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धर्म संसार / शौर्यपथ / प्रभु यीशु के जन्म की ख़ुशी में मनाया जाने वाला क्रिसमस का त्योहार पूरी दुनिया में मनाया जाता है। यह त्योहार कई मायनों में बेहद खास है। क्रिसमस को बड़ा दिन, सेंट स्टीफेंस डे या फीस्ट ऑफ़ सेंट स्टीफेंस भी कहा जाता है। प्रभु यीशु ने दुनिया को प्यार और इंसानियत की शिक्षा दी। उन्होंने लोगों को प्रेम और भाईचारे के साथ रहने का संदेश दिया। प्रभु यीशु को ईश्वर का इकलौता प्यारा पुत्र माना जाता है। इस त्योहार से कई रोचक तथ्य जुड़े हैं। आइए जानते हैं इनके बारे में।
क्रिसमस ऐसा त्योहार है जिसे हर धर्म के लोग उत्साह से मनाते हैं। यह एकमात्र ऐसा त्योहार है जिस दिन लगभग पूरे विश्व में अवकाश रहता है। 25 दिसंबर को मनाया जाने वाला यह त्योहार आर्मीनियाई अपोस्टोलिक चर्च में 6 जनवरी को मनाया जाता है। कई देशों में क्रिसमस का अगला दिन 26 दिसंबर बॉक्सिंग डे के रूप मे मनाया जाता है। क्रिसमस पर सांता क्लॉज़ को लेकर मान्यता है कि चौथी शताब्दी में संत निकोलस जो तुर्की के मीरा नामक शहर के बिशप थे, वही सांता थे। वह गरीबों की हमेशा मदद करते थे उनको उपहार देते थे। क्रिसमस के तीन पारंपरिक रंग हैं हरा, लाल और सुनहरा। हरा रंग जीवन का प्रतीक है, जबकि लाल रंग ईसा मसीह के रक्त और सुनहरा रंग रोशनी का प्रतीक है। क्रिसमस की रात को जादुई रात कहा जाता है। माना जाता है कि इस रात सच्चे दिल वाले लोग जानवरों की बोली को समझ सकते हैं। क्रिसमस पर घर के आंगन में क्रिसमस ट्री लगाया जाता है। क्रिसमस ट्री को दक्षिण पूर्व दिशा में लगाना शुभ माना जाता है। फेंगशुई के मुताबिक ऐसा करने से घर में सुख समृद्धि आती है। पोलैंड में मकड़ी के जालों से क्रिसमस ट्री को सजाने की परंपरा है। मान्यता है कि मकड़ी ने सबसे पहले जीसस के लिए कंबल बुना था।
रिसाली / शौर्यपथ / नगर पालिक निगम रिसाली क्षेत्र के नागरिकों को अब जन्म-मृत्यु प्रमाण पत्र बनाने भटकना नही पड़ेगा। अपर कलेक्टर व निगम आयुक्त प्रकाश कुमार सर्वे के निर्देश पर श्याम नगर स्थित कार्यालय में प्रमाण पत्र बनाने का कार्य शुरू हो चुका है। रिसाली निगम क्षेत्र अंतर्गत आने वाले 40 वार्ड के नागरिक निर्धारित प्रारूप में आवेदन जमा कर प्रमाण पत्र ले सकते है। जन्म-मृत्यु प्रमाण पत्र बनाने आयुक्त ने देवव्रत देवांगन को अधिकृत रजिस्टार नियुक्त किया है।
उल्लेखनीय है कि पूर्व में शासन के निर्देश पर चिप्स कंपनी द्वारा तैयार साफ्टवेयर पर प्रमाण पत्र बनाने का कार्य च्वाइस सेंटर संचालक कर रहे थे। अब नगरीय निकाय को प्रमाण पत्र बनाने की जिम्मेदारी दी गई है। रिसाली निगम कार्यालय में प्रमाण पत्र बनाने भटकाव की स्थिति न हो इसके लिए अलग से व्यवस्था की गई है। परिसर में काउंटर बनाया गया है। प्रमाण पत्र को बनाने के लिए 30 दिन समय सीमा निर्धारित है।
समय सीमा का रखे ध्यान
जन्म व मृत्यु प्रमाण पत्र बनाने आवेदन जमा करने वालों को समय सीमा का ध्यान रखना आवश्यक है। जन्म और मृत्यु प्रमाण पत्र बनाने के लिए 1 माह के भीतर अनिवार्य रूप से आवेदन जमा करना होगा। विलंब होने पर जिला मुख्यालय सांख्यकी विभाग से व एक वर्ष से अधिक होने पर मजिस्टेऊट न्यायालय से आनापत्ति प्रमाण पत्र लेने की औपचारिकता पूरी करनी होगी।
आवेदन जमा करने यह दस्तावेज आवश्यक
जन्म प्रमाण पत्र के लिए निर्धारित प्रपत्र में आवेदन माता-पिता के आधार कार्ड की छाया प्रति के साथ जमा करना होगा। साथ ही पार्षद का प्रमाण पत्र भी संलग्न करना होगा। खास बात यह है कि अगर बच्चा संस्थागत प्रसव के तहत रिसाली निगम क्षेत्र के अस्पताल में जन्म लेता है तो इसकी सूचना अस्पताल प्रबंधन को निगम कार्यालय में स्वत: देना होगा। वही धर मे जन्मे बच्चे का जन्म प्रमाण पत्र बनाने माता पिता को पार्षद द्वारा बनाए प्रमाण पत्र व स्वयं के आधार कार्ड के साथ 30 दिनो के अंदर आवेदन अनिवार्य रूप से जामा करना होगा। मृत्यु प्रमाण पत्र के लिए मुक्तिधाम में दाह संस्कार करते समय बनाए जाने वाली पर्ची के अलावा मृतक और आवेदक का आधार कार्ड अनिवार्य रूप से जमा करना होगा। साथ ही पार्षद का प्रमाण पत्र भी आवेदन के साथ संलग्न करना होगा। मृत्यु होने की स्थिति में पारिवारिक सदस्य जैसे पति, पत्नि, पुत्र, अविवाहित पुत्री व माता पिता आवेदन कर सकते है।
दुर्ग / शौर्यपथ / छत्तीसगढ़ प्रदेश स्वास्थ्य कर्मचारी संघ ने प्रदेश महामंत्री सैय्यद असलम व संभागीय महामंत्री सत्येंद्र गुप्ता के नेतृत्व में कलेक्टर दुर्ग डॉ सर्वेश्वर नरेंद्र भूरे को स्वास्थ्य विभाग के चिकित्सक पैरामेडिकल स्टाफ और फील्ड के स्वास्थ्य अमले के संकमित होने पर शंकराचार्य मेडिकल कालेज और सेक्टर 9 अस्पताल में अलग वार्ड आरक्षित करने और इलाज मुहैया कराने ज्ञापन सौपा ।
प्रदेश महामंत्री सैय्यद असलम ने बताया कि दुर्ग जिले आम जनमानस की कोविड 19 महामारी रोकथाम ओर नियंत्रण में नए स्वास्थ्य विभाग का पूरा अमला लगा हुआ है अभी तक 60 से ज्यादा विभाग के चिकित्सक ओर पैरामेडिकल स्टाफ कोविड संकमित हो चुके है। जिला अस्पताल के 5 चिकित्सक स्टाफ नर्सेज ओर ग्रामीण स्वास्थ्य संयोजक व मैनेजमेंट ओर ट्रेसिंग कार्य में लगा अमला संकमित हुआ है। दो कर्मचारियों ने अपनी जान कोविड पाजिटिव होकर गवाई है। अभी तक उनके परिजनों को अनुकंपा नियुक्ति नहीं मिल पाई है और केंद्र सरकार द्वारा घोषित 50 लाख रूपये का बीमा क्लेम राशि हेतु जिला स्तर पर गठित टीम ने अभ्यावेदन प्रकरण बनाया है । छत्तीसगढ़ प्रदेश स्वास्थ्य कर्मचारी संघ के प्रदेश महामंत्री सैय्यद असलम ने कहा कि विभाग के अधिकारियों व कर्मचारियों के लिए अलग वार्ड की मांग इसलिए कर रहे क्योंकि स्वास्थ्य विभाग का अमला वैसे ही कम है। शीघ स्वास्थ्य होकर इस अमले को पुन: सेवा मे लिया जा सकता है।
छत्तीसगढ़ प्रदेश स्वास्थ्य कर्मचारी संघ ने सभी कोविड 19 संकमित मरीजों के लिए भी बेहतर व्यवस्था करने ओर भोजन की गुणवत्ता अच्छी ओर वार्ड मे साफ सफाई करने के लिए अतिरिक्त स्वीपर रखने की मांग रखी है।
ज्ञापन सौपने वाले मे सैय्यद असलम, अजय नायक, सत्येद गुप्ता, रोशन सिह, तृपेश शर्मा, प्रमेश पाल, राकेश तिवारी, लक्षमी कांत धोटे, खिलावन चंदाकर, संजय मिश्रा, दिलीप गजभिए, पूनम साहू, गिरजा रशमी, लिनसी राजन ओर, एन के साहू, चिकित्सकों मे डा पीयम सिह डा अनिल अग्रवाल, डा आशीष शर्मा, डा भुनेश्वर कठौतिया, डा सुब्रत नंदी, डा सुदामा चंदाकर, डा सी बी एस बंजारे, डा विनीता धुव्र, गीतांजलि गुप्ता, रशमी, बी एल वर्मा, एम पंडैया, देवेन्द्र राजपूत, एल खान, मंजू डे सहित कई लोग ने मांग की है ज्ञापन कलेक्टर की अनुपस्थिति में अपर कलेक्टर पंचभाई ने लिया है।
इस संबध मुख्य चिकित्सा एंव स्वास्थ्य अधिकारी दुर्ग ने ज्ञापन पर त्वरित कार्यवाही करते हुए कंचादूर कालेज मे एक वार्ड आरक्षित करने आदेश दिया ओर शंकराचार्य मेडिकल कॉलेज ट्रीटमेंट सेंटर मे 5 बेड आरक्षित करने निर्देश दिया है संघ के सदस्यों ने मुख्य चिकित्सा एंव स्वास्थ्य आधिकरी का धन्यवाद दिया।
दुर्ग / शौर्यपथ / समाज कल्याण विभाग व राष्ट्रीय न्यास से मान्यता प्राप्त कल्याण सोशल वेलफेयर एंड रिसर्च आर्गेनाईजेशन, भिलाई नगर द्वारा जिला दुर्ग, राजनांदगांव, कवर्धा और बेमेतरा में निरामया स्वास्थ्य बीमा योजना का शुभारंभ किया गया है। निरामया योजना का उद्देश्य ऑटिज्म, सेरेब्रल पाल्सी, मंदबुद्धि और बहु दिव्यांगता वाले व्यक्तियों को स्वास्थ्य बीमा उपलब्ध कराना है। इस योजना के तहत कलेक्टर डॉ. सर्वेश्वर नरेंद्र भुरे द्वारा तीन हितग्राहियों को स्वास्थ्य बीमा योजना प्रमाण पत्र वितरण किया गया।
कैसे मिलेगा योजना का लाभ
समाज कल्याण विभाग से मिली जानकारी के मुताबिक इस योजना में व्यापक सुरक्षा प्रदान करने की परिकल्पना की गई है जिसमें सभी उम्र वालों को केवल एक प्रीमियम भरना होगा। बीपीएल व्यक्तियों को 250 रुपये एवं एपीएल व्यक्तियों को 500 रुपये का वार्षिक प्रीमियम देना होगा। इसके अंतर्गत समाहित प्रत्येक प्रकार की दिव्यांगता के लिए एक जैसे कवरेज का प्रावधान है और दिव्यांगता युक्त सभी व्यक्ति पात्र होंगे और समाहित किए जायेंगे जिनके पास जो योग्यता प्रमाण पत्र है। इसके तहत नियमित चिकित्सा जांच से लेकर अस्पताल में भर्ती करने जैसी सेवाएं, इलाज से लेकर सुधार करने तक की शल्यक्रिया, परिवहन आदि उक्त इलाज राष्ट्रीय न्यास द्वारा निर्धारित अस्पतालों में इलाज किया जा सकता है, वे सभी दिव्यांग जिनमें कम से कम एक दिव्यांगता है और जिनके पास दिव्यांगता का वैध प्रमाण पत्र है वे इस योजना के अंतर्गत आवेदन के पात्र हैं।
कल्याणी सोशल वेलफेयर एंड रिसर्च आर्गेनाइजेशन सुपेला भिलाई, द्वारा किया जाएगा योजना का क्रियान्वयन
स्वास्थ्य योजना का क्रियान्यवन समाज कल्याण विभाग व राष्ट्रीय न्यास से मान्यता प्राप्त कल्याणी सोशल वेलफेयर एंड रिसर्च आर्गेनाइजेशन सुपेला भिलाई, द्वारा किया जाएगा। इस अवसर पर समाज कल्याण विभाग के उपसंचालक दोनर प्रसाद ठाकुर व कमलेश पटेल, परिवीक्षा अधिकारी, जंतराम ठाकुर, प्रमुख कलाकार, समाज कल्याण विभाग दुर्ग तथा कल्याण संस्था के अजय कुमार, डॉ. जयश्री गुरुमयुम व गोपाल खाड़े उपस्थित थे।
खेल / शौर्यपथ / भारतीय क्रिकेट टीम के पूर्व चीफ सिलेक्टर एमएसके प्रसाद ने बताया क्यों शानदार आगाज के बाद ऋषभ पंत के खेल में गिरावट आने लगी। उन्होंने कहा कि वो खुद की तुलना टीम इंडिया के पूर्व कप्तान महेंद्र सिंह धोनी से करने लगे थे, इसी के चलते उनका डाउनफॉल शुरू हुआ। प्रसाद ने दावा किया कि पंत कुछ मामलों में धोनी की कॉपी करने की भी कोशिश की जिसका उनके खेल पर बुरा असर पड़ा। धोनी इंटरनैशनल क्रिकेट को अलविदा कह चुके हैं। पिछले कुछ सालों से पंत को उनके उत्तराधिकारी के रूप में देखा जा रहा है, हालांकि पिछले कुछ महीने से पंत की खराब फॉर्म ने टीम मैनेजमेंट को काफी निराश किया है।
'हमेशा से पंत की तुलना धोनी से की गई है'
स्पोर्ट्सकीड़ा के फेसबुक पेज पर दिए इंटरव्यू में प्रसाद ने पंत को लेकर काफी बातें कहीं। धोनी के रिटायरमेंट के बाद लिमिटेड ओवर क्रिकेट में उनका उत्तराधिकारी पंत, संजू सैमसन और केएल राहुल को माना जा रहा है। टीम मैनेजमेंट ने पंत को काफी बैक भी किया है, हालांकि पिछले कुछ समय में इंटरनैशनल क्रिकेट में उनके प्रदर्शन ने काफी निराश किया है। 2018 में इंग्लैंड के खिलाफ पंत ने टेस्ट डेब्यू किया था। इंग्लैंड और ऑस्ट्रेलिया में टेस्ट सेंचुरी जड़ने वाले वो भारत के पहले विकेटकीपर बल्लेबाज बने। प्रसाद ने कहा, 'जब भी ऋषभ पंत का नाम आता है, उनकी तुलना हमेशा एमएस धोनी से की जाती है, मुझे लगता है वो इसमें फंस गए। कई बार हम लोगों ने उनसे बात की कि वो इन सब से बाहर आएं।'
'वो हमेशा एमएसडी की परछाई में रहा'
प्रसाद ने बताया कि टीम मैनेजमेंट पंत से किस तरह बात करता था- 'माही बिल्कुल अलग तरह के शख्स हैं और आप अलग। आप शानदार क्रिकेटर हैं, और आपके अंदर भी टैलेंट है, और यही वजह है कि हम लोग आपको बैक कर रहे हैं।' प्रसाद को लगता है कि 22 वर्षीय पंत हमेशा से धोनी की परछाई में रहे हैं, और खुद की तुलना धोनी से करने लगे। उन्होंने कहा, 'वो हमेशा से एमएसडी की परछाई में थे। वो खुद की उनसे तुलना करना शुरू कर चुके थे। उन्होंने (पंत ने) कुछ मामलों में उनको कॉपी करना शुरू कर दिया।' प्रसाद ने कहा कि पंत को धोनी की परछाई से बाहर आना होगा, क्योंकि टी20 टीम में केएल राहुल उनकी जगह ले चुके हैं। प्रसाद का मानना है कि धोनी के रिटायरमेंट से पंत को अपना खेल सुधारने का मौका मिलेगा।
दुर्ग / शौर्यपथ / महापौर धीरज बाकलीवाल द्वारा रेलवे स्टेशन के सामने मुख्य रोड में निगम द्वारा निर्मित सौंदर्यीकरण कार्य का लोकार्पण किया गया । इस अवसर पर महापौर धीरज बाकलीवाल बाकलीवाल आयुक्त इंद्रजीत बर्मन सहित एम आई सी प्रभारी व पार्षद विजेन्द्र भारद्वाज मनीष बघेल निगम एवं अधिकारी ए आर राहंगडाले, और नागरिक गण उपस्थित थे ।
उल्लेखनीय है कि शहर सौंदर्यीकरण की दिशा में नगर पालिक निगम दुर्ग द्वारा ग्रीन चौक के पास से सागर होटल के सामने तक सड़क किनारे जहां कभी फुटपाथ पर ठेला खोमचा लगाया जाता था उस जगह पर आसपास के दुकानदार और निवासी कचरा डालते थे शहर के आम जनता को बदबूदार वातारण से गुजरना पड़ता था । स्वच्छता अभियान के अंतर्गत नगर पालिक निगम व्दारा उस गंदगी युक्त जगह का ब्यूटीफिकेशन करने के लिए चिन्हित किया गया । इस जगह से प्रतिदिन दो से तीन ट्रैक्टर कचरा उठाया जाता था ऐसे जगह को चिन्हित कर नगर पालिक निगम दुर्ग द्वारा ब्यूटीफिकेशन किया गया । सड़क किनारे के इस भाग को समतल कर उसमें पेवर ब्लॉक लगाए गए साथ ही लगभग देशों से 200 मीटर लंबे जगह में जगह जगह सीमेंट के आकर्षक आकृति वाले गमले बनाए गए उन गमलों में लगाकर आप को सुंदर बनाया गया उन आकृतियों वाले गमलों में सुंदर कलर के रंगबिरंगे पेंट किए गए साथ ही स्वच्छ भारत अभियान का लोगो बनाकर उसमें शहर स्वच्छता का संदेश अंकित किया गया ।
दुर्ग विधायक ने इस सौन्दर्यीकरण कार्य के लिए नगर निगम के अधिकारियों को बधाई दी । उन्होंने कहा शहर में और भी बहुत से ऐसी जगह है जिसका सौंदर्यीकरण किया जाना आवश्यक है उन जगहों को चिन्हित कर उसका प्रस्ताव लाया जाना चाहिए । उन्होंने कहा इस स्थल पर सौंदर्यीकरण करने के बाद इस क्षेत्र की स्थिति बदल गई है अब इस भाग में कोई कचरा नहीं डालता गंदगी नहीं होती और आकर्षक आकृति के गमलों की आम जनता भी प्रसंशा करने लगी है ।
दुर्ग / शौर्यपथ / बिना लक्षण वाले मरीजों को रखकर उनका उपचार कर कोविड के दायरे से बाहर लाने में कोविड केयर सेंटर कचांदुर स्थित केंद्र ने लगभग सोलह सौ मरीजों को स्वस्थ कर दिया है। 5 अगस्त से यह अस्पताल आरम्भ किया गया था। इसके बाद से यहां 1910 मरीजों को भर्ती किया जा चुका है। अभी तीन सौ मरीज यहां भर्ती हैं। कलेक्टर डॉ. सर्वेश्वर नरेंद्र भुरे ने बताया कि अस्पताल प्रबंधन को निर्देशित किया गया है कि ऑक्सीजन लेवल की नियमित मॉनिटरिंग करते रहें। ऐसे 100 मरीज जिन्हें ऐसी समस्या आई, उन्हें तुरंत हायर सेंटर रेफर किया गया। कलेक्टर ने बताया कि एड्रेसिंग सिस्टम से लेकर साफ सफाई की मॉनिटरिंग की पूरी व्यवस्था बनाई है। समय-समय पर इस संबंध में फीडबैक भी लिया जाता है।
नोडल अधिकारी निगम आयुक्त ऋतुराज रघुवंशी और निगम के अधिकारी समय समय पर स्वयं भोजन कर इसकी गुणवत्ता की जांच करते हैं। खाना रिच प्रोटीन डाइट होता है। अस्पताल के प्रभारी अधिकारी डॉ. अनिल शुक्ला ने बताया कि हर 6 घंटे में टीम बदल जाती है। कोविड वारियर की सुरक्षा का पूरा ध्यान रखा जाता है। इन सभी के लिए रहने की सुविधा उपलब्ध कराई गई है। रिटायरिंग रूम की सुविधा उपलब्ध है ताकि आइसोलेशन की सुविधा का भी लाभ उठाया जा सके। नर्सिंग स्टाफ नियमित मॉनिटरिंग करता है। इसके साथ ही पब्लिक अड्रेसिंग सिस्टम की व्यवस्था भी है। अस्पताल की व्यवस्था बेहतर रहे, इसके लिए सेंट्रल मॉनिटरिंग कमांड सेंटर बनाया गया है।
कोविड केअर सेंटर में सबसे ज्यादा जोर रिच प्रोटीन डाइट पर है। सुबह के नाश्ते से लेकर रात के भोजन तक की पूरी व्यवस्था है।
चरौदा के मुरली राव ने बताया कि उन्हें सेंटर में आये 8 दिन हो गए हैं। यहां अच्छा भोजन मिला, वे संतुष्ट हैं। अब घर जाने का समय पास है। काफी अच्छा लग रहा है। सेक्टर 7 के केशव राव भी जल्द डिस्चार्ज होने वाले हैं। उन्होंने बताया कि समय पर भोजन मिला, मुझे अच्छा लगा, मैं संतुष्ट हूँ। मनीष वर्मा भिलाई निवासी हैं उन्होंने कहा कि भोजन गुणवत्तापूर्ण भी है और भरपेट भी, इसकी व्यवस्था अच्छी है।
सबसे सुंदर सेंटर से विदाई का क्षण होता है। स्टाफ विदा करता है और उज्जवल भविष्य की शुभकामनाएं देता हैं। मरीज भी कृतज्ञता ज्ञापित करते हैं। निगम ने दो बस इसके लिए उपलब्ध कराई है। दुर्ग से दिनेश ने बताया कि यहां आने से पहले मन में चिंता थी। अब दूर हो गई है। दवा ले रहे हैं और स्वस्थ महसूस कर रहे हैं। जल्द ही अब घर जाना है।
मनोरंजन / शौर्यपथ / मुंबई की तुलना पाक अधिकृत कश्मीर से करने के पर जारी विवाद के बीच वाई श्रेणी की सुरक्षा में अभिनेत्री कंगना रनौत आज मुंबई आ रही हैं। शिवसेना से तकरार और संजय राउत से जुबानी जंग के बीच कंगना रनौत हिमाचल प्रदेश में मंडी जिले में स्थित अपने घर से मुंबई के लिए निकल चुकी हैं। बीते कुछ दिनों के विवाद को देखते हुए ऐसी उम्मीद जताई जा रही है कि मुंबई पहुंचते ही कंगना को शिवसेना के विरोध का सामना करना पड़ सकता है। हालांकि, इस दौरान उन्हें प्रोटेक्ट करने के लिए 11 केंद्र सरकार द्वारा मुहैया कराई गई सिक्योरिटी टीम उनके साथ होगी। बता दें कि मुंबई न आने की धमकी के बीच कंगना ने नौ सितंबर को मुंबई जाने का बीते दिनों ऐलान किया था और वह अपने वादे के मुताबिक आज मुंबई के लिए निकल चुकी हैं।
-मुंबई आने के क्रम में हिमाचल प्रदेश के हमीरपुर जिले में कोठी इलाके में एक मंदिर में कंगना ने पूचा-अर्चना की। कंगना मंडी से चंडीगढ़ के रास्ते में हैं।
-मुंबई रवाना होने से पहले कंगना रनौत का कोरोना टेस्ट हुआ, जिसमें उनका परिणान निगेटिव आया है। मंडी जिले के सीएमओ देवेंद्र शर्मा ने यह जानकारी दी।
मुंबई रवाना होने से पहले कंगना का ट्वीट
मुंबई के लिए रवाना होने से पहले कंगना रनौत ने एक ट्वीट किया-'रानी लक्ष्मीबाई के साहस, शौर्य और बलिदान को मैंने फिल्म के जरिए जिया है। दुख की बात यह है मुझे मेरे ही महाराष्ट्र में आने से रोका जा रहा है। मैं रानी लक्ष्मीबाई के पद चिन्हों पर चलूंगी, ना डरूंगी, ना झुकूंगी। गलत के खिलाफ मुखर होकर आवाज उठाती रहूंगी, जय महाराष्ट्र, जय शिवाजी।'
मुंबई को लेकर टिप्पणी के बाद कंगना रनौत की मुश्किलें बढ़ती जा रही हैं। एक ओर जहां, महाराष्ट्र सरकार ने मंगलवार को कहा कि कंगना रनौत के मादक पदार्थ लेने के आरोपों की पुलिस जांच करेगी। वहीं, दूसरी ओर बीएमसी ने यहां उनके बंगले के बाहर एक नोटिस चिपकाया है, जिसमें कहा गया है कि उसकी मंजूरी के बिना इसमें कई बदलाव किए गए हैं।
दरअसल, कंगना रनौत (33) और शिवसेना सांसद संजय राउत के बीच पिछले सप्ताह उस वक्त जुबानी जंग हो गई जब संजय राउत ने कहा कि कंगना यदि मुंबई में असुरक्षित महसूस करती हैं तो उन्हें यहां नहीं लौटना चाहिए।
कंगना ने क्या कहा था
दरअसल, बीते दिनों कंगना रनौत ने मुंबई की तुलना पाकिस्तान के कब्जे वाले कश्मीर यानी पीओके से की थी। कंगना ने ट्विटर पर लिखा था, 'संजय राउत ने मुझे खुलेआम धमकी दी है और मुंबई नहीं आने को कहा है। मुंबई की गलियों में आजादी के भित्ति चित्र और अब खुली धमकी, मुंबई पाकिस्तान अधिकृत कश्मीर जैसी फ़ीलिंग क्यों दे रहा है?'
कंगना ने दिया था चैलेंज
कंगना ने आगे संजय राउत को चैलेंज करते हुए कहा, 'आप महाराष्ट्र नहीं हैं। आप ये नहीं कह सकते कि मैंने महाराष्ट्र की निंदा की। संजय जी मैं 9 सितंबर को मुंबई आ रही हूं। आपके लोग कह रहे हैं वे मेरा जबड़ा तोड़ देंगे, मुझे मार डालेंगे। आप लोग मुझे मारिए क्योंकि इस देश की मिट्टी वो ऐसे ही खून से सींचकर बनी है। इस देश की गरिमा के लिए ना जाने कितने लोगों ने अपनी जान दी है और हमें भी अपना कर्ज निभाना है। मिलते हैं 9 सितंबर को। जय हिन्द...जय महाराष्ट्र।'
राजनांदगांव / शौर्यपथ / कलेक्टर टोपेश्वर वर्मा ने आज समय-सीमा की बैठक में कोविड-19 की रोकथाम के लिए शासन द्वारा जारी मापदण्ड के अनुसार कार्य करने के निर्देश अधिकारियों को दिए। उन्होंने समय-सीमा में गिरदावरी कार्य, फसल बीमा क्षतिपूर्ति आंकलन, गोधन न्याय योजना, प्रधानमंत्री आवास योजना तथा शासन की प्राथमिकता वाली योजना में ईमानदारीपूर्वक कार्य करते हुए प्रगति लाने के निर्देश दिए।
कलेक्टर ने कहा कि शासन के निर्देशानुसार बिना लक्षणों एवं कम लक्षण वाले मरीजों को होम आईसोलेशन की अनुमति प्रदान की जा सकती है। मरीज के परिवार के सदस्यों में बुजुर्ग, घर में गर्भवती महिला या गंभीर बीमारी से पीडि़त मरीज से दूर रहने की सलाह दें। मरीज के घर में अलग कमरा या शौचालय न हो तो मरीज के लिए कोविड केयर सेन्टर में व्यवस्था सुनिश्चित करना है। श्री वर्मा ने कहा कि जिले में कोरोना टेस्ट की संख्या बढ़ाई जाए। शासन के निर्देशानुसार घर के एक व्यक्ति पॉजिटिव पाया जाता है तो परिवार के अन्य सदस्यों का उपचार तत्काल प्रारंभ किया जाए और उन्हें कोरोना संबंधी दवाई किट उपलब्ध कराई जाए। श्री वर्मा ने कहा कि वर्तमान में कोरोना टेस्ट कराया जा रहा है, वह पूर्णत: वैज्ञानिक तरीके से मान्यता प्राप्त है। इसके संबंध में किसी भी प्रकार की भ्रामक अफवाह पर ध्यान न दे। सर्दी, खांसी, बुखार लक्षण वाले मरीज अनिवार्य रूप से जांच कराएं। सभी विकासखंड, तहसील एवं ग्राम पंचायत स्तर पर इसका प्रचार-प्रसार करें। जिससे स्वयं जागरूक होकर टेस्ट कराने के लिए पे्ररित हों।
कलेक्टोरेट वर्मा ने कोरोना मरीजों की चिकित्सा सलाह के लिए कन्ट्रोल रूप स्थापित करने के निर्देश दिए हैं। उन्होंने कहा कि कोरोना की मृत्यु दर में कमी लाने के लिए सभी समन्वित रूप से कार्य करें। यदि किसी कोरोना मरीज की मृत्यु होती है तो कोरोना के साथ अन्य बीमारी है तो इसका उल्लेख भी होना चाहिए। उन्होंने विकासखंड स्तर पर बनाए कोविड सेन्टरों में चिकित्सीय संसाधन आक्सीमीटर, बीपी मशीन, मधुमेह टेस्ट तथा भोजन, पेयजल, स्वच्छता की व्यवस्था होनी चाहिए। इन सेन्टरों के लिए नोडल अधिकारी नियुक्त करें तथा निरंतर निरीक्षण करें। उन्होंने कहा कि सभी शासकीय अधिकारी-कर्मचारियों को मुख्यालय में ही रहे इसका कड़ाई से पालन किया जाए। उन्होंने वन विभाग तथा आयुष विभाग को रोग प्रतिरोधक क्षमता बढ़ाने के लिए काढ़ा एवं आयुर्वेदिक दवाई वितरण करने और इसका प्रचार-प्रसार करने कहा। कलेक्टर वर्मा ने कोरोना से मृत्यु होने पर मृतक शव का अंतिम संस्कार उसके गृह ग्राम में प्रोटोकॉल का पालन करते हुए किया जाएगा।
कलेक्टर वर्मा ने एक सप्ताह में गिरदावरी कार्य तथा इसकी एन्ट्री साफ्टवेयर में करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि धान रकबा का भौतिक सत्यापन जरूर करें। जिन स्थानों पर गिरदावरी पूरा हो गया है वहां इसका प्रकाशन किया जाए एवं मुनादी किया जाए ताकि किसान अपने रकबे का मिलान कर सके। उन्होंने कहा कि राजस्व अमले की जिम्मेदारी कि वे ईमानदारीपूर्वक कार्य करें जिससे धान खरीदी के समय कोई दिक्कत नहीं होनी चाहिए। गड़बड़ी पाए जाने पर एफआईआर किया जाएगा। श्री वर्मा ने कहा कि शासन द्वारा गोधन न्याय योजना एप्प बनाया गया है। इसी के माध्यम से गोबर खरीदी की जाएगी। इससे संबंधित नोडल अधिकारी एप्प डाउनलोड करके सभी जानकारी एन्ट्री करें।
इस एप्प के माध्यम से गोबर खरीदी से वर्मी कम्पोस्ट निर्माण में इसकी वास्तविक उपलब्धता की जानकारी मिलेगी। कलेक्टर ने कहा कि दो अक्टूबर को नवीन पंचायत भवनों का लोकार्पण किया जाना है। जिन भवनों का निर्माण कार्य शेष है उसे समय से पहले पूरा किया जाए। उन्होंने प्रधानमंत्री आवास योजना में शत प्रतिशत कार्य करने के निर्देश दिए। उन्होंने वर्षा से हुए फसलों की क्षति का अवलोकन कर जल्द ही क्षतिपूर्ति राशि उपलब्ध कराने के निर्देश दिए हैं। श्री वर्मा ने कहा कि कुछ व्यवसायियों द्वारा सब्जी, दवाईयों का मूल्य बढ़ाकर बेचा जा रहा, इस पर सख्त कार्रवाई करें।
मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी डॉ. मिथलेश चौधरी ने कहा कि अगस्त के बाद प्रदेश में एवं जिले में कोरोना के केस बढ़े हैं। सर्दी, खांसी एवं बुखार के लक्षण वाले मरीजों की जांच 24 घंटे के भीतर की जानी है। ऐसे लक्षण वाले मरीज तत्काल स्वास्थ्य विभाग से संपर्क करना चाहिए। उन्होंने स्वास्थ्य विभाग की टीम को सैम्पल लेने की संख्या बढ़ाने को कहा। उन्होंने कहा कि अब तक जिले में 40 हजार सैम्पल लिए जा चुके हैं और 32 मौत हो चुकी है। उन्होंने कहा कि कोरोना संक्रमित मृतक का शरीर अत्यधिक कोरोना संक्रमित होता है। जिससे अन्य लोगों को संक्रमित होने की संभावना ज्यादा होती है। उन्होंने कहा कि सर्दी, खांसी एवं बुखार के लक्षण वाले मरीजों की जानकारी मितानीन एवं आंगनबाड़ी कार्यकर्ता दे सकती हैं और उन्हें आईसोलेट किया जा सकता है। उन्होंने कहा कि सभी विभाग आपसी समन्वय से कार्य करें तो कोरोना संक्रमण से जरूर जीत पाएंगे। उन्होंने कहा कि मृत्यु दर को रोकने के लिए यह बहुत जरूरी है कि कोरोनो संक्रमित व्यक्ति समय पर इसकी जानकारी दें और समय पर जांच एवं उपचार कराएं। विलंब से बताने पर सांस लेने में कठिनाई एवं फेफड़े प्रभावित होते है इसीलिए समय पर उपचार इसका निदान है। अस्थमा, बीपी एवं अन्य बीमारियों से पीडि़त मरीजों को सतर्क रहने की जरूरत है। बैठक में अपर कलेक्टर सीएल मारकण्डेय, एसडीएम राजनांदगांव मुकेश रावटे सहित जिला स्तरीय अधिकारी उपस्थित थे। वीडियो कांफ्रेसिंग के जरिए विकासखंड अधिकारी जुड़े रहे।
दुर्ग / शौर्यपथ / कलेक्टर जनदर्शन से मिली शिकायत के आधार पर आज नगर पालिक निगम दुर्ग का राजस्व विभाग अमला जिला प्रशासन के तहसीदार, मोहन नगर पुलिस बल के साथ आईएचएसडीपी आवास में जबरन घुसे अवैध कब्जाधारियों वाले आवासों में निगम ने अपना ताला लगाकर सील कर दिया । यदि किसी के भी द्वारा सीलबंद ताला को तोड़ा या खोला जाता है तो उसके विरुद्ध कानूनी कार्यवाही प्रस्तावित किया जावेगा । कार्यावाही के दौरान उपरोक्त आवासों को कब्जा करने वाले कोई भी व्यक्ति मॉजूद नहीं मिले। कार्यवाही के दौरान उरला वार्ड क्रं0 57-58 के पार्षद व महिला बाल विकास प्रभारी सुश्री जमुना साहू, पार्षद बृजलाल पटेल, मजिस्ट्रेट तहसीदलदार सत्येन्द्र शुक्ला, मोहन नगर टी आई बृजेेश कुशवाहा, निगम के राजस्व अधिकारी आर0के0 बंजारे, उपअभियंता विनोद मांझी, नोडल निशांत यादव, उमेश चंद्राकर, उमेश यादव, तथा पुलिस बल और निगम के अन्य अधिकारी उपस्थित थे ।
उल्लेखनीय है कि जिला कलेक्टर जनदर्शन से शिकायत मिली थी कि उरला स्थित आईएचएसडीपी आवासों में अवैध लोगों ने जबरन कब्जा कर निवास कर रहे हैं। एैसे लोगों की पतासाजी के लिए आयुक्त इंद्रजीत बर्मन के निर्देशानुसार निगम कर्मचारियों से सर्वे कराया गया । जिसमें लगभग 55 लोगों का नाम सामने आया है जिसमें से अधिकांशन आवास आबंटितियों ने आवास आबंटन कर किराये पर दे रखा है उन आवासों में रहने वाले लोगों के द्वारा आये दिन तामाशा किये जाने की जानकारी आस-पास के लोगों ने दिया है। इसके अलावा कुछ आवासों में कई लोग खाली होने पर स्वत: घुस गये हैं कुछ आवासों में दरवाजा खिड़की भी नहीं हैं फिर भी लोग जबरदस्ती अंदर रह रहे हैं। निगम कर्मचारियों ने एैसे लोगों को चिन्हित कर सूची तैयार की। आयुक्त श्री बर्मन के निर्देशानुसार आज कब्जाधारियों को आवास खाली कराने की दृष्टि से 27 बंद आवासों में निगम ने अपना ताला लगाकर तालाबंदी की ।
निगम अधिकारियों ने बताया सर्वे के दौरान सभी अवैध कब्जाधारियों को आवास खाली करने सूचित किये जाने के साथ ही उनके आवास में नोटिस चस्पा किया गया निगम कार्यालय सूचना पटल पर तथा आईएचएसडीपी आवास के ब्लाक क्रं0 27 में नोटिस चस्पा किया गया है कि वे 15 दिवस के अंदर आवास के संबंध में अपना दावा-आपत्ति निगम में जमा करायें। आईएचएसडीपी आवास के सर्वे की जांच में पाया गया कि तुलश शर्मा, कविता शर्मा, अनिता/गणपत राय, शीलन/संतु, रेशमा सुलताना, उषा/अनिल कुमार, ज्योति शर्मा, दुर्गावती/चंद्रभान, सरिता/राधेश्याम, विमला संतोष, सुजीत कौर, नूरबानो, शीला डोंगरे, दीपिका/बजरंग, नरगीस/मो0अली, रामबती यादव, निर्माला/बिहारीलाल, सुनिता बाई/उत्तम, संध्या भोसले, मीना/संतोष महोबिया, उषाबाई/आदि कुमार, ज्योति भट्ट, हेमलता/प्रवीण, नम्रता मिश्रा, गीता गेडाम, शशीकला/देवानंद, यशोदा ठाकुर, इन्द्रणी/संतोष सिंह, गोमती/सम्राट, रामकुमार ठाकुर, सविता/लक्ष्मीनाथ, अमरित यादव, श्यामलाल/अरुण, ममता मिश्रा, अनसुई नायक, गीता/स्व0सिंहारन, लता/संतोष लोखंडे, नीरा यादव, विमल बाई/अशोल, शकीला/करीम, जोहरा बेगम/मो0दिलदार, मंजुला भट्ट, ममता/कैलाश चंद्राकर, सुमन ठाकुर, वर्षा सोनी, मीना/धर्मेन्द्र यादव, लता/राजकुमार, और देबल/उत्तम पाटनकर को आवास आबंटित हुआ है। परन्तु इनमें से कोई भी व्यक्ति आईएचएसडीपी के आबंटित आवास में नहीं रहते हैं।
उल्लेखित सभी आवासों में कब्जाधारी रहते हैं। आवासों में धनीराम, निर्मला/ ज्ञानेश्वर, शीला ठाकुर, कमला बाई ढबरे, भागबती ठाकुर, प्रदीप साहू, सोनू, बुधयारिन पटेल, कुंवर सिंह, सोनम/तिहारु, ममता सोनवानी, भारती, ज्योति मिश्रा, सावित्री/ बिसौहा, खूशबू, राजेश रामटेके, मन्नू यादव, सरस्वती भांडेकर, मंगलू साहू, लक्ष्मी बाई, करण, रुबी देशमुख, बबली, राजू यादव, ममता मानिकपुरी, संदीप साहू, अंतिमा मिश्रा, सविता/राजेन्द्र, दिलीप जैन, प्रिया/सोनू, हर्ष कौर, मनप्रीत कौर, पिंकी सावंत, रवि सरदार, मीना बाई, गुलाब/लोकेश, सरोजनी सोनी, ममता, बबीता सोनी, राधिका, चेतना रामटेके, उषा यादव, सुजाता सोनी, निहाल नायक, दुर्गेश ठाकुर, वर्षा वर्मा, भारती/भूपेन्दर, मधु चैधरी, सीमा सोनी, बबीता सिंह, राजिम सतनामी, बिराजो बाई, चंदा बाई मानिकपुरी, तीजन बाई/लखन ने कब्जा किया है। जहॉ-जहॉ आवासों में ताला लगा था वहॉ-वहॉ पुलिस की मौजूदगी में निगम ने अपना ताला लगाया और आस-पास के लोगों का हस्ताक्षर लेकर पंचनामा भी बनाया ।
भिलाई नगर / शौर्यपथ / नगर पालिक निगम का स्वास्थ्य विभाग मौसमी बीमारी की रोकथाम के लिए जोन स्तर पर विशेष सफाई अभियान चला रही है। महापौर व भिलाई नगर विधायक देवेन्द्र यादव, कलेक्टर डॉ सर्वेश्वर नरेंद्र भुरे और निगम आयुक्त ऋतुराज रघुवंशी के निर्देश के अनुसार टीम डेंगू नियंत्रण को लेकर सजगता से कार्य कर रही है। साथ ही डोर टू डोर टेमीफास दवा का वितरण कर मच्छर के लार्वा को नष्ट करने के उपाय बताए जा रहे है। मंगलवार को जोन-4 वीर शिवाजी नगर खुर्सीपार के जन स्वास्थ्य विभाग के सफाई कामगारों की टीम ने डेंगू नियंत्रण को लेकर वार्ड 30 बालाजी नगर क्षेत्र में विशेष अभियान चलाया। 320 घरों के कूलर, गमला और टंकी की जांच पड़ताल कर दवा का छिड़काव किया गया। सड़क, नालियों की सफाई के साथ ही कोरोना की रोकथाम हेतु मकान और दुकान को सैनिटाइज भी किया गया।
टेमीफास् की रिफिलिंग कार्य जारी
जोन-4 के घरों में टेमीफास् का वितरण घर-घर किया गया है, पुन: घरों का सर्वे कर टेमीफास्ट का वितरण किया जा रहा है! शिवाजी नगर के वार्डों में सड़क, नालियों की रूटीन सफाई के साथ ही जमे हुए पानी में जला आयल, कचरा हटाने के बाद ब्लीचिंग पावडर का छिड़काव और मच्छर के लार्वा को नष्ट करने के लिए टेमीफास दवा की रिफिलिंग का कार्य चल रहा है। इस कार्य में वार्ड के स्वच्छता गैंग के सफाई कामगार भी कार्य कर रहे हैं। जोन के स्वास्थ्य अधिकारी महेश पांडे ने बताया कि निगम प्रशासन की मुस्तैदी से कार्य करने के कारण इस वर्ष शिवाजी नगर क्षेत्र में डेंगू के पेशेंट नहीं मिले हैं!
23735 घरों में टीम दे चुकी है दस्तक
जोन स्वास्थ्य विभाग की टीम 18 मार्च 2020 से 5 सितंबर 2020 तक जोन 4 के अंतर्गत वार्ड -28 से वार्ड 39 के 23735 घरों में दस्तक दे चुकी है। 21068 कुलर की जांच व दवा डालकर सफाई करवाया जा चुका है। 23735 घरों में टेमीफास दवा की बोतल का वितरण किया गया है। इसके अतिरिक्त पीलिया से बचाव के लिए 19137 घरों में 192000 क्लोरीन टेबलेट और मौसमी बीमारी से बचाव के लिए जन जागरूकता के तहत 6630 नग पाम्पलेट का वितरण किया जा चुका है।
मनोरंजन / शौर्यपढ़ / बॉलीवुड एक्ट्रेस नोरा फतेही सोशल मीडिया पर काफी एक्टिव रहती हैं। वह अक्सर वीडियो शेयर कर फैन्स को एंटरटेन करती रहती हैं। अब उन्होंने अपना एक मजेदार वीडियो शेयर किया है, जिसे बहुत पसंद किया जा रहा है। सोशल मीडिया पर यह फनी वीडियो जमकर वायरल हो रहा है।
वीडियो में नोरा फतेही कहती हैं वह वैप चैलेंज स्वीकार करती हैं। इसके बाद वह जबरदस्त अंदाज में डांस करने लगती हैं। इस बीच किचन में खाना बना रही नोरा की मां उनका डांस देखकर दंग रह जाती हैं और चप्पल फेंककर उन्हें मारना शुरू कर देती है। इसके बाद नोरा वहां से भाग जाती हैं। उनकी मां कहती हैं, 'लोग यहां कोरोना से मर रहे हैं और तुम्हें वैप चैलेंज की पड़ी है, बंद करो इसे।' वीडियो में नोरा फतेही की मां का किरदार खुद एक्ट्रेस ने निभाया है।
नोरा के इस मजेदार वीडियो पर फैन्स और सेलेब्स मजेदार कॉमेंट्स कर अपनी प्रतिक्रिया दे रहे हैं। एली अवराम ने लिखा, मुझे तुम्हारी मां का कैरेक्टर पसंद आया। वहीं, नरगिस फाखरी ने हंसने वाले इमोजीस शेयर किए हैं। इस वीडियो को अभी तक 28 लाख से ज्यादा बार देखा जा चुका है।
वर्क फ्रंट की बात करें तो नोरा फतेही पिछली बार फिल्म स्ट्रीट डांस 3डी में नजर आई थीं। फिल्म का सॉन्ग गर्मी काफी चर्चा में रहा। इस गाने को नोरा और वरुण धवन पर फिल्माया गया था। गाने पर नोरा का डांस बहुत पॉप्युलर हुआ था। इसके अलावा नोरा फतेही 'साकी-साकी', 'एक तो कम जिंदगानी', 'दिलबर' और 'कमरिया' जैसे गानों पर अपने डांस परफॉर्मेंस के चलते खूब वाहवाही लूट चुकी हैं।
शौर्यपथ लेख । मीडिया किसी भी देश की छवि को राष्ट्रीय ही नही अंतरराष्ट्रीय स्तर पर पहचान दिलाने में अहम भूमिका निभाती है । मीडिया एक आईना की तरह होती है जो दुनिया को अपने देश की स्थिति चाहे अच्छी हो , गलत हो प्रसारित कर सत्ता पक्ष विपक्ष को उनके कार्यो को बता कर जनता को अवगत कराने का कार्य , उपलब्धि हो , असफलता हो सामने लाने का कार्य ही मीडिया का होता है । कहने का तातपर्य सच को सामने लाना वर्तमान स्थिति को सामने लाना , ज्वलंत मुद्दों को निष्पक्षता से रखना , देश की ज़रूरत को समझना , देश की वास्तविक हालत को सरकार के सामने रखना और प्रशासन की दबंगई , कुशल कार्य , उपलब्धि , भ्र्ष्टाचार पर खुलकर चर्चा करने का माध्यम मीडिया के रूप में स्थापित है । भारत मे भी मीडिया का अस्तित्व है किंतु विगत कुछ सालों से जितने आरोप सरकार पर लग रहे उतने आरोप मीडिया के पक्षपात पर भी लग रहे है । कहने को मीडिया देश का चौथा स्तंभ है किंतु इस चौथे स्तंभ की स्वतंत्रता पर भी सवाल उठने लगे है । देश का अधिकतर मीडिया ग्रुप आज चाटुकारिता की आगोश में आकर आम जनता को ज्वलंत मुद्दों की बात ना बता कर , देश की वर्तमान हालत ना बता कर चाटुकारिता की भाषा बोल रहा है । भारतीय मीडिया की निष्पक्षता पर लगातार सवाल उठ रहे है किंतु मीडिया ग्रुप इन सबसे पर अपनी ही दुनिया मे मस्त है । सच्चाई को सामने लाने की बात तो बहुत दूर अब वही परोसा जा रहा है जो उनके आका चाहते है । पहले मीडिया तथ्यों के साथ सच्चाई सामने लाती थी और सम्मानित व शालीन भाषा जिसमे व्यंग कटाक्ष का मिश्रण होता था का प्रयोग किया जाता था किंतु वर्तमान में मीडिया आपसी रंजिश , झूठे आत्मसम्मान की बात करती नजर आ रही है । अब मीडिया सच तो नही बता रही वो जो भी बता रही उसे आपके जेहन में थोप रही ये बताने की कोशिश कर रही कि वो जो कह रही वहीं सच है । बातों की जलेबी बना कर , तथ्यों को तोड़ मरोड़ कर किसी भी हद में जाकर अपने आका के तलुवे चाटने का पुरजोर प्रयास करती नजर आ रही है । अब पत्रकारिता स्वतंत्र नही रह गए इस चौथे स्तंभ को भी सरकार के सहारे की ज़रूरत हो गई है । वर्तमान समय की ही बात करे तो वर्तमान समय देश के लिए एक मुश्किल भरा समय है भारत की अर्थव्यवस्था चरमरा गई है । देश मे भुखमरी चरम पर है , बेरोजगारी चरम पर है , महंगाई चरम पर है , स्वास्थ्य व्यवस्था चरमरा गई है , शिक्षा का स्तर लगातार गिर रहा है किन्तु देश की मीडिया एक एक्टर के हत्या या आत्महत्या पर व्यस्त है , देश की मीडिया धर्म पर व्यस्त है , देश की मीडिया पड़ोसी मुल्कों की हरकत और बर्बादी पर व्यस्त है , देश की मीडिया अपने आकाओं की गुलामी पर व्यस्त है , देश की मीडिया तथ्यहीन बातों पर व्यस्त है । अब मीडिया आईना दिखने की बजाए गुलामी की जिंदगी पर व्यस्त है अब वही दिखा रही है जो उनके आका चाहते है फिर चाहे वो गलत हो या सही उनसे कोई सरोकार नही । ज्वलंत मुद्दे अब चौथे स्तंभ में बेमानी हो गए है । उसकी जगह अब चाटुकारिता परोसी जा रही है । ऐसी चाटुकारिता जिससे उसका अस्तित्व बना रहे । आईना अब पत्रकारिता का पर्यायवाची नही रह गया अब तो झूठ और बेमानी ही मीडिया का दूसरा रूप बन गया है । गुलाम भारत मे भी मीडिया खुलकर अपनी बात रख लेता था । कई बड़े बड़े आंदोलन में गुलामी के समय मे भी मीडिया स्वतंत्र था किंतु आजाद भारत मे मीडिया अब गुलामो की जिंदगी जी रहा है । मीडिया की स्वतंत्रता अब दिखावा मात्र हो गई । अब अगर जिंदा रहना है तो जिसके पास ताकत है उसके महिमा को वर्णित करते हुए ही अस्तित्व में बने रहने का समय आ गया है अगर विरोध करोगे तो सत्ता की ताकत के आगे नेस्तनाबूद कर दिए जाने का खतरा बन गया है । मीडिया अब आईना ना होकर प्रायोजित फ़िल्म का रूप ले लिया है जिसमे स्क्रीप्ट भी पूर्वनियोजित होती है और फिल्मांकन भी पुर्नियोजित सिर्फ वही दिखाया जा रहा है जो सत्ता की ताकत दिखाना चाहती है । भले ही देश आजाद हो गया किन्तु मीडिया अब गुलाम हो गई और हो भी क्यो ना अगर आपने सच्चाई दिखाई तो आप ही नही दिखेंगे जब आप ही नही दिखेंगे तो सच्चाई कहा दिखेगी । सच्चाई और जिंदगी में किसी एक के चुना में अब जिंदगी चुनने की मजबूरी ही मीडिया के स्वतंत्रता के रास्ते मे सबसे बड़ी रुकावट है । वर्तमान समय मे यही रीति के तहत मीडिया अपना कार्य कर रही है सच्चाई अब मीडिया जगत में विलुप्त सी नजर आ रही है और चाटुकारिता अब बलवान हो गई जो जितनी ज्यादा चाटुकारिता करेगा वो उतना सफल होगा । निष्पक्षता और चाटुकारिता में अब चाटुकारिता की जीत हो गई । और देश के चौथे स्तंभ को अब सहारे के लिए चाटुकारिता का दामन थामना ज़रूरी हो गया । चौथा स्तम्भ अब कब अपने दम पर स्थापित होगा ये भविष्य के कालचक्र में लुप्त है किंतु वर्तमान में इसे स्थापित होने के लिए सहारे की ज़रूरत पड़ रही है बिना सहारे के अस्तित्व खतरे में पड़ने का जो अंदेशा है । अब तो छोटी मोटी सच्चाई जिससे आकाओं को कोई फर्क नही पड़ता ऐसी ही सच्चाई सामने आती है बाकी तो झूठ का पुलिंदा ही बांकी रह गया है । ( शरद पंसारी - संपादक शौर्यपथ दैनिक समाचार पत्र )
Feb 09, 2021 Rate: 4.00
