February 08, 2026
Hindi Hindi

लक्ष्य दंपत्तियों की भ्रांतियों को दूर कर रहा मोर मितान मोर संगवारी

  • Ad Content 1

Rajshekhar Nair/Shorypath News

"पुरुषों की अब है बारी, परिवार नियोजन में हो भागीदारी"

रायपुर 25 नवंबर 2020 ।
पुरुष नसबंदी पखवाड़ा के प्रथम चरण में "मोर मितान मोर संगवारी" कार्यक्रम लक्ष्य दंपत्तियों की भ्रांतियों को दूर करने महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहा है । इस कार्यक्रम के माध्यम से चौपाल लगाकर इच्छुक लक्ष्य दम्पत्तियों को पुरुष नसबंदी के विषय पर विस्तृत जानकारी देकर समाज में फैली भ्रांतियों को दूर करने का प्रयास किया जा रहा है । इस समय प्रदेश में पुरूष नसबंदी के लियें मोबिलाइजेशन सप्ताह चल रहा है जोकि 27 नवंबर तक चलेगा । इस दौरान पुरूष नसबंदी हेतु संभावित लाभार्थियोंको पंजीकृत किया जा रहा है । इसके बाद 28 नवंबर से 4 दिसंबर तक नसबंदी की प्रक्रिया की जाएगी । पखवाड़े के अंतर्गत समस्त गतिविधियों को कोविड-19 से संबंधित समस्त सावधानियां को सुनिश्चित करते हुए मनाया जा रहा है ।
मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी डॉ मीरा बघेल बताया, प्रथम चरण के पुरुष नसबंदी पखवाड़े में "मोर मितान मोर संगवारी" कार्यक्रम के तहत योग्य और लक्ष्य दंपत्तियों की भ्रांतियों को दूर करने के लिये विषय विशेषज्ञों द्वारा पुरुष और महिला नसबंदी पर फैली भ्रांतियॉ को दूर किया जा रहा है ।इस दौरान लोगों को बताया जा रहा है कि पुरुष नसबंदी बहुत ही सरल है और कम समय में होने वाली प्रक्रिया है। साथ ही इसमें कोई तकलीफ भी नही होती है। जबकि महिला नसबंदी कराना एक जटिल प्रक्रिया है और इसमें महिलाओं को अपने स्वास्थ्य का विशेष ध्यान रखना पड़ता है और घरेलू कार्य भी प्रभावित होता है।
उन्होंने बताया, शत-प्रतिशत उपलब्धि प्राप्त करने के लियें प्रथम चरण की अवधि में जो लोग पूर्व में नसबंदी की सेवाएं प्राप्त कर चुके हैं, उन दम्पत्तियों को भी चौपाल में बुलाकर उनके माध्यम सेलोगों को प्रोत्साहित करने की अपील करने को कहा गया है। पुरुष नसबंदी से लाभ के बारे में इच्छुक दम्पत्तियों को जानकारी दी जा रही है ताकि दम्पत्ति बिना कोई भय अथवा दबाव के निर्भीक होकर नसबंदी की सेवाएं प्राप्त कर सकेंगे। प्रथम चरण की अवधि पर चौपाल कार्यक्रम के दौरान पुरुष नसबंदी को बढ़ावा देने हेतु शासन द्वारा विशेष पखवाड़ा का आयोजन किया जा रहा है। चौपाल में पुरुष नसबंदी हेतु प्रोत्साहित करने आये दम्पत्ति संजय (बदला हुआ नाम) ने बताया,“हमारी शादी वर्ष 2011 में हुई थी हमारे दो बच्चे है और मैं और मेरी पत्नी और बच्चे नही चाहते थे इसलिए मैंने पुरुष नसबंदी कराई है ।संजय कहते हैं कि नसबंदी करा लेने के उपरांत मैं पहले की तुलना में अपने आपको अधिक ऊर्जावान महसूस करताहूं । और अब पत्नी के गर्भधारण करने की चिंता भी नहीं रहती है । स्थाई साधन के रूप में पुरुष नसबंदी एक पक्का और अच्छा साधन है । पुरुष नसबंदी महिलाओं की तुलना में बहुत ही सरल प्रक्रिया है । साथ ही संजय कहते हैं कि जैसा कि समाज में तरह-तरह की भ्रांतियां फैली है की पुरुष नसबंदी कराने से क्षमता कम हो जाती है यह पूरी तरह से गलत है मैं और मेरी पत्नी पूरी तरह से एक दूसरे से संतुष्ट हैं।“

Rate this item
(0 votes)

Leave a comment

Make sure you enter all the required information, indicated by an asterisk (*). HTML code is not allowed.

हमारा शौर्य

हमारे बारे मे

whatsapp-image-2020-06-03-at-11.08.16-pm.jpeg
 
CHIEF EDITOR -  SHARAD PANSARI
CONTECT NO.  -  8962936808
EMAIL ID         -  shouryapath12@gmail.com
Address           -  SHOURYA NIWAS, SARSWATI GYAN MANDIR SCHOOL, SUBHASH NAGAR, KASARIDIH - DURG ( CHHATTISGARH )
LEGAL ADVISOR - DEEPAK KHOBRAGADE (ADVOCATE)