September 25, 2026
Hindi Hindi▼

Login to your account

Username *
Password *
Remember Me

    *एकीकृत किसान पोर्टल में एंट्री के लिए दिया गया विस्तृत प्रशिक्षण*

    • doing of business

    *कलेक्टर श्री पी एस एल्मा ने सही तरीके से एंट्री सुनिश्चित करने दिए निर्देश*

    *नवीन पंजीयन तथा पंजीकृत रकबे में संशोधन 31 अक्टूबर तक होगा*
    *दो पालियों में दिया गया प्रशिक्षण*

    *पहली पाली में कुरूद मगरलोड और दूसरी पाली में धमतरी नगरी के कृषि, उद्यानिकी, विभाग का अमला सहित संबंधित एसडीएम मौजूद रहे*
    पहले प्रदेश के किसान विभिन शासकीय योजनाओं का लाभ लेने अलग अलग कार्यालयों में आवेदन करते थे, इससे समय , संसाधन, आदि का अपव्यय होता था।  राज्य शासन ने प्रक्रिया का सरलीकरण कर विभिन्न  योजनाओं के लिए एक प्लेटफार्म पर किसना पंजीयन के लिए सूचना प्रौद्योगिकी आधारित एकीकृत किसान पोर्टल विकसित किया है। इसमें किसान के धारित भूमि और बोए गए फसल का रकबा सत्यापन के लिए भुइयां पोर्टल से लिंक कर दिया गया है। अब शासन के निर्देशानुसार एकीकृत किसान पोर्टल में किसानों का पंजीयन किया जाएगा। इसमें राजीव गांधी किसान न्याय योजना, मुख्यमंत्री वृक्षारोपण प्रोत्साहन योजना, धान–मक्का उपार्जन,  कोदो–कुटकी और रागी उपार्जन योजना सम्मिलित है। कृषि विकास एवम किसान कल्याण तथा जैव प्रौद्योगिकी विभाग द्वारा एकीकृत किसान पोर्टल में पंजीयन के लिए जो विस्तृत दिशा निर्देश जारी किए गए उसके लिए   आज कलेक्टर श्री पी एस एल्मा की अध्यक्षता में ज़िला पंचायत सभा कक्ष में दो पालियों में प्रशिक्षण बैठक आहूत किया गया।  इसमें  संबंधित अधिकारियों को विस्तार से जानकारी दी गई।  एकीकृत किसान पोर्टल में किसानों का पंजीयन, पात्र अपात्र का पोर्टल में पंजीयन की जानकारी,पंजीयन की शर्तें,पंजीयन अवधि, नए किसानों का पंजीयन, पंजीकृत फसल/ रकबे में संशोधन, किसान के व्यक्तिगत विवरण में संशोधन,  पोर्टल के संचालन संबंधी कार्ययोजना, दायित्व, समय सीमा, पर्यवेक्षण और निगरानी  इत्यादि की विस्तार से जानकारी दी गई।
    इस मौके पर कलेक्टर श्री एल्मा ने उपास्थितों को निर्देशित किया कि इस साल खरीफ मौसम में कृषि, उद्यानिकी फसल और वृक्षारोपण करने वाले किसानों का पंजीयन पोर्टल http://kisan .cg.nic.in में किया जाना हैं अतः ग्रामीण कृषि विस्तार अधिकारी और ग्रामीण उद्यान विस्तार अधिकारी गंभीरता से अपने दायित्व का निर्वहन करें। बताया गया कि खरीफ 2020–21 में धान उपार्जन के लिए पंजीकृत / विक्रय किए गए रकबे पर ही धान के बदले सुगंधित धान, फोर्टीफाइड धान, कृषि फसल, उद्यानिकी फसल, एवम वृक्षारोपण करने वाले किसानों का पंजीयन किया जाएगा। धान बोने वाले  पंजीकृत किसानों का डेटाबेस को आगामी वर्षों में उपयोग के लिए कैरी फॉरवर्ड किया जाएगा। लेकिन अब उद्यानिकी, वृक्षारोपण, अन्य फसल की एंट्री भी पोर्टल में की जानी है। उन्होंने कहा कि गिरदावरी कार्य राजस्व के साथ कृषि अमले ने किया है अब इसका एमआईएस एंट्री सही तरीके से हो यह सुनिश्चित करें।
      इस मौके पर श्री उपेन्द्र चंदेल, ज़िला सूचना और विज्ञान अधिकारी ने पोर्टल में जो चार प्रपत्र में जानकारी इंद्राज की जानी है उसकी विस्तृत जानकारी पी पी टी के जरिए  दी । इस अवसर पर बताया गया कि प्रपत्र एक में किसान का नवीन पंजीयन किया जाएगा। इसमें खरीफ मौसम की सभी कृषि/ उद्यानिकी फसल, धान के बदले सुगंधित धान, फोर्टीफाइड धान, कृषि(अन्य) फसल ,उद्यानिकी फसल तथा वृक्षारोपण सम्मिलित है। यह कार्य कृषि और उद्यानिकी विभाग का अमला करेगा , इसके लिए 31 अक्टूबर तक की तिथि तय की गई है। अतः आवेदन का परीक्षण, सत्यापन कार्य सही तरीके से करने की बैठक में हिदायत दी गई । बताया गया कि ऑनलाइन सत्यापित आवेदनों का पोर्टल में एंट्री सहकारिता विभाग द्वारा 31 अक्टूबर तक प्राथमिक कृषि साख समितियों के जरिए की जाएगी। इसके लिए कलेक्टर ने सहकारिता विभाग को भी मैदानी अमले को इसकी विस्तृत और सही एंट्री करने आवश्यक मार्गदर्शन देने के निर्देश दिए।
    बैठक में प्रपत्र दो के संबंध में भी जानकारी दी गई कि पंजीकृत फसल/ रकबे में संशोधन की कार्रवाई 31 अक्टूबर तक कृषि और उद्यानिकी विभाग द्वारा की जाएगी।  इसी तरह किसान के व्यक्तिगत विवरण में संशोधन की कार्रवाई प्रपत्र तीन में की जाएगा। इसके अलावा वारिसान पंजीयन के लिए प्राप्त आवेदनों को प्रपत्र चार में परीक्षण , सत्यापन एवम एकीकृत किसान पोर्टल में इंद्राज तहसीलदार द्वारा किया जाएगा। इसी तरह वन विभाग का दायित्व होगा कि मुख्यमंत्री वृक्षारोपण प्रोत्साहन योजना के तहत पंजीयन किया जाए।  इसमें वन पट्टाधारी द्वारा अपनी भूमि पर वृक्षारोपण, ग्राम पंचायत एवं वन प्रबंधन समिति द्वारा राजस्व भूमि में वृक्षारोपण,  के लिए आवेदन 30 नवंबर तक लिया जायेगा और धान के बदले वृक्षारोपण करने वाले किसानों का पंजीयन संबंधी आवेदन 31 अक्टूबर तक  लेकर पंजीयन शामिल  है। बताया गया कि आवेदनों का सत्यापन और पोर्टल में प्रविष्टि वन परिक्षेत्र अधिकारी द्वारा समय सीमा में किया जाएगा। इसके अलावा संस्थागत/रेगहा/ बटाईदार/लीज/ डुबान क्षेत्र के किसानों का पंजीयन खाद्य विभाग द्वारा 31 अक्टूबर तक कर पोर्टल में पंजीयन किया जाएगा कृषि विस्तार और ग्रामीण उद्यान विस्तार अधिकारियों को आवेदन दें जिससे कि शासन की मंशा अनुरूप उन्हें योजनाओं का लाभ मिलने में सहूलियत हो। ज्ञात हो कि आज  पहली पाली सुबह 10.30 बजे से कुरूद और मगरलोड विकासखंड की आहूत की गई। वहीं दूसरी पाली दोपहर एक बजे से धमतरी और नगरी विकासखंड की आहूत की गई । इसमें सीईओ ज़िला पंचायत श्रीमती प्रियंका महोबिया सहित पहली पाली में एसडीएम कुरूद श्री डी सी बंजारे, दूसरी पाली में  नगरी एसडीएम श्री चंद्रकांत कौशिक धमतरी एसडीएम डॉ विभोर अग्रवाल, सहित तहसीलदार और कृषि, उद्यानिकी का अमला सहित अन्य अधिकारी मौजुद रहे।

    Rate this item
    (0 votes)

    Leave a comment

    Make sure you enter all the required information, indicated by an asterisk (*). HTML code is not allowed.

    हमारा शौर्य

    हमारे बारे मे

    whatsapp-image-2020-06-03-at-11.08.16-pm.jpeg
     
    CHIEF EDITOR -  SHARAD PANSARI
    CONTECT NO.  -  8962936808
    EMAIL ID         -  shouryapath12@gmail.com
    Address           -  SHOURYA NIWAS, SARSWATI GYAN MANDIR SCHOOL, SUBHASH NAGAR, KASARIDIH - DURG ( CHHATTISGARH )
    LEGAL ADVISOR - DEEPAK KHOBRAGADE (ADVOCATE)
    © 2015 Shouryapath. All Rights Reserved. Designed By Global Vision