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पटना / शौर्यपथ / बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार अपनी सभा में विरोध करने वालों को अमूमन नज़रअंदाज़ करते हैं, क्योंकि उन्हें इस बात का आभास होता हैं कि ऐसे लोगों को मीडिया में खूब जगह मिलती हैं .लेकिन शनिवार को तेघडा विधानसभा में अपनी पार्टी के प्रत्याशी वीरेंद्र कुमार के समर्थन में जब वो प्रचार करने के बाद माला पहनाने की औपचारिकता पूरी कर रहे थे, तभी कुछ लोगों ने नौकरी के सवाल पर उनका विरोध किया. इस पर नीतीश कुमार अचानक आपा खो बैठे और उन्होंने कहा, "मत देना तुम लोग, पंद्रह-बीस लोग हो, यहां हज़ारों लोग हैं."
उन्होंने अपने समर्थकों को फिर से हाथ उठाने के लिए कहा और विरोधियों को कहा, "देख लो, देख लो, अरे देखो ना, पीछे अग़ल-बग़ल देखो ना, देख लो...तुम लोगों को समझ में आ जाएगा. जिसके लिए कर रहे हो, ये सब लोग तुम लोगों का पूरा जवाब दे देंगे और उन लोगों का हाल ठीक-ठाक कर देंगे, बुरा हाल कर देंगे."
नीतीश ने फिर इतना कहने के बाद लोगों के ताली बजने पर कहा, "आप लोगों ने स्वस्पष्ट किया है, तो आप क्या जीत का माला पहना दें?" फिर उन्होंने प्रत्याशी आनंद कुमार को माला पहनाई और मंच पर मौजूद अन्य ज़िले के प्रत्याशियों का नाम लिया और फिर जनता की इजाज़त लेकर अन्य उम्मीदवारों को भी जीत की माला पहनाई. लेकिन नीतीश की प्रतिक्रिया से मंच पर उनके समर्थक भी हैरान थे.
दरअसल जनता दल यूनाइटेड के प्रत्याशी वीरेंद्र कुमार जो नीतीश के कॉलेज के ज़माने के मित्र रहे हैं, उनके पिछले बार राष्ट्रीय जनता दल के टिकट पर विधायक बनने के बाद इलाक़े से नदारद रहने की काफ़ी शिकायत आती थी. इसलिए इस बार उनकी उम्मीदवारी को लेकर जेडीयू के कार्यकर्ता ही बहुत ज़्यादा उत्साह नहीं है और इसी पृष्ठभूमि में नीतीश कुमार ने शनिवार को वहां पर सभा संबोधित करने का कार्यक्रम रखा था. लेकिन उन्हें भी इस बात का अंदाज़ा हो गया कि उनकी जीत इतनी आसान नहीं हैं .
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Feb 09, 2021 Rate: 4.00
