August 09, 2026
Hindi Hindi

Login to your account

Username *
Password *
Remember Me

    भूमकाल आंदोलन आदिवासियों के स्वाभिमान, जल, जंगल, जमीन और स्वतंत्रता की लड़ाई का प्रतीक: श्री भूपेश बघेल

    • doing of business

    रायपुर /शौर्यपथ/

    भूमकाल आंदोलन आदिवासियों के स्वाभिमान, जल, जंगल, जमीन

    मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने भूमकाल दिवस के एक दिन पहले आज अपने रायपुर निवास कार्यालय से नगर पालिका कांकेर के घड़ी चौक में स्थापित अमर शहीद गुण्डाधुर की प्रतिमा का वर्चुअल लोकार्पण किया। मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने अमर शहीद गुण्डाधुर को नमन करते हुए कहा कि उन्होंने बस्तर में भूमकाल आंदोलन का नेतृत्व किया। भूमकाल आंदोलन सन् 1909 में प्रारंभ हुआ था। यह आंदोलन आदिवासियों के स्वाभिमान, आदिवासियों के जल, जंगल और जमीन तथा आदिवासियों की स्वतंत्रता की लड़ाई थी। उन्होंने सीमित संसाधनों के बावजूद अंग्रेजों से लोहा लिया। वो अंग्रेजों के सामने झुके नहीं। उन्होंने आदिवासी समाज को जोड़ा।

    वर्चुअल लोकार्पण

    विधानसभा के उपाध्यक्ष मनोज मंडावी रायपुर से वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से कार्यक्रम में जुड़े। संसदीय सचिव शिशुपाल सोरी, नगरपालिका कांकेर अध्यक्ष सरोज ठाकुर, जिला पंचायत कांकेर अध्यक्ष हेमन्त ध्रुव सहित अनेक जनप्रतिनिधि, पार्षद, गोंडवाना समाज के अनेक पदाधिकारी और बड़ी संख्या में गणमान्य नागरिक इस अवसर पर कांकेर में उपस्थित थे।
    मुख्यमंत्री बघेल ने कहा कि 1857 की क्रांति के पहले ही परलकोट के राजा अमर शहीद गैंद सिंह ने 1925 में अंग्रेजों के खिलाफ विद्रोह का बिगुल फुका। 1857 की लड़ाई में अमर शहीद वीर नारायण सिंह ने अंग्रेजों के खिलाफ लड़ाई छेड़ी थी। हमारे इन जननायकों ने अपनी आजादी की किसी भी कीमत पर गिरवी नही रखा। मुख्यमंत्री ने कहा कि देश की आजादी की लड़ाई में हमारे इन वीर स्वतंत्रता संग्राम सेनानियों का अमूल्य योगदान जिस तरह रेखांकित होना था, वैसा रेखांकित नही हो पाया। अब हमारा आदिवासी समाज जागृत हो रहा है और इन वीरों के योगदान को रेखांकित  करने के साथ उनका स्मरण कर रहा है।

    मुख्यमंत्री  बघेल ने कार्यक्रम को सम्बोधित करते हुए कहा कि राज्य सरकार ने आदिवासियों के हित में अनेक कदम उठाए हैं। जमीन वापसी, किसानों की ऋण माफी के साथ वनवासियों को वन अधिकार देने का काम राज्य सरकार द्वारा किया गया। वनोपजों की समर्थन मूल्य पर खरीदी और उनके वेल्यू ऐडिशन के साथ कोदो, कुटकी और रागी की समर्थन मूल्य पर खरीदी की जा रही है। इन कार्यो से ग्रामीण अर्थव्यवस्था सुदृढ़ हो रही है। इनके साथ-साथ आदिवासी अंचलों में शिक्षा और स्वास्थ्य सुविधाएं पहंुचाने के बेहतर उपाय किए गए हैं। बच्चों को शिक्षा के बेहतर अवसर उपलब्ध कराने के लिए स्वामी आत्मानंद अंग्रेजी माध्यम स्कूल प्रारंभ किए गए। बच्चों में प्रतिभा की कमी नहीं है, जरूरत उन्हें अच्छे अवसर उपलब्ध कराने की है। उन्होंने कहा कि हमारे आदिवासी भाई अस्पताल नहीं जाते हैं, इसलिए हाट बाजार क्लिनिक योजना प्रारंभ की गई, जिसका यह सुखद परिणाम रहा कि बस्तर में उल्टी, दस्त और डायरिया के प्रकरण में कमी आई।

    मुख्यमंत्री ने कहा कि बस्तर में मलेरिया उन्मूलन अभियान से मलेरिया के मामले में भी उल्लेखनीय कमी आई है। राज्य सरकार ने कुपोषण से लड़ने के लिए मुख्यमंत्री सुपोषण अभियान प्रारंभ किया, जिससे बच्चों और महिलाओं में कुपोषण कम हुआ है। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार का यह प्रयास है कि बस्तर के लोग शारीरिक रूप से सशक्त हों, शैक्षणिक और आर्थिक रूप से मजबूत हों, इसके साथ उन्हें अधिकार मिलें, तो वे और आगे तरक्की करेंगे। मुख्यमंत्री ने कहा कि बस्तर के विकास में कोई कमी नहीं आने दी जाएगी। उन्होंने अमर शहीद गुण्डाधुर की स्मृतियों को चिरस्थाई बनाने के लिए कांकेरवासियों द्वारा उनकी प्रतिमा की स्थापना के कार्य की सराहना की।

    कार्यक्रम से वीडियो कॉन्फ्रंेसिंग से जुड़े विधानसभा के उपाध्यक्ष  मनोज सिंह मण्डावी ने कार्यक्रम को सम्बोधित करते हुए कहा कि भूमकाल क्रांति के महानायक अमर शहीद गुण्डाधुर ने आजादी के 37 साल पहले सन् 1910 में बस्तर जैसे वनांचल क्षेत्र में अंग्रेजों के खिलाफ लड़ाई छेड़ी, जिनके कब्जे में पूरा देश था। उन्होंने राज्य सरकार द्वारा मुख्यमंत्री  भूपेश बघेल के नेतृत्व में आदिवासियों के समग्र विकास और उनकी संस्कृति और परम्पराओं के संरक्षण के लिए किए जा रहे कार्यो का विस्तार से उल्लेख किया।

    कांकेर में कार्यक्रम स्थल पर उपस्थित संसदीय सचिव  शिशुपाल सोरी ने कार्यक्रम को सम्बोधित करते हुए कहा कि बस्तर के प्रवेश द्वार कांकेर में आज स्थापित की जा रही अमर शहीद गुण्डाधुर की प्रतिमा आदिवासी समाज सहित सम्पूर्ण बस्तर को गौरवान्वित करेगी। उन्होंने कहा कि बस्तर के शूरवीरों ने आजादी की अलख जगाई और सारे समाज को एक सूत्र में पिरोया। कार्यक्रम को जिला पंचायत कांकेर के अध्यक्ष  हेमंत धु्रव सहित अनेक जनप्रतिनिधियों ने सम्बोधित किया। आभार प्रदर्शन नगर पालिका कांकेर की अध्यक्ष सरोज ठाकुर ने किया।

    Rate this item
    (0 votes)

    Leave a comment

    Make sure you enter all the required information, indicated by an asterisk (*). HTML code is not allowed.

    हमारा शौर्य

    हमारे बारे मे

    whatsapp-image-2020-06-03-at-11.08.16-pm.jpeg
     
    CHIEF EDITOR -  SHARAD PANSARI
    CONTECT NO.  -  8962936808
    EMAIL ID         -  shouryapath12@gmail.com
    Address           -  SHOURYA NIWAS, SARSWATI GYAN MANDIR SCHOOL, SUBHASH NAGAR, KASARIDIH - DURG ( CHHATTISGARH )
    LEGAL ADVISOR - DEEPAK KHOBRAGADE (ADVOCATE)
    © 2015 Shouryapath. All Rights Reserved. Designed By Global Vision