August 08, 2026
Hindi Hindi

Login to your account

Username *
Password *
Remember Me

    *धान बेचने भटक रही* वृद्धा

    • doing of business

    राजशेखर नायर/ नगरी/
    शौर्य पथ समाचार


    वर्तमान में कृषि उपज मंडी समितियों के माध्यम से किसानों का धान टोकन सिस्टम से खरीदा व बेचा जा रहा है। धान खरीदी का कार्य आदिम जाति सहकारी समितियों द्बारा किया जा रहा है। विगत 1 दिसंबर से धान बिकना एवं टोकन कटना चालू हो चुका है। इसमें फरसिया सहकारी समिति से एक भयंकर त्रुटि युक्त जानकारी मिली है जिसमें ग्राम गोरेगांव निवासी 67 वर्षीय ललिता देवी साहू के नाम से 2 एकड़ कृषि भूमि है जो कि उनके पिता जी के जमाने से उस जमीन पर कृषि कार्य होते आ रहा है। इन्हें 2 दिसंबर को धान बिक्री हेतु टोकन मिला, टोकन देख कर वह वृद्धा हैरान रह गयी कि उनके नाम से एक ही पर्चा में एक ही पृष्ट पर अंकित 2 एकड़ कृषि भूमि को मात्र 1 एकड़ दर्शाया गया है। वह वृद्धा बार-बार कार्यालयों के चक्कर लगाने की स्थिति में नहीं होने की वजह से अपने भाई-बंधु से फरसिया समिति में पता लगवाया गया। कार्यालय में ज्ञात हुआ कि पटवारी ने जो लिखकर दिया है उसी के आधार पर ही टोकन काटा गया है। गलती पटवारी का होना बतलाया गया। अब पटवारी से संपर्क किया गया तो ज्ञात हुआ है कि पटवारी ने 2 एकड़ कृषि भूमि होने की सही जानकारी सहकारी समिति फरसिया को प्रेषित किया है। तब जाकर सही जानकारी ज्ञात हुआ कि यह गलती सीधे-सीधे सहकारी समिति की है। उन्होने ही टोकन काटने व रिकार्ड बनाने में गलती की है। इस प्रकार उस असहाय वृद्धा की कृषि भूमि 2 एकड़ रहते हुए मात्र 1 एकड़ की धान बिक्री हुई तथा एक एकड़ का धान पड़ा हुआ है जबकि उस वृद्धा की आय का कोई और अन्य साधन नहीं है।
    अब पटवारी के पास शिकायत करने पर, पटवारी के द्वारा सहकारी समिति के संज्ञान में शिकायत को लाया गया तब कम्पूटर में सुधार हो जाने की जानकारी मिली है परंतु अब भी शेष 1 एकड़ जमीन का टोकन नहीं कट रहा है। फरसिया समिति प्रभारी श्री गौर द्वारा अब बतलाया जा रहा है कि तहसीलदार के द्वारा अनुमोदन पश्चात ही टोकन कटने की बात बतलायी गयी है।
    अब प्रश्न यह उठता है कि उस वृद्धा के आय का एकमात्र साधन कृषि उपज धान है, उसमें भी आधा धान बिका व आधा शेष है! तो उस वृद्धा के आजीविका का प्रबंधन क्या धान खरीदने वाली समिति करेगी? क्योंकि उन्हीं के गलती से ही पूरा धान नहीं बिका और धड़ल्ले से बोल दिया गया था कि ये पटवारी की गलती है।अ
    अब शासन द्वारा आदेश भी जारी हो चुका है कि जिनके भी रकबे में त्रुटि है उसे तत्काल सुधार कर कार्यवाही करें परंतु अब धान बिक्री का समय 1माह निकलने वाला है फिर भी कार्यवाही पूर्ण नहीं हुआ है। इससे लगता है कि शासन का आदेश भी किसानों को धान बेचने की सुविधा से वंचित कर रखा है। और सुनने वाला कोई नहीं है।

    Rate this item
    (0 votes)

    Leave a comment

    Make sure you enter all the required information, indicated by an asterisk (*). HTML code is not allowed.

    हमारा शौर्य

    हमारे बारे मे

    whatsapp-image-2020-06-03-at-11.08.16-pm.jpeg
     
    CHIEF EDITOR -  SHARAD PANSARI
    CONTECT NO.  -  8962936808
    EMAIL ID         -  shouryapath12@gmail.com
    Address           -  SHOURYA NIWAS, SARSWATI GYAN MANDIR SCHOOL, SUBHASH NAGAR, KASARIDIH - DURG ( CHHATTISGARH )
    LEGAL ADVISOR - DEEPAK KHOBRAGADE (ADVOCATE)
    © 2015 Shouryapath. All Rights Reserved. Designed By Global Vision