August 19, 2026
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    गोधन न्याय योजना: शहरी संघ की महिलाएं उत्पादित कर रहीं उत्कृष्ट कंडे, गोकाष्ठ और वर्मी वाॅश

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    अगर कुछ कर गुजरने का जुनून हो और उसे अंजाम देने की दृढ़ इच्छाशक्ति मन में हो तो पथरीले रास्ते भी फूलों की सेज बन जाते हैं। नगरपालिक निगम धमतरी के नवज्योति शहर स्तरीय संघ ने भी कुछ ऐसा कर दिखाया, जिसके जज्बे की चहुंओर सराहना हो रही है। शहरी क्षेत्र में गोधन न्याय योजना की इसे बड़ी कामयाबी कह सकते हैं, जहां पर संघ की 175 महिलाएं गोधन (गोबर) से अपना भविष्य संवारने में तल्लीन हैं। उनका आत्मविश्वास और होठों की सहज मुस्कान यह साबित कर रही है केमिकल फर्टिलाइजर के दौर में वर्मी खाद, वर्मी वाॅश और गोबर के अन्य उत्पाद हर दृष्टिकोण से खरा उतरे हैं।
    समूह की महिलाओं ने बताया कि शहर से कचरा संग्रहण करने के बाद सुबह आठ से दोपहर तीन बजे दानीटोला वार्ड में स्थित एसआएलएम सेंटर की अलग-अलग युनिट में वर्मी कम्पोस्ट के अलावा गोकाष्ठ (गोबर की लकड़ी), कण्डे, अगरबत्ती और वर्मी वाॅश तैयार करती हैं। संघ की अध्यक्ष श्रीमती मधुलता साहू ने बताया कि निगम क्षेत्र में ऐसे चार सेंटर संचालित हैं, जहां वर्मी कम्पोस्ट तैयार किया जाता है, साथ ही कण्डे, गौकाष्ठ, वर्मी वाॅश और अगरबत्ती भी तैयार किए जाते हैं। उन्होंने बताया कि यहां पर निर्मित गौकाष्ठ की काफी मांग है। संघ की सदस्य श्रीमती संगीता बारले व श्रीमती भारती साहू ने बताया कि गोधन न्याय योजना के अंतर्गत समूह की महिलाआंे के द्वारा नाडेप टांकों में केंचुआ डालकर 45 से 60 दिनों के भीतर वर्मी कम्पोस्ट तैयार किया जाता है।
    नगरपालिक निगम के आयुक्त श्री आशीष टिकरिहा ने बताया कि गोधन न्याय योजना के तहत जिले में वर्मी कम्पोस्ट तैयार तो किया जा रहा है, इसके अलावा इसे और अधिक रोजगारोन्मुखी एवं बहुगतिविधियों से जोड़ते हुए गौकाष्ठ, कण्डे, अगरबत्ती और वर्मी वाॅश तैयार किए जा रहे हैं। उन्होंने बताया कि यहां उत्पादित गौकाष्ठ को निगम क्षेत्र के अलावा नगर पंचायतों में भी आपूर्ति की जा रही है जहां अलाव के तौर पर जलाने के साथ-साथ ढाबों में ईंधन (चूल्हा) के रूप में, शवदाह गृहों में शवों को मुखाग्नि देने तथा हवन-पूजन में लकड़ी के विकल्प के तौर पर आहुति देने का भी कार्य किया जा रहा है। उन्होंने यह भी बताया कि शहर के एसआरएलएम सेंटरों में औसतन छह हजार कण्डे, 4500 गौकाष्ठ और ढाई हजार लीटर वर्मी वाॅश तैयार हो रहे हैं। एक क्विंटल गौकाष्ठ का मूल्य एक हजार रूपए तथा कण्डे की कीमत 300 रूपए प्रति सैकड़ा है, जबकि वर्मी वाॅश लिक्विड 35 रूपए प्रतिलीटर की दर से बेचा जाता है। इन उत्पादों को थोक के अलावा चिल्हर में भी बेचा जाता है जिसे मोबाइल नंबर 7470739265 पर काॅल करके बुकिंग कराई जा सकती है तथा इनकी घर पहुंच सेवा भी उपलब्ध है। निगम आयुक्त ने यह भी बताया कि ये सभी उत्पाद प्रयोगशाला परीक्षण में उत्कृष्ट सिद्ध हुए हैं। इन सेंटरों में अब तक 39 हजार रूपए की केंचुआ खाद बेची जा चुकी है। शहर के दानीटोला वार्ड, सोरिद वार्ड, नवागांव वार्ड तथा गोकुलपुर वार्ड में ये उत्पाद तैयार हो रहे हैं। निगम क्षेत्र में 201 वर्मी बेड व 300 ग्रीन बैग में वर्मी कम्पोस्ट का उत्पादन किया जा रहा है।

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