September 28, 2026
Hindi Hindi▼

Login to your account

Username *
Password *
Remember Me

    आने वाले साल में कब-कब लगेंगे ग्रहण और किन्हें देखा जा सकेगा भारत से, जानिए यहां

    • doing of business

      आस्था /शौर्यपथ / ग्रहण एक विशेष खगोलीय घटना है जिसे साल-दरसाल देखा जाता है. खगोल विज्ञान में रुचि रखने वाले लोगों को खासकर ग्रहण देखने का इंतजार रहता है. आने वाले साल 2024 में भी कुछ ग्रहण देखने को मिलेंगे. इस साल सूर्य ग्रहण  भी लगेगा और चंद्र ग्रहण भी देखने को मिलेगा. सूर्य ग्रहण तब लगता है जब चंद्रमा पृथ्वी और सूर्य के बीच से गुजरता है. वहीं, चंद्र ग्रहण  तब लगता है जब पृथ्वी सूर्य और चंद्रमा के मध्य आ जाती है. यहां जानिए आने वाले साल में किस दिन और कौनसे ग्रहण लगने वाले हैं.
    साल 2024 में लगने वाले ग्रहण |  
    पहला चंद्र ग्रहण
       साल का पहला ग्रहण चंद्र ग्रहण होने वाला है. यह चंद्र ग्रहण 25 मार्च, सोमवार की रात लगेगा. यह उपच्छाया चंद्र ग्रहण होगा और यह तब लगता है जब चंद्रमा पृथ्वी की बाहरी छाया से छिप जाता है. इस चंद्र ग्रहण को यूरोप, ऑस्ट्रेलिया, अफ्रीका, नॉर्थ/ईस्ट एशिया, नॉर्थ अमेरिका, साउथ अमेरिका, प्रशांत महासागार, अटलांटिक, आर्कटिक और अंटार्कटिका से देखा जा सकेगा. इस चंद्र ग्रहण को भारत से देख सकते हैं इसलिए इसका सूतक काल मान्य होगा.
    पहला सूर्य ग्रहण
       2024 में साल का पहला सूर्य ग्रहण 8 अप्रैल, सोमवार के दिन लगेगा. यह पूर्ण सूर्य ग्रहण होगा. इस ग्रहण को दक्षिण प्रशांत महासागर, नॉर्थ अमेरिका, मेक्सिको से होते हुए यूनाइटेड स्टेट्स और कनाडा में दिखाई देखा. इसका कुछ भाग कोस्टा रिका, अरूबा, डोमिनिका और जमाइका में देखा जा सकेगा. भारत से इस सूर्य ग्रहण को नहीं देखा जा सकेगा जिस चलते इसका सूतक काल मान्य नहीं होगा.
    दूसरा चंद्र ग्रहण
       साल का दूसरा चंद्र ग्रहण सितंबर के महीने में लगेगा. यह चंद्र ग्रहण 18 सितंबर की रात लगेगा और यह आंशिक चंद्र ग्रहण होगा. इसे यूरोप, एशिया, ऑस्ट्रेलिया, अफ्रीका, नॉर्थ/ईस्ट साउथ अमेरिका, प्रशांत महासागर, अटलांटिक, हिंद महासागर, आर्कटिक और अंटार्कटिका से देखा जा सकता है. इस ग्रहण को भारत से नहीं देखा जा सकेगा इसलिए इसका सूतक काल मान्य नहीं होगा.
    दूसरा सूर्य ग्रहण
      इस साल दूसरा सूर्य ग्रहण 2 अक्टूबर के दिन नजर आएगा. यह वलयाकार सूर्य ग्रहण होगा. इस सूर्य ग्रहण को रिंग ऑफ फायर भी कहते हैं क्योंकि इसमें सूर्य का मध्य हिस्सा ढक जाता है और बाहरी हिस्सा आग के छल्ले जैसा दिखता है. इस सूर्य ग्रहण को साउथ अमेरिका, अंटार्कटिका, प्रशांत महासागर, अटलांटिक और नॉर्थ अमेरिका से देखा जा सकेगा. यह ग्रहण भारत से नहीं दिखेगा इसलिए भारत में इसका सूतक काल मान्य नहीं होगा.

    Rate this item
    (0 votes)

    Latest from शौर्यपथ

    Leave a comment

    Make sure you enter all the required information, indicated by an asterisk (*). HTML code is not allowed.

    हमारा शौर्य

    हमारे बारे मे

    whatsapp-image-2020-06-03-at-11.08.16-pm.jpeg
     
    CHIEF EDITOR -  SHARAD PANSARI
    CONTECT NO.  -  8962936808
    EMAIL ID         -  shouryapath12@gmail.com
    Address           -  SHOURYA NIWAS, SARSWATI GYAN MANDIR SCHOOL, SUBHASH NAGAR, KASARIDIH - DURG ( CHHATTISGARH )
    LEGAL ADVISOR - DEEPAK KHOBRAGADE (ADVOCATE)
    © 2015 Shouryapath. All Rights Reserved. Designed By Global Vision