July 23, 2024
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धर्म संसार / शौर्यपथ / प्रभु यीशु के जन्म की ख़ुशी में मनाया जाने वाला क्रिसमस का त्योहार पूरी दुनिया में मनाया जाता है। यह त्योहार कई मायनों में बेहद खास है। क्रिसमस को बड़ा दिन, सेंट स्टीफेंस डे या फीस्ट ऑफ़ सेंट स्टीफेंस भी कहा जाता है। प्रभु यीशु ने दुनिया को प्यार और इंसानियत की शिक्षा दी। उन्होंने लोगों को प्रेम और भाईचारे के साथ रहने का संदेश दिया। प्रभु यीशु को ईश्वर का इकलौता प्यारा पुत्र माना जाता है। इस त्योहार से कई रोचक तथ्य जुड़े हैं। आइए जानते हैं इनके बारे में।
क्रिसमस ऐसा त्योहार है जिसे हर धर्म के लोग उत्साह से मनाते हैं। यह एकमात्र ऐसा त्योहार है जिस दिन लगभग पूरे विश्व में अवकाश रहता है। 25 दिसंबर को मनाया जाने वाला यह त्योहार आर्मीनियाई अपोस्टोलिक चर्च में 6 जनवरी को मनाया जाता है। कई देशों में क्रिसमस का अगला दिन 26 दिसंबर बॉक्सिंग डे के रूप मे मनाया जाता है। क्रिसमस पर सांता क्लॉज़ को लेकर मान्यता है कि चौथी शताब्दी में संत निकोलस जो तुर्की के मीरा नामक शहर के बिशप थे, वही सांता थे। वह गरीबों की हमेशा मदद करते थे उनको उपहार देते थे। क्रिसमस के तीन पारंपरिक रंग हैं हरा, लाल और सुनहरा। हरा रंग जीवन का प्रतीक है, जबकि लाल रंग ईसा मसीह के रक्त और सुनहरा रंग रोशनी का प्रतीक है। क्रिसमस की रात को जादुई रात कहा जाता है। माना जाता है कि इस रात सच्चे दिल वाले लोग जानवरों की बोली को समझ सकते हैं। क्रिसमस पर घर के आंगन में क्रिसमस ट्री लगाया जाता है। क्रिसमस ट्री को दक्षिण पूर्व दिशा में लगाना शुभ माना जाता है। फेंगशुई के मुताबिक ऐसा करने से घर में सुख समृद्धि आती है। पोलैंड में मकड़ी के जालों से क्रिसमस ट्री को सजाने की परंपरा है। मान्यता है कि मकड़ी ने सबसे पहले जीसस के लिए कंबल बुना था।

    रायपुर / शौर्यपथ / आज लोकेश और राहुल की खुशी का ठिकाना नहीं रहा। अनुकंपा नियुक्ति मिलने की खुशी के साथ घर की जिम्मेदारी निभाने में भी सक्षम हो गया है। घर-परिवार में त्यौहार जैसा माहौल लग रहा है। एक-दूसरे को मिठाई खिलाकर बधाईयां दे रहे है।     मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय की संवेदनशीलता से आमजनों के हित में त्वरित कार्य करने के निर्देश जिले के सभी कलेक्टरों को दिया गया है। इसी कड़ी में लोकेश और राहुल को भी अनुकंपा नियुक्ति मिली है और उनके जीवन में सकारात्मक बदलावा आया है। गरियाबंद जिले की श्री राहुल, श्री लोकश कुमार को अनुकम्पा नियुक्ति मिल गई है। गरियाबंद कलेक्टर श्री दीपक अग्रवाल के हाथों अनुकंपा नियुक्ति पत्र मिला है।
    छत्तीसगढ़ शासन के प्रावधानों के तहत मुख्यमंत्री श्री साय अनुकंपा नियुक्ति के प्रकरणों को तेजी से निराकृत करने के निर्देश दिये हैं। इसी के तहत अनुकंपा नियुक्ति के प्रकरणों को तेजी से पूर्ण किया जा रहा है। प्रशासन की त्वरित कार्रवाई के द्वारा अनुकंपा नियुक्ति मिलने से आज दोनों युवकों ने खुशी जताते हुए मुख्यमंत्री एवं जिला प्रशासन का आभार जताया। श्री राहुल एवं श्री लोकेश कुमार को भृत्य पद पर अनुकंपा नियुक्ति दी गई है। अनुकंपा नियुक्ति मिलने के बाद उन्होंने कहा कि राज्य शासन की नीति के तहत त्वरित पहल से नौकरी मिल गई है। जिससे आर्थिक समस्याओं को दूर करने एवं परिवार के पालन पोषण में सहायक होगी।
    उल्लेखनीय है कि अनुकंपा नियुक्ति पत्र प्राप्त करने वाले गरियाबंद जिले देवभोग अंतर्गत ग्राम सुपेबेड़ा के निवासी श्री राहुल कुमार क्षेत्रपाल ने बताया कि उनके पिताजी स्वर्गीय श्री तुकाराम सहायक शिक्षक के रूप में शासकीय प्राथमिक शाला ठिरर्लीगुड़ा में पदस्थ थे, निधन 06 अक्टूबर 2022 को हुआ। निधन के बाद उनके पुत्र श्री राहुल कुमार क्षेत्रपाल को भृत्य पद के रूप में शासकीय माध्यमिक शाला झाखरपारा में नियुक्ति मिली है। उन्होंने बताया कि अनुकंपा नियुक्ति मिलने से परिवार के पालन पोषण एवं देखरेख में सहायता मिलेगी। साथ ही भविष्य भी सुरक्षित रहेगा। इसी प्रकार ग्राम दीवानमुड़ा के रहने वाले श्री लोकेश कुमार शांडिल्य के पिताजी स्वर्गीय श्री डोंगर सिंह शांडिल्य प्रधानपाठक के रूप में शासकीय माध्यमिक शाला दीवानमुड़ा में पदस्थ थे। निधन 30 जनवरी 2024 हो हुआ। निधन के पश्चात श्री लोकेश कुमार शांडिल्य को भृत्य के रूप में शासकीय हायर सेकेण्डरी स्कूल झाखरपारा में अनुकंपा नियुक्ति मिली है। उन्होंने बताया कि पिता के जाने के बाद भविष्य चिंतित था। शासन की पहल से अनुकंपा नियुक्ति मिलने से परिवार के खुशहाली में मदद होगी।

छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने की सराहना, कहा बजट में हर वर्ग का रखा ख्याल रायपुर / शौर्यपथ / मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने केंद्रीय बजट पर प्रतिक्रिया…

नई दिल्ली / एजेंसी / लोकसभा के प्रथम सत्र में आज केंद्र सरकार ने केन्द्रीय कर्मचारियों के मामले में कहा कि केंद्र सरकार के कर्मचारियों की पुरानी पेंशन योजना की बहाली का कोई प्रस्ताव विचाराधीन नहीं है। बजट सत्र के पहले दिन आज लोकसभा में कांग्रेस की प्रणीति सुशील कुमार शिंदे द्वारा पूछे गए एक प्रश्न के उत्तर में वित्त राज्य मंत्री पंकज चौधरी ने बताया कि प्रधानमंत्री श्रम योगी मानधन- पी एम एस वाई एम पेंशन योजना 60 वर्ष के बाद तीन हजार रुपये की मासिक पेंशन के साथ वृद्धावस्था सुरक्षा प्रदान करने के लिए 2019 में शुरू की गई थी। उन्होंने कहा कि 18 से 40 वर्ष की आयु वर्ग के वे श्रमिक जिनकी मासिक आय 15 हजार या उससे कम है और जो कर्मचारी भविष्य निधि, कर्मचारी राज्‍य बीमा निगम और राष्‍ट्रीय पेंशन योजना के सदस्य नहीं हैं, वे इस योजना में शामिल हो सकते हैं। इस योजना के तहत लाभार्थी 50 प्रतिशत मासिक योगदान देता है और इतना ही योगदान केंद्र सरकार की ओर से किया जाता है।

 नई दिल्ली / एजेंसी / लोकसभा में एक लिखित उत्तर में सरकार ने आज कहा कि अब तक 4,825 भारतीय श्रमिक इस्राइल भेजे जा चुके हैं और किसी भी केंद्रीय मजदूर यूनियन ने इस पर आपत्ति नहीं जताई है। लोकसभा में एक लिखित उत्तर में श्रम और रोजगार राज्य मंत्री शोभा करंदलाजे ने कहा कि इस्राइल के साथ किए गए समझौते के अनुसार भारतीय श्रमिकों को इस्राइल में वहां के नागरिकों और श्रम कानूनों के अनुरूप समान व्यवहार की सुविधा मिलेगी। केंद्रीय मंत्री ने कहा कि भारतीय श्रमिकों को आवास, चिकित्सा बीमा के साथ-साथ सामाजिक सुरक्षा भी प्रदान किया जाएगा। उन्होंने कहा कि इस्राइल में अस्थायी रोजगार के लिए 10 हजार भारतीय श्रमिकों से अनुरोध प्राप्त हुआ था जिनमें से चार हजार आठ सौ 25 को इस्राइल भेजा जा चुका है।

प्रशासन द्वारा लोगों को तत्काल  पहुंचाया गया सुरक्षित स्थान पर
  रायपुर /शौर्यपथ / दंतेवाड़ा जिले के किरंदुल पहाड़ी में एनएमडीसी द्वारा निर्मित एन-1 बी डेम जिले में अत्यधिक बारिश होने के कारण क्षतिग्रस्त हो गया है,  जिसके कारण अनेक घर बाढ़ की चपेट में क्षतिग्रस्त हो गए हैं। इस संबंध में जिला प्रशासन द्वारा तत्काल लोगों को सुरक्षित स्थान ले जाया गया है। इसके अलावा किरंदुल के गाटर पुलिया एवं सीएससी सेंटर के पास भी बारिश से जल जमाव होने से जेसीबी मशीन के द्वारा रोड की साफ सफाई भी किया गया है।

यहां भी जिला प्रशासन के द्वारा निचले स्तर पर बसी बस्तियों में  जलभराव स्थिति को देखते हुए लोगों को सुरक्षित स्थानों पर शिफ्ट  किया जा रहा है। इसके साथ ही जिला प्रशासन मौके पर तैनात होकर रेस्क्यू कर रहा है तथा प्रभावित परिवारों को मंगल भवन में ठहराया जा रहा है। इस दौरान ट्यूशन पढ़ने जा रहे बच्चे, जो बाढ़ की चपेट में आ गए थे, उन्हें भी रेस्क्यू कर बचाया गया है और उनको अस्पताल में भर्ती करवाया गया है। वर्तमान में उनकी स्थिति सामान्य है। जिला प्रशासन द्वारा लगातार भारी बारिश के  कारण बाढ़ग्रस्त क्षेत्र के समीप रहने वाले लोगों को अन्य जगह शिफ्ट होने की हिदायत दी जा रही है और स्थिति पर लगातार नजर रखी जा रही है।

शहर में 10 करोड़ की लागत से बनेगा नया गार्डन
बॉक्स क्रिकेट एवं बैडमिंटन कोर्ट का किया लोकार्पण
कमला नेहरू गार्डन के उन्नयन कार्य का भूमि पूजन
रायपुर/शौर्यपथ /रायगढ़ शहर में नगर वासियों की सुविधा के लिए नया गार्डन बनेगा। वित्त मंत्री श्री ओ.पी.चौधरी ने आज इसके लिए 10 करोड़ रूपये की घोषणा की और अधिकारियों को स्थल का चिन्हांकन तथा जल्द प्रस्ताव तैयार करने के निर्देश दिए। वे आज शहर के नटवर स्कूल परिसर में बने बॉक्स क्रिकेट एवं बैडमिंटन कोर्ट के लोकार्पण और कमला नेहरू गार्डन के उन्नयन कार्य के भूमि पूजन समारोह को सम्बोधित कर रहे थे।
      वित्त मंत्री श्री चौधरी ने कार्यक्रम में कहा कि राज्य सरकार द्वारा खेल, शिक्षा, स्वास्थ्य, सड़क निर्माण सहित सभी मूलभूत सुविधाओं में वृद्धि की जा रही है। आने वाले समय में सभी के सहयोग से रायगढ़ विकास के नए पायदान पर स्थापित होगा। उन्होंने शहर में हो रहे निर्माण कार्य निर्धारित समयावधि एवं पूर्ण गुणवत्ता के साथ सुनिश्चित करने के निर्देश भी दिए। उन्होंने नटवर स्कूल परिसर में आयोजित कार्यक्रम में 20 लाख 33 हजार रुपए की लागत से बॉक्स क्रिकेट एवं 8 लाख 71 हजार रुपए की लागत से बैडमिंटन कोर्ट का विधिवत पूजा-अर्चना कर लोकार्पण किया। इस दौरान मंत्री श्री चौधरी ने बॉक्स क्रिकेट में क्रिकेट और बैडमिंटन कोर्ट पर बैडमिंटन खेलकर खिलाड़ियों का उत्साहवर्धन किया।


वित्त मंत्री श्री चौधरी ने कमला नेहरू गार्डन में आयोजित कार्यक्रम में 26 लाख 81 हजार रूपये की लागत से गार्डन उन्नयन कार्य का भूमि पूजन किया। उन्नयन कार्य के अंतर्गत गार्डन में शौचालय, रिनोवेशन, साइड बाउंड्री वॉल, फब्बारा उन्नयन, प्रवेश द्वार, फुटपाथ आदि का निर्माण किया जाएगा।

    रायपुर/शौर्यपथ / राज्य शासन के राजस्व एवं आपदा प्रबंधन विभाग द्वारा बनाए गए राज्य स्तरीय नियंत्रण कक्ष द्वारा संकलित जानकारी के मुताबिक एक जून 2024 से अब तक राज्य में 378.1 मिमी औसत वर्षा दर्ज की जा चुकी है। राज्य के विभिन्न जिलों में 01 जून 2024 से आज 22 जुलाई सवेरे तक रिकार्ड की गई वर्षा के अनुसार बीजापुर जिले में सर्वाधिक 936.9 मिमी और सरगुजा जिले में सबसे कम 147.0 मिमी औसत वर्षा दर्ज की गयी है।
    राज्य स्तरीय बाढ़ नियंत्रण कक्ष से प्राप्त जानकारी के अनुसार एक जून से अब तक सूरजपुर जिले में 211.6 मिमी, बलरामपुर में 346.6 मिमी, जशपुर में 257.7 मिमी, कोरिया में 254.2 मिमी, मनेन्द्रगढ़-चिरमिरी-भरतपुर में 212.9 मिमी औसत वर्षा दर्ज की गयी।

    इसी प्रकार, रायपुर जिले में 312.5 मिमी, बलौदाबाजार में 347.0 मिमी, गरियाबंद में 458.5 मिमी, महासमुंद में 261.8 मिमी, धमतरी में 444.5 मिमी, बिलासपुर में 353.2 मिमी, मुंगेली में 354.9 मिमी, रायगढ़ में 337.3 मिमी, सारंगढ़-बिलाईगढ़ में 206.0 मिमी, जांजगीर-चांपा में 337.9 मिमी, सक्ती में 283.7 कोरबा में 401.9 मिमी, गौरेला-पेण्ड्रा-मरवाही में 347.5 मिमी, दुर्ग में 247.4 मिमी औसत वर्षा दर्ज की गयी। कबीरधाम जिले में 311.7 मिमी, राजनांदगांव में 429.9 मिमी, मोहला-मानपुर-अंबागढ़चौकी में 438.1 मिमी, खैरागढ़-छुईखदान-गंडई में 287.7 मिमी, बालोद में 510.8 मिमी, बेमेतरा में 229.0 मिमी, बस्तर में 526.9 मिमी, कोण्डागांव में 431.0 मिमी, कांकेर में 515.2 मिमी, नारायणपुर में 519.7 मिमी, दंतेवाड़ा में 505.1 मिमी और सुकमा जिले में 709.8 मिमी औसत वर्षा एक जून से अब तक रिकार्ड की गई।

मेडिकल एवं फिजिकल फिटनेस और मेरिट के आधार पर हुआ चयन
अंतर्राष्ट्रीय स्तर के तीरंदाजी खिलाड़ियों एवं प्रशिक्षकों को विशेष सत्र के लिए आमंत्रित किया जाएगा
    रायपुर/शौर्यपथ /खेल एवं युवा कल्याण विभाग के द्वारा रायपुर में संचालित आवासीय तीरंदाजी अकादमी के लिए 20 बालक तथा 20 बालिकाओं का चयन किया गया है। राज्य स्तरीय चयन ट्रायल का आयोजन दिनांक 25 एवं 26 जून को रायपुर के स्वामी विवेकानन्द स्टेडियम एवं खेल संचालनालय परिसर तीरंदाजी एरिना में सम्पन्न हुआ।
    खेल संचालक श्रीमती तनुजा सलाम के निर्देश पर चयन ट्रायल के नोडल अधिकारी चेतन कुमार श्रीवास प्रशासक खेल अकादमी रायपुर के द्वारा चयन ट्रायल सुव्यवस्थित तरीके से कराया गया। चयन समिति में भारतीय खेल प्राधिकरण प्रशिक्षण केन्द्र रायपुर तथा खेल एवं युवा कल्याण विभाग के (एन.आई.एस.) प्रशिक्षक शामिल रहे। चयनकर्ताओं के द्वारा खिलाड़ियों के फिटनेस से संबंधित मोटर एबिलिटी टेस्ट, मेडिकल टेस्ट, स्पोर्ट्स स्कील टेस्ट एवं मेंटल एबिलिटी टेस्ट लिये गए। निर्धारित मानकों को पूरा करने वाले खिलाड़ियों को ही प्रदर्शन के आधार पर मेरिट क्रमानुसार 13 से 17 वर्ष आयुवर्ग के खिलाड़ियों का चयन किया गया है।

    प्रदेश भर से आए खिलाड़ियों ने चयन ट्रायल में भाग लिया, इसमें राज्य के जिले रायपुर से 05 बालिका और 09 बालक, सरगुजा से 07 बालिका, धमतरी से 02 बालक और 04 बालिका, महासमुंद से 05 बालिका और 02 बालक, नारायणपुर से 03 बालक, बिलासपुर से 01 बालक, कोण्डागांव से 01 बालक एवं गरियाबंद जिले से 01 बालिका का चयन किया गया है। इन चयनित खिलाड़ियों को 10 दिवस के भीतर अकादमी में प्रवेश दिया जाएगा। यदि चयनित खिलाड़ी में से कोई प्रवेश लेने में असमर्थ रहता है, तो प्रतीक्षा सूची में से मेरिट के आधार पर प्रवेश देने की कार्यवाही की जाएगी।
    खेल अकादमी में प्रवेश लेने वाले खिलाड़ियों को खेल अकादमी संचालन नियम-2014 के अंतर्गत निःशुल्क आवास, भोजन, शैक्षणिक सुविधा, परिधान, प्लेइंग किट, दुर्घटना बीमा एवं प्रतियोगिताओं में सहभागिता आदि सुविधाएं उपलब्ध कराई जाएंगी। आवासीय खेल अकादमी के खिलाड़ियों को अंतर्राष्ट्रीय स्तर पर खेलने के लिए तैयार किया जाएगा। इसके लिए राज्य शासन के द्वारा एन.आई.एस. प्रशिक्षकों की भर्ती की गई है। समय समय पर अंतर्राष्ट्रीय स्तर के तीरंदाजी खिलाड़ियों एवं प्रशिक्षकों को खेल अकादमी में आमंत्रित कर विशिष्ट प्रशिक्षण का आयोजन भी कराया जाएगा।

   रायपुर/शौर्यपथ / प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी के आव्हान पर एक वृक्ष माँ के नाम अभियान के अंतर्गत छत्तीसगढ़ में लगातार वृक्षारोपण किया जा रहा है। इसी तारतम्य में छत्तीसगढ़ राज्य सूचना आयोग में भी एक पेड़ मां के नाम अभियान के अंतर्गत वृक्षारोपण किया गया। नवा रायपुर स्थित आयोग कार्यालय के परिसर में आयोग के सचिव गोपाल वर्मा सहित उप सचिव श्रीमती आभा तिवारी, अवर सचिव गीता दीवान, अतुल वर्मा, प्रदीप गौर, श्रीमती रजनी सहित अन्य अधिकारियों और कर्मचारियों ने वृक्षारोपण किया।

वृक्षारोपण में आम, अमरूद, जामुन, करौंदा, अनार, पीपल, बड़, नीम, सीताफल, सन्तरा, आँवला, चीकू, नीबू आदि फलदार पौधों के साथ ही पारिजात, मोंगरा, कचनार, मधुमालती गुलमोहर आदि फूलों के पौधे लगाए गए। इस दौरान सूचना आयोग के कर्मचारियों ने पौधों को अपनी माँ को समर्पित कर पौधों की सुरक्षा करने का भी संकल्प लिया।

   रायपुर /शौर्यपथ / बेहतर वितरण प्रणाली से देश-विदेश में अपनी पहचान साबित कर चुकी छत्तीसगढ की सार्वजनिक वितरण प्रणाली (पीडीएस ) सही मायने में ग्रामीणों के लिये वरदान साबित हो रही है। दूरस्थ अंचल तक शासकीय उचित मूल्य की दुकान संचालित होनें से पहाडी व सरहदी इलाकों में बसने वाले ग्रामीणों को सहूलियते बढ गई है साथ ही सैकड़ों गरीब परिवारों को समय पर खाद्यान्न मिलने की गारंटी भी हो गई है। राज्य  में ऐसे कई ग्राम पंचायत है जो दूरस्थ क्षेत्र में होने के साथ ही मजरा टोले एवं पारा से जुड़े है और इन ग्रामों की आबादी न तो घनी है है और न ही अधिकांश घर आस पास है। विषम परिस्थितियों के बीच बसर करने वाले ग्रामीणों का शासकीय उचित मूल्य की दुकान खाद्यान्न सहायता योजना अंतर्गत मिल रही खाद्यान्न ही एकमात्र सहारा है, जहां इन्हें प्रत्येक माह चावल समेत दूसरी सामग्री मिलने की गारंटी होती है। कोरबा जिले के सुदूर वनांचल लामपहाड़ सहित बगदरीडांड, परसाखोला, बहेरा, खोरी भावना,सरडीह के कार्डधारियों को पहले अपने ग्राम पंचायत में 12 से 17 किलोमीटर तक की दूरी तय कर खाद्यान्न लाना पड़ता था। इस दौरान उन्हें खाद्यान्न लाने के लिए किराए का वाहन तक भी लेना पड़ता था। मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय के मंशानुशार कलेक्टर  के निर्देश पर खाद्य विभाग ने राशन दुकान से बहुत दूर आश्रित ग्रामों के कार्डधारियों को नजदीक के राशन दुकानों में खाद्यान्न लेने की व्यवस्था की है। इस व्यवस्था से सबसे ज्यादा दूरस्थ क्षेत्र लाम पहाड, सरडीह, बगदरीडांड में रहने वाले पहाड़ी कोरवा लाभन्वित हुए हैं।


कोरबा विकासखंड से लगभग 80 किलोमीटर दूर ग्राम लामपहाड में बड़ी संख्या में पहाड़ी कोरवा निवास करते हैं। लामपहाड़ ग्राम पंचायत बड़गांव का आश्रित ग्राम है। जो कि बड़गांव से 12 किलोमीटर दूर है। लामपहाड़ से लगभग 4 किलोमीटर दूर ग्राम पंचायत अरसेना के शासकीय उचित मूल्य के दुकान में 78 राशनकार्डधारियों को खाद्यान्न प्रदान करने की सुविधा प्रदान की गई है। इसी तरह ग्राम पंचायत बेला से 6 किलोमीटर दूर परसाखोला के 66 राशनकार्डधारियों को दो किलोमीटर दूर चुईया के राशन दुकान में खाद्यान्न प्राप्त करने की सुविधा प्रदान की गई है। ग्राम सोनगुड़ा के आश्रित ग्राम तराईडांड की दूरी 5 किलोमीटर दूर होने पर नजदीक के ग्राम 1.5 किलोमीटर दूरी पर स्थित सोनपुरी में, गढ़उपरोड़ा के आश्रित ग्राम बहेरा की दूरी 10 किमी होने पर तीन किलोमीटर दूर सतरेंगा में और ग्राम पंचायत केराकछार के आश्रित ग्राम बगदरीडांड, खोरीभावना, सरडीह की दूरी लगभग 17 किलोमीटर थी। जिसे 5 किलोमीटर दूर मदनपुर के शासकीय उचित मूल्य के दुकानों में स्थानान्तरित कर में हितग्राहियों को नजदीक के राशन दुकानों में खाद्यान्न प्राप्त करने की सुविधा दी गई है। शासकीय उचित मूल्य की दूकान से कार्डधारी ग्रामीणों को अनाज एवं अन्य सामग्री, शक्कर, नमक तथा चना प्राप्त होता है। अलग-अलग गांव के ग्रामीणों की जरूरतों की पूर्ति महीने के निर्धारित दिनों में होती है। ग्रामीणों की माने तो पहले लंबी दूरी तय कर चावल लाना बड़ी चुनौती थी।
 महीने भर की चिंता से मिलती है मुक्ति-
ग्राम लामपहाड का पहाड़ी कोरवा संतोष कुमार और उनकी पत्नी दिलेश्वरी बाई, रघुवीर कोरवा और उनकी पत्नी सुखमती बाई, मंगलू कोरवा, धनसिंह मजदूरी का काम करता है। पहाड़ी कोरवा बताते हैं कि सरहदी पहाड़ी इलाका होने की वजह से खेती कार्य आसान नही है, ऐसी स्थिति में राशन कार्ड उनके परिवार का प्रमुख सहारा है। पहाड़ी कोरवा संतोष बताता है कि महीने में एक बार 12 किलोमीटर दूर बड़गांव के राशन दुकान में जाने में बहुत समय लगता था। वहां से अनाज को उठाकर इतनी दूरी तय करना भी मुश्किल था, इसलिए किराए में वाहन करना पड़ जाता था। अब पास के ही दुकान में खाद्यान्न उपलब्ध होने से उनका समय और किराए के वाहन का पैसे भी बचेंगे।

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