के शासकीय कार्यो को करने की तथा ये साबित करने की सहायक क को महत्तवपूर्ण प्रभार देकर आयुक्त ने कोई गलती नहीं की .
Feb 09, 2021 Rate: 4.00
