
CONTECT NO. - 8962936808
EMAIL ID - shouryapath12@gmail.com
Address - SHOURYA NIWAS, SARSWATI GYAN MANDIR SCHOOL, SUBHASH NAGAR, KASARIDIH - DURG ( CHHATTISGARH )
LEGAL ADVISOR - DEEPAK KHOBRAGADE (ADVOCATE)
Google Analytics —— Meta Pixel
नई दिल्ली/ शौर्यपथ /अल्ट न्यूज के संस्थापक मोहम्मद जुबैर को दिल्ली पुलिस ने गिरफ्तार किया है. जुबैर की तरफ से अब दिल्ली हाईकोर्ट में जमानत याचिका दाखिल की गई है. शुक्रवार को हाईकोर्ट इस पर सुनवाई करेगा. इससे पहले पटियाला हाउस कोर्ट में जुबैर के पेश किया गया तो दिल्ली पुलिस की तरफ से कहा गया कि जुबैर ने आपत्तिजनक टिप्पणी की थी. जिस ट्वीट की जांच पर दिल्ली पुलिस ने इनको गिरफ्तार किया है. कोर्ट ने जुबैर को 4 दिन की पुलिस हिरासत में भेजा था.
वहीं जुबैर की ओर से वकील वृंदा ग्रोवर ने कहा कि जुबैर फैक्ट चेकर है. सोशल मीडिया पर झूठ का पर्दाफाश करता है. इसलिए बहुत से लोग उसे नापंसद करते हैं. उन्होंने कहा कि जुबैर बैंगलोर में रहता है. उसे दिल्ली पूछताछ के लिए बुलाया गया. नोटिस किसी और केस के लिए दिया गया था और गिरफ्तारी दूसरी केस में हुई है.
ग्रोवर ने कहा कि ट्वीट मार्च 2018 का है. दिल्ली पुलिस ने मुझ पर हनीमून होटल से हनुमान होटल में नाम एडिट करने का आरोप लगाया. लेकिन सच तो यह है कि यह तस्वीर ऋषिकेश के निर्देशन में बनी एक फिल्म की है. जुबैर द्वारा ट्वीट की गई तस्वीर उसी फिल्म की थी. उसने एडिट नहीं किया है.
जुबैर के वकील ने कहा कि ये ट्वीट कई लोगों ने किए हैं, ये फ़िल्म बैन नहीं हुई थी. मेरे ट्वीट से किसी की भावना आहत नहीं हुई है, जिसने शिकायत की वो 2021 में ट्विटर पर आया.
कोर्ट में ग्रोवर ने कहा कि पुलिस का कहना है कि उन्हें इस ट्वीट के प्रति सचेत किया गया था, लेकिन यह ट्वीट मार्च 2018 का है. धारा 153ए को दो समुदायों की जरूरत है, यहां कौन से दो समुदाय हैं? यह एक ऐसी फिल्म से है जिसे सेंसर बोर्ड ने क्लीयर किया था. पुलिस ने कहा है कि जुबैर ने तस्वीर को एडिट किया है. उन्हें साबित करने दो और मैं साबित कर दूंगा कि तस्वीर एक फिल्म की है और मैंने इसे एडिट नहीं किया है.
जुबैर की तरफ से वकील ने कोर्ट में कहा कि मैं एक फैक्ट चेकर हूं. मैं पत्रकार हूं. मैं एक लोकतांत्रिक देश में अपने मन की बात कहता हूं. मुझे रिमांड कॉपी या एफआईआर की कॉपी नहीं दी गई. वो ट्वीट 2018 से हैं. 2018-2022 के बीच इस ट्वीट की वजह से क्या हुआ है. कई लोगों ने एक ही ट्वीट किया है, उन हैंडल और मुझमें केवल इतना अंतर है कि इसमें मेरा विश्वास, मेरा नाम और मेरा पेशा है.
Make sure you enter all the required information, indicated by an asterisk (*). HTML code is not allowed.
Feb 09, 2021 Rate: 4.00
