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धर्म संसार / शौर्यपथ / प्रभु यीशु के जन्म की ख़ुशी में मनाया जाने वाला क्रिसमस का त्योहार पूरी दुनिया में मनाया जाता है। यह त्योहार कई मायनों में बेहद खास है। क्रिसमस को बड़ा दिन, सेंट स्टीफेंस डे या फीस्ट ऑफ़ सेंट स्टीफेंस भी कहा जाता है। प्रभु यीशु ने दुनिया को प्यार और इंसानियत की शिक्षा दी। उन्होंने लोगों को प्रेम और भाईचारे के साथ रहने का संदेश दिया। प्रभु यीशु को ईश्वर का इकलौता प्यारा पुत्र माना जाता है। इस त्योहार से कई रोचक तथ्य जुड़े हैं। आइए जानते हैं इनके बारे में।
क्रिसमस ऐसा त्योहार है जिसे हर धर्म के लोग उत्साह से मनाते हैं। यह एकमात्र ऐसा त्योहार है जिस दिन लगभग पूरे विश्व में अवकाश रहता है। 25 दिसंबर को मनाया जाने वाला यह त्योहार आर्मीनियाई अपोस्टोलिक चर्च में 6 जनवरी को मनाया जाता है। कई देशों में क्रिसमस का अगला दिन 26 दिसंबर बॉक्सिंग डे के रूप मे मनाया जाता है। क्रिसमस पर सांता क्लॉज़ को लेकर मान्यता है कि चौथी शताब्दी में संत निकोलस जो तुर्की के मीरा नामक शहर के बिशप थे, वही सांता थे। वह गरीबों की हमेशा मदद करते थे उनको उपहार देते थे। क्रिसमस के तीन पारंपरिक रंग हैं हरा, लाल और सुनहरा। हरा रंग जीवन का प्रतीक है, जबकि लाल रंग ईसा मसीह के रक्त और सुनहरा रंग रोशनी का प्रतीक है। क्रिसमस की रात को जादुई रात कहा जाता है। माना जाता है कि इस रात सच्चे दिल वाले लोग जानवरों की बोली को समझ सकते हैं। क्रिसमस पर घर के आंगन में क्रिसमस ट्री लगाया जाता है। क्रिसमस ट्री को दक्षिण पूर्व दिशा में लगाना शुभ माना जाता है। फेंगशुई के मुताबिक ऐसा करने से घर में सुख समृद्धि आती है। पोलैंड में मकड़ी के जालों से क्रिसमस ट्री को सजाने की परंपरा है। मान्यता है कि मकड़ी ने सबसे पहले जीसस के लिए कंबल बुना था।
महीनों से फरार जीजा-साला रायपुर में गिरफ्तार, नागपुर से पुणे तक पुलिस ने खंगाले ठिकाने
राजनांदगांव/शौर्यपथ /पूर्व महापौर सुदेश देशमुख के भाई सत्यजीत देशमुख की हत्या के मामले में फरार चल रहे दो मुख्य आरोपियों को चिखली पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया है। महीनों से पुलिस को चकमा दे रहे प्रफुल्ल साहू उर्फ विक्की और मुकेश साहू को रायपुर के बसंत विहार इलाके से घेराबंदी कर दबोचा गया। दोनों आरोपी रिश्ते में जीजा-साला बताए जा रहे हैं। पुलिस की इस कार्रवाई से बहुचर्चित हत्याकांड में फरार मुख्य आरोपियों की तलाश पूरी हो गई है।
0 घर में घुसकर की थी हत्या, अस्पताल में शव छोड़कर हुए थे फरार
पुलिस के मुताबिक, 16 अगस्त 2026 की रात प्रफुल्ल साहू, मुकेश साहू, बबलू साहू उर्फ बल्ला और एक विधि से संघर्षरत बालक ने सत्यजीत देशमुख के घर में घुसकर उनके साथ मारपीट की थी। इस दौरान उनकी हत्या कर दी गई। वारदात के बाद आरोपियों ने पुलिस को गुमराह करने के उद्देश्य से शव को जिला अस्पताल में उपचार के लिए छोड़ दिया था। मामले में 17 अगस्त को शिकायत के आधार पर चौकी चिखली में हत्या सहित विभिन्न धाराओं में अपराध दर्ज किया गया था।
0 कई राज्यों में तलाश, रायपुर में मिली सफलता
घटना के बाद पुलिस ने बबलू साहू उर्फ बल्ला और विधि से संघर्षरत बालक को गिरफ्तार कर लिया था, जबकि प्रफुल्ल और मुकेश फरार हो गए थे। उनकी गिरफ्तारी के लिए गठित टीम लगातार तकनीकी साक्ष्यों और सीसीटीवी फुटेज के आधार पर तलाश कर रही थी। पुलिस ने नागपुर, चंद्रपुर, अकोला, पुणे और शिर्डी सहित कई स्थानों पर दबिश दी। आखिरकार दोनों के रायपुर में छिपे होने की सूचना मिली, जिसके बाद पुलिस टीम ने बसंत विहार में घेराबंदी कर उन्हें गिरफ्तार कर लिया।
0 महाराष्ट्र में भी दर्ज हैं कई अपराध
पुलिस पूछताछ में दोनों आरोपियों ने पूर्व में गिरफ्तार आरोपियों के साथ मिलकर हत्या करना स्वीकार किया। प्रफुल्ल साहू के विरुद्ध महाराष्ट्र के चंद्रपुर जिले के गोंडपिपरी और दुर्गापुर थाना क्षेत्रों में कई आपराधिक मामले दर्ज हैं। वहीं मुकेश साहू के खिलाफ भी पूर्व में कई अपराध दर्ज होने की जानकारी पुलिस ने दी है। दोनों आरोपियों को न्यायालय में पेश करने के बाद जेल भेज दिया गया।
कार्रवाई में चौकी प्रभारी उप निरीक्षक कैलाश चंद्र मरई प्रधान आरक्षक अरुण नेताम, आरक्षक आदित्य सोलंकी, सुनील बैरागी, चंद्रकपूर आयाम, अमित सोनी, रंजित चौरसिया तथा साइबर सेल के आरक्षक हेमंत एवं आदित्य सिंह सहित चौकी चिखली स्टाफ की महत्वपूर्ण भूमिका रही।
राज्य स्थापना दिवस पर प्रदेशवासियों को दी शुभकामनाएं, अटल बिहारी वाजपेयी के सपनों का विकसित छत्तीसगढ़ बनाने का संकल्प दोहराया
2047 तक समृद्ध, सशक्त और विकसित राज्य बनाने के लिए जनभागीदारी का किया आह्वान
रायपुर / शौर्यपथ / छत्तीसगढ़ राज्य स्थापना दिवस के अवसर पर मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने प्रदेशवासियों को हार्दिक बधाई एवं शुभकामनाएं देते हुए राज्य के 26 वर्षों के सफर को गौरव और नए संकल्पों का अवसर बताया। उन्होंने कहा कि पूर्व प्रधानमंत्री भारत रत्न श्रद्धेय अटल बिहारी वाजपेयी के दूरदर्शी नेतृत्व और दृढ़ संकल्प से पृथक छत्तीसगढ़ राज्य का सपना साकार हुआ, जिसने प्रदेश की आकांक्षाओं को नई पहचान और विकास की नई संभावनाएं प्रदान कीं।
मुख्यमंत्री ने कहा कि इस वर्ष का राज्योत्सव विशेष महत्व रखता है, क्योंकि छत्तीसगढ़ लाल आतंक से मुक्त होकर शांति, विश्वास और विकास के नए युग की ओर अग्रसर है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व, केंद्रीय गृह एवं सहकारिता मंत्री अमित शाह के दृढ़ संकल्प तथा डबल इंजन सरकार के प्रयासों से यह उपलब्धि संभव हुई है। इसमें सुरक्षा बलों के जवानों के अदम्य साहस, शौर्य और बलिदान का महत्वपूर्ण योगदान रहा है, जिसे प्रदेश सदैव याद रखेगा।
मुख्यमंत्री साय ने कहा कि राज्य सरकार का लक्ष्य प्रदेश के प्रत्येक गांव में खुशहाली लाना, युवाओं को बेहतर अवसर उपलब्ध कराना और विकास का लाभ समाज के अंतिम व्यक्ति तक पहुंचाना है। छत्तीसगढ़ की समृद्ध सांस्कृतिक विरासत, प्राकृतिक संसाधन और जनशक्ति प्रदेश की प्रगति के प्रमुख आधार हैं।
उन्होंने प्रदेशवासियों से आह्वान किया कि राज्य स्थापना दिवस को उपलब्धियों पर गर्व करने के साथ भविष्य के नए संकल्प लेने के अवसर के रूप में मनाएं और सभी मिलकर वर्ष 2047 तक समृद्ध, सशक्त एवं विकसित छत्तीसगढ़ के निर्माण में सक्रिय भागीदारी निभाएं।
रोड शो में 30 पर्यटन हितधारकों और 148 टूर-ट्रैवल ऑपरेटरों की भागीदारी, पर्यटन पैकेज, निवेश और व्यावसायिक साझेदारी बढ़ाने पर हुई चर्चा
रायपुर / शौर्यपथ / छत्तीसगढ़ की प्राकृतिक सुंदरता, धार्मिक आस्था, ऐतिहासिक धरोहरों और समृद्ध लोकसंस्कृति को राष्ट्रीय पर्यटन मानचित्र पर नई पहचान दिलाने के उद्देश्य से छत्तीसगढ़ टूरिज्म बोर्ड ने गुजरात के अहमदाबाद में पर्यटन रोड शो आयोजित किया। फिक्की के सहयोग से होटल हयात रीजेंसी में आयोजित इस कार्यक्रम में छत्तीसगढ़ के 30 पर्यटन हितधारकों और गुजरात के 148 टूर एवं ट्रैवल ऑपरेटरों ने हिस्सा लिया। रोड शो के जरिए दोनों राज्यों के बीच पर्यटन कारोबार, निवेश और सांस्कृतिक आदान-प्रदान को बढ़ावा देने की संभावनाओं पर चर्चा हुई।
कार्यक्रम में छत्तीसगढ़ टूरिज्म बोर्ड के अध्यक्ष नीलू शर्मा, पर्यटन एवं संस्कृति विभाग के सचिव डॉ. एस. भारतीदासन, बोर्ड के प्रबंध संचालक सौमिल रंजन चौबे तथा गुजरात पर्यटन निगम की प्रतिनिधि अंकिता परमार विशेष रूप से उपस्थित रहे।
चंपारण बनेगा धार्मिक पर्यटन का प्रमुख केंद्र
रोड शो का प्रमुख आकर्षण महाप्रभु वल्लभाचार्य की जन्मभूमि चंपारण को गुजरात और छत्तीसगढ़ के बीच पर्यटन का महत्वपूर्ण सेतु बनाने की रणनीति रही। गुजरात से बड़ी संख्या में श्रद्धालु चंपारण पहुंचते हैं। इसी धार्मिक जुड़ाव को व्यापक पर्यटन अवसर में बदलने के लिए टूर ऑपरेटरों को चंपारण के साथ सिरपुर, राजिम, बस्तर और विश्वप्रसिद्ध चित्रकोट जलप्रपात को जोड़कर विशेष पर्यटन पैकेज तैयार करने की संभावनाओं से अवगत कराया गया।
प्रबंध संचालक सौमिल रंजन चौबे ने प्रस्तुतीकरण के माध्यम से बताया कि गुजरात से आने वाले श्रद्धालुओं की यात्रा को केवल चंपारण तक सीमित न रखते हुए प्रदेश के अन्य धार्मिक, ऐतिहासिक और प्राकृतिक पर्यटन स्थलों से भी जोड़ा जा सकता है। इससे पर्यटकों का प्रवास बढ़ने के साथ होटल, परिवहन, हस्तशिल्प और स्थानीय पर्यटन व्यवसाय को भी लाभ मिल सकेगा।
पर्यटन कारोबार और निवेश पर बनी सहमति की संभावनाएं
रोड शो के दौरान दोनों राज्यों के पर्यटन व्यवसायियों के बीच व्यावसायिक बैठकें हुईं। इनमें संयुक्त पर्यटन पैकेज तैयार करने, नए यात्रा मार्ग विकसित करने, पर्यटकों की आवाजाही बढ़ाने और पर्यटन सेवाओं के विस्तार पर चर्चा की गई। साथ ही गुजरात के संभावित निवेशकों के साथ छत्तीसगढ़ में पर्यटन अधोसंरचना के विकास और निजी क्षेत्र की भागीदारी बढ़ाने के अवसरों पर भी संवाद हुआ।
कार्यक्रम में छत्तीसगढ़ की लोककला और सांस्कृतिक परंपराओं पर आधारित प्रस्तुतियों ने गुजरात के अतिथियों का मन मोह लिया। मीडिया संवाद के माध्यम से प्रदेश के प्रमुख पर्यटन स्थलों और नई पर्यटन पहलों का प्रचार-प्रसार भी किया गया।
अहमदाबाद रोड शो को छत्तीसगढ़ के पर्यटन को राष्ट्रीय बाजार से जोड़ने की महत्वपूर्ण पहल माना जा रहा है। चंपारण के धार्मिक महत्व को आधार बनाकर गुजरात के पर्यटकों को सिरपुर, राजिम और बस्तर जैसे गंतव्यों तक आकर्षित करने की यह रणनीति प्रदेश में पर्यटन कारोबार, स्थानीय रोजगार और निवेश के नए अवसर विकसित करने में सहायक हो सकती है।
भेंडरा में अंतिम यात्रा में शामिल हुए मुख्यमंत्री, कहा– उनका सरल व्यक्तित्व, आत्मीय व्यवहार और जनसेवा के प्रति समर्पण सदैव स्मरणीय रहेगा
बालोद/रायपुर। अहिवारा विधानसभा क्षेत्र के विधायक स्वर्गीय डोमनलाल कोर्सेवाड़ा के निधन से राजनीतिक और सामाजिक क्षेत्र में शोक की लहर है। शनिवार को मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय उनके गृह ग्राम भेंडरा पहुंचे और पार्थिव शरीर पर पुष्पचक्र अर्पित कर भावभीनी श्रद्धांजलि दी। मुख्यमंत्री उनकी अंतिम यात्रा में भी शामिल हुए और नम आंखों से दिवंगत विधायक को अंतिम विदाई दी।
इस अवसर पर मुख्यमंत्री साय ने गहरा शोक व्यक्त करते हुए कहा कि डोमनलाल कोर्सेवाड़ा का निधन पूरे क्षेत्र की जनता के लिए अपूरणीय क्षति है। उन्होंने कहा कि व्यक्तिगत रूप से भी यह उनके लिए अत्यंत पीड़ादायक क्षण है। स्वर्गीय कोर्सेवाड़ा का सरल व्यक्तित्व, आत्मीय व्यवहार और जनसेवा के प्रति उनका समर्पण हमेशा स्मृतियों में जीवित रहेगा।
मुख्यमंत्री ने शोकाकुल परिजनों से मुलाकात कर अपनी संवेदनाएं व्यक्त कीं। उन्होंने ईश्वर से दिवंगत आत्मा को श्रीचरणों में स्थान देने तथा परिवारजनों को इस असहनीय दुःख को सहन करने की शक्ति प्रदान करने की प्रार्थना की।
जनप्रतिनिधि के रूप में उनकी स्मृतियां और जनसेवा के प्रति समर्पण क्षेत्रवासियों के बीच सदैव याद किया जाएगा।
चार अधिकारियों को कारण बताओ नोटिस, तीन दिन में मांगा जवाब; जिले के तीनों निगमों की निर्वाचन नामावली पर उठे सवाल
दुर्ग। नगर पालिका आम निर्वाचन-2026 की तैयारियों के बीच भिलाई-चरोदा नगर निगम की मतदाता सूची में भी गंभीर त्रुटियां सामने आई हैं। निगम के 40 वार्डों में से 16 वार्डों के 1,204 मतदाताओं के नाम उनके निर्धारित वार्डों के बजाय दूसरे वार्डों में दर्ज होने की जानकारी सामने आने के बाद प्रशासन ने सख्त रुख अपनाया है। कलेक्टर एवं जिला निर्वाचन अधिकारी (स्थानीय निर्वाचन) अभिजीत सिंह ने चार संबंधित अधिकारियों को कारण बताओ नोटिस जारी कर तीन दिनों के भीतर स्पष्टीकरण मांगा है।
नोटिस प्राप्त करने वालों में रजिस्ट्रीकरण अधिकारी प्रकाश सोनी, सहायक रजिस्ट्रीकरण अधिकारी रवि विश्वकर्मा तथा अतिरिक्त सहायक रजिस्ट्रीकरण अधिकारी आलोक पसीने एवं प्रभाकर शुक्ला शामिल हैं।
छत्तीसगढ़ राज्य निर्वाचन आयोग के निर्देशानुसार 1 अक्टूबर 2026 की संदर्भ तिथि के आधार पर फोटोयुक्त निर्वाचक नामावली तैयार एवं पुनरीक्षित की जा रही है। भिलाई-चरोदा नगर निगम की प्रारंभिक मतदाता सूची का प्रकाशन 23 अक्टूबर 2026 को किया गया था। इसके बाद बूथ लेवल अधिकारियों (बीएलओ) एवं राजनीतिक दलों के प्रतिनिधियों ने मतदाताओं के नाम निर्धारित वार्डों के स्थान पर अन्य वार्डों में दर्ज होने की त्रुटियों की जानकारी दी।
जारी नोटिस में निर्वाचक नामावली तैयार करने में गंभीर लापरवाही तथा बीएलओ द्वारा प्रस्तुत आधार पत्रक क्रमांक 01 एवं 02 की समुचित जांच नहीं किए जाने का उल्लेख किया गया है। संबंधित अधिकारियों को तीन दिनों के भीतर अपना पक्ष प्रस्तुत करने और नगर पालिका निर्वाचन नियम 1994 के प्रावधानों के अनुरूप शुद्ध एवं त्रुटिरहित मतदाता सूची तैयार करने के निर्देश दिए गए हैं।
प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि निर्धारित समय में जवाब प्रस्तुत नहीं करने अथवा स्पष्टीकरण असंतोषजनक पाए जाने पर संबंधित अधिकारियों के विरुद्ध नियमानुसार अनुशासनात्मक कार्रवाई की जाएगी।
तीनों निगमों की मतदाता सूची पर उठे सवाल
गौरतलब है कि दुर्ग जिले के रिसाली नगर निगम में 12 वार्डों के 24,709 तथा भिलाई नगर निगम में 42 वार्डों के 11,339 मतदाताओं के नाम दूसरे वार्डों में दर्ज होने का मामला पहले ही सामने आ चुका है। अब भिलाई-चरोदा में 16 वार्डों के 1,204 मतदाताओं के नामों में गड़बड़ी उजागर होने से जिले के तीनों नगर निगमों की मतदाता सूची तैयार करने की प्रक्रिया पर गंभीर सवाल खड़े हो गए हैं। तीनों निगमों को मिलाकर कुल 37,252 मतदाताओं के नाम वार्डवार त्रुटि से प्रभावित बताए गए हैं।
रिसाली के बाद भिलाई निगम में भी निर्वाचन नामावली की गंभीर खामी उजागर, सात अधिकारियों को कारण बताओ नोटिस
दुर्ग। नगर पालिका आम निर्वाचन-2026 की तैयारियों के बीच भिलाई नगर निगम की मतदाता सूची में भी बड़ी गड़बड़ी सामने आई है। निगम के 70 वार्डों में से 42 वार्डों के 11,339 मतदाताओं के नाम उनके निर्धारित वार्डों के बजाय अन्य वार्डों में दर्ज पाए जाने की जानकारी सामने आने से निर्वाचन व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े हो गए हैं। मामले को गंभीरता से लेते हुए कलेक्टर एवं जिला निर्वाचन अधिकारी (स्थानीय निर्वाचन) अभिजीत सिंह ने सात संबंधित अधिकारियों को कारण बताओ नोटिस जारी कर तीन दिनों के भीतर जवाब मांगा है।
नोटिस प्राप्त करने वाले अधिकारियों में रजिस्ट्रीकरण अधिकारी सोनाल डेविड, सहायक रजिस्ट्रीकरण अधिकारी डीकेश्वर साहू तथा अतिरिक्त सहायक रजिस्ट्रीकरण अधिकारी अरविंद शर्मा, अमरनाथ दुबे, येशा लहरे, कुलदीप कुमार गुप्ता एवं अरविंद शर्मा के नाम शामिल हैं।
छत्तीसगढ़ राज्य निर्वाचन आयोग के निर्देशानुसार 1 अक्टूबर 2026 की संदर्भ तिथि के आधार पर फोटोयुक्त निर्वाचक नामावली तैयार एवं पुनरीक्षित की जा रही है। भिलाई नगर निगम की प्रारंभिक मतदाता सूची का प्रकाशन 23 अक्टूबर 2026 को किया गया था। इसके बाद बूथ लेवल अधिकारियों (बीएलओ) एवं राजनीतिक दलों के प्रतिनिधियों ने मतदाताओं के नाम निर्धारित वार्डों के स्थान पर दूसरे वार्डों में दर्ज होने की त्रुटियों की जानकारी दी।
जारी नोटिस में मतदाता सूची तैयार करने में गंभीर लापरवाही तथा बीएलओ द्वारा प्रस्तुत आधार पत्रक क्रमांक 01 एवं 02 की समुचित जांच नहीं किए जाने का उल्लेख किया गया है। कलेक्टर ने संबंधित अधिकारियों को तीन दिनों के भीतर स्पष्टीकरण प्रस्तुत करने के साथ ही नगर पालिका निर्वाचन नियम 1994 के प्रावधानों के अनुरूप शुद्ध एवं त्रुटिरहित निर्वाचक नामावली तैयार करने के निर्देश दिए हैं।
प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि निर्धारित समय में जवाब नहीं मिलने अथवा स्पष्टीकरण असंतोषजनक पाए जाने पर संबंधित अधिकारियों के विरुद्ध नियमानुसार अनुशासनात्मक कार्रवाई की जाएगी।
रिसाली के बाद भिलाई में भी उजागर हुई गड़बड़ी
गौरतलब है कि रिसाली नगर निगम की मतदाता सूची में भी 12 वार्डों के 24,709 मतदाताओं के नाम दूसरे वार्डों में दर्ज होने का मामला सामने आ चुका है, जिसमें चार अधिकारियों को नोटिस जारी किए गए हैं। अब भिलाई में 42 वार्डों के 11,339 मतदाताओं के नामों में गड़बड़ी उजागर होने से जिले के दोनों नगर निगमों की निर्वाचन नामावली की शुद्धता और पुनरीक्षण प्रक्रिया पर गंभीर सवाल खड़े हो रहे हैं।
कलेक्टर ने दिखाई सख्ती, रजिस्ट्रीकरण सहित चार अधिकारियों को नोटिस; तीन दिन में मांगा जवाब
दुर्ग। नगर पालिक निगम रिसाली की आगामी आम निर्वाचन-2026 के लिए तैयार की जा रही मतदाता सूची में बड़ी त्रुटि सामने आई है। निगम के 40 वार्डों में से 12 वार्डों के कुल 24,709 मतदाताओं के नाम उनके निर्धारित वार्डों के बजाय दूसरे वार्डों में दर्ज होने की जानकारी सामने आने के बाद निर्वाचन व्यवस्था पर सवाल खड़े हो गए हैं। मामले को गंभीरता से लेते हुए कलेक्टर एवं जिला निर्वाचन अधिकारी (स्थानीय निर्वाचन) अभिजीत सिंह ने चार संबंधित अधिकारियों को कारण बताओ नोटिस जारी कर तीन दिनों के भीतर स्पष्टीकरण मांगा है।
नोटिस प्राप्त करने वाले अधिकारियों में रजिस्ट्रीकरण अधिकारी प्रफुल्ल कुमार गुप्ता, सहायक रजिस्ट्रीकरण अधिकारी वासुमित्र दीवान तथा अतिरिक्त सहायक रजिस्ट्रीकरण अधिकारी अखिलेश गुप्ता एवं सुनील दुबे शामिल हैं।
निर्वाचन आयोग के निर्देशानुसार 1 अक्टूबर 2026 की संदर्भ तिथि के आधार पर फोटोयुक्त निर्वाचक नामावली तैयार एवं पुनरीक्षित की जा रही है। रिसाली निगम की प्रारंभिक मतदाता सूची का प्रकाशन 23 अक्टूबर को किया गया था। इसके बाद बूथ लेवल अधिकारियों (बीएलओ) एवं राजनीतिक दलों के प्रतिनिधियों ने मतदाताओं के नाम निर्धारित वार्डों के बजाय अन्य वार्डों में दर्ज होने की त्रुटि की जानकारी दी।
जारी नोटिस में निर्वाचक नामावली तैयार करने के दौरान गंभीर लापरवाही तथा बीएलओ द्वारा प्रस्तुत आधार पत्रक क्रमांक 01 एवं 02 की समुचित जांच नहीं किए जाने का उल्लेख किया गया है। कलेक्टर ने संबंधित अधिकारियों को निर्धारित प्रक्रिया के अनुसार शुद्ध एवं त्रुटिरहित मतदाता सूची तैयार करने के निर्देश भी दिए हैं।
प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि निर्धारित समयावधि में जवाब नहीं मिलने अथवा स्पष्टीकरण असंतोषजनक पाए जाने पर संबंधित अधिकारियों के विरुद्ध नियमानुसार अनुशासनात्मक कार्रवाई की जाएगी। इतने बड़े पैमाने पर मतदाताओं के नामों का वार्डवार स्थानांतरण सामने आने से मतदाता सूची की शुद्धता और निर्वाचन प्रक्रिया की विश्वसनीयता को लेकर गंभीर सवाल खड़े हो गए हैं।
पेंशन और वेतन निर्धारण के जटिल मामलों के त्वरित निराकरण में रही विशेष भूमिका, समारोह में भावभीनी विदाई
दुर्ग। शासकीय सेवा में 42 वर्ष 9 माह तक कर्तव्यनिष्ठा, कार्यकुशलता और समर्पण के साथ अपनी सेवाएं देने वाले संभागीय संयुक्त संचालक कोष, लेखा एवं पेंशन कार्यालय में पदस्थ उप संचालक श्री देवेन्द्र कुमार चौबे 31 अक्टूबर को अधिवार्षिकी आयु पूर्ण कर सेवानिवृत्त हो गए। उनकी सेवानिवृत्ति पर आयोजित विदाई समारोह में अधिकारियों, कर्मचारियों, परिजनों एवं मित्रों ने उन्हें भावभीनी विदाई देते हुए उनके दीर्घ सेवाकाल और योगदान को याद किया।
श्री चौबे ने अपने लंबे शासकीय सेवाकाल में विभिन्न विभागों में महत्वपूर्ण जिम्मेदारियों का निर्वहन किया। विगत पांच वर्षों से संभागीय संयुक्त संचालक कोष, लेखा एवं पेंशन कार्यालय में पदस्थ रहते हुए उन्होंने संभाग के विभिन्न शासकीय कार्यालयों के पेंशन प्रकरणों तथा जटिल वेतन निर्धारण संबंधी मामलों के त्वरित निराकरण में उल्लेखनीय भूमिका निभाई। उनके अनुभव और कार्य के प्रति समर्पण से अनेक अधिकारियों एवं कर्मचारियों को लाभ मिला।
विदाई समारोह का संचालन करते हुए श्री कैलाश साहू ने श्री चौबे के 42 वर्ष 9 माह के सेवाकाल, विभिन्न विभागों में उनकी पदस्थापना और कार्यकाल के दौरान अर्जित उपलब्धियों का उल्लेख किया। इस अवसर पर उपस्थित अधिकारियों एवं कर्मचारियों ने उनके साथ काम करने के अनुभव साझा किए और उनकी कर्तव्यपरायणता, सरल व्यवहार तथा कार्य के प्रति प्रतिबद्धता की सराहना की।
समारोह में संभागीय संयुक्त संचालक श्री विवेक कुमार मिश्रा सहित ममता अवस्थी, नीतू पाण्डेय, कृष्णकांत खरांशु, हिना सिंह गुप्ता, सादिक उल मलिक, मनीष मिश्रा, शशि दुबे, अशोक राठौर, संतोष कुमार सोनी एवं खम्हन सिंह गोआर्य सहित विभिन्न कार्यालयों के अधिकारी-कर्मचारी उपस्थित रहे। जिला कोषालय, कोषालय कर्मचारी संघ, बीईओ कार्यालय दुर्ग, पुलिस अधीक्षक कार्यालय एवं मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी कार्यालय के प्रतिनिधियों सहित श्री चौबे के परिजनों और मित्रों ने भी समारोह में सहभागिता की।
43 वर्षों से अधिक की शासकीय सेवा के बाद सेवानिवृत्त हुए श्री चौबे के योगदान को उपस्थितजनों ने स्मरण करते हुए उनके सुखद, स्वस्थ एवं खुशहाल भविष्य की कामना की।
नेटबॉल के दोनों वर्गों में प्रथम, कराते में भी शानदार प्रदर्शन; जनरल चैंपियनशिप पर जमाया कब्जा
दुर्ग। 26वीं राज्य स्तरीय शालेय क्रीड़ा प्रतियोगिता में दुर्ग जोन के खिलाड़ियों ने शानदार प्रदर्शन करते हुए प्रदेश में अपनी खेल श्रेष्ठता साबित की। नेटबॉल और कराते की विभिन्न स्पर्धाओं में दुर्ग जोन ने कुल छह वर्गों में प्रथम स्थान हासिल कर जनरल चैंपियनशिप अपने नाम की। चार दिवसीय इस प्रतियोगिता में प्रदेश के पांच संभागों के लगभग 468 छात्र-छात्राओं ने हिस्सा लेकर अपनी खेल प्रतिभा का प्रदर्शन किया।
28 से 31 अक्टूबर तक आयोजित प्रतियोगिता का समापन समारोह शनिवार को भिलाई विद्यालय, सेक्टर-2 के खेल प्रांगण में संपन्न हुआ। समारोह के मुख्य अतिथि संयुक्त संचालक शिक्षा संभाग दुर्ग के श्री के.वी. राव थे। इस अवसर पर जिला शिक्षा अधिकारी श्री जे.एस. धीर, क्रीड़ा अधिकारी कल्पना स्वामी, सहायक क्रीड़ा अधिकारी छाया प्रकाश राव, सहायक संचालक अमित घोष सहित पांचों जोन के दल प्रबंधक उपस्थित रहे। अतिथियों ने खिलाड़ियों के प्रदर्शन की सराहना करते हुए विजेता एवं उपविजेता टीमों को बधाई दी।
नेटबॉल में बालक-बालिका दोनों वर्गों में प्रथम
नेटबॉल के 17 वर्ष बालक एवं बालिका दोनों वर्गों में दुर्ग जोन ने प्रथम स्थान प्राप्त किया। बालक वर्ग में रायपुर जोन द्वितीय और बस्तर जोन तृतीय रहा, जबकि बालिका वर्ग में रायपुर जोन द्वितीय तथा बिलासपुर जोन तृतीय स्थान पर रहा।
कराते में भी दुर्ग का शानदार प्रदर्शन
कराते स्पर्धा में दुर्ग जोन ने पांच वर्गों में प्रथम स्थान हासिल किया। 14 वर्ष बालक एवं बालिका वर्ग, 17 वर्ष बालक वर्ग और 19 वर्ष बालक वर्ग में दुर्ग जोन विजेता रहा। वहीं 17 वर्ष बालिका एवं 19 वर्ष बालिका वर्ग में रायपुर जोन ने प्रथम स्थान प्राप्त किया। इस प्रकार नेटबॉल और कराते को मिलाकर दुर्ग जोन ने छह वर्गों में स्वर्णिम सफलता अर्जित की।
100 व्यायाम शिक्षकों ने संभाली आयोजन की जिम्मेदारी
प्रतियोगिता को सफलतापूर्वक संपन्न कराने में दुर्ग जिले के लगभग 100 व्यायाम शिक्षकों ने महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। निर्णायकों, तकनीकी अधिकारियों, खेल प्रशिक्षकों, आयोजन समिति एवं सहयोगी कर्मचारियों का भी उल्लेखनीय योगदान रहा। अंत में सहायक क्रीड़ा अधिकारी दुर्ग श्री पी.जे. सेबास्टियन ने अतिथियों, पत्रकारों, प्रतिभागी खिलाड़ियों, प्रशिक्षकों, निर्णायकों, अधिकारियों एवं व्यायाम शिक्षकों के प्रति आभार व्यक्त किया। खेल भावना, अनुशासन और आपसी सौहार्द के संदेश के साथ प्रतियोगिता का समापन हुआ।
संस्कारधानी स्ट्राइकर्स ने भी 4-0 से दर्ज की जीत, पहले सेमीफाइनल में न्यायधानी से भिड़ंत
रायपुर । छत्तीसगढ़ हॉकी लीग में बैलाडिला बुल्स ने अपने आखिरी लीग मुकाबले में शानदार प्रदर्शन करते हुए चक्रधर चैंपियंस को 6-2 से करारी शिकस्त दी और सेमीफाइनल में प्रवेश कर लिया। करो या मरो के मुकाबले में उतरी बुल्स की टीम ने शुरुआत से ही आक्रामक खेल दिखाया। आनंद ने पहले ही मिनट में रिवर्स फ्लिक से गोल कर टीम का खाता खोला। जसकरण सिंह ने शानदार प्रदर्शन करते हुए चार गोल दागे, जबकि आनंद और गोपाल ने भी एक-एक गोल किया।
चक्रधर चैंपियंस की ओर से खोगेश्वर बाग और युवराज वाल्मीकि ने गोल किए, लेकिन टीम को हार से नहीं बचा सके। इस जीत के साथ बैलाडिला ने नॉकआउट में अपनी जगह सुनिश्चित कर ली।
इधर, संस्कारधानी स्ट्राइकर्स ने भी मैनपाट टाइटन्स को 4-0 से हराकर सेमीफाइनल का टिकट हासिल किया। आशीष तानी पूर्ति ने शानदार हैट्रिक लगाई और अपने कुल गोलों की संख्या 12 पहुंचा दी। वहीं ओम कुमार यादव ने एक फील्ड गोल कर टीम की जीत सुनिश्चित की।
सेमीफाइनल का मुकाबला आज: लीग चरण के परिणामों के बाद पहले सेमीफाइनल में 31 अक्टूबर को शाम 5:30 बजे टॉप क्वालीफायर न्यायधानी नाइट्स का मुकाबला संस्कारधानी स्ट्राइकर्स से होगा। वहीं दूसरे सेमीफाइनल में शाम 7:30 बजे बैलाडिला बुल्स और मैनपाट टाइटन्स आमने-सामने होंगे।
भाजपा 13 सीटों के साथ सबसे बड़ी पार्टी, सपा ने यूपी में जीतीं पांच सीटें; कर्नाटक में कांग्रेस का सूपड़ा साफ, महाराष्ट्र में MVA को तीन सीटों पर सफलता
नई दिल्ली। देश के चार राज्यों उत्तर प्रदेश, बिहार, कर्नाटक और महाराष्ट्र में विधान परिषद की 28 सीटों के लिए हुए द्विवार्षिक चुनाव के नतीजों ने राष्ट्रीय राजनीति में कई अहम सियासी संकेत दिए हैं। 23 अक्टूबर को हुए मतदान के बाद 28 और 29 अक्टूबर को घोषित परिणामों में भाजपा के नेतृत्व वाले राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन (NDA) ने 16 सीटों पर जीत दर्ज की। भाजपा 13 सीटों के साथ सबसे बड़ी पार्टी बनकर उभरी। वहीं विपक्षी दलों ने भी महत्वपूर्ण निर्वाचन क्षेत्रों में जीत हासिल कर अपनी राजनीतिक मौजूदगी दर्ज कराई।
इन चुनावों का सबसे चर्चित परिणाम महाराष्ट्र की नागपुर स्नातक सीट पर सामने आया, जहां कांग्रेस के अभिजीत वंजारी ने भाजपा प्रत्याशी सुधाकर कोहले को 3,271 मतों से पराजित कर अपनी सीट बरकरार रखी। वंजारी को 67,231 मत मिले, जबकि कोहले को 63,960 मत प्राप्त हुए। नागपुर में कांग्रेस की यह जीत इसलिए भी महत्वपूर्ण मानी जा रही है क्योंकि यह महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस और केंद्रीय मंत्री नितिन गडकरी का गृह क्षेत्र है।
उत्तर प्रदेश में भाजपा-सपा के बीच मुकाबला: प्रदेश की 11 शिक्षक एवं स्नातक सीटों में भाजपा ने छह और समाजवादी पार्टी ने पांच सीटें जीतीं। सपा ने वाराणसी की दोनों सीटों सहित लखनऊ और आगरा में भी सफलता हासिल की। वाराणसी में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के संसदीय क्षेत्र में सपा की जीत विशेष चर्चा में रही। भाजपा ने मेरठ, बरेली-मुरादाबाद, लखनऊ शिक्षक, आगरा स्नातक और गोरखपुर-फैजाबाद सहित छह सीटों पर अपनी पकड़ बनाए रखी।
बिहार में NDA को चार सीटें: आठ सीटों के परिणाम में भाजपा ने तीन और जदयू ने एक सीट जीतकर NDA का आंकड़ा चार पहुंचाया। राजद ने पटना शिक्षक सीट पर डॉ. संजीव कुमार के माध्यम से सफलता हासिल की। प्रशांत किशोर की जन सुराज पार्टी ने दरभंगा शिक्षक सीट जीतकर विधान परिषद में अपना खाता खोला। निर्दलीय प्रत्याशी राहुल राज और बंशीधर ब्रजवासी ने भी जीत दर्ज की। पटना शिक्षक सीट पर भाजपा के लंबे समय से प्रतिनिधित्व कर रहे नवल किशोर यादव की हार भी चर्चा का विषय रही।
कर्नाटक में भाजपा-जेडीएस गठबंधन का क्लीन स्वीप: राज्य की चारों सीटों पर NDA गठबंधन ने जीत दर्ज की। भाजपा ने तीन और जेडीएस ने एक सीट अपने नाम की। जेडीएस के ए.पी. रंगनाथ ने बेंगलुरु शिक्षक सीट पर कांग्रेस के मौजूदा सदस्य पुट्टन्ना को 908 मतों से हराया। भाजपा ने उत्तर-पूर्व शिक्षक, दक्षिण-पूर्व स्नातक और पश्चिम स्नातक सीटों पर जीत हासिल की। राज्य में सत्तारूढ़ कांग्रेस चारों सीटों पर पराजित रही।
महाराष्ट्र में विपक्षी MVA को तीन सीटें: पांच सीटों के चुनाव में महाविकास आघाड़ी ने तीन और सत्तारूढ़ महायुति ने दो सीटें जीतीं। कांग्रेस ने नागपुर स्नातक सीट बरकरार रखी, जबकि एनसीपी (शरद पवार गुट) ने पुणे स्नातक और छत्रपति संभाजीनगर स्नातक सीटों पर जीत दर्ज की। महायुति की ओर से भाजपा के कौस्तुभ गावड़े ने पुणे शिक्षक और शिवसेना (शिंदे गुट) के किरण सरनाईक ने अमरावती शिक्षक सीट पर सफलता हासिल की।
पार्टीवार चुनावी तस्वीर: भाजपा 13, समाजवादी पार्टी 5, एनसीपी (शरद पवार गुट) 2, कांग्रेस 1, जदयू 1, जेडीएस 1, राजद 1, जन सुराज 1, शिवसेना (शिंदे गुट) 1 और निर्दलीय 2 सीटों पर विजयी रहे। इस प्रकार NDA के हिस्से में कुल 16 और अन्य दलों एवं निर्दलीय प्रत्याशियों के हिस्से में 12 सीटें आईं।
चार राज्यों के इन चुनावों ने स्पष्ट किया कि विधान परिषद की शिक्षक एवं स्नातक सीटों पर राजनीतिक दलों के प्रदर्शन में राज्यवार अंतर देखने को मिला। भाजपा के नेतृत्व वाले गठबंधन ने कुल सीटों में बढ़त बनाई, वहीं उत्तर प्रदेश में सपा की सफलता, बिहार में जन सुराज का प्रवेश और महाराष्ट्र के नागपुर में कांग्रेस की जीत ने विपक्षी खेमे को भी महत्वपूर्ण राजनीतिक आधार दिया।
SIR के जरिए वोटों में कथित हेरफेर, इलेक्टोरल बॉन्ड, जांच एजेंसियों के दुरुपयोग और प्रेस की स्वतंत्रता पर उठाए सवाल; महंगाई, बेरोजगारी व कानून व्यवस्था को लेकर साय सरकार पर भी साधा निशाना
दुर्ग । जिला कांग्रेस कमेटी दुर्ग के महामंत्री राहुल शर्मा ने भाजपा द्वारा 30 अक्टूबर को दुर्ग में आयोजित किए जा रहे ‘लोकतंत्र बचाओ, अराजकता हटाओ’ आंदोलन को राजनीतिक दिखावा और हास्यास्पद करार देते हुए तीखा हमला बोला है। उन्होंने कहा कि पिछले 12 वर्षों से केंद्र और लगभग एक वर्ष से छत्तीसगढ़ में भाजपा की सरकार है। ऐसे में भाजपा का लोकतंत्र बचाने के नाम पर पदयात्रा और आंदोलन करना समझ से परे है। जो पार्टी स्वयं लोकतांत्रिक संस्थाओं को कमजोर करने के आरोपों से घिरी है, वह आज लोकतंत्र की रक्षा का नारा दे रही है। यह आंदोलन जनता को गुमराह करने की कोशिश है।
राहुल शर्मा ने सवाल उठाया कि आखिर भाजपा किस लोकतंत्र को बचाने की बात कर रही है? उन्होंने SIR (विशेष गहन पुनरीक्षण) के मुद्दे पर कर्नाटक के आलंद में 6,018 मतदाताओं के नाम कथित तौर पर फर्जी तरीके से हटाए जाने के मामले, बिहार में SIR के दौरान 65 लाख मतदाताओं के नाम हटने की आशंका तथा छत्तीसगढ़ में 2023 विधानसभा चुनाव के बाद 12 लाख से अधिक मतदाताओं के नामों में गड़बड़ी की शिकायतों का उल्लेख करते हुए कहा कि मतदाता सूची की शुचिता के नाम पर यदि मताधिकार प्रभावित होता है, तो यह लोकतंत्र के लिए गंभीर चिंता का विषय है।
उन्होंने इलेक्टोरल बॉन्ड का मुद्दा उठाते हुए कहा कि सुप्रीम कोर्ट द्वारा असंवैधानिक घोषित की गई चुनावी बॉन्ड व्यवस्था के माध्यम से भाजपा को 8,252 करोड़ रुपये का चंदा मिलने का दावा सामने आया है, जो कुल बॉन्ड राशि का लगभग 48 प्रतिशत बताया जाता है। उन्होंने आरोप लगाया कि ईडी, सीबीआई और आयकर विभाग जैसी जांच एजेंसियों का इस्तेमाल विपक्षी नेताओं को निशाना बनाने के लिए किया जा रहा है। प्रेस की स्वतंत्रता पर सवाल उठाते हुए उन्होंने कहा कि प्रेस फ्रीडम इंडेक्स में भारत की रैंकिंग 2014 के 140वें स्थान से गिरकर 2024 में 161वें स्थान पर पहुंचना चिंताजनक है। वहीं, लोकतंत्र सूचकांक में भारत को ‘त्रुटिपूर्ण लोकतंत्र’ की श्रेणी में रखा जाना भी देश की लोकतांत्रिक व्यवस्था पर सवाल खड़े करता है।
महंगाई, बेरोजगारी और कानून व्यवस्था पर भी घेरा
छत्तीसगढ़ की विष्णुदेव साय सरकार पर निशाना साधते हुए राहुल शर्मा ने कहा कि महतारी वंदन योजना के तहत महिलाओं को एक हजार रुपये देने की बात की जाती है, लेकिन दूसरी ओर रसोई गैस की कीमत लगभग 1,200 रुपये और डीजल के दाम 100 रुपये प्रति लीटर पार होने से आम जनता महंगाई की मार झेल रही है। उन्होंने बेरोजगारी दर 6.5 प्रतिशत होने का दावा करते हुए युवाओं को एक लाख नौकरियां देने के वादे पर भी सवाल उठाए। दुर्ग जिले में पिछले 10 महीनों के दौरान अपराधों में 35 प्रतिशत वृद्धि का आरोप लगाते हुए उन्होंने कानून व्यवस्था को लेकर सरकार को घेरा।
राहुल शर्मा ने धार्मिक स्थलों को राजनीतिक कार्यक्रमों का मंच बनाए जाने पर भी आपत्ति जताई। उन्होंने कहा कि मंदिर प्रांगण और राधा-कृष्ण मंदिर जैसे धार्मिक स्थलों को राजनीतिक गतिविधियों से जोड़ना उचित नहीं है। भगवान और धर्म के नाम पर राजनीति करना भाजपा की राजनीतिक कार्यशैली को दर्शाता है।
भाजपा से पूछे जनता के सवाल
कांग्रेस महामंत्री ने भाजपा को उसके पुराने वादों की याद दिलाते हुए पूछा कि दो करोड़ रोजगार का वादा कहां गया, काला धन वापस लाने का दावा कहां रह गया और महाराष्ट्र एवं मध्यप्रदेश में विधायकों की खरीद-फरोख्त के आरोपों के बीच लोकतंत्र की रक्षा की बात करने वाले नेता उस समय कहां थे? उन्होंने कहा कि लोकतंत्र बचाने का वास्तविक अर्थ मतदाताओं के अधिकार, संस्थाओं की स्वतंत्रता और जनता की आवाज की रक्षा करना है, न कि सत्ता और कुर्सी बचाना।
अंत में राहुल शर्मा ने कहा कि भाजपा के ‘लोकतंत्र बचाओ’ अभियान का असली मकसद लोकतंत्र की रक्षा नहीं, बल्कि अपनी राजनीतिक जमीन और सत्ता बचाना है। 30 अक्टूबर को दुर्ग की जनता भाजपा से इन सवालों का जवाब मांगेगी। कांग्रेस का ‘वोट बचाओ, देश बचाओ’ अभियान लोकतांत्रिक अधिकारों की रक्षा की आवाज है और जनता इस सच्चाई को समझ रही है।
Feb 09, 2021 Rate: 4.00
