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March 03, 2026
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*दिव्यांग डोमार की आँख में आई रोशनी*

  • devendra yadav birth day

शारीरिक रूप से 80 से 90 प्रतिशत दिव्यांग, अभनपुर के ग्राम पंचायत आमनेर निवासी डोमार भारती मोतियाबिंद की परेशानी से जूझ रहे थे । स्वास्थ्य विभाग द्वारा 25 अगस्त से 8 सितम्बर तक राष्ट्रीय नेत्रदान पखवाड़ा चलाया गया था । नेत्रदान पखवाड़े में नेत्र सहायक अधिकारी रोशन साहू द्वारा डोमार भारती के आँख में मोतियाबिंद गंभीर स्तर का पाया गया टीम द्वारा उनको डॉ.भीमराव अंबेडकर स्मृति चिकित्सालय रायपुर (मेडिकल कॉलेज एंड हॉस्पिटल रायपुर (मेकाहारा) पहुंचाया गया जहां मोतियाबिंद का सफल ऑपरेशन किया गया ।
डोमार भारती बताते हैं, ‘’ स्थिति इतनी गंभीर हो गई थी कि कुछ समझ में नहीं आ रहा था कि मैं आँख की किस गंभीर बीमारी का शिकार हो गया हूं । क्योंकि यह प्रक्रिया धीरे-धीरे होना शुरू हुई थी। लेकिन अब मैं पूरी दुनिया देख सकता हूं। डॉक्टरों की टीम ने मेरी दुनिया फिर से रोशन कर दी है ।“
प्राथमिक स्वास्थ्य केन्द्र (हेल्थ एंड वेलनेस सेंटर) खोरपा, अभनपुर के नेत्र सहायक अधिकारी रोशन साहू बताते है, ‘’डोमार भारती शारीरिक रूप से दिव्यांग है साथ ही उन्हें आंख में मोतियाबिंद की गंभीर शिकायत थी उनको आँख से देखने की दृष्टि (आई का विजन) दाएं आँख से एक से डेढ़ फिट और बाएं आंख से एक से दो फिट था । उनको केवल हैंड मूवमेंट दिखाई देता था। भारती पास की अंगुलिया भी नहीं देख पा रहे थे। डोमार के बारे में फील्ड वर्कर पुरुष स्वास्थ्य कार्यकर्ता दिलीप साहू के माध्यम से पता चला था जब हम वहां टीम के साथ पहुंचे तो उसकी स्थिति ठीक नहीं थी । उनको प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र लाया गया जहां पर उनका आँख की जांच की गई। टॉर्च से जब उनकी आंख में रोशनी डाली गई तब पता चला कि उनको मैच्योर कैटरेक्ट(पका हुआ मोतियाबिंद) है। तत्पश्चात उसका आपरेशन किया गया ।“
क्षेत्रीय विधायक धनेंद्र साहू की मदद से उनका मेकाहारा में निशुल्क इलाज किया गया। नेत्र रोग विभागाध्यक्ष डॉ. निधि पांडेय ने निशुल्क इलाज करवाने हैं काफी मदद की साथ ही डॉ. स्वाति कुजूर ने दवाइयों की व्यवस्था करवाई ।
वरिष्ठ नेत्र सहायक अधिकारी संजय शर्मा बताते हैं, ‘’मैच्योर कैटरेक्ट(पका हुआ मोतियाबिंद) यह एक जटिल प्रक्रिया हो जाती है जब विजन का स्तर काफी कम होता है। अगर समय पर डोमार भारती का ऑपरेशन नहीं होता तो दृष्टि जाने की संभावना से इनकार नहीं किया जा सकता था।“
डॉ. संतोष सिंह और डॉ. रेशू मल्होत्रा की टीम द्वारा 1 सप्ताह के भीतर ही दोनों आंखों के मोतियाबिंद का सफल ऑपरेशन सुरक्षित रूप से किया गया जिसमें कोविड-19 की गाइडलाइन का पालन करते हुए ऑपरेशन पूर्ण हुआ । अब डोमार दोनों आंखों से दुनिया देख रहे हैं।
मोतियाबिंद के ऑपरेशन में अधीक्षक (मेकाहारा) डॉ. अब्दुल वसीम बीएमओ अभनपुर डॉ.एसडी कंवर, डॉ. शारदा साहू चिकित्सा अधिकारी खोरपा का सहयोग रहा ।

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